पूर्व मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश श्री एंथोनी डिसा को कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज़ 2025 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया

पूर्व मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश श्री एंथोनी डिसा को कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज़ 2025 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया प्रसिद्ध लेखक और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी की कहानी ’Tamarind’ (‘इमली’) को 54 देशों की 8,000 से अधिक प्रविष्टियों में से शीर्ष 25 में स्थान मिला भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और चर्चित लेखक श्री एंथोनी डिसा * ने एक बार फिर अपनी उपलब्धियों की फेहरिस्त में एक और प्रतिष्ठित सम्मान जोड़ लिया है। *‘टीनो डिसा’ के नाम से लेखन करने वाले श्री डिसा की कहानी Tamarind (‘इमली’) को कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज़ 2025 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त मान्यता उनकी प्रशासनिक सेवा और साहित्यिक लेखन—दोनों में उनकी गहराई और सृजनात्मकता को दर्शाती है। 54 देशों से आई 8,000 से अधिक प्रविष्टियों में से चुनी गईं 25 श्रेष्ठ कहानियों में ‘इमली’ को स्थान मिला है, जिसे पांच अंतरराष्ट्रीय निर्णायकों की एक समिति ने चयनित किया। लंदन में 15 अप्रैल को शॉर्टलिस्ट की घोषणा की गई, जबकि विजेता का नाम जून में घोषित किया जाएगा। कॉमनवेल्थ शॉर्ट स्टोरी प्राइज़ को प्रायः ‘शॉर्ट स्टोरी का बुकर पुरस्कार’ कहा जाता है और यह अंग्रेज़ी साहित्य की सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में से एक है। केवल शॉर्टलिस्ट में शामिल होना भी स्वयं में एक वैश्विक सम्मान माना जाता है। ‘इमली’ कहानी मध्यप्रदेश के एक काल्पनिक ग्रामीण क्षेत्र में आधारित है और श्री डिसा की अधिकांश रचनाओं की तरह इसमें भी अंत में एक गहरा मोड़ है। यह कहानी उनकी कथा-कौशल के साथ-साथ भारतीय ग्रामीण और सांस्कृतिक जीवन की गहरी समझ को भी उजागर करती है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS) के रूप में श्री एंथनी डिसा ने राज्य और केंद्र स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, और अपने प्रशासनिक जीवन के अंत में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपनी रचनात्मक ऊर्जा और सामाजिक संवेदना को साहित्यिक अभिव्यक्ति में रूपांतरित किया, जो उनके कहानी लेखन और कविता में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। अब तक उनके तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं—दो कहानी संग्रह: ‘The Disrobing of Draupadi’ और ‘One For Sorrow, Two For Joy’, और एक बच्चों के लिए रहस्य कथा ‘The Curious Case of the Nandikote Nawab’, जिसे कतिपय CBSE स्कूलों ने अपनी पठन सूची में शामिल किया है। उनकी रचनाओं में सामाजिक यथार्थ, भावनात्मक गहराई और कथानक की रोचकता का सुंदर संयोजन देखने को मिलता है। श्री डिसा को 2017 और 2019 में टाइम्स ऑफ इंडिया राष्ट्रीय लघुकथा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। वे दो कहानियाँ भी मध्य प्रदेश में आधारित हैं – एक पंचमढ़ी में और एक प्राचीन काल के उज्जैन में।उनके काव्य-संग्रहों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है और हाल ही में लंदन से प्रकाशित एक प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका में उनकी दो कविताएं प्रकाशित हुई हैं। वर्तमान में वे अपनी अगली लघुकथा संग्रह पर कार्य कर रहे हैं, जिसमें वे भारतीय जीवन के विविध पक्षों को अपनी साहित्यिक दृष्टि से उजागर कर रहे हैं। एक समर्पित प्रशासनिक अधिकारी से लेकर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त लेखक बनने की उनकी यात्रा इस बात का प्रेरणादायक उदाहरण है कि किस प्रकार बौद्धिक चेतना और रचनात्मकता सेवा-निवृत्त जीवन में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 19

अमेरिका में ग्रीन कार्ड और H-1B वीजा के नियम सख्त, , हमेशा अपनी जेब में रखना होगा पहचान पत्र

नई दिल्ली अमेरिका जाना और वहां रहना अब दोनों ही मुश्किल हो चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इमिग्रेशन यानी अप्रवासन नीति में एक बड़ा बदलाव किया है। अब अमेरिका में रहने वाले सभी प्रवासियों को हमेशा अपनी जेब में पहचान पत्र साथ रखना होगा। ये नियम जिन लोगों के लिए अनिवार्य किया गया है, वो हैं कानूनी तौर पर रहने वाले, काम करने वाले और स्टूडेंट्स हैं। आइए-समझते हैं कि अमेरिका में अब प्रवासियों के लिए किस तरह की चुनौतियां बढ़ गई हैं। आइए-इसे समझते हैं। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने यह फैसला लिया है। यह फैसला एक कोर्ट के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें ट्रंप के समय के एक नियम को फिर से लागू करने की बात कही गई थी। यह नियम कहता है कि जो लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे हैं, उन्हें सरकार के पास अपना नाम दर्ज कराना होगा। अब यह नियम नए सिरे से लागू होने जा रहा है। 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी गैर अमेरिकियों पर लागू इस नए नियम के अनुसार, 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के हर गैर नागरिक को हर समय अपना पहचान पत्र साथ रखना होगा। DHS ने साफ कहा है कि इस नियम को सख्ती से लागू किया जाएगा और इसका उल्लंघन करने पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। यह नियम 11 अप्रैल से लागू हो गया है। DHS ने यह भी कहा है कि वे इस नियम पर और ज्यादा ध्यान देंगे और इसे सख्ती से लागू करेंगे। एलियन कानून क्या इस नियम के पीछे है यह बदलाव 20 जनवरी को दस्तखत किए गए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 'प्रोटेक्टिंग द अमेरिकन पीपल अगेंस्ट इन्वेजन' के बाद हुआ है। इस ऑर्डर में DHS को एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट को लागू करने का निर्देश दिया गया है, जिसे लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा था। जरूरी कागजात नहीं हैं तो क्या करना होगा नए नियम मुख्य रूप से उन लोगों पर लागू होते हैं जिनके पास अमेरिका में रहने के लिए जरूरी कागजात नहीं हैं। ऐसे सभी गैर-नागरिक जो 14 साल या उससे ज्यादा उम्र के हैं और 30 दिनों से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे हैं, उन्हें फॉर्म जी-325आर भरकर सरकार के पास अपना नाम दर्ज कराना होगा। इमिग्रेंट्स के बच्चों को भी 14 साल के होने के 30 दिनों के अंदर दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा और अपने फिंगरप्रिंट देने होंगे। पता बदलने पर नए पते की जानकारी देनी होगी इसके अलावा, जो लोग 11 अप्रैल के बाद अमेरिका आ रहे हैं, उन्हें आने के 30 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अगर कोई अपना पता बदलता है, तो उसे 10 दिनों के अंदर DHS को नए पते की जानकारी देनी होगी। इस नियम का पालन न करने पर 5,000 डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है। इन लोगों पर नहीं होगा ट्रंप का ये सख्त नियम हालांकि, यह नियम उन लोगों पर लागू नहीं होता है जिनके पास पहले से ही वैलिड वीजा है। जैसे कि स्टूडेंट वीजा या वर्क वीजा पर रहने वाले लोग, या जिनके पास ग्रीन कार्ड , एम्प्लॉयमेंट डॉक्यूमेंटेशन या आई-94 एडमिशन रिकॉर्ड है। माना जाता है कि इन लोगों ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है। उदाहरण के लिए, जो भारतीय नागरिक वैलिड वीजा या ग्रीन कार्ड के साथ अमेरिका में रह रहे हैं, उन्हें नए नियम के तहत रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्हें हर समय अपने पहचान पत्र साथ रखने होंगे और अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर उन्हें दिखाना होगा। 7 लाख भारतीय गैर कानूनी तौर पर अमेरिका में रह रहे DHS के आंकड़ों के अनुसार, 2022 तक लगभग 2.2 लाख भारतीय गैरकानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे थे। हालांकि, प्यू रिसर्च सेंटर जैसे अन्य संगठनों का अनुमान है कि यह संख्या 7 लाख तक हो सकती है, जबकि माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट का अनुमान है कि यह आंकड़ा लगभग 3.75 लाख है। अमेरिका में एक पायदान और बढ़ा निगरानी का स्तर यह नया नियम अमेरिका में रहने वाले इमिग्रेंट समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाला है। खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास कानूनी तौर पर रहने की अनुमति नहीं है। इससे उनके लिए कागजात और निगरानी का एक और स्तर जुड़ जाएगा, जो पहले से ही एक जटिल प्रवासी व्यवस्था है। इस नीति से प्राइवेसी, नागरिक अधिकारों और देश भर में प्रवासी समुदायों पर व्यापक प्रभाव को लेकर बहस छिड़ सकती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

पति के दीर्घ जीवन की कामना के लिए सती अनुसूया का व्रत करती है महिलाएं

बैसाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी (17 अप्रैल) को अनुसूया जयंती है। अनुसूया प्रजापति कर्दम और देवहूति की नौ कन्याओं में से एक थीं। यह ऋषि अत्रि की पत्नी थीं। ऐसा कहा जाता है कि उनकी पति-भक्ति का तेज इतना अधिक था कि आकाश मार्ग से जाते देवताओं को भी उनके तेज का अनुभव होता था। अपने इसी तेज के कारण उन्हें सती अनुसूया कहा जाता है। द्रौपदी, सुलोचना, सावित्री, मंदोदरी सहित उनकी गणना पांच सतियों में सबसे पहले हाेती है। उन्होंने घोर तपस्या करके मंदाकिनी नदी को पृथ्वी पर उतारा था। एक पौराणिक कथा के अनुसार देवर्षि नारद पृथ्वी लोक से घूमते हुए देवी लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती के पास पहुंचे। वहां उन्होंने तीनों से ऋषि अत्रि की पत्नी अनुसूया के पतिव्रत धर्म की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके सतीत्व के तेज की बराबरी तीनों लोकों में काेई नहीं कर सकता। यह सुनकर तीनों देवियों ने अनुसूया के पातिव्रत्य धर्म की परीक्षा लेने के लिए अपने-अपने पतियों ब्रह्मा, विष्णु, महेश से आग्रह किया। अपनी पत्नियों का आग्रह मानकर वे तीनों ऋषि पत्नी अनुसूया के सतीत्व की परीक्षा लेने के लिए पृथ्वी लोक में उनके आश्रम में पहुंच गए। उन्होंने उनकी कुटिया के बाहर खड़े होकर भिक्षा के लिए पुकार लगाई। उनकी पुकार सुनकर अनुसूया बाहर आईं। उन्होंने अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया और उनकी इच्छा पूछी। उन्होंने कहा कि वे भूखे हैं और भोजन करना चाहते हैं। लेकिन हमारा यह नियम है कि हमें भिक्षा देने वाला निर्वस्त्र होकर हमें भोजन करवाता है, तभी हम भोजन करते हैं। यह सुनकर अनुसूया ने तीनों से कहा कि जैसी आपकी इच्छा। अनुसूया ने अपने हाथ में जल लिया और अपने पति को स्मरण करते हुए मन-ही-मन कहा कि अगर मेरा पतिव्रत धर्म अखंड है तो ये तीनों अतिथि इसी क्षण शिशु बन जाएं। यह कहकर उन्होंने तीनों अतिथियों पर जल छिड़क दिया। वे तीनों ही तत्काल नवजात शिशु बन गए। तब अनुसूया ने मातृ भाव से तीनों को भोजन कराया। भोजन के उपरांत पास ही पालने में तीनों शिशुओं को सुला दिया। इधर काफी समय बीत जाने पर भी तीनों देव नहीं लौटे तो तीनों देवियों को चिंता हुई। वे नारदजी को साथ लेकर अनुसूया के आश्रम पहुंची। वहां देखा कि तीनों देव तो शिशु रूप में पालने में हैं। उन्होंने अनुसूया से क्षमा मांगते हुए अपने पतियों को उनके मूल स्वरूप में लौटा देने की प्रार्थना की। अनुसूया ने उन शिशुओं पर जल छिड़क कर पहले जैसा कर दिया। त्रिदेव ने उन्हें वरदान देते हुए कहा कि वे तीनों ‘दत्तात्रेय’ के रूप में उनके पुत्र होंगे। इस दिन महिलाएं अपने पति के दीर्घ जीवन की कामना से सती अनुसूया का व्रत और पूजन करती हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 37

आरपीएफ ढूंढगा सफर के दौरान चोरी या गुम हुआ फोन

नई दिल्ली यदि आप ट्रेन में यात्रा कर रहे हैं और आपका मोबाइल फोन खो गया है या चोरी हो गया है, तो अब चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर आपके खोए हुए मोबाइल फोन को खोजने के लिए उपाय किए हैं. RPF ने दूरसंचार विभाग के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल के साथ एक सफल सहयोग स्थापित किया है. इस संबंध में डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा की है. एक्स पर बताया गया है कि यदि रेलवे स्टेशन या ट्रेन में फोन चोरी या गुम हो जाता है, तो इसे आरपीएफ और संचार एप की सहायता से ट्रेस किया जा सकता है. इसके अलावा, यदि फोन नहीं मिलता है, तो इस एप के माध्यम से फोन को ब्लॉक भी किया जा सकता है. इस एप का नाम संचार साथी है, और यह पहल नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) में एक पायलट प्रोग्राम की सफलता के बाद शुरू की गई है. अब भारतीय रेल द्वारा इस पहल को पूरे देश में लागू करने से करोड़ों रेल यात्रियों को लाभ होगा. आम आदमी इस तरह से फोन कर सकेंगे ब्लॉक संचार साथी एक सरकारी एप्लिकेशन है, जिसे केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग ने जनवरी 2023 में पेश किया. इस एप के माध्यम से उपयोगकर्ता मोबाइल से साइबर धोखाधड़ी या फर्जी कॉल्स की शिकायत कर सकते हैं. इसके अलावा, यह एप चोरी या खोए हुए फोन का पता लगाने और उसे ब्लॉक करने की सुविधा भी प्रदान करता है. इससे पहले, सरकार ने 2023 में संचार साथी पोर्टल की शुरुआत की थी, जिसके जरिए लोग धोखाधड़ी कॉल्स और संदेशों की शिकायत कर सकते हैं. उपयोगकर्ता खोए हुए मोबाइल में लगे सिम को भी ब्लॉक कर सकते हैं और अपने आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर की स्थिति की जांच कर सकते हैं. आप संचार साथी एप को वेबसाइट पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन करके डाउनलोड कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, आप सीधे प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर पर जाकर भी इसे प्राप्त कर सकते हैं. एप डाउनलोड करने के बाद, आपको अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके लॉगिन करना होगा, जिसके बाद आप इसके विभिन्न फीचर्स का उपयोग कर सकेंगे. यदि ट्रेन में यात्रा के दौरान आपका फोन चोरी हो जाता है या खो जाता है, तो आप किसी अन्य फोन पर संचार साथी एप डाउनलोड करके अपने फोन को खोज सकते हैं और उसे ब्लॉक भी कर सकते हैं. रेलवे स्टेशन या ट्रेन में फोन चोरी होने की स्थिति में, आपको आरपीएफ को सूचित करना होगा, जिसके बाद आरपीएफ संचार साथी एप की सहायता से फोन की जानकारी प्राप्त करेगी. शिकायत के लिए यात्रियों के पास रहेंगे ये भी विकल्प यात्री खोए हुए मोबाइल फोन की रिपोर्ट रेल मदद एप या 139 नंबर पर कर सकते हैं. यदि वे एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहते, तो सीईआईआर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करने का विकल्प भी उपलब्ध है. सीईआईआर पोर्टल पर पंजीकरण करने पर आरपीएफ की जोनल साइबर सेल शिकायत को दर्ज करेगी और आवश्यक जानकारी भरने के बाद डिवाइस को ब्लॉक कर देगी. यदि खोए हुए फोन के साथ सिम कार्ड भी मिल जाता है, तो उपयोगकर्ता को निकटतम आरपीएफ पोस्ट पर लौटाने की सलाह दी जाएगी. इसके बाद, असली उपयोगकर्ता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करके अपना फोन वापस प्राप्त कर सकता है. फोन मिलने के बाद, शिकायतकर्ता सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से फोन को अनब्लॉक करने का अनुरोध कर सकता है, जिसमें RPF से सहायता भी प्राप्त होगी. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

एनसीटीई ने दे मंजूरी, एमएड ही नहीं बल्कि एमएई की पढ़ाई करने वाले भी बन सकेंगे शिक्षक

मुजफ्फरपुर मास्टर ऑफ आर्ट्स इन एजुकेशन (एमएई) की पढ़ाई करनेवाले भी अब बीएड कॉलेजों में शिक्षक बन सकेंगे। एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) ने इसकी मंजूरी दे दी है। एमएई करनेवाले अभ्यर्थी बीएड कॉलेजों में फाउंडेशन कोर्स में आवेदन कर सकेंगे। एमडीडीएम कॉलेज में बीएड की पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में जेएसपीएम विवि पुणे में प्राध्यापक डॉ. मौसमी चौधरी ने बताया कि एनसीटीई के इस नये बदलाव से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन एजुकेशन करनेवाले छात्रों को काफी फायदा होगा। अबतक बीएड कॉलेजों में सिर्फ एमएड करने वाले छात्र ही शिक्षक पद के लिए आवेदन कर सकते थे, लेकिन अब एमएई वाले भी ओवदन कर सकेंगे। एनसीटीई ने पिछले दिनों बीएड कॉलेजों में बदलाव पर देशभर से फीडबैक मांगे थे। फीडबैक में विश्वविद्यालयों और बीएड कॉलेजों ने सुझाव दिया कि फाउंडेशन कोर्स में एमएड के साथ एमएई वाले भी आवेदन कर सकें, ऐसा प्रावधान बनाया जाए। एनसीटीई ने अपनी सालाना बैठक में इसपर मंजूरी दे दी। 55 प्रतिशत नंबर की है अनिवार्यता: मास्टर ऑफ आर्ट्स इन एजुकेशन के छात्रों को बीएड कॉलेज में शिक्षक बनने के लिए 55 प्रतिशत नंबर की अनिवार्यता रहेगी। इसके अलावा नेट या पीएचडी अभ्यर्थियों को रहनी चाहिए। डॉ. मौसमी चौधरी ने बताया कि बीएड कॉलेजों में एमएई वाले अभ्यर्थियों की बहाली से शिक्षकों की संख्या में वृद्धि होगी। एनसीटीई ने नई शिक्षा नीति के तहत यह परिवर्तन किया है। एमएड कॉलेजों में 50 छात्र तक ही ले सकेंगे दाखिला, नैक मूल्यांकन भी अनिवार्य एनसीटीई के अनुसार एमएड कॉलेजों में 50 छात्र तक ही दाखिला ले सकेंगे। एमएड कॉलेज को नैक भी कराना होगा। एमएड में विवि और कॉलेज स्थानीय स्तर के अनुसार 30 प्रतिशत तक सिलेबस में बदलाव कर सकेंगे। बीआरएबीयू में एमएड के तीन कॉलेज हैं। इन तीनों कॉलेजों में 150 सीटों पर छात्रों का दाखिला होता है। एमएड कॉलेज में एक प्रोफेसर, दो एसो़ प्रोफेसर और चार सहायक प्राध्यापक को रखना अनिवार्य है। बीएड की तर्ज पर एमएड में भी सामान्य परास्नातक के कोर्स का प्रस्ताव एनसीटीई ने बीएड के साथ एमएड कॉलेजों को भी मल्टी डिसिस्प्लनरी कोर्स के तहत चलाने का निर्देश दिया है। नई शिक्षा नीति के तहत अब बीएड कॉलेजों में बीएड के साथ साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स के भी कोर्स चलाने होंगे। बीएड की तर्ज पर एमएड में भी सामान्य परास्नातक के कोर्स चलाने के लिए एनसीटीई ने प्रस्ताव तैयार किया है। जल्द ही इसे गजट के तौर पर जारी किया जायेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 32

आज करोड़ों लाड़ली बहनों को मिलेगा तोहफा, CM जारी करेंगे 23वीं किस्त, फिर खाते में आएंगे 1250 रुपए, जानें अपडेट

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए अच्छी खबर है। आज बुधवार 16 अप्रैल को सीएम मोहन यादव मण्डला जिले के ग्राम टिकरवारा से 23वीं किस्त के 1250 रुपए बहनों के खाते में जारी करेंगे। इसके अलावा गैसे रिफिलिंग की भी राशि जारी की जाएगी। सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि खुशहाल बहनें, समृद्ध मध्य प्रदेश। नारी सशक्तीकरण का पर्याय बनी लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त ग्राम टिकरवारा, जिला मण्डला से बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को अग्रिम शुभकामनाएं। इन योजनाओं के पैसे भी मिलेंगे     खुशहाल बहनें, समृद्ध मध्य प्रदेश…     नारी सशक्तीकरण का पर्याय बनी लाड़ली बहना योजना की 23वीं किस्त ग्राम टिकरवारा, जिला मण्डला से बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। प्रदेश की सभी लाड़ली बहनों को अग्रिम शुभकामनाएं। लाड़ली बहना (Ladli Behna Yojana Big Update) को प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए की किस्त 16 अप्रैल को खातों में आएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव मंडला के टिकरवारा से राशि सिंगल क्लिक से जारी करेंगे। हर माह राशि 10 तारीख को आती है। इस बार विलंब को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया। अब तक योजना में 33 हजार करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। सीएम सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 56 लाख लोगों को 337 करोड़ व 25 लाख बहनों को गैस सिलेंडर के 57 करोड़ भी देंगे। कई लाड़ली बहना योजना से हुई बाहर एमपी विधानसभा में महिला बाल विकास मंत्री के मुताबिक, प्रदेश की लाड़ली बहना योजना से अब तक 15,748 महिलाओं के नाम उनकी मृत्यु के बाद हटाए हैं। 60 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं के नाम स्वत: पोर्टल से हट गए हैं। फिलहाल राशि बढ़ाने का भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 3 लाख 19 हजार 991 महिलाओं(Ladli Behna Yojana Big Update) को स्कीम से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उनकी उम्र 60 साल से ऊपर हो गई थी। इस कारण जनवरी में 60 साल की उम्र से ऊपर होने पर कई महिलाओं के नाम योजना से काट दिए गए थे। इस वजह से इन लाड़ली बहनों के खाते में योजना के पैसे ट्रांसफर नहीं हुए। अगर आपके दस्तावेज में भी आपकी उम्र 60 साल से अधिक हो गई है तो, आप भी अपात्र महिलाओं की लिस्ट में शामिल हो गई हैं और आपको भी अप्रैल में योजना की 23वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। इस बार किस्त में 6 दिन की देरी आमतौर पर हर माह की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी होती है।कभी कभी त्यौहारों और विशेष अवसर को देखते हुए तय तारीख से पहले भी राशि भेज दी जाती है, लेकिन इस बार तय तारीख निकलने के बाद भी पैसे नहीं मिले।हालांकि पहले खबर आई थी कि 11 अप्रैल पीएम मोदी के अशोकनगर दौरे या 12 अप्रैल को हनुमान जयंती या फिर 13 अप्रैल को गृहमंत्री अमित शाह के एमपी आने पर राज्य की मोहन यादव सरकार 23वीं किस्त जारी करेगी, लेकिन जारी नहीं हुई और अब 16 अप्रैल को किस्त जारी होगी। हर महीने मिलते है 1250 रुपए     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मार्च 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 22 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना : आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। पैसे मिलेंगे या नहीं?, चेक करें लिस्ट में अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। ये … Read more

वेस्टर्न बायपास बनने से साडा को मिलेगा लाभ, व्यापारिक गतिविधियां और बसाहट बढ़ेगी

ग्वालियर आगरा-इंदौर रूट पर रायरू निरावली से काउंटर मैग्नेट सिटी होते हुए शिवपुरी हाइवे के पनिहार तक 28.8 किलोमीटर में वेस्टर्न बायपास(Western Bypass) बनाने की तैयारी कर ली गई है। वेस्टर्न बायपास बनने से वाहन चालकों का 32 किलोमीटर का चक्कर और 40 मिनट का समय बचेगा। अभी यह 1.25 घंटे में तय होता है। साथ ही बायपास पर एक साथ 25 से 30 हजार वाहन गुजर सकेंगे। जमीन अधिग्रहित करने की अधिसूचना एनएचएआई(NHAI) ने बायपास के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। 1347.6 करोड़ की लागत से तैयार होने जा रहे 28.8 किलोमीटर लंबे इस बायपास का कार्य हिजवेज कंपनी को दिया गया है। बायपास(Western Bypass) के लिए 15 गांव की 110 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। अक्टूबर से इसका कार्य शुरू हो जाएगा। कंपनी को यह कार्य दो साल में पूरा करना होगा। दो जिलों के 15 गांवों से होकर गुजरेगा बायपास ग्वालियर : बरौआ नूराबाद, निरावली, गजीपुरा, जिनावली, बिलपुरा, जिगसौली, कुलैथ, सोजना, परपटे का पुरा व तिघरा, पनिहार व रामपुर। मुरैना : बानमोर कलां, बानमोर खुर्द, जयपुर उर्फ नयागांव। दो फ्लाई ओवर व एक आरओबी भी बनेगा बानमोर से पनिहार तक बन रहे वेस्टर्न बायपास पर सात छोटे पुल, 18 अंडर पास, दो फ्लाई ओवर और एक आरओबी बनाया जाएगा। दोनों फ्लाई ओवर 60-60 मीटर के होंगे। यह लाई ओवर बानमोर और नूराबाद में बनाए जाएंगे। बायपास पर एकसाथ 25 से 30 हजार वाहन गुजर सकेंगे। यह होगा वाहन चालकों को फायदा वेस्टर्न बायपास बनने से आगरा-इंदौर रूट पर हर दिन गुजरने वाले 12 से 15 हजार छोटे-बड़े वाहन चालकों को फायदा मिलेगा। अभी तक वाहन चालकों को बेला की बाबड़ी से शिवपुरी लिंक रोड होकर सिकरौदा तिराहा होते हुए झांसी बायपास से रायरू अथवा बानमोर पहुंचने में लगभग 60 किलोमीटर का सफर करना होता है। वहीं वेस्टर्न बायपास के बनने से यह सफर 28.8 किमी में ही पूरा हो जाएगा। इससे वाहन चालकों को 32 किलोमीटर का चक्कर और 40 मिनट का समय बचेगा। साडा को मिलेगा लाभ: व्यापारिक गतिविधियां और बसाहट बढ़ेगी वेस्टर्न बायपास बनने से काउंटर मैग्नेट सिटी में बसाहट और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि बायपास का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा इसी एरिया से गुजर रहा है। इससे साडा और आसपास के क्षेत्रों में आवासीय व व्यवसायिक प्रोजेक्ट आएंगे और बसाहट के साथ ही व्यापारिक गतिविधियां बढेंगी। क्योंकि यहां पर लॉजिस्टिक पार्क, इंडस्ट्रीज, स्कूल, कॉलेज सहित अन्य संस्थानों के लिए भी जगह आरक्षित की जाएगी। ये संभावनाएं कुलैथ, जिगसौली, सोजना, पनिहार, जिनावली, गजीपुरा क्षेत्र में भी देखी जा रही हैं। साडा के दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जा रही है। प्रोजेक्ट में यह तैयार     रायरू के निरावली से शुरू होगा बायपास, जो पनिहार तक बनाया जाएगा।     बायपास का लंबा हिस्सा सोन चिरैया अभयारण क्षेत्र से भी गुजरेगा। वाइल्ड लाइफ विभाग ने इस क्षेत्र में एनिमल अंडरपास व लाई ओवर बनाने पर ही एनओसी दी है।     वेस्टर्न बायपास प्रोजेक्ट में एनिमल अंडरपास लाई ओवर (पशुओं की आवाजाही) के लिए अलग से रास्ते होंगे।     वेस्टर्न बायपास प्रोजेक्ट में कुल 154 हेक्टेयर जमीन का उपयोग होगा, इसमें वाइल्ड लाइफ की 41 और वन विभाग की करीब तीन हेक्टेयर जमीन है। जबकि 15 गांव की 110 हेक्टेयर जमीन शामिल है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 17