दर्दनाक सड़क हादसा : दो बाइकों की भिड़ंत, एक की मौत, 3 गंभीर घायल

जशपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर में शनिवार को दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. जहां दो बाइकों के बीच आमने-सामने की भिड़त हो गई. बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं तीन लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. घायलों को बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया है. घटना बगीचा थाना क्षेत्र के पण्ड्रापाठ की है. जानकारी के मुताबिक, मृतक और उसका छाेटा भाई दाेनाे बाइक से PDS के काम से बगीचा जा रहे थे. पंड्रापाठ के पास सामने आ रही बाइक से उनकी बाइक तेज रफ्तार में जा भिड़ी. दर्दनाक हादसे में खखरा निवासी युवक ने मौक पर ही दम तोड़ दिया. वहीं तीन घायलों का इलाज जारी है. घटना की सूचना के बाद बगीचा पुलिस मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. recent visitors 34

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूर्व मंत्री पटेल के पिताजी के निधन पर दी श्रद्धांजलि

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने पूर्व मंत्री श्री रामखेलावन पटेल के अमरपाटन स्थित निवास पहुंचकर श्री पटेल के पिताजी के दुःखद निधन पर श्रद्धांजलि दीं और शोक संतप्त परिवार से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। recent visitors 39

डगवेल रिचार्ज विधि से होगा भूजल पुनर्भरण, प्रदेश में एक लाख कुओं को रिचार्ज करने का लक्ष्य

भोपाल जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान में भूजल पुनर्भरण के लिए डगवेल रिचार्ज विधि अपनाने का निर्णय लिया है। इसमें राज्य में एक लाख कुओं को रिचार्ज करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। यह पहल विशेष रूप से कृषकों को रबी की फसलों की सिंचाई हेतु स्थायी जल स्रोत उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी। डगवेल रिचार्ज विधि: सरल, प्रभावी और वैज्ञानिक तरीका डगवेल रिचार्ज विधि उथले जलभृत के पुनर्भरण का एक सरल और सुलभ उपाय है। इस विधि में वर्षा जल को रिचार्ज पिट/फिल्टर के माध्यम से कुंओं में प्रवाहित किया जाता है, जिससे भूगर्भीय जल स्तर में वृद्धि होती है। यह विधि भूजल स्तर बनाए रखने में मदद करती है और लंबे समय तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करती है। कुओं का चयन और रिचार्ज पिट का निर्माण इस योजना में उन कुओं का चयन किया जाएगा जिनमें जल स्तर 10 मीटर से अधिक है और जो बरसात के बाद दिसंबर-जनवरी तक जल युक्त रहते हैं। मनरेगा अंतर्गत निर्मित कपिलधारा कुओं को भी इस योजना में सम्मिलित किया जा सकता है, यदि उनमें पूर्व में रिचार्ज पिट का निर्माण नहीं हुआ है। रिचार्ज पिट/फिल्टर का निर्माण कुंए से 3 से 6 मीटर की दूरी पर किया जाएगा। इसके लिए विशेष संरचना बनाई जाएगी जिसमें विभिन्न आकार के पत्थरों और मोटे रेत की परतें बिछाई जाएंगी, ताकि जल शुद्धिकरण और बहाव में कोई बाधा न आए। पाइप लाइन से यह पानी सीधे कुंए में पहुंचेगा और वहां से प्राकृतिक रूप से जलस्तर को पुनर्भरित करेगा। समाज की भागीदारी भी होगी अहम निजी कुओं की सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित हितग्राही की होगी, वहीं सार्वजनिक कुओं की देखरेख ग्राम पंचायतें करेंगी। इससे जनभागीदारी सुनिश्चित होगी और जल संरक्षण की भावना जन-जन तक पहुंचेगी। राज्य सरकार का यह प्रयास जल संकट से जूझते ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी समाधान के रूप में उभरेगा। यह अभियान किसानों के जीवन को समृद्ध बनाने में सहायक होगा। जल पुनर्भरण भू-जल संवर्धन और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा।   recent visitors 40

पूर्वी भारत में सात से नौ अप्रैल के बीच में आंधी तूफान व बिजली कड़कने की चेतावनी जारी, इन राज्यों में होगी बारिश

नई दिल्ली कई राज्यों में भीषण गर्मी शुरू हो गई है। गुजरात, राजस्थान, में 5 से 9 अप्रैल, मध्य प्रदेश में 7-9 अप्रैल, दक्षिणी पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 अप्रैल को हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। इस बीच, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में आठ अप्रैल से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस दस्तक देने जा रहा है। इसकी वजह से जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 8-11 अप्रैल के बीच बारिश होगी। आंधी तूफान व तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। इसके अलावा, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में 9 अप्रैल को ओले गिरेंगे। इसके अलावा, पूर्वी भारत में सात से नौ अप्रैल के बीच में आंधी तूफान व बिजली कड़कने की चेतावनी जारी हुई है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो छत्तीसगढ़, रायलसीमा, मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल में आंधी तूफान व बारिश होगी। गर्मी के बीच कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। केरल, माहे, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में पांच और छह अप्रैल, अंडमान और निकोबार में पांच और छह अप्रैल, पूर्वोत्तर भारत में पांच से नौ अप्रैल, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झरखंड में सात से नौ अप्रैल के बीच बारिश होगी और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। असम, मेघालय में पांच और छह अप्रैल, बिहार में आठ अप्रैल को ओले गिरेंगे। वहीं, केरल, माहे, तमिलनाडु में पांच और छह अप्रैल, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में पांच, असम में जोरदार बारिश होने वाली है। उत्तर पश्चिम भारत में 5-8 अप्रैल के बीच तीन से पांच डिग्री तापमान बढ़ जाएगा, लेकिन फिर 9-10 अप्रैल को दो से तीन डिग्री तक पारा गिरेगा। मध्य भारत में पांच से सात अप्रैल के बीच पारा तीन से पांच डिग्री तक बढ़ने की संभावना है। वहीं, गुजरात में पांच और छह अप्रैल को अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। recent visitors 43

प्रधानमंत्री मोदी को श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं शुभकामनाएं

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को श्रीलंका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान "श्रीलंका मित्र विभूषण" से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और वैश्विक मंचों पर भारत की सशक्त उपस्थिति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में ‘नया भारत’ वैश्विक मित्रता का संवाहक बन रहा है। यह सम्मान भारत और श्रीलंका के बीच साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को और भी सशक्त करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीलंका द्वारा दिया गया यह सर्वोच्च सम्मान न केवल प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व, वरन् भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा की प्रतिस्थापना का प्रतीक भी है। "श्रीलंका मित्र विभूषण" सम्मान श्रीलंका सरकार द्वारा उन विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में अहम योगदान दिया हो। यह सम्मान प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति की सफलता को दर्शाता है और भारत-श्रीलंका के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकेत भी है।   recent visitors 34

साइकिल चलाना एक तरह की एरोबिक एक्सरसाइज, रहेंगे सेहतमंद

बचपन में ज्‍यादातर बच्‍चे साइक‍िल चलाते हैं। हालांक‍ि बड़े हाेने पर ये आदत छूट ही जाती है। आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में लोग इतने व्‍यस्‍त हो चुके हैं क‍ि उन्‍हें साइक‍िल चलाने की फुर्सत ही नहीं रहती है। लोग बाइक‍, स्‍कूटी या कार ही चलाते हैं। ऐसे में वे कई बीमारि‍यों का श‍िकार हो जाते हैं। कहा जाता है क‍ि सेहतमंद रहना है तो रोजाना सुबह वॉक, जॉग‍िंग या साइक‍िल जरूर चलाना चाहि‍ए। एक बार आप फिर से आप साइकिल चलाना शुरू कर दीजिए। हालांक‍ि आपको बस 10 म‍िनट का टाइम देना होगा। एक सप्ताह के अंदर ही आपको अपनी सेहत में कई बदलाव देखने को म‍िलेंगे। आज हम आपको रोजाना 10 म‍िनट साइ‍क‍िल चलाने से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं वि‍स्‍तार से- हार्ट को रखे हेल्‍दी साइकिल चलाने से द‍िल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और इससे ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। यह हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करता है। वेट लॉस में फायदेमंद अगर आप वजन कम करने की सोच रहे हैं तो आपको साइक‍िल जरूर चलाना चाह‍िए। आप रोजाना 10 मिनट की साइकिलिंग करें। ये भी कारगर हो सकती है। इससे कैलोरी बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। स्‍ट्रेस दूर करे साइकिल चलाने से एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है। ये तनाव और चिंता को कम करने में कारगर हो सकता है। दरअसल, सुबह की ताजी हवा में साइकिलिंग करने से मानसिक शांति मिलती है। आप द‍िनभर ऊर्जावान महसूस करते हैं। फेफड़ों की क्षमता बढ़ाए जब आप साइकिलिंग करते हैं तो आपकी सांस लेने की क्षमता भी बढ़ती है। यह फेफड़ों को ज्यादा ऑक्सीजन लेने और शरीर में सही तरीके से पहुंचाने में मदद करता है। इम्युनि‍टी बूस्‍ट करे अगर आप रोजाना साइक‍िल चलाते हैं तो इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। यह सर्दी, जुकाम और अन्य संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है। पर्यावरण के लिए भी जरूरी आपको बता दें क‍ि साइकिल चलाने से प्रदूषण का स्‍तर भी कम होता है। अगर छोटी दूरी के लिए साइकिल से जाया जाए तो यह पर्यावरण संरक्षण में मदद कर सकता है। स्‍लीप क्‍वाल‍िटी भी सुधारे अगर आप अन‍िद्रा की समस्‍या से जूझ रहे हैं तो आपको रोज साइकिलिंग करना चाह‍िए। इससे नींद की क्‍वाल‍िटी बेहतर होती है। यह अनिद्रा की समस्या को दूर करने में सहायक होता है। recent visitors 49

एआई में भी अच्छाई और बुराई दोनों हैं, यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं: सीएम मोहन यादव

नई दिल्ली/भोपाल दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में शनिवार को 'सोशल इंप्लीकेशंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' पर सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमिनार में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हुए। सीएम मोहन यादव ने बदलते दौर में एआई की बढ़ती हैसियत पर बात की। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि आज के समय में यह अत्यंत प्रासंगिक विषय है जिस पर विस्तार से चर्चा की गई है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम जन कल्याण और सुशासन के लिए विज्ञान आधारित प्रणालियों का उपयोग करने की दिशा में काम कर रहे हैं, साथ ही आवश्यक सावधानियां भी सुनिश्चित कर रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाना सराहनीय है। मैं इस पहल के लिए बधाई देता हूं। सीएम यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस कार्यक्रम की झलकियां साझा कीं। जिसमें से एक में वे एआई को लेकर फैले भ्रम पर बात करते दिखे। उन्होंने कहा, "जब कंप्यूटर और इंटरनेट आए, तो लोगों को डर था कि नौकरियां चली जाएंगी और घर बर्बाद हो जाएंगे। हर चीज में अच्छी और बुरी बातें होती हैं। वैसे ही, एआई में भी अच्छाई और बुराई दोनों हैं। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं।" इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, "'सोशल इंप्लीकेशंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' विषय पर इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित संगोष्ठी में सहभागिता कर प्रबुद्धजनों के समक्ष अपने विचार साझा करने का अवसर प्राप्त हुआ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज केवल तकनीक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं शासन-प्रशासन जैसे विविध क्षेत्रों में एआई की संभावनाएं अनंत हैं। जब सम्पूर्ण विश्व एआई में अपना भविष्य तलाश रहा है, तब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एआई के वैश्विक पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। निश्चित रूप से यह तकनीकी क्रांति "विकसित भारत 2047 के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में अहम भूमिका निभाएगी।" इस मौके पर, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि एआई पर बहुत बात हो चुकी है। लेकिन, हमारा फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हमारे किसान भाइयों को लेकर भी होना चाहिए। किसान जब एआई का इस्तेमाल करे तो वह खेती की फोटो लें और बता पाए कि धान-गेंहू की खेती में कीड़ा लगा है या नहीं। इसमें खाद की जरूरत कब पड़ेगी। इसी तरह स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो छोटी चीजें हैं, उन्हें एआई का इस्तेमाल कर दूर करना होगा। डॉक्टरों को एक-एक आगे चलते हुए शोध करना होगा। recent visitors 45