Wednesday, July 15, 2026 8:56 pm

श्रीमद्भगवद्गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र को यूनेस्को के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल, PM मोदी ने दी शुभकामनाये

नई दिल्ली  श्रीमद्भगवद्गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र को यूनेस्को के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर (Memory of the World Register) में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया। यूनेस्को ने गुरुवार को जिन 74 नई प्रविष्टियों को इस रजिस्टर में जोड़ा है, उनमें ये दोनों महत्वपूर्ण ग्रंथ भी शामिल हैं। इसके साथ ही इस रजिस्टर में कुल 570 संग्रह हो गए हैं। पीएम मोदी बोले- हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, श्रीमद्भगवद्गीता और नाट्यशास्त्र का यूनेस्को में शामिल होना हमारी शाश्वत परंपरा, गहन ज्ञान और समृद्ध संस्कृति की वैश्विक मान्यता है। यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने आगे कहा कि गीता और नाट्यशास्त्र ने सदियों से मानव सभ्यता, चेतना और सांस्कृतिक विकास को दिशा दी है। इनकी शिक्षाएं आज भी दुनियाभर के लोगों को प्रेरणा देती हैं। गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, भारत की सांस्कृतिक धरोहर को यह वैश्विक सम्मान मिलना अत्यंत गौरवपूर्ण है। अब यूनेस्को के विश्व स्मृति रजिस्टर में भारत के 14 अभिलेख दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि गीता और नाट्यशास्त्र केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय दर्शन, कलात्मकता और सभ्यता के स्तंभ हैं।  यूनेस्को की इस सूची में जिन अन्य 74 संग्रहों को स्थान मिला है, उनमें दासता, महत्वपूर्ण ऐतिहासिक महिलाओं से जुड़ी सामग्री, जिनेवा कन्वेंशन (1864–1949), और मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा जैसे ऐतिहासिक दस्तावेज भी शामिल हैं। इनमें से 14 संग्रहों को वैज्ञानिक दस्तावेजी धरोहर के रूप में मान्यता दी गई है। यह फैसला न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।   recent visitors 36

एमपी में यूथ कांग्रेस चुनावों का ऐलान कर दिया गया, प्रदेश अध्यक्ष से लेकर विधानसभा अध्यक्ष तक का चुनाव होगा

भोपाल मध्यप्रदेश में यूथ कांग्रेस चुनावों का ऐलान कर दिया गया है। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष से लेकर विधानसभा अध्यक्ष तक का चुनाव होगा। साथ ही स्टेट प्रेसिडेंट, स्टेट कमेटी, डिस्ट्रिक्ट कमेटी के सदस्य भी चुने जाएंगे। पीसीसी में शुक्रवार को युवा कांग्रेस संगठन (आईएनएस) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान आईएनएस ने मध्यप्रदेश में पहली बार ब्लॉक, विधानसभा, जिला और राज्य स्तर पर पार्टी के चुनाव और मेंबरशिप का ऐलान किया है।आईएनएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि अब ऐसा दौर शुरू हो रहा है, जब पार्टी के युवा नेता सीधे चुनाव के माध्यम से चुने जाएंगे, न कि उन्हें नामांकित किया जाएगा। यह बदलाव भारतीय राजनीति के लिए ऐतिहासिक है और यह सच्चे लोकतंत्र की पहचान है। इससे पहले भी आईएनएस आंतरिक चुनाव कर चुका है। निष्पक्षता के लिए राज्य स्तर पर टीम बनाई गई राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि यह कदम राहुल गांधी के विजन का हिस्सा है, जब वे साल 2008 में IYC और NSUI के प्रभारी थे। इस प्रक्रिया से हर क्षेत्र के युवकों को राजनीति में उतरने का मौका मिलेगा। वहीं, चुनावों में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जोनल और राज्य स्तर पर रिटर्निंग ऑफिसर्स की टीम तैनात की गई है। 27 अप्रैल से 6 मई तक नामांकन इसके लिए एक डिजिटल ऐप लॉन्च किया गया है। जिसमें 27 अप्रैल 2025 से 6 मई 2025 तक नामांकन चलेगा। 7 से लेकर 9 मई तक स्क्रूटनी का काम किया जाएगा। उसी के आधार फाइनल कैंडिडेट की लिस्ट 11 मई तक प्रकाशित होगी। उसके बाद सदस्यता और चुनाव की तारीखों की जानकारी वेबसाइट www.ycea.in पर मिलेगी। recent visitors 37

सुशासन तिहार 2025 :मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन से जो आस जगाई, उससे प्रदेशवासियों का विश्वास मजबूत हुआ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन से जो आस जगाई, उससे प्रदेशवासियों का विश्वास मजबूत हुआ है। इसी विश्वास और आस के साथ लोग बड़ी संख्या में सुशासन तिहार का हिस्सा बने। उनका विश्वास तब और मजबूत हो गया जब उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो गया।  इस अभियान के तहत बिलासपुर जिले में एक संवेदनशील पहल देखने को मिली। कोटा ब्लॉक के ग्राम के ग्राम पंचायत करका निवासी मंगल सिंह बैगा को आवेदन देते ही महज 24 घंटे के भीतर ट्राइसाइकिल मिली। वे दिव्यांग पेंशन की पात्रता सूची में भी आ गए हैं जल्द ही उन्हें पेंशन भी मिलने लगेगी। सुशासन तिहार के मद्देनजर कलेक्टर अवनीश शरण के मार्गदर्शन में उनके आवेदन को गंभीरता से लिया गया और उन्हें ट्राइसाइकिल दी गई।              सुशासन तिहार के दौरान मंगल सिंह बैगा ने ट्राइसिकल और पेंशन के लिए आवेदन 10 अप्रैल को दिया था। उन्हें 11 अप्रैल को ही समाज कल्याण विभाग द्वारा ट्राइसिकल प्रदान करने की सूचना दी गई। लेकिन उन्होंने 15 अप्रैल को ट्राइसाइकिल लिया। विकलांगता प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण उनकी पेंशन के लिए पात्रता नहीं बन पा रही थी। समाज कल्याण विभाग द्वारा उनका  विकलांगता प्रमाण पत्र बनवा दिया गया है। वे अब पेंशन की  पात्रता सूची में आ गए हैं। जल्द ही उन्हें पेंशन भी मिलने लगेगी।  इस त्वरित कार्रवाई से प्रसन्न होकर मंगल सिंह बैगा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया । उन्होंने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल से मुझे और मेरे परिवार को  बड़ा सहारा मिला है। अब मुझे कहीं आने जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मैंने सोचा भी नहीं था कि आवेदन देते ही मेरी समस्या का इतनी जल्दी समाधान हो जाएगा।             मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में जनसरोकार से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु सजगता और तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है।  सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन को आमजन तक पहुंचना है, जहां लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। recent visitors 25

UNESCO के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर में शामिल हुई भगवद गीता और नाट्यशास्त्र, CM साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि यह हमारी सनातन और शाश्वत ज्ञान-परंपरा को वैश्विक मान्यता मिलने के साथ ही हमारी संस्कृति, कलात्मक प्रतिभा और आध्यात्मिक चेतना का भी सम्मान है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ग्रंथ हमारी कालातीत धरोहर है, जिसने सदियों से भारत की आत्मा को पोषित किया है और सम्पूर्ण मानवता को नैतिकता का मार्ग दिखाया है. अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा उनके नेतृत्व में हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा को वैश्विक मंच पर सर्वोच्च स्थान मिल रहा है. recent visitors 33

मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिये, न कि सड़क पर: मुख्यमंत्री साय

रायपुर  नेशनल हेराल्ड मामले में एक तरफ कांग्रेस के नेता ईडी की कार्रवाई पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा मामले में जनजागरूकता पैदा करने में जुटी है. इस कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया में पोस्ट के जरिए कांग्रेस और करप्शन को पर्यायवाची बताया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि करप्शन और कांग्रेस, ये पर्यायवाची शब्द जैसे हैं. नेशनल हेराल्ड मामले में भी जिस तरह के संस्थागत घोटाले और धोखाधड़ी किए गए, उसका सच जनता के सामने आ चुका है. मामले में ED द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जाना, घोटाले में पूरी तरह से उसकी संलिप्तता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालने की कोशिश या इसके विरुद्ध सड़क पर आना यह साबित करता है कि कोर्ट में इनके पास अपनी सफाई में कहने को कुछ नहीं है. कांग्रेस को यह पता है कि आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य पुख्ता हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांधी परिवार को यह मान लेना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है. ऐसे मामलों में बचाव की कोशिश कोर्ट में करना चाहिये, न कि सड़क पर. वैसे भी सबको यह पता है कि नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार फिलहाल अभी भी जमानत पर है. उन्हें कानूनी उपचार का सहारा लेना चाहिये. अनावश्यक प्रोपेगेंडा करने से कुछ हासिल होने वाला नहीं है. recent visitors 40

सरकार ने दिखाई संवेदनशीलता, शिक्षकों ने जताया विश्वास, आंदोलन समाप्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में बीएड प्रशिक्षित बर्खास्त सहायक शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। यह प्रतिनिधिमंडल 126 दिनों से लगातार आंदोलनरत था और आज की आत्मीय मुलाकात और चर्चा के बाद उन्होंने अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने शिक्षकों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आप सब हमारे परिवार के सदस्य हैं। आपकी पीड़ा हमारी पीड़ा है। आपकी समस्याओं को समझते हुए सरकार सहानुभूति के साथ इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले के समाधान के लिए शासन स्तर पर हरसंभव सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय से भेंट के पश्चात शिक्षकों ने सरकार की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस मौजूद रहे। recent visitors 32

फर्जी डॉक्टर को देर रात अस्पताल में भर्ती कराया, फिर छुट्टी भी दे दी थी

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह शहर के सात मरीजों के की मौत के मामले में आरोपी डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम की गुरुवार की रात तबीयत बिगड़ गई। उल्टियां और घबराहट होने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां पर डॉक्टर से चेकअप कराया गया। जिला अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मधुर चौधरी ने आरोपी डॉक्टर का चेकअप किया। इस दौरान आरोपी डॉक्टर का बीपी बढ़ा हुआ था और उसे उल्टियां भी हो रही थी। इसके बाद डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार करते हुए, उसे कुछ समय के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया। देर रात को उसे छुट्टी दे दी गई। डॉक्टर के मुताबिक आरोपी डॉक्टर को किसी भी प्रकार की कोई बीमारी नहीं है। सिर्फ ब्लड प्रेशर बढ़ने से घबराहट हो रही थी। फर्जी डॉक्टर एक दिन की रिमांड पर था, आज होगा पेश चार दिन की रिमांड पूरी होने पर पुलिस ने गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने एक और दिन की रिमांड मांगी, जिसे न्यायालय ने मंजूर कर लिया। अब आरोपित को आज फिर से न्यायालय में पेश किया जाएगा। नरेंद्र बोला- मेरा नाम खराब करने की बड़ी साजिश आरोपित फर्जी डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जान केम ने मीडिया से कहा कि यह नाम खराब करने की बड़ी साजिश है और उसे एक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। जल्द ही पता लग जाएगा कि मेरे दस्तावेज सही हैं या गलत। वहीं आरोपित डॉक्टर ने न्यायाधीश के समक्ष कहा कि उसने जितनी भी सर्जरी की है, उसमें उसका सक्सेस रेट 92 प्रतिशत है। मिशन अस्पताल में सिर्फ पांच मौत हुई हैं। उसने कहा कि उसकी एमबीबीएस की डिग्री असली है। उसका रजिस्ट्रेशन भी है और उसने अपना नाम बदलने के लिए जो सरकारी प्रक्रिया होती है, उसके सभी मापदंडों को पूरा किया है। recent visitors 25