पंचायत चुनाव में मिली हार के बाद रंजिश के चलते भाजपा नेता ने भोयर की हत्या कर दी, मृतक के परिवार ने लगाया आरोप

छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में स्थानीय भाजपा नेता की कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिसकी वजह से उस पर सवार स्थानीय कांग्रेस नेता की मौत हो गई, जबकि उनकी एक रिश्तेदार घायल हो गई। पुलिस ने बताया कि यह दुर्घटना शुक्रवार शाम डोगरी गुडा गांव के पास हुई, जिसमें कांग्रेस नेता हेमंत भोयर की मौत हो गई, जबकि उनकी भाभी घायल हो गईं। भाजपा के जिस नेता की कार से यह हादसा हुआ, उसने सरपंच पद का चुनाव लड़ा था, लेकिन वह कांग्रेस नेता की भाभी से हार गया था। मृतक के परिवार का आरोप है कि पंचायत चुनाव में मिली हार के बाद रंजिश के चलते भाजपा नेता ने भोयर की हत्या कर दी। हादसे के बाद पुलिस ने आरोपी भाजपा नेता पुरेंद्र कौशिक को हिरासत में ले लिया है। हादसे की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि हेमंत भोयर और उनकी भाभी चंपी देवी बाइक से स्थानीय बाजार जा रहे थे, तभी भाजपा कार्यकर्ता पुरेंद्र कौशिक ने अपनी कार से उनके वाहन में टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 साल के भोयर युवा कांग्रेस के नेता थे और वह मुलमुला गांव पंचायत के पंच थे। वहीं उसके साथ बाइक पर बैठीं उनकी भाभी चंपी देवी सरपंच थीं। भाजपा के जिस नेता ने अपनी कार से बाइक को टक्कर मारी उस पुरेंद्र कौशिक ने मुलमुला गांव के सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा था, लेकिन वह चंपी से चुनाव हार गया था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान भोयर की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी भाजपा नेता को हिरासत में ले लिया, लेकिन कोई मामला दर्ज नहीं किया। पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच चल रही है। इस हादसे को लेकर शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मृतक हेमंत भोयर का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम किया। वे आरोपी भाजपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। मृतक के भाई ने आरोप लगाते हुए कहा, 'पुरेंद्र कौशिक उससे बदला लेना चाहता था और पंचायत चुनाव में हार के बाद उसने भोयर को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। जिसके बाद शुक्रवार को मौका मिलते ही कौशिक ने उसकी हत्या कर दी।' घटना के विरोध में भोयर के परिवार और कांग्रेस कार्यकर्तायों ने शुक्रवार रात पुलिस थाने में इकट्ठा होकर कौशिक की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल और राष्ट्रीय राजमार्ग के सामने धरना भी दिया और आरोप लगाया कि भोयर की हत्या पूर्व नियोजित थी। पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने आरोप लगाया कि कौशिक ने भोयर की हत्या की और गांव के सरपंच को घायल कर दिया। स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के तीव्र विरोध के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। recent visitors 21

एलन मस्क ने कहा- पीएम मोदी से बात करना सम्मान की बात थी, मैं इस साल के अंत में भारत आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं

नई दिल्ली टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने शनिवार को कहा कि वह इस साल के अंत में भारत आने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद मस्क ने यह जानकारी दी है। मस्क इस साल भारत में टेस्ला को लॉन्च करने की भी तैयारी कर रहे हैं। पिछले दिनों टेस्ला ने शोरूम के लिए मुंबई और दिल्ली में जगह भी किराए पर ले ली है। एलन मस्क ने फोन पर पीएम मोदी के साथ बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "पीएम मोदी से बात करना सम्मान की बात थी। मैं इस साल के अंत में भारत आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स पर अपनी बातचीत का विवरण साझा किया। पीएम मोदी ने लिखा था, "एलन मस्क से बात की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिसमें इस साल की शुरुआत में वॉशिंगटन डीसी में हमारी बैठक के दौरान शामिल किए गए विषय भी शामिल हैं। हमने प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं पर चर्चा की। भारत इन क्षेत्रों में अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।'' पीएम मोदी ने इस साल की शुरुआत में अमेरिका का दौरा किया था, जहां उनकी मुलाकात एलन मस्क के साथ भी हुई थी। उस बैठक के दौरान, मोदी और मस्क ने अंतरिक्ष अन्वेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार और सतत विकास सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारतीय और अमेरिकी संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। फरवरी की बैठक के बाद एक बयान में, विदेश मंत्रालय ने कहा था, "प्रधानमंत्री और मस्क ने नवाचार, अंतरिक्ष अन्वेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सतत विकास में भारतीय और अमेरिकी संस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। उनकी चर्चा में उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता और सुशासन में सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।" डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में मस्क ने अमेरिकी सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) का भी नेतृत्व किया। फरवरी में पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान मस्क के साथ उनके तीन बच्चे भी थे। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी उपस्थिति पर ध्यान देते हुए पोस्ट किया था, "एलन मस्क के परिवार से मिलना और कई विषयों पर बात करना भी बहुत खुशी की बात थी।" उन्होंने यह भी कहा था, "वॉशिंगटन डीसी में एलन मस्क के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। हमने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें वे मुद्दे भी शामिल हैं, जिनके बारे में वह भावुक हैं, जैसे कि अंतरिक्ष, गतिशीलता, प्रौद्योगिकी और नवाचार। मैंने सुधार और न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन को आगे बढ़ाने की दिशा में भारत के प्रयासों के बारे में बात की।" recent visitors 35

यूनुस से नहीं संभल रहा बांग्लादेश, अमेरिका ने बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र के लिए स्तर 4 की एडवाइजरी जारी की है

ढाका बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही हालात काफी खराब हो गए हैं। यूनुस सरकार से स्थिति संभल नहीं रही। आए दिन अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जाता है। अब अमेरिका ने भी अपने लोगों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है। अमेरिका ने बांग्लादेश के लिए लेवल-3- यात्रा पर पुनर्विचार करें और खासतौर पर चटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र के लिए 'लेवल 4- यात्रा न करें' की चेतावनी जारी की है। अमेरिका ने बांग्लादेश के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र के लिए स्तर 4 की एडवाइजरी जारी की है, जिसमें हिंसा, अपराध और अपहरण के उच्च जोखिम का हवाला दिया गया है। 18 अप्रैल को अपडेट की गई सलाह में खगराचारी, रंगमती और बंदरबन जिलों (सामूहिक रूप से चटगांव हिल ट्रैक्ट्स के रूप में जाना जाता है) को शामिल किया गया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि इस क्षेत्र में सांप्रदायिक अशांति, आतंकवाद और राजनीतिक हिंसा की घटनाएं देखी गई हैं, जिसमें IED विस्फोट और सक्रिय गोलीबारी शामिल हैं। धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने वाले और व्यक्तिगत विवादों से जुड़े अपहरणों की भी रिपोर्ट किया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को इस क्षेत्र में जाने से रोक दिया गया है और यात्रा के लिए बांग्लादेश के गृह मंत्रालय से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। सलाह में कहा गया है, "किसी भी कारण से इन क्षेत्रों की यात्रा न करें।" समय-समय पर समीक्षा के बाद अपडेट की गई सलाह में अमेरिकी नागरिकों से नागरिक अशांति, अपराध और आतंकवाद के कारण बांग्लादेश की यात्रा पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है। जबकि 2024 के मध्य में अंतरिम सरकार के गठन के बाद राजनीतिक अशांति से जुड़ी हिंसा कुछ कम हो गई है, लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शन अभी भी बिना किसी चेतावनी के हिंसक हो सकते हैं। एडवाइजरी में कहा गया है, "इन यात्रा प्रतिबंधों, बुनियादी ढांचे की कमी और सीमित मेजबान सरकार के आपातकालीन प्रतिक्रिया संसाधनों के कारण, बांग्लादेश में अमेरिकी नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने की अमेरिकी सरकार की क्षमता सीमित हो सकती है, विशेष रूप से ढाका के बाहर।" यात्रियों को सतर्क रहने, सभी प्रकार की भीड़-भाड़ से बचने और बांग्लादेश की यात्रा की योजना बनाने से पहले पूरी एडवाइजरी पढ़ने की सलाह दी गई है। recent visitors 50

महाराष्ट्र के हित में वह छोटे-मोटे मतभेदों को भुलाने के लिए तैयार हैं और वे उद्धव ठाकरे के साथ काम कर सकते हैं

मुंबई क्या महाराष्ट्र की राजनीति की दशकों तक धुरी रहे ठाकरे परिवार में एकता होने वाली है? राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मराठी भाषा और महाराष्ट्र की अस्मिता के नाम पर जैसा रुख दिखाया है, उससे ऐसी ही चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यही नहीं शनिवार को दोनों ने ही अलग-अलग जगहों पर कहा कि महाराष्ट्र और मराठी लोगों के हित में वे अपने मतभेद भुलाकर साथ भी आ सकते हैं। शनिवार का महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के लीडर राज ठाकरे का एक पॉडकास्ट रिलीज हुआ। इसमें उनसे महेश मांजरेकर ने बात की है, जो मूल रूप से मराठी फिल्ममेकर हैं। मांजरेकर के एक सवाल के जवाब में कहा कि महाराष्ट्र के हित में वह छोटे-मोटे मतभेदों को भुलाने के लिए तैयार हैं और वे उद्धव ठाकरे के साथ काम कर सकते हैं। इसी पर उद्धव ठाकरे ने शिवसेना की ट्रेड यूनियन भारतीय कामगार सेना के एक आयोजन में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह मराठी और महाराष्ट्र के हित में सारे मतभेद भुलाने के लिए तैयार हैं। लेकिन उद्धव ने एक शर्त भी रख दी कि राज ठाकरे को वादा करना होगा कि वह ऐसे दलों के साथ नहीं जाएंगे, जो महाराष्ट्र विरोधी हैं या फिर ऐसे दलों के साथ काम करते हैं। दरअसल महेश मांजरेकर ने सवाल पूछा था कि क्या दोनों ठाकरे बंधु साथ आ सकते हैं। इस पर राज ठाकरे ने कहा, ‘मेरे लिए महाराष्ट्र का हित सबसे अहम है। उसके बाद ही किसी और चीज का स्थान आता है। उसके लिए मैं किसी भी मतभेद को भुलाने और उद्धव ठाकरे के साथ काम करने के लिए तैयार हूं। बस सवाल इतना ही है कि क्या वह भी इसके लिए राजी होंगे।’ वहीं उद्धव ठाकरे ने तो इसका तुरंत ही जवाब दे दिया। एक कार्य़क्रम में उन्होंने कहा कि मैं साथ आने के लिए तैयार हूं। मराठी और महाराष्ट्र के हित में हम ऐसा करेंगे। लेकिन राज ठाकरे को यह कहना होगा कि वह महाराष्ट्र विरोधी लोगों के साथ नहीं जाएंगे। वह उनके साथ भी नहीं जाएंगे, जो इन लोगों का समर्थन करते हैं। एक बड़ी शर्त रखते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि ऐसी शपथ राज ठाकरे को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने लेनी होगी। बता दें कि बीते कुछ समय में कई शादी समारोह एवं आयोजनों में उद्धव और राज ठाकरे आमने-सामने आए हैं। दोनों के बीच इन मौकों पर बातचीत भी हुई है। तभी से दोनों को लेकर कयास लगते रहते हैं कि क्या वे साथ आ सकते हैं। recent visitors 51

अमेरिका ने चीन पर 245 फीसदी का टैरिफ लगाया है, जबकि भारत समेत कई देशों को अगले 90 दिनों की मोहलत दी

बीजिंग अमेरिका ने चीन पर 245 फीसदी का टैरिफ लगाया है, जबकि भारत समेत कई देशों को अगले 90 दिनों की मोहलत दी है। इस पर चीन का कहना है कि भले ही अमेरिका ने हमारे ऊपर ही फिलहाल टैरिफ लगाया है, लेकिन इसका भी नुकसान तमाम देशों को होगा। चीन ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका चाहता है कि 70 अन्य देश भी चीन से कारोबार कम करें। उसका कहना है कि ऐसा न हो कि वे चीन से सामान की खरीद करें और फिर अमेरिका को ही निर्यात कर दें। ऐसे में उन्हें चीन से अपने कारोबार को ही कम करना होगा। अमेरिका का कहना है कि चीनी कंपनियों को टैरिफ से बचने के लिए रीलोकेट भी न होने दिया जाए। इसके अलावा सस्ते चीनी माल को भी इन देशों में एंट्री न देने की बात कही है। इसी को आधार बनाते हुए ड्रैगन का कहना है कि यदि चीन के साथ दुनिया के तमाम देशों ने कारोबार बंद किया तो वैश्विक मंदी के हालात पैदा होंगे। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि अमेरिका ने हमारे ऊपर ऊंचा टैरिफ लगाया है, जबकि दूसरे देशों को रियायत दी है। उसकी कोशिश यह है कि ऐसा करने से दुनिया भर से उसका टकराव नहीं होगा और वह अकेले चीन को ही टारगेट करेगा। चीनी अखबार लिखता है, 'कुछ देश अमेरिका दबाव में टूट सकते हैं, लेकिन कई देशों की तरफ से कारोबार जारी रह सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि चीन का सामान हाइटेक है और उसके उत्पाद सस्ते भी हैं। यदि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को चीन से अलग किया गया तो इससे वैश्विक मंदी के हालात पैदा हो सकते हैं। यही नहीं इससे कई देशों पर बुरा असर होगा।' चीनी अखबार ने लिखा, 'भले ही अमेरिका ने अभी अस्थायी तौर पर कई देशों के खिलाफ टैरिफ को रोक दिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह कदम नहीं उठाएगा। दूसरे देशों पर भी टैरिफ लगाना बस कुछ दिनों की ही बात है। आंकड़े यही कहते हैं कि अमेरिका किसी को नहीं छोड़ेगा।' चीनी अखबार ने कहा कि अमेरिका को लगा होगा कि उसके ऐक्शन से चीन झुक जाएगा। उसे ऐसी अपेक्षा नहीं थी कि हमारी तरफ से भी करारा जवाब मिलेगा। ग्लोबाल टाइम्स ने लिखा कि इससे स्पष्ट है कि चीन की स्थिति कमजोर नहीं है। हम भी जवाबी ऐक्शन ले सकते हैं। यदि वैश्विक स्तर पर अमेरिका का मजबूती से विरोध किया जाए तो उसका टैरिफ का एजेंडा फेल हो जाएगा। इसके अलावा उसे कदम भी वापस खींचने पड़ेंगे। ग्लोबाल टाइम्स ने अपनी टिप्पणी में वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक खबर का भी जिक्र किया है, जिसका शीर्षक है- चीन और अमेरिका में आर्थिक जंग- सभी पर होगा असर। चीन ने कहा कि साफ है कि इस जंग का असर अकेले हमारे ऊपर ही नहीं होगा। चीन ने कहा कि टैरिफ नीति का बड़ा असर दिख रहा है। इससे पूरी दुनिया के ही बाजार गिर रहे हैं और भविष्य में इसके गंभीर नतीजे निकलेंगे। खासतौर पर वर्ल्ड सप्लाई चेन ही यदि टूट जाएगी तो फिर उसका असर हर तरफ खराब दिखेगा। recent visitors 42

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से कहा- वह अल्पसंख्यकों की हिफाजत की जिम्मेदारी से ना भागे और बहानेबाजी बंद करे

ढका बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले में हिंदू समुदाय के एक मशहूर नेता भाबेश चंद्र रॉय की बेरहमी से की गई हत्या पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत सरकार ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से कहा है कि वह अल्पसंख्यकों की हिफाजत की जिम्मेदारी से ना भागे और बहानेबाजी बंद करे। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “हम बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक नेता श्री भाबेश चंद्र रॉय के अपहरण और क्रूर हत्या से दुखी हैं। ये घटना बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही सिलसिलेवार जुल्मों की कड़ी का हिस्सा लगती है, जबकि पुराने मामलों के गुनहगार अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।” सुरक्षा की जिम्मेदारी लीजिए: भारत सरकार अपने ट्वीट में जायसवाल लिखते हैं, “हम इस नृशंस हत्या की निंदा करते हैं और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को दोबारा याद दिलाते हैं कि बिना किसी बहाने या भेदभाव के हिंदुओं सहित सभी अल्पसंख्यकों की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी को पूरा करे।” अगवा कर की गई हत्या द डेली स्टार अखबार ने पुलिस और परिवार के सदस्यों के हवाले से बताया कि ढाका से लगभग 330 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में दिनाजपुर के बसुदेबपुर गांव के निवासी भाबेश चंद्र रॉय (58) का शव गुरुवार रात बरामद किया गया। रॉय की पत्नी शांतना ने अखबार को बताया कि उन्हें (रॉय) शाम करीब 4:30 बजे एक फोन आया और उन्होंने (शांतना) दावा किया कि अपराधियों ने घर पर उनकी मौजूदगी की पुष्टि करने के लिए यह फोन किया था। खबर में लिखा गया है, ‘‘लगभग 30 मिनट बाद, दो मोटरसाइकिल पर चार लोग आए और कथित तौर पर भाबेश को परिसर से अगवा कर ले गए।’’ इसमें बताया गया कि रॉय को नाराबारी गांव ले जाया गया, जहां उनके साथ क्रूरता से मारपीट की गई। रॉय बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद की बिराल इकाई के उपाध्यक्ष और क्षेत्र में हिंदू समुदाय के एक प्रमुख नेता थे। अखबार ने बिराल पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अब्दुस सबूर के हवाले से कहा कि मामला दर्ज करने की तैयारी चल रही है। recent visitors 45

जर्नलिस्ट फातिमा ने कहा था कि वह साधारण मौत नहीं मरना चाहती, घर पर इजरायल ने गिरा दिया बम, परिवार सहित मौत

गाजा गाजा की 25 साल की पत्रकार को पता चल गया था कि इस तरह की तबाही में कभी भी उसकी जान जा सकती है। इसीलिए फोटो जर्नलिस्ट फातिमा हासोना ने कहा था कि वह साधारण मौत नहीं मरना चाहती हैं। उन्होंने कहा था कि थोड़े दिन की बची जिंदगी में ऐसा काम कर जाना है कि लोग उनकी मौत को भी याद करें। फातिमा ने गाजा में एक साल तक युद्ध की विभीषिका को अपने कैमरे में कैद किया। यहां तक कि उन्होंने उस मंजर को भी अपने कैमरे में कैद कर लिया जब उनके ही घर पर हमला हुआ और उनके 10 रिश्तेदार मौत की नींद सो गए। हर पल खतरे के बाद भी फातिमा इस तबाही को दुनिया के सामने रखना चाहती थीं। उन्होंने अपने कैमरे के लेंस से हजारों लोगों को मरते और बेघर होते देखा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, मैं शानदार मौत चाहती हूं। मैं यह नहीं चाहती कि उनकी मौत पर केवल ब्रेकिंग न्यूज बने या फिर कई लोगों की मौत के साथ उनका नंबर भी गिन लिया जाए। मैं चाहती हूं कि मेरी मौत के बाद भी दुनिया मुझे याद रखे। मेरी तस्वीरों को दुनिया कभी किसी कब्र में दफना ना पाए। फातिमा की जल्द ही शादी होने वाली थी। इससे पहले उत्तरी गाजा में उनके घर पर बम गिरा और सब तबाह हो गया। फातिमा के साथ उनके परिवार के सारे सदस्य मारे गए। इसमें फातिमा की प्रेग्नेंट बहन भी शामिल थी। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजरायली बमबारी में अब तक 51 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। मरने वालों में आधी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। शुक्रवार को भी इजरायली हमले में कम से कम 25 फिलिस्तीनी मारे गए हैं। फातिमा की मौत से 24 घंटे पहले ही फ्रांस के फिल्म फेस्टिवल में उनके जीवन पर आधारित डॉक्युमेंट्री प्रदर्शित करने का ऐलान किया गया था। गाजा में शुक्रवार को इजराइली हवाई हमलों में बच्चों सहित कम से कम 25 लोग मारे गए। चिकित्सा कर्मियों ने यह जानकारी दी। उधर इजराइल में अमेरिका के नए राजदूत माइक हकाबी ने यरूशलम में पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लिया। नासिर अस्पताल के कर्मियों ने बताया कि दक्षिणी शहर खान यूनिस में तीन हमलों में 15 लोग मारे गए, जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है। इंडोनेशिन अस्पताल के चिकित्सा कर्मियों ने बताया कि मृतकों में शामिल 10 लोग जबालिया शरणार्थी शिविर से हैं। इजराइली हमले तेज होने के बाद गाजा में एक दिन पहले कई लोग मारे गए थे। इजराइल में नियुक्त अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी शुक्रवार को ‘वेस्टर्न वाल’ पहुंचे जो यरूशलम के पुराने शहर में यहुदियों का एक प्रमुख प्रार्थना स्थल है। recent visitors 47