Thursday, July 16, 2026 5:34 am

केन्द्रीय सचिव श्रीमती शमी राव ने उद्योग प्रतिनिधियों और अधिकारियों संग निवेश एवं नीतिगत सुधारों पर की चर्चा

भोपाल भोपाल में 26 मार्च को व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और तेज़ बनाने पर केंद्रित दो उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित हुई। बैठकों में प्रमुख सचिव श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह, सचिव, केन्द्रीय टेक्सटाइल श्रीमती नीलम शमी राव, एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री चंद्रमौली शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए। नीति सरलीकरण और निवेश को बढ़ावा देने पर फोकस बैठकों में व्यापारिक नियमों को उद्योग-अनुकूल बनाना, नीतियों को सरल करना और निवेश प्रक्रिया को तेज़ करने के लिये विचार-विमर्श हुआ। इस दिशा में सरकार द्वारा किए गए सुधारों पर विस्तृत चर्चा हुई और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार नए उपायों पर सुझाव लिए गए। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह वर्कशॉप की विस्तृत जानकारी दी। सचिव, केन्द्रीय टेक्सटाइल श्रीमती शमी राव ने नीति सरलीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। टास्क फोर्स द्वारा व्यापारिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और निवेशकों के लिए बाधाओं को कम करने पर प्रेजेन्टेशन दिये गए। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में इस दिशा में हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। बैठक में उद्योग जगत को हो रही व्यावसायिक दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके समाधान के लिये सरल नीतियों, डिजिटल प्रक्रियाओं और सिंगल-विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उद्योग संघों के साथ खुला संवाद, नए सुझावों पर चर्चा बुधवार को आयोजित दूसरे सत्र में राज्य सरकार और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के बीच खुला संवाद हुआ। यह बैठक एमपीआईडीसी के कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें पीएचडीसीसीआई, फिक्की, लघु उद्योग भारती और सीआईआई सहित विभिन्न उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान टास्क फोर्स द्वारा उद्योगों की प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए पहचाने गए 23 प्रमुख बिंदुओं पर उद्योग प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश को और सुगम बनाने के लिए नीति सुधार, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, समयबद्ध मंजूरी व्यवस्था और अन्य आवश्यक पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। बैठक के समापन पर एमपीआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने उद्योगों से मिले सुझावों को सरकार की आगामी कार्य योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया। मध्यप्रदेश सरकार की औद्योगिक सुगमता की दिशा में मजबूत पहल मध्यप्रदेश सरकार निवेश और औद्योगिक विकास को तेज़ करने के लिए लगातार सुधारों को लागू कर रही है। इस बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि व्यवसायिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। राज्य सरकार डिजिटल समाधान, निवेश प्रोत्साहन और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों के जरिये मध्यप्रदेश को भारत के अग्रणी औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। recent visitors 37

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने की तैयारी शुरू, गर्मी की छुट्टी के दौरान भी खुलेंगे स्कूल, लगेंगे समर कैंप

लखनऊ परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के लिए अब गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप लगाए जाएंगे। इनमें बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई के साथ ही अतिरिक्त गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। समर कैंप 20 मई से 15 जून के बीच चयनित विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे।समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखते हुए सीखने के लिए प्रेरित करना है। विभाग इस पर लगभग 200 करोड़ खर्च करेगा। यह पहल न सिर्फ बच्चों के शैक्षिक विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि उनकी छिपी प्रतिभाओं को निखारने में भी मददगार साबित होगी। अब तक इस तरह की कवायद सिर्फ निजी विद्यालयों में ही होती है। विभाग के अनुसार कैंप में फाउंडेशनल लिट्रेसी और न्यूमेरेसी (एफएलएन) पर आधारित गतिविधियां होंगी। जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास, योग, खेलकूद, विज्ञान-तकनीक आधारित प्रयोग, कला-सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यावरण के प्रति उन्हें जागरूक बनाया जाएगा। कैंप सुबह डेढ़ घंटे तक ही आयोजित किए जाएंगे। शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षकों की देखरेख में कैंप का संचालन होगा। कैंप में बच्चों को सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन के तहत गुड़ की चिक्की, बाजरे का लड्डू, रामदाना लड्डू, गुड़-चना और लैया पट्टी जैसी पौष्टिक खानपान की चीजें भी दी जाएंगी।   recent visitors 49

जन-जन तक सूचनाएं पहुँचाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं पत्रकार: विधानसभा अध्यक्ष तोमर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी होते हैं। सरस्वती के साधक होने के साथ ही कड़ी मेहनत से सूचनाओं को आमजनों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुरैना जिला मुख्यालय पर श्रमजीवी पत्रकार संघ के त्रिवर्षीय दो दिवसीय महाधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा पत्रकारों के हित में जो मांगें रखी गई हैं, उसके निराकरण के लिये शासन स्तर से एक कमेटी का गठन किया जायेगा। इस कमेटी में श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल कर पत्रकारों की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रमजीवी पत्रकार संघ पत्रकारों के हित में कार्य करने वाला बहुत पुराना संगठन है। संगठन के अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया पत्रकारों के हित में निरंतर कार्य करते रहते हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश भर में श्रमजीवी पत्रकार संघ कार्य कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर, विधायक श्री दिनेश गुर्जर, सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर, श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांताध्यक्ष श्री भदौरिया, श्री आशीष अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री बलवीर डण्डौतिया, श्रमजीवी पत्रकार संघ के ग्वालियर-चंबल संभाग के प्रभारी श्री सुरेश शर्मा, कार्यक्रम संयोजक श्री राजकुमार दुबे, जिला अध्यक्ष श्री रामशरण शर्मा एवं प्रदेश भर से आए पत्रकार साथी उपस्थित थे। विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की सबसे जागरूक कौम है। श्रमजीवी पत्रकार संघ मध्यप्रदेश का सबसे पुराना संगठन है। संगठन के अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया के नेतृत्व में प्रदेश भर में पत्रकारों के हित में यह संगठन कार्य कर रहा है। पत्रकार साथी निरंतर कार्य कर महत्वपूर्ण सूचनाओं को आम जन तक पहुँचाने के दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रांत अध्यक्ष श्री भदौरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि श्रमजीवी पत्रकार संगठन की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकार बीमा कराने की तिथि बढ़ाने की घोषणा की, जिसके कारण प्रदेश भर के पत्रकारों को लाभ हुआ है। उन्होंने इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पत्रकारों के हित में विभिन्न माँगों का एक ज्ञापन भी सौंपा। श्री भदौरिया ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पत्रकारों के हितों के लिये इन मांगों को प्रदेश सरकार शीघ्र पूर्ण करे। कार्यक्रम में प्रदेश भर के जिलों से आए श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्षों ने भी अपनी-अपनी बात रखी।   recent visitors 37

शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा- प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार के लिये एससीईआरटी को सुदृढ़ करने की जरूरत

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार के लिये राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को सुदृढ़ करने की जरूरत है। इसके लिये शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाये। शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से निरंतर अपडेट रखा जाये। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से शुरू हो रहे नये शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की नामांकन दर को बढ़ाने के लिये समाज के सभी वर्गों का सहयोग लिया जाये। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह बुधवार को मंत्रालय में नई शिक्षा नीति-2020 की टॉस्क फोर्स समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में टॉस्क फोर्स के सदस्यों ने विभिन्न विषयों से जुड़े सुझाव दिये। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में शैक्षणिक कार्य से लगे शिक्षकों पर प्रशासनिक कार्यों का भार कम किया जाये। शिक्षक शालाओं में उपलब्ध संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग करें, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूलों में विद्यार्थियों की नामांकन दर को बढ़ाने के लिये प्राध्यापकों को जिम्मेदारी दी गयी है। वे उत्तीर्ण विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिये स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) देने के बाद उनके पुन: प्रवेश की प्रक्रिया को भी सुनिश्चित करेंगे। शिक्षा विभाग का मैदानी अमला शालावार इसकी समीक्षा करना सुनिश्चित करे। बैठक में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर योग की शिक्षा देने का भी सुझाव दिया गया। नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन बैठक में बताया गया कि 4473 पूर्व प्राथमिक शालाओं में करीब एक लाख बच्चे दर्ज हैं। इन शालाओं के शिक्षकों को प्रारंभिक बाल्यावस्था की देखभाल और शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है। इसी के साथ पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में दर्ज बच्चों को पीएम पोषण उपलब्ध कराने के लिये शिक्षा पोर्टल पर प्रावधान किया गया है। करीब 40 हजार आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गयी है। मिशन अंकुर के अंतर्गत प्राथमिक कक्षाओं में लर्निंग किट और जादूई पिटारा उपलब्ध कराया गया है। कक्षा-1 और 2 के बच्चों और अभिभावकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लिये एफएलएन मेला आयोजित किया गया है। इस मेले के माध्यम से छोटे बच्चों के अभिभावकों को बच्चे की क्षमता के बारे में कार्ड दिये जाने की व्यवस्था है। फ्लोर गेम के अंतर्गत बच्चों को पढ़ाई में रुचि जागृत करने के लिये खेल आधारित शिक्षा की व्यवस्था की गयी है। ड्रॉप आउट कम करना और शिक्षा की सार्वभौमिक पहुँच विद्यार्थियों के लिये ऑनलाइन ट्रेकिंग की व्यवस्था की गयी है। इस वर्ष छात्रवृत्ति, गणवेश, साइकिल की व्यवस्था शैक्षिक सत्र के साथ हो, इसके लिये विभाग द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने बताया कि प्रदेश में इस शैक्षणिक सत्र में बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें अप्रैल माह में ही उपलब्ध करा दी जायेंगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में 3471 हाई स्कूलों और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में अत्याधुनिक आईसीटी लैब तैयार की गयी है। हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के 44 हजार शिक्षकों को टेबलेट के लिये राशि उपलब्ध करायी जा चुकी है। टॉस्क फोर्स समिति की बैठक में अध्यक्ष प्रदेश एवं शुल्क विनियामक समिति श्री रवीन्द्र कान्हेरे, हिन्दी ग्रंथ अकादमी के निदेशक श्री अशोक कड़ैल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, सचिव माध्यमिक शिक्षा मण्डल श्री कृष्णदेव त्रिपाठी, पूर्व आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, पूर्व अपर संचालक लोक शिक्षण श्री धीरेन्द्र चतुर्वेदी एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।   recent visitors 38

बिरला ओपस पेंट्स ने लखनऊ में पहला विशेष पेंट स्टूडियो लॉन्च किया, जो पेंटिंग की सभी जरूरतों के लिए खास जगह

लखनऊ आदित्य बिरला ग्रुप की ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ के तहत आने वाले ब्रांड, बिरला ओपस पेंट्स ने आज लखनऊ में अपना दूसरा बिरला ओपस पेंट स्टूडियो (कंपनी ओन्ड एवं कंपनी ऑपरेटेड स्टोर) शुरू किया। गुरुग्राम में अपने पहले पेंट स्टूडियो की सफल शुरुआत के बाद, यह विस्तार इनोवेशन, प्रीमियम पेशकशों और दिलचस्प ग्राहक अनुभव द्वारा पेंट एवं डेकोर उद्योग में परिवर्तन लाने की ब्रांड की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करता है। यह लॉन्च बिरला ओपस पेंट्स की विकास रणनीति का सबसे अहम कदम है, जिसका मकसद पूरे भारत में अपने रिटेल नेटवर्क को फैलाना है। कंपनी आने वाले महीनों में एक्सपीरियंशल रिटेल पर केंद्रित रहते हुए मुंबई, नवी मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, कोलकाता, जयपुर, अहमदाबाद और सूरत में अपने एक्सपीरियंस सेंटर खोलने की योजना बना रही है। लखनऊ के इस बिरला ओपस पेंट स्टूडियो को बड़ी ही रचनात्मकता से एक प्रेरणा केंद्र के रूप में बनाया गया है, जो पारंपरिक पेंट स्टोर्स से काफी अलग है। यह एक अनुभव केंद्र है, जहां ग्राहक नए आइडिया खोज सकेंगे और साथ ही रंगों को छूकर, महसूस करके उन्हें वास्तविक माहौल में अनुभव कर सकेंगे। ग्राहकों को यहां रंग चयन, टेक्सचर और पेंट लगाने की तकनीकों पर निशुल्क विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही उन्नत विज़ुअलाइज़ेशन टूल्स की मदद से वे अपने चुने हुए रंगों को वास्तविक माहौल में देख सकेंगे। पेंट के अलावा, यह पेंट स्टूडियो वॉलपेपर, डिज़ाइनर फिनिश और खास कोटिंग की सुविधा भी देता है, जिससे यहां आपको संपूर्ण डेकोर समाधान मिलता है। बिरला ओपस पेंट्स के सीईओ, श्री रक्षित हरगवे ने बताया कि, “गुरुग्राम में हमारे पहले बिरला ओपस पेंट स्टूडियो की सफलता के बाद, हमें यह अद्वितीय अनुभव लखनऊ में लाने की बहुत खुशी है। हम पूरे देश में रंगों के अनुभव को नया आयाम देने की दिशा में कार्यरत हैं। भारत में उपभोक्ता अब पेंट खरीदते समय या सेवाएं लेते समय नए और बेहतर विकल्पों को अपनाना पसंद करते हैं। उपभोक्ताओं की इस बदलती दिलचस्पी को समझते हुए, हम बिरला ओपस पेंट्स में ऐसे खास अनुभव केंद्र बना रहे हैं, जो गृहस्वामियों को अपने सपनों का घर बनाने का मौका देते हैं।" उन्होंने कहा, ‘‘यह एक्सपीरियंस सेंटर उत्कृष्टता, इनोवेशन और अतुलनीय गुणवत्ता की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा विश्वास है कि हर घर को एक व्यक्तिगत स्पर्श मिलना चाहिए। हम इस सेंटर में 170 से अधिक उत्पाद और कुछ अधिक एक्सक्लुसिव विकल्प पेश कर रहे हैं। इसलिए हमारे ग्राहक हमारे पेंट, डिज़ाईनर फिनिश और वॉलपेपर्स का अनुभव बिल्कुल नए और अद्वितीय रूप में ले सकेंगे। हमारा उद्देश्य है कि पेंटिंग एक ऐसी कला बन जाए, जो जगहों को व्यक्तिगत कहानियाँ बयाँ करने में समर्थ बना दे।” नए स्टोर का पता: बिरला ओपस पेंट स्टूडियो, ग्राउंड फ्लोर, पृथ्वी रतन हाइट्स, सीपी 4, विजयंत खंड, फैजाबाद रोड, गोमती नगर, लखनऊ, यू.पी. गोमतीनगर, लखनऊ – 226010 बिरला ओपस पेंट का हर स्टूडियो आर्किटेक्ट्स और इंटीरियर डिज़ाईनर्स के लिए एक केंद्र है, जहाँ उन्हें संसाधनों, नमूनों और विशेषज्ञ सपोर्ट के साथ एक समर्पित कार्यस्थल मिलता है, जहाँ प्रोफेशनल्स सहयोगपूर्वक निर्माण कर सकते हैं। recent visitors 48

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री निवास में जन्मदिन के शुभ अवसर पर मंगलमय शुभकामनाएं दीं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्वस्थ, सुदीर्घ और सफल जीवन की कामना की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास सभी क्षेत्रों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी नीतियों से मध्यप्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। recent visitors 36

अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने सिंहस्थ 2028 के निर्माण कार्यो की उज्जैन में समीक्षा की

भोपाल अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने सिहस्थ-2028 के प्रगतिरत उज्जैन में निर्माण कार्यो की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि निर्माण संबंधी कार्यों में समयबद्ध तरीके से काम किया जाना सुनिश्चित किया जाये। प्रगतिरत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रत्येक माह भेजी जाएं। इसकी प्रत्येक 15 दिन में कलेक्टर उज्जैन द्वारा समीक्षा की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गति को बनाए रखना संबंधित विभाग के अधिकारी की जिम्मेदारी है इसके लिए यदि दो शिफ्ट में काम करने की आवश्यकता है तो वह भी करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होना चाहिए। समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री नीरज कुमार ने विभिन्न निर्माण कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की। घाट निर्माण के लिए 30 माह का समय सुनिश्चित किया गया है। क्षिप्रा शुद्धिकरण के लिये कान्हा नदी डायवर्सन की भौतिक प्रगति रिपोर्ट 29 प्रतिशत है। सेवर खेड़ी, सिलार खेड़ी जलाशय का काम भी शुरू हो चुका है। इंदौर उज्जैन सिक्स लेन का कार्य 24 माह में पूर्ण किया जाना है। इसी के साथ उज्जैन मक्सी फोर लेन इंगोरिया उन्हेल और उज्जैन सिंहस्थ बायपास का काम भी प्रगतिरत है। बैठक में पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसी के साथ नगर निगम के मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सड़क चौड़ीकरण के कार्यों को समन्वय के साथ किया जाना सुनिश्चित करें। इसमें सभी के सहयोग से कार्य पूर्ण किया जायें। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी निर्माण कार्य में समस्या आ रही है तो उसके संबंध में जिला प्रशासन और कलेक्टर को बताएं जिससे समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। प्रो-एक्टिव होकर काम करने की आवश्यकता है जो काम अभी शुरू नहीं हुए हैं और जिनको किया जाना जरूरी है उन कार्यों को भी तुरंत राज्य शासन को भेजें। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्थायी प्रकृति के सभी कामों को शुरू किया जावे और उनकी सतत मॉनिटरिंग भी किया जाना सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव ने बैठक के बाद निर्माण कार्यों को भी देखा मेडिसिटी मेडिकल कालेज के निर्माण कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इसके बाद सिलार खेड़ी जलाशय का भी निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की जानकारी ली। बैठक में संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता इन्दौर कलेक्टर श्री आशीष सिंह पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप कुमार शर्मा जिला पंचायत सीईओं श्रीमती जयती सिंह नगर निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थें।   recent visitors 36