Sunday, July 5, 2026 7:46 am

ऊँटनी का दूध अमृत तुल्य, ऊँटपालकों को मिले इसका उचित मूल्य : राज्‍यपाल हरिभाऊ बागडे

जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को बीकानेर स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र का अवलोकन किया। राज्यपाल ने यहां के उष्ट्र संग्रहालय का भ्रमण किया। यहां ऊँटों की विविध नस्लों, ऊँटों के बहुआयामी उपयोग, ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में ऊँटों के योगदान, उष्ट्र व्यवहार तथा लक्षण, उष्ट्र दुग्ध तथा उष्ट्र पर्यटन संबद्ध गतिविधियों की सामग्री का अवलोकन किया। श्री बागडे ने ऊँट के बाल, खाल व हड्डी से बने विभिन्न उत्पादों को देखा। इस दौरान राज्यपाल ने ऊंटनी के दूध से बनी लस्सी का स्वाद भी चखा। उन्होंने केन्द्र द्वारा ऊँटनी के दूध पाउडर की सराहना की। राज्यपाल ने उष्ट्र सवारी स्थल का भ्रमण किया तथा उष्ट्र पालकों से संवाद भी किया। राज्यपाल ने प्रदेश में ऊँटनी के दूध की आपूर्ति के बारे में जानकारी ली और कहा कि राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के माध्यम से ऊँटनी के दूध को और अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे यह उपभोक्ताओं के लिए सुलभ हो सके। उन्होंने केन्द्र के अनुसंधान कार्यों के बारे में जाना और उष्ट्र संरक्षण व विकास के लिए वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित किया। recent visitors 36

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों से कहा- वे बच्चा तस्करी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं, जारी की गाइडलाइंस

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड ट्रैफिकिंग के मामलों पर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि जिस अस्पताल से बच्चा चुराया जाता है उसका लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि इस फैसले का सख्ती से पालन किया जाए। बता दें कि वाराणसी और आसपास के अस्पतालों से बच्चों की चोरी के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2024 में आरोपियों को जमानत दे दी थी, अब सुप्रीम कोर्ट ने इस जमानत को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक देशव्यापी गिरोह था और इनके चुराए हुए बच्चे पश्चिम बंगाल, झारखंड और राजस्थान तक से मिले हैं। कोर्ट ने आरोपियों को समाज के लिए खतरा बताया है। इसी के साथ कोर्ट ने  उत्तर प्रदेश सरकार को भी इस मामले में देरी करने के लिए फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों से कहा है कि वे बच्चा तस्करी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर किसी अस्पताल से बच्चा चोरी होता है, तो सरकार को तुरंत उस अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए। माता-पिता रहें सावधान- सुप्रीम कोर्ट ने सभी माता-पिता को सलाह दी है कि वे अस्पताल में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। बच्चा खरीदना भी अपराध- कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर कोई निसंतान दंपत्ति चोरी किए हुए बच्चे को खरीदते हैं, तो यह भी अपराध है। कोर्ट ने ऐसे लोगों की भी जमानत रद्द कर दी है। recent visitors 67

लंबित जांच प्रकरणों के निस्तारण को लेकर शिक्षामंत्री ने दिए सख्त निर्देश, 16-17 सीसीए, एसपी प्रकरण सहित अन्य लंबित जांच पर हुई विस्तृत चर्चा

जयपुर, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के सभागार में मंगलवार को शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गयी। निदेशालय माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर की ओर से आयोजित बैठक में 16-17 सीसीए, एसपी प्रकरण सहित अन्य लंबित जांच के संबंध में चर्चा की गयी। चर्चा में वर्ष 1989 से लेकर वर्ष 2025 तक के 16 सीसीए, 17 सीसीए, 17 सीसीए न्यून परीक्षा परिणाम प्रधानाचार्य, 17 सीसीए न्यून परीक्षा परिणाम व्याख्याता और राज्य स्तर पर 16 सीसीए के लंबित एवं विचाराधीन प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गयी। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों एवं पदाधिकारियों को पेंडिंग मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए निर्देशित किया। साथ ही विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर विशिष्ठ शासन सचिव श्री विश्व मोहन शर्मा, राज्य परियोजना आयुक्त एवं निदेशक, समग्र शिक्षा राजस्थान श्रीमती अनुपमा जोरवाल, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री सीताराम जाट, संयुक्त शासन सचिव श्री मनीष गोयल, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक श्री सुरेश कुमार बुनकर और वि​शेषाधिकारी श्री सतीश गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 28

निराशा के अंधेरों से खुद को कैसे निकाले बाहर

किसी व्यक्ति के लिए उसके मुश्किल समय में इस बात का निश्चय कर पाना मुश्किल हो जाता है, कि वो निराशा के अंधेरों से खुद को बाहर कैसे निकाले। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए क्या करना सही होगा और क्या गलत। अगर आप भी जीवन के किसी मोड़ पर खुद को ऐसी ही किसी असमंजस से घिरा हुआ पा रहे हैं तो आपको राह दिखाएंगे ये सक्सेस मंत्र। धैर्य से काम लें- किसी व्यक्ति के जीवन में जब मुश्किल समय आता है तो वो स्वाभाविक रूप से परेशान होकर झटपटाने लगता है। अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करता है कि वो जल्द से जल्द उस समस्या से बाहर निकल जाएं। लेकिन ऐसे समय में व्यक्ति को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए, कि समय चाहे कितना भी खराब क्यों ना हो परिवार और धैर्य की शक्ति के आगे वो झुक ही जाता है। परिवार के साथ मिलकर धैर्य के गुण को साथ लिए हुए अपने सभी फैसला को लें। सफलता की किरण आपको जरूर नजर आएगी। धन की बचत- व्यक्ति को संकट से निकालने के लिए धन की भी बहुत आवश्यकता होती है। संकट के समय धन ही सच्चा मित्र होता है। जिस व्यक्ति के पास संकट के समय धन का अभाव होता है ,उसके लिए संकट से उभर पाना बड़ा कठिन हो जाता है। नकारात्मक सोच से रहें दूर- व्यक्ति के जीवन में मुश्किलें आते ही सबसे पहले उसके मन को नकारात्मक सोच घेरने लगती है। निगेटिव एनर्जी से घिरा व्यक्ति यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि उसे उसकी समस्या का कोई हल नहीं मिलने वाला है। ऐसे में व्यक्ति को बड़ी से बड़ी मुश्किल में भी मन में नकारात्मक विचार नहीं लाने देने चाहिए। मन को शांत रखते हुए सकारात्मक सोच के साथ अपनी हर मुश्किल का हल निकालने की कोशिश करें, सफलता जरूर मिलेगी। जल्दबाजी में न लें फैसला- कई बार व्यक्ति मुश्किल समय में समस्या से निकलने के लिए जल्दबाजी में कई फैसला ले लेता है। जिसकी वजह से उसकी मुश्किलें कम होने की जगह और ज्यादा बढ़ जाती हैं। अगर आप किसी मुश्किल में फंसे हैं तो समस्या को अच्छे से समझकर ही उसे दूर करने के उपाय के बारे में सोचें, जल्दबाजी में कोई फैसला ना लें। सावधानी- चाणक्य नीति कहती है कि मुश्किल समय में व्यक्ति को हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए। व्यक्ति को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि संकट के समय में व्यक्ति के पास सीमित अवसर और चुनौतियां बड़ी होती हैं। ऐसे में जरा सी चूक आपका बड़ा नुकसान कर सकती है। ऐसे में सावधानी बरतकर ही आप अपने काम में सफलता हासिल कर सकते हैं। recent visitors 46

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस की जरूरत खत्म

रायपुर,  छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंप के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यह बदलाव 14 नवंबर 2024 को खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के जरिए लागू किया गया है। अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायियों को सिर्फ केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना होगा। पहले की दोहरी अनुमति की प्रक्रिया को हटाकर इसे आसान बना दिया गया है। क्या बदला और क्यों है यह अहम पहले पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए व्यवसायियों को कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय विक्रय का लाइसेंस प्राप्त करना होता था। प्रत्येक वर्ष अथवा तीन वर्ष में एक बार लाइसेंस का रिन्यूवल कराना होता था। राज्य शासन और केंद्र, दोनों जगह से अनुमति लेने की दोहरी प्रक्रिया से समय और पैसा दोनों खर्च होते थे, साथ ही कागजी कार्रवाई भी बढ़ जाती थी। अब केवल केंद्र के नियमों का पालन करना काफी होगा। इससे व्यवसायियों को राहत मिलेगी और पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया तेज और सस्ती हो जाएगी। यह कदम छत्तीसगढ़ में व्यवसाय को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है। व्यवसायियों को कैसे होगा फायदा अब कम कागजी कार्रवाई और एक ही स्तर की अनुमति से पेट्रोल पंप जल्दी शुरू हो सकेंगे। नए व्यवसायी, खासकर छोटे उद्यमी और तेल कंपनियां, बिना ज्यादा परेशानी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। यह सुधार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने को बढ़ावा देगा, जहां अभी ईंधन की पहुंच कम है। राज्य और जनता को क्या लाभ इस बदलाव से छत्तीसगढ़ में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल आसानी से मिल सकेगा। खासकर उन इलाकों में, जहां अभी पेट्रोल पंप कम हैं, वहां सुविधा बेहतर होगी। साथ ही, नए पेट्रोल पंप खुलने से राज्य में निवेश बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। यह सरकार के उस लक्ष्य को भी पूरा करता है, जिसमें व्यवसाय करने में आसानी और आर्थिक विकास पर जोर दिया गया है। छत्तीसगढ़ बन रहा व्यवसाय के लिए आकर्षक मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने को लेकर गंभीर है। नियमों को सरल करके और अनावश्यक बाधाओं को हटाकर राज्य उद्योग, व्यवसाय को सहूलियत और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे न सिर्फ व्यवसायियों को फायदा होगा, बल्कि राज्य की जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल पंप खोलना आसान हो गया है। यह कदम न केवल सभी क्षेत्रों में ईंधन की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। recent visitors 27

मंगेतर के सामने युवती से हैवानियत, युवती से कपड़े उतरवाएं और उसकी वीडिया भी बनाया, की गैंगरेप, योगी ने लिया संज्ञान

कासगंज उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में मंगेतर के साथ झाल के पुल पर घूमने आई युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं हैवानों ने मंगेतर के सामने युवती से कपड़े उतरवाएं और उसकी वीडिया बना ली। अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस वारदात का संज्ञान लिया और पीड़िता को आर्थिक मदद करने के निर्देश दिए। पीड़िता को दी पांच लाख की सहायता सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद डीएम मेधा रूपम, एसपी अंकिता शर्मा ने उसके घर जाकर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इस दौरान डीएम व एसपी ने घटना के दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया। डीएम ने बताया कि पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाया जाएगा। आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अन्य विधिक कार्रवाई तेजी से संचालित हैं। जानिए पूरा मामला बीते शुक्रवार शाम 4 बजे आस-पास एक युवती अपने मंगेतर के साथ पिकनिक प्वाइंट झाल के पुल पर घूमने के लिए गई थी। इस दौरान दोनों एकांत में बैठे हुए थे तभी अचानक से 8 लोग मिलकर उनके पास पहुंच गए और दोनों को लोकर गंदे-गंदे शब्द बोलने लगे। थोड़े ही देर बाद मंगेतर पकड़कर मारपीट करने लगे। तभी कुछ आरोपी युवती को घसीटते हुए सुनसान जगह पर ले गए और आठों आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया। यह सिलसिला लगभग 2 घंटे तक चला। जब सबका मन भर गया तो दोनों को छोड़कर चले गए। दोनों जैसे तैसे घर आ गए लेकिन बेइज्जती की वजह से घटना को छुपाने की कोशिश करने लगे। लेकिन युवती की तबियत खराब हो गई। डरी सहमी युवती ने खुद पर बीती घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन युवती को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे। जहां 112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दी। परिजनों की सुरक्षा के किए इंतजाम इस घटना के बाद पुलिस ने परिजनों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए। एसपी अंकिता शर्मा ने पीड़िता के परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान कराई। जिससे कोई भी उन्हें भयभीत न कर सके। इसके अलावा पीड़िता के घर पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। recent visitors 36

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि दिल्ली के अंदर अब ईडब्लूएस सर्टिफिकेट नहीं बनेंगे: सौरभ भारद्वाज

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी ने बड़ा दावा किया है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में EWS सर्टिफिकेट जारी करने पर रोक लगा दी है। आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि दिल्ली के अंदर अब ईडब्लूएस सर्टिफिकेट नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा, आदेश देते हुए कहा गया है कि ईडब्लूएस सर्टिफिकेट बनाने में कुछ खामियां पाई गई हैं, इसलिए सर्टिफिकेट जारी करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी जाए। सौरभ भारद्वाज ने कहा, सरकार ने स्कूल-कॉलेजों में 10 फीसदी EWS का आरक्षण दे रखा है और अब इससे छात्रों को दिक्कत होगी। अस्पतालों में EWS प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण मिलता है लेकिन अब यह संभव नहीं हो पाएगा। आप नेता ने कहा, अगर EWS प्रमाण पत्र गलत बने थे तो बीजेपी ने अपने कितने अधिकारियों को सजा दी? उन्होंने कहा, EWS सर्टिफिकेट रोकने के पीछे कारण बताया है कि कई EWS सर्टिफिकेट गलत बन गए हैं। अब सरकार बताये कि गलत EWS Certificate बनाने वाले कितने SDM और DM के ऊपर एक्शन लिया गया? उन्होंने कहा, अपने अधिकारियों की गलती की सजा आम जनता को क्यों दी जा रही है? सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा, EWS सर्टिफिकेट बंद करके BJP ने निजी स्कूल और अस्पतालों को फायदा पहुंचाने का प्लान बनाया है अब ना EWS सर्टिफिकेट बनेंगे और ना ही कोई EWS आरक्षण का फायदा उठा सकेगा। recent visitors 44