Sunday, July 5, 2026 6:29 pm

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की, नए विधानसभा भवन में सिविल एवं विद्युत यांत्रिकी का 95% काम पूरा

रायपुर : तेजी से कार्य करते हुए अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सड़कों, पुल-पुलियों व भवनों के निर्माणकार्य करें पूर्ण : विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रमुख सड़कों पर तेज और सुरक्षित यातायात पर दिया जोर   मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की, नए विधानसभा भवन में सिविल एवं विद्युत यांत्रिकी का 95% काम पूरा   एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों के त्वरित चिन्हांकन व मरम्मत के दिए निर्देश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को तेजी से कार्य करते हुए अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों के काम पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर तेज और सुरक्षित यातायात पर जोर दिया। उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों के त्वरित चिन्हांकन व मरम्मत के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरूण साव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में सड़कों और पुल-पुलियों के काम आगामी पांच साल की कार्ययोजना को ध्यान में रखते हुए त्वरित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों और वृहद पुलों के कार्यों को भू-अर्जन के बाद डेढ़-दो वर्षों में अनिवार्यतः पूर्ण करने को कहा। उन्होंने शहरों के नजदीक बनने वाले बाइपास और रिंगरोड में पर्याप्त संख्या में ओव्हरब्रिजों और अण्डरब्रिजों का निर्माण करते हुए इन्हें एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर विकसित करने के निर्देश दिए। इससे यातायात तेज और सुरक्षित होगा। मुख्यमंत्री साय ने भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर को विशाखापट्नम से जोड़ने बन रहे एक्सप्रेस-वे से रायपुर-जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने अच्छी गुणवत्ता के कनेक्टिंग-रोड्स बनाने के निर्देश दिए, ताकि इस एक्सप्रेस-वे का अधिक से अधिक लाभ राज्य के लोगों को मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी बड़ी एवं महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए एक-एक डेडीकेटेड (Dedicated) वरिष्ठ अधिकारी नामांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने एनएचएआई (NHAI) के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने को कहा। उन्होंने आगामी तीन वर्षों में 30 हजार करोड़ रूपए के सड़क विकास के कार्यों को पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ काम करने को कहा। उन्होंने नए बजट में प्रावधानित कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र ही उनके इस्टीमेट (Estimate), डीपीआर और टेण्डर की कार्यवाही पूर्ण करते हुए कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। साय ने पुल-पुलियों के रखरखाव एवं मरम्मत की प्रभावी व्यवस्था बनाने को भी कहा। उन्होंने इसके लिए आवश्यक प्रोटोकाल तैयार कर कड़ाई से अमल करने को कहा। उन्होंने एआई और नवीन तकनीकों के उपयोग से खराब सड़कों की तुरंत पहचान के लिए सिस्टम तैयार करने को कहा। इससे सड़कों के संधारण एवं त्वरित मरम्मत में मदद मिलेगी। उन्होंने खदान क्षेत्रों में सड़कों के मजबूतीकरण पर जोर दिया। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने वहां निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नई सड़कों और पुलों के निर्माण से सुदूर वनांचलों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को वर्तमान समय की जरूरतों और लाइफस्टाइल के अनुरूप सर्किट हाउसों और विश्राम गृहों को अपग्रेड करने के निर्देश दिए। उन्होंने इनके अच्छे रखरखाव के साथ ही साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को सुधारने को कहा।   लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में बताया कि नया रायपुर में निर्माणाधीन विधानसभा के नए भवन का 95 प्रतिशत सिविल एवं विद्युत यांत्रिकी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। नए राजभवन का भी 60 प्रतिशत काम पूर्ण हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सड़क सुरक्षा के कार्यों के लिए 106 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सड़क दुघर्टनाओं को रोकने आगामी पांच-छह महीनों में ब्लैक-स्पॉट और जंक्शन सुधार के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और मुकेश बंसल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और संयुक्त सचिव एस.एन. श्रीवास्तव सहित सभी मुख्य अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।   मुख्यमंत्री ने इन कार्यों की समीक्षा की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में प्रगतिरत राष्ट्रीय राजमार्गों, एनएचएआई द्वारा किए जा रहे कार्यों, निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों की प्रगति, खेल विभाग के अधोसंरचना निर्माण कार्यों तथा सीआरआईएफ, आरआरपी (एलडब्ल्यूई) तथा आरसीपीएलडब्लूईए योजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। recent visitors 18

सरगुजा में खुलेगा पीएचई के मुख्य अभियंता का परिक्षेत्रीय कार्यालय:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर हुआ अमल, 11 हजार से अधिक हैंडपंपों की मरम्मत पूर्ण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कामकाज की समीक्षा सरगुजा में खुलेगा पीएचई के मुख्य अभियंता का परिक्षेत्रीय कार्यालय:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार में विभाग को प्राप्त आवेदनों पर त्वरित समाधान के दिए निर्देश जल संरक्षण के लिए "कैच द रेन" अभियान का करें व्यापक प्रचार रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और इसकी गहन निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत तेजी से कार्य हुए हैं और अब तक 86 मोबाइल यूनिट्स के माध्यम से 11,238 हैंडपंपों की मरम्मत पूरी की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहाँ भी पेयजल से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहाँ तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली और प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता, भूजल स्तर, जल जीवन मिशन की प्रगति और जल संरक्षण जैसे अहम मुद्दों पर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा में पीएचई विभाग का मुख्य अभियंता परिक्षेत्रीय कार्यालय खोलने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने “सुशासन तिहार” के दौरान प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर नल से जल पहुँचाने का बड़ा संकल्प लिया है। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को उन्होंने समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन की आगामी वर्षों की कार्ययोजना की भी समीक्षा की। साय ने कहा कि भूजल स्तर में गिरावट से प्रभावित विकासखंडों के साथ-साथ बिना जल स्रोत वाले ग्रामों की सूची भी तैयार करें, ताकि इसे दूर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें। साय ने भूजल संकट से जूझ रहे 6 जिलों के 10 विकासखंडों को लेकर चिंता जताई और कहा कि अल्पकालिक व दीर्घकालिक योजनाएँ बनाकर जल संकट से निपटना होगा। उन्होंने रिचार्ज पिट और वर्षा जल संचयन जैसी जल संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कही और अनियंत्रित भूजल दोहन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कृषि, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और वन विभागों को आपसी समन्वय के साथ “कैच द रेन” जैसे जल संरक्षण अभियानों को सुशासन तिहार के दौरान व्यापक रूप से प्रचारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण को हम सभी सर्वोच्च प्राथमिकता दें। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, संचालक जल जीवन मिशन जितेंद्र शुक्ला सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। 371 recent visitors 26

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति का राष्ट्रीय मंच से होगा प्रस्तुतिकरण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 23 और 24 अप्रैल को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित वस्त्र एवं इस्पात उद्योग के दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय इन अवसरों पर राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश की संभावनाएँ और अधोसंरचना विकास के विजन को देशभर के उद्योगपतियों एवं नीति निर्माताओं के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। ये आयोजन मुंबई के गोरेगांव स्थित बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में होंगे। पहला दिन: टेक्सटाइल सेक्टर के निवेशकों से संवाद – 23 अप्रैल मुख्यमंत्री साय 23 अप्रैल को CMAI Fab Show में भाग लेंगे, जिसे क्लोथिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CMAI) द्वारा आयोजित किया गया है। यह शो देश के वस्त्र उद्योग से जुड़े दिग्गजों का प्रमुख प्लेटफॉर्म है, जहाँ उत्पादन, निर्यात और ब्रांडिंग से जुड़े प्रतिष्ठित प्रतिनिधि शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री इस मंच से छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में वस्त्र उद्योग के लिए उपलब्ध विशेष सुविधाओं, प्रोत्साहनों और निवेश के अवसरों की जानकारी साझा करेंगे। इस दौरान कुछ प्रमुख कंपनियों के साथ निवेश समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर की भी संभावना है। दूसरा दिन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में होगा छत्तीसगढ़ का प्रस्तुतीकरण – 24 अप्रैल  मुख्यमंत्री साय 24 अप्रैल को इंडिया स्टील 2025 के उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत इस्पात उद्योग के लिए विकसित अधोसंरचना, नवाचार, और दीर्घकालिक योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे। इसी दिन छत्तीसगढ़ राउंड टेबल मीटिंग का आयोजन भी होगा, जिसमें मुख्यमंत्री संभावित निवेशकों के साथ सीधी बातचीत करेंगे। इस बैठक में औद्योगिक क्लस्टर्स, लॉजिस्टिक सपोर्ट, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, और अनुकूल श्रमिक नीति जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। राज्य पवेलियन में झलकेगा नया छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ स्टेट पवेलियन का भी भ्रमण करेंगे, जहाँ राज्य की औद्योगिक अधोसंरचना, नीतिगत प्रोत्साहन, और निवेश के बहुआयामी अवसरों की जानकारी मिलेगी। यह पवेलियन निवेशकों को छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मीडिया से संवाद – बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में मुख्यमंत्री साय 23 और 24 अप्रैल को दोपहर 1 बजे बॉम्बे एग्ज़िबिशन सेंटर में मीडिया से संवाद करेंगे। वे इस दौरे के प्रमुख उद्देश्यों, राज्य की नई औद्योगिक नीति की विशेषताओं और निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा करेंगे। recent visitors 24

वरूथिनी एकादशी पर इन मुहूर्त में करें पूजा

कल गुरुवार के दिन वरूथिनी एकादशी का व्रत रखा अजाएगा। गुरुवार के दिन एकादशी पड़ने से इस दिन का महत्व काफी बढ़ गया है। वरूथिनी एकादशी वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनायी जाएगी। पंचांग व उदया तिथि के अनुसार, 23 अप्रैल को शाम 04:43 बजे एकादशी तिथि शुरू होगी व 24 अप्रैल को दोपहर 02:32 बजे तक समाप्त होगी। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाएगा। मान्यताओं के अनुसार, वरूथिनी एकादशी का व्रत रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है व मनोकामना पूर्ति होती है। आइए जानते हैं वरूथिनी एकादशी पर पूजन के शुभ मुहूर्त, भोग, विधि मंत्र व व्रत पारण समय- शुभ योग व नक्षत्र: इस दिन शतभिषा नक्षत्र सुबह 10:49 तक रहेगा, जिसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा। ब्रह्म योग दोपहर 03:56 बजे तक रहेगा, जिसके बाद इन्द्र योग का निर्माण होगा। सुबह से लेकर शाम तक वरूथिनी एकादशी पर इन मुहूर्त में करें पूजा     शुभ – उत्तम 05:47 से 07:25     चर – सामान्य 10:41 से 12:19     लाभ – उन्नति 12:19 से 13:58     अमृत – सर्वोत्तम 13:58 से 15:36     शुभ – उत्तम 17:14 से 18:52     अमृत – सर्वोत्तम 18:52 से 20:14     चर – सामान्य 20:14 से 21:36     ब्रह्म मुहूर्त 04:19 से 05:03     प्रातः सन्ध्या 04:41 से 05:47     अभिजित मुहूर्त 11:53 से 12:46     विजय मुहूर्त 14:30 से 15:23     गोधूलि मुहूर्त 18:51 से 19:13     अमृत काल 01:32, अप्रैल 25 से 03:00, अप्रैल 25 व्रत पारण मुहूर्त: 25 अप्रैल को, पारण समय सुबह 05:46 से 08:23 बजे तक। इस दिन सुबह 11:44 बजे द्वादशी समाप्त हो जाएगी। पूजा-विधि स्नान आदि कर मंदिर की सफाई करें भगवान श्विष्णु का जलाभिषेक करें प्रभु का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें अब प्रभु को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें संभव हो तो व्रत रखें और व्रत का संकल्प करें वरूथिनी एकादशी व्रत कथा का पाठ करें पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें प्रभु को तुलसी दल सहित भोग लगाएं अंत में क्षमा प्रार्थना करें भोग- केला, गुड़, चने की दाल, किशमिश, केसर की खीर, पंचामृत, फल, मेवा मंत्र- ॐ नमोः नारायणाय नमः, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय recent visitors 45

शेयर बाजार में तूफानी तेजी , सेंसेक्स 600 अंक उछलकर फिर 80,000 के पार

मुंबई  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन पर टैरिफ घटाने की बात कही है। इससे अमेरिकी और एशियाई बाजारों में तेजी के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार बढ़त देखने को मिल रही है। इससे सेंसेक्स 80000 के पार पहुंच गया है। सेंसेक्स 79595.59 अंकों के पिछले क्लोजिंग लेवल के मुकाबले 80,142.09 पर खुला है और करीब साढ़े 9 बजे 544.43 अंक या 0.68 फीसदी की मजबूती के साथ 80,140.02 पर है। वहीं निफ्टी इस समय 166.30 अंक या 0.69 फीसदी की मजबूती के साथ 24,333.55 पर है। निफ्टी 24167.25 अंकों के क्लोजिंग लेवल के मुकाबले आज सुबह 24,357.60 पर खुला है। इससे पहले लगातार 6 दिन शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हो चुका है। Nifty Bank 56000 के पार बुधवार को Nifty Bank भी 56000 के पार पहुंच गया। निफ्टी बैंक 55647.20 अंकों के पिछले क्लोजिंग लेवल के मुकाबले 56,097.10 पर खुला और शुरुआती कारोबार में ही 56,097.10 तक ऊपर गया। करीब साढ़े 9 बजे ये 28 अंकों की मजबूती के साथ 55,675.25 पर है। ट्रम्प घटाएंगे चीन पर टैरिफ बता दें कि मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी आई। वहीं गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनका अमेरिकी फेड अध्यक्ष जेरोम पॉवेल को हटाने का कोई इरादा नहीं है, इससे शेयर बाजारों में तेजी आई। निवेशकों की नजर आज एलटीआईमाइंडट्री, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, 360 वन डब्ल्यूएएम लिमिटेड, कैन फिन होम्स, डालमिया भारत आदि के तिमाही नतीजों पर रहेगी। कल भी बाजार में दिखी शानदार तेजी सोमवार को भी बाजार में मजबूती रही थी. सेंसेक्स 187 अंक बढ़कर 79,595.59 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 41 अंक की तेजी के साथ 24,167.25 के स्तर पर बंद हुआ था. इससे पहले लगातार छह कारोबारी सत्रों में तेजी देखने को मिली थी. 6 दिन में 33.55 लाख करोड़ की संपत्ति बढ़ी पिछले छह दिनों की तेजी से निवेशकों की संपत्ति में 33.55 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. 9 अप्रैल से अब तक सेंसेक्स करीब 5,748 अंक यानी 7.78% ऊपर चढ़ चुका है. इसी दौरान BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप बढ़कर 4,27 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. ग्लोबल मार्केट से मिला सपोर्ट भारतीय शेयर बाजार को ग्लोबल मार्केट से भी पॉजिटिव संकेत मिले हैं. मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी आई. Dow Jones करीब 1,016 अंक चढ़ा, जबकि S&P 500 और Nasdaq में भी 2.5% से ज्यादा की तेजी देखी गई. इसकी वजह बनी अमेरिका की ट्रेजरी सेक्रेटरी की वो उम्मीद, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका-चीन टैरिफ को लेकर जल्द कुछ राहत देखने को मिल सकती है. एशियाई बाजारों की भी मजबूत शुरुआत अमेरिका के पॉजिटिव ट्रेंड का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा. जापान का Nikkei 225 और साउथ कोरिया का Kospi भी आज तेजी के साथ खुले, जिससे घरेलू बाजार को भी मजबूती मिली. recent visitors 53

विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु 51 जातियों के परिवारों के समेकित विकास के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू किया जाएगा: राज्य मंत्री श्रीमती गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि विमुक्त, घुमंतु और अर्द्ध घुमंतु जातियों के विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। जन अभियान परिषद के माध्यम से इन विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु 51 जातियों के परिवारों के समेकित विकास के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू किया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जन अभियान परिषद पहले चरण में 12 जिलों के 71 ब्लॉक में सर्वेक्षण करेगा। जो 30 अप्रैल 2025 से प्रारंभ होकर 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। सर्वेक्षण का उद्देश्य इन समुदाय के लोगों की जीवनशैली, पारंपरिक व्यवसाय और सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी का दस्तावेजीकरण करना है। कई बार निरंतर स्थान बदलने के कारण यह किसी भी भौगोलिक सीमा के सर्वेक्षण में नहीं आ पाते हैं। एक स्थान पर निवास ना होने के कारण इन जातियों के लोगों के आधार कार्ड, समग्र कार्ड इत्यादि भी नहीं बन पाते हैं। इस सर्वेक्षण से शासन की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लाभ इन जातियों को मिल सकेगा, रिहाइशों की पहचान हो सकेगी और स्थान परिवर्तन का समय, कारण व अन्य तथ्यों की जानकारी एकत्रित की जा सकेगी। बैठक में जन अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त मोहन नागर, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंखयक कल्याण, विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार, संचालक विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु नीरज वशिष्ठ, जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ उपस्थित थे।   recent visitors 26

मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद की कार्यकारिणी समिति की छठवीं बैठक

भोपाल पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद की कार्यकारिणी समिति की छठवीं बैठक अरेरा हिल्स स्थित विकास भवन में हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह भी सम्मिलित हुईं। मंत्री पटेल ने कहा कि मनरेगा में क्वालिटी मॉनिटरिंग के लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया का ही पालन किया जाए। विभाग को उन्नत तकनीक की सहायता लेकर जीआईएस लैब स्थापित करने, रिमोट सेंसिंग जीआईएस और एआई पूरे विभाग में लागू करने के प्रस्ताव पर भी बैठक में चर्चा हुई। मंत्री पटेल ने कहा कि एक जिले में एक लैब ही संचालित की जाए। जिन जगहों पर पहले उन्नत लैब हैं, उन्हें अपग्रेड कर संभाग स्तर की लैब बनाएं। इस तरीके से बजट का सदुपयोग होगा और कई अन्य जन-सरोकार से जुड़ी पहल के लिए कार्य किया जा सकेगा। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती सिंह ने विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मनरेगा के तहत हर हाथ को काम देने के संकल्प को मूर्त रूप देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल ने मनरेगा की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मनरेगा के तहत 15 करोड़ मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य है, इसके लिए अधिकारी कार्य योजना बनाएं। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान 5 करोड़ मानव दिवस सृजित कर जरूरतमंदों को काम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब 42 लाख रोजगार दिवस सृजित किए जा चुके हैं। मंत्री पटेल ने ग्राम रोजगार सहायक की सेवा शर्तों, कार्यरत अमले को अतिरिक्त प्रभार दिये जाने, संविदा अधिकारी/कर्मचारियों की नवीन सेवा शर्तों, स्टेट क्वालिटी मॉनीटर्स का इमपैनलमेंट और विधि परामर्शदाता की सेवाएं लेने के संबंध में समीक्षा की। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल और राज्यमंत्री श्रीमती सिंह ने “परिवर्तन के पथप्रदर्शक’’ पुस्तक का विमोचन किया। यह वर्ष 2021 से 2024 तक ग्रामीण उत्थान में मनरेगा की सफलताओं पर आधारित है। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री पटेल की अध्यक्षता में राज्य आजीविका फोरम सोसायटी की शासी निकाय की बैठक भी हुई।   recent visitors 17