Thursday, July 16, 2026 4:06 am

राजस्थान रॉयल्स ने दिया कोलकाता नाइट राइडर्स को 152 रन का लक्ष्य,

गुवाहाटी. आईपीएल 2025 का छठा मैच राजस्थान रॉयल्स (आरआर) और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जा रहा। राजस्थान रॉयल्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 152 रन का लक्ष्य दिया है। राजस्थान की तरफ से सर्वाधिक रन ध्रुव जूरेल ने बनाए है ध्रुव ने 33 रनों की पारी खेली इसके अलावा यशस्वी जायसवाल ने 29 और कप्तान रियान पराग ने 25 रनों की पारी खेली। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर टिक नहीं पाया था। कोलकाता की तरफ से वैभव ने 2, वरुण ने 2 और मोइन अली 2 बल्लेबाजो को वापस भेजा वहीं हर्षित राणा को 2 विकेट मिला है। केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर राजस्थान को बैटिंग का न्योता दिया है। कोलकाता के ऑलराउंडर सुनील नरेन मैच नहीं खेल रहे हैं। उनकी तबीयत ठीक नहीं हैं। उनकी जगह मोईन अली को मौका मिला है। वहीं, राजस्थान ने फजलहक फारुकी की जगह वानिंदु हसरंगा को शामिल किया है। आरआर और केकेआर को 18वें सीजन के अपने पहले मैच में हार का मुंह देखना पड़ा था। राजस्थान को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के हाथों 44 रन से शिकस्त मिली जबकि कोलकाता को रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु (आरसीबी) ने सात विकेट से मात दी। दोनों टीमों की नजर आज के मैच से जीत का खाता खोलने पर होगी। बारसापारा में भी रियान पराग राजस्थान की कमान संभाल रहे हैं। हालांकि, उंगली की सर्जरी से उबर रहे नियमित कप्तान संजू सैमसन खेल रहे हैं। शुभम दूबे के रूप में गिरा 6th विकेट शुभम दूबे भी लौटे पवैलियन। राजस्थान का छठा विकेट गिरा। 15वें ओवर की आखिरी गेंद पर अरोड़ा की गेंद पर रसेल ने पकड़ा शानदार कैच। दूबे ने 12 गेंदों में 9 रन बनाए। इसमें एक चौका भी शामिल है। मोईन और वरुण की फिरकी पर नाचे बल्लेबाज राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों को मोईन अली और वरुण चक्रवर्ती ने काफी परेशान किया है। दोनों अब तक 2-2 विकेट हासिल कर चुके हैं। सस्ते में लौटे संजू सैमसन आरआर का पहला विकेट संजू सैमसन के रूप में गिरा है। वह सस्ते में आउट हुए। उन्हें वैभव अरोड़ा ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर बोल्ड किया। सैमसन के बल्ले से 11 गेंदों में 13 रन निकले। उन्होंने यशस्वी संग (19*) 33 रनों की साझेदारी की। recent visitors 46

कुणाल कामरा को खार पुलिस ने समन भेज हाजिर होने के लिए कहा था, लेकिन हाजिर नहीं हुए, अब नया समन भेजा

मुंबई महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम ल‍िए बगैर उन पर किए गए विवादित टिप्पणी को लेकर स्टैंड-अप कमीडियन कुणाल कामरा की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। मुंबई की खार पुलिस ने उनकी मोहलत की मांग को खारिज करते हुए बुधवार को दूसरा समन भेजा और पूछताछ के लिए हाजिर होने का निर्देश दिया। कुणाल कामरा को खार पुलिस ने समन भेज को 11 बजे हाजिर होने के लिए कहा था, लेकिन कामरा हाजिर नहीं हुए और हाजिर होने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा था। पुलिस ने उनकी मांग को खारिज कर नया समन भेजा है। खार पुलिस ने हैबिटेट स्टूडियो से जुड़े कई लोगों से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया। पुलिस की मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं होने के मामले में कामरा ने फोन पर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया क‍ि वह अभी मुंबई से बाहर हैं, इस वजह से वह पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि मुंबई आकर पुलिस के सामने पेश होने के लिए उन्हें एक सप्ताह का समय चाहिए। खार पुलिस ने कामरा को मंगलवार को ही समन भेजा था। वह घर पर नहीं मिले तो उन्हें व्हाट्सएप पर भी समन भेजा गया। उन्हें सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। खार पुलिस की एक टीम उनके घर भी गई और उनके माता-पिता को भी समन की एक प्रति दी। इससे पहले कुणाल कामरा ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में हैबिटेट क्लब में हुई तोड़फोड़ की निंदा की और कहा कि अपनी टिप्पणी के लिए वह माफी नहीं मांगेंगे। कमीडियन ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, "हैबिटेट केवल एक मंच है। सभी प्रकार के शो के लिए एक जगह है। हैबिटेट (या कोई अन्य स्थल) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही उसके पास इस बात पर कोई नियंत्रण है कि मैं क्या कहता या करता हूं। न ही कोई राजनीतिक दल ऐसा करता है।" उन्होंने आगे लिखा, "किसी कमीडियन के शब्दों के लिए किसी आयोजन स्थल पर हमला करना उतना ही मूर्खतापूर्ण है, जितना टमाटर ले जा रही एक ट्रक को इसलिए पलट देना, क्योंकि परोसा गया बटर चिकन आपको पसंद नहीं आया।" उन्हें मिल रही धमकियों को लेकर कामरा ने कहा था, "भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकार का उपयोग केवल शक्तिशाली और अमीर लोगों की चापलूसी करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, भले ही आज का मीडिया हमें इसके विपरीत विश्वास दिलाए। मैं अपने खिलाफ की गई किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हूं।" recent visitors 46

मार्च में अवकाश के दिनों में भी खुलेंगे बिजली बिल भुगतान केन्द्र

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र में 29 मार्च शनिवार, 30 मार्च रविवार व 31 मार्च ईद-उल-फितर को बिल भुगतान केन्द्र सामान्य दिवसों की तरह कार्य करते रहेंगे। भोपाल शहर वृत्त के अंतर्गत चारों शहर संभाग यथा पश्चिम, पूर्व, दक्षिण तथा उत्तर संभाग के अंतर्गत सभी जोनल कार्यालय और दानिश नगर, मिसरोद, मण्डीदीप में बिल भुगतान केन्द्र उक्त अवकाश के दिनों में भी सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे। बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि वे राजधानी के जोनल ऑफिस में पीओएस मशीन से कैश के जरिए बिल भुगतान तथा ऑनलाइन माध्यम से भी बिल भुगतान कर सकते हैं। कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंपनी कार्य क्षेत्र के सभी 16 जिलों में बिजली वितरण केन्द्र/बिल भुगतान केन्द्र अवकाश के दिनों में खुले रहेंगे। इसके लिए सभी मैदानी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है। ऑनलाइन भुगतान करें और पाएं छूट    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निम्न दाब घरेलू उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान करने पर उनके कुल बकाया बिल पर 0.50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है साथ ही अधिकतम छूट के लिए कोई सीमा बंधन नहीं है। इसी प्रकार उच्च दाब उपभोक्ताओं को प्रति बिल कैशलेस भुगतान पर 100 रूपये से 1000 रुपये तक की छूट दी जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से बिजली का बिल ऑनलाइन भुगतान करने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ताओं को एम.पी.ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, कंपनी पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेज़न पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप एवं उपाय मोबाइल ऐप के माध्यम से बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।   recent visitors 121

राहुल गांधी आरोप लगते हुए कहा- मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता

नई दिल्ली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने स्पीकर पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं जब भी लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए खड़ा होता हूं, तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। दरअसल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि सदन के आचरण और मर्यादा का पालन करें, कुछ घटनाएं सदन के लिहाज से ठीक नहीं थीं। जिसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, "एक कन्वेंशन है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाता है। मैं जब भी खड़ा होता हूं तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। मैं नहीं जानता कि सदन किस प्रकार चल रहा है। यहां हम जो कहना चाहते हैं, हमें कहने नहीं दिया जाता है। मैंने कुछ नहीं किया है, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था। मैं एक शब्द नहीं बोला। पिछले 7-8 दिन से बोलने नहीं दिया गया।'' उन्होंने कहा, ''लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष की जगह होती है, लेकिन यहां विपक्ष की कोई जगह नहीं है। यहां केवल सरकार की जगह है। उस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ मेले के बारे में बोला, जिसमें मैं अपनी बात जोड़ना चाहता था। मैं कहना चाहता था कि बहुत अच्छा है, महाकुंभ मेला हुआ। मैं बेरोजगारी के बारे में कुछ कहना चाहता था। लेकिन, मुझे नहीं बोलने दिया गया। पता नहीं स्पीकर की क्या सोच और अप्रोच है। सच्चाई ये है कि हमें बोलने नहीं दिया जा रहा है।" इससे पहले भी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के महाकुंभ पर दिए गए वक्तव्य पर कहा था कि मैं प्रधानमंत्री मोदी की बात का समर्थन करना चाहता था। कुंभ हमारी परंपरा है, संस्कृति है, इतिहास है। एक शिकायत थी कि प्रधानमंत्री ने, जिनकी मृत्यु हुई, उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। जो युवा महाकुंभ में गए, उन्हें प्रधानमंत्री से रोजगार चाहिए और प्रधानमंत्री को उस पर भी बोलना चाहिए था। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेता प्रतिपक्ष को तो बोलने का मौका दिया जाना चाहिए था। लेकिन, बोलने नहीं देते हैं, यह न्यू इंडिया है। recent visitors 55

खाद्य मंत्री धान उपार्जन से संबंधित शिकायतों की जांच के लिये जांच दल गठित करने के निर्देश

भोपाल खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन तथा अन्तर जिला/जिले में उपार्जन केन्द्रों से दी गई धान के सत्यापन एवं अन्य शिकायतों की जांच के लिये जांच दल गठित कर कार्यवाही करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये गये हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने विस्तृत जांच के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि 7 दिन के अंदर विस्तृत जांच करायें। जांच दल जांच दल के अध्यक्ष कलेक्टर द्वारा नामांकित अपर/संयुक्त/डिप्टी कलेक्टर होंगे। जिला आपूर्ति नियंत्रक / खाद्य अधिकारी संयोजक होंगे। उप/सहायक आयुक्त सहकारिता/ महाप्रबंधक जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन और जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन सदस्य होंगे। जांच दल द्वारा उपार्जित धान, धान परिवहन, धान जमा, धान कमी की मात्रा, मिलर्स को भुगतान की स्थिति, मिलरवार धान प्रदाय की मात्रा, धान उठाव की मात्रा और मिलरवार सीएमआर जमा मात्रा की विस्तृत जांच की जाएगी। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा है कि गोदामों में धान कम मात्रा में जमा होने के कारणों की जांच कराई जायें एवं संबंधित उपार्जन समिति/परिवहनकर्ता आदि से शार्टेज मात्रा की वसूली कर संबंधित किसानों को भुगतान किया जाएं। उपार्जन केन्द्रों पर धान की शार्टेज मात्रा की प्रतिपूर्ति बाजार एवं अन्य माध्यमों से कदापि नहीं कराई जाये। उपार्जन केन्द्रों से धान परिवहन के लिये मिलर्स द्वारा उपयोग किये गये वाहन, परिवहन दिनांक एवं मात्रा की जानकारी सीएसएमएस पोर्टल पर उपलब्ध है। इससे धान परिवहन करने वाले वाहनों का विवरण प्राप्त किया जायें। उपार्जन केन्द्र से उठाई गई धान परिवहन में उपयोग किये गये वाहनों की ट्रेकिंग एवं डाटा जिले से एवं टोल नाकों से प्राप्त करें। जिला परिवहन अधिकारी के माध्यम से धान परिवहन में उपयोग किये गये वाहनों की श्रेणी, प्रकार और लोडिंग क्षमता की जानकारी प्राप्त करें। इन बिन्दुओं पर जांच कर अनियमित्ता पायें जाने पर नियमानुसार तत्काल संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही जांच के दौरान जिला प्रबंधक सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा मिलर्स को धान के नए डिलेवरी ऑर्डर जारी नहीं किये जाएंगे। जांच के बाद जो मिलर्स सही पायें जाएंगे उन्हें ऑर्डर दिये जायेंगे। 7 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज धान उपार्जन वर्ष 2024-25 अभी तक प्राप्त अनियमित्ताओं की जांच के बाद 13 करोड़ 37 लाख 99 हजार शार्टेज की राशि वसूल की गई है। शेष 14 करोड़ 16 लाख रूपये की वसूली की कार्यवाही की जा रही है। कुल 7 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जबलपुर जिले में 5, रीवा और मैहर जिले में 1-1 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।   recent visitors 39

बिजली कंपनी ने तेज किया वसूली अभियान, 31 मार्च से पहले करें बकाया राशि का भुगतान

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बकाया राशि वसूली के लिए प्रयास सघन किये जा रहे हैं। बकाया राशि वसूली के लिए घर-घर जाकर बिजली कर्मचारी और अधिकारी राजस्व वसूली में लगे हैं। कंपनी के सभी वृत्त कार्यालयों में समीक्षा बैठकें आयोजित कर मैदानी स्तर पर राजस्व वसूली की वृद्धि के प्रयास तेज कर दिये गये हैं। मैदानी अधिकारियों को बकाया राशि वसूली करने, भू-राजस्व संहिता के अंतर्गत सी-फार्म एवं कुर्की करने, बैंक खाते सीज करने और खसरों में बकाया राशि की जानकारी दर्ज करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से विजिलेंस द्वारा बनाये गये प्रकरणों में बकाया राशि की वसूली तेज करने के निर्देश भी जारी किये गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि ऑडिट द्वारा निकाला गया बकाया और अन्य कारणों से बकाया राशि की वसूली की जाए। जारी निर्देशों में कहा गया कि काटे गये कनेक्शनों की रात में चेकिंग की जाए, सुनिश्चित किया जाए कि बकायादार उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग न कर सकें। अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के विरूद्ध बिजली अधिनियम-2003 की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण बनाया जाए। कंपनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि टीम भावना से कार्य कर लक्ष्य की प्राप्ति करें। बिजली उपभोक्ताओं से बकाया राशि जमा कराने का आग्रह मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कंपनी कार्य क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बकाया राशि का भुगतान निर्धारित देय तिथि से पूर्व करें। साथ ही कंपनी ने बकायादार बिजली उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि बिजली कनेक्शन विच्छेदन की अप्रिय कार्रवाई से बचने के लिए विद्युत बिलों का भुगतान तत्काल सुनिश्चित करें। कम्पनी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर संभागों और संचारण-संधारण संभागों में राजस्व संग्रहण के लिए कैश काउन्टर अवकाश के दिनों में तथा निर्धारित समय से अतिरिक्त समय तक खोलने की व्यवस्था करें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के निर्णयानुसार सभी कार्यालयों में स्थित कैश काउन्टर को रविवार तथा अवकाश के दिन उपभोक्ताओं की सेवा के लिए खोला जा रहा है।   recent visitors 40

संभल की सड़कों और छतों पर नमाज की अनुमति नहीं, पीस कमेटी की बैठक में पुलिस ने दिए निर्देश

संभल संभल में ईद और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। एएसपी श्रीश्चंद ने स्पष्ट किया कि कोतवाली संभल क्षेत्र में मस्जिद और ईदगाह के अंदर ही नमाज अदा की जाएगी।  सड़कों पर किसी भी हालत में इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से नमाज मस्जिद या ईदगाह के अंदर ही अदा की जाती रही है और नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है। संभल में संवेदनशील माहौल को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने ईद, नवरात्र के मद्देनजर पीस कमेटी की बैठक बुलाई। बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए। इस दौरान एएसपी श्रीशचंद्र, एसडीएम वंदना मिश्रा और सीओ अनुज चौधरी ने लोगों को शांति बनाए रखने का संदेश दिया। बैठक के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने घर की छतों पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी, जिस पर प्रशासन ने साफ इनकार कर दिया। एएसपी श्रीशचंद्र ने कहा कि सड़कों पर और घर की छतों पर अलविदा जुमा और ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। केवल ईदगाह स्थल और मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा की जा सकेगी। किसी को भी नियमों के खिलाफ जाकर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। संभल के सीओ अनुज चौधरी फिर से बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। बुधवार को संभल में पीस कमेटी की बैठक में उन्होंने कहा कि अगर आप ईद की सेवई खिलाना चाहते हैं तो आपको गुजिया भी खानी पड़ेगी। इससे पहले भी अनुज चौधरी उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने कहा था कि साल में 52 दिन जुमा और एक दिन होली होती है।  जिसको रंगों से परेशानी हो वो घर में नमाज पढ़ें। सीओ अनुज चौधरी ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कार्रवाई करना। हम केवल इतना चाहते हैं कि शांति व्यवस्था बनी रहे और कोई भी उपद्रव न हो।   recent visitors 54