भारत सरकार ने सिंधु जल समझौते को रोक दिया है, इस फैसले से ही पड़ोसी देश में चिंता की स्थिति, लगेगा झटका

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सिंधु जल समझौते को रोक दिया है। इस फैसले से ही पड़ोसी देश में चिंता की स्थिति है, लेकिन पाकिस्तान की मुसीबतें बढ़ाने के लिए सरकार अब ऐक्टिव भी हो गई है। सिंधु जल समझौते को रोकने का फैसला लेकर भारत सरकार ने डैम और पनबिजली परियोजनाएं बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। इस बीच सरकार ने संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ मीटिंग की है और उन्हें कहा है कि जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख में जिन हाइडल प्रोजेक्ट्स की योजना है, उनमें तेजी लाई जाए। इसके अलावा कई ऐसी परियोजनाओं को स्थापित करने पर जोर रहेगा, जिन पर मंथन चल रहा था, लेकिन अब तक कोई काम नहीं हो पाया था। इसके अलावा सरकार ने यह रिपोर्ट भी मांगी है कि ऐसी कौन सी परियोजनाएं हैं, जिन्हें तेजी से पूरा किया जा सकता है। फिलहाल सरकार करीब 10 नए प्रोजेक्ट्स को शॉर्ट लिस्ट किया है और उनका गहन अध्ययन किया जा रहा है। इनमें से 5 को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। यही नहीं करीब दो प्रोजेक्ट्स के लिए जल्दी ही टेंडर भी जारी करने की तैयारी है। झेलम नदी पर बने उरी-1 प्रोजेक्ट का विस्तार किया जा रहा है। इससे किशनगंगा नदी से आने वाले पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए अगले सप्ताह ही टेंडर जारी हो सकता है। इस प्रोजेक्ट के लिए पर्यावरण मंजूरी दो महीने पहले ही मिली थी और अब इसके काम में तेजी लाई जा रही है। ऐसे ही कुछ और प्रोजेक्ट्स हैं, जिन पर तेजी से काम करने की तैयारी है। ये प्रोजेक्ट्स हैं- सिंध नाला पर न्यू गांदरबल प्रोजेक्ट, चेनाब नदी पर किरठाई-2, रामबन और उधमपुर जिले में भी दो प्रोजेक्ट्स की तैयारी है। इन सभी को मिलाकर कुल 3100 मेगा वॉट बिजली तैयार की जा सकती है। हालांकि इन सभी के लिए राज्य और केंद्र के स्तर पर कई मंजूरियां लेनी होती हैं, लेकिन सरकार का जो रुख है, उसमें कोई अड़चन आती नहीं दिख रही। यही नहीं सरकार ने कई मंत्रालयों और जम्मू-कश्मीर के विभागों को इस संबंध में कह भी दिया है कि तेजी से किसी भी मंजूरी को दिया जाए। कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। कुछ प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं, जहां काम करना कठिन है क्योंकि वे दुर्गम इलाकों में हैं। इसके अलावा सुरक्षा की भी चिंताएं हैं। इस पर भी सरकार ने मीटिंग की है और सभी दिक्कतों को दूर करने की बात कही है। recent visitors 35

IPL 2025 के प्लेऑफ्स की रेस में 7 टीमों में से 2 टीमें ऐसी हैं, जिन पर प्लेऑफ्स की रेस से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है

नई दिल्ली IPL 2025 के प्लेऑफ्स की रेस से अब तक तीन टीमें बाहर हो चुकी हैं, जिनमें राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बाद सनराइजर्स हैदराबाद का नाम शामिल हो गया है। मौजूदा समय में 7 टीमें चार पायदानों के लिए लड़ाई लड़ रही हैं, लेकिन इन 7 टीमों में से 2 टीमें ऐसी हैं, जिन पर प्लेऑफ्स की रेस से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। वैसे तो तीन टीमों को इनमें से बाहर होना पड़ेगा, क्योंकि टॉप 4 टीमों को ही क्वॉलिफायर्स और एलिमिनेटर मैच खेलने का मौका मिलता है। जिन टीमों पर इस समय प्लेऑफ्स की रेस से बाहर होने का सबसे ज्यादा खतरा है, उनमें लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का नाम शामिल है। एलएसजी 16 और केकेआर 17 अंकों तक पहुंच सकती है, लेकिन ये अंक इस सीजन कम भी पड़ सकते हैं, क्योंकि इस समय टॉप 5 टीमें 19 या इससे ज्यादा अंक हासिल कर सकती हैं। अगर उन टीमों ने 18 या इससे ज्यादा अंक हासिल किए तो फिर लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का पत्ता कटना तय है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए भी आगे की राह बहुत ज्यादा कठिन है। भले ही 11 मैचों के बाद दिल्ली कैपिटल्स के खाते में 13 अंक हैं, लेकिन अगले तीन मैच दिल्ली को टॉप की 4 टीमों के खिलाफ खेलने हैं, जिनमें एक मैच पंजाब किंग्स, एक मैच गुजरात टाइटन्स और एक मैच मुंबई इंडियंस के खिलाफ है। दिल्ली कैपिटल्स एक भी मैच हारती है तो फिर प्लेऑफ्स में पहुंचना कठिन हो जाएगा, क्योंकि एक मैच हारने पर टीम 17 अंकों तक ही पहुंच पाएगी। वहीं, अगर बात उन टीमों की करें जो प्लेऑफ्स में सबसे पहले पहुंच सकती हैं तो उनमें आरसीबी का नाम सबसे ऊपर जाएगा, जो एक मैच जीतकर प्लेऑफ्स में पहुंच जाएगी। उसके खाते में इस समय 16 अंक हैं। पंजाब किंग्स को भी एक मैच जीतने के बाद प्लेऑफ्स का टिकट मिल सकता है, क्योंकि पंजाब के खाते में इस समय 15 अंक हैं। recent visitors 39

जस्टिस बीआर गवई ने खुद बताया- सुप्रीम कोर्ट के अगले CJI के पास है इतनी संपत्ति

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के 20 से ज्यादा न्यायाधीश संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक कर चुके हैं। इनमें शीर्ष न्यायालय के अगले CJI यानी मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई का नाम भी शामिल है। उनके पास महाराष्ट्र और नई दिल्ली में कई फ्लैट हैं। इसके अलावा लाखों रुपये बैंक में हैं। वह भारत के 52वें सीजेआई बनने जा रहे हैं। उनके अलावा मौजूदा सीजेआई संजीव खन्ना भी संपत्ति का ब्योरा दे चुके हैं। अगले सीजेआई के पास है कितनी संपत्ति जस्टिस गवई के पास महाराष्ट्र के अमरावती में एक घर, दो कृषि भूमि हैं। वहीं, मुंबई के बांद्रा में एक अपार्टमेंट, नागपुर के कटोल में कृषि भूमि और नई दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में एक अपार्टमेंट है। निवेश के मामले में जस्टिस गवई के पास पीपीएफ के तहत 6 लाख 59 हजार 692 रुपये, जीपीएफ के तह 35 लाख 86 हजार 736 रुपये, अन्य 31 हजार 315 रुपये हैं। उनके पास 5 लाख 25 हजार 859 रुपये सोने के आभूषण हैं। साथ 61 हजार 320 रुपये कैश, बैंक बैलेंस 19 लाख 63 हजार 584 रुपये और अन्य एडवांस 54 लाख 86 हजार 841 रुपये हैं। दायित्व के तहत मुंबई फ्लैट का सिक्योरिटी डिपॉजिट 7 लाख रुपये, दिल्ली के फ्लैट का एडवांस किराया 17 लाख 32 हजार 500 रुपये है। 52वें सीजेआई जस्टिस गवई को मंगलवार को भारत का अगला CJI नियुक्त किया गया। न्यायमूर्ति गवई 14 मई को सीजेआई का पदभार संभालेंगे। मौजूदा सीजेआई न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है। 16 अप्रैल को प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने न्यायमूर्ति गवई के नाम की अनुशंसा केंद्र सरकार को की थी। न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल छह महीने का होगा। वह 24 मई 2019 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश बनाए गए थे। 23 नवंबर को 65 वर्ष की आयु होने पर न्यायमूर्ति गवई का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। अमरावती में 24 नवंबर 1960 को जन्मे न्यायमूर्ति गवई को 14 नवंबर 2003 को बंबई उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। वह 12 नवंबर 2005 को उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश बने। न्यायमूर्ति गवई उच्चतम न्यायालय में कई संविधान पीठों का हिस्सा रहे हैं, जिन्होंने महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं। वह पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ का हिस्सा थे, जिसने दिसंबर 2023 में सर्वसम्मति से पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखा था। वह 16 मार्च 1985 को बार में शामिल हुए थे और नागपुर नगर निगम, अमरावती नगर निगम और अमरावती विश्वविद्यालय के स्थायी वकील थे। न्यायमूर्ति गवई को अगस्त 1992 से जुलाई 1993 तक बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ में सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त सरकारी अभियोजक नियुक्त किया गया था। उन्हें 17 जनवरी 2000 को नागपुर पीठ के लिए सरकारी वकील नियुक्त किया गया। recent visitors 36

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सवाल उठा दिया है कि वह पानी के बदले राज्य को क्या मिल रहा है?

शिमला पानी के बंटवारे को लेकर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के बीच मचे घमासान के बाद हिमाचल प्रदेश भी विवाद में कूद पड़ा है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सवाल उठा दिया है कि वह पानी के बदले राज्य को क्या मिल रहा है? सुक्खु ने कहा कि पानी के लिए पंजाब और हरियाणा लड़ रहे हैं, लेकिन यह उन्हें हिमाचल से मिल रहा है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कार्यक्रम के दौरान राज्यों के बीच पानी के बंटवारे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों को पानी का अधिकारपूर्ण हिस्सा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'पानी हिमाचल प्रदेश का सबसे कीमती पाकृतिक संसधान है। राज्य 12000 मेगावाट बिजली पैदा करता है, फिर भी हिमाचल को इसमें क्या मिला है? एसजेवीएनएल 6700 करोड़ की कंपनी बन चुकी है, लेकिन हमें यह पूछने की जरूरत है कि हिमाचल को क्या मिला? पंजाब और हरियाणा पानी पर लड़ रहे हैं, लेकिन यह हिमाचल से बह रहा है। हमें बदले में क्या मिल रहा है?' मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के सामने मौजूद वित्तीय चुनौतियों का भी जिक्र किया और कहा कि पुरानी सरकार से उन्हें यह विरासत में मिली है। उन्होंने कहा, 'जब हमने राज्य में सरकार बनाई तो विरासत में 75 हजार करोड़ का कर्ज और कर्मचारियों के 10 हजार करोड़ बकाया था। अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए हमने मजबूत फैसले लिए। ईमानदार और पारदर्शी शासन से हमने पिछले ढाई साल में 2500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व हासिल किया। हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है।' पानी विवाद तब शुरू हुआ, जब 'आप' शासित पंजाब ने भाजपा शासित हरियाणा को और अधिक पानी देने से इनकार कर दिया और दावा किया कि हरियाणा ने 'मार्च तक अपने आवंटित हिस्से का 103 प्रतिशत पानी पहले ही इस्तेमाल कर लिया है।' इसके बाद दिल्ली की भाजपा सरकार ने भी अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को निशाने पर लिया। भाजपा सरकार ने कहा कि दिल्ली में हार का बदला लिया जा रहा है। हाल ही में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने हाल में हरियाणा को अतिरिक्त 4,500 क्यूसेक पानी आवंटित करने का निर्णय किया था। recent visitors 43

पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ और दुनिया के अन्य देशों से मदद की गुहार लगा रहा, UNSC में हुई फजीहत

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य तैयारियों को देखकर पाकिस्तान को हर पल हमले का खौफ सता रहा है. इसी वजह से पाकिस्तान पूरी तरह से बौखलाया हुआ और दुनिया के अन्य देशों से मदद की गुहार लगा रहा है. पाकिस्तान ने इसी वजह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में इस मुद्दे पर एक क्लोज डोर मीटिंग बुलाई थी ताकि अपना दुखड़ा रोकर बाकी देशों की सहानुभूति बंटोर सके, लेकिन वहां भी पड़ोसी देश की जमकर फजीहत हो गई है. मीटिंग के बाद खुली PAK की पोल संयुक्त राष्ट्र में इस क्लोज डोर मीटिंग के बाद पाकिस्तान के स्थाई प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने झूठ फैलाते हुए कहा कि इस बैठक से जो हासिल करने का मकसद था वह पूरा हो गया है. उन्होंन यह भी दावा किया कि इस मीटिंग में जम्मू कश्मीर के मुद्दे को सुलझाने पर भी चर्चा हुई है. लेकिन जैसे-जैसे तस्वीर पूरी तरह साफ हुई तो पाकिस्तान की पोल खुलने लगी.   इस क्लोज डोर मीटिंग में पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान से तीखे सवाल पूछे गए थे. यहां तक कि पहलगाम हमले के पीछे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की भूमिका को लेकर भी पाकिस्तान को फटकार लगाई गई है. क्लोज डोर मीटिंग के दौरान UNSC के सदस्य देशों ने भारत को लेकर पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे False Flag नैरेटिव को भी पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके जरिए पाकिस्तान खुद को विक्टिम दिखाकर भारत पर निशाना साध रहा है. चीन का भी नहीं मिला साथ सबसे हैरानी की बात यह रही कि UNSC के स्थाई सदस्य अमेरिका, फ्रांस, रूस और ब्रिटेन ने पाकिस्तान से तीखे सवाल किए, साथ ही पाकिस्तान के 'दोस्त' चीन ने भी उसका साथ नहीं दिया, जिसके भरोसे पड़ोसी मुल्क उछल रहा था. पाकिस्तान UNSC का अस्थाई सदस्य है और इसी हैसियत से उसने क्लोज डोर मीटिंग बुलाने का आग्रह किया था.   सूत्रों के मुताबिक बैठक में सदस्य देशों की ओर से न सिर्फ पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई, बल्कि धर्म पूछकर पर्यटकों को निशाना बनाने का मुद्दा भी उठाया गया. कुछ देशों ने पाकिस्तान की ओर से किए गए मिसाइल टेस्ट और परमाणु हथियारों की धमकी पर भी सवाल उठाए और इसे उकसावे की कार्रवाई बताया है. पाकिस्तान इस मुद्दे पर किसी तीसरे की दखल के अपने पुराने ढर्रे पर चलना चाहता था. लेकिन सदस्यों देशों ने इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताते हुए किसी तरह की दखल से इनकार कर दिया. न कोई प्रस्ताव आया, न बयान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इस क्लोज डोर मीटिंग का कुछ भी नतीजा नहीं निकला बल्कि इससे पाकिस्तान की थू-थू जरूर हो गई. इस बैठक के बाद किसी भी देश की ओर से न तो कोई प्रस्ताव लाया गया और न ही किसी ने इस पर कोई बयान दिया है. सिर्फ पाकिस्तान ही है जो दुनिया के सामने झूठ परोसने की विफल कोशिशों में जुटा है. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बीते दिनों दोनों पक्षों से बात कर तनाव कम करने की अपील की थी और इसी के बाद यह क्लोज डोर मीटिंग बुलाई गई थी. दरअसल पाकिस्तान को किसी भी वक्त भारत की ओर से जवाबी हमले के डर सता रहा है. इसी खौफ में सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए पाकिस्तान ने  आनन-फानन में UNSC की मीटिंग बुलाने की अपील की थी. उसकी कोशिश थी कि क्लोज डोर मीटिंग के जरिए बाकी देश भारत से संयम बरतने के लिए कहेंगे. पाकिस्तान ने साउथ एशिया में पैदा हो रहे तनाव को कम करने का हवाला देकर यह बैठक बुलाई थी.   recent visitors 31

भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच शेयर मार्केट में गिरावट, सेंसेक्स 207 अंक टूटकर 80,589 पर आ गया

नई दिल्ली युद्ध की ओर बढ़ रहे भारत-पाकिस्तान के साथ ही घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी भी लाल हो रहे हैं। सेंसेक्स 207 अंक टूटकर 80,589 पर आ गया है। निफ्टी भी 70 अंक नीचे 24390 पर ट्रेड कर रहा है। निफ्टी नेक्स्ट 50 में भी करीब 1 पर्सेंट की गिरावट है। बैंक निफ्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज भी लाल निशान पर हैं। मिड कैप और स्मॅल कैप स्टॉक्स भी नुकसान में हैं। सबसे अधिक गिरावट पीएसयू बैंक, मीडिया, रियल्टी, ऑयल एंड गैस, कंज्युमर ड्यूराबेल्स इंडेक्स में है। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच घरेलू शेयर मार्केट में गिरावट तेज हो गई है। सेंसेक्स 209 अंक या 0.26 % टूटकर 80,587.72 पर आ गया है। निफ्टी भी 74 अंकों के नुकसान के साथ 24386 पर आ गया है। एनएसई पर केवल 699 स्टॉक्स ही हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। जबकि, 1765 में गिरावट है। कुल 2538 स्टॉक्स ट्रेड कर रहे हैं, जिनमें 34 में लोअर सर्किट लगा है। हालांकि, 25 स्टॉक्स ऐसे भी हैं, जिनमें अपर सर्किट लगा है। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच घरेलू शेयर मार्केट मजबूत शुरुआत के चंद मिनट बाद ही गिरावट की पटरी पर आ गया। सेंसेक्स 59 अंक नीचे 80736 पर ट्रेड कर रहा है। जबकि, निफ्टी भी 13 अंकों के नुकसान के साथ 24447 पर आ गया है। सेंसेक्स के 20 स्टॉक्स लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। इटर्नल सेंसेक्स टॉप लूजर है। टाइटन, टाटा मोटर्स, रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा 4 पर्सेंट की उछाल के साथ सेंसेक्स टॉप गेनर है। भारत-पाकिस्तान में तनातनी के बीच घरेलू शेयर मार्केट की शुरुआत आज भी मजबूत रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 110 अंकों की तेजी के साथ 80907 के स्तर पर खुला। जबकि, एनएसई का 50 स्टॉक्स वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 39 अंकों की बढ़त के साथ 24500 पर खुलने में कामयाब रहा। मिले-जुले वैश्विक बाजारों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 के सतर्क नोट पर खुलने की उम्मीद है। एशियाई बाजारों ने सपाट कारोबार किया, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार रातोंरात गिरावट के साथ बंद हुआ, एसएंडपी 500 ने 20 वर्षों में अपनी सबसे लंबी तेजी का सिलसिला तोड़ दिया। निवेशकों की नजर बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की घोषणा पर होगी, जिसमें केंद्रीय बैंक को बड़े पैमाने पर ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की उम्मीद है। एलएसईजी के आंकड़ों के अनुसार, बाजार 2025 के लिए फेड द्वारा दरों में कटौती के लगभग 75 आधार अंकों में मूल्य निर्धारण कर रहे हैं, केंद्रीय बैंक की जुलाई की बैठक में कम से कम 25 आधार अंकों की पहली सहजता की संभावना है। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 294.85 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 80,796.84 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 114.45 अंक या 0.47 प्रतिशत बढ़कर 24,461.15 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के लिए आज प्रमुख ग्लोबल संकेत एशियाई बाजारों में सपाट कारोबार हुआ, इस क्षेत्र के अधिकांश शेयर बाजार छुट्टियों के लिए बंद रहे। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने थोड़ा अधिक खुलने का संकेत दिया। जापानी और दक्षिण कोरियाई बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद हैं। गिफ्ट निफ्टी टुडे गिफ्ट निफ्टी 24,583 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद से लगभग 30 अंकों का प्रीमियम है, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए हल्की सकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। वॉल स्ट्रीट का हाल अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 98.60 अंक या 0.24 प्रतिशत टूटकर 41,218.83 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 36.29 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह इंडेक्स 5,650.38 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट भी 133.49 अंक या 0.74 प्रतिशत गिरकर 17,844.24 पर बंद हुआ। दिग्गज कंपनियों के शेयर नेटफ्लिक्स स्टॉक की कीमत 1.9 प्रतिशत गिर गई, Amazon.com शेयरों में 1.9 प्रतिशत और पैरामाउंट ग्लोबल शेयर की कीमत में 1.6 प्रतिशत की गिरावट आई। बर्कशायर हैथवे के शेयर 5.1 प्रतिशत गिरे। जबकि, स्केचर्स शेयर की कीमत 24.3 प्रतिशत बढ़ी। एप्पल के शेयर की कीमत 3.15 प्रतिशत गिर गई, जबकि टेस्ला के शेयर की कीमत 2.42 प्रतिशत और फोर्ड के शेयरों में 1.07 प्रतिशत की गिरावट आई। सोने के भाव ट्रंप की टैरिफ योजनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं से सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की कीमतें एक सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। हाजिर सोने की कीमत 3,330.16 डॉलर पर सपाट कारोबार कर रही थी, जबकि अमेरिकी सोना वायदा 0.5 प्रतिशत बढ़कर 3,338.30 डॉलर हो गया।   recent visitors 47

भोपाल में लव जिहाद का अड्डा बने कैफे- क्लब-90 के रिसार्ट वाले हिस्से को बुलडोजर चलाकर किया ध्वस्त

भोपाल हिंदू लड़कियों से दुष्कर्म करके उन्हें ब्लैकमेल करने के मामले में भोपाल शहर के उस कैफे- क्लब-90 के रिसार्ट वाले हिस्से को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया, जिसे मुस्लिम युवाओं ने लव जिहाद का अड्डा बना रखा था। यह कार्रवाई यहां जांच के लिए झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम के पहुंचने के दो घंटे बाद की गई। जिला-प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों ने बुलडोजर चलाकर इसका ध्वस्तीकरण कराया। हालांकि यह कैफे नगर निगम का है, जिसे लीज पर दिया गया है, लेकिन इसके संचालक ने यहां छह अतिरिक्त कमरों का निर्माण कराकर उन्हें रिसार्ट में तब्दील कर दिया था। इसे अवैध निर्माण मानकर कार्रवाई की गई।   महिला आयोग ने नगर निगम के अधिकारियों को लगाई फटकार     पुलिस के अनुसार, दुष्कर्म का आरोपी फरहान का गिरोह हिंदू छात्राओं को इन्हीं कमरों में लेकर आता था। एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम की लीज निरस्त करने के बाद क्लब-90 के कैफो को भी सील कर दिया गया है।     सूत्रों का कहना है कि महिला आयोग के जांच टीम ने यहां अवैध हिस्से में बनाए गए कमरों को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। जांच दल ने पूछा कि अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यदि लंबे समय से यहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं तो लीज निरस्त करनी चाहिए थी।     सकल हिंदू समाज की महिलाओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन देकर सारिक मछली नाम के व्यक्ति पर कैफे क्लब-90 संचालन की आड़ में गिरोह संचालन का आरोप लगाया था।   फरहान को स्कॉलरशिप मिलती थी राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने टेक्नोक्रेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (टीआईटी) कॉलेज का भी दौरा किया। उनकी जांच में कालेज में महिला सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी मिले, वहां छात्राओं के उत्पीड़न की शिकायतों के लिए विशाखा कमेटी सिर्फ नाम के लिए बनी पाई गई। टीम यह जानकार चौंक गई कि यहां पढ़ने के दौरान दुष्कर्म के मुख्य आरोपी फरहान को कॉलेज की ओर से 55 हजार रुपये की स्कॉलरशिप भी मिल रही थी, जबकि उसकी हाजिरी बहुत कम थी, फिर भी उसे परीक्षा में बैठने दिया गया।   वहीं, आयोग की टीम ने तीन पीड़िताओं को होटल में बुलाकर उनके बयान लिए। आयोग की जांच टीम ने सुबह डीपी कैलाश मकवाना और भोपाल के पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र से करीब एक घंटे मुलाकात की। पूरे प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। आयोग की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ित छात्राओं को प्रतिकर राशि दिलवाने का भी निर्देश दिया है। recent visitors 32