Thursday, July 16, 2026 8:49 am

आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों पर नकेल कसने के लिए श्रीनगर और गंदेरबल में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों पर नकेल कसने के लिए कई घरों में छापामारी की जा रही है। श्रीनगर पुलिस और गंदेरबल पुलिस ने यूएपीए के कई मामलों के तहत प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित जांच के सिलसिले में श्रीनगर और गंदेरबल में व्यापक छापेमारी की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों की चल रही जांच के तहत श्रीनगर और गंदेरबल में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली। ये मामले प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित हैं, जिनमें जम्मू और कश्मीर मुस्लिम कॉन्फ्रेंस (भट ग्रुप), जम्मू और कश्मीर मुस्लिम लीग (मसरत आलम ग्रुप) और जम्मू और कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (शब्बीर शाह ग्रुप) शामिल हैं।  इन प्रतिबंधित संगठनों के संदिग्ध सदस्यों के संबंध में और निम्नलिखित मामलों में जांच को आगे बढ़ाने के लिए तलाशी ली गई, यूएपीए की धारा 10, 13 और आईपीसी की धारा 121, 121ए के तहत एफआईआर संख्या 15/2024 पुलिस स्टेशन राजबाग, श्रीनगर में दर्ज है। यूएपीए की धारा 10, 13 के तहत एफआईआर संख्या 04/2024 पुलिस स्टेशन सदर में दर्ज है। यूएपीए की धारा 10, 13 के तहत एफआईआर संख्या 03/2024 पुलिस स्टेशन शहीद गंज में दर्ज है। यह छापेमारी प्रोफेसर अब्दुल गनी भट, बेटे हबीबुल्लाह भट के भट मोहल्ला, बोटिंगू में स्थित आवासों और साथ ही राजबाग के वजीर बाग में उनके श्रीनगर आवास पर की गई। एफआईआर संख्या 04/2024 के संबंध में शब्बीर अहमद शाह के आवास पर भी तलाशी ली गई।  पुलिस ने आगे बताया कि एफआईआर संख्या 03/2024 के संबंध में, श्रीनगर भर में सात स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के संदिग्ध व्यक्तियों को निशाना बनाया गया जैसे मसरत आलम भट, पुत्र अब्दुल मजीद – जनदार मोहल्ला, हब्बा कदल। मुश्ताक अहमद भट (उर्फ गुग्गा), पुत्र गुलाम कादिर – बटमालू। गुलाम नबी वागे, पुत्र अब्दुल सलाम – खानयार। फिरोज अहमद खान, पुत्र अब्दुल गनी – खानयार। मोहम्मद नजीर खान, पुत्र अब्दुल गफ्फार – कुलीपोरा, खानयार। हकीम अब्दुल रशीद, पुत्र गुलाम रसूल – बोटाकदल, लाल बाजार। जावेद अहमद मुंशी (उर्फ बिलपापा), पुत्र गुलाम अहमद – मेथन, चनपोरा। जांच का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र के अवशेषों को नष्ट करना है, ऐसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की पहचान करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। श्रीनगर पुलिस शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया है कि हिंसा, व्यवधान या गैरकानूनी गतिविधियों के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत सख्त कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। recent visitors 33

गुरु प्रदोष व्रत कल

गुरु प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाने वाला विशेष व्रत है. प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को आता है, लेकिन जब यह व्रत गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और कष्टों से मुक्ति मिलती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यह व्रत वैवाहिक सुख और समृद्धि के लिए भी लाभकारी माना जाता है. कब है गुरु प्रदोष व्रत? हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 26 मार्च को देर रात 1 बजकर 42 मिनट पर हो जाएगी. वहीं इस तिथि का समापन 27 मार्च को रात 11 बजकर 3 मिनट पर होगा. ऐसे में प्रदोष व्रत गुरुवार, 27 मार्च को रखा जाएगा. जब यह तिथि गुरुवार को पड़ती है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है. पूजा का शुभ मुहूर्त प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव के पूजन का विशेष महत्व होता है. इसलिए हिंदू पंचांग के अनुसार, 27 मार्च को प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 35 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 8 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कुल मिलाकर 2 घंटे 21 मिनट तक रहेगा. गुरु प्रदोष व्रत की पूजा विधि इस दिन सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा को गंगाजल से शुद्ध करें. भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें. देसी घी का दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें और मंत्रों का जाप करें. प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें. सबसे आखिर में भगवान शिव की आरती करें और सभी को प्रसाद वितरित करें. गुरु प्रदोष व्रत के नियम इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को दिन भर निराहार रहना चाहिए. शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें. इस दिन तामसिक भोजन और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. गुरु प्रदोष व्रत का महत्व मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. यह व्रत वैवाहिक सुख और समृद्धि के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह व्रत रोगों और कष्टों से मुक्ति दिलाने में भी सहायक है. यह व्रत भगवान शिव के भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. क्योंकि यह व्रत उन्हें भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने जीवन में सुख और समृद्धि लाने का अवसर प्रदान करता है. यह व्रत बृहस्पति ग्रह से जुड़े दोषों को दूर करने में मदद करता है. शिव कृपा से भक्तों के सभी दुख और बाधाएं दूर होती हैं. यह व्रत दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक माना जाता है. recent visitors 53

अगर मेरी 52 जुमा और होली एक बार आती है, वाली बात गलत थी तो कोर्ट जाते मुझे सजा करवाते: अनुज चौधरी

संभल उत्तर प्रदेश के संभल में सीओ अनुज चौधरी एक और बड़ा बयान आया है. उन्होंने अपने 52 जुमे और एक होली वाले बयान को दोहराते हुए पूछा कि इसमें गलत क्या है. यदि इसमें कुछ भी गलत था तो आप कोर्ट जा सकते थे. उन्होंने इसी बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ईद की सेवइयां खिलानी हैं तो आपको भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि मन में कड़वाहट लेकर आप भाईचारे की बात नहीं कर सकते. सीओ अनुज चौधरी बुधवार को संभल में आयोजित पीस कमेटी की मीटिंग में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भाईचारे की बात तो तभी हो सकती है, जब दोनों ओर से मुंह मीठा हो. ऐसा नहीं है कि मन में कड़वाहट भरा हो और ऊपर से भाईचारे की बात हो जाए. उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को समझाते हुए कहा कि यदि आप हमें ईद की सेवइयां खिलाना चाहते हैं तो आप को भी हमारी गुझिया खानी पड़ेगी. इसी से भाईचारा मजबूत होगा. इस मौके पर उन्होंने अपना होली वाला बयान फिर से दोहराया. कहा कि हिंदुओं की होली साल में एक बार आती है और आपका जुमा हर हफ्ते आता है. इसलिए इसमें कुछ भी गलत नहीं है. भाईचारा के लिए सभी दिखाएं बड़ा दिल यदि किसी को गलत लगता है तो वह कोर्ट जा सकता है और इसके लिए उन्हें सजा भी करा सकता है. सीओ अनुज चौधरी ने कहा कि देश में और समाज में आपसी भाईचारा कायम रखने के लिए सभी को बड़ा दिल दिखाना होगा. एसडीएम सदर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एएसपी श्रीचंद भी मौजूद रहे. बैठक में एसडीएम ने साफ तौर पर कहा कि ईद और अलविदा जुमा की नमाज किसी हाल में सड़क पर नहीं होगी. इसके अलावा मकान की छतों पर भी नमाज की इजाजत नहीं दी जाएगी. उन्होंने इसकी वजह भी बताई. सार्वजनिक स्थानों पर नमाज की अनुमति नहीं पीस कमेटी की बैठक में दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए थे। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने घर की छतों पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी, जिस पर एएसपी श्रीशचंद्र ने कहा, सड़कों पर और घर की छतों पर अलविदा जुमा और ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। केवल ईदगाह स्थल और मस्जिदों के अंदर ही नमाज अदा की जा सकेगी। सीओ ने बिना किसी का नाम लिए सवाल किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए समान रूप से बात कही थी. ये विवाद होली से कुछ दिन पहले तब शुरू हुआ जब उन्होंने कहा कि होली एक ऐसा त्योहार है जो साल में एक बार आता है, जबकि जुमे की नमाज 52 बार होती है. जो कोई भी होली के रंगों से असहज महसूस करता है, उसे उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए. उन्होंने कहा, "हमारा हमेशा से उद्देश्य रहा है कि हम जहां भी रहें, शांति भंग न हो." उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अपमान करना नहीं था, बल्कि सभी धर्मों के त्योहारों का सम्मान करने के महत्व पर जोर देना था. अनुज चौधरी ने आपसी सम्मान और एक-दूसरे के उत्सवों में भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया. इसके साथ ही संभल में हुई हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई पर लगे आरोपों के बारे में भी बात करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि सबूतों के आधार पर गिरफ्तारियां की जा रही हैं. इसके साथ ही मुद्दे का राजनीतिकरण न करने का आग्रह भी किया. बताते चलें कि संभल में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा के बाद से ही तनाव व्याप्त है. इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई, जबकि बड़ी संख्या में पुलिसवाले जख्मी हुए थे. ये हिंसा कोर्ट के आदेश के बाद जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई थी. लोगों ने इस सर्वे का विरोध करते हुए पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था. पुलिस की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद इलाके में लंबे समय तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था. करीब सात दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.   इसके बाद 25 मार्च को संभल के शाहवाजपुर सूरा नगला गांव में आयोजित होने वाले वार्षिक नेजा मेले पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल को दरगाह पर तैनात किया गया था. किसी को भी वहां आने-जाने की अनुमति नहीं थी. इसे लेकर भी मुस्लिम समुदाय में नाराजगी देखी गई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद्र ने बताया कि मंगलवार को मेला स्थल पर कोई सभा या कार्यक्रम नहीं हुआ है. यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. एएसपी ने कहा था, "यह मेला ऐतिहासिक रूप से एक लुटेरे, आक्रमणकारी और हत्यारे की याद में आयोजित किया जाता था. लोगों ने इस प्रथा की अनुपयुक्तता को समझ कर छोड़ दिया है.'' संभल के अधिकारियों ने आक्रमणकारी महमूद गजनवी के भतीजे सैयद सालार मसूद गाजी की याद में आयोजित होने वाले 'नेजा मेले' के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा था कि देश को लूटने आए किसी व्यक्ति की स्मृति का महिमामंडन करना सही नहीं है.  recent visitors 39

मध्य भारत के सबसे बड़े इनोवेशन कार्निवल ‘नवोन्मेष 2025’ का हुआ समापन

नई स्टार्टअप नीति के माध्यम से अगले दो वर्षों में मप्र को बनाएंगे बेस्ट स्टार्टअप स्टेट : श्री चेतन्य कश्यप कौशल, विद्या और उद्यम के साथ आने से समाज की उन्नति होती है सुनिश्चित : श्री संतोष चौबे –    स्विगी के सीईओ श्री रोहित कपूर ने की-नोट सेशन में युवाओं से किया संवाद –    एड मैड शो, रोबो फाइट में युवाओं ने दिखाया टैलेंट भोपाल, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने अटल इंक्यूबेशन सेंटर-रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी में आयोजित किए जा रहे मध्य भारत के सबसे बड़े इनोवेशन कार्निवाल 'नवोन्मेष 2025' का बुधवार को समापन हुआ। इस दौरान कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों में मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री चैतन्य कश्यप, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे, स्कोप ग्लोबल स्किल विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, एआईसी-आरएनटीयू के निदेशक डॉ. नितिन वत्स, मप्र स्टार्टअप सेंटर की एग्जीक्यूटिव हेड डॉ. आभा ऋषि, आरएनटीयू के कुलगुरू प्रो आर.पी. दुबे, एसजीएसयू के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान मध्य प्रदेश शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री चैतन्य कश्यप ने कार्यक्रम में बताया कि अंग्रेजों एवं मुगलों के आने से पहले से भारत में उद्यमिता की संस्कृति रही है तब हस्तशिल्प, कला, सिल्क, मेटल इत्यादि के कारीगर बड़ी संख्या में काम करते थे और व्यापारी इस सामान को देश-दुनिया तक बेचने जाते थे। उस समय भारत का दुनिया की जीडीपी में करीब 25 प्रतिशत का योगदान था। फिर आक्रमणकारियों और अंग्रेजों की नीतियों के चलते हमारे उद्योग खत्म हुए और हम नौकरी करने वाले बन गए। आज लेकिन भारत के प्रधानमंत्री और मप्र के मुख्यमंत्री के विजन के तहत हम लगातार उद्योगों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं जिसके तहत स्टार्टअप पॉलिसी को भी लॉन्च किया गया है। 100 करोड़ के फंड को भी रखा गया और उद्योगों के विकास के लिए संपूर्णता से कार्य किया जा रहा है जिससे अगले दो वर्षों में मप्र को देश का बेस्ट स्टार्टअप स्टेट बनाया जा सके। साथ ही उन्होंने श्री संतोष चौबे द्वारा किए गए कार्यों को सराहा और कहा कि उन्होंने तब आईसेक्ट नाम का यह स्टार्टअप किया जब स्टार्टअप का नाम भी नहीं था। मप्र निजी विवि नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण जी ने “मास प्रोडक्शन” की बजाय “प्रोडक्शन बाय मासेस” की अवधारणा को सामने रखा। इसके अलावा उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को बनाने में युवाओं की महती भूमिका को रेखांकित किया। श्री संतोष चौबे ने अपने उद्बोधन में उद्योग और शिक्षा के संबंध पर बात करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति यह बात कहती है कि यूनिवर्सिटी में प्रोडक्शन सेंटर और उद्यमिता का सेंटर होने चाहिए जहां से प्रदेश की इकॉनमी को ताकत मिलती रहे। इसे लेकर हमने पांच साल पहले ही कार्य करना शुरू कर दिया था जिसके तहत इंडस्ट्री एकेडमिया पार्टरनरशिप का काम किया। हमने नीति आयोग के सहयोग से एआईसी आरएनटीयू की स्थापना की और अब तक करीब 135 स्टार्टअप इंक्यूबेट किए जा चुके हैं जिनमें से कई को करोड़ो की फंडिंग प्राप्त हो चुकी है। आगे उन्होंने कहा कि कौशल, विद्या और उद्यम जब साथ आते हैं तब समाज की उन्नति सुनिश्चित होती है। आगे उन्होंने कहा कि नवोन्मेष 2025 में दो दिनों के दौरान शामिल हुए युवाओं की यह रचनात्मक ऊर्जा आश्वस्त करती है कि मप्र में स्टार्टअप का भविष्य अच्छा है। श्री सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने अपने वक्तव्य में अतिथियो का स्वागत किया और कहा कि हमारे प्रयास मप्र सरकार के विजन के साथ एलाइंमेंट में कार्य कर रहे हैं जिससे स्टार्टअप एवं लघु उद्योग को मजबूत बनाया जा सके। इसके अलावा नवोन्मेष 2025 के दो दिन के कार्यों का विवरण दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी हम भोपाल का पहला मीडियम रेंज ड्रोंस पर काम करने वाला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करने जा रहे हैं। स्विगी के सीईओ श्री रोहित कपूर का की-नोट सेशन इससे पहले दिन की शुरुआत स्विगी कंपनी के सीईओ श्री रोहित कपूर के की-नोट स्पीकर सेशन से हुई जिसमें उन्होंने युवाओं से बात करते हुए सक्सेस के कई टिप्स दिए। कोई काम बुरा नहीं, नहीं करना बुरा है अपने वक्तव्य में उन्होंने युवाओं से कहा कि कोई काम अच्छा है कोई काम बुरा इस माइंडसेट से बाहर आना चाहिए। भारत में लोग अपने बच्चे को होटल में काम करते नहीं देखना चाहते परंतु जब बच्चा विदेश में पढ़ने जाता है और खर्चे के लिए मैक डोनाल्ड्स में काम करता है तो पैरेंट्स को कोई समस्या नहीं होती जबकि मैक डी वहां का एक छोटा सा होटल ही है। इसलिए काम को लेकर अच्छे बुरे की मानसिकता से बाहर आना चाहिए क्योंकि कोई काम बुरा नहीं, नहीं करना बुरा है। साथ ही उन्होंने पैरेंट्स से भी अपील की कि बच्चे यदि कुछ अच्छा करना चाहें तो उन्हें फ्रीडम दें और सहयोग करें। 6 इंच के स्क्रीन में न फसें युवाओँ में बढ़ते मोबाइल के इस्तेमाल पर रोहित कपूर ने चेताया और कहा कि इस 6 इंच की स्क्रीन में मत फंसो और मेहनत करो। इसे इस्तेमाल करो भी तो नॉलेज लेने के लिए करो क्योंकि आज दुनिया का बेस्ट नॉलेज भी मुफ्त में अवेलेबल है। आप दुनिया में कहीं भी बैठे हों अगर आपके पास इंटरनेट है तो आपके पास इक्वेल अपॉर्च्यूनिटी है। इसे रील देखने के लिए मत इस्तेमाल करो। “यू आर द एवरेज ऑफ 5 पीपल अराउंड यू” अपने वक्तव्य में जिंदगी में दोस्ती और संगत के असर पर बात करते हुए रोहित कपूर ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पर उसके आसपास के पांच लोगों का प्रभाव होता है। जैसे वे होते हैं वैसा ही वह बनता है। अगर संगत या दोस्ती बहुत अच्छे लोगों में है तो आप तरक्की करते जाते हैं। यहां अच्छे लोगों से तात्पर्य इलीट या बड़े लोगों से नही है अपितु ऐसे लोगों से है जिनके अंदर सीखने और कुछ करने का जुनून हो, जो अनुशासित हों और समय का मूल्य समझते हों। ऐसे लोग स्वयं भी आगे बढ़ते और अपने आसपास के लोगों को भी ज्ञान, अनुभव और प्रभाव से आगे बढ़ाते हैं। अपनी एजुकेशन में एआई एवं नई स्किल्स का टॉप अप करें करियर में सफलता पाने और लगातार आगे … Read more

परिवहन कर्ताओं की समस्याओं से अवगत हुए अंजय शुक्ला

 बलौदा बाजार आज  बलौदा बाजार में सी सी टी डब्लू असोसिएसन के अध्यक्ष अंजय शुक्ला द्वारा बलौदा बाजार के विभिन्न सीमेंट संयंत्रों का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने नवयुवकों से भीविशेष चर्चा कर इच्छुक लोगों को अधीकृत परिवहनकर्ता के रूप में पंजीयन तथा कार्य करने के सम्बन्ध में आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। वे बलौदा बाजार ट्रक मालिक संघ के संरक्षक गणेश प्रसाद जायसवाल एवं अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह से भी उनके कार्यालय में भेट मुलाकात कर ट्रक मालिको का हाल चाल जाना तथा उनके समस्याओं से अवगत होकर शीघ्र निराकृत करने जिलाधीश महोदय एवं संयंत्र प्रमुख तथा लॉजिस्टिक हेड से संबंधित समस्याओं को हल करने हेतु निर्देषित किया गया। बलौदा बाजार ट्रक मालिक संघ के अध्यक्ष एवं संरक्षक गणेश प्रसाद जायसवाल सहित विभिन्न परिवहनकर्ताओ एवं मोटर मालिको ने सी सी टी ए के अध्यक्ष अंजय शुक्ला के प्रति आभार जताया और उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। recent visitors 40

फिर बॉयफ्रेंड से करा दी उसकी शादी, पति ने पत्नी से कहा- ‘तुम जाओ, बच्चों को मैं पाल लूंगा, दिखी अनोखी शादी

संत कबीरनगर उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अजीब घटना घटी, जहां एक महिला ने अपने पति और 2 बच्चों को छोड़कर अपने प्रेमी से शादी कर ली। यह शादी महिला के पति ने ही कराई और खुद अपनी पत्नी को उसके प्रेमी को सौंप दिया। पति ने मंदिर में कराई पत्नी की शादी मिली जानकारी के मुताबिक, मामला उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां महिला ने अपने प्रेमी से शादी की, और यह शादी उसके पति ने ही कराई। पहले पति ने पत्नी के साथ कोर्ट से नोटरी बनवाई और फिर एक मंदिर में पत्नी की शादी उसके प्रेमी के साथ कर दी। इस घटना के बाद यह मामला गांव में चर्चा का विषय बन गया। 9 साल की शादी तोड़ी, बच्चों को भी छोड़ा बताया जा रहा है कि महिला की शादी 2017 में हुई थी और उसके 2 बच्चे भी हैं। इसी दौरान महिला की मुलाकात गांव के एक युवक से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। यह रिश्ता धीरे-धीरे गांव में चर्चा में आने लगा। जब महिला के पति को इसकी जानकारी मिली, तो उसने अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश की। लेकिन जब पत्नी ने प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई, तो पति ने फैसला किया कि वह अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा देगा। जिसके बाद पति ने पत्नी से कहा कि बच्चों को मैं खुद पाल लूंगा, तुम अपने प्रेमी के साथ जाओ। पत्नी भी इस फैसले के लिए राजी हो गई। इसके बाद समाज के सामने दोनों की शादी का आयोजन हुआ और पति इस सब का साक्षी बना रहा। पति ने बच्चों के साथ की नई शुरुआत महिला का पति बबलू, जो रोजी-रोटी कमाने के लिए अक्सर घर से बाहर रहता था, इस दौरान उसकी पत्नी राधिका का संबंध गांव के एक युवक से बन गया। जब परिवार को इस बारे में जानकारी मिली, तो बबलू ने फैसला किया कि वह अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करवा देगा और बच्चों के साथ नया जीवन शुरू करेगा। इसके बाद बबलू ने समाज के सामने अपनी पत्नी की शादी कराई और बच्चों को साथ लेकर नए जीवन की ओर बढ़ गया।   समाज के लिए एक संदेश यह घटना जहां एक तरफ समाज में आमतौर पर ऐसे मामलों में हिंसा और नफरत का कारण बनती है, वहीं बबलू ने एक मिसाल कायम की। उसने समाज को यह संदेश दिया कि दो प्यार करने वाले लोगों को अपनी जिंदगी साथ बिताने का हक है। यह घटना उन मासूम बच्चों के लिए एक दुखद स्थिति बन गई, जिनके जीवन से 'मां' शब्द इतनी दूर चला गया। इस अजीब घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर किया है कि क्या बच्चों को इस तरह की स्थिति में छोड़ना सही है?   recent visitors 40

योगी आदित्यनाथ के विमान में तकनीकी खराबी की वजह से उड़ान में बाधा, करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

आगरा आगरा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. तकनीकी खराबी के चलते उड़ान के बाद विमान वापस लौट आया. दिल्ली से दूसरा विमान सीएम योगी के लिए बुलाया गया और फिर वह उस विमान से रवाना हुए. बता दें कि सीएम आज आगरा के दौरे पर थे. प्राप्त जानकारी के अनुसारआगरा में टेकऑफ के बाद सीएम योगी के चार्टर्ड प्लेन में तकनीकी खराबी आ गई. उस वक्त उनका प्लेन आसमान में था. पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग खेरिया एयरपोर्ट पर कराई. सीएम योगी का आगरा में कार्यक्रम खत्म होने के बाद उनके राजकीय प्लेन ने बुधवार दोपहर 3.40 बजे उड़ान भरी थी. 20 मिनट बाद प्लेन वापस लौट आया. इसके बाद दिल्ली से शाम 5.42 बजे दूसरा चार्टर प्लेन आया. आगरा एयरपोर्ट लाउंज में इंतजार करते रहे सीएम फिर सीएम लखनऊ के लिए रवाना हुए. लगभग 1.50 घंटे मुख्यमंत्री आगरा एयरपोर्ट लाउंज में इंतजार करते रहे. स्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस आयुक्त (सीपी) और जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. बता दें कि आगरा के कार्यक्रम के बाद सीएम को लखनऊ लौटना था. लखनऊ के लिए उड़ान भरने के बाद सीएम के विमान में खराब आई थी. दूसरे विमान से रवाना हुए सीएम योगी सीएम की यात्रा के लिए दिल्ली से दूसरा विमान भेजा गया. पूरी सुरक्षा जांच के बाद सीएम योगी दूसरे विमान से लखनऊ के लिए रवाना हुए.विलंब के कारण लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आठ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला कार्यक्रम रद्द करना पड़ा. सीएम योगी पहले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आगरा से लखनऊ जा रहे थे. recent visitors 51