सुमित्रा महाजन के बेटे को लग सकता था 19 लाख रुपए का चूना, अपराध शाखा ने अज्ञात अपराधियों पर केस दर्ज किया

इंदौर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के कारोबारी बेटे मिलिंद महाजन के नाम से 19 लाख रुपये ठगने की कोशिश की गई। बैंक मैनेजर की सतर्कता से घटना टल गई। अपराध शाखा ने अज्ञात अपराधियों पर केस दर्ज किया है। डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक मिलिंद की उद्योग नगर (मूसाखेड़ी) में मिडवेस्ट ऑटो मोबाइल प्रालि. के नाम से एक कंपनी है। कंपनी के एचआर एडमिन अभिषेक गौरेलाल शर्मा (सिलिकान सिटी) ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। अभिषेक ने बताया कि कंपनी का साजन नगर स्थित एसबीआइ में खाता है। मंगलवार को बैंक मैनेजर रोशन झा ने कॉल कर बताया कि उनके पास अनजान नंबरों से कॉल आ रहे हैं। आरोपी खुद को कंपनी का डायरेक्टर (मिलिंद महाजन) बता रहा है। उसने दो खातों में क्रमश: 9,99,800 और 89,800 रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा है। बैंक ने रोक दिया ट्रांजेक्शन मैनेजर ने बताया कि बैंक में कंपनी के नाम से ई-मेल भी आया है। इसमें लेटरहेड अटैच है। उसमें दो खाता नंबर लिखे हैं। एचआर के सूचना देने पर बैंक ने ट्रांजेक्शन रोका। देर रात पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज किया। ठगों ने जुटा ली थी कंपनी की निजी जानकारी एडीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक एचआर ने बताया कि 19 अप्रैल को महाजन की कंपनी के सेल्स टीम के सदस्यों के पास बिसलरी कंपनी के नाम से कॉल आया था। उसने दो लोडिंग वाहन खरीदने के संबंध में बात कर वेंडर रजिस्ट्रेशन फार्म मांगा था। उस फार्म में कंपनी का लेटरहेड, बैंक, ई-मेल, खाता और शाखा की जानकारी थी। शक है कि ठग ने वाहन खरीदने के बहाने से कंपनी की निजी जानकारी जुटा ली थी। recent visitors 34

पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों को बहाल करने की वकालत करने वालों को भी जमकर लताड़ लगाया:पूर्व क्रिकेटर

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद आरसीबी के पूर्व स्टार श्रीवत्स गोस्वामी ने पाकिस्तान के साथ सभी खेल संबंधों को खत्म करने की मांग की है। उन्होंने पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों को बहाल करने की वकालत करने वालों को भी जमकर लताड़ लगाया है। आतंकी हमले से आक्रोशित श्रीवत्स ने कहा कि बेगुनाह भारतीयों की हत्या करना पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल जैसा बन गया है। भारत को इसका जवाब बल्ले या गेंद से नहीं, बल्कि जीरो टॉलरेंस के साथ देनी चाहिए। श्रीवत्स गोस्वामी ने अपने पोस्ट में लिखा कि जब भारत ने पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी टीम भेजने से इनकार किया था तो कुछ लोगों ने यह कहने की हिमाकत की थी कि खेल को राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत हुआ। अभी नहीं। कभी नहीं। पाकिस्तान के साथ क्रिकेट न हो। गोस्वामी ने लिखा, ‘और यही कारण है कि मैं कहता हूं- आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट न खेलें। अभी नहीं। कभी नहीं। जब बीसीसीआई या सरकार ने पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारत को भेजने से इनकार कर दिया, तो कुछ लोगों ने यह कहने का दुस्साहस किया- ओह, लेकिन खेल को राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। निर्दोष भारतीयों की हत्या करना पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल लगता है। और अगर वे ऐसे ही खेलते हैं तो अब समय आ गया है कि हम भी उन्हें उसी भाषा में जवाब दें जो वे समझते हैं। बल्ले या गेंद से नहीं। बल्कि दृढ़ता से। गरिमा से। शून्य सहिष्णुता के साथ।’ श्रीवत्स गोस्वामी ने आगे लिखा, 'मैं आक्रोशित हूं। मैं व्यथित हूं। कुछ ही महीने पहले मैं लीजेंड्स लीग के लिए कश्मीर में था। मैं पहलगाम में घूमा। स्थानीय लोगों से मिला। मुझे उनकी आंखों में उम्मीद लौटते देखा था। मुझे लगा था कि आखिरकार शांति लौट रही हैं। और अब…यह रक्तपात। फिर से। यह आपके अंदर कुछ तोड़ रहा है। यह आपको सवाल पूछने के लिए मजबूर करता है कि अभी और कितनी बार हमें चुप रहना पड़ेगा। हमारे लोग मरते रहेंगे और खेल की दुहाई दी जाएगी। अब नहीं। इस बार नहीं।' भारत ने 2012-13 से पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं खेला है और बीसीसीआई ने इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी टीम को पाकिस्तान भेजने से इनकार कर दिया था। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने बुधवार को पर्यटकों को निशाना बनाया। हमले में 2 विदेशी नागरिकों समेत 26 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल है। चश्मदीदों का दावा है कि आतंकियों ने लोगों से उनका धर्म पूछा। गैर-मुस्लिम होने की वजह से आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी। कुछ चश्मदीदों ने ये भी दावा किया है कि आतंकियों ने लोगों से कलमा पढ़ने को कहा। और तो और, कुछ लोगों के पैंट उतारकर चेक किया कि वे मुस्लिम हैं या नहीं। recent visitors 46

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद लिया गया फैसला, IPL मैच में काली पट्टी बांधकर उतरे खिलाड़ी, चीयरलीडर्स गायब

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में आज मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद की टक्कर हो रही है. लेकिन इस मैच में खिलाड़ी और अंपायर काली पट्टी पहनकर मैदान में उतरे हैं. दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ये फैसला लिया गया है.  ये बदलाव पहलगाम में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया है. इस मैच में टॉस जीतकर हार्दिक पंड्या ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया है. किए गए हैं 4 बड़े बदलाव इस मुकाबले को लेकर BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) की ओर से चार बड़े बदलाव हुए हैं. पहला तो यह कि हमले के पीड़ितों के प्रति शोक जताने के लिए आईपीएल मैच के दौरान अंपायर और ख‍िलाड़ी काली पट्टी बांधकर उतरेंगे.भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) इस घटना से बेहद दुखी है और हैदराबाद और मुंबई के बीच बुधवार को होने वाले मैच के दौरान प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. दूसरी चीज यह कि यह मुकाबला शुरू होने से पहले एक मिनट का मौन रखा जाएगा. तीसरी चीज यह कि हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मैच के लिए मैदान पर कोई भी चीयरलीडर्स नहीं होगी. वहीं, चौथी चीज यह कि इस मुकाबले में कोई भी आतिशबाजी नहीं होगी. कुल मिलाकर सभी सादगी वाले नियमों का पालन किया जाएगा.   recent visitors 40

असम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य की जान बच सकी, क्योंकि वह कलमा पढ़ सकते थे

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 घायल हो गए। आतंकवादियों ने पहलगाम घूमने आए पर्यटकों से उनके धर्म पूछकर गोलियां बरसाईं। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्हें कलमा पढ़ने के लिए भी कहा गया, जिससे उनके धर्म की पहचान हो सके। जिन्होंने कलमा पढ़ा, उन्हें आतंकियों ने छोड़ दिया। इसी तरह असम के एक हिंदू प्रोफेसर को भी आतंकियों ने गोली नहीं मारी, क्योंकि वह कलमा पढ़ सकते थे। इसके चलते असम यूनिवर्सिटी में बंगाली डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य की जान बच सकी। देबाशीष भट्टाचार्य भी उस समय पहलगाम की बेसरन घाटी में अपने परिवार के साथ मौजूद थे, जिस समय आतंकी हमला हुआ। न्यूज 18 से बात करते हुए उन्होंने बताया, ''मैं अपने परिवार के साथ एक पेड़ के नीचे लेटा हुआ था। तभी मैंने सुना कि मेरे आसपास के लोग कलमा पढ़ रहे थे। यह सुनकर मैंने भी पढ़ना शुरू कर दिया। कुछ देर में आतंकी मेरी ओर बढ़ा और मेरे बगल में लेटे व्यक्ति के सिर में गोली मार दी।'' उन्होंने आगे बताया, ''इसके बाद आतंकी ने मेरी ओर देखा और पूछा कि क्या कर रहे हो? मैं और तेजी से कलमा पढ़ने लगा। इसके बाद वह किसी वजह से वहां से मुड़कर चला गया।'' इसके बाद मौका पाते ही प्रोफेसर ने चुपचाप अपनी पत्नी और बेटे के साथ वहां से छिपकर निकल गए। लगभग दो घंटे तक चलते हुए और घोड़ों के पैरों के निशान को फॉलो करते हुए आखिरकार वह वहां से निकलने और होटल पहुंचने में कामयाब हो सके। भट्टाचार्य ने बताया कि उन्हें अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि वह जिंदा हैं। वहीं, पुणे के एक कारोबारी की बेटी ने भी ऐसा ही दावा किया है कि धर्म पूछने के बाद निशाना बनाया गया। युवती ने दावा किया है कि आतंकवादियों ने पुरुष पर्यटकों से उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें निशाना बनाया। अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के पुणे से आए दो व्यापारी संतोष जगदाले और कौस्तुभ गणबोटे को मंगलवार को हुए हमले में गोलियां मारी गईं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। पुणे में मानव संसाधन पेशेवर 26 वर्षीय असावरी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उनके पिता और चाचा को आतंकवादियों ने बेताब घाटी में स्थित 'मिनी स्विट्जरलैंड' पर गोली मार दी। असावरी ने बताया, ''उन्होंने मेरे पिता से इस्लाम की एक आयत (संभवतः कलमा) सुनाने के लिए कहा। जब वह नहीं सुना पाए तो उन्होंने मेरे पिता पर तीन गोलियां चला दीं। उन्होंने मेरे पिता के सिर पर, कान के पीछे और पीठ में गोली मारी।'' recent visitors 34

आतंकी हमला: बचकाना विज्ञापन छापकर साबित कर दिया है कि भाजपाइयों की संवेदना उन लोगों के प्रति शून्य है: अखिलेश यादव

लखनऊ समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद 'आपदा में अवसर' ढूंढने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि पार्टी अपनी सत्ता के सिवा और किसी की सगी नहीं है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर की गई पोस्ट में भाजपा पर पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर 'बचकाना विज्ञापन' जारी करने का आरोप लगाया। भाजपा ने भी पलटवार करते हुए सपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। अखिलेश ने अपनी पोस्ट में कहा कि भाजपा ने जम्मू कश्मीर के बेहद दर्दनाक हादसे पर बचकाना विज्ञापन छापकर साबित कर दिया है कि भाजपाइयों की संवेदना उन लोगों के प्रति शून्य है, जिन्होंने अपना जीवन खोया है और जिनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने पोस्ट में कहा कि भाजपा अब ये विज्ञापन हटवा भी देगी तो भी उसका ये पाप उसके कट्टर समर्थक तक माफ नहीं करेंगे। भाजपा हमेशा आपदा में अपनी सत्ता और सियासत के लिए अवसर ढूंढती है। भाजपा अपनी सत्ता के सिवा किसी की सगी नहीं है। घोर निंदनीय! सपा प्रमुख ने हालांकि अपनी पोस्ट के साथ कोई विज्ञापन टैग नहीं किया है लेकिन पार्टी नेताओं का मानना है कि उनका इशारा भाजपा की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा अपने 'एक्स' हैंडल से पोस्ट की गई एक तस्वीर की तरफ था। इस तस्वीर में हमले के बाद के एक दृश्य का 'एनिमेटेड' स्वरूप दिखाया गया है और साथ में लिखा है 'धर्म पूछा, जाति नहीं।' जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती भाजपा अखिलेश ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि जब जम्मू कश्मीर में भाजपा सरकार ने सब कुछ अपने मन मुताबिक़ किया है तो वो इतने अधिक लोगों की असामयिक मौत के लिए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। ये केंद्र सरकार की नाकामी है कि वो पहले से पता नहीं कर पायी कि देश के दुश्मन इतनी वीभत्स घटना को अंजाम देनेवाले हैं। उन्होंने आगे कहा कि ये कोई पहली बार नहीं हुआ है, भाजपा सरकार ने अगर पिछले हमलों से सबक लिया होता तो वो पहले से ही सचेत-सजग रहती और ऐसे हमलों को रोका जा सकता था, लोगों के जीवन को बचाया जा सकता था। संवेदनहीन भाजपाइयों से आग्रह है कि जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनका दुख-दर्द समझकर कम-से-कम देश की सुरक्षा को तो जुमला न बनाएं। ये असीम दुःख की घड़ी है, इसको भाजपाई दिखावटी बैठकों से और झूठी संवेदनाओं से झुठलाने का कुकृत्य न करें। जब पर्यटकों को बुला रहे तो सुरक्षा क्यों नहीं की गई अखिलेश ने कहा कि भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के खिलाफ देश भर के करोड़ों लोगों के मन में उठ रहा 'गहरे दुख, रोष और क्रोध से भरा' ये आक्रोशित सवाल गलत नहीं है कि 'अगर भाजपाई और उनके संगी-साथी देश भर के पर्यटकों को जम्मू कश्मीर के भ्रमण पर जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं तो उनकी सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध पहले से क्यों नहीं किये गये'? उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जहां हमला हुआ वो कोई निर्जन स्थान नहीं था बल्कि एक चर्चित पर्यटन स्थल था, तभी तो वहां देश के कई प्रदेशों के पर्यटक उपस्थित थे। इतने प्रसिद्ध स्थान पर सुरक्षा के लिए बैठकें पहले करनी चाहिए थी, लोगों के जीवन गंवाने के बाद नहीं। ये भाजपा सरकार की रणनीतिक चूक भी है लेकिन इससे उन भाजपाइयों को क्या फर्क पड़ता है जो स्वयं तो सुरक्षा के कई घेरों में चलते हैं लेकिन देशवासियों को मौत के मुंह में धकेल देते हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि अगर भाजपा सरकार ये बहाना करती है कि हमारे पास सुरक्षा बलों की कमी है, तो इसके लिए भी भाजपा सरकार ही जिम्मेदार है। सुरक्षा बलों की संख्या घटाकर, दोयम दर्जे के सुरक्षा उपकरणों, अस्त्र-शस्त्र व युद्ध वाहनों को खरीदकर तथा अग्निवीर जैसी योजनाएं लाकर भाजपा देश की सुरक्षा से जो समझौता कर रही है, वो क्षम्य नहीं है।'' उन्होंने कहा कि इस घटना के प्रतिशोध का कोई भी दावा, अब जनता को बहका नहीं सकता क्योंकि कोई भी प्रतिक्रिया, मृतकों के जीवन को वापस नहीं ला सकती है। जिस परिवार ने जो खो दिया, सो खो दिया। सच तो ये है कि न तो देश की आजादी में भाजपाई और उनके संगी-साथियों ने कोई योगदान दिया न वो देश की आजादी को बचाने में कोई योगदान दे रहे हैं। लाख माफी मांगने पर भी भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों को न तो हमारे भारत देश का इतिहास माफ करेगा, न भविष्य। सपा प्रमुख ने पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में हमारी सच्ची संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपनों को खोया है। अखिलेश पर भाजपा का पलटवार वहीं, सपा प्रमुख के इस बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव और पार्टी के राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि एक ऐसी पार्टी जो हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त रही है। इस समय भी राजनीति कर रही है, जब हम सभी को एक स्वर में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ बोलना चाहिए। लेकिन, मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं अखिलेश जी कि आपकी तरह हम तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करेंगे। बल्कि हमारी सरकार इस कायराना हमले के दोषियों को मुंहतोड़ जवाब देगी।   recent visitors 34

पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले से बहुत दुखी व स्तब्ध हैं, जिसमें निर्दोष लोगों की जान चली गई: राष्ट्रपति मुइज्जू

माले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर दुनियाभर में गुस्सा है। रूस, अमेरिका जैसे देशों की निंदा के बाद अब मालदीव ने भी प्रतिक्रिया दी है। मालीदव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने कहा है कि वह पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले से बहुत दुखी व स्तब्ध हैं, जिसमें निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए हैं। मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने एक्स पर पोस्ट किया, ''मालदीव सरकार सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।" इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हैं। मोहम्मद मुइज्जू के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित दुनियाभर के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की और भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत में ट्रंप ने आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की तथा इस जघन्य हमले के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए भारत को पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''उन्होंने (ट्रंप ने) जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की।" पोस्ट में कहा गया, ''भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हैं।'' इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा था, ''कश्मीर से बहुत परेशान करने वाली खबर आई है। आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ अमेरिका मजबूती से खड़ा है।" recent visitors 29

भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी धनबाद–लोकमान्य तिलक टर्मिनस–धनबाद साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन

  भोपाल रेल प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 03315/03316 धनबाद – लोकमान्य तिलक टर्मिनस – धनबाद साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (10-10 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 03315 धनबाद – लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन (10 ट्रिप) गाड़ी संख्या 03315 धनबाद – लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन दिनांक 26 अप्रैल 2025 से 28 जून 2025 तक प्रत्येक शनिवार को धनबाद स्टेशन से सुबह 08:00 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए सुबह 03:40 बजे इटारसी स्टेशन एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद अगले दिन शाम 17:30 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 03316 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – धनबाद विशेष ट्रेन (10 ट्रिप) गाड़ी संख्या 03316 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – धनबाद विशेष ट्रेन दिनांक 27 अप्रैल 2025 से 29 जून 2025 तक प्रत्येक रविवार को रात 20:00 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से प्रस्थान कर, अगले दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए सुबह 09:00 बजे इटारसी स्टेशन एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद तीसरे दिन सुबह 08:40 बजे धनबाद स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट: रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में धनबाद जंक्शन, कतरासगढ़, चंद्रपुरा जंक्शन, बोकारो थर्मल, रांची रोड, पतरातू, खलारी, लातेहार, डाल्टनगंज, गरवा रोड, रेनुकूट, ओबरा डैम, सिंगरौली, बरगवां, ब्योहारी, कटनी साउथ, मदन महल, पिपरिया, इटारसी जंक्शन, खंडवा, भुसावल जंक्शन, मनमाड जंक्शन, कल्याण जंक्शन, लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें। recent visitors 30