जयपुर सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने वाले फिरोज खान को आज NIA ने सुबह रतलाम से गिरफ्तार कर लिया

 रतलाम जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने के मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहे फिरोज खान पुत्र फकीर मोहम्मद सब्जीवाला को पुलिस ने बुधवार सुबह रतलाम से गिरफ्तार कर लिया। फिरोज पर एनआईए ने 5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वह ईद मनाने के लिए रतलाम आया था और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च 2022 को राजस्थान के निंबाहेड़ा में राजस्थान पुलिस ने 12 किलो विस्फोटक सामग्री के साथ आरोपित जुबेर निवासी आनंद कॉलोनी, अल्तमस पुत्र बशीर खान और सरफुद्दीन उर्फ सेफुल्ला पुत्र रमजानी दोनों निवासी शेरानीपुरा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सात अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया था। आरोपित कट्टरपंथी संगठन अल सुफा ग्रुप से जुड़े थे। पूर्व में गिरफ्तार किए गए 10 आरोपित जयपुर की जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश किया जा चुका है। जगह-जगह लगाए थे पोस्टर फिरोज के हाथ नहीं आने पर एनआईएन ने 2 साल पहले उसकी गिरफ्तारी पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था तथा इस संबंध में शहर में जगह-जगह पोस्टर भी लगाए थे। फिरोज खान की तलाश में एनआईए और रतलाम पुलिस ने कई बार उसके घर तथा अन्य जगह पर दबिश दी थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। सूचना मिली की फिरोज रतलाम में है इसी बीच बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि फिरोज रतलाम आया हुआ है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में टीम ने उसकी तलाश की तथा घेराबंदी कर उसे उसकी कजिन सिस्टर के घर से गिरफ्तार कर लिया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि फिरोज के रतलाम आने की सूचना मिलने पर उसकी तलाश शुरू की गई। सूचना मिली कि वह अपनी कजिन सिस्टर के घर छिपा हुआ है, इस पर टीम ने वहां पहुंच कर घेराबंदी की तथा उसे पकड़ लिया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 36

सुमोना चक्रवर्ती बोली – ‘द कपिल शर्मा शो’ के कारण ही मुंबई में खरीद सकीं घर

मुंबई एक्ट्रेस सुमोना चक्रवर्ती ने कपिल शर्मा के शो में उनकी पत्नी का किरदार निभाकर पॉप्युलैरिटी हासिल की थी। करीब 10 साल उनके साथ काम भी किया। लेकिन ओटीटी पर जैसे ही कॉमेडियन का शो शिफ्ट हुआ, एक्ट्रेस वहां से गायब हो गईं। हालांकि उनका कहना है कि उनके और कपिल के रिश्ते में कोई खटास नहीं है। उस शो की वह आभारी हैं क्योंकि उसस हुई कमाई की वजह से ही वह मुंबई जैसे शहर में घर खरीद पाई हैं। सुमोना चक्रवर्ती ने एक इंटरव्यू में 'द कपिल शर्मा शो' के बारे में कहा, 'इसने मुझे बहुत कुछ दिया है। इस शो से मेरे 10 साल अच्छे रहे। हालांकि ये बहुत लंबा समय है। मैं आर्थिक रूप से स्टेबल थी। मैं एक बहुत ही साधारण मिलिड क्लास बंगाली फैमिली से आती हूं। मैं उस शो की वजह से मुंबई में घर खरीद पाई। मैं उस शो की बहुत आभारी हूं। आज महिलाओं के लिए फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस बहुत जरूरी है।' कपिल शर्मा का शो थाईलैंड में फेमस है कपिल शर्मा के शो की पॉप्युलैरिटी के बारे में बात करते हुए सुमोना ने कहा, 'इस शो ने मुझे दुनियाभर में खूब सारा प्यार दिया है। लोकप्रियता दी है।' एक्ट्रेस ने बताया कि ये शो थाईलैंड में भी फेमस है, 'इस शो तो थाई भाषा में भी डब किया गया है। मैं एक थाई रेस्टोरेंट में थी और एक इंडियन-थाई दोस्त मेरे पास आया और कहा कि सभी सर्वर और होस्ट मेरे साथ फोटो क्लिक कराना चाहता है। सब थाई थे। मुझे हैरानी हुई कि भाई ऐसा क्या हो गया। बाद में उन्होंने जब शो की क्लिप दिखाई, तब पता चला। शो में मैं थाई भाषा में बोल रही थी, जो कि मजेदार था।' सुमोना ने नहीं छोड़ा 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' सुमोना चक्रवर्ती ने इसके पहले कहा था कि लोगों की शादी असलियत में 10 साल तक नहीं चलती लेकिन उनकी और कपिल की शो में चली। उन्होंने 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' और 'द कपिल शर्मा शो' में कॉमेडियन के साथ काम किया है। उन्हें 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में न देखने पर फैंस ने मिस किया। और कर भी रहे हैं क्योंकि दो सीजन आ चुके हैं और एक्ट्रेस का कोई जिक्र नहीं है। एक्ट्रेस का कहना है कि उन्हें इस शो के बारे में पूछा नहीं गया। उन्होंने अपनी मर्जी से इसे नहीं छोड़ा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 43

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास की हालत नाजुक, पूजा के दौरान लगी थी आग, 90 प्रतिशत झुलसीं

अहमदाबाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास उदयपुर में सोमवार को गणगौर पूजा के दौरान हादसे का शिकार हो गईं। गिरिजा व्यास हर रोज की तरह अपने आवास पर पूजा कर रही थीं। इस दौरान आरती करते समय उनकी चुन्नी में आग लग गई, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अहमदाबाद के जायड्स अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार गिरिजा व्यास 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी हैं और उन्हें ब्रेन हेमरेज होने की भी सूचना मिल रही है। हालांकि ब्रेन हेमरेज की खबर की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके परिजनों और समर्थकों में चिंता का माहौल है और सभी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। डॉ. गिरिजा व्यास का राजनीतिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है। वे चार बार सांसद रह चुकी हैं और कई अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षता भी शामिल है। राजस्थान की राजनीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कैसे हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, गिरिजा व्यास अपने घर में गणगौर पूजा कर रही थीं। इस दौरान वहां आग लग गई। गिरिजा व्यास की साड़ी में आग लगने के कारण उनका शरीर बुरी तरह से झुलस गया। झुलसने के कारण उनकी हालत गंभीर है। इसके अलावा आग लगने के बाद वो घर में गिर गई थीं, जिस वजह से उनके सिर में भी चोट आई है। अस्पताल के आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है। इस घटना की जानकारी देते हुए गिरिजा व्यास के भाई गोपाल शर्मा ने बताया कि सोमवार को पूजा करने के दौरान उनकी साड़ी में आग लगी थी। आग लगने के कारण वो बुरी तरह झुलस गई थीं। इस घटना के बाद उनको उदयपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के बाद अहमदाबाद रेफर कर दिया गया था। यहां उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि आग लगने की घटना के बाद कांग्रेस के कई नेताओं ने उनके परिवार से संपर्क किया और उनके जल्दी ठीक होने की कामना भी की है। गिरिजा व्यास के स्वास्थ्य पर अपडेट देते हुए अहमदाबाद के जाइडस अस्पताल में ऑपरेशन प्रमुख जैस्मीन शाह ने बताया कि उनकी हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि गिरिजा व्यास का शरीर 89 प्रतिशत तक झुलस गया है। इसके अलावा गिरने के कारण उनके ब्रेन में भी चोट आई है। डॉक्टर ने कहा कि उनका ब्रेन इंफार्क्ट हुआ है। डॉ. गिरिजा व्यास की हालत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चिंता जताई जा रही है। पूरे देश से उनके स्वस्थ होने की कामनाएं की जा रही हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी जायड्स में डॉक्टर्स से बात करते हुए डॉक्टर व्यास के स्वास्थ्य और इलाज के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इस संदर्भ में गुजरात के सीएम से भी बात की है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 18

47 द‍िनों में वर्ल्‍डवाइड 800 करोड़ तक पहुंचने जा रही फिल्‍म ‘छावा’, ‘एम्‍पुरान’ 6 द‍िन में 225 करोड़ पार

मुंबई   विक्‍की कौशल की पीरियड-ड्रामा 'छावा' कमाई के युद्ध में अब आख‍िरी पड़ाव पर है। 47वें दिन यह फिल्‍म वर्ल्‍डवाइड 800 करोड़ क्‍लब में शामिल होने से रत्तीभर के लिए चूक गई है। देश में भी यह 600 करोड़ की दहलीज पर है। पर सिनेमाघरों में 'सिकंदर' की रिलीज और सिंगल स्‍क्रीन थ‍िएटर्स में सलमान के फैंस की बंपर भीड़ का 'छावा' पर सीधा असर पड़ा है। यह फिल्‍म सोमवार को ईद की छुट्टी के बावजूद करोड़ में कारोबार नहीं कर सकी। रिलीज के बाद अब यह बीते दो दिनों से लाखों में सिमट रही है। मंगलवार को कमाई और अध‍िक गिर गई है। दूसरी ओर, मोहनलाल की विवादों में घ‍िरी 'एल: एम्‍पुरान' की कमाई भी जहां देश में गिरती जा रही है, वहीं दिलचस्‍प है कि विदेशों में यह भारत से अध‍िक कारोबार कर रही है। लक्ष्‍मण उतेकर के डायरेक्‍शन में बनी 'छावा' ने 47 दिनों में देश में 594.90 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन और 708.74 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्‍शन कर लिया है। इसमें से हिंदी वर्जन में फिल्‍म ने 579.03 करोड़ रुपये का टोटल बिजनस किया है। जबकि 15.87 करोड़ रुपये की कमाई तेलुगू वर्जन से हुई है। 'छावा' अब तक महाराष्‍ट्र के सिंगल स्‍क्रीन थ‍िएटर्स से सबसे ज्‍यादा कमाई कर रही थी। लेकिन तीन दिनों से अब इस पर 'सिकंदर' का कब्‍जा है। बल्‍क‍ि सलमान की फिल्‍म मल्‍टीप्‍लेक्‍स में जहां फीकी पड़ गई है, वहीं देशभर के सिंगल स्‍क्रीन थ‍िएटर्स में हाउसफुल जा रही है। 'छावा' बॉक्‍स ऑफिस कलेक्‍शन डे 47 Sacnilk के मुताबिक, वैलेंटाइन डे के मौके पर 14 फरवरी को रिलीज हुई 'छावा' ने 47वें दिन मंगलवार को देश में महज 54 लाख रुपये का नेट कलेक्‍शन किया है। इसमें से 1 लाख रुपये की कमाई तेलुगू वर्जन में हुई है और 53 लाख की हिंदी से। एक दिन पहले सोमवार को ईद की छुट्टी और जश्‍न के बावजूद इसने सिर्फ 89 लाख रुपये कमाए थे। 'छावा' का वर्ल्‍डवाइड कलेक्‍शन डे 47 'छावा' बॉक्‍स ऑफिस पर ऑल टाइम ब्‍लॉकस्‍टर बन चुकी है। 130 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्‍म ने एक लंबी राह तय की है। लेकिन अफसोस कि देश में धमाल मचाने वाली इस फिल्‍म का विदेशों में हाल बहुत बुरा रहा है। यह विदेशों में 47 दिनों में 91 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्‍शन ही कर पाई है। हालांकि, देश में 708.74 करोड़ की ग्रॉस कमाई की बदौलत इसने वर्ल्‍डवाइड 799.74 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्‍शन कर लिया है। बुधवार को 48वें दिन यह आसानी से 800 करोड़ क्‍लब में एंट्री ले लेगी। ब्‍लॉकबस्‍टर तो बन गई, पर 'छावा' ही अधूरी रह गई ख्‍वाहिश विक्‍की कौशल, रश्‍म‍िका मंदाना और अक्षय खन्‍ना स्‍टारर 'छावा' के दिल में विदेशों में 100 करोड़ की कमाई नहीं कर पाने के अलावा एक और टीस है। यह देश में हिंदी वर्जन से अब तक 579.03 करोड़ की कमाई ही कर पाई है। जबकि यह हिंदी में सबसे ज्‍यादा कमाई करने वाली 'स्‍त्री 2' से अभी भी 18.96 करोड़ पीछे है। श्रद्धा कपूर की फिल्‍म ने 597.99 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन किया था। अब जिस तरह 'छावा' का कलेक्‍शन गिरा है, इसका यह सपना अधूरा ही रहने वाला है। 'एल2: एम्‍पुरान' बॉक्‍स ऑफिस कलेक्‍शन डे 6 दूसरी ओर, बीते गुरुवार को रिलीज हुई मोहनलाल की 'एल2: एम्‍पुरान' ने तमाम विवाद के बीच 6 दिनों में 79.15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन कर लिया है। यह कोराना महामारी के बाद मलयालम सिनेमा की सबसे अध‍िक कमाई करने वाली फिल्‍म बन गई है। हालांकि, पृथ्‍वीराज सुकुमारन के डायरेक्‍शन में बनी इस फिल्‍म का बजट 180 करोड़ रुपये है। ऐसे में इसे हिट होने के लिए अभी लंबी राह तय करनी होगी। 'एल2: एम्‍पुरान' वर्ल्‍डवाइड कलेक्‍शन डे 6 'एल2: एम्‍पुरान' की खास बात यह है कि ये फिल्‍म देश से ज्‍यादा विदेशों में कमा रही है। इसने देश में जहां 6 दिनों में 92 करोड़ का ग्रॉस कलेक्‍शन किया है, वहीं विदेशों में करीब 133 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई की है। इस तरह 6 दिनों में फिल्‍म ने वर्ल्‍डवाइड 225 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनस कर लिया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

वक्फ बोर्ड बिल आज लोकसभा में पेश होगा, बिल के लिए एनडीए और इंडिया गठबंधन पूरी तरह से तैयार

नई दिल्ली: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल आज पेश होगा। सदन में 8 घंटे की चर्चा के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू चर्चा का जवाब देंगे। इसके बाद बिल को पास कराने के लिए वोटिंग होगी। सरकार बिल को बुधवार को ही लोकसभा में पास कराने की तैयारी है। सरकार इसे राज्यसभा में पेश कर वहां से भी पास कराने की तैयारी में जुटी है। वहीं विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है। इस बिल के खिलाफ कई जगह मुस्लिमों ने काली पट्टियां बांधकर ईद की नमाज अदा की। आइए जानते हैं वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 में क्या है-     वक्फ बिल लाने का सरकार का उद्देश्य क्या है?     8 अगस्त, 2024 को लोकसभा में दो बिल, वक़्फ़ (संशोधन) बिल, 2024 और मुसलमान वक़्फ़ (निरसन) बिल, 2024 पेश किए गए। इनका मकसद वक्फ बोर्ड के काम को सुव्यवस्थित और वक्फ की प्रॉपर्टीज का बेहतर मैनेजमेंट करना है। वक्फ (संशोधन) बिल, 2024 का मकसद वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करना है, ताकि वक्फ संपत्तियों के रेगुलेशन और मैनेजमेंट में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों का समाधान किया जा सके। संशोधन विधेयक का उद्देश्य देश में वक्फ संपत्तियों के मैनेजमेंट में सुधार करना है। इसका मकसद पिछले कानून की खामियों को दूर करना और अधिनियम का नाम बदलने जैसे बदलाव करके वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता को बेहतर करना भी है। साथ ही वक्फ की परिभाषाओं को अपडेट करना, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में सुधार करना, वक्फ रिकॉर्ड के मैनेजटमेंट में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाना भी है।     भारत में वक्फ मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक निकाय कौन से हैं और उनकी भूमिकाएं क्या हैं?     भारत में वक्फ संपत्तियों का प्रशासन फिलहाल वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत किया जाता है। वक्फ मैनेजमेंट में शामिल प्रमुख प्रशासनिक निकायों में शामिल हैं: केंद्रीय वक्फ परिषद (सीडब्ल्यूसी)- सरकार और राज्य वक्फ बोर्डों को नीति पर सलाह देती है, लेकिन वक्फ संपत्तियों को सीधे नियंत्रित नहीं करती है। राज्य वक्फ बोर्ड (एसडब्ल्यूबी) – प्रत्येक राज्य में वक्फ संपत्तियों का मैनेजमेंट और सुरक्षा करते हैं। वक्फ ट्रिब्यूनल- विशेष न्यायिक निकाय, जो वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों को संभालते हैं। यह प्रणाली बेहतर प्रबंधन और मुद्दों के तेज़ समाधान को सुनिश्चित करती है। पिछले कुछ वर्षों में, कानूनी बदलावों ने वक्फ प्रशासन को अधिक पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह बना दिया है।     वक्फ बोर्ड से संबंधित मुद्दे क्या हैं?     1. वक्फ संपत्तियों की अपरिवर्तनीयताः ‘एक बार वक्फ, हमेशा वक्फ’ के सिद्धांत ने विवादों को जन्म दिया है। 2. कानूनी विवाद और मिसमैनेजमेंटः वक्फ अधिनियम, 1995 और इसका 2013 का संशोधन प्रभावकारी नहीं रहा है जिसकी वजह से वक्फ भूमि पर अवैध कब्ज़ा, कुप्रबंधन और मालिकाना हक का विवाद, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और सर्वेक्षण में देरी, बड़े पैमाने पर मुकदमे और मंत्रालय को शिकायतें जैसे समस्याएं सामने आ रही हैं। 3. कोई न्यायिक निगरानी नहीं-वक्फ ट्रिब्यूनल्स के फैसलों को हाई कोर्ट्स में चुनौती नहीं दी जा सकती। इससे वक्फ मैनेजमेंट में पारदर्शिता और जवाबदेही कम हो जाती है। 4. वक्फ संपत्तियों का अधूरा सर्वेक्षण-सर्वेक्षण आयुक्त का काम खराब रहा है, जिससे देरी हुई है। गुजरात और उत्तराखंड जैसे राज्यों में अभी तक सर्वेक्षण शुरू नहीं हुआ है। उत्तर प्रदेश में 2014 में आदेशित सर्वेक्षण अभी भी लंबित है। विशेषज्ञता की कमी और राजस्व विभाग के साथ खराब कोर्डिनेशन ने रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को धीमा कर दिया है। 5. वक्फ कानूनों का दुरुपयोग- कुछ राज्य वक्फ बोर्डों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है, जिसकी वजह से सामुदायिक तनाव पैदा हुआ है। निजी संपत्तियों को वक्फ संपत्ति घोषित करने के लिए वक्फ अधिनियम की धारा 40 का दुरुपयोग किया गया है, जिससे कानूनी लड़ाई और अशांति पैदा हुई है।30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से मिली जानकारी के अनुसार, केवल 8 राज्यों की तरफ से डेटा दिया गया, जहां धारा 40 के तहत 515 संपत्तियों को वक्फ घोषित किया गया है। 6. वक्फ अधिनियम की संवैधानिक वैधता-वक्फ अधिनियम केवल एक धर्म पर लागू होता है, जबकि अन्य के लिए इसके समान कोई कानून मौजूद नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) में सवाल उठाया गया है कि क्या वक्फ अधिनियम संवैधानिक है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।     बिल पेश करने से पहले मंत्रालय ने क्या कदम उठाए और स्टेकहोल्डर्स से क्या विचार-विमर्श किए?     अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से विचार विमर्श किए, जिसमें सच्चर कमेट की रिपोर्ट, जन प्रतिनिधियों, मीडिया और आम जनता द्वारा कुप्रबंधन, वक्फ अधिनियम की शक्तियों के दुरुपयोग और वक्फ संस्थाओं द्वारा वक्फ संपत्तियों के कम उपयोग के बारे में जाहिर की चिंताएं शामिल हैं। मंत्रालय ने राज्य वक्फ बोर्डों से भी परामर्श किया। मंत्रालय ने वक्फ अधिनियम, 1995 के प्रावधानों की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की और स्टेकहोल्डर्स के साथ परामर्श किया। दो बैठकों में प्रभावित स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं को सुलझाने के लिए इस अधिनियम में उपयुक्त संशोधन करने के लिए आम सहमति बनी। इनमें शामिल हैं- सीडब्ल्यूसी (केंद्रीय वक्फ परिषद) और एसडब्ल्यूबी (राज्य वक्फ बोर्ड) की संरचना का आधार बढ़ाना, मुतवल्लियों की भूमिका और जिम्मेदारियां, ट्रिब्यूनल का पुनर्गठन, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में सुधार, टाइटल्स की घोषणा, वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण, वक्फ संपत्तियों का म्यूटेशन, मुतवल्लियों द्वारा खातों फाइलिंग, वार्षिक खाता फाइलिंग में सुधार, निष्क्रांत संपत्तियों/परिसीमा अधिनियम से संबंधित प्रावधानों की समीक्षा, वक्फ संपत्तियों का वैज्ञानिक प्रबंधन।     वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पेश करने की प्रक्रिया क्या थी?     • वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और शासन में कमियों को दूर करने के उद्देश्य से 8 अगस्त, 2024 को पेश किया गया था।• 9 अगस्त, 2024 को संसद के दोनों सदनों ने विधेयक को 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्यों की एक संयुक्त समिति को जांचने और उस पर रिपोर्ट देने के लिए भेजा।• विधेयक के महत्व और इसके व्यापक निहितार्थों को ध्यान में रखते हुए, समिति ने उक्त विधेयक के प्रावधानों पर आम जनता और विशेष रूप से विशेषज्ञों/हितधारकों और अन्य संबंधित संगठनों से विचार प्राप्त करने के लिए ज्ञापन आमंत्रित करने का निर्णय लिया था।• संयुक्त संसदीय समिति ने छत्तीस बैठकें कीं, जिसमें उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधियों के विचार/सुझाव सुने जैसे: अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय, विधि एवं न्याय, रेलवे (रेलवे बोर्ड), आवास … Read more

भगवान श्रीराम के आदर्श गुणों को आत्मसात करना ही मन की अयोध्या को सजाना है – सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर

रायपुर : स्वदेश पत्र समूह ने समाज में भारतीयता की भावना को पुष्ट किया – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय 'स्वदेश' द्वारा आयोजित 'विमर्श' कार्यक्रम में हुए शामिल भगवान श्रीराम के आदर्श गुणों को आत्मसात करना ही मन की अयोध्या को सजाना है – सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर "समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का" विषय पर हुआ विशेष व्याख्यान "राम काजु कीन्हें बिनु" एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला संस्कृति पुस्तक का विमोचन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय विचार पत्रिका "स्वदेश" द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम "विमर्श" में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। "समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का" विषय पर आयोजित इस विमर्श व्याख्यान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। सह सरकार्यवाह चक्रधर ने अपने व्याख्यान में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं गुणों को मन में आत्मसात करना ही “मन की अयोध्या” को सजाना है। उन्होंने कहा कि केवल मन ही नहीं, बल्कि अपने परिवार, समाज, गांव और राष्ट्र को भी राममय बनाना है। उन्होंने श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन वचन-पालन, धैर्य, करुणा भाव, परामर्श, श्रेय, न्याय, अहंकार का त्याग, मित्रता और दूसरों के प्रति सम्मान एवं समभाव जैसे गुणों से परिपूर्ण था। इन गुणों को अपनाकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। चक्रधर ने आगे श्रीराम के जीवन से जुड़ी घटनाओं के छोटे-छोटे उदाहरणों के माध्यम से उनके आदर्श गुणों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि श्रीराम वचन के प्रति दृढ़ प्रतिज्ञ थे—राजतिलक की घोषणा के अगले ही दिन उन्होंने पिता दशरथ द्वारा दिए गए वचन के सम्मान में सहर्ष वनवास स्वीकार किया। इसी प्रकार उन्होंने हर सुख-दुख की परिस्थिति में धैर्य बनाए रखा, कभी भी अहंकार को अपने पास नहीं आने दिया और सभी के साथ समभाव रखते हुए सम्मान का आदर्श प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इन गुणों को आत्मसात कर हम अपने मन, परिवार, समाज और राष्ट्र को सशक्त बना सकते हैं और 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। इस अवसर पर अयोध्या आंदोलन पर केंद्रित ग्रंथ "राम काजु कीन्हें बिनु" एवं छत्तीसगढ़ की लोक कला-संस्कृति पर आधारित पुस्तक का विमोचन मंच से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य क्षेत्र के संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, स्वदेश पत्रिका समूह के संपादक अतुल तारे एवं प्रबंध संपादक यशवर्धन जैन मंच पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वदेश पत्र समूह ने अपनी सात दशकों की अविरल यात्रा में समाज में भारतीयता की भावना को पुष्ट करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि स्वदेश समाचार पत्र आज भले ही नए कलेवर में है, लेकिन इसका इतिहास अत्यंत समृद्ध है। देश की आजादी के तुरंत बाद 1948 में अंत्योदय और एकात्म मानवतावाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की परिकल्पना से इस पत्र का प्रकाशन आरंभ हुआ। हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी भी इसके संपादक रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 1975 में जब देश में आपातकाल लागू हुआ, तब स्वदेश समाचार पत्र समूह के अधिकांश लोगों को जेल में डाल दिया गया। इसके बावजूद यह पत्र भारतीयता की भावना को लोगों तक पहुँचाता रहा और अडिग रहा। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की हत्या की गई और लाखों लोगों को जेल में डाल दिया गया। अनेक परिवार उजड़ गए। ऐसे मीसाबंदियों को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की सरकार ने सम्मान निधि देना प्रारंभ किया था, जो पिछले 5 वर्षों से बंद थी, जिसे हमारी सरकार ने पुनः प्रारंभ किया है। साथ ही विधानसभा में विधेयक लाकर यह सुनिश्चित किया गया है कि मीसाबंदियों को यह सम्मान राशि निरंतर मिलती रहे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का व्याख्यान विषय – "समय है अब मन की अयोध्या को सजाने का" – अत्यंत प्रासंगिक है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और भगवान श्रीराम को यहां भांजा कहा जाता है। उन्होंने कहा कि रामराज्य का अर्थ है—जनता की सेवा। हमारी सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर जनसेवा का कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार के प्रति हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। हम श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप रामराज्य की कल्पना को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मध्य क्षेत्र के संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना समूह संपादक अतुल तारे ने रखी। आभार प्रदर्शन योगेश मिश्रा (स्थानीय संपादक) ने किया तथा संचालन शशांक शर्मा ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छत्तीसगढ़ प्रांत प्रचारक अभयराम, प्रांत संघचालक डॉ. टॉपलाल वर्मा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायक किरण देव, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, खुशवंत साहेब, पवन साय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. 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शिक्षा सूर्य की तरह अज्ञानता के अंधेरे को दूर करती है: मंत्री श्रीमती उइके

सिंगरौली लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने खुटार मे स्कूल में प्रवेश उत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सूर्य की तरह अज्ञानता के अंधेरे को दूर करती है, कोई भी बच्चा स्कूल में प्रवेश से वंचित न रहे। प्रदेश में आज से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो गया है। इस अवसर पर सभी जिलों में प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेशोत्सव मनाया जा रहा है। मंत्री श्रीमती उइके ने विभिन्न विद्यालयों में आयोजित समारोहों में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने नौनिहालों के माथे पर तिलक लगाकर और पाठ्य पुस्तक वितरण कर विद्यालय में प्रवेश कराया। मंत्री श्रीमती उइके ने प्रवेशोत्सव में कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि कोई भी छात्र-छात्रा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अपने छात्र जीवन की कठिनाइयों को साझा करते हुए कहा कि अब परिस्थितियाँ बदल गई हैं। प्रदेश सरकार शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रभावी नीतियाँ लागू कर रही है, जिससे प्रदेश के विद्यार्थी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है और सीएम राइज स्कूल का नाम बदलकर सांदीपनि स्कूल किया गया है, जिससे गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ावा मिलेगा। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा छात्रावास, छात्रवृत्ति, गणवेश, पाठ्य-पुस्तक, लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। कक्षा 10वीं और 12वीं के ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके, उनके लिए पुनः प्रवेश की सुविधा दी गई है। उन्होंने अभिभावकों से की बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करें और बेटा-बेटी में भेदभाव न करें। प्रदेश सरकार द्वारा बेटियों के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिससे वे शिक्षा प्राप्त कर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। मंत्री श्रीमती उइके को अपने बीच पाकर और उनसे पाठ्यपुस्तकें प्राप्त कर बच्चे काफी उत्साहित दिखे। मंत्री श्रीमती उइके ने बच्चों से संवाद किया। बच्चों ने भी उत्साहित होकर मंत्री से अपने मन की बात साझा की। इस अवसर पर देवसर विधानसभा के विधायक राजेंद्र मेश्राम ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएँ चला रही है। उनके विधानसभा क्षेत्र में पाँच सीएम राइज विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जबकि दो नए विद्यालयों को स्वीकृति प्राप्त हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री का इसके लिए आभार माना। सिंगरौली विधानसभा के विधायक रामनिवास शाह ने प्रवेश उत्सव कार्यक्रम को नए शैक्षणिक सत्र के बेहतर परिणामों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना तभी पूरा होगा जब शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध हो रही है। मंत्री श्रीमती उइके ने इस अवसर पर विभिन्न खेलों में प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। प्रदेश भर में प्रवेश उत्सव 4 अप्रैल तक मनाया जाएगा, जिसमें 'भविष्य से भेंट', 'हार के आगे जीत है', विद्यालय स्तरीय सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियाँ और शाला प्रबंधन समिति की बैठकें आयोजित की जाएँगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 17