एमएसटी रेल टिकट बुक करना हुआ और भी आसान

एमएसटी रेल टिकट बुक करना हुआ और भी आसान यूटीएस मोबाइल ऐप से एमएसटी रेल टिकट बुकिंग: यात्रियों के लिए लाभदायक विकल्प भोपाल भोपाल मंडल में यात्री मासिक सीजन रेल टिकट (MST) भी यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से बुक कर सकते हैं। यह सुविधा न केवल यात्रा को सरल बनाती है बल्कि समय और धन की बचत भी करती है। भोपाल मंडल में पिछले 6 महीनों में अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 तक कुल 60,672 मासिक सीजन रेल टिकट बुक किए गए, जिनमें से 17,722 टिकट यानी करीब 30% टिकट UTS मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक किए गए। MST क्या है? MST यानी Monthly Season Ticket एक प्रकार का मासिक रेल टिकट है जो यात्रियों को रोज़ाना आने-जाने के लिए बार-बार टिकट लेने की झंझट से मुक्ति देता है। यह टिकट एक अधिकतम 150 किलोमीटर  के लिए मान्य होता है और महीने भर रेल यात्राओं की सुविधा देता है। MST (Monthly Season Ticket) रेलवे द्वारा नियमित यात्रियों के लिए दी जाने वाली एक सुविधा है जो रोज़ रेल टिकट लेने की ज़रूरत को खत्म कर देती है। यह टिकट कई प्रकारों में उपलब्ध है जैसे – QST (Quarterly Season Ticket) जो 3 महीनों के लिए, HST (Half-Yearly Season Ticket) जो 6 महीनों के लिए और YST (Yearly Season Ticket) जो पूरे 12 महीनों के लिए मान्य होता है। ये सभी विकल्प यात्रियों को अधिक रियायत और सुविधा प्रदान करते हैं। अब ये सभी सीजन रेल टिकट UTS मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से बुक किए जा सकते हैं, जिससे रेल टिकट काउंटर की कतारों से मुक्ति, समय की बचत और पेपरलेस यात्रा का लाभ मिलता है। MST रेल टिकट लेने के लाभ: 1.    डिजिटल सुविधा: अब MST भी मोबाइल ऐप से बुक की जा सकती है, पेपरलेस और कैशलेस जिससे पेपर MST खोने का डर भी नहीं रहता क्यूंकि अब आपका मोबाइल ही आपकी MST है । 2.    रोज़ टिकट लेने की ज़रूरत नहीं: हर दिन टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा। 3.    पैसों की बचत: डेली रेल टिकट की तुलना में एमएसटी कहीं ज़्यादा किफायती होता है। 4.    समय की बचत: स्टेशन पर कतार में खड़े रहने की ज़रूरत नहीं।      वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि "मासिक सीजन रेल टिकट (MST) भी UTS ऑन मोबाइल ऐप से बुक किया जा सकता है, जो कि दैनिक यात्रियों के लिए बहुत ही उपयोगी सुविधा है। मैं सभी यात्रियों से आग्रह करता हूँ कि वे इस डिजिटल रेल सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं और डिजिटल इंडिया की दिशा में अपना योगदान दें।" यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप: MST रेल टिकट बुकिंग की आसान प्रक्रिया 1.    ऐप डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से 'UTS' ऐप डाउनलोड करें। 2.    रजिस्ट्रेशन करें: मोबाइल नंबर से साइन अप करें। 3.    टिकट बुकिंग करें: o    MST विकल्प चुनें और रूट भरें। o    R-Wallet से भुगतान करें (3% बोनस भी मिलता है)। o    टिकट आपके मोबाइल पर पेपरलेस रूप में उपलब्ध रहेगा। recent visitors 44

ज्ञान दान अभियान की प्रेरणादायक शुरुआत, किताबें दान करें, जीवन संवारे

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा 7 अप्रैल 2025 से ‘ज्ञान दान अभियान’ की शुरुआत की गई है। इस सराहनीय पहल का शुभारंभ राज्य कार्यालय में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हर्षिका सिंह ने किया। अभियान का जरूरतमंद विद्यार्थियों तक प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक किताबों को पहुँचाना है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं। सीईओ श्रीमती सिंह ने आमजन से आग्रह किया गया है कि वे पुरानी व उपयोग में न आने वाली यूपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, स्कूल-कॉलेज स्तर की किताबें और सामान्य ज्ञान व संदर्भ ग्रंथ दान कर सकते हैं। ये पुस्तकें आजीविका मिशन के राज्य, जिला व ब्लॉक कार्यालयों, सीटीसी-सामुदायिक प्रशिक्षण केंद्र या गांवों में मौजूद स्व-सहायता समूहों, ग्राम संगठन, संकुल स्तरीय संगठनों के कार्यालयों के माध्यम से एकत्र की जाएंगी। यह अभियान किताबों का आदान-प्रदान कर विद्यार्थियों का भविष्य संवारने की एक सशक्त मुहिम है। आमजन से अपील है कि वे इस अभियान से जुड़कर किसी के सपनों को उड़ान देने में भागीदार बनें।   recent visitors 31

बनासकांठा दुर्घटना के प्रभावित परिवारों को हर संभव की जा रही है मदद

भोपाल गत दिनों गुजरात के बनासकांठा जिले में स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में हरदा जिले के प्रभावित परिवारों को प्रशासन द्वारा हर संभव मदद देने की कार्यवाही लगातार जारी है। कलेक्टर आदित्य सिंह ने बताया कि दुर्घटना में मजदूर परिवारों के कुल 11 सदस्यों की मृत्यु हो गई थी। इन सभी 11 मृतकों के परिजन को प्रधानमंत्री सहायता कोष से दो-दो लाख रुपए तथा गुजरात शासन की ओर से चार-चार लाख रुपए की मदद स्वीकृत की गई है। इसके अलावा सभी 11 मृतकों के परिजन को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान की राशि से 2-2 लाख रुपए की मदद मृतकों के परिजनों को दी जा चुकी है। साथ ही संबल अनुग्रह योजना से 3 मृतक श्रमिक के परिवारों को चार-चार लाख रुपए की मदद भी दी गई है। हरदा कलेक्टर सिंह ने बताया कि संबल योजना में पंजीबद्ध 8 मृतक मजदूरों के परिजनों को अंत्येष्टि सहायता के रूप में पांच-पांच हजार रुपए की सहायता भी दी गई है। उन्होंने बताया कि 2 घायल मजदूरों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 50-50 हजार रुपए तथा गुजरात सरकार की ओर से 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की कार्यवाही जारी है। कलेक्टर सिंह ने बताया कि दोनों घायल मजदूरों को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 50-50 हजार रुपए की मदद दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों में से राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत पात्र पाए गए 2 परिवारों को 20-20 हजार रुपए स्वीकृत करने की कार्यवाही भी की जा रही है। इसके अलावा कुल 13 प्रभावित परिवारों में से 8 परिवारों को राशन पात्रता पर्ची जारी कर दी गई है और उन्हें अप्रैल माह का राशन प्रदान कर दिया गया है। हरदा कलेक्टर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में पात्र पाए गए दो मृतक श्रमिकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत करने की कार्यवाही भी जारी है। इन दुर्घटना प्रभावित परिवारों में से प्रधानमंत्री आवास योजना में 2 परिवार पात्र पाए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास प्लस 2.0 योजना के तहत इन दोनों परिवारों के प्रधानमंत्री आवास के प्रकरण तैयार किये जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों के 2 बच्चों को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के संरक्षण हेतु संचालित स्पॉन्सरशिप योजना के तहत उनके निकटतम परिजनों को संरक्षक घोषित करते हुए 4-4 हजार रुपए प्रतिमाह की मदद करने की कार्यवाही भी की जा रही है। सभी प्रभावित परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था भी जिला प्रशासन कर रहा है।   recent visitors 30

Madhya Pradesh Tech Growth Conclave-2025 :जीआईएस की निवेश प्रतिबद्धताओं को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

इंदौर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश "टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025" का आयोजन 27 अप्रैल को इंदौर में किया जाएगा। यह ऐतिहासिक सम्मेलन राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) 2025 में की गई निवेश प्रतिबद्धताओं को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में इस आयोजन में राज्य की प्रौद्योगिकी नेतृत्व की दिशा में रोडमेप प्रस्तुत किया जायेगा। आईटी एवं संबंधित क्षेत्रों में राज्य सरकार के निवेश कार्यान्वयन नीति को गति देने और राज्य को एक प्रमुख प्रौद्योगिकी गंतव्य के रूप में उभारने के लिये यह आयोजन महत्वपूर्ण होगा। यह निवेश प्रगति को ट्रेक पर लाने, नीतिगत निर्णयों को सामने लाने और सहयोग बढ़ाने के लिये एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की जाएंगी। इनमें आईआईटी इंदौर दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन का भूमि-पूजन, बीईएल में एआई टेक्नोलॉजी का उपयोग करने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन और नई सेटर्स ऑफ एक्सीलेंस, एव्हीजीसी-एक्सआर प्रयोगशालाएं और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर शामिल हैं। इससे सरकार, अकादमी और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जीआईएस-2025 के आयोजन के बाद आईटी क्षेत्र में मध्यप्रदेश के निवेश को बढ़ाने के लिये किये गये प्रयासों की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही प्रमुख परियोजनाओं जैसे एलटीआई माइंडट्री (आईटी/आईटीईएस), इंदौर सुपर कॉरिडोर केंपस (इन्फ्रा), पीपीपी टॉवर इंदौर (इन्फ्रा), सीटीआरएलएस (डाटा सेंटर) और पंचशील (इन्फ्रा डेवलपर) जैसी परियोजनाओं का भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एसडीडब्ल्यूएएन (नेटवर्क), ऑपटिकल फाइबर (डिजिटल इन्फ्रा), आईटी पार्क प्लॉट अलॉटमेंट फॉर 12 कंपनीस (इन्फ्रा), केयनीस (ईएमसी) परियोजनाओं को लेटर्स ऑफ अलॉटमेंट सौंपे जाएंगे। कॉन्क्लेव में 300 से अधिक उद्योगपति, नीति निर्माता और निवेशक भाग लेंगे, जो राज्य में आईटी और संबंधित क्षेत्रों में प्रगति पर चर्चा करेंगे। इस दौरान आईटी-आईटीईएस, ईएसडीएम, सेमिकंडक्टर्स, एव्हीजीसी-एक्सआर, डेटा सेंटर्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश की प्रगति की समीक्षा की जायेगी। मुख्य उद्घाटन में सिंहासा आईटी पार्क, इंदौर में स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एआई और सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर (एसडीसी) का उद्घाटन शामिल है। साथ ही 25 करोड़ रूपये की राशि से विकसित जबलपुर आईटी पार्क ब्लॉक बी का उद्घाटन भी किया जायेगा, जिससे 500 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस आयोजन में एआई एण्ड सायबर सिक्योरिटी (डीएसटी और मेनिट तथा एक उद्योग भागीदार के साथ), सेमिकंडक्टर्स (डीएसटी और आईआईआईटीएम ग्वालियर के साथ), ड्रोन स्कूल (डीएसटी और आईआईएसईआर भोपाल के साथ), एव्हीजीसी-एक्सआर सीओई (डीएसटी और एफआईसीसीआई तथा एमपी एव्हीजीसी-एक्सआर एसोसिएशन के साथ) और एव्हीजीसी-एक्सआर लैब्स (डीएसटी और एफआईसीसीआई तथा मध्यप्रदेश के शासकीय आर्टस् कॉलेजों के साथ) के लिए आगामी सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस के लिए एमओयू और समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह साझेदारी राज्य की प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। निवेश सुविधा को और सरल बनाने के लिए, मध्यप्रदेश सरकार एक समर्पित पोर्टल लॉन्च करेगी, जो परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी और कार्यान्वयन को बढ़ावा देगा। इसके अतिरिक्त, 4 नई नीति मार्गदर्शिकाएँ जारी की जाएंगी, जो मध्यप्रदेश को प्रौद्योगिकी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता को मजबूत करेंगी। कॉन्क्लेव में प्रमुख उद्योग हस्तियों को एमपी ब्रांड एंबेसडर के रूप में सम्मानित किया जायेगा। इससे राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को स्वीकार किया जायेगा। इसमें समापन सत्र के बाद उद्योगपतियों और शासकीय अधिकारियों के बीच एक्सक्लूसिव वन-टू-वन बैठकें होंगी। एमपी टेक ग्रोथ कांस्लेव-2025 निवेश क्षमता को आर्थिक वास्तविकता में बदलने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह आयोजन मध्यप्रदेश की तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा। मजबूत नीतिगत ढाँचे, निवेश के अनुकूल माहौल और एक समृद्ध नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के साथ, राज्य प्रौद्योगिकी-प्रेरित विकास के अगले चरण में भारत का नेतृत्व करेगा।   recent visitors 27

मुख्यमंत्री ने प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा कर सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं समय पर पूरा करने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सड़क विकास के काम में हम किसी से भी पीछे न रहें। प्रदेश में सड़कों विशेषकर अधिक यातायात वाले राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से उच्च कोटि का समन्वय करें। आपसी संवाद में कोई कमी न रखें, ताकि राजमार्गों की मंजूरी और निर्माण के कामों को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में लोक निर्माण एवं एनएचएआई के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को पूरी गुणवत्ता (परफार्मेंस गारंटी) के साथ तय समय-सीमा में ही पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े भू-अधिग्रहण के लंबित मामलों को आपसी वार्ता के जरिए शीघ्र सुलझाया जाए। बैठक में बताया गया कि गत वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग मंजूर कराने के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है। यह मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा दी गई बड़ी सौगातों में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उज्जैन शहर में बाबा महाकाल मंदिर के पास से एक एलिवेटेड रोड बनाया जा सकता है, जो रेलवे स्टेशन को सीधा कनेक्ट करे। इससे महाकाल दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का बेहतर तरीके से यातायात प्रबंधन किया जा सकेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी 10 अप्रैल को बदनावर आएंगे बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एनएचएआई के अधिकारियों ने अवगत कराया गया कि आगामी 10 अप्रैल को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी धार जिले के बदनावर आएंगे। यहां वे एक गांव में एनएचएआई द्वारा निर्मित की गईं 218 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकर्पण करेंगे। इनकी कुल लागत 3502 करोड़ रुपए है। इसी प्रकार एनएचएआई द्वारा निर्मित की जाने वाली 110 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमिपूजन भी इसी अवसर पर केंद्रीय मंत्री द्वारा किया जाएगा। इन सभी निर्माण कार्यों की लागत 2330 करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री प्रदेश की 7 प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी से करेंगे आग्रह बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा मध्यप्रदेश में नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की 7 परियोजनाएं पाइप लाइन में हैं। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलना शेष है। यह जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन अत्यधिक आवश्यकता वाले मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित करने के लिए वे स्वयं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी से आग्रह करेंगे। बताया गया कि बदनावर-पेटलावद-थांदला 4 लेन मार्ग निर्माण (लंबाई 80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.), पूर्वी इंदौर बायपास मार्ग निर्माण (लंबाई 77 किमी, लागत 3500 करोड़ रु.) एवं उज्जैन-झालावाड़ 4 लेन मार्ग का निर्माण कार्य (लंबाई 134 किमी, लागत 2200 करोड़ रु.) अत्यंत जरूरी है। यह तीनों राजमार्ग विकास कार्य 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। इसी प्रकार मिसरौद से औबेदुल्लागंज खण्ड रा.रा.- 46 का 6 लेन में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 19.32 किमी, लागत 280 करोड़ रु.), ग्वालियर-भिण्ड से म.प्र/उ.प्र. की सीमा तक रा.रा.- 719 का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 96 किमी, लागत 3125 करोड़ रु.) तथा सतना-चित्रकूट खण्ड रा.रा.- 135 बीजी का 4 लेन में उन्नयन एवं निर्माण (लंबाई 80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.) प्रस्तावित है। इसी तरह लखनादौन से रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (लंबाई 200 किमी, लागत लगभग 5985 करोड़ रु.) के निर्माण के लिए बालाघाट और लांजी तहसील के जनजातीय क्षेत्र से गुजरने वाले एकरेखण(अलाइमेंट) के विकल्प को प्राथमिकता दी जानी है। इसके लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। यह परियोजनाएं सिर्फ़ भू-अधिग्रहण एवं वन अनुमतियां न मिलने की वजह से अबतक मंजूर होने से शेष हैं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में कुल 9664 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग उपलब्ध हैं। इसमें से 5428 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग एनएचएआई के अधीन हैं। शेष 4236 किमी लंबाई युक्त राष्ट्रीय राजमार्गों का संधारण लोक निर्माण विभाग (3990 किमी) एवं म.प्र. सड़क विकास निगम (846 किमी) द्वारा किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्रीय सरकार द्वारा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए 3935 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। गत वित्त वर्ष की कार्य योजना अंतर्गत 8 नवीन कार्यो के लिए 3412 करोड़ रुपए के प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में स्वीकृति के लिए प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोड नेटवर्क बढ़ाने के लिए हम केंद्र सरकार से लगातार सम्पर्क में हैं और बहुत जल्द ही प्रदेश को नए राष्ट्रीय राजमार्ग मंजूर होने वाले हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, म.प्र. सड़क विकास निगम के एमडी भरत यादव, एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 33

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के लिये प्रदेशभर में हुआ औचक निरीक्षण, 35 कार्यों का किया गया मूल्यांकन

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के लिये प्रदेशभर में हुआ औचक निरीक्षण, 35 कार्यों का किया गया मूल्यांकन दो निर्माण एजेंसी ब्लैक लिस्ट एवं तीन अधिकारियों को नोटिस भोपाल प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण कार्यों के औचक निरीक्षण की नवीन पहल प्रारंभ की गई है। इस पहल में हर माह दो बार सॉफ्टवेयर से रैंडमली चयनित दलों, जिलों, निर्माण कार्यों और सामग्री के सैंपल लेने के स्थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा।इसी क्रम में 5 अप्रैल 2025 को प्रदेश के 7 जिलों हरदा, बालाघाट, अशोकनगर, अलीराजपुर, सीधी, उज्जैन एवं टीकमगढ़ में निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण अभियान के अंतर्गत कुल 35 निर्माण कार्यों का चयन रैंडम आधार पर किया गया, जिनमें 14 कार्य पीडब्ल्यूडी (सड़क/पुल), 13 कार्य पीआईयू, 6 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम एवं 1 कार्य पीडब्ल्यूडी (एनएच) से संबंधित थे। निरीक्षण के बाद प्राप्त प्रतिवेदन की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में की गई, प्रबंध संचालक सड़क विकास निगम श्री भरत यादव, प्रमुख अभियंता श्री के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता श्री एस.आर. बघेल, सभी मुख्य अभियंता एवं निरीक्षणकर्ता अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा में टीकमगढ़ जिले के दिगोड़ा-मोहनगढ़ मार्ग की गुणवत्ता को लेकर निरीक्षणकर्ताओं ने सराहना की। परफॉर्मेंस गारंटी की अवधि समाप्त होने के दो वर्ष बाद भी मार्ग की स्थिति उत्कृष्ट पाई गई। इसके लिए निर्माण कार्य के दौरान पदस्थ श्री अनिल श्रीवास्तव एवं श्री पी.के. जोशी की विशेष प्रशंसा की गई। बालाघाट जिले के पीनडकेपर-खुशीपार-फोगलटोला मार्ग पर गुणवत्ता में गंभीर कमी पाई गई, जिसमें कस्ट की मोटाई कम पाई गई तथा सीसी कार्य में जॉइंट कटिंग समय पर नहीं की गई। इस लापरवाही के लिए निर्माण एजेंसी ‘श्री मोहनी कंस्ट्रक्शन’ को ब्लैक लिस्ट में डालने एवं संबंधित कार्यपालन यंत्री, एसडीओ व उपयंत्री को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार अशोकनगर जिले के बररी-नलखेड़ा मार्ग के निर्माण कार्य की खराब गुणवत्ता को देखते हुए निर्माण एजेंसी ‘अवनी कंस्ट्रक्शन’ को भी ब्लैक लिस्ट में दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। समीक्षा बैठक में एमडी एमपीआरडीसी श्री भरत यादव ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं विधानसभा के लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने एवं ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य संपादन करने के लिये भी निर्देश जारी किए गए हैं।   recent visitors 28

साय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच मंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन का दौरा, 9 अप्रैल को होगी भाजपा की बड़ी बैठक

रायपुर छत्तीसगढ़ में साय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है. भीतर खाने से आ रही खबरों के मुताबिक इस हफ्ते सरकार में तीन नए मंत्री शामिल किए जा सकते हैं. हरियाणा फार्मूले के तहत राज्य में 14 मंत्री बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है. भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन 8 अप्रैल को रायपुर दौरा प्रस्तावित है. निगम, मंडल, आयोग और बोर्ड में हुई नियुक्ति के बाद यह उनका पहला दौरा है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में 9 अप्रैल को बड़ी बैठक होगी, जिसमें निगम,मंडल, आयोग और बोर्ड में नियुक्त होने वाले नेताओं को संगठनात्मक नसीहत दिए जाने की चर्चा है. इन सबके परे चर्चा इस बात की भी है कि मंत्रिमंडल विस्तार पर भी अंतिम मुहर लगा लिया जाएगा. सूत्र बताते हैं कि सब कुछ अनुकूल रहा, तो जल्द ही नए मंत्रियों को शपथ दिला दी जाएगी. सरकार में मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री हैं. बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने के बाद से एक पद रिक्त हुआ था. इस लिहाज से 2 मंत्री पद रिक्त माने जाते रहे हैं, लेकिन हरियाणा फार्मूला लागू होने के बाद एक अतिरिक्त मंत्री पद राज्य में बढ़ जाएगा. इस लिहाज से मंत्रिमंडल की कुल संख्या 14 की हो जाएगी. संभावित नामों में कौन-कौन? संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा में आरएसएस बैकग्राउंड से आने वाले दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाया जाना तय है. कहते हैं कि संघ से भी उन्हें मंत्री बनाए जाने का दबाव है. संघ से उनके नाम की पैरवी की खबर है. साथ ही यादव समाज को साधने के लिहाज से भी मंत्रिमंडल में उन्हें जगह दिए जाने की वकालत की गई है. इसके अलावा अमर अग्रवाल का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है. संगठन सूत्र कहते हैं कि उनका नाम लगभग तय है. 14 साल तक मंत्री रह चुके अमर अग्रवाल रिजल्ट ओरिएंटेड काम करने के लिए पहचाने जाते हैं. भीड़ से अलग रहकर काम करने में भरोसा करने वाले अमर अग्रवाल ने पूर्ववर्ती रमन सरकार में आबकारी पॉलिसी बनाई थी. शराब बिक्री का ठेका सिस्टम खत्म किया था. इस फैसले से आबकारी राजस्व में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई थी. अमर अग्रवाल देश में इकलौते चेहरे रहे हैं, जो सर्वाधिक लंबे समय तक जीएसटी काउंसिल में बतौर सदस्य शामिल थे. अमर अग्रवाल के अलावा रायपुर संभाग से एक मंत्री बनाए जाने के संकेत मिल रहे हैं. रायपुर संभाग से फिलहाल टंकराम वर्मा बतौर मंत्री मंत्रिमंडल में शामिल हैं. राजधानी से एक मंत्री बनाए जाने के समीकरण के बीच पुरंदर मिश्रा के नाम पर जमकर चर्चाएं तेज हुई है, लेकिन ब्राह्मण वर्ग से विजय शर्मा पहले ही सरकार में बतौर उप मुख्यमंत्री शामिल हैं. जातिगत समीकरण का मुद्दा उठा, तो उनके मंत्री बनने में अड़चन आ सकती है. साय सरकार में इस वक्त बतौर मंत्री वैश्य समाज का प्रतिनिधित्व नहीं है. यदि सत्ता और संगठन में इस समीकरण पर चर्चा उठी, तो ऐसे में रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत बाजी मार सकते हैं. कुरुद विधायक अजय चंद्राकर के नाम पर भी विमर्श की खबर है. सियासत के जानकार कहते हैं कि साय सरकार में नई बनी टीम किसी भी पुराने चेहरों के पक्ष में नहीं है. मंत्रिमंडल विस्तार करने में यही सबसे बडा द्वंद रहा है. संगठन के एक आला नेता कहते हैं कि लोकसभा चुनाव हो या नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव भाजपा के पक्ष में नतीजे आए हैं. इन चुनावों के रणनीतिकार सरकार की नई टीम के नए चेहरे थे. इन नतीजों के जरिए भाजपा हाईकमान को भी यह संदेश दिया गया है कि नई टीम सामर्थ्य से काम कर रही है. बहरहाल मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंदरखाने में हलचल बढ़ गई है. सरकार जल्द ही विस्तार को अमलीजामा पहनाने जा रही है. recent visitors 29