Sunday, July 5, 2026 5:58 am

खूबसूरती बढ़ाने का काम करता है अदरक

भारतीय घरों में चाय की दीवानगी सर चढ़कर बोलती है। ब‍िना अदरक की चाय का स्‍वाद तो समझ ही नहीं आता है। अदरक स‍िर्फ चाय का स्‍वाद नहीं बढ़ाती बल्कि सब्‍ज‍ियों में भी दोगुना स्‍वाद बढ़ा देती है। हालांक‍ि इन सबसे हटकर बात करें तो अदरक खूबसूरती बढ़ाने का भी काम करता  है। अदरक में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो स्किन की रंगत सुधारने से लेकर स्किन पर मौजूद दाग-धब्बों को भी दूर करने में फायदेमंद माने जाते हैं। स्किन पर अदरक का इस्तेमाल करने से आपकी स्किन को कई बेहतरीन फायदे मिलते हैं। गर्मियों में स्किन से जुड़ी कई समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऑयली फेस, मुंहासे, जलन और रैशेज की समस्‍या आम होती है। इस मौसम में त्वचा को खास देखभाल की जरूरत होती है। अगर आप नैचुरल तरीके से अपनी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखना चाहती हैं तो अदरक इसमें आपकी मदद कर सकता है। आइए जानते हैं क‍ि अदरक कैसे आपकी त्‍वचा की रंगत न‍िखारता है- त्‍वचा को करे डि‍टॉक्स गर्मियों में धूल, पसीने और प्रदूषण के कारण त्वचा पर गंदगी जम जाती है। अदरक का सेवन करने या इसका फेस पैक लगाने से स्किन डि‍टॉक्स होती है और अंदर से साफ रहती है। मुंहासों और इंफेक्शन से बचाए गर्मियों में चेहरे पर पसीना और गंदगी जमा हो जाती है। इससे मुंहासे और स्किन इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। अदरक में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया को खत्म करके पिंपल्स और रैशेज को कम करते हैं। त्‍वचा की रंगत न‍िखारे त्‍वचा की रंगत बढ़ाने के ल‍िए अदरक का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद गुण आपकी स्किन पर मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं। इससे ब्‍लड सर्कुलेशन अच्‍छा होता है। ऐसे में खुद-ब-खुद स्‍क‍िन पर नेचुरल ग्‍लो आ जाता है। टैनिंग कम करे गर्मियों में च‍िलच‍िलाती धूप से स्किन टैन हो जाती है। अदरक में स्किन ब्राइटनिंग गुण होते हैं, जो टैनिंग को कम करके चेहरे की रंगत निखारते हैं। हालांक‍ि गर्मी में सीम‍ित मात्रा में ही अदरक का सेवन करना चाह‍िए क्‍योंकि अदरक की तासीर गर्म होती है। ऐसे में इसका अध‍िक सेवन आपको फायदे के बजाय नुकासान पहुंचा सकता है। कैसे करें अदरक का इस्‍तेमाल?     अदरक और गुलाब जल का टोनर बनाकर इस्‍तेमाल क‍िया जा सकता है। ये स्‍क‍िन को ठंडक प्रदान करता है।     अदरक और एलोवेरा फेस पैक बनाकर भी स्‍क‍िन लगाया जा सकता है। ये हफ्ते में एक बार ट्राई कर सकते हैं।     गर्मी में शरीर को ठंडा रखने की जरूरत होती है। ऐसे में अदरक वाली डिटॉक्स ड्रिंक फायदेमंद हो सकती है।   recent visitors 49

केंद्रीय मंत्री ने बजाया ढोल, आदिवासियों के साथ जमकर नाचे सिंधिया

गुना  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आज गुना के दौरे पर रहे। उन्होंने बमोरी में जनसुनवाई (Public Hearing) आयोजित की, जहां उन्होंने लोगों की समस्याएं सुन उसका समाधान करने का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी मौजूद रहे। इसके बाद वे डिगडोली गांव पहुंचे। जहां आयोजित दाग महोत्सव और होली मिलन समारोह में उन्होंने आदिवासी नृत्य किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया आज बमोरी में जनसुनवाई की। जिसमें उन्होंने जनता का दरबार लगाया और उनकी समस्याओं को सुना। इसके साथ ही उस समस्या का निराकरण के निर्देश दिए। इसके बाद वे डिगडोली गांव में आयोजित फागोत्सव में भाग लिया। जहां उन्होंने आदिवासी नृत्य कर ढोल भी बजाया। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों के साथ फूलों की होली खेली। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। जिन्होंने मंत्री को अपने बीच पाकर खुशी जाहिर की। फागोत्सव में सिंधिया की भागीदारी से आदिवासी समुदाय में खासा उत्साह देखने को मिला। recent visitors 40

टीके की डबल डोज से 3 माह की मासूम बच्ची की मौत, नर्स पर लापरवाही का आरोप

भानुप्रतापपुर छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर में स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही के चलते एक 3 माह के मासूम बच्ची की मौत हो गई. जिले के नेहरूनगर में मासूम को टीकाकरण के लिए ले जाया गया था, परिजनों का आरोप है कि यहां नर्स ने गलत टीका लगा दिया, जिसके बाद मासूम की जान चली गई. परिजनों ने इस मामले की शिकायत भानुप्रतापपुर थाने और एसडीएम भानुप्रतापपुर के पास की है. पुलिस ने मर्ग कायम कर बच्ची के शव को पीएम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र में मासूम को 3 महीने में लगने वाला टीका सही ढंग से लगाया गया, लेकिन उसके बाद 9 महीने में लगने वाला टीका भी गलती से उसी बच्चे को लगा दिया गया. इस दौरान परिजनों के सवाल करने पर नर्स ने यह कहकर टाल दिया कि “कुछ नहीं होता” इसके बाद, बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे भानुप्रतापपुर के शासकीय अस्पताल में दिखाया गया, जहां उसे सिरप दे कर घर भेज दिया गया. हालांकि, बच्चे की हालत और बिगड़ने पर परिजनों ने उसे धमतरी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मासूम ने दम तोड़ दिया. पता चला कि बच्ची को दूसरी बार लगाए गए गलत टीके के कारण मासूम को गंभीर संक्रमण हुआ और उसकी मौत हो गई. वहीं, तहसीलदार सुरेंद्र उर्वशा ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी. recent visitors 19

Apple MacBook Pro में मिल सकता नया डिजाइन

 नई दिल्ली Apple की तरफ से समय समय पर प्रोडक्ट्स में बदलाव किए जाते हैं। अब एक और ऐसी ही खबर सामने आ रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि मैकबुक प्रो में आने वाले समय में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रिपोर्ट की मानें तो डिजाइन और हार्डवेयर में कई जरूरी सुधार किए जा सकते हैं। ब्लूमबर्ग में प्रकाशित मार्क गुरमैन के नवीनतम Power On न्यूजलेटर के अनुसार, इस अपडेट में OLED डिस्प्ले, पतला डिजाइन और नया M6 चिप शामिल होगा, जिससे यह हाल के वर्षों में मैकबुक प्रो के लिए सबसे बड़े अपग्रेड्स में से एक बन जाएगा। सबसे बड़े बदलावों में से एक OLED डिस्प्ले टेक्नोलॉजी की ओर बदलाव होगा, जो 2024 में iPad Pro में पहली बार पेश किया गया था। इस कदम से ब्राइटनेस, कॉन्ट्रास्ट रेशियो और कलर एक्यूरेसी में सुधार होगा, जिससे मैकबुक प्रो यूजर्स को बेहतर विज़ुअल एक्सपीरियंस ऑफर करेगा। TheElec की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल Two-Stack Tandem OLED डिस्प्ले का उपयोग करेगा, जिसमें लाल, हरे और नीले पिक्सल की दो परतें होंगी। यह तकनीक न केवल ब्राइटनेस बढ़ाती है बल्कि डिस्प्ले की लाइफ भी लंबी करती है। एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि Apple MacBook Pro के डिस्प्ले से नॉच को हटाया जा सकता है और फ्रंट-फेसिंग कैमरे के लिए एक छोटा होल-पंच कटआउट पेश कर सकता है। यह कटआउट हाल के आईफोन मॉडल्स में मौजूद डायनामिक आइलैंड डिजाइन जैसा होगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस बदलाव से डिस्प्ले अधिक इमर्सिव और स्मूद होने वाला है। डिजाइन के मामले में, ऐपल मैकबुक प्रो को पहले से पतला बनाने की योजना बना रहा है। हालांकि, इस पर ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ऐपल ने शुरुआत में इस नए डिजाइन को 2025 में लॉन्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन डिस्प्ले टेक्नोलॉजी से जुड़ी चुनौतियों के कारण इसमें देरी हुई। डिजाइन में अन्य बड़े बदलाव होंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन ऐपल की परंपरा को देखते हुए, कंपनी पोर्टेबिलिटी और एस्थेटिक्स को बेहतर बनाने के लिए थोड़े सुधार कर सकती है। 2026 का मैकबुक प्रो एप्पल के M6 चिप के साथ आएगा, जो TSMC के 2nm प्रोसेस पर बनने वाला पहला Apple Silicon चिपसेट होगा। इस बदलाव से प्रदर्शन और पावर एफिशिएंसी में बड़े सुधार होने की उम्मीद है। यह मैकबुक प्रो 14-इंच और 16-इंच मॉडल्स में उपलब्ध होगा, जिसमें M6, M6 Pro और M6 Max वेरिएंट पेश किए जाएंगे ताकि प्रोफेशनल यूजर्स की विभिन्न जरूरतों को पूरा किया जा सके। recent visitors 41

‘सिकंदर’ ओपनिंग डे पर नहीं मचा पाई धमाल

मुंबई सलमान खान की 'सिकंदर' ओपनिंग डे पर वो धमाल नहीं मचा पाई, जिसकी उम्‍मीद थी। हालांकि, यह फिल्‍म 30 मार्च को रविवार के दिन सिनेमाघरों में रिलीज हुई, लेकिन प्री-ईद के फेर में उलझकर रह गई। रमजान के कारण सलमान के फैंस का बड़ा तबका थ‍िएटर नहीं पहुंचा। जबकि दर्शकों और खासकर समीक्षकों से फिल्‍म को बहुत अच्‍छे रिव्‍यूज नहीं मिले। और तो और फिल्‍म रिलीज से पहले ही ऑनलाइन लीक हो गई। इसका असर भी कमाई पर पड़ा। हालांकि, इन तमाम उलझनों के बावजूद इसने देश मे 26 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन किया है और वर्ल्‍डवाइड 41 करोड़ रुपये से अध‍िक का ग्रॉस कलेक्‍शन कर ल‍िया है। एआर मुरुगादॉस के डायरेक्‍शन में बनी 'सिकंदर' एक एक्‍शन ड्रामा है। फिल्‍म का प्‍लॉट अच्‍छा है। लेकिन स्‍क्रीनप्‍ले में मुरुगादॉस गच्‍चा खा गए हैं। 'सिकंदर' को सिरे से खारिज करना सही नहीं होगा। ऐसा इसलिए कि मुरुगादॉस और सलमान ने एक ईमानदार कोश‍िश जरूर की है। एक्‍शन और इमोशन को एकसाथ बुना है। हालांकि, इसमें ढेर सारी कम‍ियां हैं। लेकिन यह भी सच है कि जिस दौड़ में खून-खराबा वाली वो फिल्‍में बन रही हैं, जिसे परिवार के साथ बैठकर नहीं देख सकते, 'सिकंदर' सलमान की पिछली फिल्‍मों की तरह फुल फैमिली ऑडियंस का खयाल रखती है। 'सिकंदर' वर्ल्‍डवाइड कलेक्‍शन Sacnilk के मुताबिक, 'सिकंदर' ने पहले दिन देश में 31.25 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्‍शन (26 करोड़ नेट कलेक्‍शन) किया है। जबकि विदेशों में 10 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई हुई है। इस तरह 'सिकंदर' ने ओपनिंग डे पर वर्ल्‍डवाइड 41.25 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्‍शन किया है। कोमल नाहटा बोले- जब तक संभालते LEAK ने कर दिया नुकसान ट्रेड एनालिस्‍ट कोमल नाहटा सिनेमाघरों में कम दर्शकों के आने के पीछे पायरेसी को भी एक कारण मानते हैं। 'सिकंदर' के सिनेमाघरों में रिलीज होने से कुछ घंटे पहले ही यह HD में ऑनलाइन लीक हो गई थी। कोमल नाहटा ने कहा, 'मुझे कल देर रात पता चला कि यह लीक हो गई है। आज सुबह मैंने ट्रेड से जुड़े सात-आठ लोगों से बात की। उन्होंने कहा कि हां, ऐसा हुआ था। और फिर मुझे यह भी पता चला कि साजिद नाडियाडवाला और अधिकारियों ने फिल्म को 600 से अध‍िक ऐसे साइट्स से हटा दिया है। लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।' 'सिकंदर' की कमाई में हुआ 30 से 40 परसेंट का नुकसान! कोमल नाहटा आगे कहते हैं, 'जब तक इसे पायरेसी वाली वेबसाइट्स से हटाया गया, लोग 'सिकंदर' को अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर चुके थे। इसलिए यह बहुत दुखद है। इससे कलेक्शन पर बहुत असर पड़ेगा। यह बड़ी फिल्म है। असाधारण नहीं है और अगर लोगों के फोन पर फिल्म है, तो वे सिनेमाघर क्यों जाएंगे? इसकी वजह से कम से कम 30 से 40 फीसदी कारोबार का नुकसान हुआ है।' 2025 की ल‍िस्‍ट में भी पिछड़ गई 'स‍िकंदर' कमाई के ल‍िहाज से 'स‍िकंदर' जहां ईद पर सलमान खान की अब तक की छठी सबसे कमजोर फ‍िल्‍म साब‍ित हुई है, वहीं 2025 में पहले द‍िन सबसे अध‍िक कमाई करने वाली भारतीय फिल्‍मों में भी यह चौथे नंबर पर है। लिस्‍ट में टॉप पर राम चरण की 'गेम चेंजर' है, ज‍िसने 5 भाषाओं में मिलाकर पहले द‍िन देश में 51 करोड़ और वर्ल्‍डवाइड 80 करोड़ का ब‍िजनस क‍िया था। दूसरे नंबर पर विक्‍की कौशल की 'छावा' है, जिसने ओपनिंग डे पर वर्ल्‍डवाइड 47.25 करोड़ रुपये कमाए थे। 2025 में ओपनिंग डे पर सबसे अध‍िक कमाई करने वाली टॉप-5 फिल्‍में- गेम चेंजर – 51.00 करोड़ (देश), 80.10 करोड़ (वर्ल्‍डवाइड) छावा – 31.00 करोड़ (देश), 47.25 करोड़ (वर्ल्‍डवाइड) विदामुयार्ची – 26.00 करोड़ (देश), 47.00 करोड़ (वर्ल्‍डवाइड) सिकंदर – 26 करोड़ (देश), 41.25 करोड़ (वर्ल्‍डवाइड) डाकू महाराज – 25.35 करोड़ (देश), 41.20 करोड़ (वर्ल्‍डवाइड) ईद का जश्‍न, अगले तीन दिन 'सिकंदर' के शोज हाउसफुल इतिहास गवाह रहा है कि सलमान की बुरी से बुरी फिल्‍म भी 100-200-300 करोड़ रुपये कमा लेती हैं। ऐसे में 'सिकंदर' की कमाई का भविष्‍य बुरा तो नहीं ही होगा। खासकर तब, जब दूसरे दिन यह फिल्‍म ओपनिंग डे से अध‍िक कमाई करने की तैयारी में है। सोमवार को ईद है, लिहाजा रमजान के बाद सलमान के फैंस की भीड़ नमाज के बाद से ही सिनेमाघरों में उमड़ पड़ी है। अगले तीन दिनों तक देश के सभी मास सर्किट में सिंगल स्‍क्रीन सिनेमाघर अभी से हाउसफुल हैं। 'सिकंदर' का बजट, वीकेंड तक होगी 150 करोड़ पार बाजार के जानकार यह मानकर चल रहे हैं कि 'सिकंदर' को कम से कम रविवार तक कमाई के लिए बहुत सोचने की जरूरत नहीं है। यह बाकी दर्शकों को भले पसंद ना आई हो, लेकिन सलमान के फैंस अपने भाईजान को देखने थ‍िएटर पहुंचेंगे ही। हां, पायरेसी ने जरूर फिल्‍म की कमर तोड़ने का काम किया है। 'सिकंदर' का प्रोडक्‍शन बजट 200 करोड़ रुपये है। ईद के जश्‍न और सलमान की फैन फॉलोइंग को देखते हुए अनुमान यही है कि पहले वीकेंड तक यह फिल्‍म 150 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी। recent visitors 43

सलकनपुर में नवरात्रि के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक वीडियो

 बुधनी  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में प्रसिद्ध मां विजयासन देवी मंदिर (Famous Mother Vijayasan Devi) सलकनपुर (Salkanpur) में नवरात्रि के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक वीडियो (video of ignorance) सामने आया है। जो सोशल मीडिया (Social Media) पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो (Viral Video) में रोपवे ट्राली के ऊपर दो लोग बैठे हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ लोग रोपवे के ऊपर बैठे नजर आ रहे हैं। ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जब पुलिस ने मामले में पूछताछ की तो रोपवे संचालक ने बताया कि रोपवे पर बैठे उनके ही कर्मचारी हैं। जो रोपवे की रूटीन चेकिंग कर रहे थे। लेकिन सवाल तो ये हैं कि यह मेंटेनेंस कर्मचारी है तो जीवन रक्षक उपकरण क्यों नहीं पहने गए। बुधनी के एसडीओपी रवि शर्मा ने इस मामले की पुष्टि की है। रोपवे संचालक ने पुलिस को बताया कि ये उनके कर्मचारी थे, जो रोपवे की रूटीन चेकिंग कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने इस पर आपत्ति जताई क्योंकि कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण और हेलमेट के रोपवे पर बैठे थे। पुलिस ने रोपवे संचालक को दी चेतावनी नवरात्रि के इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन मार्ग हैं – सड़क मार्ग, सीढ़ी मार्ग और रोपवे। पुलिस ने रोपवे संचालक को कड़ी चेतावनी दी है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में कोई भी कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के रोपवे पर न बैठे। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। ऐसे में सड़क मार्ग, सीढ़ी मार्ग और रोपवे ये तीन मार्ग के माध्यम से भक्त मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे अब ये वीडियो सामने आया है। जिसने भक्तों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। recent visitors 16

अमित शाह उज्जैन में करेंगे विक्रमादित्य वैदिक ऐप लॉन्च वैदिक घड़ी के बाद अब इसकी की बारी

उज्जैन उज्जैन में पिछले साल विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के लॉन्च के बाद अब विक्रमादित्य वैदिक ऐप भी लॉन्च होने जा रहा है। यह ऐप न केवल समय देखने के लिए, बल्कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक, पंचांग की दूसरी बारीकियों जैसे मांगलिक मुहूर्त, काल गणना, और अन्य धार्मिक व ज्योतिषीय जानकारी देने का भी काम करेगा। इस ऐप का उद्घाटन भारत के गृह मंत्री अमित शाह के हाथों होने की संभावना है। एप को गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों ने मिलकर बनाया है। इसे एंड्रॉइड और IOS वर्जन पर भी चलाया जा सकेगा। खास बात ये है कि एप पूरी तरह मुफ्त होगा, जो दुनिया की करीब 189 भाषाओं में चलेगा। विक्रमादित्य वैदिक ऐप के प्रमुख फीचर्स     पंचांग की जानकारी     इस ऐप में आपको हर दिन का पंचांग मिलेगा, जिसमें सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त, चंद्रमा की स्थिति, और अन्य धार्मिक और ज्योतिषीय जानकारियाँ शामिल होंगी।     मांगलिक कार्य और काल गणना     ऐप में आप मांगलिक कार्य और काल की गणना भी देख सकेंगे, जिससे आप अपने जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सही समय का चुनाव कर सकते हैं।     ग्रह-नक्षत्रों की जानकारी     ऐप में आने वाले समय में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति और उनका प्रभाव भी देखने को मिलेगा। इससे लोग अपनी दैनिक गतिविधियों और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों को ग्रह-नक्षत्रों के हिसाब से निर्धारित कर सकेंगे।     सभी प्रमुख भाषाओं में उपलब्ध     यह ऐप भारत और दुनिया के करीब 189 भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे इसे हर वर्ग के लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे। गुजरात और यूपी की टीमों ने किया विकसित यह ऐप गुजरात और उत्तर प्रदेश की टीमों द्वारा मिलकर विकसित किया गया है। इसे एंड्रॉइड और IOS दोनों प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड किया जा सकेगा। खास बात यह है कि यह ऐप पूरी तरह से मुफ्त होगा। फिलहाल, ऐप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है, और इसे जल्द ही नए अपडेट के साथ अप्रैल में लॉन्च कर दिया जाएगा। पंचांगों में मतभेद क्यों होते हैं? विक्रमादित्य वैदिक ऐप के निदेशक श्रीराम तिवारी के अनुसार, भारतीय पंचांगों में मतभेद का मुख्य कारण अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों द्वारा अपनी-अपनी कालगणना की प्रणालियां विकसित करना है। कुछ शास्त्रों के अनुसार, समय और तिथियों की गणना का तरीका अलग-अलग हो सकता है, लेकिन यह मतभेद केवल भौगोलिक कारणों से हुआ है, ना कि भारतीय कालगणना की परंपरा में कोई अंतर होने के कारण। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की सफलता विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में किया था। यह घड़ी दुनिया की पहली घड़ी है, जो भारतीय कालगणना के सभी घटकों को शामिल करती है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण आदि सभी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है। एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह एप मिनी पंचांग की तरह होगा। अभी एप का ट्रायल रन गूगल प्ले स्टोर पर चल रहा है। जल्द इसे पूरा कर नए अपडेट के साथ अप्रैल में लाॅन्च कर दिया जाएगा। मुहूर्त के मतभेद कम नहीं कर पाएगा एप पंचांगों में मतभेद को लेकर निदेशक तिवारी ने कहा- मतभेद वास्तव में है ही नहीं क्योंकि भारतीय कालगणना की परंपरा को पिछले 200-300 साल में उज्जैन से अलग-अलग देशों जैसे ग्रीन विच ले जाया गया। ऐसे ही देश में अलग-अलग शहरों में रहने वाले ज्योतिषियों ने अपने समय अनुसार गणना शुरू कर दी इसलिए मतभेद सामने आए। उन्होंने बताया कि उज्जैन के कालगणना केंद्र को ध्वस्त कर दिया गया। जिसके बाद स्वतंत्र पंचांग तैयार हो गए। लोगों ने अपने हिसाब से पंचांग देखना शुरू कर दिया इसलिए मतभेद हो गए। काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी करीब एक साल पहले 29 फरवरी 2024 को उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया था। भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है, जिसे वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को मिलाकर बनाया गया है। इस घड़ी में विक्रम संवत, योग, भद्रा, पर्व, शुभाशुभ मुहूर्त, घटी, नक्षत्र, जयंती, व्रत, त्योहार, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, ग्रह, नक्षत्र की गणना शामिल है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का मापन डोंगला स्थित वेधशाला को आधार बनाकर किया गया है। recent visitors 45