Monday, July 6, 2026 5:33 am

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 मार्च को 505 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 मार्च को मंत्रालय में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 23 हजार 162 प्रकरणों में 505 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मंत्री एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने योजना प्रारंभ 1 अप्रैल 2018 से अब तक 1 करोड़ 74 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया है। श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। श्रम विभाग योजनांतर्गत वर्तमान तक 06 लाख 58 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 5 हजार 927 करोड़ से अधिक के हितलाभ दिये जा चुके है।   recent visitors 31

30 मार्च से 6 अप्रैल डोंगरगढ़ में चैत्र नवरात्रि पर रूकेंगी ये ट्रेनें

रायपुर चैत्र नवरात्रि के अवसर पर डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन ने विशेष ट्रेन सेवाओं और अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की है. यह सुविधा 30 मार्च से 6 अप्रैल 2025 तक लागू रहेगी. रेलवे की विशेष सुविधाएं     गोंदिया-दुर्ग-गोंदिया मेमू पैसेंजर (68742/68741) को रायपुर तक विस्तारित किया जाएगा.     रायपुर-डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर (68729/68730) को बहाल कर इसे गोंदिया तक विस्तार दिया जा रहा है.     डोंगरगढ़-दुर्ग-डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर स्पेशल (08709/08710) ट्रेन चलाई जाएगी.     दुर्ग-रायपुर-दुर्ग मेमू पैसेंजर स्पेशल (08701/08702) ट्रेन का संचालन किया जाएगा. डोंगरगढ़ में प्रमुख ट्रेनों का अस्थायी ठहराव इसके अतिरिक्त, कुछ दूरगामी एक्सप्रेस ट्रेनों का भी डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर 30 मार्च से 6 अप्रैल 2025 तक अस्थायी ठहराव रहेगा, ताकि श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें. recent visitors 70

सृजन पोर्टल पर विद्यार्थी 19 अप्रैल तक कर सकेंगे नवाचारों के प्रोजेक्ट अपलोड

भोपाल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कार्यक्रम "सृजन" पोर्टल पर, शोधार्थी विद्यार्थियों के नवाचारी प्रोजेक्ट्स विवरण अपलोड करने की सुविधा 25 मार्च से शुरू कर दी गई है। सृजन पोर्टल पर संबंधित संस्थाओं द्वारा अप्लाई किये जाने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तृत विवरण अपलोड करने की व्यवस्था की गई है। संस्थान अपने विद्यार्थियों के नवाचारी प्रोजेक्ट, सृजन कार्यक्रम के पोर्टल https://srijan.rgpv.ac.in/ पर अपलोड कर सकते हैं। विद्यार्थियों के नवाचारी प्रोजेक्ट्स विवरण 19 अप्रैल तक पोर्टल में जमा किए जा सकेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा अपलोडेड प्रोजेक्ट्स की प्रारंभिक समीक्षा 21 अप्रैल से शुरू होगी। प्रत्येक प्रोजेक्ट की टीम में 1 फैकल्टी मेंबर और अधिकतम 4 विद्यार्थी सम्मिलित हो सकेंगे। ज्यूरी के माध्यम से प्रत्येक श्रेणी में प्रथम 50 प्रोजेक्ट्स को चयनित किया जाएगा। डिस्प्ले योग्य 30 प्रोजेक्ट्स को प्रत्येक श्रेणी में डिस्प्ले के लिए अंतिम रूप से चयनित किया जाएगा। प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन शिक्षा और उद्योग विशेषज्ञों के संयुक्त दल द्वारा किया जाएगा। शीर्ष 150 प्रोजेक्ट्स का चयन कर अंतिम सूची 30 अप्रैल को जारी कर दी जाएगी। प्रदर्शनी स्थल पर सभी चयनित प्रोजेक्ट लीडर्स को 9 मई को रिपोर्टिंग करनी होगी। प्रदर्शनी का शुभारम्भ 10 मई को होगा। कार्यक्रम का समापन 11 मई को, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर किया जाएगा। सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत ये प्रोजेक्ट्स किये जा सकेंगे डिस्प्ले सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए तीन प्रकार के मॉडल निर्धारित किए गए हैं। इसके अनुसार पहला मॉडल वर्किंग मॉडल है, इसमें प्रैक्टिकल एप्लीकेशन को दर्शाने वाले वर्किंग मॉडल डिसप्ले किए जा सकेंगे। दूसरा मॉडल डेमॉस्ट्रेटिव मॉडल है, इसमें प्रोजेक्ट वीडियो अथवा भौतिक प्रस्तुतीकरण किए जा सकेंगे। तीसरा मॉडल सिमुलेशन-आधारित प्रोजेक्ट्स हैं, इसमें प्रक्रियाओं, डिजाइनों या भविष्य की संभावनाओं को सिमुलेशन के माध्यम से प्रदर्शित करने वाले प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए जा सकेंगे। सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए, मॉडल की छः प्रकार की श्रेणियां भी निर्धारित की गई हैं। इनमें रूरल टेक्नोलॉजी, क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी, इंडस्ट्री 4.0/5.0, वेस्ट मैनेजमेंट, स्वास्थ्य विज्ञान/लाइफ साइंस एवं स्मार्ट एजुकेशन शामिल हैं। सृजन कार्यक्रम की पुरस्कार संरचना सृजन कार्यक्रम में प्रत्येक मॉडल श्रेणियों के लिए विभिन्न पुरस्कार दिए जायेंगे। प्रत्येक मॉडल श्रेणी में प्रथम पुरस्कार (तकनीकी एवं उच्च शिक्षा) के लिए कुल 12 पुरस्कार दिए जायेंगे, इनमें प्रत्येक को 20 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। प्रत्येक मॉडल श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार (तकनीकी एवं उच्च शिक्षा) के लिए कुल 12 पुरस्कार दिए जायेंगे, इन्हें 15 हजार की राशि दी जाएगी। प्रत्येक मॉडल श्रेणी में तृतीय पुरस्कार (तकनीकी एवं उच्च शिक्षा) के लिए कुल 12 पुरस्कार दिए जायेंगे, इन्हें 10 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। तकनीकी एवं उच्च शिक्षा सहित प्रत्येक श्रेणी में 6, इस प्रकार कुल 12 सांत्वना पुरस्कार दिए जायेंगे, इन्हें 5 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। तकनीकी एवं उच्च शिक्षा सहित प्रत्येक श्रेणी में छः, इस प्रकार कुल 12 महिला सशक्तिकरण (विशेष ज्यूरी) पुरस्कार दिए जायेंगे, इन्हें भी 5 हजार की राशि दी जाएगी। प्रत्येक प्रतिभागी को प्रतिभागिता का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। चयनित प्रोजेक्ट्स को विश्वविद्यालय द्वारा मिलेगी ये सुविधाएं इनोवेट एमपी मिशन की दृष्टि से राजीव गांधी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सृजन कार्यक्रम में चयनित प्रोजेक्ट्स के लिए विभिन्न क्षेत्रों को आगे ले जाने वाले कार्यों के लिये आवश्यक सहायता एवं मेंटरिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विश्वविद्यालय किसी भी प्रकार की बौद्धिक संपदा के पेटेंट फाइलिंग के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। साथ ही व्यवसायीकरण और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर प्रोटोटाइप के डेवलपमेंट के लिए तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता दी जाएगी। नवाचार आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा और इंडस्ट्री रेडी ट्रेनिंग दी जाएगी। शोधकर्ताओं के लिए हाई स्पीड इंटरनेट थिंकिंग जोन भी स्थापित किया जाएगा। तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री परमार के मार्गदर्शन में, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने सृजन कार्यक्रम का सूत्रपात किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समस्त इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक एवं उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को वर्त्तमान में संचालित पाठ्यक्रमों के अंतर्गत विकसित किये गए नवीन प्रोजेक्ट्स को प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना है। यह कार्यक्रम उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को चिन्हित करने एवं उन्हें भविष्य में प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करने के लिए पूर्ण सुविधा प्रदान करने का प्रयास है। सृजन कार्यक्रम, स्टार्ट-अप की स्थापना को भी प्रोत्साहित करेगा। सृजन कार्यक्रम का मूल उद्देश्य, तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करना है। सृजन कार्यक्रम, विद्यार्थियों को रियल लाइफ प्रॉब्लम्स और इमर्जिंग प्रौद्योगिकी बेस्ड प्रोजेक्ट्स पर कार्य को आगे विकसित करने के लिए प्रोत्साहन और सहायता प्रदान करेगा। साथ ही इनोवेटिव आइडियाज को स्टार्ट-अप में बदलने के लिये भी सहायता प्रदान करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य, तकनीकी एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक इकोसिस्टम विकसित करना एवं सहायता प्रदान करना है। यह कार्यक्रम, नवीन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से अनुसन्धानोन्मुखी शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।   recent visitors 39

तीन दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में पहुँचे मंत्री श्री पटेल

भोपाल प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल झिरना रोड नरसिंहपुर स्थित आयुष चिकित्सालय में मणिनागेन्द्र सिंह फाउंडेशन द्वारा लगाये गये नि:शुल्क ऑस्टियोपैथी दर्द निवारक चिकित्सा शिविर में शामिल हुए। मंत्री श्री पटेल ने सर्वप्रथम भगवान धनवंतरी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर प्रणाम किया। साथ ही स्व. मणिनागेंद्र सिंह पटेल "मोनू भैया" के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किये। यहां उन्होंने इलाज के लिए पहुंचे मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत की। मंत्री श्री पटेल ने शिविर में आये डॉक्टरों से कहा कि आप हर वर्ष आकर अपनी सेवाएं दें और चिकित्सालय के स्टाफ़ को प्रशिक्षित करें। उन्होंने बाहर से आए चिकित्सकों और आयुष चिकित्सालय के स्टाफ़ को धन्यवाद दिया। उन्होंने जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुरत्ना सिंह चौहान को निर्देश दिये कि चिकित्सालय में पंचकर्म की सुविधा भी प्रारंभ की जाये। साथ ही आयुर्वेदिक गार्डन भी तैयार किया जाये। नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर के दूसरे दिन 250 लोगों ने पंजीयन कराया। इस अवसर पर विधायक श्री महेन्द्र नागेश, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, पं. रामस्नेही पाठक, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, श्री सीताराम नामदेव,श्री राजेन्द्र ठाकुर, श्री अजय प्रताप सिंह, अन्य जनप्रतिनिधि, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संदीप भूरिया, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी और शिविर में पहुंचे हितग्राही मौजूद थे। recent visitors 24

बांद्रा टर्मिनस-उदयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस अब रोज चलेगी

उदयपुर उदयपुर से मुंबई के यात्रियों के लिए राहतभरी खबर है। सांसद मन्नालाल रावत के सतत प्रयासों का नतीजा है कि बांद्रा टर्मिनस-उदयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22901) अब सप्ताह में तीन दिन के बजाय रोजाना चलेगी। यह ट्रेन अहमदाबाद, उदयपुर, मावली और चित्तौड़गढ़ मार्ग से संचालित होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मांग को मंजूरी देते हुए रेलवे बोर्ड को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सांसद मन्नालाल रावत ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्री को पत्र लिखकर इस ट्रेन को प्रतिदिन चलाने और मार्ग परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया था। उन्होंने तर्क दिया कि इससे न केवल यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि यात्रा का समय भी कम होगा। रेलवे को भेजे गए अपने सुझावों में सांसद रावत ने उदयपुर और दक्षिण राजस्थान को गुजरात और महाराष्ट्र से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए कई अहम मांगें रखीं। सांसद ने दादर (पश्चिम) से चित्तौड़गढ़ वाया उदयपुर एक नई ट्रेन शुरू करने की मांग की है, जिससे मुंबई में बसे राजस्थानी प्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। ट्रेनों का विस्तार गुजरात मेल (ट्रेन संख्या 12901) को अहमदाबाद से आगे बढ़ाकर उदयपुर और चित्तौड़गढ़ तक चलाने का प्रस्ताव दिया गया है, क्योंकि यह ट्रेन अहमदाबाद स्टेशन पर 17 घंटे तक खड़ी रहती है। लोकशक्ति एक्सप्रेस (22927), जो फिलहाल बांद्रा से अहमदाबाद तक ही चलती है, उसे भी उदयपुर और चित्तौड़गढ़ तक बढ़ाने की मांग की गई है। भीड़भाड़ कम करने के लिए कोच बढ़ाने की पहल उदयपुर-असारवा एक्सप्रेस (20987/20988) में लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए सांसद रावत ने इसमें अतिरिक्त जनरल, स्लीपर और एसी 3-टियर कोच जोड़ने की सिफारिश की है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके। रेल मंत्री ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद रावत के इन सभी प्रस्तावों को गंभीरता से लेते हुए रेलवे बोर्ड को जांच और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सांसद मन्नालाल रावत के प्रयासों से उदयपुर की रेल सेवाओं में बड़ा सुधार होने जा रहा है। गुजरात और महाराष्ट्र से कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को आने वाले दिनों में इसका सीधा लाभ मिलेगा।   recent visitors 39

उज्जैन में राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव का शुभारंभ आज

 उज्जैन महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा विक्रमादित्य, उनके युग, भारत उत्कर्ष, नवजागरण और भारत विद्या पर एकाग्र विक्रमोत्सव-2025 अंतर्गत राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं विज्ञान उत्सव (विकास की बात–विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के साथ) का शुभारंभ 27 मार्च 2025 को पं. सूर्यनारायण व्यास संकुल, कालिदास अकादमी उज्जैन में प्रात: 11 बजे होगा। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव अंतर्गत 27 मार्च से राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं विज्ञान उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को तीन भागों में बांटा गया है। पहला है राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन, दूसरा है 40वां मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन और अंतिम है विज्ञान उत्सव। निदेशक ने बताया कि राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन की थीम ‘विकास की बात विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के साथ’ पर आधारित है। इसमें देशभर के 100 से अधिक शीर्ष वैज्ञानिक भागीदारी कर रहे है। सम्मेलन में वैज्ञानिकों द्वारा आधुनिक विज्ञान और भारतीय प्राचीन विज्ञान परंपरा पर विभिन्न सत्रों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, खगोल विज्ञान, जीआईएस एंड रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोग, कृषि एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी, स्टार्ट-अप, इनोवेशन एवं स्किल डेवलपमेंट, भारतीय ज्ञान विज्ञान परंपरा तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी विषयों पर परिचर्चा होगी। इसके अलावा विज्ञान चौपाल का आयोजन भी होगा। निदेशक ने बताया कि 40वां मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन अंतर्गत युवा शोधार्थियों द्वारा शोध पत्रों का वाचन होगा। उत्कृष्ट शोध पत्रों को युवा वैज्ञानिक पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं फेलोशिप प्रदान की जायेगी। विभिन्न विषयों में 30 से अधिक युवा वैज्ञानिक पुरस्कार जिसमें प्रथम पुरस्कार 25 हजार रूपये, द्वितीय पुरस्कार 20 हजार रूपये तथा तृतीय पुरस्कार 15 हजार रूपये प्रदान की जायेगी। विज्ञान उत्सव में विद्यार्थी और वैज्ञानिकों के बीच संवाद, साइंस-शो, साइंटिफिक मॉडल कॉम्पिटिशन, टेलिस्कोप से आकाश दर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, तारामंडल में विशेष 3डी-4 के शो, प्रदर्शनी, कार्यशालाएँ, खगोलीय वेधशाला डोंगला का भ्रमण एवं स्टार्ट-अप इनोवेटर्स समिट शामिल है।   recent visitors 26

दूरसंचार कंपनियां भविष्य में नियमित रूप से टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली भारत में दूरसंचार सेवाओं की कीमतें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं। दूरसंचार कंपनियां भविष्य में नियमित रूप से टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं ताकि वे अपने राजस्व में सुधार कर सकें। कंपनियां पहले भी टैरिफ में वृद्धि कर चुकी हैं जैसे दिसंबर 2019 नवंबर 2021 और जुलाई 2024 में। राजस्व वृद्धि की योजना रिपोर्ट के अनुसार दूरसंचार कंपनियां प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) को बढ़ाने के लिए कीमतों में वृद्धि करेंगी। इसका मतलब है कि उपभोक्ता प्रीमियम प्लान की ओर रुख करेंगे जिससे कंपनियों के राजस्व में वृद्धि होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय दूरसंचार क्षेत्र वर्तमान में एक महत्वपूर्ण चरण से गुजर रहा है जहां प्रतिस्पर्धा कम हो गई है और कंपनियां अब अधिक बार टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार उद्योग में निवेश और ग्राहकों के डाटा खपत को देखते हुए रिटर्न अभी भी कम है इसलिए कंपनियां आने वाले वर्षों में अधिक बार टैरिफ बढ़ाएंगी। कंपनियों का राजस्व हुआ दोगुना रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले पांच सालों में दूरसंचार कंपनियों का राजस्व लगभग दोगुना हो गया है। उनकी लाभप्रदता में भी सुधार हो रहा है परिचालन लागत स्थिर हो रही है और मार्जिन मजबूत हो रहे हैं। 5जी सेवाओं के आने के बाद कंपनियों ने अपने पूंजीगत खर्च में कमी की है जिससे वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में मुक्त नकदी प्रवाह में बढ़ोतरी हो सकती है। 2जी ग्राहकों की संख्या में गिरावट रिपोर्ट के अनुसार 4जी और 5जी सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ भारत में 2जी ग्राहकों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। अगले पांच से छह वर्षों में 2जी ग्राहकों की संख्या नगण्य हो सकती है। वर्तमान में 25 करोड़ ग्राहक 2जी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं और इनमें से वोडाफोन आइडिया के पास 40 प्रतिशत 2जी ग्राहक हैं जबकि एयरटेल के पास 23 प्रतिशत 2जी ग्राहक हैं। महंगे डाटा प्लान की ओर रुझान दूरसंचार ग्राहक अब 2जी से 4जी सेवाओं की ओर बढ़ रहे हैं और पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। इसके कारण प्रति उपयोगकर्ता समग्र राजस्व में सुधार हो रहा है। इसके अलावा डाटा की खपत भी बढ़ रही है और ग्राहक अब अधिक कीमत वाले डाटा प्लान चुन रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय रोमिंग और ओटीटी सब्सक्रिप्शन जैसी सेवाओं की मांग में भी वृद्धि हो रही है। स्टारलिंक के लिए चुनौतीपूर्ण होगा भारत में विस्तार एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक अब भारत में अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है। एयरटेल और रिलायंस जियो के साथ समझौता करने के बाद स्टारलिंक वोडाफोन आइडिया से भी बातचीत कर रही है। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टारलिंक को भारत में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। भारत में नियामकीय बाधाएं, उच्च आयात कर और सस्ते ब्रॉडबैंड सेवाओं के कारण स्टारलिंक के लिए कीमतों का सही निर्धारण करना मुश्किल हो सकता है। उपग्रह संचार क्षेत्र का विस्तार भारत का उपग्रह संचार क्षेत्र भी तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की पहल जैसे कि दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि योजना और दूरसंचार अधिनियम-2023 ने इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया है। ओपन एफडीआई नीतियां, क्वांटम सैटेलाइट तकनीक में प्रगति और वीसैट नेटवर्क का विस्तार इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। इस प्रकार भारत का दूरसंचार क्षेत्र भविष्य में और अधिक महंगा हो सकता है लेकिन इसके साथ ही इसमें कई नई तकनीकी और व्यापारिक पहल भी सामने आ सकती हैं।   recent visitors 42