Friday, July 10, 2026 7:51 pm

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का प्रकोप, कई जिलों में लू की आशंका

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट बदल ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूप और भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ने की संभावना है। प्रदेश में  अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। वहीं मध्य भागों में 48 घंटे के बाद अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में लू की स्थिति गंभीर होती जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व पश्चिम गत मध्य पाकिस्तान और उसे सेट उत्तर पश्चिमी राजस्थान पर चक्रवती परिसंचरण से लेकर दक्षिण उत्तर प्रदेश झारखंड और उत्तर गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए मध्य बांग्लादेश तक औसत समुद्र से 0.9 कमी ऊपर बना हुआ है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम मिजाज बदला हुआ है। आने वाले दिनों में तेज धूप के साथ भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि प्रदेश के एक दो जगह पर हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। आज मंगलवार को राजधानी रायपुर में मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि शाम को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आंशिक मेघमय रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के एक-दो जगह पर अति हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे गर्म बिलासपुर रहा। यहां सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।   recent visitors 20

कोई भी विवेकशील वकील संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत ऐसी तुच्छ याचिका दायर नहीं करेगा, सुप्रीम कोर्ट भड़का

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका के जरिए मांगी गई राहत को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने मंगलवार को वकील पर याचिकाकर्ता के रूप में याचिका दायर करने के लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना लगा दया और कहा कि उसने कोर्ट का माहौल खराब किया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने वकील संदीप टोडी को चार सप्ताह का समय दिया है। इस समयसीमा के भीतर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के खातों में राशि जमा करने को कहा है। साथ ही, यह पता लगाने के लिए 6 सप्ताह बाद याचिका को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया कि क्या पैसा जमा किया गया था। जस्टिस नाथ ने कहा, ‘आपने इस अदालत का माहौल खराब कर दिया है। कोई भी विवेकशील वकील संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत ऐसी तुच्छ याचिका दायर नहीं करेगा।’ संविधान का अनुच्छेद 32 संवैधानिक उपचारात्मक तरीकों के अधिकार की गारंटी देता है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होने पर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। पीठ ने कहा, ‘अगर हम याचिका को साधारण तरीके से वापस लेने की अनुमति देते हैं तो इससे गलत संदेश जाएगा।’ याचिका में क्या रखी गई थी मांग पीठ ने वकील पर जुर्माना लगाते हुए उन्हें याचिका वापस लेने की अनुमति दी। वकील की याचिका में पारिवारिक विवाद में एक व्यक्ति को दी गई राहत पर रोक लगाने की मांग की गई थी। बीते 25 मार्च को दायर याचिका में कुटुंब न्यायालय, मुंबई के 25 सितंबर 2019 के आदेश को चुनौती दी गई। इसके मद्देनजर वर्तमान प्रतिवादी संख्या 4 (नेहा टोडी जिन्हें नेहा सीताराम अग्रवाल के नाम से भी जाना जाता है) के पक्ष में दी गई सभी राहतों पर एकपक्षीय रोक लगाने का आदेश देने की मांग रखी गई। याचिका में केंद्र, मुंबई की एक कुटुंब अदालत और बंबई उच्च न्यायालय को प्रतिवादी बनाया गया है। recent visitors 28

गर्मी से बच्चों को मिली राहत, 15 जून तक अवकाश घोषित, सरकार ने घोषित की ग्रीष्मकालीन छुट्टी

रायपुर प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों में ग्रीष्कालीन अवकाश की छुट्टी देने का फैसला लिया है। अब 25 अप्रैल 2025 से 15 जून 2025 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। पहले ये ग्रीष्मकालीन अवकाश एक मई से घोषित किया जाता रहा है। गर्मी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने पांच दिन पहले ही छुट्टी घोषित करने का आदेश जारी किया है। राज्य सरकार का ये निर्णय प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों के लिए लागू होगा। हालांकि ये अवकाश केवल बच्चों के लिए है। शिक्षकों को अभी भी स्कूल में उपस्थिति देनी होगी। बतादें कि रायपुर में अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। गर्म हवा के थपेड़ों से हर कोई बेहाल है। इस निर्णय से प्रदेश के 60 लाख बच्चों ने राहत की सांस ली है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि एकल पाली वाले स्कूल सुबह सात से 11 बजे तक संचालित हो रहे हैं, लेकिन दो पालियों वाले स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई सुबह सात से 11 बजे तक और हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी की कक्षाएं 11 बजे से दोपहर दो बजे तक चल रही थीं। इससे लगभग एक हजार स्कूलों के करीब पांच लाख छात्रों को लू के बीच स्कूल जाना पड़ रहा था। नईदुनिया की चेतावनी और जनहित में की गई रिपोर्टिंग का असर साफ नजर आया। जब सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए राहत भरा निर्णय लिया। अब छात्र न केवल गर्मी से बच सकेंगे, बल्कि इस अवकाश के दौरान घर पर रहकर अपने मनपसंद रचनात्मक कार्यों में भी समय बिता सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को किया सतर्क,कहा- आनंद से मनाएं छुट्टी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा, “प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसलिए सभी शासकीय एवं गैर शासकीय स्कूलों में 25 अप्रैल से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। सभी बच्चों से आग्रह है कि वे तेज धूप से बचें, खूब पानी पिएं, घर पर रहें और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लें और छुट्टियों का आनंद लें बच्चे।” बता दें कि छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गर्मी की छुट्टियों की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है और ऐसे मौसम में स्कूल संचालन खतरनाक साबित हो सकता है।   recent visitors 30

सलामी बल्लेबाज एडेन मार्करम ने 30 गेंदों पर जड़ा अर्धशतक, लखनऊ का स्कोर 80 के पार

लखनऊ आज दिल्ली कैपिटल्स का सामना लखनऊ सुपर जाएंट्स से हो रहा है। इस मैच में ऋषभ पंत और केएल राहुल आमने-सामने होंगे जो अपनी पुरानी टीमों के खिलाफ खेलते नजर आएंगे। दिल्ली को अपने पिछले मैच में गुजरात टाइटंस से हार मिली और उसकी नजरें वापसी करने पर होगी। मार्करम का अर्धशतक लखनऊ सुपर जाएंट्स के सलामी बल्लेबाज एडेन मार्करम ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 30 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा। मार्करम ने मिचेल मार्श के साथ मिलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई है जिससे लखनऊ ने नौ ओवर की समाप्ति तक बिना किसी नुकसान के 82 रन बना लिए हैं। recent visitors 38

जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में रायपुर के बिजनेसमैन को लगी गोली, इलाज जारी

रायपुर जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक व्यापारी के घायल होने की खबर सामने आई है। रायपुर के समता कॉलोनी निवासी बिजनेसमैन दिनेश मिरानिया इस हमले में गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यात्रा पर गए थे, हमले की चपेट में आ गए प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनेश मिरानिया अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर यात्रा पर गए हुए थे। उसी दौरान वे आतंकी हमले की चपेट में आ गए। हमले में उन्हें गोली लगी, जिसके बाद उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति के संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन परिवारजन उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर स्थित उनके परिजनों और परिचितों में चिंता का माहौल है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हमले की जांच की जा रही है। हमले में घायल हुए दिनेश मिरानिया रायपुर के एक सक्रिय व्यवसायी हैं और सामाजिक गतिविधियों में भी भागीदारी निभाते रहे हैं। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कानपुर के युवक को लगी गोली महाराजपुर के गांव हाथीपुर निवासी चंदन चक्की वालों का परिवार भी पहलगाम में हुए आतंकी हमले का शिकार हुआ है। परिवार शहर के श्यामनगर में छप्पन भोग के पास रहता है। व्यवसायी का नाम संजय द्विवेदी है, जो पत्नी और बेटे-बहू के साथ कश्मीर घूमने गए हैं। आतंकियों की गोलीबारी में संजय के बेटे शुभम को भी गोली लगी है। संजय के भाई मनोज द्विवेदी ने बताया कि हमले में भतीजे शुभम के गोली लगने की जानकारी मिली है, लेकिन अभी और अधिक जानकारी नहीं है। recent visitors 29

सोमनाथन का कहना है कि लैटरल एंट्री सही है और भविष्य में इसकी जरूरत होगी, पहले पीछे हटी थी सरकार

नई दिल्ली बीते साल केंद्र सरकार ने कई विभागों में उच्च अधिकारियों की भर्ती के लिए लैटरल एंट्री का विज्ञापन जारी किया था। लोकसभा चुनाव के कुछ समय बाद ही यह ऐड आया तो विपक्ष ने इसे आरक्षण के खात्मे से जोड़ दिया था। कांग्रेस, सपा, आरजेडी और आम आदमी पार्टी समेत कई दलों का कहना था कि लैटरल एंट्री के नाम पर सरकार वंचित तबकों का आरक्षण खत्म करना चाहती है। इस पर खूब विवाद बढ़ा तो अंत में सरकार ने उस विज्ञापन को ही वापस ले लिया था। वहीं मोदी सरकार में शीर्ष अधिकारी कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन का कहना है कि लैटरल एंट्री सही है और भविष्य में इसकी जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि तमाम योजनाओं को अमल में लाने के लिए ऐसा जरूरी है क्योंकि हर विषय की जानकारी किसी अफसर को नहीं हो सकती। इसलिए विषय विशेषज्ञों को साथ लेना जरूरी होगा। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में टीवी सोमनाथन ने यह बात कही तो उन्हें अपने बयान की संवेदनशीलता का भी पता था। यही वजह थी कि उन्होंने लगे हाथ यह भी सफाई दी कि यह मेरा यह बयान निजी हैसियत से है। मेरी यह केंद्र सरकार के एक शीर्ष अधिकारी के तौर पर नहीं है। कैबिनेट सचिव ने सिविल सर्विसेज डे के मौके पर कहा कि अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि उनके काम से संविधान की मर्यादा बढ़े। प्रशासन में किसी भी तरह का पक्षपात न हो और सरकार की इच्छाशक्ति को उचित नीति के तौर पर लागू किया जाए। इसके अलावा सामाजिक और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन दिया जाए। टीवी सोमनाथन ने कहा कि मेरी निजी राय है कि संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखने में कई बार सिविल सर्विसेज असफल होती हैं। इसकी वजह है कि भारत एक ऐसा टापू है, जो संवैधानिक तो है, लेकिन वहां बहुत सी असंवैधानिक चीजें भी होती हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करने के दौरान सर्विसेज तटस्थ भाव से काम करती हैं। यहां उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक रूप से तटस्थ हों, लेकिन अयोग्य, कम क्षमता वाले अधिकारियों से भी काम सही नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड है कि सिविल सर्विसेज कम प्रभावी रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक्सपर्ट्स की जरूरत होती है। ऐसे लोग चाहिए जो प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करें और सब्जेक्ट की एक्सपरटाइज रखते हों। recent visitors 29

छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन की दिशा में अभिनव पहल, मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए 23 अप्रैल से 11 मई तक आवेदन आमंत्रित

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नवाचार और प्रभावी नीतियों पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री गुड गवर्नेंस फेलो योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को गवर्नेंस के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा एवं व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर एक दक्ष एवं उत्तरदायी प्रशासनिक पीढ़ी तैयार करना है। योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के साथ मिलकर पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित करेगी। फेलो को शासन के विभिन्न विभागों में प्रायोगिक प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख पहल है जिसकी घोषणा नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पेशेवरों को शासन और नीति कार्यान्वयन में योगदान देना, प्रशासनिक दक्षता और प्रभाव को बढ़ाने के लिए आकर्षित करना है। इसके माध्यम से शासन की कार्यप्रणाली में दक्षता एवं पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही युवाओं को शासन, एनजीओ, थिंक टैंक एवं निजी क्षेत्र के साथ समन्वय में कार्य कर गवर्नेंस सुधार की दिशा में योगदान देने का अवसर प्राप्त होगा। आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी, अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष,न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए। बैंक खाता और आधार मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए। प्रवेश के लिए कैट परीक्षा के माध्यम से चयन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार इस पाठ्यक्रम की संपूर्ण फीस वहन करेगी, साथ ही प्रत्येक नामांकित छात्र को प्रतिमाह 50,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण आईआईएम रायपुर परिसर में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए फेलो छत्तीसगढ़ सरकार के शासन-प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। चयनित अभ्यर्थी डेटा-आधारित नीतियों के डिजाइन और मूल्यांकन में सहयोग, प्रशासनिक कुशलता के लिए सरकारी विभागों में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित, संसाधनों का बेहतर उपयोग और ई-गवर्नेंस को सुदृढ़ करने के साथ ही जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभाव का विश्लेषण कर नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप नीतियां बनाने में मदद करेंगे। इस फेलोशिप के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक कुशल और पारदर्शी होंगी, जिससे सरकारी योजनाओं का प्रभाव बढ़ेगा। यह कार्यक्रम युवा पेशेवरों को नेतृत्व की भूमिका निभाने का अवसर देगा, जिससे सुशासन की संस्कृति मजबूत होगी और नागरिकों का सरकार पर भरोसा बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप न केवल युवाओं को उच्च स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करती है, बल्कि राज्य के सुशासन के लक्ष्य को साकार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह पहल छत्तीसगढ़ को समृद्ध, समावेशी और प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के तहत लोक नीति और सुशासन में दो वर्षीय एमबीए कार्यक्रम के लिए चयनित फेलो छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज में लोक नीति और सुशासन में विशेषज्ञता के साथ प्रशासनिक नीतियों के डिजाइन, विश्लेषण और कार्यान्वयन में सहायता करेंगे। वे डेटा-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देकर योजनाओं की प्रभावशीलता को भी बेहतर बनाएंगे। फेलोशिप धारक विभिन्न सरकारी विभागों में कार्य करते हुए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, संसाधनों के उपयोग को अनुकूलित करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। फेलो नागरिकों की जरूरतों को समझकर योजनाओं और सेवाओं को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने में योगदान देंगे। वे जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन कर सरकार को फीडबैक प्रदान करेंगे, जिससे नीतियां अधिक लक्षित और प्रभावी बनेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह फेलोशिप कार्यक्रम सुशासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चयनित अभ्यर्थी न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मजबूत करेंगे, बल्कि राज्य के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक प्रगतिशील और समावेशी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर द्वारा लोक नीति और सुशासन में दो वर्षीय एमबीए कार्यक्रम के लिए 23 अप्रैल से 11 मई तक आवेदन आमंत्रित हैं। इसके लिए अभ्यर्थी के पास किसी भी विषय में स्नातक डिग्री के साथ न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 55 प्रतिशत अंक या समतुल्य सीजीपीए) होना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022, 2023, या 2024 का वैध कैट स्कोर कार्ड भी आवश्यक है। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ की आरक्षण नीति के अनुसार लाभ मिलेगा। विस्तृत जानकारी और आवेदन के लिए आईआईएम रायपुर की वेबसाइट https://iimraipur.ac.in/mba-ppg/ का अवलोकन किया जा सकता है। प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए दूरभाष क्रमांक 0771-2474612 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। recent visitors 35