Friday, July 10, 2026 4:52 pm

प्रदेश में लाड़ली बहना योजना सहित कई योजनाओं का होगा सोशल ऑडिट, घर-घर संपर्क कर इन योजनाओं को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना जैसी कई फ्लैगशिप योजनाओं का सोशल ऑडिट(सामाजिक अंकेक्षण) करवाया जाएगा। इन योजनाओं से लोगों के जीवन में क्या बदलाव आया, इनकी कमियों से लेकर खूबियों तक की रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी। इसके आधार पर योजनाओं में सुधार या परिवर्तन जैसे निर्णय लिए जा सकेंगे। इसके लिए शासन स्तर पर तैयारी की जा रही है। इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर विभागों से समन्वय कर सोशल आडिट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दें, मध्य प्रदेश में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के पहले शुरू हुई लाड़ली बहना योजना के तहत वर्तमान में एक करोड़ 17 लाख पात्र महिलाओं प्रतिमाह 1250 रुपये दिए जा रहे हैं। इस योजना पर हर महीने करीब 1550 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस पर 18,669 करोड़ रुपये बजट का प्रविधान भी किया गया है। यह योजना इतनी लुभावनी साबित हुई कि महाराष्ट्र में भी इसे लागू किया गया। दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने दिल्ली की महिलाओं के लिए भी इसी तरह का वादा किया। ये हैं एमपी सरकार की योजनाएं सोशल आडिट के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का विभागवार खाका तैयार किया जाएगा। इनमें प्रधानमंत्री मातृवंदना, पीएम आवास, निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण, पथ विक्रेता योजना, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना सहित तमाम ऐसी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क किया जाएगा। कैग (सीएजी) की तरह ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी, अंतर केवल यह होगा कि वित्तीय आडिट की जगह यह एक सोशल आडिट होगा। बता दें, सोशल आडिट का उद्देश्य सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी होता है। मुख्यमंत्री के जनसेवा मित्रों की सेवाएं लेने पर किया जा रहा विचार फ्लैगशिप योजनाओं के लाभार्थियों के डाटा के आधार पर घर-घर संपर्क किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री के जनसेवा मित्रों की सेवाएं लिए जाने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में 9390 जनसेवा मित्र हैं। इनकी सेवाएं पिछले वर्ष पूर्ण हो चुकी हैं। योजनाएं एक नजर में – वर्ष 2024-25 में लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के अंतर्गत दो लाख 43 हजार 396 बालिकाओं का पंजीयन किया गया है। वहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत अब तक 12,932 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। – प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 52 लाख माताएं पंजीकृत हैं वित्तीय वर्ष 2024-25 में पांच लाख 75 हजार हितग्राहियों को 264 करोड़ रुपये भुगतान किया गया। – प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत एक करोड़ 33 लाख परिवारों को निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण। अब तक 32,47,304 टन खाद्यान्न वितरण किया गया है। recent visitors 31

इंदौर की पहचान अब आईटी सेक्टर में भी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा, जल्द 2 नए IT Parks की सौगात

इंदौर इंदौर की पहचान अब सिर्फ साफ-सफाई और व्यापार तक सीमित नहीं रही। अब शहर आईटी सेक्टर में भी नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। सरकार दो नए आईटी पार्कों की सौगात देने जा रही है, जिनकी आधारशिला 27 अप्रैल को आईटी कॉन्क्लेव में रखी जाएगी। इससे न केवल स्टार्टअप्स को सहूलियत मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। छोटे स्टार्टअप्स को बड़ी ताकत देगा नया आईटी इकोसिस्टम इंदौर में आईटी सेक्टर का ईकोसिस्टम तेजी से तैयार हो चुका है। फिलहाल शहर में 100 से ज्यादा छोटी-बड़ी आईटी कंपनियां सक्रिय हैं और हर दिन इस संख्या में इज़ाफा हो रहा है। अब सरकार दो नए आईटी पार्क बना रही है, जहां खासकर छोटी कंपनियों और स्टार्टअप्स को ‘प्लग एंड प्ले’ मॉडल के तहत सस्ती दरों पर स्पेस मिलेगा। कहां बनेंगे ये आईटी पार्क? पहला आईटी पार्क परदेशीपुरा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स (Pardesipura Electronics Complex) में और दूसरा भंवरकुआ क्षेत्र में बनेगा। अच्छी बात ये है कि दोनों जगह पहले से उपलब्ध हैं, जिससे काम जल्दी शुरू किया जा सकेगा। सरकार इन्हें स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) का दर्जा देगी, जिससे कंपनियों को टैक्स जैसी कई अहम रियायतें भी मिलेंगी। 250 करोड़ का निवेश, दो हजार नौकरियों की उम्मीद परदेशीपुरा में बनने वाला आईटी पार्क पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) पर तैयार किया जाएगा। इसमें करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे और अनुमान है कि करीब दो हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। यह न सिर्फ शहर के युवाओं के लिए बल्कि राज्य के टेक टैलेंट को रोकने के लिए भी बड़ा कदम साबित होगा। पहले से मौजूद हैं आईटी पार्क, और भी होंगे शामिल इंदौर में पहले ही तीन सरकारी और दो निजी आईटी पार्क काम कर रहे हैं। आईटी चौराहा, परदेशीपुरा (पहले वाला), और सिंहासा में बने पार्क में पहले से कई कंपनियां कार्यरत हैं। सिंहासा में तो 40 से ज्यादा कंपनियों को प्लॉट भी मिल चुके हैं। टीसीएस और इंफोसिस ने दिखाया रास्ता प्रदेश सरकार ने एक दशक पहले टीसीएस और इंफोसिस को 100 और 130 एकड़ जमीन रियायती दरों पर दी थी, साथ ही शर्त रखी थी कि 50 फीसदी नौकरियां प्रदेश के युवाओं को दी जाएं। इन कंपनियों ने न केवल SEZ स्टेटस हासिल किया, बल्कि इंदौर के युवाओं को करियर की नई दिशा भी दी। recent visitors 33

ED कोर्ट में सौरभ-शरद की जमानत पर फैसला आज: मां-पत्नी सहित चार रिश्तेदारों को 11 दिन पहले मिल चुकी है जमानत

भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोर्ट आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा की ओर से एडवोकेट दीपेश जोशी और सहयोगी शरद जायसवाल की ओर से एडवोकेट रजनीश बरैया ने सोमवार को जमानत आवेदन फाइल किया। विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की कोर्ट ने इस जमानत आवेदन पर फैसला मंगलवार तक सुरक्षित रख लिया है। 9 अप्रैल को इसी कोर्ट से सौरभ की मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या शर्मा, जीजा विनय आसवानी और जबलपुर निवासी साले रोहित तिवारी को जमानत मिल गई थी। 18वें अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश सचिन कुमार घोष की अदालत से 10 लाख रुपए के बॉन्ड पर जमानत दी गई थी। वहीं, जमानत नहीं मिलने की हालत में सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी शरद और चेतन की पेशी 5 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाएगी। ईडी ने 8 अप्रैल को पेश किया था चालान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल ने आरटीओ के करोड़पति पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा उसके सहयोगियों शरद जायसवाल, चेतन सिंह गौर के खिलाफ 8 अप्रैल मंगलवार को कोर्ट में चालान पेश किया था। इसमें इनोवा कार में मिला 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैश सौरभ का ही बताया गया है। चालान में 12 आरोपियों के नाम तय ईडी ने चालान में 12 आरोपी तय किए हैं। जिसमें सौरभ शर्मा, उसकी मां, पत्नी दिव्या, शरद जायसवाल, चेतन सिंह गौर के अलावा इनकी फर्में और डायरेक्टर भी शामिल हैं। अब तक इस मामले में ईडी ने कुल 100.36 करोड़ रुपए की कुर्की और जब्ती की है। लोकायुक्त कोर्ट से मिल चुकी है जमानत बता दें कि इन सौरभ, चेतन और शरद के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस 60 दिन में भी चालान पेश नहीं कर सकी। जिस वजह से लोकायुक्त पुलिस के केस में तीनों को जमानत मिल चुकी हैं। जमानत मिलने के बाद में लोकायुक्त की काफी किरकिरी भी हुई थी। जिसके बाद ईडी ने 8 अप्रैल को चालान पेश कर दिया। recent visitors 76

कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ अभियान’ आज से: प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक; 40 दिनों तक चलेगा विरोध प्रदर्शन और जनसंपर्क

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