यूएस में एक नया बिल पेश किया गया है जिसमें छात्रों के लिए ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग ऑप्शन को खत्म करने का प्रस्ताव

वाशिंगटन अमेरिका से ऐसी खबर सामने आई है जिसने करीब 3 लाख भारतीय छात्रों को चिंता में डाल दिया है। दरअसल, यूएस में एक नया बिल पेश किया गया है जिसमें अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) ऑप्शन को खत्म करने का प्रस्ताव है। यह सुविधा वर्तमान में STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) के छात्रों को मिलती है, जिससे वे अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका में 3 साल तक रहकर काम कर सकते हैं। अगर यह विधेयक पास हो जाता है तो छात्रों को पढ़ाई खत्म करने के तुरंत बाद देश छोड़ना होगा, जब तक कि वे H-1B वीजा हासिल नहीं कर लेते। यह फैसला ऐसे समय लिया जा रहा है जब ट्रंप सरकार की टैरिफ नीतियों के चलते कई देशों को तगड़ा झटका लगा है। इंडियन स्टूडेंट्स अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सबसे बड़ी आबादी का हिस्सा हैं। ओपन डोर्स रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में यूएस में 11 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्रों में से 3.31 लाख भारतीय थे। ये छात्र मुख्य रूप से STEM कोर्सेस में पढ़ाई करते हैं और OPT के जरिए प्रोफेशनल अनुभव हासिल करते हैं। इससे H-1B वीजा पाने के लिए उनकी दावेदारी मजबूत हो जाती है। अब नए बदलाव से उनके करियर प्लान पर गहरा असर पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि यह कदम डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन नीतियों का हिस्सा है। उन्होंने चुनाव अभियान में मास डिपोर्टेशन और वीजा नियमों को कड़ा करने का वादा किया था। अमेरिका के बाद क्या होगा छात्रों का विकल्प नए प्रस्ताव से न केवल भारतीय छात्रों, बल्कि अन्य देशों के छात्रों पर भी असर पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि इससे कई छात्र अब कनाडा और यूरोप जैसे वैकल्पिक देशों की ओर रुख कर सकते हैं, जहां 2025-26 के लिए भारतीय आवेदनों में 20% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस खबर से छात्रों में घबराहट फैल गई है। कई छात्र अब जल्दी से H-1B वीजा के लिए आवेदन करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसकी लॉटरी प्रक्रिया और सीमित कोटा इसे मुश्किल बनाते हैं। अगर OPT खत्म होता है, तो भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई और करियर का सपना अधूरा रह सकता है। यह स्थिति भारत-अमेरिका के शैक्षिक और आर्थिक रिश्तों पर भी सवाल उठाती है। recent visitors 43

सहकारी समितियों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकारी समितियों की साख और जन सामान्य में उनके प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए समितियों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। अत: सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कार्यों का शत प्रतिशत कम्प्यूटराईजेशन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जून 2025 तक समितियों का ऑडिट पूर्ण कर कृषकों को लेन-देन की सूचना एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध कराने और इस वर्ष के अंत अर्थात दिसम्बर 2025 तक सभी समितियों के कायों का कम्प्यूटराईजेशन सु‍निश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देशित कर रहे थे। बैठक में सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक वर्णवाल तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अल्पसेवित पंचायतों की पहचान कर नवीन सहकारी समितियों के गठन के लिए प्राथमिकता पर कार्यवाही की जाए। वर्तमान परिदृश्य और आवश्यकताओं को देखते हुए अधिक से अधिक समितियों में पारंपरिक गतिविधियों के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, जन औषधि केंद्र, जल कर वसूली केंद्र और एग्री ड्रोन संचालन जैसी गतिविधियां चलाई जाएं। इसके साथ ही को-ऑपरेटिव- पब्लिक- प्राइवेट- पार्टनरशिप (सीपीपीपी) के माध्यम से सहकारी-सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से सहकारी समितियों को व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता में नवाचार करते हुए ड्रिप एरीगेशन, ग्रेडिंग-सार्टिंग और पैकेजिंग, जंगल सफारी, गेस्ट हाउस और खाद्य प्र-संस्करण जैसी गतिविधियां को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में जनकारी दी गई कि वर्ष 2024-25 में 35 लाख 3 हजार कृषकों कों 21 हजार 232 करोड़ रुपए का फसल ऋण वितरित किया गया, जो गत वर्ष की तुलना में 1286 करोड़ रुपए अधिक है। प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों क्रमश: खण्डवा, बड़वानी, गुना, राजगढ़, विदिशा, दमोह, छतरपुर और सिंगरौली में आगामी पांच वर्ष 6710 करोड़ रुपए का ऋण वितरण का लक्ष्य है। प्रदेश के 13 आकांक्षी विकास खण्डों में विभिन्न गतिविधियों पर आधारित 26 सहकारी समितियां गठित की गई हैं। जिला बैंकों और प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में आईबीपीएस मुम्बई के माध्यम से अधिकारियों और समिति प्रबंधकों की नियुक्ति प्रक्रिया के अंतर्गत 36 अधिकारियों और 1358 समिति प्रबंधकों की नियुक्ति की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है। जिला सहकारी बैंकों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।   recent visitors 42

राठी दो बार जश्न मनाने के तरीके की वजह से जुर्माना झेल चुके हैं लेकिन वह फिर भी नहीं सुधर रहे

कोलकाता लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के स्पिनर दिग्वेश राठी आईपीएल 2025 में अपनी शानदार गेंदबाजी के साथ-साथ नोटबुक सेलिब्रेशन के कारण भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। राठी दो बार जश्न मनाने के तरीके की वजह से जुर्माना झेल चुके हैं लेकिन वह फिर भी नहीं सुधर रहे। उन्होंने मंगलवार को अपने आइडल सुनील नरेन को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ भी नोटबुक सेलिब्रेशन किया। हालांकि, राठी ने इस बार नए अंदाज में जश्न मनाया, जो तेजी से वायरल हो रहा। उन्होंने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में नरेन की पारी का 30 रनों पर अंत किया। राठी वेस्टइंडीज के धाकड़ स्पिन ऑलराउंडर नरेन के बहुत बड़े फैन हैं। 239 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए केकेआर ने तेज शुरुआत की। नरेन क्विंटन डिकॉक (9 गेंदों में 15) संग पहले विकेट के लिए 37 रन जोडे़। डिकॉक को आकाशदीप ने तीसरे ओवर में आउट किया। इसके बाद, नरेन ने कप्तान अजिंक्य रहाणे (35 गेंदों में 61) के साथ मोर्चा संभाला और और पावरप्ले में धूम-घड़ाका जारी रखा। ऐसे में एलएसजी कैप्टन ऋषभ पंत ने सातवें ओवर में 25 वर्षीय राठी को गेंद थमाई। उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद ऑफ स्टंप के बाहर डाली, जिसपर नरेन ने लॉन्ग ऑफ की दिशा में हवाई फायर किया। डेविड मिलर ने नरेन का आसान कैच लपका। उन्होंने 13 गेंदों का सामना करने के बाद चार चौके और दो छक्के लगाए। राठी ने जैसे ही नरेन को आउट किया तो वह जमीन पर बैठ गए। उन्होंने बैठने के बाद कुछ लिखने का इशारा किया। राठी के नए सेलिब्रेशन स्टाइल पर क्रिकेट फैंस के खूब रिएक्शन आ रहे हैं। एक यूजर ने हंसने वाली इमोजी के साथ सवाल किया, ''क्या दिग्वेश पर इसके लिए मैच फीस का जुर्माना लगाया जा सकता है या नहीं?'' दूसरे ने कमेंट किया, ''यह न्यू इनोवेशन है। वह इस तरह से जुर्माना और डिमेरिट अंक से बच सकते हैं।'' तीसरे ने कहा, ''अब नया नोटबुक सेलिब्रेशन देखने को मिला है।'' अन्य ने कहा, ''राठी ने अपने आइडल को विकेट लिया है, कितनी बड़ी बात है।'' बता दें कि राठी को पंजाब किंग्स और मुंबई के खिलाफ जश्न मनाने के तरीके के कारण जुर्माना झेलना पड़ा था। उन्होंने पंजाब के बल्लेबाज प्रियांश आर्य के साथ शारीरिक संपर्क किया था। राठी के खाते में फिलहाल तीन डिमेरिट अंक हैं। अगर राठी को एक और डिमेरिट अंक मिलता है तो उन पर एक मैच का प्रतिबंध लग जाएगा। recent visitors 65

26 लाख के इनामी 22 नक्सलियों ने आज डीआईजी के समक्ष किया आत्मसमर्पण

बीजापुर शासन की पुनर्वास एवं आत्मसर्पण नीति के साथ ही चलाये जा रहे नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर पीएलजीए बटालियन नम्बर एक सदस्य, टीएससी (तेलंगाना स्टेट कमेटी) अंतर्गत सीआरसी कंपनी नम्बर 2 का सदस्य, एसीएम, मिलिशिया डिप्टी कमांडर, मिलिशिया सदस्य, केएमएस उपाध्यक्ष, मिलिशिया प्लाटून डिप्टी कमांडर, मिलिशिया प्लाटून सदस्य, पदेड़ा, गलगम, कोत्तागुड़ा, कमलापुर, डुमरीपालनार, कोरसागुड़ा आरपीसी के अन्य सदस्य कुल 22 नक्सलियों ने आठ अप्रैल को डीआईजी सीआरपीएफ बीजापुर देवेन्द्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर जितेन्द्र कुमार यादव के समक्ष आत्मसमर्पण किया। नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण के पीछे जिले में हो रहे विकास कार्य सबसे अहम वजह है। तेजी से बनती सड़कें, गावों तक पहुंचती विभिन्न सुविधाओं ने इन्हें प्रभावित किया है। संगठन के विचारों से स्थानीय युवाओं में संगठन से मोहभंग हो रहा है। संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद इनके आत्मसमर्पण का बहुत बड़ा कारण है। छत्तीसगढ़ शासन की नवीन पुनर्वास नीति ने कई नक्सलियों को नई उम्मीद दी है और उन्हें संगठन के भीतर शोषण और क्रूर व्यवहार से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया है। यह नीति उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने की आशा देती है। इसके अलावा सुरक्षा बलों के लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में कैम्प स्थापित करने और क्षेत्र में चलाए जा रहे आक्रामक अभियानों ने भी नक्सलियों को संगठन छोड़ने के लिए प्रेरित किया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के नाम कमली हेमला उर्फ सोमे पद पीएलजीए बटालियन नम्बर 1 में सदस्य, इनाम 08.00 लाख रूपये, मुया माड़वी उर्फ राजेश टीएससी (तेलंगाना स्टेट कमेटी) अन्तर्गत सीआरसी कंपनी न. 2 में (पार्टी सदस्य), इनाम 8.00 लाख रूपये, सोनू ताती पश्चिम बस्तर डिवीजन प्रेस टीम कमाण्डर (एसीएम) , घोषित ईनाम 5.00 लाख रूपये,महेश पुनेम प्लाटून नबंर 13 में (पीएलजीए सदस्य) घोषित इनाम 05.00 लाख, बुधराम ताती उर्फ सुद्दू उर्फ गट्टा मिलिशिया कंपनी डिप्टी कमाण्डर, सन्नू हेमला मिलिशिया कंपनी सदस्य, सोमलू मड़कम उर्फ पटेल सदस्य/कृषि शाखा अध्यक्ष, हुंगा कुहराम उर्फ वड्डे उर्फ ओयाम सदस्य/जन सम्पर्क शाखा अध्यक्ष, देवा माड़वी उर्फ बुड़ता कृषि शाखा अध्यक्ष, हुंगा कट्टम उर्फ बैदी आरपीसी मिलिशिया प्लाटून बी सेक्शन कमाण्डर, पोज्जा बाड़से उर्फ जोगा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, नंंदा मड़कम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, हुंगी कुंजाम आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्या, हड़मा पोड़ियम उर्फ उरपा आरपीसी मिलिशिया प्लाटून सदस्य, विज्जो कुंजाम आरपीसी केएएमएस सदस्या,नरसी कट्टम आरपीसी केएएमएस उपाध्यक्ष, मोती सोढ़ी आरपीसी केएएमएस सदस्या, विज्जा उईका आरपीसी सीएनएम सदस्य कोसा पोड़ियम उर्फ लमडी कोसा आरपीसी केएएमएस सदस्या,विजय मड़कम ऊर्फ विज्जा सेल सदस्य/संस्कृति शाखा सदस्य, बोदी कारम उर्फ करवे RPC केएएमएस सदस्या, कोसा मड़कम सेल सदस्य/संस्कृति शाखा सदस्य। recent visitors 38

पुणे: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मिली मंजूरी, अदालत में सबूत देंगे राहुल गांधी, मिली मंजूरी

पुणे पुणे की एक अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत दी है। अदालत ने उनके उस आवेदन को मंजूर कर लिया है जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज आपराधिक मानहानि के मुकदमे को समन मुकदमे में बदलने की गुजारिश की थी। इस फैसले के बाद अब केस में ऐतिहासिक साक्ष्यों को लेकर गहन बहस होगी। यह मामला पुणे में सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की विशेष अदालत में चल रहा है, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अमोल शिंदे ने सोमवार को ये आदेश जारी किया। राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार ने कोर्ट से अपील की थी कि ये मामला सिर्फ व्यक्तिगत मानहानि का नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक विवाद है, जिसपर तथ्य और साक्ष्यों के साथ गंभीरता से चर्चा जरूरी है। मालमे पर कोर्ट ने क्या कहा? अदालत ने भी माना कि यह केस प्रथम दृष्टया समन मुकदमे की श्रेणी में आता है क्योंकि इसमें आरोपी ने कई जटिल मुद्दे उठाए हैं जिनका हल ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि यदि इसे संक्षिप्त मुकदमे के तौर पर चलाया गया, तो ना सिर्फ ऐतिहासिक सच्चाई पर पर्दा पड़ेगा बल्कि आरोपी को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर भी नहीं मिलेगा। क्या था मामला? इस मामले की जड़ मार्च 2023 की उस टिप्पणी में है, जो राहुल गांधी ने लंदन में एक भाषण के दौरान दी थी। उन्होंने दावा किया था कि वीर सावरकर ने एक किताब में लिखा है कि उन्होंने और उनके कुछ साथियों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें इस पर खुशी महसूस हुई थी। इस बयान को सावरकर के रिश्ते के पोते सत्यकी सावरकर ने झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए पुणे कोर्ट में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत में आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर मामले को लंबा खींचना चाहते हैं, लेकिन अदालत ने साफ कहा कि न्याय की खातिर सच्चाई तक पहुंचना जरूरी है और इसके लिए समन मुकदमा ही उपयुक्त रास्ता होगा। recent visitors 37

डीके शिवकुमार के करीबी MLA का बड़ा दावा, दिसंबर से पहले कर्नाटक में सिद्धारमैया की जगह नया CM

बेंगलुरु गुजरात में जहां एक तरफ कांग्रेस के तमाम बड़े नेता राष्ट्रीय अधिवेशन में व्यस्त हैं, वहीं कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के एक करीबी विधायक ने यह दावा कर सनसनी मचा दी है कि दिसंबर से पहले राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की जगह कोई नया चेहरा ले लेगा। एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए कर्नाटक कांग्रेस के विधायक बसवराजू शिवगंगा ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य को दिसंबर से पहले एक नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा। बसवराजू डीके शिवकुमार खेमे के एक प्रमुख नेता हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, "जब कुर्सी खाली हो तो कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है। मैं पहले ही एक बार कह चुका हूं कि दिसंबर से पहले राज्य का सीएम बदल जाएगा।" कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष पद के लिए सतीश जारकीहोली के नाम को लेकर चल रही अटकलों पर शिवगंगा ने कहा कि इस पद पर किसी को भी नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल यह पद खाली नहीं है। बता दें कि डीके शिवकुमार ही फिलहाल कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष का पदभार संभाल रहे हैं और लंबे समय से उनके इस पद से हटने की चर्चा भी होती रही है। फिलहाल केपीसीसी अध्यक्ष पद खाली नहीं उन्होंने कहा, “फिलहाल केपीसीसी अध्यक्ष पद खाली नहीं है। जब होगा, तब हम इस पर बात करेंगे। उस पद पर कोई भी आ सकता है। कोई भी प्रदेश अध्यक्ष बन सकता है, वह सतीश जारकीहोली हो सकते हैं या मैं हो सकता हूं या कोई और भी हो सकता है लेकिन फिलहाल केपीसीसी अध्यक्ष पद खाली नहीं है।” शिवगंगा की यह टिप्पणी ऐसे वक्त पर आई है, जब मुख्यमंत्री पद को लेकर सीएम सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच पिछले कुछ महीने से खींचतान की खबरें रही हैं। दूसरी तरफ पार्टी गुजरात में एक ऐतिहासिक अधिवेशन आयोजित कर रही है और सभी राज्य इकाइयों के नेताओं के साथ मिलकर भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर रही है। शिवगंगा का बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि कुछ दिनों पहले ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात कर चुके हैं। दो-दो पदों पर काबिज हैं शिवकुमार बड़ी बात यह है कि डीके शिवकुमार फिलहाल दो प्रमुख पदों पर काबिज हैं। एक तो वह उपमुख्यमंत् हैं और दूसरा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक् भी हैं, जो पार्टी के "एक व्यक्ति, एक पद" सिद्धांत के खिलाफ है। सिद्धारमैया खेमे के कुछ नेता उनसे प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने के लिए दबाव बना रहे हैं। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने शिवकुमार को कम से कम इस साल नवंबर-दिसंबर तक पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख के रूप में बने रहने की मंजूरी दे दी है। इसी से संभवत: कयासों का दौर शुरू हुआ है कि दिसंबर तक राज्य में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। recent visitors 36

साबरमती आश्रम में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम बेहोश, उनको आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया

गुजरात कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम साबरमती आश्रम में बेहोश हो गए हैं। उनको आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया है। बता दें कि अहमदाबाद में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हो रही है, जिसमें भाग लेने के लिए पार्टी के बड़े नेता पहुंचे हैं। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम साबरमती आश्रम में अचानक बेहोश हो गए। उनको आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी हालत भीषण गर्मी के कारण खराब हुई। वह खुद को संभाल नहीं सके और वह गिर गए। घटना के वक्त वह साबरमती आश्रम में पार्टी नेताओं के साथ मौजूद थे। बता दें कि अहमदाबाद में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक हो रही है। इस बैठक में भाग लेने के लिए कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमदाबाद पहुंचे हैं। मंगलवार को भी बैठक में पार्टी के 158 वरिष्ठ नेता मौजूद थे। हालांकि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित 33 सदस्य गैर मौजूद रहे। गौरतलब है कि कांग्रेस के 140 साल के इतिहास में छठी बार गुजरात में कांग्रेस अधिवेशन हो रहा है। कार्य समिति की बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सरदार पटेल स्मारक परिसर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा कि सरदार पटेल स्मारक में विस्तारित सीडब्ल्यूसी की बैठक कराना ही महत्वपूर्ण है। ऐसा कर पार्टी ने सरदार पटेल के प्रति अपने फर्ज का निर्वहन कर के राजनीतिक संदेश देने का काम किया है। केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश ने आगे कहा कि पार्टी ने भ्रम फैलाने वालों को बता दिया है कि पटेल कांग्रेस के हैं और कांग्रेस की विरासत हैं। पार्टी उसी बुनियाद पर आगे बढ़ेगी। मौजूदा वक्त में सरदार वल्लभभाई पटेल और पंडित जवाहरलाल नेहरू के बीच संबंधों को लेकर भ्रम फैलाकर उन्हीं सरदार पटेल को अपना बनाने की कोशिश हो रही है। यह वही सरदार पटेल हैं जिन्होंने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था। recent visitors 42