Thursday, July 16, 2026 7:13 am

अब आइएमए में भी महिला अधिकारियों के लिए खोले जा रहे दरवाजे और सेना की तीनों शाखाओं में दी जाएगी ट्रेनिंग

नई दिल्ली भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) देहरादून में पहली बार महिला अधिकारियों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। यह बदलाव तीन साल पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आया है, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) खड़गवासला में महिला अधिकारियों की ट्रेनिंग शुरू की गई थी। अब आइएमए में भी महिला अधिकारियों के लिए दरवाजे खोले जा रहे हैं और उन्हें सेना की तीनों शाखाओं में ट्रेनिंग दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि महिलाएं भी एनडीए की परीक्षा में बैठ सकती हैं और सेना में अफसर बन सकती हैं। इसके बाद से महिलाओं के लिए सेना में कदम रखने का रास्ता खुल गया है। अब तक, आइएमए में महिलाओं को प्रशिक्षण नहीं दिया जाता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया है। एनडीए और आइएमए में महिलाओं की ट्रेनिंग: अभी तक, 145 महिलाओं को कर्नल की रैंक दी जा चुकी है और 115 महिलाएं यूनिट की कमान संभाल चुकी हैं। वर्तमान में, एनडीए में 126 महिला अफसरों की ट्रेनिंग चल रही है। इनमें से आठ महिलाओं ने थल सेना को अपने करियर का विकल्प चुना है। इन महिला अधिकारियों को आइएमए में एक साल की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसके बाद उन्हें कमीशन मिल जाएगा। महिलाओं का बढ़ता कदम: महिलाओं के लिए यह बदलाव भारतीय सेना में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सेना में महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होगी। यह कदम सेना की कार्यशक्ति में विविधता लाने और समानता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। आने वाले समय में, यह देखा जाएगा कि महिला अधिकारियों की ट्रेनिंग और उनके योगदान से सेना में कैसे बदलाव आता है।     recent visitors 28

मुख्यमंत्री ने मुरैना में रोटरी क्लब के राहत स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिल जाये तो डॉक्टर उसके लिये भगवान बन जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव काया में कोई भी कष्ट बड़ी चुनौती होती है। आमजन की शारीरिक व्याधियों के उपचार के लिये चंबल में वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन और उसमें देश के बडे़ चिकित्सकों के आगमन पर प्रसन्नता के साथ ही आभार भी माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल की धरती वीरों की भूमि है। इस वीर भूमि के जवान हमेशा देश की रक्षा में आगे बढ़कर अपने प्राणों की आहुति देने के लिये तत्पर हैं। मुख्यमंत्री ने मुरैना के एसएएफ ग्राउण्ड में आयोजित रोटरी राहत वृहद स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ अवसर पर यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कठिन परिस्थितियों में भी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इसका लाभ सभी जरूरतमंदों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य शिविर के शुभारंभ के बाद ओपीडी के सभी काउंटरों का भ्रमण कर चिकित्सकों एवं रोटेरियन के सदस्यों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिविर में उपचार के लिये बेहतर प्रबंध किये गये हैं। चम्बल क्षेत्र में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 5 हजार से अधिक मरीजों की समुचित रूप से स्क्रीनिंग की गयी है। स्क्रीनिंग के बाद विभिन्न वर्गों में विभाजित कर मरीजों के उपचार की व्यवस्था करना बड़ी बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अस्पताल प्रबंधन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा के रूप में दो भागों में विभाजित था। हमारी सरकार बनने के बाद हमने दोनों विभागों का एकीकरण कर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा बनाया है। इससे अस्पताल प्रबंधन आसान हुआ है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश में बेहतर मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों का निर्माण कर नागरिकों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जाये। सरकार द्वारा नागरिकों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि राज्य शासन, जिले के प्रशासन एवं रोटरी क्लब की मदद से इस वृहद शिविर का आयोजन किया गया है। पहले चंबल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएँ इतनी अच्छी नहीं थी। मुरैना, श्योपुर एवं भिण्ड जिले को मिलाकर जहाँ 100 बिस्तरों की उपलब्धता थी, वहाँ आज 600 बिस्तर का अस्पताल मौजूद है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के सदैव प्रयास किये जाते रहे हैं। गंभीर स्थिति में रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिये अन्यत्र ले जाने में आमजन की असमर्थता के कारण क्षेत्र में वर्ष 2017 में भी जिला प्रशासन की मदद से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। नेत्र शिविर लगाया गया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासन, प्रशासन की मदद से ये शिविर सफल होगा। राज्यसभा सांसद श्री विवेक तन्खा ने कहा कि माहेश्वरी परिवार की मोहनप्यारी देवी जी की स्मृति में इस शिविर का आयोजन किया गया है। अभी तक इस मिशन के चलते सेवा भाव से हम 40 हजार से ज्यादा सर्जरी एवं लाखों ओपीडी की सेवाएँ दे चुके हैं। जहाँ भी रोटरी मिशन का आयोजन किया जाता है, वहाँ ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस मिशन से स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाता है। हमारी कोशिश रहेगी कि आगे भी महिलाओं में सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज हम निःशुल्क करवा सकें। शिविर में ख्याति प्राप्त चिकित्सक देंगे अपनी सेवाएँ शिविर में कार्डियोलॉजिस्ट एवं कार्डियक सर्जन डॉ. नरेश त्रैहान मेदान्ता हॉस्पिटल से अपनी टीम से साथ एवं नेशनल हार्ट इंस्टिट्यूट के डॉ. ओ.पी. यादव, डॉ नितिश शाह ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट साइंस, एवं मैक्स एवं मनीपाल हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजिस्ट अपनी सेवाएँ देंगे। अन्य विशेषज्ञो में ऑक्नोलॉजिस्ट, हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. दिनेश भूरानी रहेगें, अस्थिरोग में एम्स दिल्ली से डॉ. विवेक शंकर एवं नितिश नायक, डॉ. प्रकाश कोतवाल रहेगें। पेन के डॉ. नीरज जैन मैक्स दिल्ली से आकर सेवाऐं देंगे। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. मीनू वाजपेयी रेन्बो हॉस्पिटल दिल्ली से आ रही हैं। कामता शाह मुम्बई नानावटी हॉस्पिटल से, बच्चों मे हार्निया, हाइपोस्पेडियास एवं सभी बच्चों की आवश्यक सर्जरी करेगी। किडनी विशेषज्ञ डॉ. रावत सर गंगाराम हॉस्पिटल से, डॉ. एस.बी बंसल, मेदान्ता हॉस्पिटल से तथा लेप्रोस्कोपिक सर्जन, गॉल ब्लेडर, हार्निया, लेप्रोस्कोपिक पद्दति से डॉ. मुकुन्द खेतान एवं चंडीगढ़ से डॉ. परमार एवं उनकी टीम द्वारा किये जायेंगे। वेरियेटिक सर्जन इंदौर के डॉ. मोहक भण्डारी पेट के मोटेपन की वेरियेटिक सर्जरी करेंगे। दिल्ली मैक्स हॉस्पिटल, सर गंगाराम हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ, बच्चेदानी के ऑपरेशन एवं जटिल ऑपरेशन का कार्य सभालेंगे। दिल्ली के श्रॉफ आई हॉस्पिटल की टीम तथा एम्स भोपाल, एम्स दिल्ली, अरविन्दो हॉस्पिटल इंदौर एवं चंडीगण हॉस्पिटल के विश्व प्रसिद्ध चिकित्सकों द्वारा परामर्श एवं सर्जरी का कार्य 26 मार्च से लेकर 2 अप्रैल तक किया जाएगा। वंचित लोग 26 मार्च से 2 अप्रैल तक करा सकेंगे पंजीयन रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन राहत 2 वृहद स्वास्थ्य शिविर मुरैना में 26 मार्च से 2 अप्रैल 2025 तक लगेगा। शिविर में ओपीडी, खून की जाँच, बीपी शुगर, ईसीजी, आयुष्मान का काउन्टर एवं दवा वितरण किया जायेगा। शिविर में कार्डियोलॉजी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी, फिजियोथेरेपी अन्य वरिष्ठ चिकित्सक अपनी सेवाएँ देंगे। ऑनलाइन मरीजों के पंजीयन किये जा रहे हैं। जनता 26 मार्च से 2 अप्रैल 2025 तक एसएएफ परेड ग्राउड में पंजीयन कराकर डॉक्टर से परामर्श ले सकते है। चिकित्सकों का किया सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में आये चिकित्सकों का सम्मान किया। इनमें कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. युगल मिश्रा नंदियाल, सीनियर प्रोफेसर एम्स दिल्ली डॉ. मीनू बाजपेयी, पद्मश्री से सम्मानित डॉ. निशित नायर, जबलपुर के ख्याति प्राप्त डॉ. धीरावनी शामिल थे। कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति राज्यसभा सांसद ग्वालियर श्री अशोक यादव, सांसद मुरैना-श्योपुर श्री शिवमंगल सिंह तोमर, सबलगढ़ विधायक श्रीमती सरला रावत, महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, पूर्व मंत्री श्री मुंशी लाल, श्री गिर्राज डण्डोतिया, पूर्व विधायक श्री रघुराज कंषाना, रोटरी के पदाधिकारी श्री भूपेन्द्र जैन, चंबल कमिश्नर श्री मनोज खत्री, डीआईजी श्री कुमार सौरभ, समाजसेवी श्री कमलेश कुशवाह, डॉ. योगेशपाल गुप्ता, रोटरी के पदाधिकारी डॉ. संजीव बांदिल, डॉ. वीरेन्द्र गंगवाल सहित दिल्ली, हरियाणा, ग्वालियर, इंदौर से आये डॉक्टर्स और रोटरी मेडिकल … Read more

देवास में वाहन टेंडर के लिए इंजीनियर ने मांगे 70 हजार रुपये, 25 हजार लेते पुलिस ने पकड़ा

देवास विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन यंत्री को लोकायुक्त पुलिस ने 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोपित कार्यपालन यंत्री का नाम आनंद अहिरवार है। उसने विविकं में वाहन के अटैचमेंट के टेंडर के एवज में रिश्वत मांगी थी। यह था पूरा मामला लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के अनुसार पुष्पराज राजपूत निवासी लक्ष्मीबाई सोनकच्छ ने शिकायत की थी। आवेदक ने बताया था कि वह बिजली कंपनी सोनकच्छ में आउटसोर्स कर्मचारी है। उसका चारपहिया वाहन विविकं सोनकच्छ कार्यालय में किराए से अटैच है, जिसका प्रति 11 माह में टेंडर होता है। वाहन के लिए टेंडर डाला था। अधिक रेट के टेंडर पर वाहन अटैच करने के लिए कार्यपालन यंत्री आनंद अहिरवार ने 70 हजार रुपये मांगे। इस पर लोकायुक्त टीम ने जांच शुरू की। आवेदक को योजना बताई व रिश्वत के 25 हजार रुपये अहिरवार को देने को कहा। 26 मार्च को आवेदक अहिरवार के कार्यालय पहुंचा और 25 हजार रुपये दिए। इस दौरान सिविल ड्रेस में लोकायुक्त पुलिस भी बाहर मौजूद रही। जैसे ही अहिरवार ने रिश्वत के रुपये लिए, उसे रंगेहाथ गिरफ्तार किया।   recent visitors 126

सहकारिता आंदोलन को आगामी 4 वर्ष में नए मुकाम पर पहुंचाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार सर्वजनकल्याण के संकल्पों के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान में पंचायत से लेकर मंत्रालय तक पारदर्शितापूर्ण कार्य शैली के कारण अन्य क्षेत्रों के साथ सहकारी क्षेत्र में समृद्ध हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता का लाभ पहुंचाने के लिये बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के भाव के अनुसार कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में निश्चित ही नए दौर की नई कहानी लिखेगा। गुजरात में दूध पर बोनस की जिस तरह व्यवस्था है, मध्यप्रदेश भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में मत्स्य पालन के लिए काफी बड़ा क्षेत्र है और हाल ही में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भी उद्योग क्षेत्र के साथ सहकारिता ने कार्य करने की पहल की है। मध्यप्रदेश में सहकारिता आंदोलन को गति दी जा रही है। अब सहकारिता क्षेत्र में व्यवस्थाएं काफी पारदर्शी हैं और मध्यप्रदेश में सहकारिता के विभिन्न आयामों पर कार्य किया जाएगा। आने वाले चार वर्ष में सहकारिता आंदोलन को नए मुकाम पर पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में पधारे प्रदेश भर के प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने सहकारिता विभाग में नवनियुक्त सहकारी निरीक्षकों के नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता विभाग के प्रयासों की सराहना की। भारत में प्रचलित व्यवस्थाओं से सीखते हैं अन्य देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में सहकारिता का इतिहास पुराना है। भारत में वर्षों पूर्व अश्वमेघ यज्ञ की परंपरा रही थी। लेकिन भारत ने किसी राष्ट्र पर कब्जा नहीं किया। छोटे-छोटे राज्यों की स्वायत्तता को खत्म नहीं होने दिया बल्कि उन्हें साथ लेकर कार्य किया और उनके स्वावलंबन को भी जीवंत रखा। सच्चे अर्थों में संयुक्त राष्ट्र संघ की भावना का पालन करने वाला कोई राष्ट्र है तो वह भारत है। जब यह कहा जाता है सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे सन्तु निरामया: ….तो इसका अर्थ है सभी को परस्पर जोड़ना और अपने लाभ में उन्हें सहभागी बनाना। यह वसुधैव कुटुम्बकम जैसे वेद वाक्य का लघु रूप है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विश्व में भारत की गरिमा बढ़ाने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की भावना के अनुरूप मध्यप्रदेश में होगा कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सहकारिता के मूल भाव के अनुरूप बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की कल्पना की। इसे साकार करने के लिए सहकारिता का दायित्व केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह को दिया गया। केंद्र सरकार ने सहकारिता में सभी के कल्याण का ध्यान रखा है। मध्यप्रदेश में भी इसी तर्ज पर कार्य हो रहा है। सहकारिता अधिनियम में परिवर्तन के फलस्वरूप सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य 30 दिन में संभव होगा। पूर्व में यह अवधि 90 दिवस थी। पूर्व की व्यवस्था में अनेक कठिनाईयों को सामना करना होता था। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में प्रक्रियाओं को सरल बनाने की पहल हुई। सहकारिता को उन्होंने बहुउद्देश्यीय और बहुआयामी बनाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा औद्योगीकरण में सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, सहकारिता की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मध्यप्रदेश किसानों, गौ पालकों और मत्स्य पालकों को सहकारी क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ दिलवाकर इस क्षेत्र में शिखर पर पहुंचेगा। सहकारी ध्वजारोहण कर कैलेण्डर, मैन्युअल और परिपत्र पुस्तिका का किया विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरूआत में सहकारी ध्वजारोहण कर अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के वार्षिक कैलेंडर, पैक्स कार्य मैन्युअल और सहकारिता में सहकार, पैक्स पुनर्गठन और व्यवसाय संवर्धन के महत्वपूर्ण परिपत्रों की पुस्तिका का विमोचन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माइक्रो एटीएम पखवाड़े का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालक सहकारी संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान किए। इन संस्थाओं में विदिशा, इंदौर और खरगोन की संस्थाएं शामिल हैं। कार्यक्रम को सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने सहकारिता से समृद्धि का मंत्र दिया है। मध्यप्रदेश सहकारिता क्षेत्र में अग्रणी हो रहा है। हाल ही में जीआईएस-भोपाल में नया अध्याय जोड़ा गया जब सीपीपीपी अर्थात को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप का विषय सामने आया। सहकारिता विभाग में कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री डी.पी. आहूजा, राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय की मुख्य महा प्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती एवं बड़ी संख्या में प्रदेश की सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, जिला सहकारी बैंक, अपेक्स बैंक, पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य समितियों के साथ ही सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। recent visitors 37

आगामी 20 वर्षों तक हर राम जन्मोत्सव पर सूर्य द्वारा भगवान रामलला का तिलक किया जाएगा, दिखेगा अद्धभुत नज़ारा

अयोध्या अयोध्या स्थित राम मंदिर को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई जिसमें एक बड़ी खबर सामने आई। दरअसल,रामनवमी के अवसर पर भगवान रामलला को स्थाई रूप से सूर्य तिलक किया जाएगा। आगामी 20 वर्षों तक हर राम जन्मोत्सव पर सूर्य द्वारा भगवान रामलला का तिलक किया जाएगा, और यह कार्यक्रम देश-विदेश में प्रसारित किया जाएगा, जिससे यह एक ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन बन जाएगा। राम मंदिर के चारों द्वार पर महापुरुषों के नाम होंगे अंकित राम मंदिर के निर्माण में एक और महत्वपूर्ण पहलू है कि मंदिर के चारों द्वार का नाम उन महापुरुषों के नाम पर रखा जाएगा जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। इस घोषणा की संभावना रामनवमी के दिन की जा सकती है। इसके साथ ही, गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए, राम मंदिर ट्रस्ट अस्थायी तौर पर कैनोपी और मैट की व्यवस्था करेगा, ताकि श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिल सके। राम दरबार की स्थापना और दर्शन व्यवस्था राम मंदिर के प्रथम तल पर जल्द ही राम दरबार की स्थापना की जाएगी। यह कार्य मई के पहले 15 दिनों में शुभ मुहूर्त में पूरा होगा। राम दरबार के दर्शन के लिए विशेष पास जारी किए जाएंगे, जिनके माध्यम से हर घंटे 50 लोग राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। इस प्रकार, प्रतिदिन लगभग 800 लोग राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। निर्माण समिति के अध्यक्ष ने दी जानकारी श्री राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि मंदिर और उसके परिसर के निर्माण कार्य को 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।  हालांकि ऑडिटोरियम का निर्माण 2025 के बाद पूरा होगा। मंदिर के निर्माण में तेजी से प्रगति हो रही है और श्रद्धालुओं को जल्द ही एक भव्य स्थल दर्शन के लिए मिलेगा।     recent visitors 42

आयुष्मान योजना के तहत होना चाहिए था मुफ्त इलाज, लेकिन बाहर से मंगवाए 28 हजार रुपए के इंजेक्शन

भोपाल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के तमाम दावों के बावजूद अस्पतालों की लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला हमीदिया की नई बिल्डिंग में संचालित सुल्तानिया अस्पताल का है, जहां आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नवजात के परिजनों को महंगे इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़े। नवजात के पिता अशोक प्रजापति के अनुसार, उनकी पत्नी रिंकू प्रजापति ने चार मार्च को सुल्तानिया में बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात का हृदय काम नहीं कर रहा था, जिसके कारण उसे आठ दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। डाॅक्टरों ने बताया कि उसके दिल में छेद है और सर्जरी की आवश्यकता होगी। इसके लिए जेके अस्पताल, एम्स भोपाल, बंसल या रायपुर रेफर करने की बात कही गई। अस्पताल में छह मार्च से इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई और 28 हजार रुपये के इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़े, जबकि आयुष्मान योजना के तहत इलाज मुफ्त होना चाहिए था। परिजनों को जबरन इंजेक्शन खरीदने के लिए किया मजबूर पिता अशोक प्रजापति का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने जबरन कागजों पर साइन करवाकर उन्हें महंगे इंजेक्शन बाहर से खरीदने के लिए मजबूर किया। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को बाहर की एंबुलेंस से ले जाने की अनुमति नहीं दी और हमीदिया परिसर की एंबुलेंस से ही ले जाने को कहा गया। हमीदिया से बाहर जाने के लिए एक एंबुलेंस का किराया 2500 रुपये था, जबकि बाहर की एंबुलेंस से मात्र 1000 रुपये में यह सेवा मिल सकती थी। मजबूरी में परिजनों को हमीदिया की एंबुलेंस से ही बच्चे को जेके अस्पताल ले जाना पड़ा। जेके अस्पताल में खुलासा, अधिक इंजेक्शन लगाए गए डिस्चार्ज के बाद अशोक प्रजापति के आयुष्मान कार्ड से 22 हजार रुपये काट लिए गए। जब वे अपने बच्चे को जेके अस्पताल लेकर पहुंचे। तो वहां डाक्टरों ने जांच करने के बाद बताया कि नवजात को केवल चार इंजेक्शन ही लगाने थे, लेकिन सुल्तानिया अस्पताल में सात इंजेक्शन लगाए गए। डाॅक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्जरी की जरूरत तो होगी, लेकिन इसे बाद में भी कराया जा सकता है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल समाजसेवी मुकेश रघुवंशी ने बताया कि इस मामले ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयुष्मान योजना के बावजूद मरीजों से इलाज के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं। सरकार को इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।   recent visitors 29

मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति सौरभ को मारने के लिए पहले से ही प्लानिंग कर ली थी, अब हुआ नया खुलासा

मेरठ यूपी के मेरठ में हुए सौरभ राजपूत मर्डर केस ने सभी को झकझोर दिया है। रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब सामने आया है कि मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति सौरभ को मारने के लिए पहले से ही प्लानिंग कर ली थी। यहां तक कि आठ दिन पहले ही उसने दो चाकू भी खरीद लिए थे। इनकी कीमत 800 रुपये थी। इन चाकुओं को कैसे शरीर में घोंपा जाता है, उसकी प्रैक्टिस भी करती थी। मुस्कान ने लंदन में नेवी मर्चेंट अफसर रहे सौरभ राजपूत को बेहोशी की दवा देकर उसके शरीर के टुकड़े कर दिए थे। प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इसके बाद सौरभ के सिर को धड़ से अलग कर दिया। मीडिय के अनुसार, मुस्कान ने सौरभ की बॉडी के टुकड़े आठ दिन पहले खरीदे गए चाकू से ही किए थे। उसने इसी से पति का सिर धड़ से अलग कर दिया था। जांच में सामने आया है कि मुस्कान और साहिल ड्रग्स लेने के आदी थे और दोनों को डर था कि सौरभ को पता चल गया तो वे ड्रग्स नहीं ले पाएंगे। सौरभ भी मुस्कान और साहिल के अफेयर के बारे में पहले से जानता था और वह अपनी छह साल की बेटी को लंदन ले जाना चाहता था। वह बेटी के बर्थडे पर ही लंदन से मेरठ आया था, जिस दौरान उसे मुस्कान और साहिल ने मौत के घाट उतार दिया। बेटी को लंदन ले जाना चाहता था सौरभ जांच में यह भी सामने आया है कि सौरभ का लंदन का वीजा जल्द ही खत्म भी होने वाला था। वह इसे रिन्यू करवाने की सोच रहा था। पहले सौरभ मुस्कान और बेटी दोनों को ही लंदन ले जाना चाहता था और इस बारे में पत्नी से बात भी की थी। लेकिन मुस्कान जाने को तैयार नहीं थी। वह मेरठ में ही रहना चाहती थी। इसके बाद सौरभ ने मन बना लिया कि वह बेटी को अपने साथ ही लंदन लेकर चला जाएगा। इसके लिए पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर दिया था। मुस्कान ने तीन मार्च की रात सौरभ को नींद की गोलियां खिला दी थीं। सोते ही उसने तीन बार चाकू से उस पर वार किया और फिर गला रेत दिया। साहिल ने इसके बाद उसके सिर को धड़ से अलग किया और बाद में दोनों ने इसके 15 टुकड़े कर दिए और ड्रम में उन्हें भरकर सीमेंट डाल दी। घर वालों के खिलाफ जाकर मुस्कान-सौरभ ने की थी शादी पुलिस को जानकारी मुस्कान के माता-पिता ने दी थी, जिसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। मुस्कान और राजपूत ने 2016 में अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली थी। दोनों की छह साल की एक बेटी भी है। पुलिस ने बताया कि मुस्कान और साहिल एक-दूसरे को स्कूल के दिनों से जानते थे और 2019 में एक वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए फिर से जुड़े थे। इस बीच, प्रेमी की मदद से पति की हत्या करने वाली मुस्कान ने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर अपना मुकदमा लड़ने के लिए सरकारी वकील की मांग की है। मुस्कान का कहना है कि इस घटना के बाद से ही "मेरे माता-पिता मुझसे नाराज हैं, कोई भी मेरा मुकदमा लड़ने नहीं आएगा। इसलिए मुझे सरकारी वकील चाहिए जो अदालत में मेरा मुकदमा लड़ सके।" recent visitors 43