मनेंद्रगढ़ शासकीय विवेकानन्द महाविद्यालय से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी की गाजे-बाजे के साथ विदाई

मनेंद्रगढ़ शासकीय विवेकानन्द महाविद्यालय से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी की गाजे-बाजे के साथ विदाई रामखेलावन गुप्ता प्रयोगशाला तकनीशियन 30 अप्रैल 2025 को अपनी अर्द्धवार्षिकी पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए।   एमसीबी/मनेंद्रगढ़  शासकीय विवेकानन्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ में कार्यरत श्री रामखेलावन गुप्ता प्रयोगशाला तकनीशियन 30 अप्रैल 2025 को अपनी अर्द्धवार्षिकी पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए। इस हेतु महाविद्यालय में  आयोजित बिदाई कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्राचार्य डॉ.श्राबनी चक्रवर्ती जी के द्वारा श्री गुप्ता जी को श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर एवं समस्त महाविद्यालय परिवार के द्वारा उनका सम्मान किया गया। तत्पश्चात् डॉ. चक्रवर्ती ने अपने उद्बोधन में बताया कि हम आज एक ऐसे सहयोगी को विदाई दे रहे है जिन्होनें अपनी पूरी सेवायात्रा में ईमानदारी, समर्पण और अनुशासन की मिसाल कायम की है। उन्होनें आगे बताया कि श्री गुप्ता जी न केवल एक मेहनती कर्मचारी रहे बल्कि एक मार्गदर्शक, एक सच्चे मित्र और परिवार के जैसे रहे। इनके साथ काम करते हुए महाविद्यालय परिवार ने न केवल कार्य की बारीकियां सीखी, बल्कि मानवीय मूल्यों और कर्त्तव्यनिष्ठा का वास्तविक अर्थ भी समझा। इनका सेवाकाल हमें हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। सेवानिवृत्ति एक यात्रा का अंत नही, बल्कि एक नई यात्रा की शुरूआत है। हम कामना करते है कि जीवन का यह नया अध्याय और भी अधिक खुशियों और संतोष से भरा हो।     उदबोधन के अगले क्रम में समस्त प्राध्यापकगण, अतिथि व्याख्याताओं एवं कर्मचारीगण ने श्री गुप्ता जी के कार्य एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। तत्पश्चात् प्राचार्य डॉ. चक्रवर्ती ने श्री गुप्ता जी के पेंशन प्रकारण निराकृत कर उनको पेंशन अदायगी आदेश (पीपीओं) प्रदान किया। तत्पश्चात् महाविद्यालय परिवार के द्वारा श्री गुप्ता जी को भेटस्वरूप ब्रीफकेश एवं वस्त्र देकर गाजे-बाजे के साथ उन्हे ससम्मान उनके घर तक पहुंचाया गया।       इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. सरोजबाला श्याग विश्नोई, डॉ.रश्मि तिवारी, डॉ. सुशील कुमार तिवारी, डॉ. प्रभा राज, डॉ.अरूणिमा दत्ता, श्री शरणजीत कुजूर, भीमसेन भगत,रंजीममणी सतनामी, डॉ. नसीमा बेगम अंसारी, श्रीमती स्मृति अग्रवाल, सुनील कुमार गुप्ता, कमलेश पटेल, सुशील कुमार छात्रे, अतिथि व्याख्यातागण डॉ. रेनु प्रजापति, डॉ. रामजी गर्ग, शुभम कुमार गोयल, रामनिवास गुप्ता, पुष्पराज सिंह, डॉ.रिंकी तिवारी, श्री शिवानंद साकेत, शिवकुमार, थनेन्द्र कश्यप, अभिषेक कुमार सिंह, सुश्री अल्पना रानी खलखो श्री प्रकाश दास मानिकपुरी, सुमित तिवारी, कार्यालयीन स्टॉफ मनीष कुमार श्रीवास्तव, सुनीत जाँनसन बाड़ा, प्रेमलाल पटेल, बाबूलाल शुक्ला, श्रीमती मीना त्रिपाठी, भोले प्रसाद रजक, लड्डू गोपाल रजक, कमलू सिंह मार्को, श्रीमती मायादेवी सिंह, प्रदीप कुमार मलिक, कु. साधना बुनकर, पारसनाथ तिग्गा, श्रीमती ममता उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया। recent visitors 23

हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्य 15 जून तक करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्यों को 15 जून तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। रीवा के राज निवास सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कार्यों की धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने निर्माण एजेंसी को कार्य में गति देने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौधाम में पानी की उपलब्धता तथा गौवंश के लिए की जा रही अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से पड़ताल कर आवश्यक निर्देश दिये। स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 25

सिंगाजी-पीथमपुर 400 के.व्‍ही. लाइन के लंबित ओ.पी.जी.डब्ल्यू. कार्य पूर्ण

सिंगाजी-पीथमपुर 400 के.व्‍ही. लाइन के लंबित ओ.पी.जी.डब्ल्यू. कार्य पूर्ण एम.पी. ट्रांसको की पहली क्वाडमूस ट्रांसमिशन लाइन हुई आकाशीय बिजली से सुरक्षित अब तीव्र गति से हो सकेगा डाटा ट्रांसफर भोपाल प्रदेश की प्रमुख संत सिंगाजी थर्मल पॉवर हाउस खंडवा-पीथमपुर 400 के.व्‍ही. डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन जल्द प्रारंभ होगी। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने बताया कि लंबे समय से लंबित ओ.पी.जी.डब्ल्यू. (ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर) स्थापित करने का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। ओ.पी.जी.डब्ल्यू. कार्य को खरगोन जिला प्रशासन के सक्रिय सहयोग से संपन्न किया गया। इस तकनीकी उपलब्धि से न केवल ट्रांसमिशन लाइन को आकाशीय बिजली से सुरक्षा मिली है, बल्कि इससे उच्च गति के डाटा ट्रांसफर का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। एम.पी. ट्रांसको की अधीक्षण अभियंता श्रीमती नीलम खन्ना ने बताया कि यह कार्य खरगोन जिले की सनावद तहसील के ग्राम सताजाना और कालबरड़ क्षेत्र से गुजरने वाले लगभग 4 किलोमीटर के हिस्से में गंभीर राइट ऑफ वे (आर.ओ.डब्ल्यू.) समस्याओं के चलते पिछले 5 वर्षों से लंबित था। एम पी ट्रांसको की पहली क्वाडमूस लाइन एम.पी. ट्रांसको की यह पहली क्वाडमूस कंडक्टर से निर्मित 140 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन है, जिसमें ओ.पी.जी.डब्ल्यू. स्थापना के पश्चात तेज डाटा संचार एवं ट्रांसमिशन प्रणाली के नए आयाम जुड़ गए हैं। इससे स्काडा प्रणाली, सब-स्टेशनों के रिमोट ऑपरेशन, ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन और मॉनिटरिंग डेटा अब जी.एस.एम. की बजाय तीव्र और विश्वसनीय फाइबर ऑप्टिक माध्यम से संचरित होंगे। साथ ही इस लाइन में उपलब्ध डार्क फाइबर को संचार कंपनियों को लीज पर भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।   recent visitors 31

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरि​जा व्यास का निधन, एक महीने से अहमदाबाद में चल रहा था इलाज

अहमदाबाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं डॉ गिरिजा व्यास का गुरुवार (1 मई) को निधन हो गया. आग लगने की घटना में बुरी तरह झुलस गई थीं और उनका इलाज चल रहा था. उनके निधन से राजस्थान में शोक की लहर है. सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को सद्गति और शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. अशोक गहलोत ने उनके निधन पर कहा कि उनका असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. हम सभी के लिए बड़ा आघात- अशोक गहलोत अशोक गहलोत ने कहा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ गिरिजा व्यास का निधन हम सबके लिए एक अपूरणीय क्षति है. डॉ गिरिजा व्यास ने शिक्षा, राजनीति एवं समाज सेवा के क्षेत्र में बड़ा योगदान था. उनका इस तरह एक हादसे का शिकार होकर असमय जाना हम सभी के लिए एक बड़ा आघात है. मैं ईश्वर से उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं." परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना- अशोक चांदना कांग्रेस नेता अशोक चांदना ने एक्स पर लिखा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. परिवारजनों एवं समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं ईश्वर से प्रार्थना हैं की दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिवारजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें." राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया- बेनीवाल हनुमान बेनीवाल ने कहा, "पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. वे न केवल एक प्रखर वक्ता और कुशल प्रशासक थीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा. राजस्थान और देश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और सक्रिय सहभागिता सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगी. राजस्थान ने एक अच्छा नेता खो दिया . मैं परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें. सादर श्रद्धांजलि." उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा- डोटासरा गोविंद सिंह डोटासरा ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "केंद्रीय मंत्री रहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व पीसीसी अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है. गिरिजा जी का निधन कांग्रेस परिवार के अपूरणीय क्षति है, कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की प्रगति में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा. गिरिजा जी के परिवार एवं प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिवारजनों को संबल प्रदान करें." नाथद्वारा में जन्मी थीं गिरिजा राजसमंद जिले के नाथद्वारा में जन्मी गिरिजा के पिता स्वतंत्रता सेनानी थे। मां शिक्षिका थीं। उन्होंने उदयपुर में आकर उदयपुर यूनिवर्सिटी (वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी) से स्नातक और स्नातकोत्तर किया था। बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। उन्होंने उदयपुर के सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था। ईश्वर दिवंगत आत्म को शांति दें- राजस्थान बीजेपी चीफ राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एक्स पर लिखा, "पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास जी के निधन का समाचार अत्यंत शोकजनक है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति." महिलाओं के लिए काफी काम गिरिजा व्यास केंद्र और राज्य में मंत्री रहीं। वे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए महिलाओं के कल्याण को लेकर कई काम किए। गिरिजा व्यास ने 2018 में आखिरी विधानसभा चुनाव उदयपुर शहर सीट से लड़ा था। उनको बीजेपी के गुलाबचंद कटारिया ने हराया था। गिरिजा व्यास राजनीति में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के भी बहुत नजदीक रहीं। 31 मार्च को घर पर झुलसी थीं डॉ. गिरिजा व्यास 31 मार्च को उदयपुर के देत्यमगरी स्थित आवास पर गणगौर का पूजन कर रही थीं। दीपक के कारण उनकी चुन्नी में आग लग गई। घर में ही काम करने वाले एक व्यक्ति ने उनको संभाला। उदयपुर में निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया। वहां से उनको अहमदाबाद रेफर किया गया था।   recent visitors 37

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के आइलैंड ईको पर्यटन क्षेत्र चारखेड़ा में निर्मित 5 टूरिज्म हट का लोकार्पण किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के आइलैंड ईको पर्यटन क्षेत्र चारखेड़ा में निर्मित 5 टूरिज्म हट का लोकार्पण किया। उन्होंने पक्षियों के लिए निर्मित सकोरों में जल भी भरा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चारखेड़ा में पर्यटन विस्तार के लिये सभी आवश्यक कदम उठाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसमें क्षेत्रीय जनता के लिये रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का चारखेड़ा पहुँचने पर पारंपरिक जनजातीय नृत्य से स्वागत, अभिनंदन किया गया।   recent visitors 26

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने घायल पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य की जानकारी ली

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा स्थित निजी चिकित्सालय पहुंचकर उपचाररत पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से घायल पुलिसकर्मी के उपचार के संबंध में पूछताछ की तथा समुचित उपचार के निर्देश दिए। इस दौरान आईजी श्री गौरव राजपूत तथा पुलिस अधीक्षक श्री विवेक सिंह उपस्थित रहे।   recent visitors 21

7 लाख 81 हजार 389 किसानों से 67 लाख 92 हजार 890 मीट्रिक टन से अधिक हुई गेहूँ खरीदी: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रदेश में अभी तक 7 लाख 81 हजार 389 किसानों से 67 लाख 92 हजार 890 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है। किसानों को उपार्जित गेहूँ का भुगतान भी लगातार किया जा रहा है। अभी तक लगभग 6000 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। इस तरह से गेहूँ की खरीदी 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। गेहूँ का उपार्जन 5 मई तक होगा। प्रदेश में अभी तक जिला उज्जैन में 6 लाख 48 हजार 993, सीहोर में 6 लाख 25 हजार 718, विदिशा में 5 लाख 38 हजार 284, रायसेन में 5 लाख 25 हजार 172, शाजापुर में 3 लाख 55 हजार 439, राजगढ़ में 3 लाख 52 हजार 734, नर्मदापुरम में 3 लाख 42 हजार 513, भोपाल में 3 लाख 23 हजार 273, देवास में 2 लाख 82 हजार 360, सागर में 2 लाख 70 हजार 225, इंदौर में 2 लाख 46 हजार 432, सिवनी में 2 लाख 2 हजार 890, आगर-मालवा में एक लाख 81 हजार 129, मंदसौर में एक लाख 65 हजार 210, सतना में एक लाख 36 हजार 217, हरदा में एक लाख 26 हजार 653, धार में एक लाख 22 हजार 249, दमोह में एक लाख 10 हजार 321, रतलाम में एक लाख 2 हजार 67, नरसिंहपुर में 98 हजार 584, जबलपुर में 79 हजार 308, कटनी में 77 हजार 40, श्योपुर में 77 हजार 30, दतिया में 70 हजार 768, शिवपुरी में 64 हजार 782, रीवा में 61 हजार 349, ग्वालियर में 57 हजार 292, छतरपुर में 55 हजार 910, अशोकनगर में 49 हजार 421, पन्ना में 46 हजार 82, गुना में 45 हजार 560, मण्डला में 44 हजार 484, भिण्ड में 42 हजार 476, खण्डवा में 42 हजार 194, मैहर में 35 हजार 32, नीमच में 34 हजार 503, मुरैना में 28 हजार 967, बैतूल में 23 हजार 868, झाबुआ में 23 हजार 863, छिंदवाड़ा में 22 हजार 869, टीकमगढ़ में 16 हजार 975, शहडोल में 6 हजार 338, सिंगरौली में 6 हजार 239, उमरिया में 5 हजार 403, सीधी में 4 हजार 171, मऊगंज में 3 हजार 619, डिण्डोरी में 2 हजार 941, खरगौन में 2 हजार 914, निवाड़ी में 2 हजार 754, बालाघाट में 1 हजार 121, अनूपपुर में 832, अलीराजपुर में 245 और पांढुर्णा में 77 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।   recent visitors 28