Sunday, July 5, 2026 3:16 pm

गुजरात से हैरान करने वाला मामला, 40 छात्रों ने ब्लेड से काटे हाथ

गुजरात गुजरात से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गुजरात के एक प्राइमरी स्कूल में 40 छात्रों ने ब्लेड से अपने हाथ काट लिए। पांचवीं से आठवीं कक्षा के 40 छात्रों के हाथों पर ब्लेड से बने जख्मों के निशान मिले। घटना से स्कूल और गांव में अफरा-तफरी मच गई। अभिभावकों ने इसकी ग्राम पंचायत में शिकायत दर्ज की और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। दरअसल गुजरात के अमरेली जिले के मुंजियासर प्राथमिक स्कूल में 40 छात्रों के हाथ पर कटे का निशाना मिला था। बच्चों के हाथ ब्लेड से काटे गए थे। सभी बच्चे पांचवीं से आठवीं कक्षा के छात्र हैं। सामूहिक रूप से बच्चों के हाथ ब्लेड से कटने का मामला सामने आने के बाद स्कूल और गांव में अफरा-तफरी मच गई। नाराज अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन जवाब न मिलने पर उन्होंने ग्राम पंचायत में शिकायत दर्ज की और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए धारी के सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) जयवीर गढ़वी ने स्कूल पहुंचे। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की और बच्चों से पूछताछ कर घटना का सच उजागर किया। ASP ने खुलासा किया कि बच्चों ने Truth and Dare खेल के खुद के हाथ ब्लेड से काटे थे। ASP ने खुलासा किया कि सातवीं कक्षा के एक छात्र ने खेल के दौरान दूसरों को चुनौती दी कि जो अपने हाथ पर ब्लेड से कट लगाएगा, उसे 10 रुपए मिलेंगे। जो ऐसा नहीं करेगा, उसे 5 रुपए देने होंगे। इस चुनौती के चलते 40 से अधिक बच्चों ने पेंसिल शार्पनर की ब्लेड से अपने हाथों पर निशान बना लिए। इसकी सूचना जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (DPEO) को दी गई है। मामले की जांच जारी पुलिस ने साफ किया कि यह घटना Truth and Dare खेल से संबंधित है, न कि किसी ऑनलाइन गेम से। बच्चों ने खेल के दौरान एक-दूसरे के हाथों पर शार्पनर की ब्लेड से निशान बनाए। अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। अब पुलिस और शिक्षा विभाग इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। स्कूल प्रशासन ने दी थी हिदायत जांच से यह भी पता चला कि स्कूल प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलने पर बच्चों को घर पर कुछ न बताने की सख्त हिदायत दी थी। उन्हें कहा गया कि अगर कोई हाथ के निशानों के बारे में पूछे, तो कह दें कि खेलते समय गिरने से चोट लगी। हालांकि, एक अभिभावक को सच का पता चल गया और उसने स्कूल में जाकर पूछताछ की। इसके बाद प्रशासन ने अभिभावकों के साथ बैठक बुलाई। recent visitors 31

हाथों पर रचाएं खूबसूरत मेहंदी

नई दिल्ली चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में एक पवित्र त्योहार है, जो नए साल और वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और कई लोग व्रत भी रखते हैं। नवरात्रि के मौके पर महिलाएं और लड़कियां मेहंदी लगाना बहुत पसंद करती हैं। मेहंदी न केवल सौंदर्य बढ़ाती है, बल्कि इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। मेहंदी को सोलह शृंगार का अहम हिस्सा है। इसलिए सुहागन महिलाएं नवरात्रि पर खासतौर से मेहंदी लगाती हैं। अगर आप भी इस चैत्र नवरात्रि पर मेहंदी लगाना चाहती हैं, तो हम यहां कुछ खास मेहंदी डिजाइन बता रहे हैं, जो इस खास मौके के लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं। नवरात्रि के पावन अवसर पर देवी दुर्गा से जुड़े प्रतीकों वाली मेहंदी लगाना बहुत शुभ माना जाता है। आप अपने हाथों पर स्वास्तिक, कलश, त्रिशूल या दुर्गा मां की आकृति बना सकती हैं। इन डिजाइन्स को हथेली के बीचों-बीच या उंगलियों पर उकेरा जा सकता है। फूल-पत्तियों वाली ट्रेडिशनल मेहंदी पारंपरिक भारतीय मेहंदी में फूल, पत्तियां और जालीदार पैटर्न बहुत लोकप्रिय हैं। चैत्र नवरात्रि पर आप गुलाब, कमल या मोगरे के फूलों की डिजाइन चुन सकती हैं। इन्हें हाथों और पैरों पर बेहद खूबसूरती से उकेरा जा सकता है। मांडला पैटर्न अगर आप मॉडर्न और यूनिक मेहंदी पसंद करती हैं, तो मांडला (Mandala) डिजाइन ट्राई कर सकती हैं। ये डिजाइन हाथों पर बेहद खूबसूरत और आकर्षक दिखाई देते हैं। पंखुड़ियों वाली मेहंदी चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में मनाई जाती है, इसलिए फूलों और पंखुड़ियों से जुड़ी मेहंदी डिजाइन बिल्कुल सही रहेगी। आप अपनी उंगलियों पर छोटी-छोटी पंखुड़ियां बनवा सकती हैं या हथेली पर एक बड़ा फूल डिजाइन करवा सकती हैं। ओम और मंत्रों वाली मेहंदी धार्मिक महत्व वाली मेहंदी में आप "ओम नमः शिवाय", "दुर्गा माता की जय" या अन्य मंत्रों को शामिल कर सकती हैं। इन्हें सुंदर कैलिग्राफी के साथ हाथों पर उकेरा जा सकता है। पीकॉक (मोर) डिजाइन मोर भारतीय संस्कृति में सौंदर्य और अनुग्रह का प्रतीक है। नवरात्रि पर मोर की आकृति वाली मेहंदी लगाना बहुत लकी माना जाता है। आप मोर के पंखों को हथेली या हाथ के पिछले हिस्से पर बनवा सकती हैं। मिनिमलिस्टिक मेहंदी अगर आप साधारण पर स्टाइलिश मेहंदी पसंद करती हैं, तो मिनिमल डिजाइन चुन सकती हैं। इसमें छोटे-छोटे फूल, बेल-बूटे या डॉट्स शामिल हो सकते हैं। यह डिजाइन कामकाजी महिलाओं के लिए भी बिल्कुल सही है। recent visitors 40

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बनाया , महादेव सट्टा खिलाने वालों को मोदी और शाह का संरक्षण

 रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई छापे पर कहा कि इससे यह स्पष्ट हो गया कि जो महादेव सट्टा खिलाने के खिलाफ कार्रवाई करेगा, उसके घर सीबीआई का छापा पड़ेगा. महादेव सट्टा खिलाने वाले सभी को मोदी और शाह का संरक्षण प्राप्त है. मामले में वकीलों से बात कर कोर्ट जाएंगे. महादेव सट्टा एप मामले में सीबीआई की छापेमारी के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. एक तरफ जहां पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया, वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, महामंत्री मल्कित सिंह गैदू, पूर्व मंत्री शिव डहरिया, पूर्व विधायक सत्य नारायण शर्मा, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के साथ प्रेस वार्ता के जरिए अपना पक्ष रखा. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कल पूरे देश में सीबीआई का छापा पड़ा. इसे उल्टा चोर कोतवाल को डांटे के रूप में देखा जा सकता है. पहली बार 2018 में एसपी-कलेक्टर कांफ्रेंस में मैंने निर्देश दिया कि कार्रवाई होनी चाहिए. कारवाई में 200 से अधिक गिरफ्तारियों हुई, 2000 से अधिक खाते सील हुए, गैजेट्स जब्त हुए. 2020 में बने कानून को मार्च 2022 में कड़ा किया गया. बड़े बदलाव किए गए, ऑनलाइन बेटिंग को भी कानून के दायरे में लाया गया. जुआ-सट्टा को रोकने का उद्देश्य था. उन्होंने कहा कि महादेव एप मामले में कार्रवाई कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ में जब्ती और गिरफ़्तारियां की. छह महीने बाद ईडी ने इंटरफेयर किया, कुछ गिरफ्तारियां हुई. इसे रवि उपल और सौरभ चंद्राकर दुबई से संचालित कर रहे थे, लेकिन आज तक इनकी गिरफ़्तारी नहीं हुई. हमने भारत सरकार को इनकी गिरफ़्तारी के लिए पत्र लिखा. ऑनलाइन बेटिंग के लिए गूगल को राज्य सरकार ने पत्र लिखा, गूगल ने एप हटाया भी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के बीच शुभम सोनी प्रकट हुआ, उसका वीडियो जारी हुआ. लेकिन पुलिस ने नहीं, बीजेपी ने उसका वीडियो जारी किया. वीडियो में शुभम सोनी ने कहा मैं इसका मालिक हूं. असीम दास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक ड्राइवर के घर से, जो राशन कार्ड से अनाज लेता है, करोड़ों रुपए मिले. इसे क्या कहा जाए पूर्व मंत्री बीजेपी के बड़े नेता की गाड़ी. कुछ दिन पहले बीजेपी के नेता ने सीबीआई के डायरेक्टर को चिट्ठी लिखी, जिसकी लिखावट सीबीआई की लगती है. भूपेश बघेल ने कहा कि जब से सरकार बदली है, तब से सट्टे के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई. सीबीआई को सौंपने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई है. गृह मंत्री को हमने कहा कि दुबई से लोगों को गिरफ्तार करके लाया जाए, लेकिन इन्हें राजनीति करनी है. बीते हफ्ते में दुबई से गिरफ़्तार कर छत्तीसगढ़ लाने का दावा किया गया था, लेकिन आरटीआई से पता चला कि ऐसी कोई गिरफ़्तारी की जानकारी नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से नई सरकार बनी है, कोई कार्रवाई नहीं हुई है. सीबीआई को सौंपने के बाद से अब तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है. इसका मतलब सरकार प्रोटेक्शन मनी ले रही है. प्रदीप मिश्रा अभी छत्तीसगढ़ में हैं, उनसे मामले में पूछताछ क्यों नहीं होती. इतने सेलिब्रिटी उनके कार्यक्रम में गये थे, उनसे पूछताछ क्यों नहीं हो रही है. हमने कानून बनाया, कार्रवाई की, अब ये कार्रवाई करने वालों पर कार्रवाई कर रहे हैं. भूपेश बघेल ने कहा कि हमने ईडी-सीबीआई को पूरी तरह सहयोग किया. कल एक भी महिला अफसर घर पर नहीं थीं. 9.15 बजे रात को अधिकारी निकले. मेरे घर में पत्नी, बहू, बेटियाँ हैं, एक भी महिला अफसर मौजूद नहीं थे. बिना महिला पुलिस अधिकारी के बहू-बेटे के घर में जाँच की गई. हम पत्र लिखेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विष्णुदेव जी को सत्ता की कितनी लत है. हसदेव कट गया, केडिया फैक्ट्री से बैन हैट गया. पॉवर प्लांट यहां लगेंगे. सत्ता का लत, सरकार आने से पहले ही उन्हें लग गई है. इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताए कि महादेव सट्टा कब बंद कर रहे है. वकीलों से बात कर कोर्ट जाएंगे. recent visitors 24

शैम्पू करने से पहले जान ले आपके बालों के लिए क्या है सही

कहीं ऐसा तो नहीं कि आप हर दिन शैम्पू करके अपने बालों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, या फिर हफ्ते में सिर्फ एक बार शैम्पू करने से आपके बाल ज्यादा गंदे और कमजोर हो रहे हैं? बालों की सही देखभाल हर किसी के लिए जरूरी होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत शैम्पू रूटीन की वजह से बाल कमजोर, रूखे और डैमेज हो सकते हैं? कई लोग सोचते हैं कि रोजाना शैम्पू करने से स्कैल्प क्लीन और हेल्दी रहती है, जबकि कुछ का मानना है कि अक्सर शैम्पू करने से बालों की नेचुरल नमी खत्म हो जाती है। लेकिन असल में सच क्या है? क्या आपके बालों को रोजाना धोना चाहिए या हफ्ते में एक-दो बार शैम्पू करना ही सही रहेगा? इसका जवाब आपके हेयर टाइप, लाइफस्टाइल और स्कैल्प की जरूरत पर निर्भर करता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपके बालों के लिए कौन-सा तरीका ज्यादा सही रहेगा और बाल धोने का सही नियम क्या है । क्या रोजाना शैम्पू करना सही है? अगर आपको लगता है कि रोजाना शैम्पू करने से बाल हेल्दी और मजबूत रहेंगे, तो यह पूरी तरह सही नहीं है। हालांकि, कुछ लोगों को रोजाना शैम्पू की जरूरत होती है, खासकर जिनकी स्कैल्प बहुत ज्यादा ऑयली होती है या जो हर दिन जिम जाते हैं, लेकिन अगर आपके बाल पहले से ही कमजोर और ड्राई हैं, तो रोजाना शैम्पू करने से वे और ज्यादा रूखे और बेजान हो सकते हैं।     ऑयली स्कैल्प को क्लीन रखता है: जिन लोगों के बाल बहुत जल्दी ग्रीसी हो जाते हैं, उन्हें रोजाना शैम्पू करने से फायदा हो सकता है।     पसीने और धूल-मिट्टी को हटाता है: अगर आप रोजाना बाहर जाते हैं, तो शैम्पू करने से बालों में जमी गंदगी साफ हो जाती है।     फ्रेश और हेल्दी फील होता है: हर दिन बाल धोने से स्कैल्प साफ रहती है और बाल हेल्दी दिखते हैं। रोजाना शैम्पू करने के नुकसान     बालों की नेचुरल नमी खत्म हो सकती है, जिससे ड्रायनेस और हेयर फॉल बढ़ सकता है।     रोज शैम्पू करने से स्कैल्प ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस कर सकती है, जिससे बाल जल्दी ग्रीसी लग सकते हैं।     अगर हार्श केमिकल वाला शैम्पू यूज कर रहे हैं, तो बाल जल्दी डैमेज हो सकते हैं। किन लोगों को रोजाना शैम्पू करना चाहिए?     बहुत ऑयली स्कैल्प वाले लोग     जिम जाने वाले या ज्यादा पसीना आने वाले लोग     धूल-मिट्टी में ज्यादा रहने वाले लोग हफ्ते में एक बार शैम्पू करने के फायदे अगर आपके बाल ड्राई, घुंघराले या ज्यादा डैमेज हो चुके हैं, तो रोजाना शैम्पू करना आपके बालों के लिए सही नहीं है। कम शैम्पू करने से स्कैल्प के नैचुरल ऑयल्स बालों को पोषण देते हैं और उन्हें मजबूत बनाते हैं।     बालों की नैचुरल नमी बनी रहती है, जिससे वे हेल्दी और चमकदार दिखते हैं।     हेयर फॉल कम होता है, क्योंकि बार-बार शैम्पू करने से बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं।     बालों की ग्रोथ बेहतर होती है, क्योंकि स्कैल्प के नैचुरल ऑयल्स बालों को पोषण देते हैं।     अगर बाल कलर-ट्रीटेड हैं, तो उनका रंग ज्यादा दिनों तक टिकता है। हफ्ते में एक बार शैम्पू करने के नुकसान     अगर स्कैल्प बहुत ज्यादा ऑयली है, तो हफ्ते में एक बार शैम्पू करना काफी नहीं होगा।     धूल-मिट्टी और पसीना जमा होने से स्कैल्प में डैंड्रफ और खुजली हो सकती है।     अगर बाल जल्दी गंदे हो जाते हैं, तो कम शैम्पू करने से वे चिपचिपे और बेजान लग सकते हैं। किन लोगों को हफ्ते में एक बार शैम्पू करना चाहिए?     बहुत ड्राई और घुंघराले बाल वाले लोग     पतले और जल्दी टूटने वाले बालों वाले लोग     कलर किए हुए या केमिकल ट्रीटमेंट वाले बाल आखिर कौन-सा तरीका सही है?     अगर आपके बाल बहुत ऑयली हैं, तो हर दूसरे दिन हल्का शैम्पू करें।     अगर बाल ड्राई और डैमेज्ड हैं, तो हफ्ते में 1-2 बार ही शैम्पू करें।     हमेशा सल्फेट-फ्री और माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करें, ताकि बालों की नमी बनी रहे।     शैम्पू के साथ कंडीशनर और हेयर ऑयलिंग को अपनी रूटीन में जरूर शामिल करें।   recent visitors 44

ऑनलाइन कार्य कर घर बैठे पैसे कमाने का ऑफर दे कर 19 लाख रुपए ठगे

  बिलासपुर आप Telegram डाउनलोड कर लीजिए… आपको इससे फायदा होगा… अगर आपसे भी कोई लड़की ये बात कहे तो जरा सावधान हो जाइयेगा… क्योंकि ऐसे ही झांसे में आकर आकर छत्तीसगढ़ के युवक के साथ जो हुआ वो आपको जानना जरूरी है. ऑनलाइन जॉब के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर बिलासपुर के युवक से 19 लाख 38 हजार 731 रुपए ऑनलाइन जमा करवा लिया. इसके बाद पीड़ित को कोई मुनाफा नहीं दिया गया और न ही जमा पैसे को वापस किया गया. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत अपराध दर्ज किया है.  बिलासपुर के सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक शुभम विहार निवासी उत्तम सिंह श्रोवाणी पिता स्व. फिरत राम (45) के मोबाइल पर 23 फरवरी को ऑनलाइन कार्य कर घर बैठे पैसे कमाने का ऑफर मैसेज आया. मैसेज करने वाली ने अपना नाम पार्वती, वर्तमान निवास मुंबई, मूल निवासी कोची (केरल) बताया. अपनी कंपनी का नाम रेडफाइन जिसे अमेरिका की रियल एस्टेट कंपनी होने का दावा किया. कंपनी का भारत में कारोबार रेंट डॉट कॉम के माध्यम से ऑनलाइन होना बताया गया, जिसमें एक दिन में किराए के केवल 75 मकानों को रिव्यु देने की बात की गई. 10 हजार रुपए लगाकर रोजाना 3 हजार रुपए प्रेफिट का लालच दिया. इसके बाद पीड़ित उत्तम सिंह ने 7 मार्च से 9 मार्च 25 की अवधि में 4 किश्तों में 51 हजार 241 रुपए कस्टमर सपोर्ट द्वारा साझा किया. कंपनी की तरफ से 3 किश्तों में 70 हजार 817 रूपए का भुगतान उसी दिन कार्य समाप्ति पर मेरे बैंक खाते में कर दिया गया था. 10 अक्टूबर को कंपनी का एनिवर्सरी बताया गया और कार्य शुरू करने के लिए न्यूनतम 1 लाख रुपये जमा करना अनिवार्य बताया गया. साथ ही ज्यादा प्रफिट मिलने का लालच दिया गया. कार्य करने के लिए सुरक्षा का हवाला देकर वेबसाइट का अलग अलग लिंक समय समय पर दिया जाता था. पीड़ित युवक ने 10 मार्च 25 को 1 लाख रुपए कस्टमर सपोर्ट द्वारा दिए गए बैंक खाता में जमा कर ऑनलाइन कार्य प्रारंभ कर दिया गया. कार्य के दौरान पीड़ित को चैप्टर लीज (कूपन) मिला, उसके बारे में बताया गया कि 2 लाख 25 हजार 59 रुपए और जमा करने होंगे, तभी आगे के कार्य कर सकेंगे. इसके बाद प्रफिट 7 गुना मिलेगा. 11 मार्च की सुबह राशि जमा कर दी गई. दूसरा दिन दोबारा कूपन भेजा गया. इसके एवज में 4 लाख 53 हजार 224 रुपए जमा कराया. इस पर 30 गुना प्रफिट का लालच दिया गया. इसेक बाद फिर से 11 लाख 60 हजार 448 रुपए जमा करने के लिए कस्टमर सपोर्ट शिवा प्रकाश (सीनियर व एडमिन), एजेंट पार्वती, अन्य सीनियर टेलीग्राम मेम्बर व एडमिन लोगों के द्वारा लगातार दबाव बनाया गया. इसके बाद पीड़ित को धोखाधड़ी के बारे में पता चला. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया है. पैसे वापस करने गिड़गिड़ाता रहा युवक पीड़ित उत्तम सिंह ने टेलीग्राम मैसेज, व्हाट्सएप मैसेज, व्हाट्सएप कॉल आदि के माध्यम से इन्वेस्ट की हुई राशि को वापस करने के लिए निवेदन किया. उन्होंने कोई फायदा भी नहीं लेने की बात कही, लेकिन किसी भी सीनियर, एडमिन या कस्टमर सपोर्ट द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया. जमा राशि वापस नहीं की गई. recent visitors 19

भिलाई स्टील प्लांट में फिर लगी आग, मची अफरा-तफरी

दुर्ग भिलाई इस्पात संयंत्र के कोकोवन डिपार्टमेंट में आज सुबह फिर आग लगने से प्लांट में अफरा-तफरी मच गई. इस घटना से बीएसपी प्रबंधन को करोड़ों का नुकसान हुआ है. बीएसपी के दमकल कर्मियों ने 5 गाड़ी पानी की मदद से लगभग 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. फिलहाल इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है. वहीं बीएसपी प्रबंधन हमेशा की तरह इस घटना को छिपाने में लगा रहा. बता दें कि हाल ही में भिलाई स्टील प्लांट में फिर आग लगी थी, जिसमें लाखों का नुकसान हुआ था. बताया जा रहा है कि कोकोवन बैटरी के 9 और 10 के पीछे कन्वेयर बेल्ट नम्बर 4 में आग लगी थी, जिससे बेल्ट लगभग 70 से 80 मीटर बेल्ट जलकर खाक हो गया. बेल्ट को घुमाने में लगे मशीन और केबल भी जलकर खाक हो गए. विभाग के सूत्रों ने बताया कि कोकोवन बैटरी में कोयले के जलने के दौरान उसे ठंडा करने के बाद उसमें नेप्था लिक्विड का छिड़काव किया जाता जाता है. इसके बाद उसे कन्वेयर बेल्ट में पावडर बनाने के लिए दूसरे डिपार्टमेंट में ले जाया जाता है. इसी दौरान कोयले की आग से यह आग लगी है. इसमें नाइट शिफ्ट वाले ड्यूटी कर्मचारी की लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि जब बेल्ट पूरी तरह जलकर गिर गया तब जाकर दमकल को इसकी सूचना दी गई, जबकि आग को बढ़ने में दो से 3 घंटे का समय लगा होगा. recent visitors 33

मलेशिया हॉकी महासंघ ने दिया बड़ा झटका, कर्ज के चलते पाकिस्तान को अजलान शाह कप मे नहीं मिलेगी एंट्री

हैदराबाद सुल्तान अजलान शाह कप 2025 का आयोजन नवंबर में हो सकता है, उससे पहले मलेशिया हॉकी महासंघ ने पाकिस्तान को बड़ा झटका दे दिया है. क्योंकि मलेशिया ने कर्ज न चुका पाने की वजह से आगामी सुल्तान अजलान शाह कप के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं करने का फैसला किया है. बता दें कि पाकिस्तान पिछले साल इस टूर्नामेंट का उपविजेता रहा था. पूर्व अधिकारियों की वजह से पाकिस्तानी कर्ज में डूबा पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) के एक सूत्र का कहना है कि, 'पीएचएफ के एक पूर्व अधिकारी ने पिछले अजलान शाह कप के दौरान कुछ गलत निर्णय लिए, जिसके कारण पीएचएफ मलेशियाई हॉकी महासंघ (MHF) के कर्ज में डूब गया'. उनका ये भी कहना है कि पीएचएफ के अधिकारी एमएचएफ के साथ मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि इस सप्ताह के अंत में निमंत्रण मिल जाएगा, क्योंकि पाकिस्तान के मलेशियाई महासंघ के साथ अच्छे संबंध हैं.' मलेशियाई आयोजक पाकिस्तान हॉकी टीम की मौजूदा स्थिति और समय पर बकाया न चुका पाने से खुश नहीं थे, इसलिए उन्होंने पिछले साल के उपविजेता पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया. भारत के छह साल के अंतराल के बाद खेलने की उम्मीद बता दें कि पिछले साल फाइनल में पाकिस्तान को हराकर अजलान शाह कप जीतने वाला जापान भी कहीं और मैच होने के कारण टूर्नामेंट में भाग नहीं लेगा, लेकिन लगातार दो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारत के छह साल के लंबे अंतराल के बाद टूर्नामेंट में भाग लेने की उम्मीद है. सुल्तान अजलान शाह कप का इतिहास बताते चलें कि सुल्तान अजलान शाह कप का नाम मलेशिया के नौवें राजा के नाम पर रखा गया है, जिन्हें हॉकी बहुत पसंद थी. जिसका उद्घाटन संस्करण 1983 में खेला गया था. पहले ये टूर्नामेंट 2 साल पर खेला जाता था लेकिन 1998 से इस टूर्नामेंट का आयोजन हर साल होने लगा. टूर्नामेंट के पहले संस्करण में ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती थी जबकि भारत तीसरे स्थान पर रहा था. ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड 10 बार (1983, 1998, 2004, 2005, 2007, 2011, 2013, 2014, 2016, 2018) यह टूर्नामेंट जीता है. इसके बाद भारत (1985, 1991, 1995, 2009, 2010) पांच बार और पाकिस्तान ने तीन बार (1999, 2000, 2003) ट्रॉफी जीता है. recent visitors 34