वर्ल्ड हेल्थ डे पर सोनी सब के कलाकारों ने साझा किए अपने हेल्थ टिप्स

मुंबई,  सोनी सब के कलाकारों ने वर्ल्ड हेल्थ डे पर अपने प्रशंसकों के साथ अपने हेल्थ टिप्स साझा किये हैं। इस वर्ल्ड हेल्थ डे पर सोनी सब के कलाकार नवीन पंडिता, आरव चौधरी, प्रियम्वदा कांत और आदित्य रेडिज अपने फिटनेस मंत्र साझा कर रहे हैं, यह साबित करते हुए कि स्वास्थ्य केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। पुष्पा इम्पॉसिबल में अश्विन पटेल का किरदार निभा रहे नवीन पंडिता ने कहा, मेरे लिए फिटनेस का मतलब एक तरह का संतुलन है। मैं हर दूसरे दिन वेट लिफ्टिंग करता हूं, और अगर किसी दिन नहीं कर पाता, तो कम से कम 8,000 कदम चलने की कोशिश करता हूं, जिससे एक्टिव बना रहूं। मुझे खाने का बहुत शौक है, लेकिन मैं संतुलित और अनुशासित आहार को प्राथमिकता देता हूं। फिटनेस केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि मानसिक शांति और स्थिरता का भी नाम है, जिस पर मैं रोज़ काम करता हूं। वीर हनुमान में केसरी की भूमिका निभा रहे आरव चौधरी ने कहा, फिटनेस बनाए रखने की नींव अनुशासन है, खासकर हमारी इंडस्ट्री में, जहाँ अनियमित शेड्यूल और लंबे घंटों के काम का असर शरीर पर पड़ सकता है। मैं स्वस्थ और पोषण से भरपूर भोजन को प्राथमिकता देता हूं, जिससे मेरी ऊर्जा बनी रहे। साथ ही, हाइड्रेटेड रहना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह ताजगी बनाए रखने और संपूर्ण स्वास्थ्य सुधारने में मदद करता है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मैं पर्याप्त आराम करने को प्राथमिकता देता हूं क्योंकि कसरत जितनी ही रिकवरी भी महत्वपूर्ण होती है। फिटनेस सिर्फ़ शरीर को अच्छा दिखाने के लिए नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत महसूस करने के लिए भी है, ताकि मैं हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकूँ। तेनाली रामा में शारदा का किरदार निभा रहीं प्रियम्वदा कांत ने कहा, फिटनेस केवल एक रूटीन नहीं, बल्कि जीवनशैली है। सबसे व्यस्त दिनों में भी छोटी कोशिशें मायने रखती हैं।चाहे वह एक क्विक वर्कआउट हो, स्ट्रेचिंग हो या पैदल चलना। यह सिर्फ़ शारीरिक ताकत ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन भी है, क्योंकि शांत दिमाग ही स्वस्थ शरीर को बढ़ावा देता है। मैं अपनी फिटनेस को मज़ेदार बनाए रखने के लिए डांस, योग, आउटडोर रनिंग जैसे क्रिएटिव वर्कआउट करना पसंद करती हूँ। मेरे लिए स्वास्थ्य का मतलब संतुलन है।शरीर को पोषण देना, सही आराम करना और हर दिन स्क्रीन पर और उसके बाहर भी खुद को बेस्ट महसूस कराना। तेनाली रामा में कृष्णदेव राय का किरदार निभा रहे आदित्य रेडिज ने कहा, मेरे लिए फिटनेस सिर्फ़ जिम तक सीमित नहीं है।बल्कि यह अंदर और बाहर दोनों से अच्छा महसूस करने का नाम है। अनुशासन और निरंतरता ने मेरी फिटनेस जर्नी को आकार दिया है, भले ही कुछ दिन प्रेरणा कम रही हो। मैं पारंपरिक वर्कआउट के साथ डांस, हाइकिंग, या एक्टिव लाइफस्टाइल को भी शामिल करता हूँ। मेंटल फिटनेस भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, और एक सुकून भरी वॉक या डीप ब्रीदिंग से सबकुछ रीसेट किया जा सकता है। दिन के अंत में, यह सब संतुलन पर निर्भर करता है।अच्छी नींद, संतुलित आहार और सही समय पर आराम करना।   recent visitors 54

पीएम मोदी की थाइलैंड यात्रा : ‘रामकियेन’ भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है

बैंकॉक प्रधानमंत्री मोदी की थाईलैंड यात्रा के दौरान एक विशेष डाक टिकट जारी किया गया है। यह डाक टिकट 18वीं सदी की रामायण के भित्ति चित्रों पर आधारित है। पीएम मोदी ने कहा, मैं थाईलैंड सरकार का आभारी हूं कि मेरी यात्रा के उपलक्ष्य में 18वी शताब्दी की ‘रामायण’ भित्ति चित्रों पर आधारित एक विशेष डाक-टिकट जारी किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बैंकॉक पहुंचने पर रामायण के थाई संस्करण 'रामकियेन' को देखा। 'रामकियेन' भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'एक अद्वितीय सांस्कृतिक जुड़ाव! थाई रामायण, रामकियेन का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा। यह वास्तव में समृद्ध अनुभव था जिसने भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया।' उन्होंने लिखा, "रामायण एशिया के इतने सारे हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ता है।" द्विपक्षीय चर्चा के बाद थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने पीएम मोदी को एक बेहद खास गिफ्ट दिया। उन्होंने पीएम मोदी को पवित्र ग्रंथ 'द वर्ल्ड तिपिटका : सज्जया फोनेटिक एडिशन' भेंट किया। तिपिटका (पाली में) या त्रिपिटक (संस्कृत में) भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का एक प्रतिष्ठित संकलन है, जिसमें 108 खंड हैं और इसे प्रमुख बौद्ध धर्मग्रंथ माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया संस्करण पाली और थाई लिपियों में लिखा गया है, जो नौ मिलियन से अधिक अक्षरों का सटीक उच्चारण सुनिश्चित करता है। यह विशेष संस्करण 2016 में थाई सरकार ने 'विश्व तिपिटका परियोजना' के हिस्से के रूप में राजा भूमिबोल अदुल्यादेज (राम IX) और रानी सिरीकित के 70 साल के शासनकाल की स्मृति में प्रकाशित किया था। पीएम मोदी ने कहा, "प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने मुझे त्रिपिटक भेंट किया और मैंने भगवान बुद्ध की भूमि भारत की ओर से हाथ जोड़कर इसे स्वीकार किया। पिछले वर्ष भारत ने भगवान बुद्ध और उनके दो प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष थाईलैंड भेजे थे। यह जानकर बहुत खुशी हुई कि करीब चार मिलियन लोगों ने इन अवशेषों को नमन किया।" विश्लेषकों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री मोदी को त्रिपिटक भेंट करना भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व और बौद्ध देशों के साथ उसके स्थायी संबंधों का प्रमाण है। recent visitors 52

प्राइम वीडियो ने रिलीज़ किया छोरी 2 का ट्रेलर

मुंबई,  प्राइम वीडियो ने हॉरर फिल्म छोरी के बहुप्रतीक्षित सीक्वल छोरी 2 का रोंगटे खड़े कर देने वाला ट्रेलर रिलीज कर दिया है। टी-सीरीज़, एबंडेंशिया एंटरटेनमेंट, साइक और टैमारिस्क लेन प्रोडक्शन की हॉरर फिल्म छोरी 2 का निर्देशन विशाल फुरिया ने किया है और इसमें नुसरत भरुचा ने साक्षी के क़िरदार में वापसी की है, उनके साथ सोहा अली ख़ान ने बहुत अहम भूमिका निभाई है, गश्मीर महाजनी, सौरभ गोयल, पल्लवी अजय, कुलदीप सरीन, और हार्दिका शर्मा जैसे कलाकारों भी नज़र आने वाले हैं। भारत और दुनिया भर के 240 से अधिक देशों एवं क्षेत्रों में 11 अप्रैल 2025 को प्राइम वीडियो पर छोरी 2 का एक्सक्लूसिव प्रीमियर होगा। साक्षी की दुनिया में लौटने के बारे में बताते हुए, नुसरत भरुचा ने कहा, छोरी 2 में साक्षी के रूप में वापसी करना मेरे करियर के सबसे बढ़िया और फ़ायदेमंद तज़ुर्बों में से एक रहा है। हार माने बिना अपने बच्चे की जान बचाने के सात साल बाद, साक्षी का सबसे गहरा डर सच्चाई में बदल जाता है, जो कहानी में नए जज़्बात और गहराई में ले जाता है। इस भाग में डर और भी ज़्यादा गहरा, ज़्यादा ताक़तवर और बहुत हद तक असली लगता है क्योंकि ये एक माँ के अत्यंत बुरे सपनों को बयाँ करता है। विशाल ने बड़ी ख़ूबसूरती से सिहरन पैदा कर देने वाले पलों को बेबाक जज़्बातों के साथ तैयार किया है, जिससे कहानी ज़िंदा रहने की भावना, प्यार और एक माँ अपने बच्चे की हिफाज़त करने के लिए किस हद तक जा सकती है, उसका एक मज़ेदार ताना-बाना बन गई है। छोरी के इस भाग में शामिल होने वाली सोहा अली खान ने कहा, “छोरी 2 के हुनरमंद कलाकारों में शामिल होना और इस तरह के दिलकश क़िरदार को निभाना मेरे लिए एक रोमांचक नई चुनौती थी। जिस बात ने मुझे फिल्म की ओर खींचा, वह यह थी कि कैसे यह उथल-पुथल, माहौल के डर को लोक कहानियों को एक साथ मिलाती है जिसकी जड़ें हमारी संस्कृति में है। मेरा किरदार अनेक रंगों वाला है ।इसमें खतरा है लेकिन रहस्य भी है। वो कोई ऐसी इंसान नहीं है जिसकी आगे की ज़िंदगी को आप आसानी से समझ सकते हैं, जिसने उसे पर्दे पर उतारे जाने के लिए एक मनमोहक क़िरदार बना दिया। विशाल ने एक ऐसी दुनिया तैयार की है जहां हर तरफ से डर चला आता है, और इसका हिस्सा बनने से मुझे एक अदकारा के रूप में खुद के एक बिल्कुल नए पहलू को तलाशने का मौका मिला। इस फिल्म के बारे में जानकारी देते हुए निर्देशक, विशाल फुरिया ने कहा, छोरी 2 के साथ, हम केवल एक सीक्वल नहीं बनाना चाहते थे। हम हर उस चीज़ को बड़ा करना चाहते थे जिसने पहली फिल्म को इतना ख़ौफ़नाक और भावनात्मक तौर पर ज़बरदस्त बनाया था। इस चैप्टर में छोरी की दुनिया और भी बड़ी हो जाती है; लोक कहानियाँ गहरी हो जाती हैं, और साक्षी का सामना करने वाली शैतानी ताक़त और भी ज़्यादा निजी और ख़तरनाक लगती है। हमने नए किरदार, नए भाग और अनजाने मोड़ पेश किए हैं और वो भी उस असली कहानी को साथ लेकर चलते हुए किया गया है जो कहानी को इसकी ख़ास वास्तविकता प्रदान करती है। इसका सार के रूप में, छोरी 2 एक मां की किसी ऐसी चीज़ के खिलाफ़ लगातार की जाने वाली लड़ाई है जो हर जगह मौजूद है, और यहीं असली दहशत छिपी हुई है।   recent visitors 66

खंडवा जिले के कोंडावत गांव में दुखद घटना, 7 लोग कुएं में डूबे, पसरा मातम

खंडवा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव में गुरुवार शाम एक दुखद घटना घटी, जहां गणगौर विसर्जन के लिए कुएं की सफाई करते समय 7 लोग डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस व प्रशासन ने रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा। फिलहाल, डूबने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। गांव के चौक में स्थित कुएं में दलदल और कचरा होने से जहरीली गैस से यह हादसा होने की बात कही जा रही है। कुएं में अंदर कितने व्यक्ति है, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। गांव में पसरा है मातम सूचना मिलते ही एसपी मनोज राय, एसडीएम बजरंग बहादूर सिंह और छैगांवमाखन पुलिस मौके पर रवाना हो गई है। घटना से गांव में मातम पसर गया है। खंडवा से होमगार्ड की रेस्क्यू टीम मौक पर पहुंंच कर कुएं में उतरने का प्रयास कर रही है। कुएं में गैस का प्रभाव कम करने के लिए पानी डाला जा रहा हैं। मौके पर क्रेन, एंबुलेंस सहित प्रशासन की पूरी टीम मोर्चा संभाल चुकी है। पंधाना विधायक छाया मोरे ने भी गांव पहुंच कर घटना की जानकारी ली। घटना गुरुवार दोपहर करीब चार बजे की है। को जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव की है। बताया जा रहा है कि गणगौर विसर्जन के लिए ये लोग कुएं की सफाई करने उतरे उतरे थे। कुएं में बड़ी मात्रा में गाद जमी हुई है। इसी गाद के नीचे सभी के दबे होने की आशंका है। recent visitors 32

‘बंगाल की खाड़ी में सबसे लंबी तटरेखा हमारी’, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मोहम्मद यूनुस को पढ़ाया भूगोल

बैंकॉक विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत को बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल यानी बिमस्टेक (BIMSTEC) में अपनी जिम्मेदारी का एहसास है और वह आर्थिक और भू-राजनीतिक गतिविधियों से अवगत है। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि क्षेत्रीय सहयोग एक एकीकृत दृष्टिकोण है न कि चुनिंदा विषयों पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल की खाड़ी में भारत की सबसे लंबी तटरेखा है। उनका यह बयान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया और नोबेल पुरस्कार विजेता और अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने चीन के दौरे पर कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर के सात राज्य स्थलबद्ध (लैंड लॉक्ड) हैं, इसलिए बंगाल की खाड़ी और सटे हिन्द महासागर का वह अकेला संरक्षक है। माना जा रहा है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर का नवीनतम बयान कि बंगाल की खाड़ी में भारत की सबसे लंबी तटरेखा भारत की है, मोहम्मद यूनुस पर एक तरह का अप्रत्यक्ष कटाक्ष है। यूनुस के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया था। यूनुस ने हाल ही में चीनी सरकार से अपने देश के भीतर एक आर्थिक आधार स्थापित करने का आग्रह किया था और इस बात पर जोर दिया था कि बांग्लादेश इस क्षेत्र में "महासागर का एकमात्र संरक्षक" है। थाईलैंड में 6ठा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन थाईलैंड में 6ठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए, जयशंकर ने कहा, "बंगाल की खाड़ी के आसपास और समीपवर्ती देशों के साझा हित और साझा चिंताएं हैं। इनमें से कुछ हमारे इतिहास से निकलती हैं, जिसे अन्य प्राथमिकताओं और क्षेत्र की भलाई के लिए पीछे छोड़ दिया गया है।" उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सीमा, प्राथमिकताएं और जिम्मेदारी पता हैं। बंगाल की खाड़ी में 6500 किलोमीटर की भारत की सबसे लंबी तटरेखा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस क्षेत्र में न केवल बिम्स्टेक के पांच सदस्य देशों के साथ सीमा साझा करता है बल्कि उनके साथ बेहतर संपर्क भी रखता है और भारतीय उपमहाद्वीप और आसियान देशों के बीच भी बहुत अधिक इंटरफेस प्रदान करता है। पूर्वोत्तर बिम्सटेक के लिए एक कनेक्टिविटी हब जयशंकर ने कहा, "हमारा पूर्वोत्तर क्षेत्र विशेष रूप से बिम्सटेक के लिए एक कनेक्टिविटी हब के रूप में उभर रहा है, जिसमें सड़कों, रेलवे, जलमार्गों, ग्रिड और पाइपलाइनों का असंख्य नेटवर्क है। इसके अलावा, त्रिपक्षीय राजमार्ग का पूरा होना भारत के उत्तर पूर्व को प्रशांत महासागर तक जोड़ देगा, जो वास्तव में एक गेम-चेंजर होगा।" जयशंकर ने आगे कहा कि एक क्षेत्र विशेष पर केंद्रित दृष्टिकोण को “चेरी-पिकिंग” कहा जाना चाहिए। ऐसे दृष्टिकोण की बजाय क्षेत्रीय सहयोग पर अधिक व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। बैंकॉक पहुंचे PM मोदी उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी बृहस्पतिवार को छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक पहुंच चुके हैं। थाईलैंड की अपनी यात्रा के दौरान वह अपनी समकक्ष पैंटोगटार्न शिनावात्रा के साथ वार्ता करेंगे। यहां के डॉन मुआंग हवाई अड्डे पर उनके आगमन पर सिख समुदाय के लोगों ने भांगड़ा किया। थाईलैंड की यात्रा समाप्त करने के बाद वह श्रीलंका जाएंगे, जो देश में नए राष्ट्रपति के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। बृहस्पतिवार शाम को प्रधानमंत्री की मौजूदगी में थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार और भूटान के बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी पहल) नेताओं के साथ समुद्री सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में मोदी नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस और म्यांमार के सैन्य नेता मिन आंग हलिंग सहित अन्य लोगों से मुलाकात करेंगे। recent visitors 42

अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा ओरछा : प्रमुख सचिव शुक्ला

पर्यटन मंत्रालय से स्वदेश दर्शन 2.0 योजना में मिले 25 करोड़ रूपये इसके पूर्व पर्यटन मंत्रालय से मिले है 99.92 करोड़ रूपये ओरछा मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक रत्न ओरछा, अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर ओरछा को प्रतिष्ठित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार ने ओरछा में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना 2.0  में 25 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृति की गई है। स्वीकृत राशि से ओरछा में टूरिस्ट एक्सपीरियंस सेंटर, हुनरशाला, एंट्री प्लाजा के साथ यात्रा पथ का विकास किया जाएगा। इसके पूर्व दिसंबर माह में विरासतों के संरक्षण और संग्रहालयों के विकास आदि के लिए 99.92 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गए थे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2027-28 में ओरछा को यूनेस्को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता दिए जाने के लिए केंद्र सरकार ने यूनेस्को को सिफारिश की है। साथ ही ओरछा को यूनेस्को की एच.यू.एल. ( हिस्टोरिकल अर्बन लैंडस्केप) पहल के तहत चुना गया है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने "स्वदेश दर्शन 2.0" उप-योजना के तहत चेलेंज्‍ड बेस्‍ड डेस्‍टिनेशन डेवलपमेंट पहल शुरू की है, जिसका उ‌द्देश्य पूरे देश में पर्यटन स्थलों का विकास करना है। इस योजना के तहत, 50 स्थलों (प्रत्येक राज्य में अधिकतम 5) को विकास के लिए चुना जाना है। इसी के तहत ओरछा को आध्यात्मिक गंतव्य स्थल की श्रेणी में चुना गया है। ओरछा में पर्यटकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ शहर के सौंदर्यकरण, ऐतिहासिक विरासतों के संरक्षण और स्थानीय कलाकारों और संस्कृति का संरक्षण किया जाएगा। इससे ओरछा में देशी -विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी और स्थानीय समुदाय को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट के संदर्भ में किए जाने वाले कार्य है। टूरिज्म इंटरप्रिटेशन सेंटर केंद्र सरकार से मिली सहायता से ओरछा में तोपची की हवेली के पास पर्यटन अनुभव केंद्र का विकास किया जाएगा जिसमें ओरछा का 3डी मॉडल, पैनल्स के माध्यम से ओरछा की ऐतिहासिक यात्रा का प्रदर्शन, बुकिंग कियोस्क, चिल्ड्रन प्ले एरिया और कैफे का निर्माण किया जाएगा। हुनरशाला      स्थानीय कारीगरों को द्वारा बनाए जाने वाले सुविनियर को उत्कृष्ट बनाने का प्रशिक्षण देकर हुनरशाला के रूप में बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। यहां पर्यटक न सिर्फ सुविनियर खरीद सकेंगे बल्कि उन्हें बनता हुआ देखने के साथ वर्कशॉप में स्वयं बना भी सकेंगे। हुनरशाला में ओपन एयर एमपीथिएटर का भी विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग और दुर्ग समूह के बीच ब्रिज के दोनों ओर एंट्री प्लाजा बनेगा। जिसमें ई चार्जिंग स्टेशन और क्यूआर बेस्ड टिकटिंग की सुविधा होगी। पर्यटन यात्रा पथ पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ यात्रा पथ का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जिसमें पुराने पथों का संरक्षण और नए पथ का निर्माण, पथ के दोनों ओर रंग रोगन, आर्च और छज्जा निर्माण, पर्यटकों को बैठक सुविधा, लाइटिंग और साइनेज का निर्माण होगा। स्थानीय संस्कृति और पर्व को प्रदर्शित करने के लिए पथ किनारे छोटे स्टेज निर्माण किए जायेगे जहां  स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति दे सकेंगे। आधुनिक पर्यटन सुविधाएं पर्यटकों को इसके माध्यम से स्थानीय संस्कृति के महत्व से परिचय होगा। पर्यटकों को सुगम आवागमन के लिए हिप ऑन हिप ऑफ बस की सुविधा रहेगी। ओरछा के ऐतिहासिक वैभव और सांस्कृतिक महत्व को प्रदर्शित करती एक वेबसाइट का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ स्मारकों के लिए ऑडियो गाइड सिस्टम और फीडबैक मैकेनिज्म की सुविधा रहेगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार से ओरछा को ₹ 99.92 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। यह राशि पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना 2024-25 के अंतर्गत जारी की गई थी। जिससे ओरछा में पर्यटन सुविधाओं के विकास के साथ प्रवेशद्वारों का संरक्षण एवं पुलों का जीर्णोद्धार, मंदिर/स्मारकों का संरक्षण और संग्रहालयों का विकास भी किया जाएगा। योजना के अंतर्गत ओरछा में किए जाने वाले कार्य –    ओरछा शहर के आधारभूत संरचना में सुधार।   –    प्रवेशद्वारों का संरक्षण एवं पुलों का जीर्णोद्धार। –    संग्रहालय के आसपास व शहर की सड़कों को जोड़ना। यहां ई-कार्ट पार्किंग, चार्जिंग स्टेशन सुविधाएं, साइनेज आदि विकसित करना। –    स्मारकों को जोड़ने वाले मार्गों का विकास। –    प्रोजेक्शन मैपिंग और स्‍थानिय कलाकारों द्वारा लाइव परर्फामेंस। –   क्यूआर आधारित वॉक एप विकसित करना। –    सड़क पर रोशनी और हेरिटेज लाइटिंग। –    गढ़ परिसर के अंदर मंदिर/स्मारकों का संरक्षण। –    संग्रहालयों का विकास। –    आधुनिक शौचालयों का निर्माण व मेला ग्राउंड का विकास।   –    शॉपिंग क्षेत्र का विकास । नवीन युग की ओर अग्रसर ओरछा इस अभूतपूर्व विकास से न केवल ओरछा का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय समुदाय को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ, ओरछा विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी अ‌द्वितीय छवि स्थापित करेगा और एक नई पर्यटन क्रांति का सूत्रपात करेगा। recent visitors 42

रायपुर : पी.ए.टी. एवं पी.व्ही.पी.टी. प्रवेश परीक्षा 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ

रायपुर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025 के लिए पी.ए.टी. एवं पी.व्ही.पी.टी. की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन पत्र व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 अप्रैल 2025 सायं 5 बजे तक है। प्रवेश परीक्षा की संभावित तिथि 15 मई 2025 दिन गुरूवार को राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी। recent visitors 35