गुजरात में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद होगी एमपी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति

भोपाल कांग्रेस गुजरात में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर रहा है। नियुक्ति प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इस वजह से दूसरे प्रदेशों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति रुक गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन का कहना है कि गुजरात के तर्ज पर ही मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करेगा। यही वजह है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस जिला अध्यक्षों की लिस्ट रुक गई है।  हालांकि जिन जिलों में अध्यक्षों के पद खाली है वहां एक सप्ताह के भीतर नाम की घोषणा हो जाएगी। दरअसल कांग्रेस के इतिहास में पहली बार अब जिलाध्यक्षों की सीधी नियुक्ति खुद हाईकमान कर रहा। इसके तहत सबसे पहले गुजरात राज्य को राहुल गांधी ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना है। अब स्थानीय नेताओं की सिफारिश के बजाय पर्यवेक्षक जिलाध्यक्ष चुनेंगे। केवल 30 फीसदी बदले जाएंगे अध्यक्ष मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ.संजय कामले में बताया कि मध्य प्रदेश में ज्यादा जिला अध्यक्षों के बदलाव नहीं किए जाएंगे केवल 30 फ़ीसदी अध्यक्ष ही बदले जा सकते हैं क्योंकि एक-दो साल पहले ही ज्यादातर जिला अध्यक्ष बदले गए थे उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद भी बदलने की संभावना है। ज्यादातर पुराने नाम पर ही सहमति बन गई है। गुजरात में जिला अध्यक्षों को लेकर पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। गुजरात में जिला अध्यक्षों की घोषणा होने के बाद मध्य प्रदेश उसी तर्ज पर जिला अध्यक्षों की लिस्ट तैयार की जाएगी। जिला अध्यक्ष होंगे पावरफुल संगठन की मजबूती के मिशन में जुटे कांग्रेस आलाकमान ने अब जिला अध्यक्षों को फिर से पावरफुल बनाने की दिशा में धरातल पर ऑपरेशन शुरु कर दिया है। जिम्मेदारी के साथ जिला अध्यक्षों की जवाबदेही तय करने के लिए अब उनके चयन से जुड़ा कांग्रेस ने नया फार्मूला चुना है। अब विधायक और सांसदों सहित अन्य सीनियर लीडर की सिफारिशों पर जिला अध्यक्ष नहीं बनाए जाएंगे। अब नियुक्ति से पहले बाकायदा हर एंगल और समीकरणों के मद्देनजर रखते हुए पड़ताल की जाएगी। कांग्रेस में जिलाध्यक्ष बनाने का नया फार्मूला 1- अब बड़े नेताओं की नहीं चलेगी चयन में पसंद-नापसंद 2- अब हाईकमान खुद करेगा जिला अध्यक्षों का चयन 3- गुजरात से चयन का पायलट प्रोजेक्ट किया शुरु 4- कांग्रेस के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा 5- जब पर्यवेक्षक करेंगे जिला अध्यक्ष का चयन 6- पर्यवेक्षक 5-5 नामों का करेंगे पैनल तैयार 7- हाईकमान हर एंगल से पैनल के नामों को करेगा क्रॉस चेक 8- उसके बाद जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की होगी सूची जारी होगी। राहुल गांधी की ड्रीम प्रोजेक्ट खास बात है कि  खुद राहुल गांधी अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं। दरअसल राहुल गांधी का इसके पीछे मकसद है कि अब पार्टी को संगठन खास तौर से जिला अध्यक्षों के भरोसे चलाया जाए. इसलिए टिकट वितरण जैसे बड़े काम में उनका रोल तय होगा। लिहाजा वो चाहते है कि जिला अध्यक्ष ऐसा बने जो पार्टी की विचारधारा से जुड़ा हुआ हो। इसलिए उनका साफ कहना है कि जिला अध्यक्षों के चयन में कोई समझौता अब नहीं होगा।   recent visitors 46

महासमुंद : सुशासन तिहार : राजस्व प्रकरणों का त्वरित समाधान और जमीन स्तर पर बदलाव की नई शुरुआत

महासमुंद   जिले में ‘सुशासन तिहार’ अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा  त्वरित समाधान हेतु किए जा रहे पहल प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक हैं, बल्कि आम जनता को राहत देने वाले ठोस प्रयास भी हैं। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के सतत मार्गदर्शन में राजस्व विभाग की टीम द्वारा जिस तत्परता से प्रकरणों का समाधान किया जा रहा है, वह सराहनीय है। सीमांकन प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुशासन तिहार के इतर सामान्य दिनों में राजस्व विभाग के समक्ष आने वाले सबसे सामान्य लेकिन जटिल प्रकरणों में सीमांकन की समस्या प्रमुख है। पहले इन प्रकरणों के निराकरण में समय लग जाते थे, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन सुशासन तिहार के दौरान, इन प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान गया। उदाहरणस्वरूप, ग्राम चौकबेड़ा के किसान श्री ब्रज प्रसाद की भूमि का सीमांकन वर्षों से लंबित था, जिससे खेती करना मुश्किल हो गया था। अभियान के दौरान राजस्व विभाग ने दो दिनों के भीतर सीमांकन कर रिपोर्ट प्रदान की, जिससे किसान परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी तरह उपतहसील पटेवा अंतर्गत किसान पंचराम और झाखरमुडा में ग्रामीणों सीमांकन की कारवाई की गई । छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान इस अभियान में केवल बड़े प्रकरणों पर ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं पर भी ध्यान दिया गया। भू-अभिलेख की प्रतिलिपि, सीमांकन रिपोर्ट की प्रति,  किसान किताब ,भूमि स्वामित्व की त्रुटियों का संशोधन, खातों की अद्यतन जानकारी जैसी मामूली लेकिन समय-संवेदनशील समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया जा रहा है। किसान किताब और दस्तावेजों का वितरण अभियान के दौरान राजस्व विभाग द्वारा बसना तहसील अंतर्गत ग्राम डूमरपाली के किसान महेशराम, ग्राम जगत के मीन केतन और राजकुमार को तहसीलदार ममता ठाकुर द्वारा किसान किताब वितरण किया गया। इसके अलावा  बागबाहरा के ग्राम तेंदुलोथा के श्रीमती पुरी हरपाल को भी किसान किताब एक सप्ताह के भीतर मिल गया। इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। लोग अब यह महसूस कर रहे हैं कि उनका शासन उनके द्वार पर है। बसना के किसान पंचराम ने कहा, “अब हमें तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, अफसर खुद गांव आकर समाधान कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी सरकार की यह पहल वास्तव में समाधान कारक है।‘सुशासन तिहार’ केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि जनता से जुड़ने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुलझाने की एक सशक्त पहल है। महासमुंद जिले में इस अभियान ने प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही को जमीन स्तर पर सिद्ध करने का प्रयास किया है। यदि इसी गति और भावना से कार्य होते रहे, तो सुशासन की यह अवधारणा एक स्थायी बदलाव का माध्यम बन सकती है।` recent visitors 26

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित माओवादियों को मिल रहा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण

रायपुर, राज्य शासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना एवं समावेशी विकास को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 लागू की गई है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने हेतु व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। सुकमा जिले में कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से 20 आत्मसमर्पित युवाओं को कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण तीन माह की अवधि का है जिसमें उन्हें ड्रिप इरिगेशन, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, डेयरी, मुर्गी और मत्स्य पालन जैसी आजीविका आधारित तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय साक्षरता तथा लघु उद्यम स्थापित करने की विधियों पर भी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात इन युवाओं को सिलाई तथा मोटर ड्राइविंग जैसे अन्य रोजगारमूलक विषयों में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन युवाओं को नवजीवन देने का प्रयास है, जो कभी भटकाव के रास्ते पर चले गए थे। हमारा उद्देश्य है कि वे आत्मनिर्भर बनें, सम्मानजनक जीवन जिएं और समाज के लिए प्रेरणा बनें। कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने बताया कि यह केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि मुख्यधारा में लौटे युवाओं के लिए स्थायी आजीविका की दिशा में एक ठोस कदम है। लाइवलीहुड कॉलेज की नोडल अधिकारी सुश्री मधु तेता ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण के बाद इन युवाओं को स्वरोजगार हेतु शासन से आवश्यक सहायता भी प्रदान की जाएगी। राज्य शासन की यह पहल न केवल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित कर रही है, बल्कि युवाओं को एक सकारात्मक भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है। recent visitors 22

Reno 14 सीरीज़ जल्द ही चीन में होगी लॉन्च

नई दिल्ली  Oppo ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसकी अगली पीढ़ी की Reno 14 सीरीज़ जल्द ही चीन में लॉन्च होने जा रही है. चीनी माइक्रोब्लॉगिंग साइट Weibo पर एक पोस्ट के माध्यम से कंपनी ने सिर्फ आगामी Reno 14 सीरीज़ का नाम टीज़ किया है. जारी किए गए टीज़र में चीन के तीन अलग-अलग शहरों में मई माह में होने वाले प्रचार अभियानों की तारीखें दर्शाई गई हैं, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि Reno 14 सीरीज़ का लॉन्च मई में तय है. हालांकि Oppo ने फिलहाल स्मार्टफोन से जुड़ी अन्य जानकारियाँ गोपनीय रखी हैं. हालांकि कंपनी ने अब तक आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन लीक और अफवाहों के आधार पर डिवाइस की झलक सामने आ चुकी है. प्रसिद्ध टिप्स्टर Digital Chat Station ने Weibo पर दो नई इमेज शेयर की हैं, जिनमें आगामी Oppo Reno 14 का डिज़ाइन देखा जा सकता है. इन लीक रेंडर्स में फोन के बैक और साइड व्यू का खुलासा हुआ है, जिससे इसके नए डिज़ाइन और कैमरा लेआउट की जानकारी मिलती है. Reno 14 का रियर डिज़ाइन एक फ्लैट, स्कल्प्टेड ग्लास पैनल के साथ आता है, जिसमें कैमरा मॉड्यूल के चारों ओर उभरी हुई आकृति नजर आती है. फोन के ऊपरी हिस्से में चमकदार सफेद फिनिश और चिकनी chamfered एज दिखाई देती हैं, जो कुछ हद तक पुराने iPhone 12 की डिज़ाइन लैंग्वेज की याद दिलाती हैं. फोन के फ्रेम के लिए एल्युमिनियम का उपयोग किया गया है, और पावर बटन तथा वॉल्यूम रॉकर दाईं ओर स्थित हैं. वहीं, अफवाहें हैं कि डिवाइस के बाईं ओर एक नया “मैजिक क्यूब” बटन हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है. कैमरा सेटअप को R-आकार के लेआउट में एक हल्के आयताकार मॉड्यूल में सजाया गया है. इसमें दो लेंस वर्टिकल फॉर्म में बाईं ओर स्थित हैं, जबकि तीसरा लेंस एक कैप्सूल-आकार की रिंग में है, जिसके साथ ट्रिपल LED फ्लैश भी मौजूद है. पिछली लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, Reno 14 में 50 मेगापिक्सल का मुख्य सेंसर (OIS के साथ), 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड लेंस और 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा (3.5x ज़ूम के साथ) हो सकता है. साइड व्यू से यह भी स्पष्ट होता है कि पेरिस्कोप कैमरा मुख्य कैमरा मॉड्यूल के भीतर ही एकीकृत है. दिलचस्प बात यह है कि Reno 14 का डिज़ाइन काफी हद तक Reno 13 Pro से मेल खाता है, जिससे प्रतीत होता है कि Oppo ने लुक में बड़ा बदलाव करने के बजाय उसे और निखारने पर ज़ोर दिया है. हालांकि एक बड़ा बदलाव यह है कि इस बार कर्व्ड डिस्प्ले की जगह 120Hz फ्लैट OLED पैनल देखने को मिल सकता है. इसके अतिरिक्त, Reno 14 Pro के IP68/IP69 वॉटर रेजिस्टेंस रेटिंग के साथ आने की उम्मीद है, जो डस्ट और वॉटर से पूरी सुरक्षा प्रदान करेगा. हालांकि Oppo ने अब तक इन सभी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन अब तक सामने आए संकेत एक परिष्कृत और दमदार अपग्रेड की ओर इशारा कर रहे हैं. recent visitors 43

नया डिस्प्ले साइज के साथ जल्द हो लॉन्चिंग सकती है Apple Watch SE 3

मुंबई Apple ने पहली बार 2020 में अपनी किफायती स्मार्टवॉच Apple Watch SE पेश की थी, जो कुछ फीचर्स में कटौती करते हुए एक अफॉर्डेबल विकल्प के तौर पर आई थी. 2022 में लॉन्च हुई Apple Watch SE 2 भी इसी राह पर चली थी, जिसमें 1.57-इंच और 1.73-इंच डिस्प्ले साइज के विकल्प दिए गए थे. लेकिन अब ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी Apple Watch SE 3 में डिस्प्ले साइज में बदलाव देखने को मिल सकता है. प्रसिद्ध विश्लेषक Ross Young के अनुसार, Apple ने अपनी अगली SE सीरीज़ की वॉच पर काम शुरू कर दिया है और इसमें 1.6-इंच और 1.8-इंच डिस्प्ले साइज पेश किए जा सकते हैं. यानी वर्तमान मॉडलों की तुलना में मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे. Apple ने Watch SE को खासतौर पर किफायती सेगमेंट और युवा यूज़र्स को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया था. ऐसे में एक कॉम्पैक्ट बॉडी के साथ बड़ी स्क्रीन और पतले बेज़ल्स वाला नया डिज़ाइन काफी आकर्षक हो सकता है. पिछली बार Watch SE का डिज़ाइन Series 6 पर आधारित था. माना जा रहा है कि इस बार भी Apple इसी डिज़ाइन लैंग्वेज को फॉलो कर सकता है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि कंपनी इसमें Series 7 के बड़े केस साइज (41mm और 45mm) से भी प्रेरणा ले सकती है. इसके अलावा, कुछ अफवाहें बताती हैं कि Apple एक हार्ड प्लास्टिक बॉडी वाला वेरिएंट भी प्लान कर रहा है, जो कई चमकीले रंगों में आ सकता है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह योजना वास्तविकता की ओर बढ़ी है या नहीं. अगर ऐसा होता है, तो Apple Watch SE 3 एक पतली बॉडी के साथ 1.6-इंच और 1.8-इंच डिस्प्ले पेश कर सकती है, जो पुराने 38mm और 42mm मॉडल्स के साइज के क़रीब हो सकता है. इससे यूज़र्स को कॉम्पैक्ट साइज में ज़्यादा स्क्रीन एरिया मिल सकेगा. यह भी ध्यान देना ज़रूरी है कि रिपोर्ट किए गए डिस्प्ले साइज में मामूली राउंडिंग का अंतर हो सकता है. फिर भी, नए डिज़ाइन और बेहतर स्क्रीन के साथ Watch SE 3 में कई दिलचस्प बदलाव देखने को मिल सकते हैं. Apple Watch Series 11 और Ultra 3 भी जल्द लॉन्च के लिए तैयार 2025, Apple Watch के लिए एक महत्वपूर्ण साल साबित हो सकता है. इस साल कई नई खूबियाँ और हेल्थ-फोकस्ड अपडेट्स आने की उम्मीद है, हालांकि डिज़ाइन में ज़्यादा बदलाव नहीं होंगे. प्रसिद्ध टेक जर्नलिस्ट Mark Gurman के अनुसार, आगामी Apple Watch Series 11 और Ultra 3 का डिज़ाइन मौजूदा मॉडलों के जैसा ही रहेगा. लेकिन इनमें कुछ बड़े अपग्रेड्स देखने को मिल सकते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर, Ultra 3 में सैटेलाइट कनेक्टिविटी और 5G RedCap टेक्नोलॉजी का सपोर्ट मिल सकता है, जिससे कनेक्टिविटी के नए दरवाज़े खुलेंगे. हेल्थ फीचर्स की बात करें तो Series 11 और Ultra 3 में ब्लड प्रेशर डिटेक्शन जैसे एडवांस्ड फीचर्स दिए जाने की चर्चा है. यह फीचर यूज़र को हाई ब्लड प्रेशर के संभावित संकेतों के बारे में अलर्ट करेगा, हालांकि यह पूरी डिटेल्ड रीडिंग नहीं देगा. इसके अलावा, Apple एक नए AI-ड्रिवन हेल्थ कोचिंग सर्विस और एक अपडेटेड Health App पर भी काम कर रहा है, जो यूज़र्स को पर्सनलाइज़्ड वेलनेस सपोर्ट देगा. उम्मीद है कि ये नए फीचर्स आगामी AirPods के साथ भी पेश किए जा सकते हैं, जो हार्ट रेट मॉनिटरिंग टेक्नोलॉजी से लैस होंगे. यानी भले ही डिज़ाइन में बड़े बदलाव न हों, लेकिन Apple आने वाले समय में अपने स्मार्टवॉच एक्सपीरियंस को और ज़्यादा हेल्थ-केंद्रित और स्मार्ट बनाने पर ज़ोर देने वाला है. recent visitors 40

ऑपरेशन अमानत”: यात्रियों की सुरक्षा में आरपीएफ का सराहनीय कदम

 भोपाल  भारतीय रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल ने "ऑपरेशन अमानत" अभियान का शुभारंभ किया है। यह अभियान खासतौर पर यात्रा के दौरान खोए हुए सामान की तलाश और उसे सही मालिक तक पहुँचाने के उद्देश्य से चलाया गया है। इसी कड़ी में रेल सुरक्षा बल, पश्चिम मध्‍य रेल द्वारा इस अभियान के तहत वर्ष 2025, में 24 अप्रैल तक 276 यात्रियों के खोए हुए सामान किमत 49 लाख 07 हज़ार 294 रूपये बरामद कर वापस लौटाया गया हैं। मुख्य पहल:- 1) समानों की सूचीबद्धता और प्रबंधन:- रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खोए हुए सामान को सही तरीके से दर्ज किया जाता है। रेल सुरक्षा बल, पश्चिम मध्‍य रेल  ने वर्ष 2025 में 24 अप्रैल तक लगभग 276 यात्रियों के खोए हुए सामान किमत 49,07,294 रूपये बरामद किया है, जिनमें बैग, लैपटॉप, मोबाइल फोन,  घड़ियाँ और अन्य मूल्यवान सामान उनके मालिकों तक पहुँचाया है। 2) सुरक्षित वापसी:- खोए हुए सामान को उसके असली मालिक तक सुरक्षित रूप से पहुँचाने के लिए एक सुव्यवस्थित प्रणाली बनाई गई है। यात्रियों को उनकी खोई हुई वस्तु की जानकारी दी जाती है, और उन्हें सामान को प्राप्त करने के लिए स्टेशन पर बुलाया जाता है। 3) जन जागरूकता:- यात्रियों को उनके सामान के खोने से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है।  "ऑपरेशन अमानत" अभियान से आरपीएफ यह सुनिश्चित कर रहा है कि यात्रियों का खोया हुआ सामान सुरक्षित रूप से वापस उन्हें मिल सके और रेलवे यात्रा के अनुभव को और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके।   recent visitors 29

छत्तीसगढ़ नक्सली ऑपरेशन में जवानों को बड़ी सफलता, करेगुट्टा पहाड़ी पर फहराया गया तिरंगा

कर्रेगुट्टा   छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी, लंबे समय से नक्सलियों का अभेद्य गढ़ मानी जाती थी। लेकिन अब ये पहाड़ी भारतीय सुरक्षाबलों के नियंत्रण में है। 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत 9 दिनों की कठिन चढ़ाई और रणनीतिक अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने इस पहाड़ी पर कब्जा कर लिया और वहां तिरंगा झंडा फहरा दिया है। इस ऐतिहासिक जीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें जवान गर्व से तिरंगा लहराते नजर आ रहे हैं। ऑपरेशन संकल्प: नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान कर्रेगुट्टा पहाड़ी समुद्र तल से लगभग 5,000 फीट की ऊंचाई पर है। बताया जाता है कि ये पहाड़ी लंबे समय से नक्सलियों के पीपुल्स लिबरेशन गेरिला आर्मी (PLGA) के बटालियन नंबर 1 का मुख्य ठिकाना थी। इस क्षेत्र में करीब 500-1,000 नक्सली छिपे हुए थे। यह क्षेत्र हिड़मा, देवा, दामोदर, आजाद और सुजाता जैसे शीर्ष नक्सली कमांडरों का केंद्र रहा है। 21 अप्रैल से शुरू हुए 'ऑपरेशन संकल्प' में करीब 10,000 सुरक्षाकर्मियों ने हिस्सा लिया, जिसमें छत्तीसगढ़ पुलिस, तेलंगाना पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, एसटीएफ, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स शामिल थे। अभियान के दौरान 500 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों को हेलिकॉप्टरों के जरिए पहाड़ी पर उतारा गया। 40-45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी, दुर्गम रास्तों और नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चुनौतियों के बावजूद जवानों ने नक्सलियों को खदेड़कर पहाड़ी के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। इस दौरान दो जवान आईईडी विस्फोट में घायल हुए, और कई जवान डिहाइड्रेशन का शिकार हुए। नक्सलियों का गढ़ अब जवानों के कब्जे में कर्रेगुट्टा पहाड़ी को नक्सलियों का 'ब्लैक फॉरेस्ट' या 'ब्लैक हिल्स' भी कहा जाता है, क्योंकि यह क्षेत्र इतना घना और दुर्गम है कि शाम 4 बजे के बाद अंधेरा छा जाता है। स्थानीय लोग इस इलाके में जाने से डरते थे। सुरक्षाबलों ने न केवल पहाड़ी पर कब्जा किया, बल्कि वहां एक अस्थायी कैंप भी स्थापित किया, जिससे निगरानी और अभियान को और मजबूती मिलेगी। रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान में नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 को चारों ओर से घेर लिया गया है। करीब 2,000 नक्सलियों को घेरने की खबर है, जबकि कुछ शीर्ष नक्सली नेता, जैसे हिड़मा, तेलंगाना की ओर भाग गए हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नक्सलियों की गुफा का खुलासा अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर एक विशाल गुफा मिली, जो इतनी बड़ी थी कि इसमें 1,000 नक्सली छिप सकते थे। इस गुफा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री रखने की व्यवस्था थी। गुफा के अंदर एक प्राकृतिक सुरंग भी मिली, जो नक्सलियों के लिए भागने का रास्ता थी। जवानों ने इस गुफा पर भी कब्जा कर लिया। नक्सलियों का शांति प्रस्ताव, सरकार का इनकार नक्सलियों ने ऑपरेशन के दबाव में शांति वार्ता और युद्धविराम का प्रस्ताव दिया। सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय प्रवक्ता अभय और तेलंगाना कैडर के नक्सली शांता ने इसके लिए बयान और प्रेस नोट जारी किए। हालांकि, छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने को कहा। स्थानीय लोगों में राहत, विकास की उम्मीद कर्रेगुट्टा पर सुरक्षाबलों के कब्जे के बाद आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने इस अभियान का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि अब क्षेत्र में शांति और विकास के रास्ते खुलेंगे। सुरक्षाबलों की योजना इस क्षेत्र में एक स्थायी चौकी (फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस) स्थापित करने की है, ताकि नक्सली गतिविधियों पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सके। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर उत्साह सुरक्षाबलों द्वारा जारी किए गए वीडियो और तस्वीरों में जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ी की चोटी पर तिरंगा फहराते दिख रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक्स पर कई यूजर्स ने इसे 'नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक जीत' करार दिया। एक यूजर ने लिखा, "छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर लाल आतंक का पर्याय रही कर्रेगुट्टा पहाड़ी अब तिरंगे की शान के साथ जवानों के कब्जे में है।" सरेंडर और नक्सलियों पर बढ़ता दबाव अभियान के दौरान बीजापुर में 28.50 लाख रुपये के इनामी 14 नक्सलियों समेत कुल 24 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया, जिनमें 11 महिलाएं शामिल थीं। इससे नक्सलियों पर बढ़ते दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। recent visitors 45