Thursday, July 16, 2026 10:47 am

मुंबई एयरपोर्ट से NIA ने आईएसआईएस स्लीपर सेल के मॉड्यूल के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया

मुंबई  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मुंबई एयरपोर्ट पर ISIS के दो भगोड़े स्लीपर सेल सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों पुणे, महाराष्ट्र में 2023 में IED बनाने और परीक्षण करने के एक मामले में वॉन्टेड थे। अब्दुल्ला फैयाज शेख को डायपरवाला के नाम से भी जाना जाता है। वहीं तालहा खान को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल 2 पर आव्रजन अधिकारियों ने तब पकड़ा, जब वह इंडोनेशिया के जकार्ता में अपने ठिकाने से वापस आ रहे थे। इसके बाद NIA ने उन्हें हिरासत में ले लिया। ये दोनों आरोपी दो साल से ज़्यादा समय से फरार थे। NIA की स्पेशल कोर्ट, मुंबई ने इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। एजेंसी ने प्रत्येक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 3 लाख रुपये का इनाम भी रखा था। तीन-तीन लाख का था इनाम जांच में पता चला है कि इन दोनों और ISIS के पुणे स्लीपर सेल के आठ अन्य सदस्यों ने मिलकर साजिश रची थी। ये सभी आठ सदस्य अभी न्यायिक हिरासत में हैं। NIA के बयान में कहा गया है कि इन लोगों ने भारत में हिंसा फैलाकर शांति भंग करने और इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश रची थी। दोनों पर तीन-तीन लाख रुपये का इनाम था। बम बनाने की वर्कशॉप की दोनों गिरफ्तार आरोपियों पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पुणे के कोंढवा इलाके में अब्दुल्ला फैयाज शेख ने किराए पर लिए गए एक घर में IED बनाए थे। 2022-2023 के दौरान, उन्होंने बम बनाने की वर्कशॉप भी की और उस घर में एक नियंत्रित विस्फोट में IED का परीक्षण भी किया। एक्शन में एनआईए NIA भारत में ISIS की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। एजेंसी ने पहले ही सभी 10 आरोपियों के खिलाफ UAPA, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और IPC की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, अब्दुल कादिर पठान, सिमाब नसीरुद्दीन काजी, जुल्फिकार अली बरोड़वाला, शामिल नाचन, आकिफ नाचन और शाहनवाज आलम शामिल हैं। NIA के अनुसार, ये सभी मिलकर भारत में अशांति फैलाने की योजना बना रहे थे। उनका मकसद था कि देश में डर का माहौल पैदा किया जाए। NIA अब इन सभी से पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के बारे में और जानकारी मिल सके। NIA का कहना है कि वह देश में आतंकवाद को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देगी। शशि मिश्रा recent visitors 46

NIA को मिला अहम सुराग हमले के समय पहलगाम में प्रतिबंधित हुवावे सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था

श्रीनगर  जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब NIA कर रही है। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोगों की जान चली गई थी। जांच एजेंसियों को एक अहम सुराग मिला है। हमले के समय पहलगाम इलाके में एक प्रतिबंधित हुवावे (Huawei) सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हुआ था। हुवावे एक चीनी कंपनी है। इस पर भारत में रोक है। शक है कि यह फोन पाकिस्तान या किसी दूसरे देश से तस्करी करके लाया गया था। चीनी टेलीकॉम कंपनी पर है रोक दरअसल भारत में चीनी टेलीकॉम कंपनियां हुवावे और ZTE (झोंगक्सिंग टेलीकम्युनिकेशन इक्विपमेंट) को 5G नेटवर्क के लिए उपकरण बेचने की अनुमति नहीं है। हालांकि इन पर कोई सीधा प्रतिबंध नहीं है। लेकिन भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने हुवावे और ZTE को 5G रोलआउट से बाहर कर दिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये कंपनियां भारत सरकार की ओर से तय किए गए 'विश्वसनीय स्रोत' की शर्त को पूरा नहीं करती हैं। सुरक्षा कारणों से भारतीय टेलीकॉम कंपनियां यूरोपीय उपकरण इस्तेमाल करने के लिए ज्यादा पैसे देने को भी तैयार हैं। अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध अमेरिका और यूरोप में चीनी हुवावे पर प्रतिबंध लगा है। जुलाई 2022 में अमेरिका और ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। FBI और MI5 के प्रमुखों ने आरोप लगाया था कि चीन आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। चीन ने इन आरोपों को निराधार बताया था। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, जो कनाडा के साथ फाइव आइज़ इंटेलिजेंस-शेयरिंग गठबंधन के सदस्य हैं, उन्होंने भी हुवावे को अपने 5G नेटवर्क से प्रतिबंधित कर दिया है। पहलगाम अटैक की एनआईए कर रही हर एंगल से जांच पहलगाम हमला हाल के समय में कश्मीर में हुए सबसे घातक हमलों में से एक है। इसमें बेकसूर पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। एनआईए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद से कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें सैटेलाइट फोन को ट्रैक करना भी शामिल है। इसके लिए पश्चिमी एजेंसियों से मदद ली जा रही है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। टीआरएफ ने क्या दी है चेतावनी? TRF ने कहा है कि 85,000 से ज्यादा डोमिसाइल गैर-स्थानीय लोगों को जारी किए गए हैं। इससे भारतीय कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (IOJK) में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का रास्ता खुल गया है। ये गैर-स्थानीय लोग पर्यटक बनकर आते हैं। डोमिसाइल प्राप्त करते हैं और फिर ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे वे जमीन के मालिक हों। नतीजतन हिंसा उन लोगों के खिलाफ निर्देशित की जाएगी जो अवैध रूप से बसने की कोशिश कर रहे हैं। TRF का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोगों को बसाया जा रहा है, इसलिए वे हिंसा करेंगे। तीन संदिग्धों के स्केच जारी चश्मदीदों ने बताया है कि हमले में पांच से ज्यादा हमलावर शामिल थे। NIA इन बयानों की जांच कर रही है ताकि घटनाओं का क्रम पता चल सके। NIA की टीमें एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर सुराग ढूंढ रही हैं। जम्मू-कश्मीर में ओवरग्राउंड वर्कर्स भी जांच के दायरे में हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहले तीन संदिग्धों के स्केच जारी किए थे और प्रत्येक पर 20 लाख रुपये का इनाम रखा था। NIA ने कहा है कि वह आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। फॉरेंसिक टीमें हमले की जगह पर सबूत ढूंढ रही हैं। दोषियों को न्याय के कटघरे में लाएगी एनआईए NIA ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद एनआईए ने औपचारिक रूप से पहलगाम आतंकी हमले के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने कहा कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। एनआईए इस मामले की तह तक जाएगी और दोषियों को सजा दिलाएगी। recent visitors 44

NIA की टीम आतंकी फिरोज खान को रतलाम लेकर पहुंची, मच गया हड़कंप

रतलाम मध्य प्रदेश के रतलाम से गिरफ्तार आतंकी फिरोज खान को लेकर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) और राजस्थान पुलिस की एक संयुक्त टीम रतलाम पहुंची हुई है। टीम ने फिरोज को संबंधित स्थानों पर ले जाकर वहां का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई आतंकवादी गतिविधियों की जांच के सिलसिले में की गई थी, ताकि आतंकी नेटवर्क और उनके द्वारा उपयोग की गई जगहों के बारे में और जानकारी मिल सके। एनआईए और राजस्थान पुलिस की टीम ने फिरोज के साथ स्टेशन रोड थाने में भी पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फिरोज से पूछताछ जारी है और उसकी गिरफ्तारी के बाद अब अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी छापेमारी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि फिरोज की गिरफ्तारी से आतंकी गतिविधियों के बारे में जरूरी जानकारी मिल सकती है, जो आगे की जांच के लिए सहायक साबित होगी। फिरोज खान की गिरफ्तारी     बता दें कि कुछ दिन पहले, रतलाम पुलिस ने फिरोज खान को गिरफ्तार किया था, जो काफी समय से फरार था और उस पर 5 लाख का इनाम भी घोषित था। फिरोज को जयपुर बम ब्लास्ट मामले में वांटेड था। यह गिरफ्तारी रतलाम पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही थी, लेकिन अब एनआईए की कार्रवाई ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। फिरोज खान का आतंकवादी नेटवर्क फिरोज खान 2022 में जयपुर बम ब्लास्ट को दोहराने की साजिश में शामिल था, और एनआईए के मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में उसका नाम था। उसे 2 अप्रैल को रतलाम पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब वह ईद के मौके पर अपनी बहन से मिलने आया था। पुलिस को इनपुट मिला था कि वह अपनी बहन के घर पर ठहरने वाला है, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। एनआईए की जांच का दायरा बढ़ा एनआईए द्वारा की गई ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि रतलाम में आतंकवादियों का नेटवर्क सक्रिय था और यह जांच अब और गहरी हो गई है। एनआईए के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। recent visitors 39

जयपुर सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने वाले फिरोज खान को आज NIA ने सुबह रतलाम से गिरफ्तार कर लिया

 रतलाम जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रचने के मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहे फिरोज खान पुत्र फकीर मोहम्मद सब्जीवाला को पुलिस ने बुधवार सुबह रतलाम से गिरफ्तार कर लिया। फिरोज पर एनआईए ने 5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वह ईद मनाने के लिए रतलाम आया था और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च 2022 को राजस्थान के निंबाहेड़ा में राजस्थान पुलिस ने 12 किलो विस्फोटक सामग्री के साथ आरोपित जुबेर निवासी आनंद कॉलोनी, अल्तमस पुत्र बशीर खान और सरफुद्दीन उर्फ सेफुल्ला पुत्र रमजानी दोनों निवासी शेरानीपुरा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सात अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया था। आरोपित कट्टरपंथी संगठन अल सुफा ग्रुप से जुड़े थे। पूर्व में गिरफ्तार किए गए 10 आरोपित जयपुर की जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान भी पेश किया जा चुका है। जगह-जगह लगाए थे पोस्टर फिरोज के हाथ नहीं आने पर एनआईएन ने 2 साल पहले उसकी गिरफ्तारी पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था तथा इस संबंध में शहर में जगह-जगह पोस्टर भी लगाए थे। फिरोज खान की तलाश में एनआईए और रतलाम पुलिस ने कई बार उसके घर तथा अन्य जगह पर दबिश दी थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। सूचना मिली की फिरोज रतलाम में है इसी बीच बुधवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि फिरोज रतलाम आया हुआ है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में टीम ने उसकी तलाश की तथा घेराबंदी कर उसे उसकी कजिन सिस्टर के घर से गिरफ्तार कर लिया। एसपी अमित कुमार ने बताया कि फिरोज के रतलाम आने की सूचना मिलने पर उसकी तलाश शुरू की गई। सूचना मिली कि वह अपनी कजिन सिस्टर के घर छिपा हुआ है, इस पर टीम ने वहां पहुंच कर घेराबंदी की तथा उसे पकड़ लिया। recent visitors 39

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हिज्ब उत तहरीर के सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया, 4 राज्यों में स्लीपर सेल थे एक्टिव

नई दिल्ली  हिज्ब उत तहरीर के आतंकियों ने इस्लामी देशों की सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन किया था। इन लोगों को हिंसक जिहाद और युद्ध के माध्यम से भारत में कानूनी रूप से स्थापित सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए बुलाया किया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपने आरोपपत्र में आरोप हिज्ब-उत-तहरीर के सदस्यों के खिलाफ ये बातें कही हैं। एजेंसी ने  एक विशेष एनआईए अदालत के समक्ष एक पूरक आरोपपत्र दायर किया। इसमें उसने अब्दुल रहमान और मुजीबुर रहमान को यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत तमिलनाडु और अन्य स्थानों पर हिज्ब उत तहरीर की विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रचने और तैयारी करने के आरोप में नामजद किया। दोनों को इस साल जून में एनआईए ने गिरफ्तार किया था। शरीया कानून लागू करना चाहते थे एनआईए के अनुसार, जांच से पता चला है कि आरोपियों ने संगठन की विचारधारा का प्रचार करने के लिए हिज्ब उत तहरीर के स्वयंभू पदाधिकारियों के साथ साजिश रची थी। इसका उद्देश्य भारत में इस्लामिक खिलाफत की स्थापना करना और एचयूटी के संस्थापक तकी अल-दीन अल-नभानी द्वारा लिखित शरिया आधारित संविधान के मसौदे को लागू करना था। एनआईए की जांच के अनुसार, आरोपी सक्रिय रूप से हिज्ब उत तहरीर की सीक्रेट क्लासेज में दारिस (छात्रों) की भर्ती में शामिल थे। उन्होंने 'बयान' (धार्मिक प्रदर्शन) कक्षाएं भी संचालित की थीं। साथ ही सोशल मीडिया पर संगठन की भारत विरोधी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए कई शॉर्ट फिल्में भी बनाई थीं। यूपी, तमिलनाडु समेत 4 राज्यों में स्लीपर सेल लेबनान स्थित इस कट्टरपंथी समूह की ब्रिटेन सहित पश्चिमी देशों में उपस्थिति है। पिछले वर्ष अक्टूबर में फिलिस्तीन के समर्थन में हुए सड़क विरोध प्रदर्शन के बाद इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, क्योंकि इसने इजरायल में हमास की कार्रवाई की प्रशंसा की थी। मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में इसके स्लीपर सेल के उभरने के बाद भारत ने हाल ही में इस समूह पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है। इस साल की शुरुआत में मध्य प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने हिज्ब उत तहरीर के पहले मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। अधिकारियों के अनुसार, बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले को एनआईए को सौंप दिया। एजेंसी ने बाद में हिज्ब उत तहरीर के 17 सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। recent visitors 87

खालिस्तानी आतंकी के दो सहयोगियों के खिलाफ एनआईए ने विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब आतंकवादी साजिश मामले में प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) आतंकवादी संगठन के आतंकवादी लखबीर सिंह उर्फ लांडा के दो प्रमुख सहयोगियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। पंजाब के फिरोजपुर जिला के जसप्रीत सिंह उर्फ जस और मध्य प्रदेश के बड़वानी जिला के बलजीत सिंह उर्फ राणा भाई के खिलाफ मोहाली स्थित एनआईए विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया। एनआईए ने दोनों की पहचान विदेश स्थित खालिस्तानी आतंकवादी लांडा द्वारा गठित एक आतंकी गिरोह के सदस्यों के रूप में की थी। एनआईए की जांच में जस को लांडा और उसके सहयोगी को पट्टू खैरा के सहयोगी के रूप में चिन्हित किया है। जबकि राणा भाई लांडा गिरोह के सदस्यों और अन्य गैंगस्टरों को हथियारों की आपूर्ति में शामिल था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी लांडा के ड्रग तस्करी और जबरन वसूली नेटवर्क में शामिल थे, जिसका उद्देश्य बीकेआई के लिए धन जुटाना था। वहीं बलजीत स्थानीय स्तर पर हथियार बना रहा था और लांडा गिरोह के गुर्गों को आपूर्ति करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहा था। बलजीत उन विभिन्न हथियार आपूर्तिकर्ताओं में से एक था, जिनके साथ आतंकवादियों ने देश भर में हथियारों और गोला-बारूद आदि की आपूर्ति के लिए समझौता किया था। जांच के दौरान एनआईए ने आरोपियों से विभिन्न हथियार, गोला-बारूद, नशीले पदार्थ और ड्रग मनी, डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक लेख जब्त किए। इस मामले में जांच जारी है।   recent visitors 63

NIA द्वारा जम्मू-कश्मीर में रेड के दौरान अधिकारियो ने आतंकियों के 9 ठिकानों का पता लगाया है और सामान भी बरामद किया

कश्मीर श्रीनगर आतंकवाद के विरुद्ध चलाए अभियान के तहत NIA द्वारा जम्मू-कश्मीर में सुबह से ही रेड की जा रही है। इस रेड के दौरान अधिकारियो ने आतंकियों के 9 ठिकानों का पता लगाया है और वहां से सामान भी बरामद किया है। लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम), अल-बद्र, अल-कायदा आदि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के नवगठित शाखाओं और सहयोगियों से जुड़े हाइब्रिड आतंकवादियों और ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के परिसरों पर की गई छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक डेटा और दस्तावेज वाले कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए। इन संगठनों के समर्थकों और कार्यकर्ताओं के परिसरों की भी गहन तलाशी ली गई। NIA की टीमों ने 21 जून 2022 को आतंकवाद विरोधी एजेंसी द्वारा स्वत: संज्ञान लेते हुए दर्ज मामले आरसी-05/2022/एनआईएवीजेएमयू में अपनी जांच के हिस्से के रूप में आज सुबह इन संपत्तियों पर कार्रवाई की और विस्तृत तलाशी ली। यह मामला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और उनकी नई शाखाओं द्वारा जम्मू-कश्मीर में चिपचिपे बम, आईईडी और छोटे हथियारों आदि का उपयोग करके हिंसा फैलाने की योजनाओं से संबंधित एक आतंकी साजिश से संबंधित है। अपने पाकिस्तान स्थित आकाओं और आकाओं के समर्थन से, ये संगठन स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर और ओवरग्राउंड वर्करों को जुटाकर जम्मू-कश्मीर में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के उद्देश्य से आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए भौतिक और साइबर दोनों जगहों पर साजिश रच रहे हैं। इन संगठनों में द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF), यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू और कश्मीर (ULFJ&K), मुजाहिदीन गजवत-उल-हिंद (MGH), जम्मू और कश्मीर फ्रीडम फाइटर्स (JKFF), कश्मीर टाइगर्स, PAAF और अन्य शामिल हैं।  ये सभी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े हुए हैं और भारत सरकार द्वारा मुख्य आतंकवादी समूहों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद उनके नापाक एजेंडे को पूरा करने के लिए इन्हें फ्रंटल संगठन के रूप में पेश किया गया था।  तलाशी के दौरान बरामद डिजिटल उपकरणों और अन्य डेटा की जांच की जा रही है ताकि पूरी साजिश को उजागर किया जा सके और उसे ध्वस्त किया जा सके। recent visitors 75