प्रदेश में 4 हजार ग्रामों और 356 शहरी वार्डों में हुआ योग समितियों का गठन

भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा योग के प्रति जागरूकता और प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है। इसके लिये मध्यप्रदेश योग आयोग का गठन भी किया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह योग आयोग के अध्यक्ष हैं। प्रदेश के 52 जिलों में जिला योग समितियां और 313 विकासखंडों में विकासखंड योग समितियों के गठन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इन जिलों में लगभग 4 हजार ग्रामों में और शहरी क्षेत्र के 356 वार्डों में योग समितियों का गठन किया गया है। योग आयोग पोर्टल मध्यप्रदेश योग आयोग का पोर्टल www.mpyogaayog.in तैयार कर एनआईसी पर संचालित किया जा रहा है। पोर्टल पर योग आयोग की समस्त जानकारियां, जिला योग प्रभारियों एवं विकासखंड योग प्रभारियों की व्यक्तिगत जानकारी, योग से निरोग कार्यक्रम में सहयोग देने वाले योग शिक्षकों की जानकारी को प्रदर्शित है। मुख्यमंत्री जिला योग प्रशिक्षण केन्द्रों के सुव्यवस्थित संचालन के लिये उपयुक्त भवन और भूमि उपलब्ध कराने के लिये कलेक्टर्स को पत्र लिखा गया है। वर्तमान में 14 जिलों ग्वालियर, मुरैना, दतिया, राजगढ़, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, देवास, नीमच, सिवनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह और शहडोल में मुख्यमंत्री जिला योग प्रशिक्षण केन्द्र संचालित हो रहे हैं। स्कूल छात्र-छात्राओं के लिये तैयार किया गया प्रोटोकॉल स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिये 10 मिनट का प्रोटोकॉल मध्यप्रदेश योग आयोग द्वारा तैयार किया गया है। इसमें आसन, प्राणायाम एवं ध्यान शामिल किये गये हैं। प्रोटोकॉल जिला योग प्रभारियों को विद्यालयों में प्रार्थना सत्र के दौरान अभ्यास कराने के लिये उपलब्ध करा दिया गया है। जिलों में गठित योग समितियों द्वारा संचालित निशुल्क योग कक्षा के लिये एक घंटे का योगाभ्यास प्रोटोकॉल तैयार कर संबंधित एजेंसी को उपलब्ध कराया गया है, जिसके आधार पर योग समितियों द्वारा संचालित निशुक्ल योग कक्षाओं में आम नागरिकों को योगाभ्यास कराया जा रहा है। संस्था की पूरे वर्ष की योग गतिविधियों का वार्षिक योग पंचांग आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा प्रति वर्ष जारी किया जाता है। जारी कैलेण्डर के अनुसार प्रदेश में योग गतिविधियां संचालित हो रही हैं। प्रदेश में 21 जून 2025 को मनाये जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25

भारत ने बांग्लादेश में ₹5,000 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट पर लगाई रोक, भूटान और नेपाल के रास्ते वैकल्पिक रास्तों की तलाश

नई दिल्ली  इस समय पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) से रिश्ते कुछ सहज नहीं हैं। इसलिए भारत ने वहां चल रहे कुछ रेलवे प्रोजेक्ट (Railway Project) रोक दिए हैं। वहां हो रही राजनीतिक उथल-पुथल और वहां काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भारत को चिंता है। एक खबर के अनुसार, लगभग ₹5,000 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट का इस समय काम रुक गया है। कई प्रोजेक्ट पर काम ठप  एक रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम तीन प्रोजेक्ट पर पहले काम चल रहा था, जिसे अब रोक दिया गया है। इसके अलावा, पांच अन्य प्रोजेक्ट के लिए सर्वे का काम भी बंद कर दिया गया है। ये रेलवे प्रोजेक्ट पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश के रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए बहुत जरूरी थे। इनका मकसद सिलिगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भरता को कम करना था। सिलिगुड़ी कॉरिडोर एक पतला सा रास्ता है जो पूर्वोत्तर भारत को बाकी भारत से जोड़ता है। कौन कौन से प्रोजेक्ट रुके जिन रेलवे प्रोजेक्ट को रोका गया है, उनमें अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक, खुलना-शाहबाजपुर रेल लाइन, खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन और ढाका-टोंगी-जयदेबपुर रेल एक्सटेंशन प्रोजेक्ट शामिल हैं। अखौरा-अगरतला क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक प्रोजेक्ट पर भारत बांग्लादेश को लगभग ₹400 करोड़ की मदद दे रहा था। यह 12.24 किलोमीटर लंबा है। इसमें बांग्लादेश में 6.78 किलोमीटर और त्रिपुरा में 5.46 किलोमीटर की दोहरी रेल लाइन बननी थी। खुलना-शाहबाजपुर रेल लाइन, जो अखौरा-अगरतला प्रोजेक्ट का हिस्सा है, असम के लिए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बनाई जा रही थी। खुलना-मोंगला पोर्ट रेल लाइन प्रोजेक्ट को रियायती लाइन ऑफ क्रेडिट के तहत बनाया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत $388.92 मिलियन (₹3,300 करोड़) है। इसमें बांग्लादेश के मोंगला पोर्ट और खुलना में मौजूदा रेल नेटवर्क के बीच लगभग 65 किलोमीटर का रेल मार्ग बनाया जाना था। काम बहुत धीरे 'बिजनेस लाइन' की रिपोर्ट के अनुसार, ढाका-टोंगी-जयदेबपुर रेलवे एक्सटेंशन प्रोजेक्ट जून 2027 तक पूरा होना था। लेकिन, पिछले साल तक इसका 50% से भी कम काम हो पाया था। मतलब, काम बहुत धीरे चल रहा था। प्रोजेक्ट पर काम क्यों धीमा था, इस बारे अभी तक कुछ खास सामने नहीं आया है। भारत विकल्प देख रहा है अब भारत भूटान और नेपाल के रास्ते वैकल्पिक रास्तों की तलाश कर रहा है ताकि उत्तर तथा पूर्वोत्तर भारत में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, "'₹3500 – 4000 करोड़ की कनेक्टिविटी योजना भूटान और नेपाल के माध्यम से तलाशी जा रही है, लेकिन भारतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्य योजना के अनुसार चल रहा है।" इसके साथ ही, भारत उत्तर प्रदेश और बिहार में सिंगल रेल लाइनों को डबल और जहां डबल रेल लाइन है, वहां चार लाइनें बिछाने की संभावना भी तलाश रहा है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 50

प्रदेश के आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अधिकारियों के DA में हुई बढ़ोत्तरी

भोपाल एमपी में महंगाई भत्ते में फिर बढ़ोत्तरी की गई है। इसे बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया गया है। महंगाई भत्ता यानि डीए में बढ़ोत्तरी का लाभ प्रदेश के आईएएस, आईपीएस, आईएफएस अधिकारियों को मिलेगा। इसके साथ ही प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों को भी बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मिलेगा। इस संबंध में वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा इसका नकद भुगतान किया जाएगा।  भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाया है। केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ा हुआ भत्ता 1 जनवरी 2025 से मंजूर किया गया है। इस संबंध में 2 अप्रेल को आदेश जारी किया गया था जिसके अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों और अधिकारियों को 55 प्रतिशत प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत बढ़ोत्तरी की केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत बढ़ोत्तरी की। अभी तक उन्हें मूल वेतन का 53 प्रतिशत डीए दिया जा रहा था। केंद्रीय कर्मचारियों अधिकारियों के लिए जारी किए गए इस आदेश के आधार पर मध्यप्रदेश सरकार ने भी केंद्र के कर्मचारियों, अधिकारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी कर दिया है। एक जनवरी 2025 से 53 की बजाय 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मध्यप्रदेश के वित्त विभाग ने आदेश जारी किए। इसमें एक जनवरी 2025 से 53 की बजाय 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की बात कही गई है। प्रदेश के आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के साथ ही राज्य में प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

एम.पी. ट्रांसको ने नई तकनीकों के समावेश को आगे बढ़ाते हुए डिजिटाइजेशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

भोपाल एम.पी. ट्रांसको (मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) ने अपने कार्यालयीन प्रक्रियाओं में नई तकनीकों के समावेश को आगे बढ़ाते हुए डिजिटाइजेशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यों के बिलों का भुगतान, जो पूर्व में भौतिक मापन पुस्तिका में मैन्युअल प्रविष्टि के बाद होता था, अब वह डिजिटल एम.बी. के माध्यम से ही होगा। एम.पी. ट्रांसको के विभिन्न विभागों में इसका उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया है। मंत्री श्री तोमर ने बताया कि अब संपूर्ण मध्यप्रदेश में एम.पी. ट्रांसको के कार्यालयों में शत प्रतिशत पारदर्शिता के साथ वेंडर, ठेकेदारों आदि के बिल डिजिटल एम.बी. के माध्यम से भुगतान किये जा रहे हैं। इससे न केवल भुगतान की प्रक्रिया आसान हुई है बल्कि वेंडर, कॉन्ट्रेक्टर आदि भी अपने बिलों की करंट स्टेट्स से अवगत रहते हैं। साथ ही उन्हें निर्धारित समय पर भुगतान प्राप्त भी हो रहा है। इन हाउस विकसित किया एम.पी. ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता श्री अजय पांडे ने बताया कि इस डिजिटल एम.बी. को कंपनी की आई.टी. एवं ई.आर.पी. सेल ने कंपनी के वित्तीय विभाग से समन्वय बनाकर इनहाउस विकसित किया है। डिजिटल एम.बी. में वेंडर और कॉन्ट्रेक्टर की उनके द्वारा किए गए कार्यों के पार्ट पेमेंट का नियमानुसार भुगतान करने की भी सुविधा दी गई है। सॉफ्टवेयर से किए गए कार्य, उपयोग हुआ मटेरियल और शेष कार्य तथा मटेरियल की गणना कर भुगतान की राशि निकल आती है। क्या है डिजिटल एम.बी. डिजिटल एम.बी. एक डिजिटल मापन पुस्तिका है। यह सरकारी कार्यालयों में बाहरी एजेंसी द्वारा किए गए कार्यों, सप्लाई किये गए मटेरियल के बदले भुगतान प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण अभिलेख होता है। यह किए गए कार्य की वास्तविक माप या गिनती का मूल अभिलेख कहलाता है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25

मध्य प्रदेश का एजुकेशन डिपार्टमेंट हर स्कूल में एक शुगर बोर्ड की स्थापना करने जा रहा, बच्चों को डायबिटीज की शिक्षा जरूरी

जबलपुर  मध्य प्रदेश का एजुकेशन डिपार्टमेंट हर स्कूल में एक शुगर बोर्ड की स्थापना करने जा रहा है. इस बोर्ड के जरिए स्कूली बच्चों को डायबिटीज से बचाव कैसे करें यह समझाने की कोशिश की जाएगी. इसके साथ ही बच्चों के लिए कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा. मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की अनुशंसा पर यह पत्र प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजा है. गलत खानपान की वजह से कम उम्र में बढ़ती मधुमेह की बीमारी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. भारत में बढ़ती डायबिटीज भारतीय चिकित्सा विज्ञान परिषद की एक इकाई भारत में मधुमेह के बढ़ते हुए रोगियों की संख्या पर अध्ययन करती है. इसके अनुसार 1990 में भारत में 5.5 प्रतिशत मधुमेह के रोगी थे. 2016 तक आते-आते यह संख्या 7% तक पहुंच गई. 2018 की सर्वे में यह संख्या 9.3 प्रतिशत थी जो 2021 में बढ़कर 9.7% हो गई. यह लोग अलग-अलग समय पर समाज के अलग-अलग हिस्सों में सैंपलिंग करते हैं जिससे यह प्रतिशत निकाला जाता है. क्यों हो जाती है डायबिटीज जबलपुर के डॉक्टर सुनील मिश्रा बताते हैं कि, ''हमारे खानपान की बदलती आदतें और हमारा बदलता हुआ रहन-सहन डायबिटीज की मुख्य वजह है. आजकल का आदमी ज्यादा आराम पसंद है, मेहनत कम करता है. जबकि उसका खाना पहले की अपेक्षा ज्यादा पौष्टिक हो गया है. इसमें ज्यादा तादाद में तेल कार्बोहाइड्रेट शुगर और प्रोटीन है. शरीर में जरूर से ज्यादा खाना पहुंच रहा है. इसी की वजह से मोटापा बढ़ रहा है और लोगों में मधुमेह की समस्या बढ़ रही है. सबसे बड़ा संकट बच्चों के सामने है क्योंकि बच्चे जंक फूड खा रहे हैं.'' जंक फूड क्या है चॉकलेट, कैंडी, केक, बेकरी आइटम, डीप फ्राइड चिप्स, बर्गर, पिज्जा यह सभी आइटम जंक फूड की श्रेणी में आते हैं. इन सभी खाद्य सामग्रियों में जरूरत से ज्यादा कैलोरी है. इसके साथ ही कोल्ड ड्रिंक आइसक्रीम जैसे खाद्य पदार्थ भी शरीर में शक्कर की मात्रा बढ़ा रहे हैं और इन्हीं को खाने की वजह से बच्चों में मोटापा बढ़ रहा है. जिसकी वजह से कम उम्र में ही बच्चों को डायबिटीज की समस्या हो रही है. शहरी स्कूलों में बाकायदा कैंटीन बनाई जा रही हैं. वहीं गांव के स्कूलों के आसपास ऐसी दुकानें होती हैं जहां बहुत कम पैसे में चिप्स कोल्ड ड्रिंक जैसे सामान मिल जाते हैं. डायबिटीज की शिक्षा जरूरी इस बार यह चिंता राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने जताई है. बाल संरक्षण आयोग की अनुशंसा पर स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने जिला शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र भेजा है. जिसमें उन्होंने कहा है कि स्कूलों में एक बोर्ड की स्थापना की जाए. जिसमें चीनी के जरूर से ज्यादा उपयोग की वजह से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं, किन-किन सामानों में चीनी ज्यादा होती है. जंक फूड क्या होता है. यह जानकारी हर बच्चे को दी जाए. इसके साथ ही हर स्कूल में शक्कर की ज्यादा इस्तेमाल की वजह से होने वाली बीमारियों के बारे में कार्यशालाओं का आयोजन करवाया जाए. शिक्षकों को इस बारे में जानकारी दी जाए ताकि बच्चों तक यह जानकारी पहुंच सके और बच्चों में होने वाली डायबिटीज की बीमारी से बचाव किया जा सके. स्कूलों में कार्यशालाओं का आयोजन जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी का कहना है कि, ''इस पत्र के सिलसिले में उन्होंने जबलपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से चर्चा की है और जल्द ही जबलपुर के सभी निजी और सरकारी स्कूलों में बोर्ड की स्थापना की जाएगी. इसके साथ ही स्कूलों में डायबिटीज की बीमारी से जुड़े विषयों पर कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा. सभी स्कूलों को 30 दिनों के भीतर बोर्ड की स्थापना करनी है और स्कूल शुरू होते ही कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना है.'' हेल्थ के लिए नुकसानदायक है पिज्जा-बर्गर यह समस्या सरकारी स्कूलों में कम है. निजी स्कूलों में जहां समाज के अपेक्षाकृत संपन्न वर्ग के बच्चे पढ़ने आते हैं, वहां बच्चों में मोटापा स्पष्ट दिखता है. इन्हीं स्कूलों में शुगर बोर्ड की जरूरत सबसे ज्यादा है, ताकि बच्चे यह समझ सकें कि जिस चॉकलेट, पिज्जा, बर्गर, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक को वह बड़े चावल से खा और पी रहे हैं वह दरअसल जानलेवा है. ज्यादातर छोटे बच्चों की आदत बिगाड़ने का काम उनके परिवार के लोग करते हैं. इसलिए परिवार के लोगों को भी इस बात की जानकारी होना बहुत जरूरी है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 23

मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के 1500 कर्मचारियों को अप्रैल से ही मिलेगा भत्ता, लाभान्वित होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन में ही बढ़ा हुआ भत्ता दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को सचिवालय (मंत्रालय) भत्ते में वृद्धि के आदेश जारी कर दिए। इससे मंत्रालय के लगभग 1500 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बता दें कि मंत्रालय भत्ता एक जुलाई 2013 के बाद से नहीं बढ़ाया गया था। वाहन एवं विकलांग भत्ता का आदेश जारी करना भूला वित्त विभाग वित्त विभाग ने कैबिनेट निर्णय के बाद बढे हुए भत्ते देने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ते के आदेश जारी करना भूला गया। राज्य सरकार एक अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों के गृह भाड़ा भत्ता स्थाई यात्रा भत्ता अनुग्रह भत्ता दोहरा कार्य भत्ता अव्यवसायिक वाहन भत्ता विकलांग भत्ता वृद्धि करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद तीन अप्रैल को वित्त विभाग ने वाहन भत्ता 200 से 384 एवं विकलांग भत्ता 350 से 675 करने के आदेश को छोड़कर उक्त अन्य सभी भत्तों का लाभ एक अप्रैल 2025 से प्रदेश के कर्मचारियों को मई के वेतन से देने का आदेश जारी कर दिया। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि अप्रैल माह समाप्ति की ओर है 13 साल से जो भत्ते नहीं बढ़ाए गए थे कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश जारी न होने पर अप्रैल के वेतन में इनका लाभ मिलना प्रतीत नहीं हो रहा है। महामंत्री तिवारी ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने किया था सुंदरकांड मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने सचिवालय भत्ते के आदेश जारी होने पर हनुमानजी महाराज और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने शासन में लंबित मांगों पर कोई निर्णय न होने से थक हारकर मंत्रालय परिसर स्थित मंदिर में हनुमान जी महाराज के चरणों में मांगपत्र रखकर सुंदर कांड पाठ किया था। नायक ने कहा कि हनुमान जी महाराज ने मंत्रालयीन अधिकारियों कर्मचारियों की पीड़ा को सुना और उसके बाद से ही कर्मचारी समस्याओं के निराकरण के समाचार आना शुरू हुए यानी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पदोन्नतियां जल्दी की जाएंगी। नायक ने कहा कि लंबित भत्तों का पुनरीक्षण हुआ, गृह भाड़ा भत्ता बढ़ा,  सचिवालय भत्ते में वृद्धि के आदेश भी जारी हो गए। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति का आदेश जारी होने के बाद सभी आदेशों को हनुमान जी महाराज के चरणों में समर्पित किया जाएगा और बाकी मांगों के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करने के लिए पुनः सुंदर कांड और हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने बाल विवाह में शामिल मैरिज गार्डन संचालकों, कैटरर्स, बैंड और धर्मगुरुओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी

भोपाल अक्षय तृतीया से पहले राजधानी भोपाल के जिला प्रशासन ने बाल विवाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बाल विवाह में शामिल मैरिज गार्डन संचालकों, कैटरर्स, बैंड वालों और धर्मगुरुओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है.बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो साल की जेल, एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. कलेक्टर ने अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त को देखते हुए यह आदेश जारी किया, क्योंकि इस अवसर पर बड़ी संख्या में विवाह होते हैं, जिनमें बाल विवाह की आशंका बढ़ जाती है. उन्होंने कहा, ''बाल विवाह की सूचना सही पाए जाने पर वर-वधू के परिजनों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा.'' आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विवाह समारोह में सेवाएं देने वाले, जैसे मैरिज गार्डन, कैटरिंग या बैंड वाले, यह सुनिश्चित करें कि वर और वधू बालिग हैं. आयु प्रमाणपत्र की जांच अनिवार्य होगी. अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की संभावना को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी किए हैं, जिन पर बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है: 9425047133: जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास 7000879805: सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास 8696389007: जिला कार्यालय इसके अलावा, डायल 100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 पर भी बाल विवाह की शिकायत दर्ज की जा सकती है. कलेक्टर ने सामूहिक विवाह आयोजकों से लिखित आश्वासन देने को कहा है कि उनके आयोजन में कोई नाबालिग विवाह नहीं करेगा. जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को दें.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26