Sunday, July 5, 2026 12:49 pm

टीआरएफ पाकिस्तान स्थित लश्कर ए तैयबा का मुखौटा आतंकी संगठन है, पहलगाम में हुए आतंकी हमले को भी अंजाम दिया

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच कुलगाम जिले में एनकाउंटर चल रहा है। सेना ने द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के टॉप आतंकी को घेर लिया है। दोनों ओर से गोलीबारी जारी है। टीआरएफ पाकिस्तान स्थित लश्कर ए तैयबा का मुखौटा आतंकी संगठन है। इसी टीआरएफ ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को भी अंजाम दिया है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य घायल हो गए। पहलगाम में कई आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी कर दी थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई। आतंकियों ने लोगों से धर्म पूछकर उनकी जान चली। इस हमले के बाद देशभर में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है। भारत ने साफ किया है कि हमले के दोषियों को करारा जवाब दिया जाएगा। वहीं, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले के आतंकियों को पकड़ने के लिए बैसरन, पहलगाम, अनंतनाग समेत तमाम इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया है। recent visitors 38

छत्तीसगढ़ में 1245 करोड़ रुपये की लागत से इस्पात संयंत्र लगाएगा ग्रीनटेक सोल्युशंस, 500 से अधिक रोजगार सृजित होंगे

मुंबई छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मुंबई में ग्रीनटेक सोल्युशंस के निदेशक श्री एम. प्रसाद रेड्डी ने मुलाकात की। इस दौरान श्री रेड्डी ने राज्य में 1245 करोड़ रुपये की लागत से एक एकीकृत इस्पात संयंत्र स्थापित करने की योजना प्रस्तुत की, जिससे 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। ग्रीनटेक सोल्युशंस हरित प्रौद्योगिकियों के माध्यम से लागत-प्रभावी और टिकाऊ औद्योगिक समाधान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री रेड्डी ने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2024–30 ने कंपनी को प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में निवेशकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं—जैसे सिंगल विंडो क्लीयरेंस, उद्योग अनुकूल अधोसंरचना, और हरित औद्योगिक प्रोत्साहनों—की जानकारी दी और ग्रीनटेक सोल्युशंस के प्रस्ताव का स्वागत किया। recent visitors 41

भारत ने अफगानिस्तान को 4.8 टन टीके भेजे, स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मदद के लिए भारत का आभार व्यक्त किया

काबुल भारत ने अफगानिस्तान को 4.8 टन टीके दान किए। इन टीकों में रेबीज, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और इन्फ्लूएंजा से लड़ने के लिए टीके शामिल हैं। अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को, इस मदद के लिए भारत का आभार व्यक्त किया। मंत्रालय के बयान में कहा गया, "अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय को रेबीज, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और इन्फ्लूएंजा से निपटने में मदद करने के लिए भारत से टीकों की एक महत्वपूर्ण खेप मिली है।" इसमें कहा गया, "सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के नेतृत्व ने उदार समर्थन के लिए भारत को धन्यवाद दिया और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे देश भर में हजारों लोगों की जान बच सकती है।" मंत्रालय ने आगे कहा कि टीकों के दान से अफगानिस्तान को मदद मिलेगी, जहां लंबे समय से अस्थिरता और आर्थिक चुनौतियों के कारण जरूरी मेडिकल सप्लाई तक पहुंच सीमित बनी हुई है। जनवरी में, दुबई में विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्तकी के साथ बैठक हुई थी। इस दौरान भारत ने इस्लामी राष्ट्र को मानवीय सहायता जारी रखने का वचन दिया, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में भौतिक सहायता और शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए सहायता शामिल थी। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, विदेश सचिव ने अफगान लोगों के साथ भारत की ऐतिहासिक मित्रता और दोनों देशों के बीच मजबूत लोगों के बीच संपर्क को रेखांकित किया। उन्होंने अफगान लोगों की विकास संबंधी जरूरतों को तत्काल पूरा करने के लिए भारत की तत्परता से अवगत कराया। अफगान मंत्री ने बैठक के दौरान अफगानिस्तान के लोगों के साथ संपर्क बनाए रखने और उन्हें समर्थन प्रदान करने के लिए भारतीय नेतृत्व की सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया। इस वर्ष की शुरुआत में विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "विकास गतिविधियों की मौजूदा जरुरत को देखते हुए, यह फैसला लिया गया कि भारत चल रहे मानवीय सहायता कार्यक्रम के अलावा, निकट भविष्य में विकास परियोजनाओं में शामिल होने पर विचार करेगा।" विदेश मंत्रालय के अनुसार, जनवरी तक भारत ने अफगान लोगों की जरूरतों को तेजी से पूरा करते हुए पिछले कुछ वर्षों में 50,000 मीट्रिक टन गेहूं, 300 टन दवाइयां, 27 टन भूकंप राहत सहायता, 40,000 लीटर कीटनाशक, 100 मिलियन पोलियो खुराक, 1.5 मिलियन कोविड वैक्सीन खुराक, नशा मुक्ति कार्यक्रम के लिए 11,000 यूनिट स्वच्छता किट, 500 यूनिट सर्दियों के कपड़े और 1.2 टन स्टेशनरी किट सहित कई खेपें भेजी हैं। recent visitors 32

छत्तीसगढ़ में सात सितारा हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में औरिया ग्रुप की रुचि, मुख्यमंत्री से की निवेश पर चर्चा

मुंबई छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मुंबई में औरिया ग्रुप के मुख्य व्यवसाय अधिकारी श्री अक्षय कुलकर्णी ने मुलाकात कर राज्य में पांच सितारा और सात सितारा स्तर की हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश की इच्छा जताई। श्री कुलकर्णी ने बताया कि औरिया ग्रुप हिमाचल प्रदेश में एक प्रतिष्ठित प्रीमियम होटल का संचालन कर रहा है और अब छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक लक्जरी हॉस्पिटैलिटी से जोड़ना चाहता है। उन्होंने कहा कि समूह राज्य में लक्जरी पर्यटन और परिवहन के क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश की योजना पर विचार कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति की जानकारी दी, जिसमें पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निवेशकों को नीति समर्थन, भूमि की उपलब्धता, एकल खिड़की स्वीकृति, और अनुकूल वातावरण जैसी सुविधाएं दे रही है। recent visitors 36

उप मुख्यमंत्री श्शुक्ल ने ई-एचआरएमएस मॉड्यूल की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली मॉड्यूल (ई-एचआरएमएस) की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉड्यूल मध्यप्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति के सिद्धांतों एवं प्राथमिकताओं के अनुरूप हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्थानांतरण नीति का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करते हुए प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉड्यूल में सभी आवश्यक मापदंडों का समावेश इस तरह से किया जाए कि किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार प्रदेश में कर्मचारियों के स्थानांतरण पर लागू प्रतिबंध अगले कुछ दिनों में हटाया जाने वाला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसी समयावधि को ध्यान में रखते हुए ई-एचआरएमएस मॉड्यूल की अंतिम टेस्टिंग पूर्ण कर ली जाए, जिससे प्रतिबंध हटते ही स्थानांतरण प्रक्रिया बिना किसी बाधा, सुगमता और पारदर्शिता के साथ संचालित की जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह मॉड्यूल प्रदेश में मानव संसाधन प्रबंधन को तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि कर्मचारियों के बीच विश्वास भी सुदृढ़ होगा। आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण राठी, विभागीय अधिकारी, एमपीएसईडीसी के तकनीकी टीम के सदस्य उपस्थित थे।   recent visitors 37

पाकिस्तान सरकार ने पहलगाम हमले में हुई जानमाल की हानि पर चिंता व्यक्त की, इसकी निंदा करने से परहेज किया

इस्लामाबाद पाकिस्तान सरकार ने पहलगाम हमले में हुई जानमाल की हानि पर चिंता व्यक्त की, लेकिन इसे 'आतंकवादी कृत्य' बताने या इसकी निंदा करने से परहेज किया। मंगलवार को हुए आतंकी हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई। यह क्रूर हमला पहलगाम के पास मशहूर पर्यटन स्थल बैसरन घाटी में हुआ। भारी हथियारों से लैस आतंकवादी आसपास के घने जंगलों से निकले और पर्यटकों के एक समूह पर अंधाधुंध गोलीबारी की। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर कहा, "हम अनंतनाग जिले में हुए हमले में पर्यटकों की जान जाने से चिंतित हैं। हम मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।" हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और घाटी में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बुधवार को श्रीनगर पुलिस नियंत्रण कक्ष में आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। मृतक पर्यटकों के पार्थिव शरीर को बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस नियंत्रण कक्ष लाया गया, जहां शीर्ष नेतृत्व द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पहलगाम आतंकी हमला ऐसे समय में हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दौरे पर थे। इस दुखद समाचार के वह अपना दौरा बीच रद्द कर भारत लौट आए। दिल्ली पहुंचते ही एयरपोर्ट पर उन्होंने आपात बैठक बुलाई। इस अति महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव मौजूद थे। प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा से वापसी के तुरंत बाद इस उच्च स्तरीय बैठक में हमले की गंभीरता, अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा रणनीतियों पर विस्तार से मंथन किया गया।मंगलवार को पहलगाम में निहत्थे टूरिस्ट्स पर हुए कायराना हमले की चौतरफा निंदा हो रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कॉल कर हर संभव समर्थन की पेशकश की, जिस पर प्रधानमंत्री मोदी ने आभार जताते हुए कहा कि भारत कायराना हरकत करने वालों को नहीं बख्शेगा और उन्हें न्याय के कठघरे में खड़ा करने को प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी को बुधवार सुबह राष्ट्रपति ट्रंप ने कॉल किया और पहलगाम में आतंकवादी हमले के शिकारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति ट्रंप ने हमले की निंदा की और कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है और हर संभव समर्थन की पेशकश की। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संवेदना संदेश भेजा। उन्होंने इसे एक "निर्दोष नागरिकों के खिलाफ अपराध" बताया और भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने की प्रतिबद्धता जताई। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा- आज भारत में हुए आतंकवादी हमले में अनेक लोग हताहत हुए, ये जानकर बहुत कष्ट हुआ। इटली प्रभावित परिवारों, घायलों, सरकार और सभी भारतीय लोगों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करता है। इजरायली दूतावास और फिर इजरायल के विदेश मंत्री गिडोन सार ने इस घटना को बर्बर बताते हुए दुख व्यक्त किया। सार ने हमले में मारे गए लोगों के प्रति दुख व्यक्त करते हुए कहा, "इजरायल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ है।" वहीं, यूक्रेन के दूतावास ने कहा कि वे पहलगाम आतंकी हमले से बेहद दुखी हैं। हम रोजाना आतंकी हमले का शिकार होते हैं और किसी भी तरह के आतंकवाद की निंदा करते हैं। recent visitors 34

आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम सेक्टर में टेक डेस्टिनेशन बनने की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश

भोपाल मध्यप्रदेश ने विगत वर्षों में देश में टेक डेस्टिनेशन के रूप में स्वयं को तेजी से स्थापित किया है। आईटी, आईटीईएस और इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) क्षेत्रों में उल्लेखनीय निवेश आकर्षित करते हुए राज्य में निवेश प्रतिबद्धताओं को जमीनी स्तर पर बदलने की दिशा में प्रभावशाली कार्य हुआ है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिकस विकास निगम (एमपीएईडीसी) के नेतृत्व में निवेश संवर्धन टीम की प्रभावी भूमिका ने इस बदलाव को संभव बनाया है। इसके परिणामस्वरूप रोजगार के नए अवसर सृजित और तकनीकी आधारभूत संरचना भी सशक्त हुई है। राज्य के दो उभरते तकनीकी केंद्र इंदौर और भोपाल इन क्षेत्रों में निवेश के लिये आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। एलटीआई माइंड-ट्री, पंचशील रियल्टी और कॉग्निजेंट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों ने इंदौर में आईटी और इंफ्रॉस्ट्रक्चर विकास के क्षेत्र में भरोसे के साथ निवेश किया है, वहीं भोपाल ने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ), बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) और डाटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशकों को आकर्षित किया है। इंदौर में पंचशील रियल्टी द्वारा एक हजार करोड़ रूपये का निवेश और 15 हजार रोजगार सृजित इंदौर में एलटीआई माइंड-ट्री द्वारा किए गए 870 करोड़ रुपये के बड़े निवेश से 10 हजार से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। यह निवेश उदाहरण है कि इंदौर शहर अब देश का एक प्रमुख टैलेंट हब बनता जा रहा है। इसी प्रकार, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर पंचशील रियल्टी ने 1,000 करोड़ रुपये का निवेश कर 15 हजार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। इसके अतिरिक्त, कॉग्निजेंट और हेक्सावेअर टेक्नोलॉजीज़ ने भी इंदौर और भोपाल में केपीओ और बीपीओ सेक्टर में क्रमशः 80 करोड़ रुपये और 50 करोड़ रुपये का निवेश कर दोनों शहरों की तकनीकी पहचान को और मजबूत किया है। इंदौर नवाचार केंद्र के रूप में लगातार विकसित हो रहा है। आईआईटी इंदौर में दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन की स्थापना की जा रही है। यह अनुसंधान और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाला एक उत्कृष्ट इनक्यूबेशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश तकनीकी प्रगति और स्टार्ट-अप संस्कृति के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में निरंतर काम कर रहा है। भोपाल में डाटा सेंटर कंपनी कंट्रोल एस का 500 करोड़ रूपये का निवेश भोपाल की रणनीतिक स्थिति ने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और डाटा सेंटर के क्षेत्र में निवेशकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है। केयन्स टेक्नोलॉजी ने 352 करोड़ रुपये का निवेश और 2 हजार से अधिक रोजगार सृजित किए हैं। इसके साथ ही, प्रमुख डाटा सेंटर कंपनी कंट्रोल-एस ने 500 करोड़ रुपये का निवेश कर राज्य की डिजिटल इंफ्रॉस्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। आईटी/आईटीईएस क्षेत्र की कंपनी ज़ेबिया ने भी भोपाल में निवेश कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्रदान किये हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और एमपीएसईडीसी की संयुक्त पहल ने इन निवेशों को साकार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नीति क्रियान्वयन, आधारभूत संरचना विकास और उद्योग सहभागिता में विभागीय सक्रियता ने राज्य को आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम क्षेत्रों में एक संभावित गंतव्य से वास्तविक और समृद्ध निवेश स्थल में परिवर्तित कर दिया है। प्रगतिशील नीति ढांचे, कुशल मानव संसाधन की बढ़ती उपलब्धता और डिजिटल परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता के साथ मध्यप्रदेश वह सफलता गढ़ रहा है, जो आने वाले समय में इन क्षेत्रों में विकास को नई परिभाषा देगी। recent visitors 36