Wednesday, July 15, 2026 7:27 pm

मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में उपद्रवियों ने जानबूझकर हिंदुओं को टारगेट किया था, पश्चिम बंगाल सरकार की रिपोर्ट

कोलकाता देश में इस वक्त दो ही बड़े मुद्दे हैं, पहला है वक्फ कानून के नाम पर पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा और दूसरा है वक्फ पर सुप्रीम कोर्ट में छिड़ी कानूनी लड़ाई. हम सबसे पहले बात करेंगे मुर्शिदाबाद में हुई हिंदू विरोधी हिंसा की. उपद्रवियों ने जानबूझकर हिंदुओं को टारगेट किया था, और ये बात हम नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार की रिपोर्ट कह रही है. पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता हाईकोर्ट में बताया है कि मुर्शिदाबाद में उन्मादी भीड़ ने हिंदुओं को टारगेट किया था. मुर्शिदाबाद में 8, 11 और 12 अप्रैल को वक्फ कानून के विरोध में जबरदस्त हिंसा हुई थी, और इन तीन दिनों में क्या-क्या हुआ था – रिपोर्ट में बताया गया है. पश्चिम बंगाल सरकार की रिपोर्ट में क्या है? 1. 8 अप्रैल का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि, इस दिन जंगीपुरा में 8 से 10 हजार लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी. यहां पर कुछ संगठन वक्फ कानून के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले थे, लेकिन बाद में इन लोगों ने वहां का हाईवे जाम कर दिया. जब पुलिस ने उनसे हटने के लिए कहा तो भीड़ उग्र हो गई और उन्होंने हमला शुरू कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर भीड़ के हाथों में घातक हथियार थे और ये लोग पुलिसकर्मियों को जान से मारना चाहते थे. 2. 11 अप्रैल को हुई हिंसा को लेकर बताया गया है कि इस दिन जुमे की नमाज के बाद हाईवे जाम करने की कोशिश की गई थी. करीब 2000 की संख्या में मुस्लिम भीड़ ने रोड को जाम कर दिया था और ये लोग भड़काऊ नारेबाजी कर रहे थे. जब पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश की, तो भीड़ ने उनपर पथराव शुरू कर दिया. बाद में भीड़ ने आसपास की दुकानों और मकानों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. उपद्रवियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए थे. 3. 12 अप्रैल को हुई हिंसा का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि शमशेर गंज में एक मस्जिद के पास भीड़ इकट्ठा हुई. इसके बाद इस भीड़ ने वहां के हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ शुरू कर दी और पुलिस के रोकने पर उनपर भी पथराव किया गया. 4. रिपोर्ट में इस बात पर भी मुहर लगाई गई है कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इकट्ठा करने और भड़काने की कोशिश की गई थी. बंगाल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने 1500 से ज्यादा सोशल मीडिया यूजर्स की लिस्ट तैयार की है, जिनपर भीड़ को भड़काने का शक है, और इसमें फेसबुक, एक्स, यूट्यूब, और इंस्टाग्राम यूजर्स शामिल हैं. मुर्शिदाबाद हिंसा अब एक ऐसा मुद्दा बन गया है, जिसके पीड़ित राज्य सरकार को नजर नहीं आ रहे हैं लेकिन विपक्ष के लिए वो घातक हथियार बन गए हैं. ममता सरकार हिंसा पीड़ित हिंदू परिवारों की सुध नहीं ले रही है, और इसी का फायदा बंगाल बीजेपी ने उठाया है. पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकांता मजूमदार कुछ पीड़ितों को लेकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मिलने पहुंच गए. इन हिंदू परिवारों ने उपद्रव के दौरान उनके साथ हुए अत्याचार की कहानियां बताईं और उन्होंने मांग की है कि उनके इलाके में बीएसएफ का कैंप लगाया जाना चाहिए, ताकि वो सुरक्षित महसूस कर सकें. बंगाल के राज्यपाल ने भी हिंसा के बाद अब हालात का जायजा लेने के लिए मुर्शिदाबाद जाने की बात कही है. उन्होंने कहा है कि वो खुद देखना चाहते हैं कि उपद्रवियों ने कितने बड़े पैमाने पर हिंसा की है और वहां के पीड़ितों का हाल क्या है. मुर्शिदाबाद में PFI के एक्टिव होने का दावा मुर्शिदाबाद हिंसा पर बीजेपी नेता सुकांता मजूमदार ने एक बड़ा दावा किया है. उनका आरोप है मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा एक सुनियोजित हिंसा थी, जिसमें धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकर से उन्मादी भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया गया था. उन्होने इस हिंसा के लिए प्रतिबंधित संगठन PFI पर भी आरोप लगाया है और उनका कहना है कि पिछले काफी समय से मुर्शिदाबाद में PFI एक्टिव है और उनके ही इशारे पर हिंसा की योजना बनाई गई थी. इस हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस ने अभी तक 60 FIR दर्ज की हैं, और करीब 315 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने 11 सदस्यों की एसआईटी का गठन भी कर दिया है, और पुलिस ने अभी तक जो कार्रवाई की है, उसमें उनकी बड़ी उपलब्धि यही है कि, पुलिस ने जाफराबाद में मारे गए गोविंद और चंदन दास के हत्यारों को भी गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, फिलहाल मुर्शिदाबाद में हालात सामान्य हैं और पलायन करके गए परिवार धीरे-धीरे अपने घर लौट रहे हैं, लेकिन क्या सच में हालात वही हैं जो पुलिस कह रही है? सच ये है कि, उपद्रव के 6 दिन भी हिंदुओं की घर वापसी नहीं हुई है. जिन हिंदू परिवारों ने उपद्रवियों से डर से अपना घर छोड़ दिया था, वो अलग-अलग जगहों पर शरणार्थी की तरह रह रहे हैं.  टीम भी पहुंची जाफराबाद, पीड़ित परिवार से की बात  जाफराबाद के एक शरणार्थी कैंप में पहुंची थी, जहां पर बड़ी संख्या में पीड़ित हिंदू परिवार रह रहे थे. हमने उन पीड़ितों की आपबीती सुनी, जिनके घर उपद्रवियों ने जला दिए थे. यहां मौजूद लोगों ने पूरे जिले में BSF की तैनाती की मांग की है. पीड़ितों ने दावा किया है कि उपद्रवियों में ज्यादातर स्थानीय लोग शामिल थे. ममता सरकार ने पीड़ितों से मुलाकात तो नहीं की, लेकिन मुआवजे का ऐलान जरूर कर दिया है, लेकिन क्या मुआवजे की रकम से पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लग जाता है? इस सवाल का जवाब मुर्शिदाबाद हिंसा में मारे गए गोविंद और चंदन दास के परिवार से पूछना चाहिए, जिन्होंने मुआवाजे की रकम को लेने से इनकार कर दिया है और वो सिर्फ इंसाफ चाहते हैं recent visitors 20

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय के लिये प्रतिबद्ध

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि टेली-मेडिसिन सेवा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं के प्रदाय का सशक्त माध्यम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय रीवा में टेली-मेडिसिन सेवा का शुभारंभ किया। इस सेवा से रीवा और सीधी जिलों के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों को वरिष्ठ विशेषज्ञों का परामर्श प्राप्त होगा। इस सेवा के तहत अब संजय गांधी अस्पताल, रीवा के मेडिसिन, शिशु रोग (पेडियाट्रिक्स) तथा स्त्री रोग (गायनी) विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक, दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत डॉक्टरों को फोन या अन्य संचार माध्यमों से जरूरी परामर्श देंगे। इससे उन मरीजों को तुरंत लाभ मिलेगा जिन्हें विशेषज्ञ सलाह की आवश्यकता होती है। अब ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को विशेषज्ञ सेवाओं के लिए ज़िला मुख्यालय आने की आवश्यकता विशेष परिस्थितियों में ही पड़ेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह सेवा न सिर्फ मरीजों की यात्रा की आवश्यकता को कम करेगी, बल्कि समय, धन और संसाधनों की भी बचत करेगी। साथ ही, इससे प्राथमिक स्तर पर कार्यरत चिकित्सकों को विशेषज्ञों की मदद से त्वरित एवं सटीक निर्णय लेने में सुविधा होगी। इससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान व इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि टेली-मेडीसिन सेवा का प्रभावी उपयोग "सशक्त व स्वस्थ मध्यप्रदेश" के विजन को धरातल पर उतारने में सहयोगी होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने टेली-मेडिसिन कक्ष की व्यस्थाओं का अवलोकन किया एवं विधिवत संचालन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वे अगले सप्ताह प्रदान की जा रही सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा करेंगे। डीन मेडिकल कॉलेज रीवा डॉ. सुनील अग्रवाल सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।   recent visitors 33

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश में सरकार नहीं चल पा रही, नेशनल हेराल्ड अखबार के लिए विज्ञापन दे रही

नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड का मुद्दा एक बार फिर विवादों में है. ईडी ने इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. ईडी ने सोनिया और राहुल से जुड़ी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 700 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की कार्यवाही भी शुरू की है. लेकिन इस बीच हिमाचल प्रदेश और झारखंड की सरकारों की ओर से नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन दिए जाने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जमकर निशाना साधा. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मैं आज नेशनल हेराल्ड की बात करूंगा. नेशनल हेराल्ड का नाम सुनते ही पूरी कांग्रेस पार्टी के ईकोसिस्टम में सेंसेशन होने लगते हैं, सेंसेशन जैसे छटपटाहट, कपकपाहट, थरथराहट, फड़फड़ाहट, डगमगाहट, लड़खड़ाहट और ऐसे सेंसेशन होने लाजिमी भी है क्योंकि चोरी करते हुए पकड़े गए हैं. आजादी के बाद से कांग्रेस को देखेंगे तो इनका एक नहीं अनेक घोटाले सामने आए हैं. लेकिन ये अपने आप में एक ऐसा मॉडल है, जो किसी के गले नहीं उतर रहा. ठाकुर ने कहा कि नेहरू जी ने 1938 में नेशनल हेराल्ड को शुरू किया था लेकिन वो चल नहीं पाया. फिर 2008 में ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि उसे बचाने के लिए यंग इंडिया के नाम से एक नई कंपनी बनाई गई. यंग इंडिया बनने के बाद 50 लाख रुपये देकर 2000 करोड़ की संपत्ति कांग्रेस के पास चली जाती है. इस कंपनी में गांधी परिवार की 76 फीसदी की हिस्सेदारी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों हिमाचल प्रदेश और झारखंड की ओर से नेशनल हेराल्ड को दिए जाने वाले विज्ञापनों पर सवाल उठाया. ठाकुर ने कहा कि नेशनल हेराल्ड एक समय पर दैनिक अखबार था लेकिन अब यह नियमित रूप से नहीं छपता. वीकली अखबार है. फिर भी कांग्रेस की सराकरें इसे जमकर विज्ञापन दे रही है. अखबार वैसे तो कागज पर छपता है लेकिन कुछ कागजी अखबार होते हैं. कांग्रेस सरकार कौन-कौन से राज्यों से विज्ञापन ले रही है. ये साफ सामने आना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हिमाचल प्रदेश में सरकार नहीं चल पा रही है लेकिन इस अखबार के लिए विज्ञापन दे रही है. हिमाचल की कांग्रेस सरकार जब से बनी है, नेशनल हेराल्ड को करोड़ों रुपये दिए गए हैं. नेशनल हेराल्ड को कोई पढ़ता है क्या? सरकार अपनी जेब से पैसा दे, टैक्सपेयर्स का पैसा क्यों दे रही है? उस राज्य का चुना हुआ मुख्यमंत्री ऐसा कैसे कर सकता है? एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी. यह कांग्रेस के करप्शन का मॉडल है. कांग्रेस के दो बड़े नेता जमानत पर बाहर है. उनके खिलाफ ईडी की कार्रवाई सही है. ठाकुर ने कहा कि इनके लिए फैमिली फर्स्ट, पार्टी सेकंड और देश आखिरी में है. हिमाचल और झारखंड की कांग्रेस सरकारों पर क्या आरोप है? हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार और झारखंड की कांग्रेस सरकार पर नेशनल हेराल्ड को करोड़ों रुपयों के विज्ञापन देकर अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप बीजेपी ने लगाया है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन की अगुवआई वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार ने नेशनल हेराल्ड और उससे जुड़े प्रकाशनों को करोड़ों रुपये के विज्ञापन देकर अनुचित लाभ पहुंचाया. वहीं, अनुराग ठाकुर ने हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर हमला बोलते हुए कहा कि सुक्खू सरकार ने नेशनल हेराल्ड को झोली भरकर विज्ञापन दिए हैं. हिमाचल के कितने घरों में नेशनल हेराल्ड साप्ताहिक अखबार आती है? उन्होंने कहा कि इस पर भी एक सर्वे होना चाहिए, क्या किसी मीडियाकर्मी के घर में नेशनल हेराल्ड आता है? लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सरकार के द्वारा अखबार को करोड़ों रुपये के विज्ञापन दिए गए हैं. हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में दो करोड़ से ऊपर का विज्ञापन दिया गया. इसकी एक कॉपी आती नहीं है और सीएम कह रहे हैं कि मेरी मर्जी जो करूं. हमारी सरकार है, हमारा अखबार है. दान देने का अधिकार आपको नहीं है. ये हिमाचल के खून-पसीने के मेहनत की कमाई है. आप इसे इस तरह एक परिवार को लुटाने के लिए नहीं दे सकते हैं.   recent visitors 28

बारिश के कारण टॉस में देरी, चिन्नास्वामी की पिच पर कवर्स मौजूद

नई दिल्ली आईपीएल के 18वें सीजन में एक टीम को बदली हुई दिखी है वो है पंजाब किंग्स। इस टीम को हराना आसान नहीं है। पिछले मैच में कोलकाता के खिलाफ पंजाब ने 111 रनों का स्कोर भी बचा लिया था। अब इस टीम का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू से है वो भी उसके घर एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में। यहां वैसे तो आरसीबी का जलवा रहता है, लेकिन स्टेडियम की मिजाज और पंजाब की बैटिंग देख अगर आरसीबी यहां बैकफुट पर चली जाए तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। एक बार फिर सभी की नजरें विराट कोहली पर होंगी जो अपने दूसरे घर में बल्ले का जौहर दिखाना चाहेंगे। कोहली इस सीजन अच्छी फॉर्म में हैं और रन बना रहे हैं। पंजाब के खिलाफ टीम उनसे एक बड़ी पारी की उम्मीद करेगी। बेंगलुरू में बारिश, टॉस में देरी इस समय बेंगलुरू में बारिश हो रही है और इसी कारण समय पर टॉस नहीं हो पाएगा। टॉस में देरी हो रही है। recent visitors 28

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि क्या कांग्रेस अपने सरकार के मुखिया से पूछेंगे कि हो क्या रहा था ?

 रायपुर  सीजीपीएससी घोटाले मामले में सीबीआई की छापेमारी में हुए खुलासे ने फिर से सियासी हलचल बढ़ा दी है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लगातार केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होने कहा कि कांग्रेस के शासन काल में करप्शन टूरिज्म हुआ है. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि क्या कांग्रेस अपने सरकार के मुखिया से पूछेंगे कि हो क्या रहा था ? हैरानी है कि रिसोर्ट में बैठाकर सीजीपीएससी का पेपर सॉल्व कराया जा रहा था. ऐसे युवा सिस्टम में घुसकर पूरे विभाग को बर्बाद करते हैं. छत्तीसगढ़ के होनहार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया था. कांग्रेस के शासन काल में करप्शन टूरिज्म हुआ है. नक्सलियों में मची खलबली : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बीजापुर में 22 नक्सलियों की गिरफ्तारी को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलियों की दो श्रेणियों में इस समय काफी ज्यादा खलबली मची हुई है. जिन लोगों को पहले बंदूक के दम पर डराकर, धमकाकर नक्सल संगठन में शामिल किया गया था और पद भी दिए गए थे, अब वे स्वयं को स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और स्वेच्छा से पद छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं. recent visitors 30

जाट फिल्म पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा, सनी देओल, रणदीप हुड्डा पर मामला दर्ज

जालंधर सनी देओल, रणदीप हुड्डा स्टारर हालिया रिलीज फिल्म ‘जाट’ मुश्किलों में घिरती दिख रही है। फिल्म पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है। जालंधर के थाना सदर में सनी देओल, रणदीप हुड्डा समेत टीम के अन्य सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। जालंधर के थाना सदर में ‘जाट’ फिल्म के अभिनेता सनी देओल, रणदीप हुड्डा, वीनित कुमार, निर्देशक गोपीचंद मलिनेनी, प्रोड्यूसर नवीन मलिनेनी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। फिल्म के सदस्यों पर मामला जालंधर के गांव फोलरीवाल निवासी विकल्फ गोल्ड के बयानों पर दर्ज हुआ है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा 299 बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है। ईसाई समुदाय ने हाल ही में ‘जाट’ फिल्म में एक सीन को लेकर पुलिस कमिश्नरेट दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया था। समुदाय का आरोप है कि फिल्म के एक सीन में प्रभु यीशु और धर्म से जुड़ी पवित्र चीजों की बेअदबी की गई है, जिसे लेकर उन्होंने अधिकारियों को मामला दर्ज करवाने की मांग के साथ पत्र सौंपा था। पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बताया गया कि 'जाट' मूवी में प्रभु यीशु मसीह के सलीब (लकड़ी का बना क्रॉस) वाले दृश्य की नकल करके ईसाईयों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया गया है। 'जाट' का निर्देशन गोपीचंद मलिनेनी ने किया है। सनी देओल के साथ फिल्म में रणदीप हुड्डा, विनीत कुमार सिंह, सैयामी खेर और रेजिना कैसंड्रा भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म में अभिनेता रणदीप हुड्डा खतरनाक खलनायक 'रणतुंगा' के किरदार में हैं। फिल्म में उर्वशी रौतेला का एक आइटम सॉन्ग 'टच किया' भी है। हिंदी के साथ ही तमिल और तेलुगू में रिलीज हुई फिल्म 'जाट' का निर्माण मैत्री मूवी मेकर्स ने पीपल मीडिया फैक्ट्री के साथ मिलकर किया है। 10 अप्रैल को रिलीज हुई 'जाट' का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन जारी है। फिल्म 60 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। सफलता से उत्साहित निर्माताओं ने जाट 2 की घोषणा भी कर दी है। निर्माताओं ने बताया कि जाट 2 नए मिशन के साथ दर्शकों के सामने आएगी। recent visitors 33

मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने सीजीएमएससी सप्लाई चैन मैनेजमेंट एसओपी का विमोचन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) के नव नियुक्त अध्यक्ष दीपक म्हस्के के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए और मुख्य अतिथि की आसंदी से उन्हें शुभकामनाएं दी। इस दौरान मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने सीजीएमएससी सप्लाई चैन मैनेजमेंट एसओपी का विमोचन किया।        मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) की स्थापना वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुई थी। इस संस्था की भूमिका राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और आवश्यक दवाओं व उपकरणों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। आज यह कॉरपोरेशन केवल आपूर्ति एजेंसी नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।              मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि दीपक म्हस्के  पूर्व में केमिस्ट्री विषय के शिक्षक रहे हैं। यह अनुभव अब उनके नेतृत्व में सीजीएमएससी के कार्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बल देगा, जिससे प्रदेश की जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी राज्य स्थापना का रजत जयंती मना रहा है। वर्ष 2000 में जब राज्य का गठन हुआ, तब से लेकर अभी तक प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बेहतर हुई हैं। प्रदेश में एम्स जैसे संस्थान कार्यरत है और 13 मेडिकल कॉलेजों की भी स्थापना हो चुकी है, जो राज्य सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रतिबद्धता का प्रमाण है।          मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य किसी भी नागरिक की सबसे बड़ी पूंजी होती है और इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई आयुष्मान भारत योजना ने देश के करोड़ों गरीब परिवारों को निःशुल्क इलाज की सुविधा दी है। छत्तीसगढ़ में भी लाखों परिवार इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य मंत्री स्वयं ऊर्जावान और सक्रिय हैं और अब कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी दीपक महस्के जैसे कर्मठ और योग्य व्यक्ति को मिली है, तो निश्चित रूप से सीजीएमएससी प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने संबोधन के अंत में महस्के को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनका कार्यकाल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक प्रभावशाली, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाएगा।                      विधानसभा अध्यक्ष  डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जेनेरिक दवाइयां, सर्जिकल सामग्री, मेडिकल उपकरणों की समय से उपलब्धता और आधारभूत स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती के उद्देश्य के साथ वर्ष 2010 में इस कॉर्पोरेशन का गठन हुआ था। डॉ. सिंह ने कहा कि म्हस्के  जैसे योग्य, ईमानदार, दूरदर्शी और काबिल हाथों में इस कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी दी गई और वे अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में सफल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ सिंह ने म्हस्के को नए दायित्व मिलने पर अपनी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संबोधित कर सीजीएमएससी के कार्य, स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं, गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।          इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, विधायक किरण देव, विधायक अमर अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक रोहित साहू, विधायक इंद्र कुमार साव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे,  मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित निगम मंडलों के अध्यक्ष गण, जनप्रतिनिधिगण और अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। recent visitors 33