जल जीवन मिशन और जल गंगा संवर्धन के कार्यों को मिशन मोड में करें : प्रमुख सचिव नरहरि

भोपाल जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 111.77 लाख परिवारों में से 77.12 लाख (69 प्रतिशत) परिवारों को नल से जल उपलब्ध हो गया है तथा शेष ग्रामों में कार्य प्रगतिरत है। बुरहानपुर को देश का प्रथम हर घर जल प्रमाणित जिला बनने का गौरव प्राप्त है। निवाड़ी जिले को समस्त ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराते हुये हर घर जल जिला घोषित किया जा चुका है। इंदौर जिले के समस्त ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने का कार्य पूर्णता की ओर है तथा शीघ्र ही इंदौर जिले को हर घर जिला घोषित किये जाने की कार्रवाई प्राथमिकता पर की जा रही है। विभाग द्वारा एकल ग्राम नल जल योजनाओं को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण कराने हेतु प्रत्येक स्तर पर समुचित प्रयास किये जा रहे है। प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि ने वीडियो कांफ्रेसिंग से जल जीवन मिशन सहित अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा की। जल जीवन मिशन के कार्यों में रूचि न लेने तथा कार्यों की अत्यंत धीमी प्रगति के कारण श्री त्रिलोक सिंह बरकड़े, कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की खण्ड सिंगरौली को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड सागर, जबलपुर, उमरिया, दतिया, सतना, विदिशा, गुना, अलीराजपुर, रतलाम, दमोह एवं मंदसौर के कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना जारी किये गये है। प्रमुख सचिव श्री नरहरि द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी मैदानी अधिकारी जल जीवन मिशन के कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करायें तथा ग्रीष्म ऋतु में ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करायें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा जल जीवन मिशन सहित अन्य विभागीय कार्यों में कोताही बरती जायेगी उनके विरूद्ध कठोर अनुशानात्मक कार्यवाही की जायेगी। प्रमुख सचिव श्री नरहरि ने कहा कि जिन कर्मचारियों द्वारा मिशन तथा विभागीय कार्यों से संबंधित जानकारियाँ अथवा पेयजल से संबंधित समस्याओं से वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर अवगत नहीं कराया जा रहा है अथवा कार्य में रूचि नहीं ली जा रही है अथवा जानबूझकर कार्य को लंबित रखा जा रहा है, ऐसे कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध अनुशानात्मक कार्यवाही के प्रस्ताव तत्काल प्रेषित करने के भी निर्देश दिये गये। प्रमुख सचिव श्री नरहरि ने निर्देश दिये कि जल जीवन मिशन के कार्य मिशन मोड पर समय सीमा में पूर्ण कराए जाएं और ग्रीष्म ऋतु में हैण्डपंप संधारण का कार्य सुचारू रूप से संचालित होना चाहिये क्योंकि सभी जिलों को हैण्डपंप संधारण के लिये आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गई है। पेयजल के संकट की संभावना वाले ग्रामों/बसाहटों का तत्काल चिन्हांकन कार्यपालन यंत्रियों द्वारा किया जाये जिससे पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न होने पर उसका निराकरण तत्काल किया जा सके। साथ ही समाचार पत्र, इलेक्ट्रानिक मीडिया सहित अन्य माध्यमो से प्राप्त होने वाली पेयजल से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता पर निराकरण कराना समस्त मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण यंत्रियों एवं कार्यपालन यंत्रियों का दायित्व होगा। प्रमुख सचिव श्री नरहरि ने निर्देश दिये कि जिस प्रकार उनके तथा प्रमुख अभियंता द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों का लगभग प्रत्येक सप्ताह दौरा कर जल जीवन मिशन सहित अन्य विभागीय कार्यों का निरीक्षण तथा जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें ली जा रही हैं। उसी प्रकार समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री भी प्रत्येक सप्ताह अपने कार्य क्षेत्र के ग्रामों का भ्रमण कर जल जीवन मिशन, नल जल योजना के संचालन की स्थिति, हैण्डपंप संधारण कार्य तथा ग्रीष्मऋतु में पेयजल व्यवस्था के कार्यों का निरीक्षण करें तथा निरीक्षण प्रतिवेदन प्रमुख अभियंता को उपलब्ध करायें। प्रमुख सचिव श्री नरहरि ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विभाग को दिये गये दायित्वों का निर्वहन प्राथमिकता पर किया जाये तथा इस अभियान के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। विभागीय अधिकारियों द्वारा इस अभियान के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी प्रतिदिन वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराये जाने के भी निर्देश दिये। recent visitors 35

नवा रायपुर में मल्टिस्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना में शाल्वी ग्रुप की रुचि, मुंबई में मुख्यमंत्री श्री साय से की मुलाकात

मुंबई छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मुंबई में शाल्वी हॉस्पिटल्स के निदेशक श्री शनाए विक्रम शाह ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने नवा रायपुर में एक अत्याधुनिक मल्टिस्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना को लेकर रुचि जताई। शाल्वी हॉस्पिटल्स की शुरुआत एक 6 बिस्तरों वाले अस्पताल से हुई थी, जो आज 8 राज्यों के 13 शहरों में फैले 16 अस्पतालों के एक विश्वसनीय हेल्थकेयर नेटवर्क में तब्दील हो चुका है। श्री शाह ने बताया कि उनका समूह छत्तीसगढ़ में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे निवेश और अधोसंरचना विकास की जानकारी साझा की और शाल्वी ग्रुप की पहल का स्वागत किया। recent visitors 32

आठवले ने कहा- टूरिस्टों को निशाना बनाकर इस प्रकार की घटना पहली बार देखने को मिली है, जो अत्यंत गंभीर और दुखद

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान को कठोर संदेश देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने इस हमले को दुर्भाग्यपूर्ण और भारत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया। आठवले ने कहा कि टूरिस्टों को निशाना बनाकर इस प्रकार की घटना पहली बार देखने को मिली है, जो अत्यंत गंभीर और दुखद है। रामदास आठवले ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देता आया है। उसने बार-बार घुसपैठियों के जरिए भारत की शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की है। यह हमला एक बार फिर यह साबित करता है कि पाकिस्तान की नीयत कभी साफ नहीं रही। अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया जाए, सिर्फ सर्जिकल स्ट्राइक से नहीं, बल्कि निर्णायक युद्ध के जरिए पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए और पीओके वापस लिया जाए। आठवले ने इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गंभीरता की सराहना की और कहा कि पीएम मोदी ने अपने सऊदी अरब दौरे को बीच में छोड़कर देश लौटने का निर्णय लिया, जो इस घटना के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी जांच प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। आठवले ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में शांति का माहौल बना था, लेकिन इस तरह का हमला दर्शाता है कि पाकिस्तान अब भी कश्मीर को अशांत करने की साजिशों से बाज नहीं आ रहा है। इस बार आतंकियों ने पर्यटकों से नाम पूछकर, धर्म के आधार पर हत्या की, जो न केवल मानवता के खिलाफ है, बल्कि भारत की एकता पर भी हमला है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी दल इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं, जबकि इस समय पूरे देश को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। शहीद हुए जवानों और नागरिकों का अपमान करने के बजाय विपक्ष को सरकार का समर्थन करना चाहिए। आठवले ने अंत में कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस घटना पर कड़ा और निर्णायक कदम उठाएंगे और पाकिस्तान को ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे वह हमेशा याद रखेगा। recent visitors 36

राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर हुआ विचार-विमर्श

भोपाल मध्यप्रदेश कृषि उद्योग विकास निगम की 199वीं बोर्ड बैठक का आयोजन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि निगम का प्रमुख उद्देश्य राज्य में कृषि आधारित उद्योगों को सशक्त करना और कृषि उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार क्षेत्रीय स्तर तक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर रही है। राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं कृषि आधारित उद्योगों को गति प्रदान कर रही हैं, और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इनका लाभ अधिक से अधिक कृषि उद्यमियों तक पहुँचे। मंत्री श्री कुशवाह ने निगम के प्रबंधन को निर्देशित किया कि वे कृषि उद्यमियों को हरसंभव तकनीकी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराएँ। उन्होंने यह भी कहा कि निगम की योजनाएं जिला स्तर पर निवेश आकर्षित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जाएं। बैठक में कृषि उद्योग की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों, जिला स्तर पर निवेश प्रोत्साहन और निगम द्वारा संचालित योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, उद्यानिकी आयुक्त श्रीमती प्रीति मैथिल, निगम के प्रबंध संचालक श्री अरविंद दुबे सहित संचालक मंडल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश कृषि उद्योग विकास निगम की स्थापना 21 मार्च, 1969 को कंपनी अधिनियम के अंतर्गत की गई थी। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों का विनिर्माण, कृषि क्षेत्र का समग्र विकास तथा कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देना है। recent visitors 36

श्रीनगर के लिए एयर इंडिया और इंडिगो ने अतिरिक्त उड़ानें शुरू की हैं ताकि पर्यटकों को राहत मिल सके

श्रीनगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद डीजीसीए ने एयरलाइनों को श्रीनगर के लिए उड़ानों की संख्या बढ़ाने और रद्दीकरण शुल्क माफ करने का निर्देश दिया है. स्पाइसजेट ने छूट की अवधि 30 अप्रैल तक बढ़ाई. नागर विमानन मंत्रालय ने किराया स्थिर रखने को कहा है. एयर इंडिया और इंडिगो ने अतिरिक्त उड़ानें शुरू की हैं ताकि पर्यटकों को राहत मिल सके. पहलगाम हमले के बाद विमानन नियामक डीजीसीए ने बुधवार को एयरलाइन कंपनियों से श्रीनगर से उड़ानों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है, ताकि पहलगाम आतंकी हमले के बाद पर्यटकों की वापसी आसान हो सके. इसके अलावा, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन कंपनियों से श्रीनगर के लिए उड़ान टिकटों के लिए रद्दीकरण और पुनर्निर्धारण शुल्क माफ करने पर विचार करने को कहा है. पहलगाम के पर्यटक स्थल पर आतंकी हमला दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में एक प्रमुख पर्यटक स्थल पर मंगलवार को आतंकवादियों ने हमला किया. इसमें कम से कम 26 लोग मारे गए और कई घायल हो गए. इनमें अधिकतर पर्यटक थे. डीजीसीए ने जारी की एडवाइजरी डीजीसीए ने एक एडवाजरी जारी कर कहा कि पहलगाम में हुई घटना के बाद अपने घर लौटने वाले पर्यटकों की ओर से डिमांड काफी बढ़ गई है. विमानन नियामक ने कहा, “इस संबंध में एयरलाइन कंपनियों को सलाह दी जाती है कि वे बढ़ती मांग के जवाब में उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए तुरंत कार्रवाई करें. इसके साथ ही, श्रीनगर से भारत भर के विभिन्न गंतव्यों तक निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करें, ताकि फंसे हुए पर्यटकों को निकालने में सुविधा हो.” पर्यटकों को जरूरी सहायता प्रदान करें एयरलाइंस डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनियों से यह भी कहा है कि उन्हें इस कठिन समय में अप्रत्याशित परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना कर रहे पर्यटकों को सभी जरूरी सहायता प्रदान किया जाए. इस बीच, नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि श्रीनगर रूट पर हवाई किराये में कोई उछाल न आए. एयर इंडिया और इंडिगो बुधवार को श्रीनगर से अतिरिक्त उड़ानें संचालित कर रही हैं. स्पाइसजेट ने कैंसेलेशन छूट की डेट बढ़ाई स्पाइसजेट ने कहा, ”पहलगाम में हुए हमले के मद्देनजर हमने श्रीनगर से आने-जाने के लिए यात्रा के लिए पुनर्निर्धारण और रद्दीकरण पर छूट को 30 अप्रैल, 2025 तक बढ़ा दिया है. यह छूट 22 अप्रैल या उससे पहले की गई सभी बुकिंग पर लागू होगी. मौजूदा स्थिति के बीच यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए हम आज श्रीनगर से दिल्ली के लिए एक अतिरिक्त उड़ान भी संचालित कर रहे हैं. हम पीड़ितों, उनके परिवारों और इस कठिन समय में प्रभावित सभी लोगों के साथ दिल से एकजुटता में खड़े हैं.” recent visitors 37

स्मार्ट नेट मीटर टेस्टिंग शुल्क हुआ कम, सिंगल फेस पर 1397 एवं थ्री फेस स्मार्ट नेट मीटर पर लगेंगे 4190 रुपए

भोपाल म. प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी की एनएबीएल मान्यता प्राप्त टेस्टिंग लैब में विभिन्न विद्युत मीटर्स एवं अन्य उपकरणों की टेस्टिंग के लिए नए शुल्क निर्धारित किए गए हैं। नए शुल्क वर्तमान में केन्द्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) द्वारा निर्धारित टेस्टिंग शुल्क के समान हैं। मध्य क्षेत्र में पीएम सूर्य घर योजना अंतर्गत सोलर रूफटॉप को बढ़ावा देने के लिए कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि सोलर संयंत्र में लगने वाले नेट स्मार्ट मीटर पर केवल स्मार्ट मीटर टेस्टिंग हेतु लगने वाले शुल्क एवं स्मार्ट नेट मीटर टेस्टिंग के लिये लगने वाले शुल्क का अंतर ही लिया जाएगा। इसके लिए सिंगल फेस स्मार्ट नेट मीटर पर लगने वाला शुल्क रुपए  1397 तथा थ्री फेस स्मार्ट नेट मीटर पर लगने वाला शुल्क 4190 रुपये ही लिया जाएगा। सिंगल फेज स्मार्ट नेट मीटर टेस्टिंग के लिए पूर्व में दर 1680 रुपये प्रति मीटर थी, जो अब घटकर 1397 रुपये हो गई है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा सिंगल फेज पर विद्युत कनेक्शन के लिए 5 किलोवाट तक भार की अनुमति  दी गई है एवं रूफटॉप घरेलू सोलर संयंत्र अधिकतर 5 किलोवाट तक के होते हैं, जिससे अधिकतर उपभोक्ताओं के टेस्टिंग चार्जेस में कमी आएगी। कंपनी यह भी निर्णय लिया है कि जिन सोलर वेंडर द्वारा सोलर संयंत्र स्थापना के लिये 21 अप्रैल 2025 से पहले मॉडल एग्रीमेंट पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, उन सोलर संयंत्रों पर लगने वाले नेट स्मार्ट मीटर टेस्टिंग शुल्क पूर्व अनुसार 1680 रुपये ही रहेंगेl recent visitors 43

उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा में उपलब्‍ध कराएं नए कनेक्‍शन : एमडी श्री सिंघल

भोपाल  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के गुना, अशोकनगर एवं शिवपुरी के अभियंताओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम गुना के वृत्‍त कार्यालय में संपन्‍न हुआ। प्रशिक्षण में प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा में नए कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराएं। विद्युत प्रणाली में ट्रिपिंग की घटनाओं का विश्‍लेषण कर तकनीकी रूप से प्रभावी रखरखाव करें। ट्रिपिंग कम से कम होना चाहिए। गर्मी के दौरान ज्‍यादातर उपकेन्‍द्रों में  अर्थिंग की समस्‍या आती है, इसलिए वहां अर्थिंग को प्रभावी बनाने के लिए  पानी अवश्‍य डलवाएं। उन्‍होंने सकल तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को कम करने के लिए राजस्व वसूली के साथ-साथ बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने की बात भी कही। उपभोक्‍ता सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्‍तापूर्ण  विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा उपभोक्‍ता संतुष्टि के लिए निर्धारित रूप से कार्य करें। विद्युत लाइनों पर व्‍यस्‍त मार्गो एवं बाजारों में गार्डिंग जरूर लगाएं ताकि विद्युत दुर्घटनाओं से बचा जा सके।  प्रशिक्षण सत्र में नए कनेक्‍शन के लिए नए नियमों तथा अधोसंरचना विकास के लिए नए प्रावधानों की जानकारी दी गई। अभियंताओं से अपेक्षा की गई कि वे सरल संयोजन पोर्टल के माध्‍यम से नए कनेक्‍शन निर्धारित समय सीमा में दें। सदैव तय अवधि में उपभोक्‍ता की मांग पूरी करने के लिए तत्‍पर रहें। उन्‍होंने कहा कि अब उपभोक्‍ताओं को नए कनेक्‍शन के लिए एमपी ऑनलाइन व कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के विभिन्‍न केन्‍द्रों के माध्‍यम से सुविधा उपलब्‍ध करा दी गई है। ग्रामीणों के लिए 5 रुपये में घरेलू तथा कृषि पंप कनेक्‍शन देने का बड़े पैमाने पर अभियान चलाने का प्रशिक्षण भी दिया। प्रबंध संचालक ने कहा कि बकायादारों के बिजली कनेक्शन को प्रभावी रूप से विच्छेदित करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई उपभोक्ता विच्छेदन उपरांत कनेक्शन अनधिकृत रूप से जोड़ लेता है तो उनके विरुद्ध विद्युत अधिनियम 2003 की धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही करें। धारा 135 व 126 के केस बनाने के दौरान पंचनामा पर हस्‍तक्षार के लिए स्‍वतंत्र गवाह जरूर रखें, ताकि बाद में कोई संदेह न रहे। उन्‍होंने उपभोक्‍ताओं के मोबाइल नंबर अपडेट करने की बात भी कही, क्‍योंकि कई उपभोक्‍ताओं के पुराने नंबर चल रहे हैं, जो कि संभवत: बंद हो चुके हैं। प्रशिक्षण सत्र में प्रबंध संचालक श्री सिंघल ने उपभोक्‍ता हितों को ध्‍यान में रखते हुए समय पर सटीक मीटर रीडिंग दर्ज करने की बात कही। उन्‍होंने ज्‍यादा से ज्‍यादा उपभोक्‍ताओं को स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताने पर भी जोर दिया। प्रबंध संचालक ने कहा कि खराब तथा जले मीटर योजनाबद्ध ढंग से बदलने का कार्य करें। गैर घरेलू कनेक्शनों और इंडस्ट्रियल पॉवर कनेक्शनों के खराब तथा जले मीटरों को तत्काल बदलने के निर्देश दिए। बैठक में प्रबंध संचालक ने निर्देशित किया कि जूनियर इंजीनियर अपने कार्यक्षेत्र के मासिक बिलिंग चक्र पर नजर रखें और मीटर रीडरों द्वारा किये गये वाचन तथा राजस्व संग्रहण की नियमित रूप से समीक्षा सुनिश्चित करें।   recent visitors 34