Sunday, July 5, 2026 3:16 am

न्यू नोएडा के लिए चिह्नित 80 गांवों का मई में ड्रोन सर्वे होगा, किसानों से सहमति पर 15 गांवों की भूमि अधिग्रहण होगी

नोएडा  नोएडा प्राधिकरण 'न्‍यू नोएडा' नाम से एक नया शहर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। यह उत्तर प्रदेश के दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत 209.11 वर्ग किमी (20911.29 हेक्टेयर) क्षेत्र में बसाया जाएगा। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के 80 गांवों में ड्रोन सर्वे कराने का फैसला लिया गया है। चयनित कंपनी को 10 दिन के भीतर सर्वे से संबंधित प्रेजेंटेशन (PPT) तैयार कर प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम के समक्ष पेश करना होगा। डेटा का सत्यापन और अवैध निर्माण की पहचान ड्रोन सर्वे में जिन बिंदुओं को शामिल किया गया है, उन्हें PPT के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों की तुलना अक्टूबर 2024 की सैटेलाइट इमेज से की जाएगी, जिससे अवैध निर्माण की सही जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर निर्माण तोड़ा जाएगा। अधिसूचना और नियम अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल के अनुसार, अक्टूबर 2024 में शासन की ओर से DNGIR को लेकर अधिसूचना जारी हुई थी। इसके बाद बिना अनुमति किए गए किसी भी निर्माण को अवैध माना जाएगा। इस संबंध में 20 अप्रैल के बाद एक बैठक होगी, जिसमें ड्रोन सर्वे कंपनी को बिंदुओं और सुझावों के आधार पर निर्देश दिए जाएंगे। मई में सर्वे शुरू होगा और 10 से 15 दिन में पूरा कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। किसानों से सहमति और मुआवजा न्‍यू नोएडा के पहले चरण में 15 गांवों की जमीन किसानों से आपसी सहमति के आधार पर ली जाएगी। मुआवजे की दर पर चर्चा हुई है लेकिन अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जल्दी ही अगली बैठक में दर तय की जाएगी। कुल 80 गांवों में लगभग 16 हजार किसान परिवारों से बातचीत होगी। पहले फेज में 3165 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। ड्रोन सर्वे में ये बिंदु शामिल होंगे:     बुलंदशहर के 60 और गौतमबुद्ध नगर के 20 गांवों का सर्वे     खसरा नंबर के अनुसार जमीन की जांच     खाली और निर्मित भूमि की पहचान     सड़क, पार्क, स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की जानकारी भूमि अधिग्रहण चार चरणों में होगा     2023–2027: 3165 हेक्टेयर     2027–2032: 3798 हेक्टेयर     2032–2037: 5908 हेक्टेयर     2037–2041: 8230 हेक्टेयर recent visitors 46

महिला और पुरुष वयस्क हैं और उनकी आपस में शादी नहीं हुई है, तब भी वे साथ रह सकते हैं, यह उनका अधिकार है :HC

प्रयागराज यदि महिला और पुरुष वयस्क हैं और उनकी आपस में शादी नहीं हुई है, तब भी वे साथ रह सकते हैं। यह उनका अधिकार है और पुलिस को उन्हें सुरक्षा प्रदान करनी होगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलग-अलग मजहबों से ताल्लुक रखने वाले महिला पुरुष के लिव इन में रहने के मामले में यह फैसला सुनाया है। अदालत ने यह फैसला महिला और पुरुष के एक साल 4 महीने के बच्चे की अर्जी पर दिया। बच्चे के माता-पिता का धर्म अलग है और दोनों ही 2018 से साथ रह रहे हैं। याचिका में बच्चे की ओर से कहा गया कि मेरी मां संबंधित व्यक्ति के साथ रह रही है क्योंकि उनके पहले पति की मौत हो गई थी। अब वे दोनों साथ हैं और उनसे ही मेरा जन्म हुआ है। ऐसी स्थिति में उनका साथ रहना मेरे लिए जरूरी है। इस पर जस्टिस शेखर सर्राफ और जस्टिस विपिन चंद्र दीक्षित की बेंच ने कहा, 'हमारे विचार से संविधान में जो पैरेंट्स की परिभाषा है, उसके तहत दो वयस्क लोग साथ रह सकते हैं। भले ही उन लोगों की शादी न हुई हो।' दरअसल याचिका में कहा गया कि महिला और युवक को परेशान किया जा रहा है, लेकिन पुलिस ने अब तक एफआईआर भी दर्ज नहीं की है। इस पर अदालत ने संभल के एसपी को आदेश दिया कि एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। इसके अलावा बेंच ने कहा कि यदि ये दोनों पुलिस के पास पहुंचते हैं तो उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। उनके बच्चे को भी जरूरी सिक्योरिटी मिलनी चाहिए। बेंच ने कहा कि पुलिस को हमारे फैसले के अनुसार ही काम करना होगा। दरअसल इस मामले में महिला का आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष की ओर से धमकियां मिल रही हैं। उन्हें कई बार मारने-पीटने का प्रयास भी किया गया, लेकिन प्रशासन ने कोई ऐक्शन नहीं लिया। इसके अलावा पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। पति की मौत के बाद शुरू हुआ लिव इन और बच्चे का जन्म अर्जी में कहा गया कि पति की मौत के बाद महिला नए रिश्ते में आई और अब लिव इन रिलेशनशिप में रह रही है। इसी रिलेशनशिप के दौरान बच्चे का जन्म हुआ। अब बच्चे के आधार पर ही महिला और पुरुष ने साथ रहने का अधिकार मांगा है। इसके अलावा धमकी देने वालों से सुरक्षा दिलाने की भी गुहार की है। इस मामले में हाई कोर्ट का यह फैसला कई अन्य मसलों के लिए भी नजीर बन सकता है। recent visitors 38

इंदौर पश्चिमी रिंग रोड के लिए जमीन सर्वे का काम शुरू,किसानों को मिलेगा दोगुना मुआवजा

इंदौर  प्रशासन और किसानों के बीच मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद पश्चिमी रिंग रोड(Paschimi Ring Road Indore) में आने वाली निजी जमीन का सर्वे कार्य शुरू किया गया है। सबसे पहले हातोद तहसील में शुरू हुआ सर्वे का काम गुरुवार को पूरा हो गया। तीन दिनों में तहसील के 12 गांवों की 164.8870 हेक्टेयर निजी जमीनों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। अब देपालपुर और सांवेर तहसील के 14 गांवों की 307.1829 हेक्टेयर जमीन का सर्वे कार्य किया जाएगा। इंदौर जिला प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के द्वारा पश्चिम रिंग रोड बनाने के लिए सर्वे का काम शुरू किया गया है। शिप्रा से पीथमपुर नेट्रेक्स तक बनने वाली 64 किमी लंबी पश्चिमी रिंग रोड में अब किसानों को नई गाइडलाइन का दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। इस पर सहमति बनने के बाद सर्वे हो रहा है। हातोद के गांवों से गुजरेगी सड़क मंगलवार से हातोद तहसील में सर्वे शुरू किया गया था। सड़क में आने वाली 158.1178 हेक्टेयर और 6.7692 हेक्टेयर अतिरिक्त निजी जमीन का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया। हातोद तहसील के 12 गांवों की 174.3415 हेक्टेयर जमीन से सड़क गुजर रही है। इसमें 164.8870 हेक्टेयर निजी और 9.4545 हेक्टेयर शासकीय जमीन है। शासकीय जमीन का सर्वे पहले पूरा हो चुका है। अब एनएचएआई के भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी (सीएएलए) द्वारा निजी जमीनों का सर्वे किया जा रहा है। 472 हेक्टेयर निजी जमीन का होगा सर्वे पश्चिम रिंग रोड इंदौर जिले की तीन तहसीलों की 570.5678 हेक्टेयर जमीन से गुजर रहा है। इसमें 472.0699 हेक्टेयर निजी और 98.1829 शासकीय जमीन आ रही है। एक साल से निजी जमीन के सर्वे का काम रुका हुआ था, लेकिन अब सर्वे किया जा रहा है। 998 किसानों की जमीनें पश्चिमी रिंग रोड तीन तहसील के 26 गांवों से गुजर रही है। इन गांवों के 998 किसानों की जमीनें सड़क में आ रही हैं। इसमें 864 किसानों की जमीन मुख्य सड़क और 134 किसानों की जमीन अतिरिक्त सड़क के लिए अधिग्रहित की जानी है। सबसे अधिक 512 किसान सांवेर तहसील के हैं। वहीं 333 हातोद और 153 किसान देपालपुर तहसील के हैं। सर्वे का काम पूरा किया गया     हातोद तहसील में सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। तीन दिन में 12 गांवों की सैकड़ों हेक्टेयर जमीन के सर्वे का काम पूरा किया गया। सर्वे के दौरान राजस्व विभाग और एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे। – रवि वर्मा, एसडीएम हातोद   recent visitors 52

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 2024-25 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर अधिक

नई दिल्ली वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत का माल और सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर को पार कर गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 778 बिलियन डॉलर के इसी आंकड़े से करीब 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उभरते व्यापार परिदृश्य पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (सीआईएम) पीयूष गोयल द्वारा निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग निकायों के साथ आयोजित बैठक में ये आंकड़े सामने आए। बैठक में निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग निकायों और वाणिज्य और संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान केंद्रीय उद्योग मंत्री गोयल ने लाल सागर संकट, खाड़ी क्षेत्र में इजरायल-हमास संघर्ष, रूस-यूक्रेन संघर्ष के लगातार बने रहने और कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं में धीमी वृद्धि सहित कई प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद निर्यात में सर्वकालिक उच्च उपलब्धि के लिए निर्यातकों की सराहना की। उन्होंने निर्यातकों के प्रयासों की भी सराहना की। बैठक में सीआईएम गोयल ने निर्यातकों को पारस्परिक रूप से लाभकारी बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए अमेरिका के साथ चल रही चर्चाओं के बारे में भी जानकारी दी। वार्ता की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जो फरवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बैठक में बीटीए पर सहमत होने वाले पहले वैश्विक नेताओं में से एक थे। पीयूष गोयल ने निर्यातकों को आश्वासन दिया कि सरकार वैश्विक व्यापार वातावरण में हाल के बदलावों को सफलतापूर्वक नेविगेट करने में सक्षम बनाने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि देश सक्रिय तरीके से काम कर रहा है और ऐसे समाधान तलाश रहा है जो राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में हों। केंद्रीय उद्योग मंत्री ने निर्यातकों से कहा कि वे घबराएं नहीं और वर्तमान परिदृश्य में सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम देश के लिए सही परिणाम सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही है। पीयूष गोयल ने कहा कि विभिन्न देश टैरिफ लगाने के मामले में अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, जहां तक ​​भारत का सवाल है, विनिर्माण में वृद्धि और अतिरिक्त नौकरियों के सृजन की संभावना है, क्योंकि देश ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़े प्लेयर्स को आकर्षित कर सकता है, क्योंकि भारत खुद को एक भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करने में सक्षम रहा है। इसके अलावा, बैठक में विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों ने वैश्विक व्यापार में उभरती चुनौतियों के मद्देनजर अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। recent visitors 45