अमेरिका का नया शहर बना, एलन मस्क की रॉकेट कंपनी ‘स्पेसएक्स’ स्थित है और इसे ‘स्टारबेस’ नाम दिया गया है

वाशिंगटन अमेरिका के टेक्सास में उस जगह को एक शहर घोषित किया गया है जहां उद्योगपति एलन मस्क की रॉकेट कंपनी ‘स्पेसएक्स' स्थित है और इसे ‘स्टारबेस' नाम दिया गया है। ‘स्टारबेस' को औपचारिक रूप से शहर घोषित करने के लिए वहां रहने वाले लोगों के एक छोटे समूह के बीच मतदान कराया गया जिसमें इस प्रस्ताव को एकतरफा मंजूरी मिल गई। यहां रहने वालों में ज्यादातर लोग मस्क की कंपनी के कर्मचारी हैं। कैमरून काउंटी निर्वाचन विभाग द्वारा ऑनलाइन जारी परिणामों के अनुसार, इस प्रस्ताव के पक्ष में 212 वोट पड़े जबकि इसके खिलाफ छह वोट पड़े। मस्क ने अपने सोशल मंच ‘एक्स' पर खुशी जाहिर करते हुए एक पोस्ट में कहा कि यह ‘‘अब वास्तव में एक शहर बन गया है।'' स्टारबेस ‘स्पेसएक्स' रॉकेट कार्यक्रम का प्रक्षेपण स्थल है। इस कार्यक्रम के लिए अमेरिकी रक्षा विभाग और ‘नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन' (नासा) ने स्पेसएक्स के साथ करार किया है। इस कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर तथा बाद में मंगल ग्रह पर भेजने का लक्ष्य है। मस्क ने सबसे पहले 2021 में ‘स्टारबेस' का विचार रखा था और नए शहर को मंजूरी मिलना लगभग माना जा रहा था। माना जाता है कि इलाके के 283 पात्र मतदाताओं में से ज्यादातर ‘स्टारबेस' के कर्मचारी हैं। मेक्सिको सीमा के पास टेक्सास के दक्षिण में स्थित यह शहर केवल 3.9 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। recent visitors 47

पाकिस्तान की कायराना हरकत है और देश कभी नहीं भूलेगा, देश तपस्या करना भी जानता है और तलवार चलाना भी: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली भारत मंडपम में आयोजित संस्कृति जागरण महोत्सव में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह पाकिस्तान की कायराना हरकत है और देश इस हमले को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा, "जैसा देश चाहता है, वैसा ही जवाब दिया जाएगा। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में जोखिम उठाने की क्षमता है और वे जानते हैं कि कब और कैसे निर्णय लेना है।" गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के वीर जवानों पर हमले का बदला लेने की बात कही थी। अब रक्षा मंत्री की यह टिप्पणी इस बात की पुष्टि करती है कि भारत जल्द ही बड़ा कदम उठाने जा रहा है। संत देश की संस्कृति को बचाने के लिए कर रहे महान काम: राजनाथ कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने देश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन धर्म की महत्ता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि संत सुधांशु जी महाराज जैसे तपस्वी संत इस देश की संस्कृति को संरक्षित करने का महान कार्य कर रहे हैं। उन्होंने समाज को जीने की सही प्रेरणा दी है, जो आज के तनावपूर्ण युग में अत्यंत आवश्यक है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीकी युग में भी सत्संग और पूजा-पाठ की ओर आकर्षित हो रही है, जो अत्यंत सकारात्मक संकेत है। उन्होंने साधु-संतों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, “जिस प्रकार सैनिक राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार साधु-संत संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत की रक्षा करते हैं।” देश तपस्या करना भी जानता है और तलवार चलाना भी: राजनाथ उन्होंने भारत को वीरों की भूमि बताते हुए कहा, "यह देश तपस्या करना भी जानता है और आवश्यकता पड़ने पर तलवार चलाना भी। हमारे साधु-संतों ने समय-समय पर योद्धाओं की तरह देश और धर्म की रक्षा की है।" recent visitors 38

स्ट्रीट लाइट से रोशन हुआ पूरा मोहल्ला, रात्रिकालीन सुरक्षा और आवागमन में मिली सुविधा

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप शासन द्वारा जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करते हुए ’सुशासन तिहार’ के माध्यम से आमजन की आवाज को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 08 के निवासी श्री बोधन दास की एक महत्वपूर्ण समस्या का शीघ्र निराकरण किया गया, जिससे न केवल उन्हें राहत मिली, बल्कि अन्य नागरिकों को भी बेहतर सुविधा का लाभ मिला। श्री बोधन दास ने अपने वार्ड में लंबे समय से खराब या अनुपलब्ध स्ट्रीट लाइट की समस्या को देखते हुए ’सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के अंतर्गत स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया था। उनके आवेदन पर नगर पंचायत प्रशासन ने तत्परता दिखाई और शीघ्र कार्यवाही करते हुए उनके क्षेत्र में नई स्ट्रीट लाइटें स्थापित कर दीं। इस कार्य के पूर्ण होने से वार्ड क्रमांक 08 में अब रात्रिकालीन सुरक्षा और आवागमन में सुविधा मिली है। क्षेत्रवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन और शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब मोहल्ले में अंधेरा नहीं रहता, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रात में बाहर निकलने में आसानी हुई है। recent visitors 42

पाक पीएम शहबाज और उनके मंत्री दुनियाभर के देशों से बात करके भारत के साथ तनाव कम करने की गुहार लगा रहे

इस्लामाबाद पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत ने पाकिस्तानी आतंकवादियों पर हमले का आरोप लगाया है और इसके जिम्मेदारों को सजा देने की कसम खाई है। भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान में घबराहट का माहौल है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज और उनके मंत्री दुनियाभर के देशों से बात करके भारत के साथ तनाव कम करने की गुहार लगा रहे हैं। आशंका है कि दोनों देशों के बीच ताजा संकट सैन्य संघर्ष में बदल सकता है। युद्ध की आशंका के बीच पाकिस्तानी नेतृत्व की अपने ही देश में आलोचना होने लगी है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट डॉ बकर हसनैन ने एक लेख में पाकिस्तानी सरकार को कट्टरता में अंधा होने का आरोप लगाया है, जो देश को युद्ध की तरफ धकेल रही है। उन्होंने पाकिस्तान को इतिहास की याद दिलाई और कहा कि उसे इतिहास से सबक लेना चाहिए। पाकिस्तान पहले भी कश्मीर को लेकर कोशिश कर चुका है और हर बार विफल रहा है। हसनैन ने कहा कि 'हम ऑपरेशन जिब्राल्टर (1965) को कैसे भूल सकते हैं, जो जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी मुसलमानों के विद्रोह को भड़काने में विफल रहा?'     पूर्वी पाकिस्तान की दिलाई याद हसनैन ने पाकिस्तान को पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में बंगालियों पर अत्याचार को भी याद दिलाया। उन्होंने कहा, 'हम ऑपरेशन सर्चलाइट (1971) को कैसे भूल सकते हैं जिसका उद्देश्य बंगाली विरोध को रोकना और तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के सभी प्रमुख शहरों पर नियंत्रण करना था? हम ऑपरेशन साइक्लोन (1979) को कैसे भूल सकते हैं जब अमेरिका (और अन्य) ने पाकिस्तान के माध्यम से अफगान मुजाहिदीन को हथियार और वित्त प्रदान किया था?'   हसनैन ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका के लिए प्रॉक्सी की तरह काम करने लगा और हेरोइन स्मग्लिंग, एके-47, धार्मिक उग्रवाद और आतंकवादी संगठनों के लिए प्रजनन स्थल बन गया। भारत की मोदी सरकार को हिंदुत्व को लेकर आलोचना पर पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने शहबाज को आइना दिखाया और कहा कि पाकिस्तान में भी अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने का हमारा रिकॉर्ड निराशाजनक रहा है।   भारत-पाकिस्तान युद्ध में कौन जीतेगा? हसैन ने आगे सवाल किया आज भारत और पाकिस्तान युद्ध के कगार पर खड़े हैं, लेकिन इसे कौन जीतेगा? पाकिस्तान ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दी है। उन्होंने रटगर्स यूनिवर्सिटी के 2019 के एक अध्ययन का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि 'अगर दोनों देश परमाणु संघर्ष में शामिल होते हैं तो 10 करोड़ लोग तुरंत मर सकते हैं। इससे भी अधिक लोग भुखमरी से मर सकते हैं।' उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध विजेता हमेशा केवर हथियार उद्योग से जुड़े लोग होते हैं, जो युद्ध सामग्री, ड्रोन, मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, विमान वाहक और अन्य प्रणालियों की बिक्री से लाभ कमाते हैं।   recent visitors 57

पद्मश्री डॉ. वाकणकर की जयंती पर व्याख्यान-माला का आयोजन, डॉ. वाकणकर के योगदान पर हुई चर्चा, चित्रकला प्रदर्शनी भी लगी

भोपाल पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने न सिर्फ पुरातत्व और चित्रकला के क्षेत्र में ख्याति अर्जित की, बल्कि सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली शासन काल की विशेषताओं को सामने लाने का कार्य भी किया। यह बात विक्रमादित्य शोध पीठ, उज्जैन के पूर्व निदेशक, पद्मश्री भगवतीलाल राजपुरोहित ने प्रो. वाकणकर की जयंती पर आयेाजित व्याख्यान-माला के अवसर पर कही। यह आयोजन रविवार को डॉ. वाकणकर शोध संस्थान, संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा स्टेट म्यूजियम में हुआ। कार्यक्रम में चित्रकला स्पर्धा के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया। पद्मश्री प्रो. राजपुरोहित ने कहा कि डॉ. वाकणकर ने पं. सूर्यनारायण व्यास, प्रो. सुमन और अन्य विद्वानों द्वारा सम्राट विक्रमादित्य के योगदान से जन-सामान्य को अवगत करवाने की परम्परा का निर्वहन किया। इस क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, जिन्होंने वर्ष 2007  से उज्जैन में विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के नाते विक्रमोत्सव का आयोजन प्रारंभ करवाया। उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य मंचन की शुरूआत और बाद में अनेक प्रदर्शनों की उपलब्धि का श्रेय भी उन्हें ही जाता है। मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. यादव के प्रयासों से नई दिल्ली में भी महानाट्य के तीन सफल मंचन संपन्न हुए।  कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के आठवें टाइगर रिजर्व का नामकरण डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर कर उन्हें यथोचित सम्मान दिया है। व्याख्यान-माला में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व अध्ययन शाला के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. सीताराम दुबे ने कहा कि प्रत्येक पीढ़ी अतीत के अध्ययन से वर्तमान की समस्याओं का समाधान प्राप्त करती है। डॉ. वाकणकर ने विक्रम संवत् प्रवर्तक सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल की सील (मुद्रांक) को सामने लाकर महत्वपूर्ण शोध का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने भीमबैठका के शैलचित्रों की खोज एवं लुप्त सरस्वती नदी के प्रवाह की गुजरात में खोज कर सैंधव सरस्वती सभ्यता के तथ्य को प्रकाश में लाने का भी कार्य किया। प्रो. दुबे ने अपने उद्बोधन में ब्रिटिश काल से लेकर अब तक इतिहास लेखन की प्रवृत्तियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुरातत्व संचालनालय की ओर से अतिथियों का सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।   recent visitors 43

रियान पराग ने छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगा डाले, रौद्र रूप देखने को मिला

नई दिल्ली राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ गजब कारनामा कर डाला। उन्होंने छह गेंदों पर लगातार छह छक्के लगा डाले। हालांकि यह सभी छक्के एक ही ओवर में नहीं लगे। रियान पराग का रौद्र रूप देखने को मिला मोइन अली और वरुण चक्रतर्वी के खिलाफ। रियान ने पहले मोइन अली के खिलाफ लगातार पांच छक्के लगाए। उसके बाद उन्होंने अगला ओवर फेंकने आए वरुण चक्रवर्ती पर भी एक छक्का लगाकर छह गेंदों पर छह छक्के लगा डाले। बड़े लक्ष्य का कर रहे थे पीछा कोलकाता के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की टीम 207 रन बनाने थे। लेकिन उसने शुरू में ही तीन विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद दो और विकेट गिरे। फिर रियान पराग ने अकेले दम पर जिम्मेदारी उठा ली। उन्होंने एक-एक करके कोलकाता के गेंदबाजों की खबर लेनी शुरू की। 12 ओवरों के बाद राजस्थान का स्कोर पांच विकेट पर 102 रन था। रियान पराग का साथ दे रहे थे शिमरन हेटमायर। उस वक्त रियान पराग 26 गेंद पर 45 रन बनाकर खेल रहे थे। फिर शुरू हुआ पराग का तांडव मोइन अली और वरुण चक्रवर्ती के ऊपर में रियान पराग का तांडव कैसे हुआ। आइए जानते हैं छह छक्कों का बॉल बाय बॉल विवरण.. 12.2- मोइन अली के ओवर की दूसरी गेंद को रियान पराग ने स्क्वॉयर लेग के ऊपर छक्के के लिए भेज दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी फिफ्टी भी पूरी कर ली। 12.3- यह एक शॉर्ट गेंद थी और रियान पराग ने इस गेंद पर बड़े ही आराम से लांग ऑन के ऊपर से छक्का उड़ा दिया। 12.4- मोइन अली ने राउंड द विकेट गेंदबाजी शुरू की। एक बार फिर से गेंद रियान पराग के स्लॉट में। इस बार गेंद बल्ले से निकली तो पहुंची डीप बैकवर्ड स्क्वॉयर लेग बाउंड्री के बाहर। इस शॉट के साथ मानों पराग ने मोइन को कहा थैंक यू वेरी मच। 12.5- बैक ऑफ द लेंथ बॉल जो रियान पराग की तरफ स्लाइड कर रही थी। पराग खड़े रहे और सीधे बल्ले से लांग ऑन के ऊपर एक फ्लैट छक्का जड़ दिया। 12.6- आरआर के कप्तान की गजब पावर हिटिंग। ऐसा लगा जैसे रियान पराग कुछ साबित करना चाहते हैं। 105.8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद ऑफ स्टंप के बाहर थी। पराग ने इस गेंद को लांग ऑफ के ऊपर से बाहर भेजा और ओवर से आए कुल 32 रन। 13.2- इसके बाद 14वां ओवर करने आए वरुण की पहली गेंद पर हेटमायर ने सिंगल लेकर पराग को स्ट्राइक दी। पराग ने इस गेंद पर रिवर्स हिट लगाते हुए गेंद पर छक्का मार दिया। उनके इस शॉट से कमेंटेटर्स भी हैरान रह गए। इस तरह पराग ने छह गेंद पर छह छक्के लगाए। लेकिन टीम को नहीं दिला सके जीत रियान पराग ने इस मैच में 45 गेंदों पर 95 रनों की पारी खेली। वह छक्का लगाकर शतक पूरा करने के चक्कर में बाउंड्री पर कैच आउट हो गए। केकेआर ने बेहद रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को एक रन से हराकर प्ले ऑफ में पहुंचने की अपनी उम्मीदें बनाए रखी हैं। केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 206 रन बनाने के बाद राजस्थान रॉयल्स को आठ विकेट पर 205 रन पर रोक दिया। केकेआर के लिए वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा और मोईन अली ने दो-दो विकेट लिए। recent visitors 47

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गरिमामय समारोह में लॉयर्स चेम्बर और मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य का किया शिलान्यास

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में लॉयर्स चेम्बर और मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री जस्टिस सूर्य कांत, श्री जस्टिस जे. के. माहेश्वरी एवं श्री जस्टिस एस. सी. शर्मा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री जस्टिस सुरेश कुमार कैत, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश श्री जस्टिस संजीव सचदेवा एवं महाधिवक्ता प्रशांत सिंह मौजूद थे। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय परिसर के समीप बनने वाले लॉयर्स चेम्बर एवं मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। समारोह में एमपी स्टेट बार कॉउंसिल के चेयरमेन श्री राधेलाल गुप्ता, हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, हाईकोट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री डी. के. जैन, मध्यप्रदेश स्टेट बार कॉउंसिल के उपाध्यक्ष श्री आर. के. सिंह सेनी एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री धरमिन्दर सिंह राठौड़ भी उपस्थित थे। इसके पहले समारोह स्थल पहुंचने पर महाधिवक्ता श्री प्रशांत सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जनप्रतिनिधियों ने की सौजन्य भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जबलपुर सर्किट हाउस में विधायक श्री अशोक रोहाणी एवं श्री नीरज सिंह और श्री रत्नेश सोनकर ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती प्रीति यादव एवं अपर कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।   recent visitors 37