Friday, July 10, 2026 6:13 pm

दिल्ली के मंत्रियों और आतिशी को मिल गए बंगले, शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री मालचा रोड चाणक्यपुरी में रहेंगे

नई दिल्ली दिल्ली सरकार के मंत्रियों के लिए बंगलों की तलाश पूरी हो गई है। नेता विपक्ष आतिशी मार्लेना का पता भी बदलने जा रहा है। उन्हें भी नया बंगला मिलने जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता किस बंगले में रहेंगी यह अभी फाइनल नहीं हुआ है। दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद और स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह मालचा रोड चाणक्यपुरी में रहेंगे। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा विंडसर रोड वाले मौजूदा बंगले में रहेंगे। उन्हें बतौर सांसद यह बंगला मिला था। 2024 में वह लोकसभा का चुनाव नहीं लड़े थे, लेकिन नियमों के मुताबिक किराया चुकाकर वह अभी भी उसी बंगले में रह रहे थे। एक बार फिर यह बंगला उनके नाम आवंटित हो गया है। कानून मंत्री कपिल मिश्रा और सामाजिक कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्रराज सिविल लाइंस में बंगला आवंटित किया गया है। मोहन सिंह बिष्ट को आप सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय वाला बंगला दिया गया है। यह सिविल लाइंस में राजनिवास मार्ग पर है। आतिशी को भी नया बंगला मिला पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी का पद की तरह अब पता भी बदल गया है। अब उन्हें 115 अंसारी रोड दरियागंज का सरकारी आवास मिला है। नेता विपक्ष के तौर पर उन्हें यह बंगला आवंटित किया गया है। मंत्री के तौर पर उन्हें मथुरा रोड पर बंगला दिया गया था। बाद में उन्हें वह बंगला भी आवंटित किया गया, जहां अरविंद केजरीवाल रहते थे। हालांकि, वह वहां शिफ्ट नहीं हो पाईं। सीएम रेखा गुप्ता के लिए तलाशा जा रहा आवास मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहां रहेंगी, यह सवाल अभी तक कायम है। बताया जा रहा है कि सीएम के लिए लुटियंस जोन में कहीं आवास की तलाश चल रही है। रेखा गुप्ता पहले ही साफ कर चुकी हैं कि वह उस बंगले में नहीं रहेंगी जहां बतौर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहा करते थे। भाजपा इसे शीशमहल कहती है। recent visitors 42

Bhopal School Time: भोपाल में लू के बीच बदला स्कूलों का समय, 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी कक्षाएं

Bhopal School timings changed

Bhopal School timings changed: School timings changed amid heat wave in Bhopal, classes will not be held after 12 pm भोपाल ! Bhopal School timings changed मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। प्रदेश के कई जिले लू की चपेट में हैं। भोपाल में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने स्कूलों के समय में बदलाव के निर्देश दिए हैं। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि 12 बजे के बाद कक्षाएं नहीं चलेंगी। 12 बजे बंद हो जाएंगे स्कूल भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशानुसार अब सभी स्कूलों में आठवीं तक के क्लास 12 बजे के बाद नहीं चलेंगे। कलेक्टर ने कहा है कि अत्याधिक गर्मी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कक्षा आठवीं तक के क्लास अब 12 बजे के बाद नहीं लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय और गैरशासकीय स्कूल पर लागू होंगे। Bhopal School timings changed दरअसल, भोपाल में अप्रैल की शुरुआत में ही भीषण गर्मी पड़ने लगी। प्रदेश के अधिकांश जिलों में गर्मी की वजह से परेशानियां बढ़ गई हैं। साथ ही मौसमी बीमारियों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में बच्चों को दोपहर में काफी परेशानी हो रही थी। पैरेंट्स की मांग पर जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। Read more: मध्य प्रदेश में बौद्ध सर्किट विकसित किया जाये… CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिया निर्देश गौरतलब है कि प्रदेश के प्रमुख जिलों की अधिकतम तापमान को देखें तो प्रदेश में सर्वाधिक तापमान नर्मदापुरम में 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, यहां तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रतलाम में 44 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 42, खंडवा में 40.01, गुना में 43, धार में 42.4, भोपाल में 41.6, बैतूल में 40 ,उमरिया में 40.4, सागर में 42.6, इंदौर में 40.6, ग्वालियर में 41.7, जबलपुर में 40.7, मंडला में 42 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग की मानें तो अभी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिलने वाली है। अगले एक दो दिनों तक प्रदेश में ऐसे ही लू चलने की संभावना है। recent visitors 79

भोपाल में भीषण गर्मी के बीच राहत, स्कूलों के समय में बदलाव; सुबह 7:30 से 12 बजे तक

भोपल मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के चलते भोपाल में राहत की घोषणा की है। अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे, ताकि बच्चों को तेज गर्मी से बचाया जा सके। दोपहर 12 बजे के बाद स्कूलों को खोलने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय बच्चों की स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे उन्हें गर्मी के प्रभाव से कुछ राहत मिलेगी। मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी अपना असर दिखाने लगी है। प्रदेश में पारा 42 डिग्री पार हो गया है। बड़ों का हाल बेहाल है तो वहीं अब स्कूल के बच्चों की हालत खराब हो रही है। अब इसमें राहत देते हुए सागर कलेक्टर ने स्कूलों की टाइमिंग को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। जिसके अनुसार अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे। यानी दोपहर 12 बजे के बाद स्कूलों को लगाने की अनुमति नहीं होगी। recent visitors 30

मल्लिकार्जुन खरगे ने उतारी खीज- ईवीएम से चुनाव तो धोखाधड़ी है, पूरी दुनिया बैलेट पर आई

अहमदाबाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार की टीस अब भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मन में है। उन्होंने अहमदाबाद में कांग्रेस के अधिवेशन में कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में धोखाधड़ी से भाजपा ने जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को हराने के लिए राज्य में फ्रॉड किया गया था। यही नहीं उन्होंने ईवीएम से चुनाव कराने पर भी दोबारा सवाल उठाए। खरगे ने कहा कि पूरी दुनिया ईवीएम से बैलेट पेपर की ओर बढ़ रही है लेकिन हम ईवीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह सब धोखाधड़ी है। इसे बंद किया जाना चाहिए और भारत में भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की जरूरत है। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पूरी दुनिया ही अब बैलेट पर है और हम ईवीएम से चुनाव करा रहे हैं। यही नहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम तो आजादी की दूसरी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतर यह है कि पहले सांप्रदायिकरण से विदेशियों को फायदा हुआ, अब सरकार को फायदा हो रहा है। कांग्रेस लीडर ने कहा कि देश में एकाधिकार स्थापित किया जा रहा है और आम लोगों की संपत्ति इस सरकार के अमीर मित्रों को हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने एआईसीसी में कहा कि जिस तरह से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को ‘उनके’ दोस्तों को सौंपा जा रहा है, वह दिन दूर नहीं जब मोदी जी देश को बेच देंगे। उन्होंने कहा कि कुछ मित्रों की कीमत पर आम लोगों के हितों के साथ यह सरकार समझौता कर रही है। सरकार की संपत्ति को इन्हीं अमीर लोगों के हाथों में सौंपा जा रहा है। खरगे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की पैरवी की और यह आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने ऐसी तकनीक विकसित कर ली है, जिससे चुनावों में उसे फायदा और विपक्ष को नुकसान हो रहा है। खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, 'पिछले 11 वर्षों में सत्ताधारी दल संविधान पर लगातार चोट कर रहा है। हमारी संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।' उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का सदन में आसन से नाम लिया गया, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जो लोकतंत्र के लिए लज्जा की बात है। खरगे ने वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में चर्चा का हवाला देते हुए कहा कि सरकार सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए देर रात संसद में चर्चा कराती रही, जबकि मणिपुर पर भोर के समय कुछ देर के लिए चर्चा कराई गई। 'मित्रों को बेच रहे कंपनियां, गरीब आरक्षण को भी परेशान' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मणिपुर को लेकर कुछ छिपाना चाहती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि लोकतंत्र को धीरे धीरे खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ लगाया गया, लेकिन सरकार ने इस विषय को संसद में उठाने नहीं दिया। खरगे ने आरोप लगाया कि ‘मित्रों को’ सरकारी उपक्रम बेचे जा रहे हैं, जिससे वंचित तबकों को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दावा किया, 'अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन यह सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को बेचकर जाने वाले हैं।' हरियाणा में भी फ्रॉड हुआ, लेकिन महाराष्ट्र से थोड़ा कम कांग्रेस अध्यक्ष ने यह दावा भी किया कि चुनाव आयोग से लेकर संसद तक सरकार का विस्तार करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं ईवीएम नहीं है, यह सिर्फ भारत में है। उन्होंने मतदाता सूची में कथित हेरफेर का हवाला देते हुए कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में जैसी जालसाजी हुई, वैसी कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी यह छोटे पैमाने पर हुआ। खरगे ने कहा कि इसके खिलाफ लड़ना है। recent visitors 31

RBI की बैठक में बड़े ऐलान- मिडिल क्लास को राहत, UPI ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव, जाने बैठक की मुख्य बातें

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार दूसरी बार रेपो रेट में कटौती कर आम आदमी को बड़ी राहत दी है। आज 9 अप्रैल को आरबीआई ने रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत करने का फैसला किया। इससे पहले 7 फरवरी 2025 में आरबीआई ने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 6.25 प्रतिशत किया गया था। यह मई 2020 के बाद पहली कटौती और ढाई साल में पहला रिविजन था। रेपो दर में कमी का असर मिडिल क्लास पर अधिक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेपो रेट में कटौती के बाद बैंक और वित्तीय संस्थानों को RBI से कम लागत पर फंड उधार में मिल जाते हैं। इससे होम लोन, ऑटो लोन और नए पर्सनल लोन पर ब्याज दरें कम हो सकती हैं और आम लोगों का ईएमआई का बोझ कम होता है। आइए जानते हैं मॉनेटरी पॉलिसी बैठक की मुख्य बातें — प्रमुख ब्याज दर (रेपो) को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6 प्रतिशत किया गया। रेपो दर में लगातार दूसरी बार चौथाई प्रतिशत की कटौती की गई। केंद्रीय बैंक के मौद्रिक रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘उदार’ करते हुए आगे ब्याज दर में एक और कटौती का संकेत दिया। इससे ग्राहकों के लिए कर्ज की मासिक किस्त (ईएमआई) में और कमी आ सकती है। आरबीआई ने अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को ‘ग्राहकों से दुकानदारों’ को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के माध्यम से लेनदेन की सीमा में संशोधन की अनुमति देने का निर्णय किया है। हालांकि, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच यूपीआई के जरिये लेनदेन की सीमा पहले की तरह एक लाख ही रहेगी। वर्तमान में ग्राहकों से दुकानदारों (पी टू एम) को पूंजी बाजार, बीमा, जैसे मामलों में प्रति लेनदेन दो लाख रुपये, जबकि कर भुगतान, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पताल, आईपीओ के लिए भुगतान सीमा पांच लाख रुपये है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत किया गया। मल्होत्रा ने कहा कि निवेश गतिविधियों में तेजी आई है और उच्च क्षमता उपयोग, सरकार के बुनियादी ढांचे पर खर्च को लेकर जोर, बैंकों और कंपनियों के बेहतर बही-खाते और वित्तीय स्थितियों में सुधार के कारण आगे निवेश और बढ़ने की उम्मीद है। आरबीआई का कहना है कि व्यापार शुल्क संबंधी उपायों ने अनिश्चितताओं को और बढ़ा दिया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक परिदृश्य पर असर पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति अनुमान को 4.2 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत किया गया। आरबीआई ने सोने के आभूषणों और गहनों के बदले दिए जाने वाले लोन को लेकर मौजूदा नियमों की समीक्षा करते हुए नए मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आरबीआई ने कहा कि सोने के बदले कर्ज से संबंधित प्रस्तावित दिशानिर्देशों का मकसद नियमों को सख्त करना नहीं, बल्कि लेंडर के व्यवहार को सुसंगत करना है। बता दें कि इन लोन का उपयोग आम तौर पर कंजम्पशन और इनकम जेनरेट दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है। केंद्रीय बैंक ने को-लोन देने के दायरे का विस्तार करने और सामान्य विनियामक ढांचा जारी करने का प्रस्ताव किया। एमपीसी की 54वीं बैठक की पूर्ण जानकारी 23 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। आरबीआई ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के फंसे हुए कर्जों (स्ट्रेस्ड एसेट्स) के समाधान के लिए एक नए ढांचे 'सिक्योरिटाइजेशन ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स फ्रेमवर्क' पर मसौदा दिशा-निर्देश जारी किया है। यह नया ढांचा फंसे हुए कर्जे के सिक्योरिटाइजेशन (प्रतिभूतिकरण) को बढ़ावा देगा। सिक्योरिटाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें इन फंसे हुए कर्जों को मिलाकर प्रतिभूतियों में बदला जाता है और फिर निवेशकों को बेचा जाता है। इससे बैंकों को जोखिम कम करने और ऐसे कर्जों से निकलने का एक रास्ता मिलेगा। 4 से 6 जून को अलगी बैठक बता दें कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 6 बैठकें होगी। पहली बैठक 7 से 9 अप्रैल तक थी। अब एमपीसी की अगली बैठक चार से छह जून, 2025 को होगी। recent visitors 31

अब नौ सेना को भी मिलेंगे महाबली राफेल, विमान खरीदने के लिए 63000 करोड़ रुपये की डील पर करेगा हस्ताक्षर, और मजबूत होगी नौसेना

मुंबई भारत ने फ्रांस से 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमान खरीदने के लिए मेगा डील को मंजूरी दे दी है. रक्षा सूत्रों ने बुधवार को आजतक को य​ह जानकारी दी. दोनों देशों की सरकारें 63,000 करोड़ रुपये से अधिक के इस रक्षा सौदे पर जल्द ही हस्ताक्षर करेंगे, जिसके तहत भारतीय नौसेना को 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर राफेल मरीन जेट मिलेंगे. डील पर मुहर लगने के बाद राफेल मरीन विमानों की डिलीवरी 2029 के अंत से शुरू होगी और 2031 तक भारतीय नौसेना को सभी 26 विमान मिल जाएंगे. इन विमानों का निर्माण फ्रांस की प्राइवेट एविएशन कंपनी डसॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) करेगी. इन राफेल-एम विमानों की तैनाती INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य जैसे विमान वाहक युद्धपोतों पर होगी. अभी तक भारतीय नौसेना के ये दोनों जहाज अपने मिशनों को पुराने हो चुके मिग 29-K लड़ाकू विमानों के साथ अंजाम देते हैं. राफेल-एम विमानों की फ्लीट, पुराने हो चुके मिग-29K विमानों की फ्लीट को रिप्लेस करेगी. सूत्रों के मुताबिक, इस डील के तहत 26 राफेल मरीज जेट्स के अलावा फ्लीट के मेंटेनेंस, लॉजिस्टिक सपोर्ट, कर्मियों की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी भी फ्रांस की होगी. इसके अलावा ऑफसेट दायित्वों के तहत इन विमानों के कलपुर्जों और उपकरणों का निर्माण भारत में ही करना होगा. इस पैकेज में नौसेना कर्मियों की ट्रेनिंग भी शामिल है. जिन 26 राफेल विमान को खरीदने की तैयारी है उनमें से 22 विमान सिंगल सीट वाले होंगे, जबकि चार विमानों में दो पायलट के बैठने की जगह होगी. सूत्रों के अनुसार इन विमानों को मुख्य रूप से स्वदेशी रूप से निर्मित विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा. इससे भारत हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी गतिविधियों पर नजर रखने में और आसानी होगी. साथ ही इससे भारतीय नौसेना की क्षमताओं को मजबूत करना चाहता है.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने इस सौदे को मंजूरी दी है. राफेल मरीन, राफेल लड़ाकू विमान का एयरक्राफ्ट कैरियर्स के लिए डिजाइन किया गया संस्करण है, जो अपनी एडवांस एवियोनिक्स, वेपन सिस्टम और एयर वारफेयर में अपनी कुशलता के लिए जाना जाता है. राफेल-एम को विमानवाहक पोतों से अंजाम दिए जाने वाले मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें मजबूत लैंडिंग गियर, अरेस्टर हुक्स और शॉर्ट टेक-ऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी (STOBAR) ऑपरेशंस को अंजाम देने के लिए मजबूत एयरफ्रेम की सुविधा है. ' यह एक ऐसी तकनीक है जिसका उपयोग नौसेना के विमानवाहक पोतों पर लड़ाकू विमान के टेक ऑफ और लैंडिंग के लिए किया जाता है, क्योंकि एयरक्राफ्ट कैरियर्स पर रनवे छोटा होता है. ऐसे में बहुत कम दूरी में लड़ाकू विमानों को उड़ान भरनी और लैंडिंग करनी होती है. भारतीय वायु सेना (आईएएफ) पहले से ही अंबाला और हाशिमारा स्थित अपने एयरबेस पर 36 राफेल फाइटर जेट्स का संचालन कर रही है. बता दें कि फ्रांस के साथ डसॉल्ट एविएशन के 36 राफेल फाइटर जेट के लिए यह डील मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में फाइनल हुई थी. नया राफेल मरीन डील भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को बढ़ाने में भी मदद करेगा, जिसमें इसके 'बडी-बडी' एरियल रिफ्यूलिंग सिस्टम को उन्नत करना भी शामिल है. यह सुविधा भारतीय वायुसेना के लगभग 10 राफेल विमानों को हवा में ही ईंधन भरने में सक्षम बनाएगी, जिससे उनका ऑपरेशनल रेंज बढ़ जाएगा. नौ सेना के लिहाज से मॉडिफाई होंगे राफेल ये नए राफेल एम विमान, पुराने MiG-29K और MiG-29KUB विमानों की जगह लेंगे। ये पुराने विमान अभी भारतीय नौसेना के 300 स्क्वाड्रन (INAS 300) 'व्हाइट टाइगर्स' और 303 स्क्वाड्रन (INAS 303) 'ब्लैक पैंथर्स' में इस्तेमाल हो रहे हैं। नए राफेल जेट आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य नाम के एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरेंगे। ये विशाल जहाज समुद्र में तैरते हुए हवाई अड्डे की तरह होते हैं। भारत में फैक्ट्री लगाएगी राफेल वाली कंपनी राफेल विमान बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन भारत में अपनी एक असेंबली लाइन लगाने पर भी विचार कर रही है। इसका मतलब है कि कुछ राफेल विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि भारत समेत कई देशों से राफेल विमानों के बहुत सारे ऑर्डर मिले हैं। भारत की 'मेक इन इंडिया' पॉलिसी के तहत खरीदे जाने वाले 60% हथियार भारत में ही बनने चाहिए। भारत के इस नए ऑर्डर को मिलाकर दसॉ एविएशन के पास कुल 256 राफेल विमान बनाने के ऑर्डर हैं। इनमें से 190 विमान दूसरे देशों के लिए और 56 विमान फ्रांसीसी वायु सेना के लिए हैं। दसॉ अभी हर महीने तीन विमान बनाती है। इस हिसाब से सभी ऑर्डर पूरे करने में लगभग 7 साल लग जाएंगे। फरवरी में फ्रांस के रक्षा मंत्री ने 20 से 30 और राफेल विमान खरीदने की योजना की घोषणा की थी। इससे साफ है कि राफेल विमानों की मांग दुनिया भर में बढ़ रही है। भारत ने जुलाई 2023 में ही 26 और राफेल विमान खरीदने की योजना बना ली थी। उस समय रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए 26 राफेल और तीन स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बियों की खरीद को मंजूरी दे दी थी। भारत ने 2016 में 36 राफेल विमानों का ऑर्डर दिया था। इनमें से आखिरी दो विमान दिसंबर 2022 में भारत पहुंचे थे। वायु सेना के लिए आ चुके हैं 36 राफेल इन 36 विमानों में भारत की खास जरूरतों के हिसाब से 13 बदलाव किए गए थे। इनमें एक इजरायली हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले सिस्टम, मीटिऑर गाइडेड मिसाइल समेत कई तरह की मिसाइलें, 10 घंटे का डेटा स्टोर करने वाले फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, इन्फ्रारेड टारगेट ट्रैकिंग सिस्टम, बेहतर रडार, ऊंचाई वाले एयरफील्ड से उड़ान भरने के लिए कोल्ड वेदर इंजन स्टार्टर और भी बहुत कुछ शामिल है। इन बदलावों से भारतीय वायुसेना की ताकत और बढ़ गई है। नए राफेल विमान भी इन्हीं खूबियों से लैस होंगे और भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा करेंगे। ये नए विमान हिंद महासागर में भारत की सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगे।   recent visitors 29

आईपीएल 2025 की ऑरेंज कैप पर निकोलस पूरन की बादशाहत जारी, पर्पल कैप है इस गेंदबाज के सिर पर

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल का 18वां सीजन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऑरेंज कैप और पर्पल कैप के रेस भी दिलचस्प होती जा रही है। हालांकि, ऑरेंज कैप और पर्पल कैप ज्यादातार समय निकोलस पूरन और नूर अहमद के पास ही रही हैं, लेकिन बाकी के स्थानों पर खूब फेरबदल हुआ है। अभी तक नंबर दो पर सूर्यकुमार यादव ऑरेंज कैप की रेस में थे, लेकिन वे नीचे खिसक गए। हार्दिक पांड्या भी पर्पल कैप की रेस में तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। ऐसे में जान लीजिए कि अभी कौन किस नंबर पर है। आईपीएल 2025 के ऑरेंज कैप की बात करें तो इस पर अभी भी निकोलस पूरन का कब्जा है, जो 288 रन बनाकर शीर्ष पर चल रहे हैं। लिस्ट में दूसरा नाम भी लखनऊ सुपर जायंट्स के बल्लेबाज का ही है। मिचेल मार्श 265 रन बनाकर दूसरे पायदान पर हैं। सूर्यकुमार यादव तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं, जो 199 रन बना चुके हैं। गुजरात टाइटन्स के बल्लेबाज साई सुदर्शन 191 रन बनाकर चौथे नंबर पर हैं और पांचवें पायदान पर अब अजिंक्य रहाणे आ गए हैं, जिन्होंने 184 रन बना लिए हैं। 1. निकोलस पूरन – 288 रन 3. सूर्यकुमार यादव – 199 रन 5. अजिंक्य रहाणे – 184 रन आईपीएल के 18वें सीजन के पर्पल कैप की बात करें तो नूर अहमद फिर से हार्दिक पांड्या से आगे निकल गए हैं। उनको पीबीकेएस वर्सेस सीएसके मैच में एक ही विकेट मिला, लेकिन वे अब 11 विकेटों के साथ शीर्ष पर हैं। खलील अहमद 10 विकेट के साथ दूसरे और इतने ही विकेट के साथ हार्दिक पांड्या तीसरे नंबर पर हैं। औसत के मामले में हार्दिक खलील से पीछे हैं। चौथे नंबर पर मोहम्मद सिराज हैं और पांचवें पर मिचेल स्टार्क हैं। 1. नूर अहमद – 11 विकेट 3. हार्दिक पांड्या – 10 विकेट 4. मोहम्मद सिराज – 9 विकेट 5. मिचेल स्टार्क – 9 विकेट recent visitors 36