दो कट्टर दुश्मनों को एक मंच पर ले आया पाकिस्तान, खनिज शिखर सम्मेलन से अरबों डॉलर के निवेश की उम्मीद

इस्लामाबाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ अटैक और चीन समेत कई देशों से बढ़ते व्यापार युद्ध के बीच पाकिस्तान ने दो कट्टर दुश्मनों यानी अमेरिका और चीन को एक मंच पर ला खड़ा किया है। दरअसल, पाकिस्तान ने अपनी खानों और खनिज क्षेत्र में निवेश के लिए अमेरिका, चीन और सऊदी अरब के प्रतिनिधिमंडलों के साथ मंगलवार को इस्लामाबाद में एक शिखर सम्मेलन की शुरुआत की है, जिसमें अधिकारियों को अरबों डॉलर के निवेश की उम्मीद है। इस आयोजन का उद्देश्य पाकिस्तान के तांबा, सोना, लिथियम और अन्य खनिजों के विशाल भंडार को दुनिया के सामने लाना है। साथ ही लंबे समय से उपेक्षित इस क्षेत्र में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देना है। पाकिस्तान खनिज निवेश मंच का उद्घाटन उप प्रधान मंत्री इशाक डार ने किया, जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि "पाकिस्तान रणनीतिक रूप से वैश्विक खनन महाशक्ति के रूप में उभरने की स्थिति में है।" उन्होंने कहा कि देश के पास दुनिया के सबसे बड़े अज्ञात भंडारों में से एक है और संभावित निवेशकों को प्रोत्साहन दे रहा है। पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ और देश के शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बलूचिस्तान में तांबे और सोने का सबसे बड़ा भंडार बता दें कि पाकिस्तान में खनिज संपदा का भंडार है, जिसमें दुनिया के सबसे बड़े तांबे और सोने के भंडारों में से एक रेको डिक भी शामिल है, जो अशांत दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान का एक जिला है, जहां हाल के वर्षों में बलूच अलगाववादियों द्वारा सुरक्षा बलों और विदेशियों पर हमलों में वृद्धि देखी गई है। तेल और खनिज से समृद्ध बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है। यह देश के जातीय बलूच अल्पसंख्यकों का केंद्र है, जिनके सदस्यों का कहना है कि उन्हें केंद्र सरकार द्वारा भेदभाव और शोषण का सामना करना पड़ता है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने बलूचिस्तान में उग्रवाद को दबा दिया है, लेकिन प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पिछले महीने से ही हमले जारी रखे हैं। बीएलए ज़्यादातर सुरक्षा बलों और विदेशियों, खासकर चीनी नागरिकों को निशाना बनाता है जो बीजिंग के अरबों डॉलर के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के हिस्से के रूप में पाकिस्तान में हैं। बीएलए चाहता है कि सभी चीनी-वित्तपोषित परियोजनाओं पर रोक लगे और चीनी कर्मचारी पाकिस्तान छोड़ दें। पाकिस्तान का क्या प्लान? अब पाकिस्तान ने इस खनिज सम्मेलन के जरिए दो दांव चलने की कोशिश की है। पहला यह कि उसने यह दिखाने की कोशिश की है कि उसके लिए अमेरिका और चीन दोनों एक समान हैं और दोनों ही देशों के साथ वह व्यापारिक और राजनयिक संबंधों में मधुरता बनाए रखना चाहता है। दूसरा वह अशांत बलूचिस्तान प्रांत में स्थित इन खनिजों के उत्खनन का काम चीन, अमेरिका या सऊदी अरब को देना चाहता है। इसके जरिए वह अशांत बलूचिस्तान में न केवल विदेशी ताकतों और विदेशी परियोजनाओं को बढ़ावा देना चाहता है बल्कि खनिजों के दोहन से प्राप्त राजस्व से अपना खजाना भी भरना चाहता है क्योंकि पाकिस्तान के लिए अपने बल-बूते बलूचिस्तान प्रांत से खनिज संसाधनों का दोहन करना मुश्किल हो सकता है। recent visitors 43

नैचुरल गैस कनेक्शन देने की प्लानिंग कर रोडमेप प्रस्तुत करें, आयुक्त खाद्य श्री शर्मा ने की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन की समीक्षा

भोपाल हितग्राहियों को पाइप्ड नैचुरल गैस कनेक्शन देने की प्लानिंग कर इसका रोडमेप विभाग को शीघ्र प्रस्तुत करें। आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा ने यह निर्देश सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की समीक्षा के दौरान दिये। प्रदेश में शहरी गैस वितरण नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति 2025 जारी की गई है। इन नीति के माध्यम से प्रदेश में जहां घर-घर गैस की पहुंच आसान होगी, वहीं वाहनों में स्वच्छ ईंधन भरने के लिये सीएनजी गैस स्टेशन का विस्तार होगा। नीति लागू होने से स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार होने के साथ ही पर्यावरण की रक्षा भी हो सकेगी। इस नीति से प्रदेश में बड़े पैमाने पर अधोसंरचना का निर्माण होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। शहरी गैस वितरण संस्थाओं के लिये सिंगल विंडो सिस्टम से अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। अभी तक 3.17 लाख घरों में पीएनजी कनेक्शन समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में अब तक 3 लाख 17 हजार घरों में पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन उपलब्ध कराये गये हैं। इसी तरह 368 सीएनजी स्टेशन स्थापित किये गये हैं। आयुक्त खाद्य श्री शर्मा ने इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।   recent visitors 42

एक-दूसरे को नेताओं ने खूब सुनाया, भाजपा की ओर से टीएमसी नेताओ के वीडियो और व्हाट्सएप चैट्स लीक किए गए

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के बीच झड़प का वीडियो सामने आया है जिसे लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। यह घटना बीते 4 अप्रैल की चुनाव आयोग के मुख्यालय की बताई जा रही है, जहां टीएमसी सांसदों की एक टीम अपनी मांगें लेकर पहुंची थी। भाजपा की ओर से टीएमसी नेताओ के वीडियो और व्हाट्सएप चैट्स लीक किए गए हैं। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इन लीक कंटेंट्स को एक्स पर शेयर किया और टीएमसी के भीतर आंतरिक कलह का दावा किया है। अमित मालवीय ने मंगलवार को को एक्स पर पोस्ट किया, '4 अप्रैल 2025 को चुनाव आयोग में दो टीएमसी सांसदों के बीच झगड़ा हुआ। पार्टी ने अपने सांसदों को संसद कार्यालय में मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर करने के लिए इकट्ठा होने का निर्देश दिया था, लेकिन एक सांसद इसे छोड़कर सीधे ईसीआई पहुंच गए। इससे दूसरा सांसद नाराज हो गया और दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।' उन्होंने कहा कि यह मामला टीएमसी चीफ ममता बनर्जी तक पहुंचा, जिन्होंने दोनों को शांत रहने को कहा है। लेकिन झगड़ा AITC MP 2024 व्हाट्सएप ग्रुप में भी जारी रहा, जहां एक ‘वर्सेटाइल इंटरनेशनल लेडी’ का जिक्र हुआ। यह रहस्य अभी अनसुलझा है। कल्याण बनर्जी ने खूब सुनाया व्हाट्सएप चैट में कल्याण बनर्जी ने एक मैसेज में कोलकाता पहुंच जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘मुझे गिरफ्तार करने के लिए अपनी बीएसएफ और दिल्ली पुलिस को भेजें। आपके गृह मंत्रालय का संबंध बहुत मजबूत अंतरराष्ट्रीय महान महिला से है।’ बनर्जी ने एक अन्य संदेश में कहा, ‘आज मैं उन सज्जन को बधाई देता हूं, जिन्होंने बहुमुखी प्रतिभा की धनी अंतरराष्ट्रीय महिला की सुंदर गतिविधियों का खुलासा किया। उस दिन उसका एक भी मित्र उसके पीछे नहीं खड़ा था। यह मूर्ख व्यक्ति, जिसे वह बीएसएफ की ओर से गिरफ्तार करना चाहती थी, उसके पीछे खड़ा था। आज निश्चित रूप से 30 साल का प्रसिद्ध खिलाड़ी मुझे गिरफ्तार करवाने के लिए उसके पीछे खड़ा था।’ कीर्ति आजाद भी निशाने पर जवाब में कीर्ति आजाद ने कल्याण बनर्जी से कहा कि वह नाबालिग अपराधी की तरह व्यवहार न करें। उन्होंने लिखा, ‘मेरा आपसे कोई झगड़ा नहीं है। केवल राजनीति में नहीं, मैं आपसे उम्र में वरिष्ठ होने के नाते विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि आप सभी को साथ लेकर चलें। अपना बचकाना और सनकी व्यवहार बंद करें। वयस्कों की तरह व्यवहार करें। किसी को भड़काएं नहीं। ठंडे दिमाग से सोचें। शुभ रात्रि।’ कल्याण बनर्जी ने इसके बाद भी आजाद पर कुछ और हमले करते हुए उन्हें आंतरिक राजनीति का कप्तान बताया। बनर्जी ने मैसेज में लिखा, ‘आपकी लोकप्रियता इतनी अधिक है कि आप क्रिकेट में चुनाव हार गए। मुझे दिखाइए कि आप अपने दोस्त के लिए मुझे गिरफ्तार करवा सकते हैं। चिंता मत कीजिए, मैं दुर्गापुर जाऊंगा और आपकी कलई खोलूंगा।’ घटना पर टीएमसी का क्या आया बयान भाजपा नेता ने एक और पोस्ट में लिखा, 'चुनाव आयोग में झगड़े के बाद एक सांसद ने ‘वर्सेटाइल इंटरनेशनल लेडी’ की निंदा जारी रखी। यह किंवदंतियों जैसा है!' टीएमसी की ओर से सांसद सौगत रॉय ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'व्हाट्सएप चैट्स का लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कल्याण बनर्जी की भाषा शर्मनाक थी। यह नहीं होना चाहिए था। हर पार्टी को अपनी आंतरिक गोपनीयता बनाए रखनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व इस पर संज्ञान लेगा।' रॉय ने कल्याण बनर्जी के व्यवहार को तीसरे दर्जे का करार देते हुए उनकी आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि चैट्स सचमुच हुई थीं या नहीं। इस घटना ने टीएमसी की एकता पर सवाल उठाए हैं और बीजेपी को ममता बनर्जी की पार्टी पर हमला करने का मौका दिया है। recent visitors 50

प्रदेश में ट्रांसमिशन लाइनों एवं एक्स्‍ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों की हो रही है असेट मेपिंग

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी(एम.पी. ट्रांसको) प्रदेश की अपनी ट्रांसमिशन लाइनों एवं एक्स्ट्रा हाईटेंशन सब स्टेशनों की असेट मेपिंग करवा रहा है। इससे जहां ट्रांसमिशन एलीमेंटस का डिजीटल डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगा ,वहीं किसी भी इमरजेंसी के समय मटेरियल मैनेजमेंट टाइम और व्यवधान को न्यूनतम करने में सहायता मिलेगी। एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री आर.के. मिश्रा ने बताया प्रदेश की 27900 कि.मी. लाइनों एवं 416 सब स्टेशनों में यह असेट मेपिंग का कार्य चल रहा है। इसके लिये सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और डेशबोर्ड के निर्माण का कार्य भी करना है। अलग-अलग मॉडयूल में जानकारी संरक्षित की जा रही है। ट्रांसमिशन कंपनी के लाइन मेंटनेन्स कार्मिकों के साथ सबस्टेशन प्रभारी के मोबाईल पर ऐप से यह पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। सर्वे ऑफ इंडिया के मैप पर की जा रही है मेपिंग ट्रांसमिशन एलीमेंट्स की मैपिंग सर्वे ऑफ इंडिया के मैप को आधार बनाकर की जा रही है जिससे डेटा की सटीक प्रमाणिकता रहेगी। जीपीएस प्रणाली के उन्नत संस्करण डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम(डीजीपीएस) के उपयोग से 1 सेंटीमीटर से 1 मीटर तक के स्थान में सटीकता से मैपिंग हो रही है। यह हैं फायदे असेट मैपिंग से ट्रांसमिशन टॉवरों में कोई समस्या आने पर टॉवर की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी त्वरित मिल जायेगी। ट्रांसमिशन कंपनी के सभी एलीमेंटस का डिजीटाइजेशन होने से व्यवस्थित रिकार्ड रखने में आसानी रहेगी, साथ ही मोबाईल ऐप पर भी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इस मैपिंग में ट्रांसमिशन कंपनी की भूमि का भी रिकार्ड उपलब्ध रहेगा।डेशबोर्ड पर विस्तृत जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध रहेगी।जरूरत के पार्टस, उपकरण आदि के बारे में पूरी जानकारी मिलने से सुधार कार्य और मटेरियल के इंतजामों में लगने वाले समय में कमी आयेगी। सर्वे ऑफ इंडिया के मेप पर की जा रही मैपिंग के अलावा कंपनी सर्वे एवं सॉफ्टवेयर डेवलप करने का कार्य भी कर रही है।   recent visitors 50

म.प्र. पॉवर जनरेशन कंपनी की ताप विद्युत इकाइयों का 14 बार 100 दिनों से अधिक निरंतर संचालन का नया रिकार्ड

भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक और उपलब्धि अपने नाम की है। पॉवर कंपनी की ताप विद्युत इकाइयों ने सतत् व निर्बाध संचालन में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए कुल 14 बार 100 दिनों से अधिक तक लगातार विद्युत उत्पादन करने का रिकार्ड कायम किया। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इन इकाइयों ने 13 बार 100 से अधिक दिनों तक निरंतर संचालन में रहने का रिकार्ड बनाया था। यह उपलब्ध‍ि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत इकाइयों की क्षमता व संचालन की विश्वसनीयता का प्रतीक है। ताप विद्युत इकाइयों की इस ऐतिहासिक सफलता पर ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सभी ताप विद्युत गृह के इंजीनियरों, तकनीशियनों व संचालन टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता कंपनी की तकनीकी दक्षता और ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गर्व की बात है, अपितु यह ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आत्मनिर्भरता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम भी है। चचाई की यूनिट ने 300 दिनों का आंकड़ा किया पार मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृह अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर, श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगलिया व सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की इकाइयों ने निरंतर चलने की इस शृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 250 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 5 ने लगातार 300 दिनों का आंकड़ा पार कर शानदार प्रदर्शन किया। तीन यूनिट ने बनाया 200 दिनों से अधिक उत्पादन करने का रिकार्ड पॉवर जनरेटिंग कंपनी की तीन इकाइयों ने लगातार 200 से अधिक दिनों तक संचालन का आंकड़ा पार किया। इनमें संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 5, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की 250 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 10 व श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया की 660 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 3 ने 200 दिनों से लगातार विद्युत उत्पादन करने का कीर्तिमान बनाया। 100 से 200 दिन तक निरंतर संचालन मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की यूनिट नंबर 5 ने 181 दिन, संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 210 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 2 ने 121 व 115 दिन, इसी विद्युत गृह की 210 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 4 ने 162 दिन और यूनिट नंबर 5 ने 109 दिनों तक सतत् व निर्बाध विद्युत उत्पादन किया। श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की 660 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 3 ने 141 व 660 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 4 ने 176 व 100 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन किया। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की 250 मेगावॉट क्षमता की यूनिट नंबर 10 ने 170 व यूनिट नंबर 11 ने 138 दिनों तक सतत् रूप से विद्युत उत्पादन किया। इनमें से संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 4 व 5, अमरकंटक ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 5 और श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की यूनिट नंबर 3 वर्तमान में भी सतत् विद्युत उत्पादन कर रही हैं।   recent visitors 46

पश्चिमी रिंग रोड में नई गाइडलाइन के दोगुना मुआवजा दिए जाने पर किसानों और प्रशासन के बीच सैद्धांतिक सहमति बनी

इंदौर बहुप्रतीक्षित पश्चिमी आउटर रिंगरोड परियोजना को लेकर एक बड़ी बाधा अब दूर हो गई है। जमीन अधिग्रहण को लेकर असहमति जता रहे किसान अब सर्वे के लिए तैयार हो गए हैं। नई गाइडलाइन के दोगुना मुआवजा दिए जाने पर किसानों और प्रशासन के बीच सैद्धांतिक सहमति बन गई है। इसके साथ ही परियोजना को लेकर लंबे समय से रुकी प्रक्रिया अब फिर से गति पकड़ने जा रही है। सहमति बनने के बाद मंगलवार से दो टीमें सर्वे का काम शुरू करेगी। पश्चिम रिंग रोड को लेकर रेसीडेंसी कोठी में जिला प्रशासन, एनएचआई और किसान नेताओं के बीच बैठक हुई। बैठक में नई गाइडलाइन का दोगुना मुआवजा देने पर सहमति बन गई। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि किसानों को पुरानी गाइडलाइन पर अवार्ड पारित होगा, लेकिन आर्बिटेशन के माध्यम से नई गाइडलाइन का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। 15 दिन में किसानों को अवार्ड पारित होगा। वहीं आरबीडेशन की प्रक्रिया डेढ माह में पूरी करेंगे। इस पर किसानों के साथ सहमति बन गई है। मंगलवार से टीमें सर्वे का काम शुरू करेगी। वर्षाकाल से पहले निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा, ताकि वर्षाकाल से पहले काफी काम पूरे किए जा सके।   विरोध के कारण अटका था काम करीब आठ माह पूर्व इस परियोजना का टेंडर किया गया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण में किसानों की असहमति के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। किसानों की मांग थी कि उन्हें उचित दर पर मुआवजा दिया जाए। किसान बाजार मूल्य का दोगुना मुआवजा मांग रहे थे। किसानों के विरोध के कारण प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया रोक दी थी। अब ग्रामीण क्षेत्रो में कृषि भूमि की गाइडलाइन सर्वाधिक बड़ी है। ऐसे में किसान बड़ी गाइडलाइन के दो गुना मुआवजे पर सहमत हो गए। recent visitors 51

हज और उमराह मंत्रालय ने कहा- 29 अप्रैल विदेशी उमराह तीर्थयात्रियों के लिए मुल्क से विदा लेने का अंतिम दिन होगा

रियाद अभी हाल ही में सऊदी अरब ने भारत और पाकिस्तान समेत 14 देशों पर अस्थायी तौर पर वीजा बैन लगा दिया था ताकि उमराह करने वालों और हज तीर्थयात्रा करने वालों की अवैध भीड़ मक्का या देशभर में जमा नहीं हो। अब सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने घोषणा की है कि जिन लोगों को उमराह के लिए वीजा मिल चुका है, वे उमराह पूरी कर 29 अप्रैल तक अपने-अपने देश वापस चले जाएं। मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि 29 अप्रैल विदेशी उमराह तीर्थयात्रियों के लिए मुल्क से विदा लेने का अंतिम दिन होगा। मीडिया रिपोर्ट में आधिकारिक बयान के हवाले से कहा गया है कि मंत्रालय ने कहा, "इस वर्ष उमराह करने वालों के लिए सऊदी अरब में प्रवेश के लिए 13 अप्रैल आखिरी दिन निर्धारित किया गया है, जबकि 29 अप्रैल को तीर्थयात्रा की मियाद खत्म हो जाएगी। इस समय सीमा के बाद सऊदी अरब में रहने वाले तीर्थयात्रियों को देश के वीजा और तीर्थयात्रा नियमों का उल्लंघन करने वाला माना जाएगा।" उल्लंघन करने पर कितना जुर्माना मंत्रालय ने अपने बयान में जोर देकर कहा है कि अनुमत तिथियों के बाद यानी 29 अप्रैल के बाद अधिक समय तक सऊदी अरब में रुकना कानूनी उल्लंघन माना जाएगा और दोषी पाए जाने वाले विदेशियों पर सख्त दंड लागू किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों, कंपनियों और उमराह सेवा प्रदाताओं पर 100,000 सऊदी रियाल यानी 22.94 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। हज यात्रा से पहले की तैयारी सऊदी अरब ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब वह वार्षिक हज यात्रा को आरामदायक बनाने की तैयारियों में जुटा है। सऊदी अरब का मकसद अवैध तीर्थयात्रियों को मक्का जाने से रोकना है। पिछले साल भारी भीड़ के कारण मक्का में भगदड़ मच गई थी, जिसमें 1200 लोगों की जान चली गई थी। इससे सऊदी अरब की प्रतिष्ठा दुनियाभर में धुमिल हुई थी। इसी को मद्देनजर रखते हुए सऊदी अरब ताबड़तोड़ फैसले ले रहा है। 18000 विदेशी गिरफ्तार एक दिन पहले ही सऊदी अरब ने करीब 18,407 ऐसे विदेशियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जो अवैध तरीके से वहां रह रहे थे। यानी वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी वहां रह रहे थे। इन लोगों पर प्रवासन, श्रम और सीमा सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। इन लोगों को 15 साल की जेल की सजा हो सकती है या करीब 2.30 करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है या दोनों हो सकता है। कब से शुरू हो रही हज यात्रा सऊदी अधिकारियों ने सभी सर्विस प्रोवाइडर और हज यात्रा आयोजित कराने वाले संस्थानों को विदेशी तीर्थयात्रियों के प्रस्थान समयसीमा और रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करने का निर्देश दिया है। बयान में कहा गया है कि अधिक समय तक रुकने वाले तीर्थयात्रियों की रिपोर्ट न करने पर इन संस्थानों पर भी अधिकतम दंड लगाया जाएगा। इस तरह के सारे कदम 4 जून से शुरू हो रहे हज यात्रा से ठीक पहले उठाए गए हैं। recent visitors 40