Saturday, July 4, 2026 4:21 pm

सिविल कोर्ट में होने वाली अजमेर दरगाह की सुनवाई 31 मई तक टली

अजमेर अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को लेकर हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता द्वारा किए गए दावे पर शनिवार को सिविल कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन यह सुनवाई टल गई। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 31 मई निर्धारित की है। विष्णु गुप्ता ने अपनी याचिका में दरगाह के गर्भगृह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा किया है, जिसे लेकर मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। कोर्ट में प्रस्तुत की गई जानकारी के अनुसार शनिवार को दो प्रमुख कारणों से सुनवाई नहीं हो सकी। पहले तो अजमेर जिला न्यायालय की नई बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह के चलते कोर्ट की नियमित कार्रवाई प्रभावित रही। दूसरा सुप्रीम कोर्ट से जुड़े वकील की अनुपस्थिति और नए प्रार्थना-पत्रों के प्रस्तुत होने के कारण जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता महसूस की गई। इससे पहले याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता ने अदालत से यह मांग की थी कि जब तक इस मामले का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक किसी भी सरकारी विभाग की ओर से दरगाह में चादर पेश न की जाए। इस बाबद उन्होंने एक स्थगन प्रार्थना-पत्र दाखिल किया था, जिस पर शनिवार को अल्पसंख्यक मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने अपना जवाब अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके साथ ही प्रतिवादी संख्या 2 और 3 की ओर से एक प्रार्थना-पत्र दाखिल कर यह मांग की गई कि वादी की याचिका खारिज की जाए क्योंकि इसमें भारत संघ की ओर से कोई स्पष्ट प्रार्थना नहीं की गई है। इस पर विष्णु गुप्ता को जवाब देने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि यह मामला 27 नवंबर 2024 को उस वक्त चर्चा में आया, जब अजमेर सिविल कोर्ट ने विष्णु गुप्ता द्वारा दाखिल याचिका को स्वीकार करते हुए अल्पसंख्यक मंत्रालय, दरगाह कमेटी और ASI को नोटिस जारी किया था। इसके बाद दरगाह कमेटी ने याचिका को खारिज करने की मांग करते हुए कोर्ट में जवाबी एप्लीकेशन दायर की थी। वहीं दरगाह से जुड़ी अंजुमन कमेटी ने भी राजस्थान हाईकोर्ट में इस याचिका को चुनौती दी है। मामले की गंभीरता और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए अन्य पक्षकारों ने भी इस विवाद में हिस्सा लेने की मांग की है। इनमें अंजुमन कमेटी, दरगाह दीवान गुलाम दस्तगीर, ए इमरान (बेंगलुरु) और राज जैन (होशियारपुर, पंजाब) शामिल हैं। इन्होंने स्वयं को पक्षकार बनाने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है। अब सबकी निगाहें 31 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय हो सकता है कि अदालत इस ऐतिहासिक और संवेदनशील स्थल को लेकर आगे क्या दिशा-निर्देश देती है। recent visitors 33

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ होगी बारिश

 रायपुर छत्तीसगढ़ में चिलचिलाती गर्मी के बीच लोगों को राहत मिलने जा रही है. मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में तेज हवा चलने, बदल गरजने और बारिश होने की संभावना जताई है. अगले तीन घंटों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.    मौसम विभाग ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली और कोरिया जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवाएं और आंधी (40-60 किमी प्रति घंटे) की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं लगभग 18 जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और अचानक तेज हवा (30-40 KMPH) की संभावना है. recent visitors 23

‘पीएमश्री’ एयर एंबुलेंस की सुविधा अब रात में भी मिल सकेगी, दो इंजन वाले हेलीकाॅप्टर का होगा उपयोग

भोपाल राज्य सरकार की पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा में एक बड़ी सुविधा जुड़ने जा रही है। इसमें रोगियों को उपचार के लिए रात में भी बड़े अस्पताल में पहुंचाया जा सकेगा। इसके लिए दो इंजन वाले हेलीकाप्टर का उपयोग किया जाएगा, जो रात में भी उड़ सकेंगे। इस सुविधा के लिए सेवा देने वाली कंपनी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच सहमति बन चुकी है। टेंडर प्रक्रिया भी प्रांरभ हो गई है।   लगभग दो माह माह में सेवा प्रारंभ होने के आसार हैं। लगभग एक वर्ष में 60 लोगों को यह सुविधा मिली है, जिनमें 80 प्रतिशत आयुष्मान कार्डधारी हैं, जिन्हें निश्शुल्क सेवा मिली। आयुष्मान हितग्राहियों के अतिरिक्त अन्य लोग भी निर्धारित शुल्क देकर रात में इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। अभी गैर आयुष्मान हितग्राहियों को यह सुविधा लगभग दो लाख रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मिल रही है। रात में हेलीकाप्टर सेवा के दरें अभी निर्धारित नहीं हुई हैं, पर पुरानी दरों की तुलना में इसमें थोड़ा-बहुत अंतर ही हो सकता है। आयुष्मान हितग्राहियों के लिए इसकी सुविधा निर्धारित 80 प्रकार ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मिल रही है। इसमें रोगी के लिए 50 लाख का दुर्घटना बीमा का प्रविधान भी है। ऐसी मिलती है सुविधा संभाग के अंदर रोगी के निशुल्क परिवहन के लिए जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर संभाग के अंदर स्वीकृति प्रदान करते हैं। संभाग के बाहर जाने की स्वीकृति स्वास्थ्य आयुक्त देते हैं। मेडिकल कालेज में भर्ती गंभीर रोगी को संभाग के बाहर एंबुलेंस की स्वीकृति डीन की अनुशंसा पर संभाग आयुक्त और राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा देते हैं। पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रत्येक जीवन अमूल्य है और हर जीवन की रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। कहां मिलेगी सुविधा मध्य प्रदेश के छोटे शहरों में गंभीर बीमारी से पीड़ितों को आपातकालीन परिस्थिति में बड़े शहरों के अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध होगी। मप्र में इस सेवा का नाम बदलकर पीएम एयर एंबुलेंस सेवा किया गया है। देश के अन्य राज्यों में स्थित अस्पतालों के लिए भी एयर एम्बुलेंस चलाई जाएगी। किसको मिलेगी एयर एम्बुलेंस की सुविधा अभी तक एयर एम्बुलेंस का उपयोग आर्थिक रुप से संपन्न लोग ही कर पाते हैं। सरकार प्रोजेक्ट में सफल हुई तो सरकारी कर्मचारियों को एवं आम लोगों के लिए भी एयर एम्बुलेंस का उपयोग किया जाएगा। कब मिलेगी एयर एम्बुलेंस की सुविधा सड़कों और औद्योगिक स्थलों पर होने वाले हादसों, हृदय रोगी अथवा जहर से प्रभावित एवं अन्य गंभीर बीमारी जिसमें तत्काल इलाज की आवश्यकता हो ऐसे मरीजों अच्छे चिकित्सा संस्थानों में समय पर इलाज के लिए ये सुविधा मिलेगी। अस्पताल द्वारा मरीज की स्थिति की गंभीरता की जांच के उपरांत एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिलेगी।   recent visitors 22

हाईकोर्ट ने तलाक के मामले में सुनाया अहम फैसला, पत्नी की दूसरी शादी होने तक देना होगा गुजारा भत्ता

बिलासपुर हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि चाहे पति-पत्नी ने आपसी सहमति से तलाक लिया हो, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि पत्नी को भरण-पोषण नहीं मिलेगा। जब तक तलाकशुदा महिला की दूसरी शादी नहीं हो जाती, तब तक वो अपने पूर्व पति से गुजारा भत्ता लेने की हकदार है। यह पति की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह अपनी पूर्व पत्नी को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करे। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए पति की याचिका को खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकल पीठ में हुई। मामला मुंगेली जिले का है, जहां के रहने वाले युवक-युवती की शादी 12 जून 2020 को हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद दोनों के रिश्ते में खटास आ गई। महिला ने आरोप लगाया कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और घर से निकाल दिया गया। पत्नी ने 27 जून 2023 को मुंगेली फैमिली कोर्ट में केस दायर किया और 15,000 रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण की मांग की। उसका कहना था कि उसका पति ट्रक ड्राइवर है और खेती से सालाना 2 लाख रुपये की कमाई भी करता है। 2023 को दोनों के बीच आपसी सहमति से हाे चुका है तलाक इधर पति की दलील थी कि 20 फरवरी 2023 को दोनों के बीच आपसी सहमति से तलाक हो चुका है। उसने कोर्ट में कहा कि पत्नी खुद बिना कारण घर छोड़कर चली गई थी, इसलिए अब वो किसी भत्ते की हकदार नहीं है। फैमिली कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अक्टूबर 2023 में महिला के पक्ष में फैसला सुनाया और हर महीने 3,000 रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया। पति ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए पति की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति से तलाक के बावजूद पत्नी की जरूरतें खत्म नहीं हो जाती। जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि, तलाकशुदा पत्नी, जब तक वह पुनर्विवाहित नहीं हो जाती, वह भरण-पोषण की हकदार होती है। recent visitors 19

राजस्थान के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना

जयपुर राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभागों के साथ ही शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना है। यह जानकारी शनिवार को मौसम विभाग के एक अधिकारी ने दी। दिन के समय मौसम शुष्क रहने की संभावना है। गुजरे 24 घंटों में श्रीगंगानगर और चूरू प्रदेश के सबसे गर्म स्थान रहे। श्रीगंगानगर और चूरू में अधिकतम तापमान क्रमशः 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 7.6 और 5.7 डिग्री अधिक था। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि जोधपुर और बीकानेर संभागों के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं और धूल भरी आंधी आने की संभावना है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू और गर्म रातें दर्ज की गईं। बीकानेर संभाग में धूल भरी आंधी चली, वहीं कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान प्रतापगढ़ में 31.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।   recent visitors 37

सेविंग अकाउंट पर इन बैंकों ने घटाई ब्याज दरें

नई दिल्ली भारत के प्रमुख निजी बैंकों, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और फेडरल बैंक, ने हाल ही में बचत खातों पर ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (0.25%) की कटौती की है. अब इन बैंकों में 50 लाख रुपए से कम बैलेंस पर ब्याज दर घटकर 2.75% हो गई है. वहीं, देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अक्टूबर 2022 से 10 करोड़ रुपए तक के बैलेंस पर मात्र 2.7% ब्याज दे रहा है. इन बैंकों ने न सिर्फ बचत खातों पर, बल्कि फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर भी ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की है. यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब बैंकिंग सिस्टम में CASA (चालू और बचत खाता) अनुपात पिछले एक साल में 39% से घटकर 22% तक आ गया है. आनंद राठी सिक्योरिटीज के विश्लेषक कैतव शाह के अनुसार, “यह कटौती हमारे कवरेज में शामिल बैंकों के लिए शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में 5 से 8 आधार अंकों का सुधार ला सकती है.” बैंकों का CASA अनुपात लगातार घट रहा है. HDFC बैंक का CASA अनुपात पिछले वर्ष के 38% से घटकर दिसंबर 2024 में 34% रह गया. बैंक के बचत खाते में कुल राशि 6.05 लाख करोड़ रुपए और कुल जमा 24.52 लाख करोड़ रुपए रही. इसी तरह, SBI का CASA अनुपात 41.18% से घटकर 39.2% हो गया, जिसमें बचत खाता शेष 33.51 लाख करोड़ रुपए और कुल जमा 60.80 लाख करोड़ रुपए है. क्या ग्राहक बचत खातों से पैसा निकालेंगे? हालांकि बचत ब्याज दरों में गिरावट से ग्राहक एफडी की ओर रुख कर सकते हैं, लेकिन मैक्वेरी कैपिटल के शोध प्रमुख सुरेश गणपति का मानना है कि, “बचत खाते लेन-देन के लिए होते हैं और 25 आधार अंकों की कटौती से कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा.” अप्रैल के पहले सप्ताह में जमा में 2.4%, जबकि ऋण में 0.9% की वृद्धि देखी गई. बैंकों को होगा फायदा, ग्राहकों को करना होगा समझौता विशेषज्ञों का मानना है कि बचत ब्याज दरों में कटौती से ग्राहकों को कम रिटर्न जरूर मिलेगा, लेकिन यह बैंकों की दीर्घकालिक रणनीति और लाभ को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा. साथ ही यह संकेत है कि अन्य निजी बैंक भी इस राह पर आगे बढ़ सकते हैं. recent visitors 38

बोत्सवाना से मध्य प्रदेश में लाए जाएंगे आठ और चीते, मई महीने में आएंगे चार

भोपाल दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से आठ चीतों को दो चरणों में मध्य प्रदेश में लाया जाएगा। मई 2025 तक बोत्सवाना से चार चीतों को भारत लाने की योजना है। इसके बाद चार और चीतों को लाया जाएगा। प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों को अब गांधी सागर अभयारण्य में भी चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा।   जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में चीता परियोजना की समीक्षा बैठक हुई। एनटीसीए अधिकारियों ने बताया कि अब तक देशभर में चीता परियोजना पर 112 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, जिसमें से 67 प्रतिशत व्यय मध्य प्रदेश में चीता पुनर्वास पर खर्च किया गया है। चीता प्रोजेक्ट पर अब तक खर्च हो चुके 112 करोड़ भारत और केन्या के बीच भी अनुबंध पर सहमति बनाई जा रही है। देश में चीता प्रोजेक्ट पर अब तक 112 करोड़ रुपये से अधिक राशि व्यय की जा चुकी है। प्रोजेक्ट चीता के तहत ही अब गांधी सागर अभयारण्य में भी चीते चरणबद्ध रूप से विस्थापित किए जाएंगे। भूपेंद्र यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में चल रहे वन्य प्राणियों की पुनर्वास परियोजनाओं की देखरेख के लिए वन, पर्यटन, पशु चिकित्सा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य एवं परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक टास्क फोर्स बनाया जाए। श्योपुर के 80 गांवों के 400 चीता मित्रों को प्रशिक्षित करने का अनुबंध कर सकते हैं। चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में लाया जाएगा प्रोजेक्ट चीता के तहत राजस्थान की सीमा से सटे गांधी सागर अभयारण्य में चरणबद्ध तरीके से चीतों को बसाया जाएगा। अत: मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच अंतरराज्यीय चीता संरक्षण क्षेत्र स्थापित करने के लिए सैद्धांतिक सहमति बन गई है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के बारे में जानकारी देते हुए वन अधिकारियों ने बताया कि वहां 26 चीते हैं, जिनमें से 16 खुले जंगल में और 10 पुनर्वास केंद्र (बाड़ों) में हैं। अधिकारी ने बताया कि चीतों पर निगरानी रखने के लिए सैटेलाइट कॉलर आईडी का उपयोग करके 24 घंटे ट्रैकिंग की जाती है। चीतों की जा रही है निगरानी अधिकारियों ने कहा कि चीतों की निगरानी के लिए ‘सैटेलाइट कॉलर आईडी’ का उपयोग करके 24 घंटे निगरानी की जा रही है।  अधिकारियों ने बताया कि मादा चीता ज्वाला, आशा, गामिनी और वीरा ने शावकों को जन्म दिया है। इतना ही नहीं, केएनपी में पर्यटकों की संख्या दो साल में दोगुनी हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक पांच मादा और तीन नर सहित आठ नामीबियाई चीतों को 17 सितंबर, 2022 को केएनपी में छोड़ा गया था। उनके मुताबिक फरवरी 2023 में, 12 और चीतों को दक्षिण अफ्रीका से केएनपी में स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में, केएनपी में 26 चीते हैं, जिनमें भारत में जन्मे 14 शावक शामिल हैं। चीतों के कदम पड़ते ही बदल जाएगी गांधीसागर की रंगत इस बीच मंदसौर से खबर है कि गांधीसागर अभयारण्य को भारत में चीता पुनर्स्थापन योजना के तहत चीतों का दूसरा घर बनने में अब महज एक दिन शेष है। कूनो नेशनल पार्क से दो नर चीते यहां छोड़े जा रहे हैं। चीतों के यहां आने के बाद निश्चित ही गांधीसागर व आस-पास के क्षेत्र की रंगत बदल जाएगी। यहां पर्यटकों की आमद भी बढ़ेगी और निश्चित ही गांधीसागर, रामपुरा, भानपुरा की अर्थव्यवस्था भी बदलेगी। वहीं अभयारण्य के लिहाज से देखे तो यहां की जैव विविधता भी समृद्ध होगी। चीते के आने से इसमें भी सितारे जड़ जाएंगे। गांधीसागर अभयारण्य में अभी तो चीते बाड़ों में ही रखे जाएंगे। कुछ माह बाद इन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। इसके बाद गांधीसागर व आस-पास के नगरीय क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी परिवर्तन आएगा। recent visitors 24