Thursday, July 16, 2026 8:49 am

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती कपूर की आत्मकथा का किया विमोचन

 उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को कालिदास अकादमी परिसर उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025  के अंतर्गत अंर्तराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न देशों से आए राजनयिकों के साथ सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेखक सीमा कपूर की आत्मकथा “युं गुजरी है अब तलक”  का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव में धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार के आयाम जुड़ रहे हैं। भारतीय संस्कृति की यह विशेषता रही है कि यहां के लोगों ने हर प्रकार की चुनौतियों और विषम परिस्थितियों में अपने आप को दृढ़ रखा है और पूरे विश्व के समक्ष एक मिसाल पेश की है। भारतीय संस्कृति पर केन्द्रित फिल्म फेस्टिवल हमारी कला और संस्कृति को पूरे विश्व के समक्ष प्रस्तुत करता है। इस फेस्टिवल में अतीत की कालजयी फिल्मों का प्रदर्शन किया गया है। चलित हिंदी फिल्मों की यात्रा दादा साहब फालके द्वारा निर्देशित फिल्म राजा हरिश्चंद्र से होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्में आज भी समसामयिक हैं। आने वाले समय में और भव्य स्तर पर इस प्रकार के आयोजन किए जाने चाहिए। विक्रम महोत्सव से हम सम्राट विक्रमादित्य के स्वर्णिम काल को याद करते हैं। सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाट्य और फिल्मों के माध्यम से पूरे विश्व में उनकी न्यायप्रियता और उनके सुशासन का संदेश जाता है। सम्राट विक्रमादित्य के विराट व्यक्तित्व में विभिन्न आयाम समाए हुए हैं। सही अर्थों में उज्जैन 64 कलाओं को प्रदान करने वाली नगरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर से फिल्मोत्सव के समापन के अवसर पर संस्कृति विभाग, कालिदास अकादमी और विक्रमादित्य शोध पीठ को शुभकामनाएं दीं। समापन समारोह में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा,  दिलीप सिंह परिहार,  नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, ओम जैन, कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक गोविंद गंधे, नरेश शर्मा,  राजेश सिंह कुशवाहा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप भारत के ज्ञान और संस्कृति के प्रकाश को दुनिया में पहुंचाने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ, जिसमें 90 फिल्मों का प्रसारण किया गया है। इसमें अधिकतर फिल्में भगवान श्रीकृष्ण पर केन्द्रित रही। कार्यक्रम में साउथ अमेरिका के देश सूरीनाम की एंबेसी में कार्यरत सचिव श्रीमती सुनैना पी.आर. मोहन ने कहा कि उज्जैन शहर में उनका प्रथम बार आगमन हुआ है। यहां के लोगों के व्यक्तित्व में सादगी समाहित है। श्रीमती सुनैना ने कहा कि हमारे देश के युवा अपने शहर, अपने प्रदेश और अपने देश पर गर्व करें, गर्व से कहें कि हम भारतीय हैं। अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के समापन के पूर्व गोपाल कृष्ण (हिन्दी), भगवान श्रीकृष्णा (हिन्दी), श्रीकृष्ण अर्जुन युद्धम (तेलुगु), मीरा रो गिरधा (राजस्थानी),  भगवान श्रीकृष्णा चैतन्य (बंगाली),  श्रीकृष्णा लीला (तमिल), भगत्नसयो (गुजराती) भाषा फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ। इसके अलावा विदेशी भाषाओं में डेथ इन वेरीक्यूकोस और साचा: चेरनोबिल का एक बच्चा-1 फिल्मों का प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसका कलाप्रेमी दर्शकों ने आनंद उठाया। recent visitors 36

मुख्यमंत्री ने 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि प्रदान की

व्यापार में कमिटमेंट का है सर्वाधिक महत्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में निवेश आ रहा है, उद्योग भी लग रहे है और रोजगार सृजित का सृजन कर विकास का लिखा जा रहा है नया अध्याय मुख्यमंत्री ने 1127 करोड़ की लागत की औद्योगिक इकाइयों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन औद्योगिक इकाइयों से 5046 युवाओं को मिलेगा रोजगार विक्रम उद्योगपुरी में 28 करोड़ की लागत वाले सामान्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री ने 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि प्रदान की उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की कृपा से देश और प्रदेश में समृद्धि बरस रही है। सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली नगरी उज्जयिनी में पहली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन हुआ था। इसके बाद क्रमवार संभागीय मुख्यालयों पर 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इन आरआईसी में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर प्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन 'विकसित भारत' को साकार करने प्रदेश में 1127.24 करोड़ रुपए के निवेश से 26 विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर विकास का एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। यह परियोजनाएं उज्जैन को एक नया औद्योगिक आयाम देंगी, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक और आर्थिक विकास होगा। इन इकाइयों से हमारे लगभग 5046 युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। स्वच्छ भारत की परिकल्पना को समाहित कर प्रदेश में स्थित भारत के सबसे स्वच्छ औद्योगिक पार्क विक्रम उद्योगपुरी में 28 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक सामान्य अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (सीईटीपी) का लोकार्पण भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विक्रम व्यापार मेला उज्जैन में आयोजित औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण एवं भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यापार वचन से होता है, व्यापार में वचन का ही सर्वाधिक महत्व है। मध्यप्रदेश सरकार औद्योगिकरण और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दिए गए वचनों को पूरा करने संपूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक  से प्रदेश की 73 औद्योगिक इकाइयों को 441 करोड़ की निवेश प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से प्रदेश को नंबर 1 बनायेंगे। प्रदेश में वर्ष 2025 उद्योग और रोजगार वर्ष घोषित किया गया है। हमने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने का जो सपना देखा है, वो साकार हो रहा है। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उज्जैन, इंदौर, देवास, धार, शाजापुर जिलों को मिलाकर एक नए मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने की कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन और विदिशा को भी मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाया जाएगा। जबलपुर, ग्वालियर और उनके आस-पास के जिलों का भी विकास मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में भविष्य में किया जाएगा। इससे व्यापार और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में विक्रमोत्सव-2025 का आयोजन भी किया जा रहा है। विक्रम व्यापार मेले में भी व्यापार व्यापक स्तर पर हो रहा है और बहुत अधिक संख्या में गाड़िया बिक रही है। अगले कुछ वर्षों में हम भव्य स्तर पर सिंहस्थ-2028 महापर्व का भी आयोजन करेंगे। आस्था का ये महाकुंभ अर्थव्यवस्था को गति देने में इतिहास लिखेगा और उज्जैन को प्रमुख वैश्विक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा। इस वर्ष 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया गया है। बजट में सिंहस्थ के लिए 2 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है, जो आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करने के कार्य के लिए है। लाड़ली बहना हमारे प्रदेश का गौरव है, बजट में लाड़ली बहनों का विशेष ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में अमूल द्वारा दूध प्र-संस्करण का कारखाना भी स्थापित किया गया है। प्रदेश की सांची डेयरी को भी अमूल की तर्ज पर विकसित कर सांची को हम प्रदेश की पहचान बनाएंगे। उज्जैन में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा महाकाल महालोक बनाए जाने के बाद धार्मिक पर्यटन में अत्यधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 से अभी तक जिले में 60 करोड़ से अधिक धार्मिक पर्यटक आए है जिससे जिले में होटल व्यवसाय ने भी बहुत तरक्की की है। इस प्रकार उद्योग के साथ आध्यात्मिक विकास का भी ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 का हुआ सफल आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भोपाल में 24-25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। जीआईएस में प्रधानमंत्री मोदी ने 18 नई औद्योगिक नीतियों की शुरूआत की। समिट के दौरान 70 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग हुई और प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो 17 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देने का अवसर प्रदान करेंगे। जीआईएस में प्राप्त निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने के लिए विगत एक माह में 19 नवीन औद्योगिक इकाइयों को 315 हैक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। प्रदेश को 9168 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हो चुका है और इससे 13 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश अब औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्य के रूप में पहचाना जा रहा है। सरकार प्रदेश का चहुमुखी विकास कर रही है। प्रदेश में गरीब युवाओं, अन्नदाताओं, नारी शक्ति और सभी के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।प्रदेश के चंबल क्षेत्र में भी औद्योगिक विकास किया जा रहा है, अब वहाँ बंदूकों की आवाज की जगह औद्योगिक मशीनों की आवाज सुनाई दे रही है। झाबुआ में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किया जा रहा है। साथ ही किसान भाइयों के लिए और दूध उत्पादन बढ़ाने विक्रम विश्वविद्यालय में प्रदेश का पहला डेयरी टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूके, जर्मनी और जापान यात्राओं  में प्रदेश को एक निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया। वहाँ से मिले समर्थन और निवेशकों की इच्छाओं को देखकर हमें यह विश्वास हुआ कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन चुका है। प्रदेश में हाल ही में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद, जो निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, वे अब धरातल पर … Read more

PBKS की पहली जीत के बाद कप्‍तान Shreyas Iyer ने किया बड़ा खुलासा; दो गेंदबाजों की खूब की तारीफ

अहमदाबाद यह हाई-स्कोरिंग मैच आखिरी ओवर तक बेहद संघर्षपूर्ण रहा, जहां हर गेंद पर खेल का रुख बदलता नजर आया, लेकिन पंजाब के गेंदबाजों ने अंतिम क्षणों में शानदार प्रदर्शन कर गुजरात टाइटंस के जबड़े से जीत छीन ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी पारी (97 रन) की बदौलत 243 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। उनकी इस धमाकेदार पारी में शानदार स्ट्रोकप्ले देखने को मिला, जिससे टीम को मजबूत आधार मिला। लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम ने शानदार शुरुआत की और ऐसा लग रहा था कि वे आसानी से लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे, लेकिन मैच के अंतिम ओवरों में विजय कुमार वय्शक ने कसी हुई गेंदबाजी कर खेल का पूरा समीकरण बदल दिया। उनके सटीक यॉर्कर और बेहतरीन लाइन-लेंथ के आगे गुजरात के बल्लेबाज दबाव में आ गए और अंततः पूरी टीम 232 रन ही बना सकी, जिससे पंजाब ने 11 रन से मुकाबला जीत लिया। इससे पहले गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 243 रन बनाए और गुजरात को 244 रन का विशाल लक्ष्य दिया। श्रेयस अय्यर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 97 रन बनाए, लेकिन वह अपने पहले आईपीएल शतक से चूक गए। श्रेयस अय्यर ने 42 गेंदों पर 97 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने अपनी इस शानदार पारी में पांच चौके और नौ छक्के जड़े। वहीं, शशांक सिंह ने नाबाद 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली। शशांक सिंह ने मात्र 16 गेंदों में 44 रन ठोकते हुए छह चौके और दो छक्के लगाए। प्रियांश आर्य ने 47 रन की उपयोगी पारी खेली, जिससे पंजाब किंग्स ने विशाल स्कोर खड़ा किया। गुजरात टाइटंस के लिए साई सुदर्शन (74) और जोस बटलर (54) ने शानदार पारियां खेलीं, जिससे एक समय ऐसा लग रहा था कि गुजरात आसानी से लक्ष्य हासिल कर लेगा। दोनों बल्लेबाजों की मौजूदगी में गुजरात की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन पंजाब किंग्स ने आखिरी ओवरों में जबरदस्त वापसी करते हुए मैच का रुख पलट दिया। साई सुदर्शन ने 41 गेंदों में 74 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें उन्होंने पांच चौके और छह गगनचुंबी छक्के लगाए। वहीं, जोस बटलर ने 33 गेंदों में 54 रन बनाए, जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। पंजाब किंग्‍स के कप्‍तान श्रेयस अय्यर को उम्‍दा पारी खेलने के लिए प्‍लेयर ऑफ द मैच चुना गया। अय्यर ने केवल 42 गेंदों में 5 चौके और 9 छक्‍के की मदद से नाबाद 97 रन बनाए। उन्‍हें शशांक सिंह का अच्‍छा साथ मिला, जिन्‍होंने केवल 16 गेंदों में 6 चौके और दो छक्‍के की मदद से नाबाद 44 रन बनाए। इन दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 81 रन की अविजित साझेदारी हुई। अपनी पारी से खुश श्रेयस अय्यर ने प्‍लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड लेने के बाद प्रसारणकर्ता से बातचीत में कहा, 'उत्‍साहित हूं। पहले ही मैच में नाबाद 97 रन बनाने से अच्‍छा महसूस हो रहा है। ईमानदारी से कहूं तो इससे बेहतर एहसास नहीं कुछ। मेरे लिए जरूरी था कि आगे आकर परिस्थितियों में खुद को ढालना। मैंने पहली गेंद पर चौका जमाया, जिससे काफी विश्‍वास बढ़ा।' एक शॉट ने सब बदल दिया कगिसो रबाडा की गेंद पर फ्ल‍िक के जरिये जो छक्‍का जमाया, मेरे ख्‍याल से वहां से पूरी तरह लय बदल गई। पिच में थोड़ा अतिरिक्‍त उछाल भी था। हमने परिस्थितियों में जल्‍द खुद को ढाल लिया। आपने देखा कि शशांक ने केवल 16 या 17 गेंदों में 44 रन ठोक दिए। हमने देखा कि ओस आ गई है तो हम जानते थे कि दृश्‍य बदलेंगे। अच्‍छी बात है कि हम अपनी रणनीति में कामयाब रहे। नए नियम से मिली मदद श्रेयस अय्यर ने अपने दो गेंदबाजों विजयकुमार वैशाक और अर्शदीप सिंह की जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा, 'वैशाक मजेदार किरदार हैं। उनके पास कई मिश्रण हैं, जिसके कारण उनका एटीट्यूड शानदार है। उनकी सोच बहुत अच्‍छी है। उन्‍हें बाहर से देखकर बहुत खुशी हुई।' पंजाब किंग्‍स के कप्‍तान ने कहा, 'मेरे ख्‍याल से अर्शदीप ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने कहा कि गेंद थोड़ी रिवर्स स्विंग हो रही है तो लार लगाने से मदद मिलेगी। हम सफल रहे। सीजन शुरू होने से पहले हमने कोई कमी नहीं छोड़ी। सभी अपनी मानसिकता के साथ आए। मैदान में सभी ने हिस्‍सा लिया और फैसले लेने में अपनी दिलचस्‍पी दिखाई। recent visitors 45

धान उपार्जन घोटाला EOW ने की छापेमारी, 145 व्यक्तियों पर की 38 FIR

भोपाल धान उपार्जन घोटाले को उजागर करने वाली ईओडब्ल्यू अब कड़े एक्शन मोड में है, छापे मारने के दौरान ईओडब्ल्यू द्वारा बालाघाट, सतना, सीधी, मैहर, डिंडोरी, सागर, पन्ना, सिवनी में धान उपार्जन में 50,000 क्विटंल की हेराफेरी पाई गयी। हेराफेरी के सबूत के बाद ईओडब्ल्यू ने 8 जिलों की 38 समितियों के 145 व्यक्तियों पर 38 FIR की है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में धान उपार्जन होने के बाद उसे वेयर हाउस में सुरक्षित रखवाया गया था लेकिन जब उसका परिवहन शुरू हुआ तो साथ में घोटाला भी शुरू हो गया, शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ईओडब्ल्यू को छापे मारने के निर्देश दिए, मार्च की शुरुआत में ईओडब्ल्यू के पांच जिलों की टीमों ने प्रदेश के12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों एवं 140 वेयर हॉउसेस पर छापे मारे जहाँ भारी अनियमितता मिली। जाँच करने के बाद ईओडब्ल्यू को करीब 50 हजार क्विंटल धान की हेराफेरी मिली जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है , भ्रष्टाचार सामने आने के बाद अब ईओडब्ल्यू ने बालाघाट, सतना, सीधी, मैहर, डिंडोरी, सागर, पन्ना, सिवनी इन 8 जिलों की 38 समितियों के 145 व्यक्तियों पर 38 FIR की है। सिवनी की शकुंतलादेवी राईस मिल के मालिक पर आपराधिक प्रकरण दर्ज ईओडब्ल्यू द्वारा जारी प्रेसनोट में बताया गया है कि सिवनी की शकुंतलादेवी राईस मिल के विरुद्ध धान उर्पाजन तथा शासकीय धान की मिलिंग में अनियमितताओं के संबंध में प्राप्त शिकायत की जांच की गई। राईस मिल की जांच करने पर वर्ष 2024-25 में मिलिंग हेतु प्राप्त धान में 3184 क्विंटल धान/चावल की कमी पाई गई तथा मिल में 2297 क्विंटल चावल 4594 बोरियों में हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा राज्यों का पाया गया तथा बालाघाट जिलें की राईस मिल का 28590 किलोग्राम चावल से भरा वाहन पाया गया। इन समितियों के व्यक्तियों पर दर्ज हुई एफआईआर     सीधी – बाघड़ क्रमांक-01 संतोषी महिला स्वसहायता समूह, केन्द्र क्रमांक-01 सेवा सहकारी समिति अमिरति, कुबेर वेयर हाउस अमिरति सेवा सहकारी समिति अमिरति, बाघड़ क्रमांक-02 सेवा सहकारी समिति बाघड़, टीकटकला संतोषी महिला स्वसहायता समूह, कमर्जी केन्द्र क्रमांक-01 सेवा सहकारी समिति चंदवाही, सेवा सहकारी समिति चंदवाही ।     बालाघाट– आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मोहगांव, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति उकवा, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कूमादेही, सेवा सहकारी समिति चरेगांव, सेवा सहकारी समिति टाकाबर्रा, समिति मर्यादित नांदी तिरोड़ी, समिति मर्यादित भंडेरी तहसील बैहर, सेवा सहकारी समिति जरेरा, सेवा सहकारी समिति करंजा, सेवा सहकारी समिति सिवनी कलांसारद, सेवा सहकारी समिति चिखला सालेटेका, सेवा सहकारी समिति मर्यादित बम्हनी हरदोली तहसील तिरोड़ी, सेवा सहकारी समिति धनकोषा एवं वोथवा तहसील तिरोड़ी, सहकारी समिति मर्यादित महकेपार, सेवा सहकारी समिति मर्यादित परसवाड़ा, विपणन सहकारी समिति खैरलाजी केन्द्र येनागोंदी, सेवा सहकारी समिति कटोरी, सेवा सहकारी समिति मोहगांवघाट, सेवा सहकारी समिति सालेबर्डी, सेवा सहकारी समिति रामपायली, सेवा सहकारी समिति भजियादंड, सेवा सहकारी समिति टेकाड़ीघाट।     सतना– उर्पाजन केन्द्र सहकारी संस्था दलदल, उर्पाजन केन्द्र हिंरोदी।     मैहर– आदिम जाति सेवा सहकारी समिति भदनपुर, सेवा सहकारी समिति जरोहा मनकीसर ।     डिण्डोरी– आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित सरहरी।     सागर– प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति छिरारी।     पन्ना– सन्यासी बाबा स्वसहायता समूह ग्राम बोरी साहनगर, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बिसानी ।     सिवनी– शकुंतला देवी राईस मिल भुरकलखापा । recent visitors 31

देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर रात्रि में छह घंटे उड़ानों का संचालन बंद कर रनवे सुधार का कार्य किया जा रहा

इंदौर इंदाैर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर रात्रि में छह घंटे उड़ानों का संचालन बंद कर रनवे सुधार का कार्य किया जा रहा है। 30 मार्च से लागू होने वाले समर सीजन में इस समय को दो घंटे बढ़ाकर आठ घंटे किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट से संचालित शारजाह, पुणे, जयपुर, दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों की करीब एक दर्जन उड़ानों का समय बदलेगा। वहीं जयपुर, लखनऊ और बेंगलुरु से रात्रि में आने वाली उड़ानें बंद होगी। एक अप्रैल से रात्रि 10.30 बजे से सुबह 6.30 बजे तक सुधार कार्य होगा। ऐसे में 30 मार्च से लागू होने वाले समर सीजन में विमान कपंनियों ने अपने शेड्यूल में परिवर्तन किया है। रात्रि में डेढ़ घंटे में संचालित सात उड़ानें और सुबह संचालित पांच उड़ानों का समय बदलेगा। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि रनवे विस्तर का कार्य नियमित प्रक्रिया है। पुरानी डामर को निकालकर नई डामर बिछाने का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में कई उड़ानों का समय बदलेगा। कई परिवर्तन नंबर के साथ बदले समय पर संचालित होगी। एक साल में पूर्ण होगा कार्य इंदौर एयरपोर्ट रनवे सुधार का कार्य नियमित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। 15 फरवरी से इंदौर एयरपोर्ट के 2750 मीटर लंबे रनवे पर बिछी डामर की परत को हटाकर नई परत बिछाने का काम शुरू किया गया है। यह कार्य एक साल तक चलेगा और चार से पांच इंच मोटी डामर बिछाने के बाद साइड में साइनेज और लाइट्स लगाए जाएंगे। 25 करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य पूर्ण होगा। ये उड़ानें होगी प्रभावित सुबह 6 से 6.10 बजे के बीच की उड़ान     इंदौर-लखनऊ उड़ान सुबह 6 बजे     इंदौर-बेंगलुरु सुबह 6.10 बजे     इंदौर-जयपुर सुबह 6.20 बजे     पुणे-इंदौर सुबह 6.10 बजे रात्रि में 10.30 से 12 बजे के बीच की उड़ान     इंदौर-मुंबई रात्रि 10.55 बजे     इंदौर-दिल्ली रात्रि 11.10 बजे     इंदौर-पुणे रात्रि 11.50 बजे     इंदौर-शारजाह रात्रि 11.55 बजे     शारजाह-इंदौर रात्रि 10.30 बजे     दिल्ली-इंदौर रात्रि 10.35 बजे     मुंबई-इंदौर रात्रि 11 बजे ये उड़ानें होंगी बंद     जयपुर-इंदौर रात्रि 10.40 बजे     लखनऊ-इंदौर रात्रि 11.15 बजे     बेंगलुरु-इंदौर रात्रि 11.20 बजे यह हो जाएगा शारजाह उड़ान का समय     शारजाह-इंदौर- आइएक्स-256 उड़ान यूएई के समय अनुसार शाम 4.25 बजे शारजाह से रवाना होकर रात्रि 9.30 बजे इंदौर पहुंचेगी।     इंदौर-शारजाह- आइएक्स 255 उड़ान इंदौर से रात्रि 10.10 बजे रवाना होकर यूएई के समय अनुसार रात्रि 12.05 बजे शारजाह पहुंचेगी।   recent visitors 25

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों ने इन्दौर में दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जन्मदिन पर इंदौर में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने शुभकामनाएँ दी। मंगलवार रात उज्जैन से एयरपोर्ट इंदौर पहुँचने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एयरपोर्ट में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने स्वागत किया महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, सुदर्शन गुप्ता,  सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा,  जयपाल सिंह चावड़ा, दीपक जैन टीनू , चिंटू वर्मा  सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संभागायुक्त इंदौर दीपक सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक ग्रामीण अनुराग,  एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह सहित अन्य प्रमुख अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ देकर शुभकामनाएँ दी।  कलेक्टर आशीष सिंह और आयुक्त नगर निगम शिवम वर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खजराना गणेश की माला पहनाई और प्रसाद भेंट किया।   recent visitors 27

राजस्व कार्यालयों में भू-रिकार्ड में कुछ गड़बड़, केवाइसी शुरू हुई तो लोगों को दस्तावेजों में गड़बड़ी की बात पता चली

भोपाल भोपाल जिले के राजस्व कार्यालयों में भू-रिकार्ड में कुछ गड़बड़ है। अभी केवाइसी शुरू हुई तो लोगों को दस्तावेजों में गड़बड़ी की बात पता चली। ऐसे 30 हजार से अधिक भू-स्वामी अब परेशान हैं। उनके पास मालिकाना दस्तावेज हैं, लेकिन सरकारी रिकार्ड में जो दस्तावेज हैं, उनकी कहानी कुछ और निकल रही है। पोर्टल पर कर सकते हैं आवेदन यदि आपकी जमीन के रिकार्ड में कोई गड़बड़ी है तो आप ऑनलाइन पोर्टल पर ही आवेदन कर सुधार की प्रक्रिया शुरू करवा सकते हैं। राजस्व विभाग ने इसके लिए आरसीएमएस पोर्टल तय किया हुआ है। यहां जमीन से जुड़े तमाम मामलों को दर्ज कराने से लेकर उनकी सुनवाई और उनसे जुड़ी राहत प्राप्त की जा सकती है।   इस तरह समझें स्थिति मामला एक – हिनोतिया आलम में एक निजी स्कूल से लगी जमीन 2010 तक निजी नाम से चढ़ी हुई थी। यहां करीब 50 हजार वर्गफीट जमीन दस लोगों को विक्रय भी हुई। 2011 में भूमि रिकार्ड सुधार में इस जमीन को सरकारी दर्ज कर दिया गया। अब ये लोग जमीन को अपने नाम दर्ज कराने पटवारी से लेकर अधिकारियों तक के चक्कर लगा रहे हैं। मामला दो – राजहर्ष कालोनी के सनखेड़ी रोड किनारे के क्षेत्र में करीब तीस साल बाद यहां लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं। बताया जा रहा कि 2011 में ये जमीन अन्य किसी के नाम दर्ज हो गई, जबकि लोगों के पास अपने घरों की रजिस्ट्री व अन्य दस्तावेज है। तहसीलदार कोर्ट में इन्हें इसी माह उपस्थित होकर जवाब देना है। फैक्ट फाइल – 2.99 लाख भूमि स्वामी की जमीनें उनके आधार से लिंक करने का लक्ष्य तय किया था। 2.70 लाख से अधिक भूमि स्वामी अब भी जमीन से अपनी पहचान नहीं जुड़वा पाएं। .60 लाख प्रकरण नक्शा तरमीम और रिकार्ड दुरुस्त करने के प्रकरण हैं। 1.48 लाख प्रकरण अभी लंबित है।   recent visitors 23