समेकित भुगतान प्रणाली से मल्टीपल कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं को भुगतान करने में सहायता मिलेगी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कॉर्पोरेट और शासकीय तथा अशासकीय क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली बिल का भुगतान करने के लिए समेकित भुगतान तंत्र (Consolidated Payment System) विकसित कर नई सुविधा उपलब्ध कराई है। यह प्रणाली मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के उन बिजली उपभोक्ताओं को भुगतान करने में मदद करेगी जैसे कि नगर निगम, मध्यप्रदेश एवं भारत सरकार के उपक्रम, सरकार तथा निजी क्षेत्र के बैंक तथा निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियां, दूरसंचार कंपनियां जिनके विभिन्न क्षेत्रों में टॉवर लगे हुए हैं और ऐसे अन्य उपभोक्ता जिनके मल्टीपल बिजली कनेक्शन हैं, उन्हें यह समेकित भुगतान प्रणाली फायदा पहॅुंचाएगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने बताया है कि समेकित भुगतान प्रणाली से मल्टीपल कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं को भुगतान करने में सहायता मिलेगी। ऐसे मल्टीपल कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं की संख्या कंपनी कार्यक्षेत्र में ढाई हजार से अधिक है। उन्होंने बताया कि समेकित भुगतान प्रणाली से उपभोक्ताओं को बिल भुगतान करने में एक ओर जहॉं सुविधा मिलेगी वहीं दूसरी ओर उन्हें बिजली बिल का लंबित भुगतान, भुगतान की जानकारी और बिल डाउनलोड करने आदि की सुविधा समेकित भुगतान प्रणाली में एक ही स्थान पर मिलेगी। इससे एक ओर जहॉं उपभोक्ताओं को कम समय में एक क्लिक पर मल्टीपल बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध होगी वहीं दूसरी ओर एक से अधिक बिल भुगतान करने में लगने वाले समय की बचत होगी और कंपनी को भी सही समय पर राजस्व मिलेगा। कंपनी ने बताया है कि यह समेकित भुगतान प्रणाली अत्यंत उपयोगी और सरल बनाई गई है जिसमें उपभोक्ता द्वारा कंपनी के रिकार्ड में रजिस्टर्ड अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर लॉगिन की सुविधा मिलेगी। इस प्रणाली में एक बार उपभोक्ता को आईव्हीआरएस नंबर अथवा उपभोक्ता आईडी की टैगिंग करनी होगी। उपभोक्ताओं के पास टैग की गई उपभोक्ता सूची में भुगतान करने के लिए उपभोक्ता क्रमांक को टिक कर चयन करने की सुविधा रहेगी। उपभोक्ता को जिन कनेक्शनों के बिल का भुगतान करना है उनका चयन करने पर वर्चुअल अकाउंट नंबर वाला एक समेकित चालान तैयार हो जाएगा और फिर भुगतान के विभिन्न विकल्प होंगे जिसके जरिये उपभोक्ता भुगतान कर सकेगा। अभी तक जो व्यवस्था है उसमें सरकारी गैर सरकारी और कॉर्पोरेट उपभोक्ता जिनके अलग-अलग कनेक्शन हैं उनको अलग-अलग भुगतान करने में समय खराब होने के साथ ही भुगतान का रिकार्ड संधारित करने में दिक्कतें होती हैं। कंपनी की समेकित भुगतान प्रणाली से अब अलग-अलग कनेक्शनों का भुगतान और रिकार्ड अब एक ही स्थान पर संधारित रहेगा साथ ही अपने अकाउंट नंबर के साथ ही सभी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस समेकित भुगतान प्रणाली के माध्यम से अपने मल्टीपल कनेक्शनों के बिजली बिलों का भुगतान सुनिश्चित करें। यह प्रणाली कंपनी की बेवसाइट http://portal.mpcz.in पर उपलब्ध है। इस प्रणाली के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली वितरण केन्द्र अथवा कॉल सेन्टर नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।   recent visitors 22

दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, मौके पर ही मौत

धरसींवा सांकरा-सिमगा सिक्स लाइन पर आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है. हादसा इतना भयावह था कि बाइक सवार का शरीर दो भागों में बंट गया और सड़क खून से सन गई. जानकारी के अनुसार, यह घटना टाटीबंध ब्रिज के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी और बाइक सवार को काफी दूर तक घसीटते हुए ले गया. इस भीषण हादसे में बाइक चला रहे व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है. recent visitors 28

जनहित याचिका: गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिए ये निर्देश

बिलाषपुर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत नि:शुल्क शिक्षा देने के मामले में प्रस्तुत जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। चीफ जस्टिस की बेंच ने राज्य शासन को इस बारे में संविधान के अनुच्छेद 21 ए के तहत एक नई नीति बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 6 माह के भीतर इसकी कार्रवाई पूरी करने को कहा है। सीवी भगवंत राव ने 6 से 14 वर्ष की आयु के उन बच्चों को निजी स्कूलों में भी नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग रखी जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आते हैं। शिक्षा के अधिकार के तहत यह मांग रखते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डीबी ने पिछली बार अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। आज इसे जारी करते हुए कोर्ट ने सरकार को इस विषय पर 6 माह में नई नीति बनाने का निर्देश दिया। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए तैयार करें नीति कोर्ट ने कहा कि पक्षकारों के अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्कों, इस जनहित याचिका के माध्यम से याचिकाकर्ता द्वारा उठाई गई शिकायत, जनहित याचिका के साथ संलग्न दस्तावेजों और प्रतिवादियों द्वारा दाखिल रिटर्न तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उपर्युक्त निर्णय में निर्धारित कानून तथा आरटीई अधिनियम में निहित प्रावधानों तथा विश्लेषण से मालूम हुआ कि राज्य सरकार द्वारा उपरोक्त विषय पर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं बनाया गया है। इसलिए प्रतिवादी-राज्य को यह निर्देश दिया जाता है कि वह ‘आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग’ के बच्चों को मुत और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के संबंध में नीति तैयार करे। ताकि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 ए में निहित आरटीई अधिनियम की भावना और उद्देश्य को कानून के अनुसार यथाशीघ्र पूरा किया जा सके। recent visitors 26

कानून में संशोधन वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और जरूरतमंद महिलाओं के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए किया गया : आलोक कुमार

नई दिल्ली  विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के लिए एआईएमपीएलबी की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठकों में पहले ही सभी मुद्दों पर गहन चर्चा की जा चुकी है. मीडिया से बात करते हुए विहिप प्रमुख ने बताया कि देश भर में व्यापक विचार-विमर्श के बाद जेपीसी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि कानून में संशोधन वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और मुस्लिम समुदाय, खासकर जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है. कुमार ने कहा, "लोकतंत्र में विरोध करना अधिकार है. भारत में भी मौलिक अधिकार हैं. लेकिन आपने उन मुद्दों पर चर्चा कहां की, जिन पर यह किया जा रहा है? जेपीसी ने किया, पूरे देश में गई और फिर सभी से बात करने के बाद पाया कि वक्फ में संशोधन मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए है. यह वक्फ की संपत्तियों की रक्षा के लिए है." उन्होंने कहा, "वक्फ का पैसा जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए है. इसलिए जेपीसी ने भी अपनी रिपोर्ट दी है. इस पर लोकसभा और राज्यसभा में भी विचार किया जाएगा. वहां अपनी बात रखने के लिए एक मंच है. मुझे लगता है कि अगर मुस्लिम समुदाय गुमराह न हो और ईमानदारी से सोचे तो उन्हें लगेगा कि अल्लाह के नाम पर दी गई संपत्ति का सही इस्तेमाल होना चाहिए. इस बिल का उद्देश्य यही है." वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया है. बुधवार को पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया. बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से लोग बिल का विरोध करने के लिए एकत्र हुए और विधेयक को गैरकानूनी और मुसलमानों के अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वक्फ की उन संपत्तियों को जब्त करने की कोशिश कर रही है, जिन्हें उनके पूर्वजों ने लोगों के कल्याण के लिए दिया था. उन्होंने दावा किया कि सरकार इन संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रही है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी AIMPLB के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. तेजस्वी ने अपने संबोधन में पटना आए लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी और उनके नेता लालू यादव असंवैधानिक वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ उनकी लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं. recent visitors 32

प्रदेश में प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करने पर हाईकोर्ट की रोक

बिलासपुर प्रदेश में प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी करने पर हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि सभी पक्षकार आवश्यक जानकारी सहित अपना पक्ष(रिज्वाइंडर) सबमिट कर दें। अगली सुनवाई 16 अप्रैल को निर्धारित की गई है। प्रकरण पर चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई। प्राचार्य पदोन्नति के लिए बीएड की डिग्री को अनिवार्य किया जाए या नहीं, इस पर याचिकाकर्ता अखिलेश कुमार त्रिपाठी के अधिवक्ता और हस्तक्षेपकर्ता अधिवक्ता आलोक बशी ने अपना पक्ष रखा। वहीं शासन की ओर से अतिरिक्त महाअधिवक्ता यशवंत ठाकुर ने अपना पक्ष रखा। यह है मामला याचिकाकर्ता व्यायाता अखिलेश त्रिपाठी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर लेक्चरर से प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति के लिए बीएड डिग्री की अनिवार्यता और बीएड डिग्रीधारक लेक्चरर को ही प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नति देने की मांग की है। इस याचिका के बाद प्राचार्य पदोन्नति फोरम की ओर से व्यायाता लूनकरण ठाकुर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हस्तक्षेप याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। हस्तक्षेप याचिका में कहा है कि प्राचार्य प्रशासनिक पद, जबकि व्यायाता शैक्षणिक पद है। recent visitors 30

गरियाबंद में अधेड़ आदिवासी को पुलिस ने पिटा, आदिवासी समाज लामबंद, दोषियों पर हो कार्रवाई

गरियाबंद देवभोग पुलिस पर जांच के नाम पर आदिवासी अधेड़ के साथ बर्बरता करने का गंभीर आरोप लगा है. मामले को लेकर आदिवासी समाज लामबंद हो गया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है. जनवरी माह में एक नाबालिग की गुमशुदगी के मामले की जांच के दौरान देवभोग पुलिस ने चलनापदर पोडपारा निवासी लालधर पोर्टी को पूछताछ के लिए बुलाया था. आरोप है कि पुलिस ने इस दौरान उसे बेरहमी से पीटा गया. पुलिस की बर्बरता से पीड़ित के एक पैर की हड्डी टूट गई. जिससे अब तक वह लंगड़ा लंगड़ा कर चल रहा है. डर के कारण पीड़ित ने किसी को कुछ नहीं बताया, लेकिन जब मामला आदिवासी समाज के पदाधिकारियों तक पहुंचा, तो वे उग्र हो गए हैं. आदिवासी विकास परिषद के पदाधिकारी पीड़ित को थाने लेकर पहुंचे जहां जम कर हंगामा किया. पीड़ित को उस कमरे में भी ले गए, जहां कमरा बंद उसे पिटाई किया गया था. जिसके बाद पुलिस और आदिवासी नेताओं के बीच जम कर बहस हुई. मामले में आदिवासी नेताओं ने अब दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए हैं. आज जिला मुख्यालय पहुंच आदिवासी समाज मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे. इधर मामले में पुलिस ने भी अपनी सफाई में कहा कि घर छोड़ते वक्त डॉक्टरी मुलाहिजा कराया गया था, उसे स्वास्थ्य हालात में सुरक्षित घर छोड़ दिया गया था. recent visitors 27

राज्यपाल से विधानसभा अध्यक्ष ने शिष्टाचार मुलाकात की

जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष  वासुदेव देवनानी ने राजभवन में पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को अहिल्याबाई होल्कर पर प्रकाशित पुस्तक भी भेंट स्वरूप प्रदान की। राज्यपाल  बागडे से विधानसभा अध्यक्ष  देवनानी ने विभिन्न विषयों पर संवाद भी किया। राज्यपाल से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी।   recent visitors 46