Sunday, July 5, 2026 6:42 pm

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा फिर हुई शुरू रामेश्वरम रवाना हुए 800 यात्री, सीएम ने दिखाई हरी झंडी

रायपुर छत्तीसगढ़ में छह साल बाद आज फिर से मुख्यमंत्री तीर्थ योजना की शुरुआत हुई. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत गौरव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रायपुर रेलवे स्टेशन से रवाना किया. इस ट्रेन में छत्तीसगढ़ से 800 यात्री तीर्थ यात्रा के लिए रवाना रवाना हुए हैं. इस योजना के तहत दर्शनार्थियों को मदुरई, तिरुपति और रामेश्वरम के दर्शन कराए जाएंगे. ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के लिए खाने-पीने के साथ ही चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध है. इस दौरान सीएम साय ने कार्यक्रम को संबोधितक करते हुए उनके सुखद याात्रा की कामना की है. सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज बड़ा ही ऐतिहासिक और गौरव का दिन है. मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा का आज पुनः शुभारंभ कर रहे हैं. आज हम लोग फिर से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की शुरुआत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार में इस योजना की शुरुआत डॉ. रमन सिंह ने की थी. बीच में यह योजना बंद हो गई थी, लेकिन इसे फिर शुरुकर दिया है. उन्होंने कहा कि हमारा जो वादा था, उसे पूरा करने का काम कर रहे हैं. इनकी यात्रा सुखमय हो. हम एक और मोदी की गारंटी का काम पूरा कर रहे हैं. सर्वसुविधा युक्त ट्रेन में यात्रियों के साथ 20 अधिकारी भी मौजूद सीएम साय ने आगे कहा कि रामलला दर्शन योजना की भी हमने शुरुआत की है. इसमें 22 हजार से ज्यादा लोग दर्शन कर आ चुके हैं. बुजुर्गों को तीर्थयात्रा की इच्छा होती है, लेकिन वे आर्थिक समस्या की वजह से जा नहीं पाते. सरकार ऐसे लोगों का पूरा ध्यान रख रही है. तीर्थयात्रियों को किसी तरह की तकलीफ नहीं होगी. तीर्थयात्रियों की देख रेख के लिए 20 अधिकारी भी साथ जा रहे हैं. वहीं तीर्थ यात्रा के लिए रवाना हुए यात्रियों में भारी उत्साह भी देखने को मिला. यात्रियों ने इस योजना को फिर से शुरू करने के लिए साय सरकार का धन्यवाद भी किया है. recent visitors 34

अमेरिकी टैरिफ का बाजार पर नहीं दिखा कोई असर, बढ़त के साथ 16,119.85 पर बंद हुआ

मुंबई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए नए टैरिफ को दरकिनार करते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। बाजार के ज्यादातर सूचकांकों में खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 317.93 अंक या 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,606.43 और निफ्टी 105.10 अंक या 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,591.95 पर था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में आयात होने वाली सभी कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। हालांकि, बाजार पर इसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला। लार्जकैप के साथ मिडकैप इंडेक्स में भी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 193.25 अंक या 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 51,839.40 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 183.10 अंक या 1.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,119.85 पर बंद हुआ। सेक्टोरल आधार पर आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा और कमोडिटीज इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। ऑटो और फार्मा इंडेक्स ही लाल निशान में बंद हुए हैं। सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, जोमैटो, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, टाइटन और टेक महिंद्रा टॉप गेनर्स थे। टाटा मोटर्स, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, एमएंडएम, टाटा स्टील, एचयूएल और मारुति सुजुकी टॉप लूजर्स थे। जानकारों के मुताबिक, मंथली एक्सपायरी के कारण धीमी शुरुआत के बाद बाजार में रिकवरी देखने को मिली और यह 105.10 अंक बढ़कर 23,591.95 पर बंद हुआ। प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर ने कहा, "ऐसा लगता है कि इंडेक्स का करेक्शन फेस पूरा हो गया है, तेजी के गैप को भर दिया है और पियर्सिंग कैंडलस्टिक पैटर्न बना लिया है। बाजार के लिए रुकावट का स्तर 23,800 पर है और इस स्तर से ऊपर ब्रेकआउट इंडेक्स को 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर ले जा सकता है। हालांकि, सपोर्ट 23,400 पर बना हुआ है।" बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह करीब 9.26 बजे, सेंसेक्स 112.96 अंक या 0.15 प्रतिशत बढ़कर 77,401.46 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 28.20 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 23,515.05 पर था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 26 मार्च को 2,240.55 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 696.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। recent visitors 33

दिल्ली में BJP सरकार ने मुफ्त वाली एक सुविधा बंद कर दी, पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने किया दावा

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने दावा किया है कि दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज वाली सुविधा बंद कर दी है। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को दावा किया कि बजट में इस योजना के लिए फंड आवंटित नहीं किया गया और चुपचाप इस बंद कर दिया गया है। हाल ही में दिल्ली में पार्टी के संयोजक बनाए गए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से पेश किए गए बजट की डिटेल अब सामने आ रही है और कुछ इतनी खतरनाक है कि दिल्ली में हाहाकार मचने वाला है। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, '2017 में अरविंद केजरीवाल ने प्रावधान किया था कि यदि कोई मरीज दिल्ली सरकार के अस्पताल में सर्जरी के लिए आता है और उसे एक महीने के भीतर का समय नहीं मिलता है तो वह निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवा सकता है और खर्च सरकार वहन करेगी।' उन्होंने दावा किया कि अब रेखा गुप्ता सरकार ने इसे बंद कर दिया है। दिल्ली सरकार ने 2017 में यह भी तय किया था कि यदि सरकारी अस्पताल में एमआरआई और सिटी स्कैन नहीं हो सकता है तो निजी अस्पताल से मुफ्त में करवा सकते हैं। भारद्वाज ने कहा कि इस योजना के लागू होने के बाद एक ही साल में 47 हजार मरीजों ने निजी अस्पतालों सर्जरी या जांच करवाई। recent visitors 35

टीम इंडिया का अगला असाइनमेंट जून में, रोहित और कोहली को करना होगा ये काम, तभी मिलेगी टेस्ट टीम में जगह!

नई दिल्ली भारतीय खिलाड़ी इस समय इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपील के 18वें सीजन में व्यस्त हैं। टीम इंडिया का अगला असाइनमेंट जून में शुरू होगा, जबकि आईपीएल मई के आखिरी सप्ताह तक चलेगा। ऐसे में 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ उन्हीं की सरजमीं पर खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय खिलाड़ी क्या करेंगे? ये सवाल सभी के दिमाग में होगा, लेकिन अब इसका जवाब मिल गया है। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली समेत कई खिलाड़ी इंडिया ए के लिए खेलने वाले हैं, जो टेस्ट क्रिकेट में फ्लॉप चल रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ खेली जाने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले इंडिया ए को इंग्लैंड का दौरा करना है। इसी टूर मैचों में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने की संभावना है। दोनों खिलाड़ी जनवरी में रणजी ट्रॉफी भी खेले थे। दोनों ही खिलाड़ी फेल रहे थे। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक था। ऐसे में इनके सिलेक्शन को लेकर उठ रहे सवालों की वजह से इन दिग्गज खिलाड़ियों को इंडिया ए के लिए मुकाबले खेलने होंगे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट में भारत के हालिया संघर्ष के बाद बीसीसीआई ने कई नए नियम बनाए हैं। उनमें से एक यह भी है कि महत्वपूर्ण विदेशी दौरों से पहले टेस्ट खिलाड़ियों को फॉर्म में आने के लिए इंडिया ए सेटअप में खेलना होगा। इंडिया ए को इंग्लैंड लॉयन्स के खिलाफ दो मैच खेलने हैं। एक मैच 30 मई से है, जबकि दूसरा मैच 6 जून से है। 25 मई को आईपीएल का फाइनल है। अगर मुंबई और आरसीबी जल्दी टूर्नामेंट से बाहर हो जाती हैं तो रोहित और विराट दोनों मैच भी खेल सकते हैं, लेकिन प्लेऑफ में टीमों के पहुंचने पर दोनों 6 जून से खेले जाने वाले दूसरे मैच में शिरकत कर सकते हैं। recent visitors 30

32 गौवंश को ठूंस-ठूंस कर कत्लखाने ले जा रहे ट्रक पुलिस ने पकड़ा , आरोपी फरार

दुर्ग दुर्ग जिले के अहिवारा क्षेत्र में गौवंश से भरी एक ट्रक को पुलिस ने पकड़ा है. ट्रक में 32 गौवंश को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था और उन्हें मुंगेली से नागपुर के कत्लखाने ले जाया जा रहा था. जानकारी के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नंदनी थाना पुलिस ने माटरा और खजरी गांव के बीच सड़क पर घेराबंदी कर गौवंश से भरे ट्रक को पकड़ा. लेकिन पुलिस को देख ड्राइवर और सह-चालक मौके से फरार हो गए. वहीं पुलिस ने गौवंश को थाने लाकर चारा-पानी दिया और पशु चिकित्सकों से उनका इलाज कराया जा रहा है. नंदनी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है. recent visitors 23

बिलासपुर नगर निगम के नए नियम से सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद धूमिल

बिलासपुर शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने सफाई के टेंडर में एक नया नियम जोड़ा है। इसमें अनुभव को अनिवार्य कर दिया गया है। इस बदलाव के चलते अब केवल वे ठेकेदार ही टेंडर के पात्र होंगे, जिन्होंने पहले सफाई कार्य में अनुभव प्राप्त किया है। हालांकि, इस नियम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, इससे नए ठेकेदारों के लिए टेंडर हासिल करना लगभग असंभव हो गया है। कई लोगों का मानना है कि यह नियम पुराने ठेकेदारों के पक्ष में एक तरह का आरक्षण साबित हो सकता है, जिससे सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद धूमिल होती दिख रही है। नगर निगम द्वारा सफाई कार्यों के लिए समय-समय पर टेंडर जारी किए जाते हैं। इस बार के टेंडर में अनुभव को अनिवार्य शर्त बना दिया गया है। इससे नए ठेकेदारों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं, क्योंकि जिनके पास पूर्व में सफाई का ठेका नहीं रहा, वे टेंडर प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाएंगे। पुराने ठेकेदारों का बना रहेगा एकाधिकार इससे पुराने ठेकेदारों का एकाधिकार बना रहेगा और वे अपनी मनमानी जारी रखेंगे। शहर में सफाई व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में है। वर्तमान में सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब है, लेकिन पुराने ठेकेदारों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती। अब जब टेंडर प्रक्रिया में अनुभव को अनिवार्य कर दिया गया है, तो वही ठेकेदार फिर से सफाई का काम संभालेंगे, जिनके कार्यों को लेकर पहले ही शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। नगर निगम द्वारा सफाई कार्यों की मानिटरिंग के बावजूद कचरा उठाने और नालों की सफाई में लापरवाही सामने आती रही है। नालियां जाम, गलियों में नहीं उठाया जाता कचरा शहर के कई इलाकों में गंदगी और कचरे के ढेर देखे जा सकते हैं। शहर की कई नालियां ठेकेदारों की मनमानी के कारण बजबजा रही हैं। तंग गलियों में कचरा उठाने कर्मचारी पहुंच नहीं पाते हैं। कई जगहों पर आधा कचरा उठाकर आधा छोड़ दिया जाता है। मुख्य मार्ग को छोड़कर अंदर की गलियों की हालत खराब है। पुराने ठेकेदार लंबे समय से काम कर रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों से सांठगाठ के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इधर, नए नियम से पुराने ठेकेदारों को एक तरह से इस काम के लिए आरक्षण मिल गया है। जिससे उनकी मनमानी और बढ़ेगी। मुख्य अभियंता ने जारी किया आदेश मुख्य अभियंता राजकुमार मिश्रा ने पांच मार्च को आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने उल्लेख है कि नालियों की सफाई में वही ठेकेदार भाग ले सकता है, जिनके पास तीन साल का अनुभव हो। इसका सीधा मतलब है कि पुराने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाना है। एक सवाल यह भी है कि क्या निगम आयुक्त के बिना हस्ताक्षर से आदेश जारी हो सकता है। recent visitors 32

मुख्यमंत्री ने की राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में वर्चुअल भागीदारी

स्पेस पॉलिसी के निर्माण और प्रदेश में इसरो के केंद्र के लिए होंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कर रहा नेतृत्व मुख्यमंत्री ने की राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में वर्चुअल भागीदारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति के अनेक रहस्य सुलझाने की क्षमता विज्ञान में हैं। आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग से अनेक क्षेत्रों में बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। फार्मिंग से लेकर फायनेंस तक मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर मेडिसिन तक और एजुकेशन से लेकर कम्यूनिकेशन तक प्रत्येक क्षेत्र का स्वरूप परिवर्तित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गत एक दशक में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तीव्र प्रगति की है। राष्ट्र में एक नई ऊर्जा और शक्ति का संचार हुआ है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की विजनरी नीति का ही परिणाम है कि भारत डिफेंस और अन्तरिक्ष के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। भारत इस क्षेत्र में गलोबल लीडर बन रहा है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा शीघ्र ही स्पेस पॉलिसी बनाई जाएगी। प्रदेश में इसरो के केंद्र की शुरूआत के लिए भी मंथन प्रारंभ किया गया है। हाल ही में जीआईएस के दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर केंद्रित 4 नीतियों को लागू करने की पहल इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को उज्जैन में हो रहे राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन/ विज्ञान उत्सव और चालीसवें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन का समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वर्चुअल रूप से शुभारंभ करते हुए यह बात कही। यह सम्मेलन कालिदास अकादमी परिसर उज्जैन में हो रहा है। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल भी वर्चुअल रूप से शामिल हुए। मध्यप्रदेश को बनाएंगे टेक्नालॉजी और इनोवेशन हब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान का उपयोग बढ़ाया जाएगा। प्रदेश को टेक्नालॉजी और इनोवेशन हब बनाया जाएगा। हाल ही में इसरो ने स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट अर्थात स्पैडेक्स सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग करते हुए इतिहास रच दिया है। इसके लिए इसरो की टीम बधाई की पात्र है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैज्ञानिक समाज और विज्ञान प्रौद्योगिकी से जुड़े संस्थानों के सहयोग से मध्यप्रदेश में इसरो की तरह एक केंद्र के विकास पर भी विचार किया जाएगा। वर्तमान में दक्षिण भारत ही ऐसी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। उत्तर और मध्य भारत में इस तरह के केंद्र का अभाव है। प्रदेश में चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में भी विज्ञान का प्रयोग बढ़ रहा है। विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग हो रहा है। मध्यप्रदेश में ड्रोन के माध्यम से राजस्व के क्षेत्र में भी नक्शे बनाने की शुरूआत की गई है। रायसेन से राष्ट्रीय स्तर पर शहरी बस्तियों के भूमि सर्वेक्षण का पायलेट प्रोजेक्ट शुरू हुआ। प्रदेश के अन्य शहरों में भी जमीन,भूखण्ड और बस्तियों का डिजिटल नक्शा बनाने की पहल हुई है। इससे संपत्ति के स्वामित्व के रिकार्ड्स रखना आसान होगा। अनेक क्षेत्रों में विज्ञान का उपयोग कार्यों को आसान बना रहा है। उज्जैन है काल गणना का केंद्र, चार नई नीतियों के माध्यम से विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति भी विज्ञान आधारित है। हम अनेक शुभ कार्य नवग्रह पूजन से प्रारंभ करते हैं। विक्रम संवत 2082 आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के काल से लेकर अब तक उज्जैन के इतिहास,कला, संस्कृति और अध्यात्म के साथ ही विज्ञान के केंद्र होने का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सभी उज्जैन को काल गणना के केंद्र के रूप में जानते हैं। इस संबंध में भी निरंतर अनुसंधान हो रहा है। हम नूतन का स्वागत करते हुए पुरातन परम्पराओं को भी साथ रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा वैज्ञानिक सम्मेलन और राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन की थीम "विकास की बात विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार एक साथ"प्रासंगिक है। प्राचीन भारतीय विज्ञान परम्परा पर आधारित विभिन्न सत्रों का आयोजन सराहनीय है, जिसमें लगभग 300 शोधार्थी और युवा वैज्ञानिक 17 विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रौद्योगिकी और नवाचार आज की आवश्यकता है। हाल ही में सम्पन्न ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आईटी विभाग के माध्यम से 4 महत्वपूर्ण नीतियां मध्यप्रदेश ड्रोन सवंर्धन और उद्योग नीति-2025, मध्यप्रदेश एनीमेशन, विजुअल एफैक्टस, गैमिंग कामिक्स और विस्तारित रियलिटी (एवीजीसी- एक्सआर) नीति-2025, मध्यप्रदेश सेमी कंडक्टर नीति-2025 और मध्यप्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी)नीति-2025 घोषित की गई हैं। वैज्ञानिक सम्मेलन में स्पेस पॉलिसी बनाने का सुझाव आया है। इस नाते मध्यप्रदेश की स्पेस पॉलिसी तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन के सभी प्रतिभागियों को भागीदारी के लिए बधाई दी। राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र हैदराबाद के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैज्ञानिक सोच रखते हैं, जिस तरह देश डिफेंस प्रोडक्शन, स्पेस और बॉयो टेक्नालॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, मध्यप्रदेश भी इन क्षेत्रों में प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेस पॉलिसी-2023 लाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऐसे चंद मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं जो इस क्षेत्र में नवाचार के लिए उत्साहित हैं। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए शीघ्र ही मेपकास्ट के सहयोग से अनुबंध किया जाएगा। कृषि बीमा योजना जैसे कार्य स्पेस टेक्नोलॉजी के माध्यम से हो रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि प्रदेश में इस तरह के वैज्ञानिक सम्मेलन अन्य स्थानों पर भी किए जाएंगे। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु राकेश सिंघई, विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक और मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय महासचिव विवेकानंद पई,भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के एमेरिट्स वैज्ञानिक सुधीर मिश्रा और महानिदेशक, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक नेशनल इनोवेशन फाउन्डेशन डॉ. अरविन्द रानाडे, प्रमुख सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग, प्रोफेसर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गांधीनगर प्रो. मनीष जैन भी सम्मेलन में शामिल हुए। समत्म भवन से मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल और अपर मुख्य सचिव सूचना प्रौद्योगिकी संजय दुबे भी सम्मेलन के इस सत्र में उपस्थित हुए।   recent visitors 35