Tuesday, July 7, 2026 2:32 pm

चलती ट्रेन में गर्भवती महिला ने दिया बच्चे को जन्म

सवाई माधोपुर कहते हैं कि जन्म और मरण किसी का जोर नहीं चलता। ऐसा ही कुछ आज सवाई माधोपुर में हुआ जब एक महिला को चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ा हुई और उसने ट्रेन के टॉयलेट में ही बच्चे को जन्म दे दिया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सवाई माधोपुर आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश बघेल के मुताबिक सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय की हम्मीर पुलिया कच्ची बस्ती निवासी कन्हैया अपनी गर्भवती पत्नी पूजा और तीन बच्चों के साथ गंगापुर सिटी से नंदादेवी एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर सवाई माधोपुर लौट रहा था। जैसे ही गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन से रवाना होकर ट्रेन ने स्पीड पकड़ी, पूजा को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, उसने कन्हैया को इसकी जानकारी दी लेकिन पूजा की पीड़ा लगातार बढ़ती गई और असहनीय हो गई। इस पर पूजा ट्रेन के टॉयलेट में चली गई। कन्हैया ने ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों से मदद की गुहार लगाई। पति-पत्नी की हालत देखकर कुछ सहयात्री मदद के लिए आगे आए और तुरंत रेलवे गार्ड और जीआरपी को सूचना दी लेकिन तब तक पूजा ने ट्रेन के टॉयलेट में ही बच्चे को जन्म दे दिया। सहयात्रियों और कन्हैया की मदद से पूजा को टॉयलेट से बाहर निकाला गया और टॉयलेट के पास ही जच्चा-बच्चा को लिटा दिया गया। इसी दौरान ट्रेन सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। यात्रियों की सूचना पर पहले से मौजूद जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा। जैसे ही ट्रेन रुकी रेलवे अस्पताल की टीम ने मां और नवजात की जांच की और दोनों को स्वस्थ पाया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेज दिया गया, जहां दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। recent visitors 46

जिला जेल में 273 बंदियो का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में आयोजित शिविर में चिकित्सा विशेषज्ञ भी रहे उपस्थित   अनूपपुर मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुरश्रीमती माया विश्वलाल की उपस्थिति में, जिला जेल अनूपपुर में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिविर में जिला न्यायाधीश श्री नरेन्द्र कुमार पटेल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती चौनवती ताराम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विनोद कुमार वर्मा, न्यायाधीश श्री बॉबी सोनकर, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री ब्रजेश पटेल, जेल अधीक्षक श्री इन्द्रदेव तिवारी, की उपस्थिति में संपन्न हुआ।          कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला  चिकित्सालय की  स्वास्थ्य परीक्षण टीम द्वारा महिला एवं पुरूष बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें बंदियों का ब्लड प्रेशर, शूगर, टी.बी., एच.आई.व्ही., कैंसर, की जांच हेतु ब्लड सेम्पल लिए गए। साथ ही हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, कुष्ठ सलाहकार, जनरल मेडिशन, सर्जीकल विशेषज्ञ, एनॉटामी, एवं नर्सिंग ऑफिसर्स द्वारा बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।         स्वास्थ्य परीक्षण शिविर मेंसिविल सर्जन डॉ श्रीमती एस बी अवधिया, जेल चिकित्सा अधिकारी डॉ एस सी राय,स्त्री रोग विशेषज्ञ श्रीमती अल्का तिवारी, मेडिकल विशेषज्ञ डॉ. एन.पी. मांझी, नेत्र रोग विशेष डॉ. जे.के. सारीवान, सर्जिकल विशेषज्ञ डॉ. साकेत कौशिक, दंत चिकित्सक डॉ. अंजली सिंह राठौर, जनरल मेडिसिन डॉ. ओजसिंह, पैथोलॉजी डॉ. आदित्य जायसवाल, एनॉटानी डॉ. प्रवीण कुमार भारती, कुष्ठ सलाहकार डॉ. शिवेन्द्र द्विवेदी, नर्सिंग ऑफीसर प्रभा सिंह राठौर, सरिता तिवारी, प्रियंका बसेने, पिंकी चौधरी, फार्मासिस्ट विपिन कुमार, लेब टेक्निशियन भाईलाल पटेल एवं मिथलेश राठौर की भूमिका उल्लेखनी रही।  शिविर में 273 बंदियो का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ पैनल लायर एवं लीगल एड डिफेंस के अधिवक्तागण द्वारा विधिक जानकारी तथा बंदियों को उनके प्रकरण की यथा स्थिति से अवगत कराया गया। recent visitors 36

केंद्रिय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- जनता के बीच महिला का टोकना पसंद नहीं आया और वह मंच छोड़कर ही चले गए

अलवर राजस्थान के अलवर के बहरोड़ में एक संवाद कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रिय मंत्री भूपेंद्र यादव अचानक उखड़ गए। उन्हें जनता के बीच महिला का टोकना पसंद नहीं आया और वह मंच छोड़कर ही चले गए। ग्रामीण महिला अपने पानी की समस्या केंद्रीय मंत्री को सुना रही थी,लेकिन भूपेंद्र यादव को यह नगावर गुजरा और उन्होंने मंच ही छोड़ दिया। अब उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल,केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव अलवर के बहरोड़ में सांसद संपर्क संवाद कार्यक्रम के दौरान मंच से लोगों को संबोधित कर रहे थे। तभी ग्रामीण महिला ने पानी की समस्या को लेकर मंत्री को टोका। केंद्रीय मंत्री को यह महिला का टोकना नागवार गुजरा और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा में धैर्य रखने वाला आदमी हूं,मुझे बेइज्जती पसंद नही है। जिसके बाद कार्यक्रम को बीच में छोड़ कर चले गए। इस बीच सेकड़ों ग्रामीण अचंभे में पड़ गए और संवाद कार्यक्रम में कोई जन सुनवाई ही नही हो पाई। इससे पहले जाति जनगणना के बहाने कांग्रेस पर बरसते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि जातीय जनगणना प्रधानमंत्री जी के द्वारा उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। इस ऐतिहासिक कदम का तात्पर्य है समाज मे जो एक अलग अलग तरह की सामाजिक संरचना है। जनगणना कार्य केवल जाति की बात नही है। इसमें जेंडर भी है एजुकेशन भी है बाकी सामाजिक मानक भी है और ये सामाजिक मानक सामाजिक इस्तिति के आधार पर सरकार पॉलिसी बनाने में माहिर है। मैं ये कहना चाहता हूं जो काम कांग्रेस ने किया ही नहीं उसका श्रेय वो क्यों मांग रहे हैं। मुझे इसी बात का आश्चर्य है। recent visitors 41

दिल्ली से तेल अवीव जा रही थी एयर इंडिया की फ्लाइट, तेल अवीव एयरपोर्ट के पास हुआ मिसाइल अटैक, किया डायवर्ट

नई दिल्ली इजरायल के तेल अवीव एयरपोर्ट के पास हुए मिसाइल हमले के बाद एयर इंडिया के विमान को अबू धाबी के लिए डायवर्ट कर दिया गया। यह फ्लाइट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से तेल अवीव जा रही थी। एयरपोर्ट के नजदीक रविवार को मिसाइल से घातक हमला किया गया। सूत्रों की मानें तो यह हमला एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या एआई139 के तेल अवीव में उतरने से एक घंटे से भी कम समय पहले हुआ। सूत्रों ने बताया कि फ्लाइट को वापस दिल्ली लाया जाएगा। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24.com पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फ्लाइट जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में थी, जब उसे अबू धाबी की ओर डायवर्ट करने का फैसला लिया गया। एयर इंडिया की तेल अवीव से दिल्ली की उड़ान रविवार को रद्द कर दी गई है। हालांकि, अभी तक इस मामले में एयर इंडिया का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रविवार को यमन में ईरान समर्थित विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइल ने कुछ समय के लिए इजरायल के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें और यात्री यातायात रोक दिया। हमले से धुएं का गुबार उठा और यात्रियों में दहशत फैल गई। हाउथी विद्रोही गाजा में युद्ध के दौरान फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता में इजरायल पर हमला कर रहे हैं। बेन-गुरियन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हमला शीर्ष इजरायली कैबिनेट मंत्रियों द्वारा गाजा पट्टी में देश के सैन्य अभियानों को तेज करने के बारे में मतदान करने से कुछ घंटे पहले हुआ। अधिकारियों ने कहा कि इस बीच सेना ने गाजा में व्यापक अभियान के लिए हजारों रिजर्व को बुलाना शुरू कर दिया। मिसाइल हमले के बाद इजरायल के कई हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बजाए गए। इजरायली मीडिया द्वारा साझा किए गए फुटेज के अनुसार, हवाई अड्डे पर धुएं का गुबार दिखाई दिया। यात्रियों को चिल्लाते और छिपने के लिए भागते हुए सुना गया। हमले की वजह से जमीन में एक गहरा गड्ढा बन गया और पास की सड़क पर गंदगी फैल गई। recent visitors 34

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देर रात सुरक्षा बल और माओवादियों के बीच मुठभेड़ , आठ लाख का इनामी माओवादी ढेर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में देर रात सुरक्षा बल और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें एक माओवादी मारा गया। मृत माओवादी की पहचान साकेत उर्फ योगेश उर्फ आयतु के रूप में हुई है। ये डीबीसी (डिवीजन बॉडी काम्बैट) का सदस्य और शीर्ष माओवादी नेताओं का बॉडीगार्ड रह चुका था। उस पर आठ लाख रुपये का इनाम था। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि छत्तीसगढ़ ओडिशा की सीमा पर जिला बल सीआई-30 और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन के लिए भेजी गई थी। शाम करीब छह बजे मोतीपानी जंगल में घात लगाए माओवादियों ने सुरक्षाबल पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक माओवादी को मार गिराया। ऐसे तय होता है इनाम 50 लाख से एक करोड़ के इनामी : पोलित ब्यूरो, सेंट्रल कमेटी 25 लाख के इनामी : स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य (एसजेडसीएम) 10 लाख के इनामी : कंपनी कमांडर 8 लाख के इनामी : डिविजनल कमेटी, बटालियन सदस्य, कंपनी सदस्य, डिप्टी व प्लाटून कमांडर 5 लाख के इनामी : प्लाटून सदस्य, एरिया कमेटी सदस्य, लोकल ऑपरेशनल स्क्वायड, कमांडर, लोकल गुरिल्ला स्क्वायड कमांडर 3 लाख के इनामी : सेक्शन कमांडर 1 लाख के इनामी : एलओएस सदस्य, एलजीएस सदस्य, जनमिलीशिया सदस्य पर यह इनाम घोषित किया जाता है। बस्तर के माओवाद मुक्त गांवों में बनेंगे बलिदानियों के स्मारक बस्तर में माओवादी आतंक के काले अध्याय को मिटाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने “हमर बलिदानी योजना” शुरू की है। इसके अंतर्गत उन गांवों में स्मारक बनाए जाएंगे जो माओवादी आतंक का केंद्र रहे अब शांति की राह पर लौट आए हैं। स्मारकों से स्थानीय बलिदानियों की वीरता और योगदान को सहेजा जाएगा। ऐसे 500 स्मारक बनाए जाएंगे। संगमरमर की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक स्मारक पर तीन लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पंचायत विभाग को इस योजना की जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि माओवादी हिंसा के प्रतीक स्मारकों को सुरक्षा बल लगातार ढहा रहे हैं। सरकार का दावा है कि मार्च 2026 तक बस्तर को माओवाद मुक्त कर लिया जाएगा। राजनीतिक एकजुटता का संदेश उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू से हुई बातचीत को इंटरनेट मीडिया पर साझा किया। इस बातचीत में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष साहू ने सरकार की नक्सल विरोधी कार्रवाई की सराहना की ही और कहा कि जब कोई अच्छा काम हो रहा है, तो विपक्ष में रहकर भी उसका विरोध नहीं किया जाना चाहिए। साहू ने इस बात पर ज़ोर दिया कि झीरम घाटी जैसी घटनाएं किसी एक पार्टी की नहीं, पूरे राज्य की पीड़ा हैं और इस पर सभी दलों को एकजुट होना चाहिए। बता दें कि झीरम घाटी में हुई नक्सली वारदात में कांग्रेस के प्रथम पंक्ति के नेताओं समेत 31 लोग मारे गए थे। राज्य के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि बस्तर में माओवाद पीड़ित परिवारों के लिए विशेष सर्वे कराया गया है, जिसके आधार पर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर दिए जा रहे हैं। साथ ही बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम ने युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।   recent visitors 30

पाकिस्तान के खिलाफ एक और ऐक्शन, सरकार ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध के माध्यम से चिनाब नदी का पानी रोक दिया

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत सरकार ने सिंधु जल संधि रद्द करने का ऐलान कर दिया था। अब इस फैसले को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया गया है। पीटीआई के हवाले से खबर मिली है कि सरकार ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध के माध्यम से चिनाब नदी का पानी रोक दिया है। अब झेलम नदी के ऊपर बने किशन गंगा बांध के माध्यम से ऐसा ही एक और उपाय करने की योजना बनाई जा रही है। जम्मू के रामबन में स्थित बगलिहार बांध और उत्तरी कश्मीर में स्थित किशन गंगा बांध इन नदियों पर भारत को पाकिस्तान से बेहतर स्थिति में रखते हैं। भारत सरकार इन बांधों के जरिए विद्युत उत्पादन करती है और इसके साथ ही यही बांध भारत को इन नदियों में पानी रोकने और छोड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। आपको बता दें कि बगलीहार बांध भारत और पाकिस्तान के बीच में लंबे समय तक विवाद का कारण रहा है। पाकिस्तान ने इस बांध के निर्माण के समय विश्व बैंक से मध्यस्थता की मांग की थी। इसके अलावा पाकिस्तान को किशनगंगा बांध को लेकर भी खासकर झेलम की सहायक नदी नीलम पर इसके प्रभाव के कारण आपत्ति है। भारत से पाकिस्तान की तरफ बहनें वाली यह नदियां दोनों देशों की जीवन रेखाएँ मानी जाती हैं क्योंकि इनके मैदानों में रहने वाले लोग खेती के लिए पूरी तरह से इन नदियों पर ही निर्भर हैं। भारत भी शुरुआत से ही इस बात को समझकर पाकिस्तान को ज्यादा मात्रा में ही पानी उपलब्ध करवाता रहा है। सिंधु जल संधि में भी नदियों पर ज्यादा नियंत्रण होने के बाद भी भारत ने पाकिस्तान को पानी देने की बात मानी। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार के सब्र का बांध टूट गया और सरकार ने सिंधु जल संधि को निरस्त कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से कई नेताओं ने उल्टी-सीधी बयानबाजी करना शुरू कर दिया है। हालांकि भारत की तरफ से किसी नेता ने ऐसा बयान नहीं दिया। पहलगाम हमले के बाद भारत की तरफ से तीखी और कूटनीतिक स्ट्राइक ने पाकिस्तान को परेशान कर दिया। पूरा पाकिस्तान इस खौफ में है कि भारत कभी भी हमला कर सकता है। पीएम मोदी ने पिछले महीने ही घोषणा कर दी थी कि पहलगाम में निर्दोष लोगों का नरसंहार करने वाले आतंकवादियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। recent visitors 26

भारतीय नौसेना में अरब सागर में युद्धाभ्यास भी शुरू कर दिया, तनाव के बीच पीएम मोदी से मिले वायुसेना प्रमुख

नई दिल्ली पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से तनाव के बीच वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इससे पहले नौसेना प्रमुख ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। नेवी चीफ ऐडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने लोककल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी से मुलाकात की थी। वहीं कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ मीटिंग की थी। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी शामिल हुए थे। सूत्रों ने बताया कि वायुसेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक की। उन्होंने हालांकि इससे अधिक कोई जानकारी नहीं दी। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की भी उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। इसके बाद सरकार ने सेनाओं को एक्शन लेने की खुली छूट दे दी। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में पहले ही कहा गया था कि 19 अप्रैल के आसपास आतंकी हमला करने का प्लान बना रहे हैं। हालांकि इस रिपोर्ट में लोकेशन श्रीनगर की बताई गई थी। श्रीनगर के आसपास सुरक्षा भी बढ़ाई गई लेकिन आतंकियों ने अपना प्लान बदल दिया और पहलगाम में मासूम पर्यटकों को निशाना बनाया। इसके बाद भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को निलंबित का ऐलान कर दिया। भारत के सख्त रुख से पाकिस्तान बेहद घबरा गया है। भारतीय नौसेना में अरब सागर में युद्धाभ्यास भी शुरू कर दिया है। 3 मई से नौसेना लाइव फायल ड्रिल कर रही है। इसका मतलब वास्तविक युद्ध जैसा माहौल बनाकर युद्धाभ्यास किया जा रहा है। वहीं गुजरात तट से 85 किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान की सेना भी अपने हथियारों का जोर आजमाने में लगी है। हालांकि अगर भारत और पाकिस्तान समंदर में आमने-सामने आ भी जाते हैं तो पाकिस्तान की सेना का चार दिन टिकना भी मुश्किल हो जाएगा। आतंकियों का सरपरस्त रहा पाकिस्तान अब भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया है। पाकिस्तान की सेना खुलकर आतंकियों का समर्थन करती दिख रही है। जब से भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का ऐलान किया है तब से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पहले तो वह अपने सदाबहार साथियों से मिन्नतें करने लगा। काम नहीं बना तो गीदड़भभकी का रास्ता अख्तियार कर लिया। अब लगातार 10 दिनों से एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है जिसका भारतीय सुरक्षाबल मुंहतोड़ जवाब देते हैं। recent visitors 32