प्राइम वीडियो पर 24 अप्रैल से स्ट्रीम होगी चियां विक्रम स्टारर थ्रिलर फिल्म वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2

मुंबई, दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार चियां विक्रम की थ्रिलर फिल्म वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2 प्राइम वीडियो पर 24 अप्रैल से स्ट्रीम होगी। एस.यू. अरुण कुमार द्वारा लिखित और निर्देशित वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2 में चियां विक्रमलीड रोल में नजर आएंगे। उनके साथ इस थ्रिलर फिल्म में एस.जे. सूर्या, सुराज वेंजारामूडु, दुशारा विजयन और पृथ्वी राज अहम किरदार निभा रहे हैं। भारत समेत दुनियाभर के 240 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में प्राइम वीडियो के प्राइम मेंबर्स वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2 को 24 अप्रैल से तमिल के साथ-साथ तेलुगु, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ में देख सकेंगे। प्राइम वीडियो ने वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2 के एक्सक्लूसिव ग्लोबल स्ट्रीमिंग प्रीमियर की घोषणा की है। चियां विक्रम की अब तक की सबसे दमदार परफॉर्मेंस में से एक मानी जा रही है। एस.यू. अरुण कुमार द्वारा लिखी और निर्देशित यह फिल्म एक ग्रिटी सर्वाइवल थ्रिलर है, जिसमें जबरदस्त एक्टिंग, धुआंधार एक्शन और जी.वी. प्रकाश कुमार का शानदार म्यूजिक देखने-सुनने को मिलेगा। क्रिटिक्स की तारीफें बटोर चुकी वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2 अब 24 अप्रैल से प्राइम वीडियो पर एक्सक्लूसिवली स्ट्रीम होगी। यह फिल्म तमिल में होगी, जबकि तेलुगु, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ में इसका डब वर्ज़न भी उपलब्ध रहेगा। मदुरै के एक भव्य मंदिर उत्सव की पृष्ठभूमि पर बनी वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2 की कहानी है काली की, जो एक किराना दुकान चलाने वाला, अपनी फैमिली से बेहद प्यार करने वाला पति और पिता है। उसकी ज़िंदगी अब सुकून में लगती है, लेकिन सब कुछ तब बदल जाता है जब उसका पुराना अतीत फिर सामने आ जाता है, उसके पुराने क्राइम बॉस पेरियावर रवि के रूप में। काली एक बार फिर उस अंधेरी दुनिया की तरफ खींचा चला जाता है, जिससे वो खुद को कभी आज़ाद मान चुका था।सिर्फ एक खतरनाक रात की घटनाओं पर बनी ये थ्रिलर वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2 उस वक्त खून से सनी मोड़ लेती है जब काली को एसपी अरुणागिरी को मारने का टास्क दिया जाता है। एक तरफ वो अपने परिवार को बचाने की कोशिश कर रहा होता है, तो दूसरी तरफ उसका हिंसक अतीत फिर से उसका पीछा करने लगता है। इस बीच काली खुद को एक ऐसे जानलेवा खेल में फंसा पाता है, जहां हर तरफ से खतरे मंडरा रहे होते हैं और बचने का कोई आसान रास्ता नहीं होता।   recent visitors 41

‘उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद’ ने 10वीं और 12वीं बोर्ड के परिणाम घोषित किये, जतिन जोशी बने प्रदेश टॉपर

हल्द्वानी 'उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद' ने शनिवार को 10वीं और 12वीं बोर्ड के परिणाम घोषित कर दिए हैं। हल्द्वानी के जतिन जोशी 99.20 प्रतिशत अंक प्राप्त करके प्रदेश में टॉप किया है। जतिन की सफलता से परिवार समेत पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। मीडिया से बात करते हुए जतिन ने अपनी सफलता का राज बताया। जतिन कुसुमखेड़ा के हरगोविंद सुयाल इंटर कॉलेज के छात्र हैं। जतिन के प्रदेश टॉपर बनने से न केवल उनके माता-पिता और गुरुजनों को गर्व की अनुभूति हो रही है, बल्कि पूरे विद्यालय और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। मीडिया से बात करते हुए जतिन ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। खास बात यह है कि उनकी बड़ी बहन ने इस बार 12वीं बोर्ड की परीक्षा दी और उन्होंने प्रदेश स्तर पर 25 वां स्थान हासिल किया है। जतिन ने बताया, "सफलता का पूरा श्रेय स्कूल के अध्यापकों और उनके अभिभावकों को जाता है। मैं घर पर सेल्फ स्टडी किया करता था, कभी भी कोचिंग नहीं गया। मेरे क्लास टीचर गोकुल सर ने मुझे पूरे साल गाइड किया।" अपनी पढ़ाई की स्ट्रेटजी के बारे में बताते हुए उन्होंने बताया, "मैं रोजाना 3-4 घंटे की पढ़ाई करता था। अगर बच्चे नियमित होकर साल भर पढ़ाई करें तो उन्हें परीक्षा में दबाव लेने की जरूरत नहीं होगी। आगे मुझे जेईई की तैयारी करनी है। मैं इंजीनियर बनना चाहता हूं।" जतिन की बड़ी बहन ने बताया कि उत्तराखंड बोर्ड एग्जाम में 12वीं में पीसीएम स्ट्रीम (फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ) में उनकी 25वीं रैंक आई है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों, स्कूल के अध्यापकों को दिया था। उन्होंने सिविल सर्विसेज में जाने की इच्छा जाहिर। जतिन के पिता ने बेटे की सफलता पर खुशी प्रकट की की। उन्होंने कहा, "हमारे बेटे ने यह मुकाम हासिल किया है, जो बहुत ही गर्व की बात है।" स्कूल के प्रधानाचार्य ने बच्चों की सफलता पर खुशी जताते हुए जतिन के प्रदेश टॉपर बनने को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने बताया, "वर्ष भर हमने प्लानिंग के साथ बच्चों को पढ़ाया। उन्हें मेरिट में कैसे लाया जाए, इसकी कोशिश की। अब हमें उसका परिणाम मिला है। पिछले वर्ष हमने इंटरमीडिएट में स्टेट टॉप किया था, और इस बार हाईस्कूल में।" recent visitors 50

विवाह को नया रूप देते हैं वेडिंग प्लानर

भारतीय संस्कृबति में यह कहावत है कि जोड़ियां ऊपर ही बनती हैं। हो सकता है यह बात सच भी हो, लेकिन इन दिनों जोड़ियों को सजाने और बिना किसी झंझट और बेहतर ढंग से शादी कराने का काम वेडिंग प्लानर बखूबी कर रहे हैं। शादी समारोह जैसे प्रमुख आयोजन में शादी का हॉल बुक करने से लेकर बारात आने तक की तैयारी करना कोई आसान काम नहीं, यही कारण है कि इसके बहुत ही प्रोफेशनल वेडिंग प्लानर की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में शादी के तमाम कामों और रस्मों को पूरा करने के लिए वेडिंग प्लानर बेहतर मदद करते हैं। यही कारण है कि इवेंट मैनेजमेंट के अंतर्गत आने वाले वेडिंग प्लानर का स्कोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसलिए जो स्टूडेंट्स चैलेंजिंग कोर्स करना चाहते हैं, उनके लिए वेडिंग प्लानर का करियर एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। आज अच्छे वेडिंग प्लानर की डिमांड चारों ओर है। विवाह समारोह अब स्टेटस सिंबल बन गए हैं लिहाजा इनमें भव्यता और चमक-दमक बढ़ गई है। ये ज्यादा बेहतर ढंग से आयोजित होने लगे हैं। ऐसी स्थिति में विवाह समारोह में वेडिंग प्लानर की जरूरत व भूमिका समय के हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। प्लानर बनाते हैं हर रस्म को यादगार वर्तमान में लोगों के पास समय की भारी कमी है, लेकिन शादी जैसे आयोजनों में महत्वाकाक्षाएं कहीं ज्यादा होती हैं। आज हर कोई बिना तनाव के बेहतरीन व्यवस्था करना चाहता है और इसके लिए व्यावसायिक लोगों की सेवाएं लेना पसंद करता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि वेडिंग प्लानर न सिर्फ विवाह समारोह के आयोजन की पूरी योजना बनाता है बल्कि शादी की हर रस्म अदायगी को भी यादगार बनाता है जिसमें सगाई समारोह, महिला संगीत, बारात, स्वागत, वरमाला, प्रीतिभोज, बिदाई आदि रीति-रिवाजों के साथ अनेक छोटे-बड़े कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं वेडिंग प्लानर को करना होती है। शादी-समारोह को हर तरह के बजट और मूड के मुताबिक मैनेज करने की पूरी जिम्मेदारी वेडिंग प्लानर पर ही होती है। सफल वेडिंग प्लानर बनने के गुर वेडिंग प्लानर राखी जैन कहती हैं कि अच्छे वेडिंग प्लानर को सभी समुदायों की वेडिंग प्लानिंग के बारे में जानकारी होना चाहिए। शादी में रस्मों में किस तरह की साम्रगी चाहिए, इसकी पूरी लिस्ट प्लानर के टिप्स पर होना चाहिए। कार्यक्रम की तैयारी की बीच-बीच में जानकारी अपनी टीम से लेना चाहिए। फोटोग्राफ, वीडियो शूटिंग, कोरियोग्राफी का सही प्रबंधन करना आना चाहिए। खास शाही शादियों में किए गए नए-नए प्रयोगों को देखना चाहिए। हर बार नया प्रेजेटेंशन ही वेडिंग प्लानर को इस क्षेत्र में सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण होता है। चैलेंजिंग और नया करियर है वेडिंग प्लानिंग भारत में इस इंडस्ट्री को शुरुआती अवस्था में ही माना जा सकता है, लेकिन इसका आकार इन दिनों तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में विदेश में रहने वाले एनआरआई और विदेशी लोगों को अब भारतीय संस्कृति और रीति-रिवाज, शादियां खूब लुभा रहे हैं। इसलिए इस तरह के समारोह की तैयारी करने के लिए वेडिंग प्लानर्स की जरूरत कुछ ज्यादा ही होने लगी है। कई बड़ी इवेंट कंपनियों में इस तरह के प्रोफेशनल की मांग भी बढ़ने लगी है। वेडिंग प्लानर की ट्रेनिंग भी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद इवेंट मैनेजमेंट के डिप्लोमा कोर्स में किया जा सकता है। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए बैचलर डिग्री आवश्यक है। देश के प्रमुख संस्थानों में इवेंट मैनेजमेंट संबंधित प्रमुख कोर्स जैसे डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इवेंट मैनेजमेंट व इवेंट मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट कोर्स होते हैं। इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोग प्लानिंग से लेकर अंत तक सभी चीजों को मैनेज करते हैं। इसलिए इस कोर्स के अंतर्गत इवेंट प्लानिंग, बजट, रिस्क कवरेज, पब्लिक रिलेशन, कम्युनिकेशन स्किल आदि के बारे में पढ़ाया जाता है। सेकंड सेमेस्टर में प्रैक्टिकल नॉलेज पर अधिक फोकस करते हैं। इसलिए इंस्टीट्यूट स्टूडेंट्स को इवेंट मैनेजमेंट में एक्सपीरियंस और एक्सपोजर देने के लिए कंपनियों में ट्रेनिंग लिए भेजते हैं। वेडिंग प्लानर बनने के कुछ टिप्स… -इंटरनेशनल व पारंपरिक फैशन ट्रेंड की जानकारी। -हर धर्म के रीति-रिवाजों से अवगत होना जरूरी। -किसी भी परिस्थिति में सही बातचीत का हुनर हो। -इनोवेटिव और हर समय कुछ नया करने की इच्छा हो। -समाज के हर वर्ग के साथ अच्छे संबंध हों। -हर काम को समय पर पूरा करने का प्रबंधन। -देश के साथ प्रदेश का भी पूरा नॉलेज हो। प्रमुख संस्थान… -इवेंट मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, मुंबई -इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, मुंबई -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, दिल्ली -यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे, पुणे -नेशनल स्कूल ऑफ इवेंट, इंदौर   recent visitors 48

गुजरात टाइटंस ने सात विकेट से जीता मैच, स्टार्क नहीं दोहरा सके पुरानी कहानी, बटलर शतक से चूके

अहमदाबाद गुजरात टाइटंस वर्सेस दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल 2025 का 35वां मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने गुजरात टाइटंस के सामने जीत के लिए 204 रनों का टारगेट रखा है। इस स्कोर का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की टीम को पहला झटका कप्तान शुभमन गिल (7) के रूप में लगा, जो दूसरे ओवर में करुण नायर के हाथों रन आउट हुए। गुजरात टाइटंस ने 5वें ओवर में 50 रन का आंकड़ा पार किया और पावरप्ले में 1 विकेट के नुकसान पर 67 रन बनाए। दिल्ली कैपिटल्स को दूसरी विकेट कुलदीप यादव ने साई सुदर्शन (36) को आउट करके दिलाई। दिल्ली की पारी की बात करें तो उनके टॉप स्कोरर कप्तान अक्षर पटेल रहे जिन्होंने 39 रनों की पारी खेली। हैरानी की बात यह है कि टीम किसी भी खिलाड़ी के अर्धशतक के बिना 200 के पार पहुंचने में कामयाब रही है। वहीं गुजरात टाइटंस के लिए सबसे सफल गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा रहे जिन्होंने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए। इसी के साथ प्रसिद्ध कृष्णा ने नूर अहमद से पर्पल कैप भी छीनी। जीटी ने सात विकेट से जीता मैच गुजरात ने सात विकेट से मैच अपने नाम कर लिया है। तेवतिया ने आखिरी ओवर की पहली गेंद पर छक्का और दूसरी पर चौका लगाकर जीटी को जीत दिलाई। तेवतिया 11 और बटलर 97 रन बनाकर नाबाद रहे। recent visitors 42

मोर दुवार साय सरकार महाअभियान के तहत जिले में विशेष सर्वेक्षण पखवाड़ा का आयोजन

जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया सर्वे में भाग लेने के लिए प्रेरित बिलासपुर, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले में आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के लिए विशेष सर्वेक्षण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सभी पात्र परिवारों को सर्वे में शामिल करने के लिए राज्य में मोर दुवार साय सरकार महाअभियान का आयोजन किया जा रहा है। जिले में इस अभियान के तहत 17 अप्रैल से 19 अप्रैल तक जन प्रतिनिधियों के माध्यम से सांकेतिक रूप से परिवारों का सर्वेक्षण करते हुए आवास प्लस 2.0 सर्वे में शामिल किया गया।        अभियान के तहत जिले के सभी विकासखंड के विधायक,जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यों के द्वारा अपने क्षेत्र के आम नागरिकों को सेल्फ सर्वे एवं एसिस्ट सर्वे के विषय में जानकारी दी गई व 30 अप्रैल के भीतर सर्वे में अपना नाम जुड़वाने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी विकासखंडों में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा आवास हितग्राहियों को सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायतों में नियुक्त किए गए पीएम आवास पंचायत एम्बेसडर सर्वे के प्रचार प्रसार के लिए पीएम आवास पंचायत एम्बेसडर ग्राम पंचायत में सर्वे के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। रंगोली एवं रैली प्रतियोगिता का किया जा रहा है आयोजन इस अवसर पर जिले के सभी विकासखंडों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में रैली,एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन कर सर्वे के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।इस अवसर पर चित्रकला,कुर्सी दौड़, रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा माननीय अतिथियों के द्वारा बच्चों को सम्मानित किया गया। recent visitors 27

कमल हासन ने मणिरत्नम के साथ फिर से काम करने पर खुशी जताई

चेन्नई,  दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार कमल हासन ने फिल्मकार मणिरत्नम के साथ फिर से काम करने पर खुशी जताई है। कमल हासन ने वर्ष 1987 में प्रदर्शित फिल्म मणिरत्नम की फिल्म नायकन में काम किया था। वहीं 37 साल बाद यह जोड़ी फिल्म 'ठग लाइफ' में काम कर रही है।कमल हासन ने 'ठग लाइफ' की कहानी मणिरत्नम के साथ मिलकर लिखी है। शुक्रवार को फिल्म ठग लाइफ का पहला गाना जिंगुचा रिलीज हो गया है।इस दौरान कमल हासन ने मणिरत्नम के साथ फिर काम करने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा मणि सर और मेरे बीच कुछ भी नहीं बदला है। जब हम मिले थे, तो हम जो भी बात करते थे कि एल्डम्स रोड पर मोटरसाइकिल पार्क करते थे। हम उन पर बैठते थे और उन चीजों के बारे में बात करते थे। हम बेहतर स्क्रिप्ट की तलाश में थे और हमें साथ काम करने में इतना समय लग गया। हमने जो बात की थी, उसका लगभग 25 प्रतिशत ही किया है। एक है नायकन और दूसरी है ठग लाइफ। हमें अभी बहुत आगे जाना है। क्योंकि हम किसी भी फिल्म में अपने सारे सपने साकार नहीं कर पाए। मुझे यकीन है कि भविष्य में हम जो फिल्में बनाएंगे, उनमें भी ऐसा ही होगा। हम बहुत बड़े सपने देखते हैं और फिर हम अपने बाजार और अपने बजट में फिट होने के लिए विवश हो जाते हैं। इसलिए कुछ खास विचारों के लिए हमें जनता के सामने झुकना पड़ता है। कमल हासन ने कहा कि उन्हें नायकन के बाद फिर कभी मणिरत्नम के साथ काम करने का मौका नहीं मिला जिसके लिए उन्हें अफसोस है। कमल हासन ने कहा, हम इतने समय तक साथ नहीं रहे। गलती हमारी है। हम अब साथ हैं, इसकी वजह आप हैं। सिनेमा व्यवसाय की दुनिया में, उनमें से ज्यादातर को केवल इस बात की चिंता होती है कि क्या फिल्म का शीर्षक किताबों में लाभ कमाएगा। और गणना एक संभावना है। इससे लाभ हो सकता है। इससे नुकसान भी हो सकता है। लेकिन अंतिम निर्णय दर्शकों द्वारा दिया जाता है, जिसके लिए निर्माता, प्रदर्शक, वितरक और बाकी सभी खड़े होते हैं। कमल हासन ने कहा, जब मैं मणिरत्नम के साथ काम करता हूं, तो मुझे अपने गुरु और मशहूर डायरेक्टर के. बालाचंदर की याद आती है। मणि को अच्छी तरह पता है कि ये कितनी बड़ी तारीफ है। हमारे बीच एक-दूसरे के लिए गहरा सम्मान है। गौरतलब है कि फिल्म ठग लाइफ को राज कमल फिल्म्स इंटरनेशनल, मद्रास टॉकीज और रेड जायंट मूवीज ने मिलकर प्रोड्यूस किया है।फिल्म का संगीत लेजेंडरी म्यूजीशियन एआर रहमान ने दिया है। फिल्म ठग लाइफ, तीन दिग्गज मणि रत्नम, कमल हासन और ए.आर. रहमान के साथ पहली बार एक साथ आने के कारण इतिहास बनाने के लिए तैयार है। फिल्म ठग लाइफ में मलयालम, हिंदी और तेलुगु सिनेमा के कलाकार नज़र आएंगे, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी मल्टी-स्टारर फिल्मों में से एक बनाता है।कमल हासन, मणि रत्नम, आर. महेंद्रन और शिव अनंत निर्मित फिल्म ठग लाइफ में कमल हासन, सिलंबरासन टीआर, त्रिशा, नासिर, अभिरामी, जोजू जॉर्ज, अशोक सेलवन, ऐश्वर्या लक्ष्मी, महेश मांजरेकर अली फजल, वैयापुरी और अन्य प्रमुख भूमिकाएँ हैं। यह फिल्म 05 जून को दुनियाभर में रिलीज़ होने के लिए तैयार है।   recent visitors 36

रेल विकास की नई रफ्तार: निमाड़ के सपनों को पंख मिलेंगे : राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी

बड़वानी निमाड़ अंचल के विकास की दिशा में एक और सार्थक कदम उठाते हुए, राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने आज मुंबई में आयोजित रेलवे संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सक्रिय भागीदारी की। इस बैठक में दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं — इंदौर से मनमाड़ नवीन रेल लाइन एवं खंडवा से अलीराजपुर प्रस्तावित रेल मार्ग — की समीक्षा की गई। डॉ. सोलंकी ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि यह परियोजनाएं केवल पटरियाँ नहीं, बल्कि निमाड़ के सामाजिक-आर्थिक विकास की रीढ़ साबित होंगी। उन्होंने विशेष रूप से इन रेलमार्गों से संबंधित सर्वे कार्य की प्रगति पर जानकारी ली और समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने बताया कि इंदौर-मनमाड़ रेललाइन परियोजना को हाल ही में स्वीकृति मिली है और खंडवा-अलीराजपुर मार्ग का सर्वे कार्य अंतिम चरणों में है। ये दोनों मार्ग न सिर्फ परिवहन को आसान बनाएंगे, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों को देश की मुख्यधारा से जोड़ेंगे। डॉ. सोलंकी ने रेल मंत्रालय को धन्यवाद देते हुए कहा, "निमाड़ के विकास की जो किरण सालों से इंतजार कर रही थी, अब वह क्षितिज पर दिखने लगी है। मैं यह विश्वास दिलाता हूँ कि क्षेत्र की जनता के हर सपने को पूरा करने के लिए मैं पूरी ताक़त से जुटा हूँ।" उन्होंने समिति में यह भी आग्रह किया कि इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, व्यापारियों को व्यापार और आमजन को सस्ता, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके। recent visitors 26