Wednesday, July 8, 2026 4:05 am

कोच्चि जल मेट्रो को मुंबई में इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का कार्य सौंपा गया

मुंबई महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने रविवार को घोषणा की कि राज्य सरकार मुंबई में जल मेट्रो परियोजना की योजना बना रही है। इसके लिए कोच्चि जल मेट्रो को मुंबई में इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। राणे के मुताबिक, यह रिपोर्ट इस महीने के अंत तक तैयार हो जाएगी। 50-50 प्रतिशत भागीदारी पर बनेगा विशेष निकाय राणे ने कहा कि मुंबई में जल मेट्रो परियोजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच 50-50 प्रतिशत की भागीदारी पर एक विशेष निकाय का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुंबई सात द्वीपों से बना है, लेकिन अब तक जलमार्गों का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया है। यह परियोजना सड़कों और उपनगरीय रेल सेवाओं पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगी। शहरी परिवहन में सुधार और पर्यटन को बढ़ावा नितेश राणे ने जोर देते हुए कहा कि जल मेट्रो परियोजना शहरी परिवहन में सुधार लाएगी और मुंबई की पर्यटन क्षमता को भी बढ़ावा देगी। कोच्चि जल मेट्रो परियोजना महाराष्ट्र सरकार को इस दिशा में सहायता प्रदान करेगी। इस परियोजना के तहत बैटरी से चलने वाली नौकाएं मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए चलेंगी। 21 प्रस्तावित स्टेशनों की सूची राणे ने यह भी बताया कि जल मेट्रो परियोजना के तहत कुल 21 प्रस्तावित स्टेशनों की सूची तैयार की गई है, जिसमें वैतरणा नदी, वसई, ठाणे, मनोरी, पनवेल, और मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के पास स्टेशन शामिल हैं। पहले चरण में जल मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में रो-रो (रोल ऑन-रोल ऑफ) सेवा का विस्तार किया जाएगा। नवी मुंबई हवाई अड्डे पर जल टैक्सी सेवा मंत्री ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि नवी मुंबई का हवाई अड्डा देश का पहला हवाई अड्डा होगा, जहां जल टैक्सी सेवा भी शुरू होगी। इसके लिए हवाई अड्डे के पास एक जल मेट्रो टर्मिनल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर अगले कुछ दिनों में सिडको, महाराष्ट्र सागरी मंडल (एमएमबी) और राज्य पत्तन मंत्रालय की एक बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि डीपीआर तैयार किया जा सके। recent visitors 19

भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों और केंद्र सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद आम लोगों को बेचे जा रहे सेना जैसे कपड़े

जैसलमेर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में सेना की वर्दी पहनकर किए गए आतंकी हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता खड़ी कर दी है। इस भयावह घटना के बाद पूरे देश में सुरक्षा मानकों को लेकर बहस छिड़ी हुई है। वहीं, दूसरी ओर राजस्थान के संवेदनशील सीमा जिले जैसलमेर में बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आज भी सेना और अर्द्धसैनिक बलों जैसी वर्दियों की खुलेआम बिक्री जारी है। यह लापरवाही न केवल सेना की गरिमा को चोट पहुंचा रही है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी बन सकती है। सेना जैसी वर्दी पहनकर हमला, सुरक्षा में बड़ी सेंध 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम इलाके में आतंकियों ने सेना की वर्दी में आकर सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया था। आतंकियों ने सेना की वर्दी का सहारा लेकर पहले खुद को सुरक्षाबलों के बीच मिला लिया और फिर अचानक हमला कर दिया। इस हमले ने यह साफ कर दिया कि यदि किसी असामाजिक तत्व को सेना या पुलिस जैसी वर्दी आसानी से उपलब्ध हो जाए तो वह कितनी बड़ी चुनौती बन सकता है। इस घटना के बाद देशभर में इस बात पर गंभीर चिंता जताई जा रही है कि सेना और सुरक्षा बलों की वर्दी जैसी पोशाकें बाजारों में कैसे बिक रही हैं। जैसलमेर में बाजारों में मिल रही वर्दियां जैसलमेर जैसे संवेदनशील सरहदी जिले, जहां से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा कुछ ही किलोमीटर दूर है, वहां भी बाजारों में सेना, बीएसएफ, और पुलिस जैसी वर्दियां बिना रोक-टोक बिक रही हैं। कई दुकानों पर कॉम्बैट प्रिंट के कपड़े, जैकेट, टी-शर्ट और टोपी खुलेआम बेची जा रही हैं। हालांकि दुकानदार दावा करते हैं कि वे पहचान और सत्यापन के बाद ही सामान बेचते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कोई भी व्यक्ति आसानी से ये वर्दी जैसे कपड़े खरीद सकता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना भारतीय दंड संहिता की धारा 140 और 171 के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना की वर्दी या उसके जैसी दिखने वाली यूनिफॉर्म को अनाधिकृत रूप से पहनना या बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। दोषी पाए जाने पर 500 रुपये जुर्माना और अधिकतम तीन महीने तक की सजा हो सकती है। सेना जैसी वर्दी का उत्पादन केवल कुछ अधिकृत मिलों को ही करने की अनुमति है, जिनमें पंजाब के फगवाड़ा और महाराष्ट्र की दो मिलें प्रमुख हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को आदेश दिया था कि कॉम्बैट प्रिंट कपड़े बनाने, बेचने और पहनने पर सख्त निगरानी रखी जाए, खासकर संवेदनशील इलाकों में। सेना के पुराने आदेश भी हवा में पठानकोट हमले के बाद सेना ने खासतौर पर निर्देश दिया था कि आम जनता को सेना जैसे कपड़े न बेचे जाएं और निजी सुरक्षा एजेंसियों को भी कॉम्बैट पैटर्न की यूनिफॉर्म इस्तेमाल न करने को कहा गया था। इसके बावजूद आज जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले में आधा दर्जन से ज्यादा दुकानों पर यह कपड़ा आसानी से उपलब्ध है। न कोई सख्त निगरानी है न ही प्रशासन की ओर से कोई सघन अभियान चलाया जा रहा है। जांच और निगरानी की सख्त जरूरत जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस को बाजारों में सेना की वर्दी जैसे कपड़ों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है। साथ ही ऐसे कपड़े बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, यदि पहलगाम जैसी घटनाओं से सबक नहीं लिया गया तो सीमावर्ती जिलों में भी आतंकी तत्व सेना या सुरक्षा बलों की वर्दी का दुरुपयोग कर सकते हैं। ऐसे में समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो इसके परिणाम भयावह हो सकते हैं।   recent visitors 27

216 रन चेज करने उतरी लखनऊ सुपर जांयट्स की शुरुआत खराब, बुमराह ने मुंबई को दिलाई पहली सफलता

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 45वें मुकाबले में आज मुंबई इंडियंस का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से हो रहा है। यह मैच मुंबई के घरेलू मैदान वानखेड़े स्‍टेडियम में खेला जा रहा है। लखनऊ के कप्‍तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी मुंबई ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 215 रन बनाए। रयान रिकेल्टन ने 32 गेंदों पर 58 रन की पारी खेली। उनके अलावा सूर्यकुमार यादव ने 28 गेंदों पर 54 रन ठोक दिए। विल जैक्‍स ने 29 और कॉर्बिन बॉश ने 20 रन बनाए। नमनधीर 25 रन बनाकर नाबाद रहे। मयंक यादव और आवेश खान के खाते में 2-2 विकेट आए। बुमराह ने मुंबई को दिलाई पहली सफलता  216 रन चेज करने उतरी लखनऊ सुपर जांयट्स की शुरुआत खराब रही। तीसरे ओवर में जसप्रीत बुमराह ने एडेन मार्कराम को नमन के हाथों कैच आउट कराया। एडेन ने 11 गेंदों पर 9 रन बनाए। recent visitors 36

तहव्वुर राणा ने मुंबई आतंकी हमलों पर किया बड़ा खुलासा, 26/11 पर इस व्यक्ति को बताया जिम्मेदार

मुंबई मुंबई में 26/11 के भयानक आतंकी हमलों का नाम लेते ही तहव्वुर हुसैन राणा का जिक्र सामने आता है। अब इस मामले में बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में तहव्वुर राणा ने खुद को हमलों से पूरी तरह अलग बताया है। राणा ने कहा कि उसका 26/11 से कोई लेना-देना नहीं है और इसके लिए उसने अपने बचपन के दोस्त डेविड कोलोमन हेडली को जिम्मेदार ठहराया है। सूत्रों के अनुसार, राणा ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि हमले की साजिश में उसकी कोई भूमिका नहीं रही। उसका यह बयान जांच एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती बन गया है। केरल में भी गया था तहव्वुर राणा पूछताछ के दौरान तहव्वुर राणा ने यह भी कबूल किया कि वह दिल्ली और मुंबई के अलावा केरल भी गया था। जब अधिकारियों ने वजह पूछी तो राणा ने कहा कि वह अपने जानने वालों से मिलने के लिए केरल गया था। उसने उन जानकारों का नाम और पता भी एजेंसियों को उपलब्ध कराया है। सूत्रों का कहना है कि राणा की दी गई जानकारी की पुष्टि करने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की एक टीम जल्द ही केरल रवाना हो सकती है। पूछताछ में बेहद शांत नजर आया राणा एक अधिकारी ने बताया कि तहव्वुर राणा बेहद ट्रेंड अपराधी है। उसकी उम्र भले ही ज्यादा हो गई हो लेकिन वह पूछे गए सवालों का बिना घबराए जवाब देता है और कई बार गुमराह करने की भी कोशिश करता है। इतना ही नहीं, पूछताछ के दौरान जब नमाज का समय होता है तो वह इंटेरोगेटर से कहता है कि उसे 15 मिनट के लिए नमाज अदा करनी है और इस दौरान उसे डिस्टर्ब न किया जाए। राणा का यह रवैया एजेंसियों को उसकी मानसिक मजबूती और प्रशिक्षण का अहसास कराता है। अमेरिका से कैसे भारत लाया गया तहव्वुर राणा 26/11 हमलों के एक प्रमुख आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाना आसान नहीं था। राणा ने प्रत्यर्पण से बचने के लिए अमेरिका में कई कानूनी प्रयास किए। यहां तक कि उसने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में इमरजेंसी अर्जी भी लगाई थी। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद जब उसकी सभी याचिकाएं खारिज हो गईं तो उसका भारत प्रत्यर्पण संभव हो सका। एनआईए और एनएसजी की टीमों ने मिलकर लॉस एंजेल्स से उसे एक विशेष विमान के जरिए भारत लाया। इस पूरी प्रक्रिया में भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई। एनआईए ने राणा के प्रत्यर्पण के लिए कई वर्षों तक अमेरिकी एफबीआई और न्याय विभाग के साथ समन्वय किया था। 26/11 हमले की कहानी जिसने हिला दी थी दुनिया याद दिला दें कि 26 नवंबर 2008 को दस आतंकवादियों ने मुंबई के ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और नरीमन हाउस जैसे स्थानों पर हमला किया था। इस आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। पूरी दुनिया इस हमले से हिल गई थी। भारत की जांच एजेंसियों का आरोप है कि तहव्वुर राणा ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर इस हमले की योजना बनाने में मदद की थी। recent visitors 19

एमपी ट्रांसको ने कार्मिकों के गृह भाड़ा भत्ते को किया पुनरीक्षित, जाने किन्हें नहीं मिलेगा गृह भाड़ा भत्ता

भोपाल एम. पी. ट्रांसको (मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) ने अपने कार्मिकों के लिए गृह भाड़ा भत्ता (HRA) के पुनरीक्षित आदेश जारी कर दिए हैं। एम. पी. ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि कंपनी ने मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग के आदेश क्रमांक एफ 4-1/2025/नियम/चार, दिनांक 3 अप्रैल 2025 के अनुसार, शासकीय सेवकों के लिए निर्धारित गृह भाड़ा भत्ते के प्रावधानों को आवश्यक संशोधनों सहित अपनाया है। सात लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले नगरों में निवासरत कंपनी कार्मिकों को उनके मूल वेतन का 10 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ते के रूप में देय होगा। तीन लाख से अधिक लेकिन 7 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों में यह दर 7 प्रतिशत होगी। तीन लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों में यह दर 5 प्रतिशत निर्धारित की गई है। किन्हें नहीं मिलेगा गृह भाड़ा भत्ता जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि वे कार्मिक जो कंपनी आवास में रह रहे हैं या किराया रहित कंपनी आवास में निवासरत हैं, या किराया रहित आवास के बदले कोई अन्य भत्ता प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें गृह भाड़ा भत्ता देय नहीं होगा। साथ ही संविदा, तदर्थ, स्थायी-कर्मी व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी इस भत्ते की पात्रता नहीं होगी। अन्य शर्तें पूर्ववत रहेंगी और यह आदेश 1 अप्रैल 2025 से प्रभावशील होगा।   recent visitors 25

बगरू में ज्वेलरी शॉप लूट के आरोपी गिरफ्तार, एक साथी फरार, लूटी गई ज्वेलरी बरामद

जयपुर बगरू थाना पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में ज्वेलरी शॉप लूटने के मामले में तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों के कब्जे से अवैध हथियारों के साथ वारदात में इस्तेमाल किए गए दो बाइक व एक कंटेनर जब्त किया गया है। पूछताछ में सामने आया है कि जेल से छूटकर आए दो दोस्तों ने जल्द पैसा कमाने के चलते यह प्लान बनाया था। जिसके तहत दोनों ने फिल्मी स्टाइल में रैकी करने के बाद देसी बम फोड़कर मार्केट में दहशत फैलाने के बाद गोलियां चलाकर ज्वैलरी शॉप लूटी और पुलिस को चकमा देने के लिए बाइक से वारदात करने के बाद कंटेनर में छिपकर भाग गए, फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम अमित कुमार ने बताया कि ज्वेलरी शॉप लूट के मामले में आरोपी कन्हैयालाल शर्मा उर्फ चिकू पण्डित (20), सोहेल पठान (20)  और प्यारेलाल लुहार (37) को गिरफ्तार किया गया है। बदमाश कन्हैयालाल शर्मा बगरू रीका एरिया में रहकर आईएमएल कंटेनर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करता है। उसकी कंपनी में प्यारेलाल कंटेनर ड्राइवर है। वहीं इस मामले में फरार साथी कौशल की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देसी कट्टा, तीन कारतूस, रेकी और वारदात में प्रयुक्त दो बाइक, फरारी में प्रयुक्त कंटेनर और लूटी गई ज्वेलरी बरामद की है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डेटा बेस तैयार करने के साथ रुट मैप बनाया और लुटेरों की पहचान के बाद मुखबिर की सूचना पर जोधपुर में दबिश देकर सोहेल को पकड़ लिया गया और उससे की गई पूछताछ के बाद दबिश देकर कन्हैयालाल और प्यारेलाल को भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कन्हैयालाल शर्मा और सोहेल पठान की जेल में मुलाकात हुई थी। सजा काटने के बाद कन्हैयालाल और कौशल जेल से बाहर आकर बगरू रीको एरिया में रहने लगे। बगरू रीको एरिया में स्थित आईएमएल कंटेनर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में दोनों काम करने लगे और जल्द पैसा कमाने के लिए दोनों दोस्तों ने बैंक या ज्वेलरी शॉप लूटने की प्लानिंग बनाई। इसके लिए दोनों ने बगरू स्थित मुथुट फाइनेंस बैंक की रेकी की और साथ ही आसपास की ज्वेलरी दुकानों, बीकानेर की फेमस ज्वेलरी शॉप, तारानगर चुरू में पीएनबी बैंक के पास ज्वेलर्स की रेकी की और इसके बाद दोनों ने बगरू इलाके की ज्वेलरी शॉप को लूटना तय किया। इसके लिए कन्हैयालाल ने सोहल को जोधपुर से जयपुर बुलाया। पुलिस को चकमा देने के लिए उन्होंने कंपनी के कंटेनर ड्राइवर प्यारेलाल को भी प्लान में शामिल किया। पूछताछ में सामने आया है कि प्लान ये था कि वारदात कर भागने के बाद पुलिस उनकी बाइक को चिन्हित कर पीछा करती रहती और वे कंटेनर में छिपकर आसानी से पुलिस को चकमा देकर वह फरार हो जाते। इस कारण उन्होंने प्यारेलाल को शामिल किया, जिसका काम उन्हें वारदातस्थल के पास छोड़ना और वारदात करने के बाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का था। गौरतलब है कि बगरू के जुगल बाजार में मनमोहन शर्मा की रत्नेश्वरी ज्वेलर्स के नाम से ज्वेलरी शॉप पर लूट की गई थी। 22 अप्रेल की शाम को कंटेनर से वारदात स्थल के पास तीनों बदमाश पहुंचे। रोड किनारे कंटेनर को खड़ा कर ड्राइवर प्यारेलाल निगरानी रखने लगा और बाइक पर उसके तीनों साथी ज्वेलरी शॉप को लूटने निकल गए। उन्होंने शॉप के बाहर देसी बम फोड़े और आसपास के दुकानदारों को पास में नहीं आने के लिए धमकाया। मार्केट में दहशत का माहौल फैलाने के बाद ज्वेलरी शॉप के काउंटर के पास आकर शीशे के गेट पर गोली चलाई, जिससे शॉप में मौजूद लोग डर गए। फिर दुकान में रखे सोने-चांदी के गहनों को 2 बैग में भरकर तीनों बदमाश बाइक से भाग निकले और वारदात स्थल से कुछ दूरी पर खड़े कंटेनर में छिपकर वहां से फरार हो गए। recent visitors 30

प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात का उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया श्रवण

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” का उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने भोपाल से रीवा यात्रा के दौरान श्रवण किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का उद्बोधन और मार्गदर्शन सदैव ही प्रेरणास्पद होता है। उनके विचार नई ऊर्जा और सकारात्मकता प्रदान करते हैं। recent visitors 24