Friday, July 10, 2026 5:10 pm

एक दुकान से ही किताब-यूनिफॉर्म खरीदने को मजबूर किया तो… आपकी एक कॉल पर दौड़ी आएगी कलेक्टर की टीम

भोपाल  राजधानी भोपाल में अधिकांश परिजनों को 1 हजार की किताबें 4 हजार रुपये तक में खरीदने को मजबूर होना पड़ा है। मजबूरी में यह खरीदी भी कर ली गई लेकिन भोपाल जिला प्रशासन की नींद तब नहीं टूटी। अब जब अधिकांश खरीदी बिक्री हो चुकी है, तब जाकर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टीम बनाई है। कलेक्टर के आदेश में क्या कलेक्टर ने आदेश में लिखा है कि भोपाल के प्राइवेट स्कूलों ने यदि पुस्तक खरीदी करने के लिए और यूनिफॉर्म के लिए पालकों पर दबाव डाला तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पालकों को कोई समस्या न हो इसके लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कुछ अफसरों को मिलाकर एक टीम बनाई है। परिजन चाहें तो नंबर्स पर कॉल कर सकते हैं, जिस पर टीम तत्काल कार्रवाई करेगी। ज्यादातर पेरेंट्स की खरीदी हुई पूरी रोचक बात यह है कि ज्यादातर पालक इस समय तक अपने बच्चों के लिए पुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीद चुके हैं। ऐसे में उनकी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। इस मामले पर परिजनों का कहना है कि आपने हुजूर बड़ी देर कर दी। कई परिजनों का कहना है कि कलेक्टर ने यह आदेश देरी से लागू किया है। वे पहले ही पुस्तकें और यूनिफॉर्म खरीद चुके हैं। इसके लिए उन्होंने 20 से लेकर 25 हजार रुपये तक खर्च किये हैं। टीम में यह अफसर शामिल भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जो टीम बनाई है, उसमें संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, तहसीलदार के अलावा अन्य कर्मचारी भी रखे गए हैं। अगर किसी परिजन की शिकायत मिलती है तो यह टीमें मौके पर जाएंगी और समय-समय पर दुकानों का निरीक्षण भी करेंगी। विभाग का मानना है कि अभिभावकों को एनसीईआरटी या सीबीएसई की तरफ से अनुमोदित पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों से पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर करने से लागत बढ़ जाती है। बार-बार स्कूल यूनिफॉर्म बदलने से अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ता है। कुछ स्कूलों में यूनिफॉर्म पर खास लोगो लगाना अनिवार्य कर दिया जाता है, जिससे अभिभावकों को उन्हें निर्धारित विक्रेताओं से ऊंची कीमतों पर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। छात्रों को पानी ले जाने के लिए मजबूर करना भी विभाग के संज्ञान में आया है। स्कूलों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नियमों के बावजूद बच्चों को स्कूल के जल स्रोतों से पीने की अनुमति देने के बजाय बोतलें मगवाई जाती हैं। स्कूल से संबंधित अतिरिक्त पुस्तकें और अन्य सामान जैसे पानी की बोतलें ले जाने से स्कूल बैग का वजन काफी बढ़ जाता है। इससे बच्चों को परेशानी होती है। राज्य के सभी डीईओ और डीईईओ को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में इन नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें। किसी भी स्कूल को छात्रों और अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ नहीं डालना चाहिए, जिससे उन्हें अनावश्यक किताबें, यूनिफॉर्म और पानी की बोतलें जैसी अन्य चीजें खरीदने के लिए मजबूर होना पड़े। इन मानदंडों का उल्लंघन करने वाले किसी भी स्कूल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। शिक्षा मंत्रालय की तरफ से निर्धारित बैग का वजन कक्षा बैग का वजन 1 व 2 -1.5 किग्रा 3 से 5-2-3 किग्रा 6 व 7-4 किग्रा 8 व 9- 4.5 किग्रा 10-10.5 किग्रा ये दिए निर्देश – विद्यालय किसी भी व्यक्ति, व्यक्तियों के समूह अथवा एसोसिएशन को लाभ पहुंचाने के लिए संचालित नहीं किया जाएगा। – मान्यता प्राप्त विद्यालय में बेसिक शिक्षा परिषद से निर्धारित पाठ्यक्रम या पाठ्य पुस्तकों से भिन्न पाठ्यक्रम में न तो शिक्षा दी जाएगी और न ही पाठ्य पुस्तकों का उपयोग किया जाएगा। – विद्यालय के भवनों और परिसरों को किसी भी दशा में व्यावसायिक एवं आवासीय उद्देश्यों के लिए दिन और रात में प्रयोग नहीं किया जाएगा। – अशासकीय प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल के संदर्भ में निर्गत शासनादेश 26 सितंबर 2023 में प्रावधानों का अनुपालन करें। नियमों और शासनादेश के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होने पर मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 18

चिनाब पुल के साथ कश्मीर की यात्रा को नई ऊँचाई

श्रीनगर जहां बर्फ से ढके पहाड़ आसमान को छूते हैं और चिनाब नदी धरती को गहराई तक काटती है, वहीं भारत ने इस कठिन भूभाग में अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति को इस्पात में ढाल दिया है। चिनाब पुल — अब विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे पुल — नदी तल से 359 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है, जो भारतीय इंजीनियरिंग कौशल और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बन चुका है। यह पुल उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का हिस्सा है, जो न केवल भौगोलिक दूरी, बल्कि उम्मीदों को भी जोड़ता है — कश्मीर घाटी को पूरे भारत से जोड़ता एक हर मौसम में चलने वाला, विश्वसनीय रेल मार्ग। सलाल डैम के निकट चिनाब नदी पर बना यह पुल कुल 1,315 मीटर लंबा है, जिसमें 467 मीटर का मुख्य आर्च स्पैन है। यह 266 किमी/घंटा तक की हवा की रफ्तार को झेलने में सक्षम है। ऊंचाई में यह पुल एफिल टॉवर से भी ऊँचा है और नदी तल से रेल पथ तक की ऊंचाई कुतुब मीनार से लगभग पाँच गुना अधिक है। इस अद्भुत संरचना के निर्माण में 28,000 मीट्रिक टन इस्पात का प्रयोग हुआ और भारतीय रेलवे ने पहली बार केबल क्रेन प्रणाली का उपयोग किया — दो विशाल केबल कार और 100 मीटर से अधिक ऊंचे पाइलन के जरिए, 915 मीटर चौड़ी घाटी को पार करते हुए निर्माण सामग्री को पहुंचाया गया। हिमालय की भूगर्भीय दृष्टि से जटिल और अस्थिर धरातल पर बना यह पुल केवल एक ढांचागत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह भारत की हिम्मत, नवाचार और दूर-दराज क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने की अटल प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जैसे ही यह पुल चिनाब पर गर्व से खड़ा है, यह केवल दो पहाड़ों को नहीं जोड़ता — यह सपनों, विकास और जम्मू-कश्मीर के नए युग को जोड़ता है। recent visitors 29

अपने रेल सफर की कहानी लिखें और इनाम पाएं

रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार-2025 भोपाल भारतीय रेल आपके सफर की अनकही कहानियों को मंच देने जा रही है! यदि आपके पास रेल यात्रा का कोई यादगार अनुभव है, जिसे शब्दों में पिरोकर दुनिया के साथ साझा करना चाहते हैं, तो रेल यात्रा वृत्तांत पुरस्कार योजना 2025 आपके लिए सुनहरा अवसर है। इस प्रतियोगिता में भाग लें और आकर्षक नकद पुरस्कार जीतें!   रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में हिंदी में मौलिक और रोचक यात्रा वृत्तांत लिखने वाले प्रतिभागियों को ₹10,000 (प्रथम पुरस्कार), ₹8,000 (द्वितीय पुरस्कार), ₹6,000 (तृतीय पुरस्कार) और पांच प्रेरणा पुरस्कार (प्रत्येक ₹4,000) दिए जाएंगे।   आपकी कहानी 3000 से 3500 शब्दों के बीच होनी चाहिए, जिसे डबल स्पेस में टाइप किया गया हो और प्रत्येक पृष्ठ पर क्रम संख्या अंकित हो। कुल शब्दों की संख्या भी स्पष्ट रूप से लिखी जानी चाहिए। साथ ही, अपने वृत्तांत के साथ एक अलग पृष्ठ पर अपना नाम, पदनाम, आयु, पता, मातृभाषा, मोबाइल नंबर और ई-मेल जरूर भेजें।   यदि आप सरकारी सेवा में हैं, तो आपको प्रमाणित करना होगा कि आपके विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक मामला लंबित नहीं है। अन्य प्रतिभागियों को यह पुष्टि करनी होगी कि उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला विचाराधीन नहीं है। साथ ही, सभी प्रतिभागियों को यह घोषणा करनी होगी कि उनकी रचना मौलिक है और इसे पहले किसी अन्य प्रतियोगिता में पुरस्कृत नहीं किया गया है।   अपने शब्दों से अपनी रेल यात्रा के जादू को जीवंत करें और अपने लेखन के से दें उसे नया आकार! अपनी प्रविष्टि दो प्रतियों में 31 जुलाई, 2025 तक दिए  गए पते पर भेजें:   सहायक निदेशक, हिंदी (प्रशिक्षण), कमरा नंबर-316, कॉफमो रेल कार्यालय परिसर, तिलक ब्रिज, आईटीओ, नई दिल्ली – 110002 recent visitors 25

भोपाल मंडल के रुठियाई, गुना, अशोकनगर एवं मुंगावली स्टेशनों से होकर गुजरेगी

09619/09620 मदार–रांची–मदार ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13-13 ट्रिप) भोपाल मंडल के रुठियाई, गुना, अशोकनगर एवं मुंगावली स्टेशनों से होकर गुजरेगी भोपाल रेल प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 09619/09620 मदार – रांची – मदार ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13-13 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के रुठियाई, गुना, अशोकनगर एवं मुंगावली स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 09619 मदार – रांची ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13 ट्रिप) गाड़ी संख्या 09619 मदार – रांची विशेष ट्रेन दिनांक 06 अप्रैल 2025 से 29 जून 2025 तक प्रत्येक रविवार को मदार स्टेशन से दोपहर 13:50 बजे प्रस्थान कर, उसी दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए रात 23:00 बजे रुठियाई, 23:25 बजे गुना, अगले दिन 00:10 बजे अशोकनगर, 00:45 बजे मुंगावली एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद रात 21:25 बजे रांची स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 09620 रांची – मदार ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (13 ट्रिप) गाड़ी संख्या 09620 रांची – मदार विशेष ट्रेन दिनांक 07 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक प्रत्येक सोमवार को रात 23:55 बजे रांची स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 20:18 बजे मुंगावली, 20:58 बजे अशोकनगर, 22:00 बजे गुना, 22:38 बजे रुठियाई एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन सुबह 09:00 बजे मदार स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में मदार जं., किशनगढ़, जयपुर जं., दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, सोगरिया, बारां, अटरू, छाबड़ा गुगौर, रुठियाई जं., गुना, अशोक नगर, मुंगावली, मलकहेड़ी, सागर, दमोह, कटनी मुरवारा, ब्यौहारी, बरगवां, सिंगरौली, चोपन, रेणुकूट, गढ़वा रोड जं., डाल्टनगंज, टोरी, लोहरदगा बीएस, रांची स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें। recent visitors 24

08611/08612 संत्रागाछी–अजमेर–संत्रागाछी साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (03-03 ट्रिप)

08611/08612 संत्रागाछी–अजमेर–संत्रागाछी साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (03-03 ट्रिप) भोपाल मंडल के अशोकनगर, गुना एवं रुठियाई स्टेशन से होकर गुजरेगी भोपाल रेल प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 08611/08612 संत्रागाछी – अजमेर – संत्रागाछी साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (03-03 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के अशोकनगर, गुना एवं रुठियाई स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 08611 संत्रागाछी – अजमेर साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (03 ट्रिप) गाड़ी संख्या 08611 संत्रागाछी – अजमेर विशेष ट्रेन दिनांक 07 अप्रैल 2025 से 21 अप्रैल 2025 तक प्रत्येक सोमवार को संत्रागाछी स्टेशन से रात 19:55 बजे प्रस्थान कर, तीसरे दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 02:30 बजे अशोकनगर, 03:20 बजे गुना, 04:13 बजे रुठियाई एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन रात 21:25 बजे अजमेर स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 08612 अजमेर – संत्रागाछी साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (03 ट्रिप) गाड़ी संख्या 08612 अजमेर – संत्रागाछी विशेष ट्रेन दिनांक 10 अप्रैल 2025 से 24 अप्रैल 2025 तक प्रत्येक गुरुवार को रात 23:40 बजे अजमेर स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 08:58 बजे रुठियाई, 09:25 बजे गुना, 10:06 बजे अशोकनगर एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन दोपहर 14:30 बजे संत्रागाछी स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में संत्रागाछी जं., खड़गपुर जं., टाटानगर जं., चांदिल जं., मूरी जं., रांची, लोहरदगा बीएस, टोरी, लातेहार, बारवाडीह जं., डाल्टनगंज, गढ़वा रोड जं., रेणुकूट, चोपन, सिंगरौली, बरगवां, सरायग्राम, ब्यौहारी, खन्ना बंजरि, कटनी मुरवारा, दमोह, सागर, मलकहेड़ी, अशोक नगर, गुना, रुठियाई जं., अटरू, बारां, सोगरिया, बूंदी, मंडलगढ़, चांदेरिया, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर जं. स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें। recent visitors 15

आम की नीलामी : इच्छुक व्यक्ति अमानत राशि पांच हजार रूपये जमा कर प्रक्रिया में ले सकेंगे भाग

धमतरी धमतरी जिले के दो शासकीय उद्यान रोपणियों में आम मातृवृक्षों में लगे आम फलों की नीलामी 16 और 17 अप्रैल को दोपहर ढाई बजे से की जाएगी। सहायक संचालक उद्यान ने बताया कि धमतरी विकासखण्ड के शासकीय उद्यान रोपणी बेन्द्रानवागांव 16 अप्रैल और नगरी विकासखण्ड के शासकीय उद्यान रोपणी सेमरा में 17 अप्रैल को यह नीलामी होगी। उन्होंने बताया कि जो भी व्यक्ति नीलामी में बोली लगाकर आम फलबहार लेना चाहते हैं, वे नीलामी के पहले इसके नियम और शर्तें तथा आम फलबहार का अवलोकन उक्त नर्सरियों में जाकर कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इच्छुक व्यक्ति नर्सरियों पर अमानत राशि पांच हजार रूपये रोपणी कार्यालय में जमा कर प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। recent visitors 19

रायपुर : शिवनाथ व्यपवर्तन योजना के कार्यों हेतु 114.63 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के विकासखंड-डोंगरगांव की शिवनाथ व्यपवर्तन मुख्य नहर शाखा नहर लाईनिंग के कार्यों के लिए 114 करोड़ 63 लाख 35 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जलाशय योजना के कार्यों में मुख्य नहर लाईनिंग कार्य शामिल है। योजना के कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्र में कुल 6870 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्यों को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। recent visitors 25