महोबा में दर्दनाक हादसा: डंपर-कार की टक्कर में दंपती और बहू की मौत, बेटा घायल

महोबा कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग में शहर से महज आठ किमी दूर शाम करीब साढ़े 5 बजे ग्राम किड़ारी-बरीपुरा के बीच बरीपुरा स्टैंड में डंपर व बलेनो कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। इसमें दंपती सहित बहू की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पुत्र की हालत में सुधार न होने पर उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर किया गया है। घटनास्थल पर डंपर बाएं साइड में मिला और कार भी इसी साइड में सड़क किनारे कुछ दूरी पर पड़ी मिली। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि चालक को झपकी आने से कार डंपर से अनियंत्रित होकर टकराई। डंपर के पहिए बाएं साइड में घूमे मिले। वहीं ओवरटेक के चलते भी घटना होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल व एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी दी। परिवार रायबरेली से शादी से लौटकर वापस सागर जा रहा था। शादी से घर लौट रहा था परिवार मप्र के जिला सागर के थाना बहेरिया के ग्राम जिंदा निवासी 32 वर्षीय हार्दिक मौर्या, अपनी पत्नी 28 वर्षीय मोहिनी, 55 वर्षीय मां उर्मिला, 60 वर्षीय पिता सतीश मौर्या के साथ रायबरेली में मौसी के पुत्र विनय की शादी में शामिल होने गए थे। शनिवार को पूरा परिवार बलेनो कार में सवार हो रायबरेली से वापस अपने घर जा रहा था। रास्ते में शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम किड़ारी से करीब 8 किमी दूर बरीपुरा स्टैंड के पास कार की डंपर से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे में तीन लोगों की मौत कार हार्दिक चला रहा था। घायलों को दो एंबुलेंसों से इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां मोहिनी, उर्मिला व सतीश को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, हार्दिक को प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया। क्षतिग्रस्त वाहनों को दो क्रेन मशीनों की मदद से निकाला गया। चालक डंपर छोड़कर मौके से भाग निकला। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल, एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। हार्दिक की बहन भोपाल निवासी शशि ने बताया कि उसकी मौसी रायबरेली निवासी मिथलेश के पुत्र विनय मौर्या की 15 अप्रैल की शादी थी और सभी लोग शादी संपन्न कराने के बाद शनिवार को अपने घर आ रहे थे। उनका भाई इलेक्ट्रानिक व्यापारी है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल का कहना है कि शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई कराई जा रही है। recent visitors 30

गर्भावस्था के दौरान करें इन बातों पर अमल, रहेंगी एकदम स्वस्थ्य

गर्भावस्था के सुखद और सुंदर पहलू का आंनद आप तभी उठा सकती हैं जब गर्भावस्था के दौरान आप और आपका बच्चा स्वस्थ रहे और यह तभी हो सकता है जब गर्भवती महिला कुछ बातों पर अमल करे। यह देखा गया है कि गर्भावस्था के शुरू के तीन महीनों में कई महिलाओं को जी मचलाने या उल्टी आने की शिकायत होती है। इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ बातों का ध्यान दें। सुबह बिस्तर से उठने से पहले ही बिस्किट खा लें। थोड़ी बहुत चाय-कॉफी और हल्का खाना, फल, सलाद खाते रहें। बच्चे के समुचित विकास के लिए मां की खुराक में ज्यादा कैलोरी, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम आवश्यक है। तो जानते हैं गर्भावस्था के दौरान आपको कैसे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना है.. 1. संतुलित आहार का सेवन करें ज्यादातर महिलाएं इन दिनों में अपने खान-पान पर विशेष ध्यान नहीं रख पातीं। जिससे उनके शरीर में लौह तत्व की कमी से एनीमिया होने की संभावना बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, सलाद खाना आवश्यक है। इसके साथ ही खाने में प्रोटीन की आपूर्ति के लिए दाल और अंकुरित अनाज भी खाना आवश्यक है। सोयाबीन भी प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है। कैल्शियम के लिए आहार में रोज प्रचुर मात्रा में दूध, दही या मट्ठा होना चाहिए।   2. पूरी नींद लें गर्भावस्था के दौरान समय पर खाना और अपने शरीर को पूर्ण रूप से आराम देने के लिए आपको पूरी नींद का लेना बहुत जरूरी है। हर गर्भवती महिला को अपने शरीर का पूरी तरह से ध्यान देना चाहिए। नींद पूरी हो सके इसके लिए रात में कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लेना चाहिए और इसके साथ ही दिन में भी एक-दो घंटे का आराम समय-समय पर लेना जरूरी होता है।   3. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं गर्भावस्था के समय शरीर में पानी की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। अपने शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है। इसलिए दिनभर में कम से कम आठ गिलास पानी जरूर पिएं। साथ ही घर में नारियल का पानी व फलों का जूस बना कर भी नियमित अंतराल पर पीती रहें। बाहर का जूस या पानी आदि न पिएं। इंफेक्शन से दूर रहें। 4. थोड़े-थोड़े अंतराल पर खाएं गर्भावस्था के दौरान खाने के लिए किसी भी प्रकार के नखरे ना करते हुए अपनी और होने वाले बच्चे की तंदुरुस्ती के लिए भरपूर पोषण युक्त डाइट लें, क्योंकि उस समय आप का खाया हुआ आहार आपके लिये ही नहीं, बल्कि आपके बच्चे के लिए भी होता है। इसलिए खाने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं करनी चाहिए। 5. धूम्रपान और शराब का सेवन ना करें कहते हैं कि बच्चे की पहली पाठशाला उसकी मां होती है और जब बच्चा गर्भ में पल रहा होता है तो हमें अपने आचार-विचार भी बदल लेने चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर हमारे बच्चे पर पड़ता है। इन दिनों में हमारा रहन-सहन, खान-पान, बोल-चाल यहां तक कि हमारी सोच का असर भी हमारे बच्चे पर पड़ता है। इसलिए हमें धूम्रपान और शराब आदि के सेवन से बचना चाहिए। 6. डॉक्टरी जांच समय-समय पर अपनी डॉक्टरी जांच कराते रहें। सबसे पहले तो मासिक धर्म रुकने के तुरंत बाद ही डॉक्टरी जांच करवाकर आप निश्चिंत हो जाएं कि आप गर्भवती हैं। उसके बाद हर महीने के अंतराल में चेकअप करवाते रहना चाहिए क्योंकि बच्चे की ग्रोथ दिन प्रतिदिन बढ़ती है। उसके आकार और वजन की जानकारी लेते रहना चाहिए। फिर इसके बाद नवां महीना लगने पर हर हफ्ते जांच की आवश्यकता होती है। कुल मिलाकर कम से कम दस बार जांच होनी चाहिए। 7. सातवें, आठवें महीनों में रहें सावधान गर्भवती स्त्री के लिए सबसे सावधानी वाला महीना सातवां व आठवां होता है। इन महीनों में सोनोग्राफी से गर्भनाल की स्थिति, शिशु का वजन, बच्चेदानी के अंदर का पानी सभी की जांच करवा लेनी चाहिए, जिससे आने वाली परेशानियो से सही समय पर बचा जा सकता है। 8. व्यायाम करें व्यायाम शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है, पर आप जो भी व्यायाम करें वह काफी हल्का हो। इससे शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शरीर की ऊर्जा और हमारी कार्यक्षमता के साथ-साथ मानसिक दक्षता भी बढ़ती है। योगाभ्यास से ऊर्जा की दिन प्रतिदिन वृद्धि होती है। शरीर के प्रत्येक अंग एवं अवयव ऊर्जावान होते हैं।   recent visitors 63

पंचायत सचिवों की राज्य स्तरीय हड़ताल डिप्टी सीएम शर्मा से चर्चा के बाद स्थगित

रायपुर शासकीयकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर बीते 32 दिनों से हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिवों ने अब अपनी राज्य स्तरीय हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया है. छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के कार्यकारी अध्यक्ष कोमल निषाद ने बताया कि पंचायत मंत्री विजय शर्मा से हुई बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है. बता दें, 32 दिनों से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पंचायत सचिव धरने पर बैठे थे. साथ ही 28 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन की तैयारी भी की गई थी. हालांकि, सरकार से हुई सकारात्मक बातचीत के बाद आंदोलन को फिलहाल रोक दिया गया है. बताया गया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गठित कमेटी 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी, जिसके आधार पर पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाएगा. इसके अलावा, चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति के लिए नई मार्गदर्शिका भी जल्द जारी की जाएगी. सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि वर्तमान में 15 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले सचिवों के वेतन सत्यापन से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाएगा और आंदोलन की अवधि में रुका हुआ वेतन भी शीघ्र स्वीकृत किया जाएगा. चार दिन तक चली चर्चा के बाद बनी इस सहमति को पंचायत सचिवों ने संघर्ष की आंशिक जीत मानते हुए हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया है. recent visitors 36

एक्सेल एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘ग्राउंड ज़ीरो’ का कश्मीर में हुआ ऐतिहासिक प्रीमियर

कश्मीर,  एक्सेल एंटरटेनमेंट की फिल्म 'ग्राउंड ज़ीरो' का कश्मीर में ऐतिहासिक प्रीमियर हुआ। एक्सेल एंटरटेनमेंट अपने अपकमिंग एक्शन थ्रिलर "ग्राउंड ज़ीरो" के साथ बीएसएफ के एक शानदार मिशन को पर्दे पर लाने के लिए तैयार है। यह फिल्म कश्मीर पर आधारित है और एक असली कहानी पर आधारित है जो पहले कभी नहीं सुनाई गई। ट्रेलर और पोस्टरों के बाद बढ़ती हुई उत्सुकता के बीच, फिल्म का ग्रैंड प्रीमियर कश्मीर में हुआ। घाटी में 38 सालों बाद यह पहली फिल्म प्रीमियर होने वाली फिल्म है। प्रीमियर के दौरान रेड कार्पेट पर बीएसएफ के जवानों और फिल्म की पूरी टीम ने जब अपनी एंट्री मारी, तो माहौल ही बदल गया। इमरान हाशमी, साई ताम्हंकर, निर्देशक तेजस प्रभा विजय देवस्कर, निर्माता रितेश सिधवानी अपनी पत्नी डॉली सिधवानी के साथ, फरहान अख्तर अपनी पत्नी शिबानी दांडेकर के साथ, और को-प्रोड्यूसर अरहान बगाती जैसे बड़े नाम रेड कार्पेट पर नजर आए। 'ग्राउंड जीरो' का यह खास प्रीमियर बीएसएफ जवानों के लिए आयोजित किया गया था और फिल्म के स्टार कास्ट और टीम की उपस्थिति से ये पल और भी खास बन गया।फिल्म ग्राउंड जीरो में इमरान हाशमी बीएसएफ कमांडेंट नरेंद्र नाथ धर दुबे का रोल निभा रहे हैं। 'ग्राउंड जीरो' इमरान की पहली फिल्म होगी, जिसमें वह आर्मी अफसर का किरदार निभाएंगे। एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन द्वारा प्रस्तुत फिल्म ग्राउंड जीरो को रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म तेजस देवस्कर द्वारा निर्देशित है और कासिम जगमागिया, विशाल रामचंदानी, सुंदरप सी सिधवानी, अरहान बगाती, टैलिसमैन फिल्म्स, अभिषेक कुमार और निशिकांत रॉय द्वारा को-प्रोड्यूस की गई है। यह फिल्म 25 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।   recent visitors 44

इन तीन तरीकों से बिना फाॅरमेट किए बढ़ाएं अपने कंप्यूटर की स्पीड

कंप्यूटर या लैपटॉप कुछ दिन पुराने होने के बाद इनकी स्पीड पर असर पड़ने लगता है। काफी समय बाद ये अपने आप हैंग होने लगते हैं। इनकी धीमी गति से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर इन्हें फॉरमैट कर देते हैं। ऐसे में कई बार जरूरी डाटा भी नष्ट हो जाता है। कुछ सरल उपायों के जरिए बिना फॉरमैट किए भी कंप्यूटर की स्पीड बढ़ाई जा सकती है। टेंपररी फाइल डिलीट करें कंप्यूटर में वर्चुअल मेमोरी फुल हो जाने की वजह से धीमे हो जाते हैं। इससे बचने के लिए समय-समय पर टेंपररी फाइल डिलीट करते रहें। इसके लिए प्रोग्राम विकल्प में दिए गए सर्च बॉक्स में:टेम्पः लिखकर एंटर करें। इससे कंप्यूटर या लैपटॉप में मौजूद सभी टेंपररी फाइलें खुल जाएंगी। इन्हें चुनकर डिलीट कर दें स्टार्टअप प्रोग्राम बंद करें कई प्रोग्राम ऐसे होते हैं जो कंप्यूटर चालू होते ही अपने आप चलने लगते हैं। इन्हें स्टार्टअप प्रोग्राम कहते हैं। ये कंप्यूटर के धीमा काम करने की सबसे बड़ी वजह होते हैं। स्टार्टअप प्रोग्राम में स्क्रीन न्यूज फीड, जी-टॉक, स्काइप, बिट टोरेंट जैसे प्रोग्राम भी शामिल हैं। इन्हें स्टार्ट मेन्यू में जाकर अनइंस्टॉल किया जा सकता है। इसके अलावा सी ड्राइव को खाली रखें। यह हार्ड डिस्क का वह हिस्सा होता है जिसमें सभी सॉफ्टवेयर रहते हैं। रिसाइकिल बिन खाली रखें कंप्यूटर में जो भी फाइल डिलीट करते हैं वह पूरी तरह से डिलीट होने के बजाय रिसाइकल बिन में स्टोर हो जाती है। लगातर कई दिनों तक एक साथ कई फाइलें डिलीट करने से रिसाइकिल बिन भर जाता है और कंप्यूटर की मेमोरी फुल हो जाती है। इससे बचने के लिए समय-समय पर रिसाइकिल बिन खाली करते रहें। अगर आपको कोई फाइल हमेशा के लिए ही डिलीट करनी है तो उसे सिलेक्ट कर शिफ्ट-डिलिट कमांड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे फाइल रिसाइकिल बिन में नहीं जाएगी बल्कि पूरी तरह कंप्यूटर से डिलीट हो जाएगी।   recent visitors 67

चीन में हाफ मैराथन के दौरान इंसानों के साथ रोबोट ने भी भाग लिया, यह रोबोट की विश्व की पहली ऐसी दौड़ बताई जा रही है

बीजिंग चीन ने शनिवार को हाफ मैराथन का आयोजन किया। यह अपने आप में अनोखा था, क्योंकि इसमें इंसानों के साथ रोबोट ने भी भाग लिया। यह ह्यूमनाइड रोबोट की विश्व की पहली ऐसी दौड़ बताई जा रही है। इस दौरान रोबोटिक्स में बीजिंग की अमेरिका के साथ बढ़ती प्रतिद्वंद्विता के बीच एआई प्रौद्योगिकियों में प्रगति को प्रदर्शित किया गया। शीर्ष विश्वविद्यालयों और फर्मों के अपने तकनीकी संचालकों के साथ 21 ह्यूमनाइड रोबोट (मानव की तरह दिखने वाले रोबोट) बीजिंग में 21 किलोमीटर की दौड़ में शामिल हुए। 20 टीमों ने लिया हिस्सा इंसानों के साथ दौड़ते इन रोबोटों को देखने के लिए फुटपाथों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। प्रतियोगिता के बाद कई श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए। इस दौरान न केवल गति, बल्कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, चलने के तरीके, एथलेटिक प्रदर्शन और इंजीनियरिंग क्षमता आदि को ध्यान रखा गया।   एजेंसी ने एक वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें कई रोबोट प्रतियोगियों के साथ दौड़ रहे हैं, जिनमें से एक रोबोट ने काली टोपी और सफेद दस्ताने पहन रखे हैं। हालांकि, इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट वीडियो से पता चला कि यह एक सहज दौड़ नहीं थी, क्योंकि कुछ रोबोट को शुरुआत में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यहां तक कि वे दुर्घटनाग्रस्त भी हो गए। इस प्रतियोगिता में 20 प्रतिस्पर्धी टीमों ने भाग लिया। इनमें तियांगोंग टीम के तियांगोंग अल्ट्रा ने दो घंटे 40 मिनट के समय के साथ रोबोट के बीच दौड़ जीती। इथियोपिया के एलियास डेस्टा द्वारा इस दौड़ को एक घंटे और दो मिनट में पूरा कर लिया गया, जिन्हें इंसानों की दौड़ का विजेता घोषित किया गया। recent visitors 44

मां दुर्गा की तीसरी शक्ति देवी चंद्रघंटा

  मां दुर्गा की तीसरी शक्ति हैं चंद्रघंटा। नवरात्रि में तीसरे दिन इसी देवी की पूजा-आराधना की जाती है। देवी का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इस देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाई देने लगती हैं। पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥ इस देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्र है। इसीलिए इस देवी को चंद्रघंटा कहा गया है। इनके शरीर का रंग सोने के समान बहुत चमकीला है। इस देवी के दस हाथ हैं। वे खड्ग और अन्य अस्त्र-शस्त्र से विभूषित हैं। सिंह पर सवार इस देवी की मुद्रा युद्ध के लिए उद्धत रहने की है। इसके घंटे सी भयानक ध्वनि से अत्याचारी दानव-दैत्य और राक्षस काँपते रहते हैं। नवरात्रि में तीसरे दिन इसी देवी की पूजा का महत्व है। इस देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाईं देने लगती हैं। इन क्षणों में साधक को बहुत सावधान रहना चाहिए। इस देवी की आराधना से साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का विकास होता है। यह देवी कल्याणकारी है। इसलिए हमें चाहिए कि मन, वचन और कर्म के साथ ही काया को विहित विधि-विधान के अनुसार परिशुद्ध-पवित्र करके चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना करना चाहिए। इससे सारे कष्टों से मुक्त होकर सहज ही परम पद के अधिकारी बन सकते हैं। नवरात्रि में तीसरे दिन इसी देवी की पूजा का महत्व है। इसीलिए कहा जाता है कि हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखकर साधना करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है।   recent visitors 56