Sunday, July 5, 2026 2:08 pm

पन्ना, कटनी, खजुराहो में स्वीकृत हुए 25,730 प्रधानमंत्री आवास, केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने गुरुवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा गरीबों को दिए जा रहे पक्के आवास का मुद्दा उठाया। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार देश भर के गरीबों के आवास की चिंता कर रही है। इसके पहले योजनाओं के नाम पर सिर्फ बंदरबाट होता था, लेकिन 2014 के बाद से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी गरीबों को उनका हक दे रहें हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद  विष्णुदत्त शर्मा ने जानना चाहा कि मध्यप्रदेश और खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों में कितने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा के प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने बताया कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 9,61,147 आवास स्वीकृत किए गए हैं। जबकि पन्ना एवं कटनी जिलों तथा खजुराहो नगर में 25,730 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने गुरुवार को लोकसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से पूछा था कि पन्ना, कटनी जिलों तथा छतरपुर जिले के खजुराहो नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत कितने आवास स्वीकृत किए गए हैं और कितने आवासों के लिए केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। उन्होंने यह भी पूछा था कि पन्ना, कटनी जिलों और खजुराहो नगर में वंचित और शेष ईडब्लूएस, शहरी गरीबों को इस योजना का लाभ प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा के प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री  तोखन साहू ने बताया कि यह योजना मांग आधारित है। इसका आशय यह है कि विभिन्न राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों से जितनी मांग आती है, उसके अनुसार आवास स्वीकृत किए जाते हैं। मध्यप्रदेश में इस योजना के अंतर्गत 9,61,147 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें में से 8,52,134 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। केन्द्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने बताया कि पन्ना जिले में कुल 14229 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 10607 आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन आवासों के लिए 214.04 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता के रूप में स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 188.87 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसी तरह कटनी जिले के लिए 10,413 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 9519 बनकर तैयार हैं। कटनी जिले में योजना के अंतर्गत कुल 162.41 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई थी, जिसमें से 150.53 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री श्री साहू ने बताया कि खजुराहो नगर में इस योजना के अंतर्गत 1088 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 982 बनाए जा चुके हैं। योजना के तहत 16.33 करोड़ की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई थी, जिसमें से 15.35 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। recent visitors 19

ग्वालियर मेले में किताबें उपलब्ध न कराने पर 8 स्कूल व 6 वेंडर्स को नोटिस, दो स्कूलों के प्रिंसिपलों पर एफआईआर दर्ज

ग्वालियर  ग्वालियर जिला प्रशासन की ओर से आयोजित किए गए पुस्तक मेला में दो स्कूल प्रबंधनों को मनमानी भारी पड़ी है। निजी प्रकाशकों की किताबें जानबूझकर उपलब्ध न कराकर मनमानी करने के मामले में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल महाराजपुरा (महाराजपुरा थाना) और अमर पब्लिक स्कूल थाटीपुर (थाटीपुर थाना) के प्राचार्यों पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जिसमें बताया कि स्कूलों द्वारा उनके यहां चलने वाली निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। न ही पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। इस पर जब नोटिस जारी किया गया तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जबलपुर की तर्ज पर लगाया गया पुस्तक मेला दो दिन पहले ही कलेक्टर ने स्कूल संचालकों को फटकार लगाई थी व स्कूलों को नोटिस भी जारी किए गए। ग्वालियर में पुस्तक मेला जबलपुर की तर्ज पर लगाया गया है। जबलपुर में पिछले साल से पुस्तक मेले का आयोजन हो रहा है, इस बार यह 25 मार्च से लगाया गया है। इस बार जबलपुर पुस्तक मेले में अभिभावकों को किताबें व स्टेशनरी आदि पिछले साल की तुलना में आधे में मिल रही हैं। यदि जबलपुर के पैटर्न को ग्वालियर में भी अपनाया जाए तो अगले साल के पुस्तक मेले में अभिभावकों को जबलपुर की तरह ही लाभ मिल सकता है। वहीं बुधवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने पुस्तक मेले का निरीक्षण किया और वेंडरों से कहा कि वे समय पर दुकान खोलें, यदि वे समय पर दुकानें नहीं खोलते हैं तो माना जाएगा कि वे अधिक कीमत में देना चाहते हैं। ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी। क्या है जबलपुर का पैटर्न जबलपुर के शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने नईदुनिया को बताया कि पिछले साल पुस्तक मेला लगाया था, तब अभिभावकों को लाभ मिला था। मेले के दौरान समझ में आया था कि स्कूल संचालक निजी पब्लिशर की किताबें चलाते थे जो महंगी पड़ती थीं। मेले के बाद ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके बाद सभी स्कूलों ने कक्षा एक से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें ही चलाते हैं। चूंकि एनसीईआरटी की किताबें पहले से ही सस्ती होती हैं। इनके साथ एक दो किताबें ही निजी पब्लिशर की चलाते हैं। इसलिए किताबों का बजट कम हो गया। ग्वालियर में भी अगले मेले से मिल सकती है राहत जिला प्रशासन ने जिस तरह से आठ बड़े स्कूलों को नोटिस दिए हैं और जवाब मंगाए हैं। उन जवाबों में स्कूल संचालकों ने कहा कि वे कक्षा एक से 12वीं तक एनसीआरटीई की किताबें ही चलाते हैं और आगे से यही किताबें चलाएंगे। हालांकि स्कूल संचालकों के जवाब का शिक्षा विभाग अभी परीक्षण कर रहा है। शिक्षा अधिकारी के मुताबिक परीक्षण के बाद जिनके जवाब संतोषजनक नहीं होंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। एक बार कार्रवाई होगी तो आगे से सभी स्कूल नियमों का पालन करेंगे। कलेक्टर रुचिका चौहान ने किया निरीक्षण, दी चेतावनी कलेक्टर ने कुछ दुकानदारों द्वारा देरी से दुकानें खोले जाने की शिकायत मिलने पर पुस्तक मेले का निरीक्षण किया। देरी से खुली दुकानों पर पहुंचकर दुकान संचालकों को चेतावनी दी कि आगे से ऐसी स्थिति न बने, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर में जहां पर भी दुकान संचालित हैं, वहां पर छापामार कार्रवाई कराई जाएगी। साथ ही दुकान पर डिस्काउंट की सूची लगाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा कलेक्टर ने बुक बैंक का भी निरीक्षण किया। किताबें उपलब्ध न कराने पर 8 स्कूल व 6 वेंडर्स को नोटिस जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए पुस्तक मेले में किताबें उपलब्ध न कराना स्कूलों को भारी पड़ सकता है। सोमवार को ऐसे 8 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिन्होंने मेले में अब तक किताबें ही उपलब्ध नहीं कराईं। वहीं, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार ने सोमवार को पुस्तक मेले का निरीक्षण किया। उन्होंने कंट्रोल रूम, पूछताछ केंद्र, बुक बैंक, फीडबैक स्टॉल, बुक स्टॉल व फूड स्टॉल देखे एवं दुकानदारों से चर्चा की। तीसरे दिन भी पुस्तक मेले में बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ पहुंचे। परीक्षण के बाद कार्रवाई होगी     जिन स्कूलों को किताबें उपलब्ध कराने पर नोटिस दिए थे उनके जवाब आ गए हैं। हालांकि सभी ने कक्षा एक से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें चलाने की बात कही है। परीक्षण के बाद कार्रवाई होगी। उम्मीद है कि इस बार डिस्काउंट मिल रहा है, अगली बार अभिभावकों को अधिक फायदा होगा। – अजय कटियार, जिला शिक्षा अधिकारी, ग्वालियर   recent visitors 31

29 मार्च को चमकेगी इन राशि वालों की तकदीर

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म फल दाता कहा जाता है यानी वह व्यक्ति को अच्छे बुरे कर्मों के अनुसार, उन्हें फल देते हैं. वहीं शुक्र ग्रह को सुख-समृद्धि और वैभव का कारक माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी ग्रह समय-समय पर एक राशि से दूसरी राशि में गोचर तथा नक्षत्र परिवर्तन करते हैं. कई बार दो ग्रह एक ही राशि में प्रवेश कर युति बना लेते हैं, जिसका प्रभाव देश दुनियां की सभी 12 राशि के जातकों पर होता है. इस बार भी कुछ ऐसा ही होने वाला है. 27 मार्च को शनि देव और शुक्र लगभग 30 साल बाद मीन राशि में युति बनाने वाले हैं. वहीं इस दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है तो यह युति और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इन राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन शनि और शुक्र ग्रह की युति वृषभ राशि के जातकों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. इस दौरान वृषभ राशि के जातकों की आय में वृद्धि होगी. किसी पुराने निवेश से लाभ होगा. किसी नए कारोबार की शुरुआत कर सकते हैं, जिसमें तरक्की मिल सकती है. वहीं मान सम्मान में भी वृद्धि होगी. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र और शनि की युति कमाल दिखा सकती है. इन दौरान मिथुन राशि वालों को करियर-कारोबार में बड़ी सफलता हासिल हो सकती है, जिससे खूब धन लाभ होगा. वहीं नौकरी करने वालों को प्रमोशन मिल सकता है. इसके अलावा लव और मैरिड लाइफ में तालमेल तथा खुशियां बढ़ेगी. धनु राशि शुक्र और शनि की युति धनु राशि वालों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आ रही हैं. इस दौरान धन राशि वालों के लिए धन लाभ के योग बनेंगे. संपत्ति ता वाहन का सुख प्राप्त होगा. व्यापार करने वालों के लिए समय बेहतर है. तरक्की के रास्ते खुलेंगे. परिवार और रिश्तेदारों के साथ अच्छा तालमेल बनेगा. recent visitors 30

ओम बिरला ने भी सड़क परिवहन मंत्री की सराहना करते हुए टिप्पणी की, अब कोई रास्ता बचा है क्या

नई दिल्ली हाईवे मैन कहे जाने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तारीफ का लंबा दौर संसद में चला। एक ओर जहां लोकसभा में गुरुवार विपक्षी शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के एक सदस्य ने देशभर में सड़कों और राजमार्गों के निर्माण के लिए गडकरी की प्रशंसा की। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सड़क परिवहन मंत्री की सराहना करते हुए टिप्पणी की। सदन में प्रश्नकाल में महाराष्ट्र के परभनी से शिवसेना (उबाठा) के सदस्य संजय जाधव ने गडकरी की प्रशंसा करते हुए कहा, 'वह महाराष्ट्र के ऐसे सुपुत्र हैं जिन्होंने देशभर में सड़कों पर बहुत काम किया है।' गडकरी ने जाधव के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए सदन को बताया कि इंदौर से हैदराबाद तक एक राजमार्ग बनाया जा रहा है जो महाराष्ट्र के नांदेड़ से निकलेगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पुणे से अहमदनगर से होते हुए छत्रपति संभाजीनगर के मार्ग पर 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से एक नया ‘‘ग्रीन अलाइनमेंट’’ तैयार जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक अभिनव मॉडल है और इसमें सरकार का एक भी रुपया नहीं लगा है। गडकरी ने कहा कि पुणे से छत्रपति संभाजीनगर का रास्ता अभी छह से सात घंटे में तय होता है, लेकिन इस मार्ग के बनने के बाद दो घंटे में पूरा हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री के जवाब के दौरान ही लोकसभा अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा, 'कोई मार्ग बचा है क्या?' जम्मू कश्मीर की बारामूला संसदीय सीट से सदस्य अब्दुल रशीद शेख के पूरक प्रश्न के उत्तर में गडकरी ने कहा कि उत्तरी राज्य में दो लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम हो रहा है और 105 सुरंग बनाई जा रही हैं। गडकरी ने कहा कि एशिया की सबसे बड़ी जोजिला सुरंग का निर्माण भी वहां किया गया है। recent visitors 39

श्रीलंकाई नौसेना ने विशेष अभियान के तहत 11 भारतीय मछुआरों को अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में किया गिरफ्तार

कोलंबो श्रीलंकाई नौसेना ने गुरुवार को विशेष अभियान के तहत उत्तरी क्षेत्र में डेल्फ़्ट द्वीप के समीप 11 भारतीय मछुआरों को कथित रूप से अपने जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया और उनकी ट्रॉलर को जब्त कर लिया। गिरफ्तार किए गए मछुआरों को कांकासनथुराई बंदरगाह लाया गया है, जहां उन्हें आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए मैलाडी के मत्स्य निरीक्षक को सौंपा जाएगा। श्रीलंकाई नौसेना नियमित रूप से अपने जलक्षेत्र में अवैध मछली पकड़ने की गतिविधियों पर नजर रखती है और इस तरह की कार्रवाइयां करती है। मछुआरों की समस्या भारतीय और श्रीलंकाई मछुआरों के बीच समुद्री सीमा का उल्लंघन एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। पाक जलडमरूमध्य, जो तमिलनाडु को श्रीलंका से अलग करता है, दोनों देशों के मछुआरों के लिए समृद्ध मछली पकड़ने का क्षेत्र है। अक्सर, मछुआरे अनजाने में एक-दूसरे के जलक्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गिरफ्तारियाँ और नौकाओं की जब्ती होती है। अतीत को कुछ घटनाएं हाल ही में, श्रीलंकाई नौसेना ने जनवरी 2025 में 8 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया था और उनकी दो नौकाएँ जब्त की थीं। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में, श्रीलंकाई अधिकारियों ने इस वर्ष अब तक 537 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार करने की सूचना दी थी। भारतीय उच्चायोग ने इन मछुआरों की शीघ्र रिहाई का आग्रह किया था और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया था। मछुआरों का यह मुद्दा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव का कारण बना हुआ है, और इसे सुलझाने के लिए मानवीय और रचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। recent visitors 36

सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है वॉकिंग, लेकिन न करें ये गलतियां

वॉकिंग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह न सिर्फ वजन कम करने में मदद करता है, बल्कि दिल की सेहत, मेंटल हेल्थ और ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है । हालांकि, अगर वॉक करते समय कुछ गलतियां की जाएं, तो यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर दिल के लिए। आइए जानते हैं ऐसी 8 गलतियों  के बारे में जो वॉक करते वक्त दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। बहुत तेज या बहुत धीमी गति से चलना वॉक करते समय स्पीड का सही होना जरूरी है। बहुत धीमी गति से चलने पर शरीर की सही तरीके से एक्सरसाइज नहीं हो पाती है, जबकि अचानक बहुत तेज चलने से हार्ट रेट बढ़ सकता है और दिल पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ सकता है। वॉक करने की सही स्पीड वह है, जिसमें आप आराम से बात कर सकें, लेकिन गाना न गा पाएं। वॉर्म-अप और कूल-डाउन न करना बिना वॉर्म-अप के अचानक तेज चलना शुरू करने से मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है और दिल की धड़कन अनियंत्रित हो सकती है। इसी तरह, वॉक खत्म करने के बाद अचानक रुक जाने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। इसलिए वॉक करने से पहले और बाद में 5-10 मिनट हल्की स्ट्रेचिंग या धीमी वॉकिंग जरूर करें। गलत पोश्चर में चलना झुककर या गलत तरीके से चलने से रेस्पिरेशन पर असर पड़ता है, जिससे दिल तक भरपूर ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता। सीधे खड़े होकर, कंधे ढीले रखते हुए और हाथों को स्विंग करते हुए चलें। सही मात्रा में पानी न पीना डिहाइड्रेशन ब्लड को गाढ़ा बना देता है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। वॉक से पहले, बीच में और बाद में पानी पीते रहें, खासकर गर्मियों में। भारी नाश्ता करके चलना वॉक से ठीक पहले हैवी या तला-भुना खाने से पाचन तंत्र पर जोर पड़ता है और दिल को ज्यादा काम करना पड़ता है। हल्का और पौष्टिक नाश्ता लें, जैसे फल या ड्राई फ्रूट्स।  प्रदूषण भरे इलाके में वॉक करना धूल-प्रदूषण या ट्रैफिक वाली सड़क पर वॉक करने से फेफड़ों और दिल पर बुरा असर पड़ता है। हमेशा हरियाली वाली जगहों पर ही वॉक करें, जहां आस-पास धूल और धुआं कम हो। ओवरएक्सर्ट करना अगर आपको सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना या सीने में दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं। जरूरत से ज्यादा वॉक करना दिल के लिए खतरनाक हो सकता है, खासकर हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट डिजीज वालों के लिए। नियमितता न बनाए रखना कभी-कभार लंबी वॉक करने के बजाय रोजाना 30-40 मिनट की नियमित रूप से वॉक करें। अनियमित वॉकिंग से दिल की काम करने की क्षमता प्रभावित होती है। recent visitors 36

नवरात्र व्रत में मखाना खाने से शरीर में बनी रहेगी एनर्जी

इस बार 30 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू हाे रहा है। इसका समापन 6 अप्रैल को होगा। नवरात्र में 9 दि‍नों तक मां दुर्गा के व‍िभ‍िन्‍न स्‍वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र व्रत में खानपान का व‍िशेष ध्‍यान रखने की सलाह दी जाती है ताक‍ि शरीर में एनर्जी बनी रहे। आपको कमजोरी भी महसूस न हो। वैसे तो व्रत में कई तरह की चीजें खाई जाती हैं। इनमें आलू, साबूदाना, कुट्टू के आटे की पूड़ी, हरी सब्‍ज‍ियां और फल-मेवे शाम‍िल होते हैं। उन्‍हीं में से मखाना भी एक है। यह एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जो आपको पूरे द‍िन तरोताजा रखेगा। आपके शरीर में एनर्जी की कमी नहीं होने देगा। अगर आप इसे व्रत के दौरान खाते हैं तो इससे आपको कुछ और खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल व्रत के दौरान शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जिसे मखाना आसानी से पूरा कर सकता है। आइए जानते हैं व्रत में मखाना खाने से सेहत को क्‍या फायदे म‍िल सकते हैं। मखाने में भरपूर पोषण मखाने में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करता है और व्रत के दौरान कमजोरी महसूस नहीं होने देता है। इसके अलावा इसे पचाना भी बेहद आसान होता है। लंबे समय तक बनी रहेगी एनर्जी व्रत में अक्सर एनर्जी डाउन होने से कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसे में मखाना आपको ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिससे यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखता है और शरीर में लंबे समय तक एनर्जी बनी रहती है। डाइजेशन को रखे दुरुस्‍त व्रत के दि‍नों में अक्सर पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है, लेकिन मखाने में मौजूद फाइबर पेट को स्वस्थ रखता है। यह कब्ज और अपच की समस्या को दूर करता है। हड्डियों को बनाए मजबूत मखाने में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है। ये हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार है। व्रत में ज्‍यादातर कैल्शियम से भरपूर चीजों का सेवन कम हो जाता है, ऐसे में मखाना हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में मदद करते हैं। द‍िल को रखे सेहतमंद मखाने में कोलेस्ट्रॉल, सोडियम और फैट की मात्रा कम होती है, जिससे यह द‍िल के ल‍िए बेहतरीन दवा का काम करता है। यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखता है और दिल को स्वस्थ बनाए रखता है। ऐसे डाइट में शाम‍िल करें मखाना     रोस्टेड मखाना     मखाने की खीर     मखाने का चिवड़ा     सिंपल स्नैक   recent visitors 39