Thursday, July 16, 2026 10:27 am

रायपुर : एफ.पी.ओ. मेले में मिलेगा जैविक और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का अनूठा संगम

रायपुर : एफ.पी.ओ. मेले में मिलेगा जैविक और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का अनूठा संगम रायपुर में तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला 26 मार्च से कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे शुभारंभ रायपुर छत्तीसगढ़ में कृषक उत्पादक संगठनों (एफ.पी.ओ.) को बढ़ावा देने और जैविक व प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में छत्तीसगढ़ के 45 कृषक उत्पादक संगठन अपने उत्कृष्ट कृषि उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। यह मेला 26 मार्च से 28 मार्च 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जिसका शुभारंभ 26 मार्च को सुबह 11 बजे कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। इस अवसर पर धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक मोती लाल साहू और रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे। एफ.पी.ओ. मेले में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित जैविक और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की भरमार होगी। मेले में सुगंधित जैविक चावल-विष्णुभोग, देवभोग, जीराफूल, ब्लैक राइस, रेड राइस, ग्रीन राइस, ब्राउन राइस, जैविक दालें और तिलहन – अरहर, उड़द, मसूर, लाखड़ी दाल, सरसों, मूंगफली तेल, शीशम तेल, मिलेट्स और आटा- बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, मल्टीग्रेन आटा, चावल आटा, रागी आटा, मसाले और हर्बल उत्पाद- हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, मोरिंगा पाउडर, हर्बल साबुन, फिनाइल, जैविक गुड़ और स्नैक्स – गुड़, गुड़ कैंडी, बेरी बिस्कुट, आम पापड़, महुआ लड्डू, अमचूर लड्डू, अचार और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ – नींबू, कटहल, आंवला, हल्दी, सरसों, बांस, मिक्स अचार, मशरूम पापड़, मशरूम बड़ी, सौंदर्य और स्वास्थ्य उत्पाद -हनी बी वैक्स, लिप बाम, फुट क्रीम, कुमकुम, हल्दी रोली उपलब्ध होंगे। मेले में न केवल उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी, बल्कि एफ.पी.ओ. के बेहतर संचालन के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इसमें कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रगतिशील कृषक और एफ.पी.ओ. के प्रतिनिधि भाग लेंगे। भारत सरकार द्वारा कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, फसल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए पूरे देश में एफ.पी.ओ. मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में यह आयोजन हो रहा है, जहां किसानों को सीधा बाजार मिलेगा और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पाद। इस तीन दिवसीय एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी में आम जनता के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा, जहां वे अपनी पसंद के जैविक और प्रसंस्कृत उत्पाद खरीद सकेंगे। recent visitors 28

मंत्री परमार ने सृजन (SRIJAN) कार्यक्रम के पोर्टल का किया शुभारंभ

सृजन से जुड़कर समाज के प्रश्नों के समाधान-कारक नवाचारों के लिए आगे आएं विद्यार्थी : मंत्री परमार मंत्री परमार ने कहा कि सृजन कार्यक्रम के माध्यम से, नवाचारी शोध एवं अनुसंधान की दृष्टि से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होगी मंत्री परमार ने सृजन (SRIJAN) कार्यक्रम के पोर्टल का किया शुभारंभ भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को मंत्रालय में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के द्वारा संचालित "सृजन" कार्यक्रम के पोर्टल का शुभारंभ किया। मंत्री परमार ने सृजन कार्यक्रम की नोडल एजेंसी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को सृजन कार्यक्रम के सफल संचालन एवं इनोवेट एमपी की दृष्टि से सृजन पोर्टल को तैयार करने के लिए शुभकामनाएं दीं। मंत्री परमार ने कहा कि सृजन कार्यक्रम के माध्यम से, नवाचारी शोध एवं अनुसंधान की दृष्टि से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत होगी। उच्च शिक्षण एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के ऐसे विद्यार्थी जो नवाचार का दृष्टिकोण रखते हैं, उन्हें नवाचारों के सृजन के लिए यह मंच तैयार किया गया है। यह मंच पंजीयन करने वाले विद्यार्थियों को नवाचार साझा करने, उसमें आगे बढ़ने एवं उनके नवाचारों के दस्तावेजीकरण के लिए सहायता प्रदान करेगा। विद्यार्थियों को शोध एवं अनुसंधान के साथ नवाचार के दस्तावेजीकरण के लिए भी विश्वविद्यालय सहयोग प्रदान करेगा। मंत्री परमार ने अपील करते हुए कहा कि नवाचार करने वाले अधिकाधिक विद्यार्थी, इस मंच के माध्यम से जुड़ें और अपने प्रोजेक्ट्स को अपलोड करें। इससे विद्यार्थियों के करियर की राहें और उनका भविष्य संवरेगा। परमार ने कहा कि सृजन कार्यक्रम, शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य में मील का पत्थर सिद्ध होगा और प्रदेश में इसके माध्यम से अभूतपूर्व नवाचार होंगे। मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स मात्र संस्थान परिसर तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। विद्यार्थियों को, समाज के प्रश्नों के समाधानकारक नवाचारों के लिए सशक्त मंच देने के लिए "सृजन" कार्यक्रम तैयार किया गया है। विद्यार्थियों को नवाचारों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह कार्ययोजना तैयार की गई है। मंत्री परमार के मार्गदर्शन में, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने सृजन कार्यक्रम का सूत्रपात किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल से संबद्ध इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक एवं उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को वर्त्तमान में संचालित पाठ्यक्रमों के अंतर्गत विकसित किये गए नवीन प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना है। यह कार्यक्रम उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को चिन्हित करने एवं उन्हें भविष्य में प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करने के लिए पूर्ण सुविधा प्रदान करने का प्रयास है। सृजन कार्यक्रम, स्टार्ट-अप की स्थापना को भी प्रोत्साहित करेगा। सृजन कार्यक्रम का मूल उद्देश्य, तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करना है। सृजन कार्यक्रम, विद्यार्थियों को रियल लाइफ प्रॉब्लम्स एवं इमर्जिंग प्रौद्योगिकी बेस्ड प्रोजेक्ट्स पर कार्य को आगे विकसित करने के लिए प्रोत्साहित एवं सहायता प्रदान करेगा। साथ ही इनोवेटिव आइडियाज को स्टार्ट-अप में बदलने की सहायता भी प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य, तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक इकोसिस्टम विकसित करना एवं सहायता प्रदान करना है। यह कार्यक्रम, नवीन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से अनुसन्धानोमुखी शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा। संस्थान अपने विद्यार्थियों के नवाचारी प्रोजेक्ट, सृजन कार्यक्रम के पोर्टल https://srijan.rgpv.ac.in/ पर अपलोड कर सकते हैं। इस पोर्टल पर संबंधित संस्थाओं द्वारा अप्लाई किये जाने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तृत विवरण अपलोड करने की व्यवस्था की गई है। प्रोजेक्ट्स अपलोड 25 मार्च से 19 अप्रैल तक किए जा सकेंगे। सृजन कार्यक्रम के पोर्टल के शुभारम्भ कार्यक्रम में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. मोहन सेन एवं डॉ. सुधीर सिंह भदौरिया सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 24

रायपुर : सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय राज्यमंत्री से की मुलाकात

रायपुर : सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय राज्यमंत्री से की मुलाकात छत्तीसगढ़ की सहकारी उपलब्धियों और मांगों पर हुई विस्तार से चर्चा रायपुर छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आज दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल से सौजन्य भेंट की। इस दौरान अपर मुख्य सचिव सहकारिता छत्तीसगढ़ शासन सुब्रत साहू, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं कुलदीप शर्मा तथा भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में छत्तीसगढ़ की सहकारी क्षेत्र में उपलब्धियों, चुनौतियों और आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री केदार कश्यप ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सहकारिता को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों  के बारे में केंद्रीय राज्य मंत्री मोहोल को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” विजन को साकार करने में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंत्री कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण के लिए 2028 पैक्स का चयन किया गया है। इसके अलावा, शेष 30 पैक्स और प्रस्तावित 500 नए पैक्स के लिए शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 8500 करोड़ रुपये के अल्पकालिक कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा था, जिसमें से अब तक 7709 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। हालांकि, नाबार्ड द्वारा केवल 1150 करोड़ रुपये का ही रियायती पुनर्वित्त उपलब्ध कराया गया है, जो कुल ऋण का मात्र 14.9 प्रतिशत है। इस अनुपात को बढ़ाकर 45 प्रतिशत तक करने की मांग की गई। मंत्री कश्यप ने केंद्र सरकार से राज्य के शक्कर बिक्री मासिक कोटा प्रणाली में छूट देकर अधिक मात्रा में बिक्री की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया ताकि गन्ना किसानों का भुगतान तेजी से हो सके। सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया द्वारा लिए गए टर्म लोन पर 84.79 लाख रुपये के विलंबित ब्याज को माफ करने का अनुरोध किया गया। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ की भागीदारी के लिए छत्तीसगढ़ को एक्सपोजर विजिट में शामिल करने का भी आग्रह किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार ने सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति देने की कई पहल की है, जिसमें जनजातीय परिवारों के लिए दुग्ध सहकारिता योजना के तहत 6 जिलों में 325 परिवारों को 650 दुधारू पशु उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है। नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत राज्य में 725 गोदामों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से 665 पूर्ण हो चुके हैं। राज्य के 28 पैक्स में जनऔषधि केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 25 हाल ही में स्थापित किए गए हैं। 2029 पैक्स में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 1103 हाल ही में शुरू किए गए हैं। मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार जैविक खेती और वन उत्पादों के सहकारी विपणन को प्रोत्साहित कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के माध्यम से 22 लघु वनोपजों का जैविक प्रमाणन प्राप्त किया गया है। छत्तीसगढ़ ने सभी पैक्स का एनसीसीएफ पोर्टल पर पंजीयन पूरा कर लिया है। सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम की स्थापना कर धान उपार्जन के दौरान 116 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है। पिछले 6 महीनों में 2.50 लाख किसानों को केसीसी कार्ड वितरित किए गए हैं। राज्य के सभी पैक्स में पीएम किसान समृद्धि केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां से 1760.34 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है। मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल से छत्तीसगढ़ की मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से राज्य में कृषि, ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं सफलतापूर्वक क्रियान्वित की जा रही हैं। केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग मिलने पर इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। recent visitors 25

अकादमी में रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए: मंत्री परमार

मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर : मंत्री परमार बाजार में भी स्थापित होंगे अकादमी की पुस्तकों के बिक्री केंद्र: मंत्री परमार अकादमी में रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए: मंत्री परमार "मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी कार्यसमिति एवं प्रबंधक मंडल" की बैठक हुई भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंत्रालय में मंगलवार को "मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी कार्य समिति एवं प्रबंधक मंडल" की बैठक हुई। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि अकादमी को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत् कार्य किए जाएं। परमार ने अकादमी को आर्थिक रूप से सशक्त करने, समय पर पुस्तकें प्रकाशित करने तथा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बाजार में भी अकादमी की पुस्तकों की बिक्री केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। परमार ने अकादमी द्वारा प्रकाशित द्विमासिक रचना पत्रिका में समसामयिक आलेख, विश्वविद्यालय महाविद्यालय तथा उच्च शिक्षा विभाग की गतिविधियों की जानकारी के साथ प्रकाशित करने के निर्देश दिए। बैठक में पिछली बैठक की कार्यवाही के पालन प्रतिवेदन की पुष्टि हुई एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट का अनुमोदन भी किया गया। साथ ही अकादमी में दैनिक वेतन पर कार्यरत कर्मचारियों को स्थाई बनाने, संविदा कर्मचारियों को समकक्षता प्रदान करने तथा स्वीकृत रिक्त पदों को शीघ्र भरने एवं अकादमी के संविधान में संशोधन कर समसामयिक बनाने का भी निर्णय लिया गया। अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल ने विचारणीय विषयों का प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं कार्यसमिति सदस्यों ने भी विचार साझा किए। हिंदी भाषा के समग्र प्रचार प्रसार एवं व्यापकता को लेकर विस्तृत विमर्श हुआ।। मंत्री परमार ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी से प्रकाशित एवं लेखक डॉक्टर मनोहर भंडारी की पुस्तक "भारतीय ज्ञान परंपरा और समग्र स्वास्थ्य" का विमोचन भी किया। बैठक में आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत वरवड़े एवं मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, कार्यसमिति की सदस्यगण एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 22

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जन्मदिन पर 5 हजार से अधिक लोगों ने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक से स्वागत व अभिनंदन किया

उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का  जन्मदिन पर 5 हजार से अधिक लोगों ने अभूतपूर्व और ऐतिहासिक से स्वागत व अभिनंदन किया। चिंतामन गणेश मंदिर स्थित महाकाल परिसर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विशाल जनसमूह ने स्वागत किया। इनमें बड़ी संख्या में महिला, बच्चे ,पुरूष सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक तेज बहादुर सिंह चौहान, नगर निगम सभापति श्रीमति कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़ और अन्य जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आम जनता का आभार जताते हुए कहा कि आपके स्नेह और आशीष के बिना सब कुछ अधूरा सा लगता है। आपसे मिले बिना जी नहीं भरता है। इसलिए मैं दौड़ के आपके पास चला आता हूं। उन्होंने कहा कि उज्जैन की भूमि पर उद्योगों की बहार आने लगी है। आज हमने 1200 करोड़ रुपए से अधिक के उद्योगों को लगाने के लिए भूमि-पूजन किया है। इसमें 5000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा और आने वाले समय में कई लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हमारे प्रदेश में आने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम विकास के नये आयाम स्थापित कर रहे हैं। लगातार प्रयास से हम सफलता पा रहे हैं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हम स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर उपलब्ध करवा रहे हैं। विकास की रफ्तार अब नहीं रुकेगी। आम जनता और युवाओं को रोजगार उपलब्ध करने के लिए हम कृत संकल्पित हैं। सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव को फलों से तौला भी गया और मित्र मण्डल कार्यकर्ताओं ने कतार लगाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का फूल, मोतियों की माला से स्वागत किया। इस अवसर पर लोगों ने आत्मीयता से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आशीर्वाद भी दिया।   recent visitors 27

जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार का संकल्प: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

आशा दीदियों ने अपनी सेवाओं से गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों का जीता है विश्वास: उप मुख्यमंत्री शुक्ल उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आशा कार्यकर्ता श्रीमती सुमन वर्मा की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार का संकल्प: उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्रत्येक कर्मचारी पूरी सजगता और समर्पण के साथ जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी भूमिका सराहनीय है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवाओं से गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों का विश्वास जीता है, जिससे वे जोखिमपूर्ण स्थितियों में भी आश्वस्त होकर स्वास्थ्य संस्थानों में पहुँच रही हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दीक्षा नगर, बागमुगलिया निवासी गर्भवती महिला के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और हितग्राहियों के बीच मजबूत विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने आशा दीदी श्रीमती सुमन वर्मा के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है। आशा कार्यकर्ता सामुदायिक स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि आशा कार्यकर्ता सामुदायिक स्वास्थ्य प्रणाली की रीढ़ हैं, जिनके प्रयासों से हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और उचित देखभाल संभव हो पा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में “सबका स्वास्थ्य, सबका विश्वास” को साकार किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका ने गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों के बीच विश्वास का एक मजबूत ताना-बाना बुना है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो रहा है। गर्भवती महिलाओं से नियमित जाँच कराने की अपील की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर तक लाना ही स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक कर्मचारी का संकल्प है। उन्होंने सभी आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मचारियों से श्रीमती सुमन वर्मा की तरह समर्पण और जागरूकता के साथ सेवाएँ प्रदान करने का आहवान किया, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच को और बेहतर किया जा सके। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से नियमित जाँच कराने की अपील की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया गर्भवती महिला को 25 मार्च को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गुलाबी नगर में आयोजित विस्तारित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविर में जांच के लिए चिन्हित किया गया था। महिला का वजन कम था और उसे पूर्व में गर्भपात हो चुका था, इसलिए उसे हाईरिस्क श्रेणी में रखा गया। वार्ड क्रमांक 55 की आशा कार्यकर्ता श्रीमती सुमन वर्मा ने महिला को शिविर में लाकर जांच करवाने के लिए लगातार प्रेरित किया। लेकिन महिला किसी अन्य व्यक्ति के साथ जाने के लिए तैयार नहीं थी। यह आशा कार्यकर्ता द्वारा समय-समय पर दी गई देखभाल और सलाह का ही परिणाम था कि महिला को विश्वास हो गया कि आशा दीदी के साथ जाने पर ही उसे और उसके बच्चे को किसी प्रकार का खतरा नहीं होगा। महिला के इस विश्वास को देखते हुए आशा कार्यकर्ता ने अपने ही वाहन से महिला को शिविर में लाकर उसकी जांच करवाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि 25 मार्च को आयोजित एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविरों में 66 स्वास्थ्य संस्थाओं में आठ सौ से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। इसमें हाईरिस्क प्रेगनेंसी वाली महिलाओं को चिन्हित कर उनकी तीन अतिरिक्त प्रसव पूर्व जांच करवाई जा रही है। मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए हर माह की 9 और 25 तारीख को यह विशेष शिविर आयोजित किए जाते हैं। प्रसव के बाद भी 45 दिन तक आशा कार्यकर्ता द्वारा गृह भेंट कर फॉलोअप किया जाता है, जिससे प्रसव के बाद महिला और शिशु को बेहतर देखभाल मिल सके।   recent visitors 24

मुख्यमंत्री ने बच्चों को उपहार में कपड़े और मिठाई दी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सेवाधाम में बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन बच्चों ने मुख्यमंत्री को जन्म दिवस की दीं शुभकामनाएं मुख्यमंत्री ने बच्चों को उपहार में कपड़े और मिठाई दी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में अंबोदिया के अंकित ग्राम सेवा धाम आश्रम पहुंच कर आश्रम के बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को उपहार भी दिए। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवाधाम आश्रम पहुंचकर बच्चों से भेंट की गई। उन्होंने आश्रम में  फिजियोथैरेपी सेंटर और बालिका गृह का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने आश्रम में माँ करुणालय और अंकित ग्राम सतगुरु ग्रामीण पर्यटन केंद्र का शिलान्यास भी किया। सेवाधाम आश्रम सेवा का मंदिर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवाधाम आश्रम एक यज्ञ स्थल है। यहां पर प्रतिदिन समाज सेवा के रूप में आहुतियां दी जाती हैं। वे शुरू से यहां समय-समय पर आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंबोदिया पंचक्रोशी यात्रा का पड़ाव स्थल भी है। माँ करुणालय में शासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। सेवाधाम आश्रम में संवेदना है, सहयोग है, समर्पण है, प्रेम है। प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक घट्टिया सतीश मालवीय, संस्थाध्यक्ष सेवाधाम आश्रम डॉ. ऋषि मोहन भटनागर, विनोद अग्रवाल (उद्योगपति), राधेश्याम शर्मा 'गुरुजी' एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।   recent visitors 72