कोबरा के सहायक कमांडेंट सागर बोराडे ने साहस और नेतृत्व का परिचय दिया

रायपुर देश की सुरक्षा में तैनात हमारे वीर जवानों की कहानियां अक्सर खामोशी में दबी रह जाती हैं, लेकिन कुछ नाम ऐसे होते हैं जो अपनी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा से इतिहास में अमिट छाप छोड़ जाते हैं। सीआरपीएफ  की 204 कोबरा बटालियन के सहायक कमांडेंट सागर बोराडे का नाम भी अब उसी श्रेणी में शुमार हो गया है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी जो छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर स्थित है। यह एक बेहद संवेदनशील इलाका माना जाता है। यह क्षेत्र न केवल घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों से घिरा है, बल्कि यहां नक्सलियों का का वर्चस्व वाला इलाका माना जाता है। विशेष रूप से नक्सली कमांडर माड़वी हिडमा की गतिविधियां इसी इलाके में केंद्रित हैं, जिससे यह क्षेत्र और भी अधिक खतरनाक बन जाता है। इसी चुनौतीपूर्ण इलाके में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान कोबरा के सहायक कमांडेंट सागर बोराडे ने  साहस और नेतृत्व का परिचय दिया है। ऑपरेशन के बीच जब उनकी टीम का एक जवान आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गया, तब सागर बोराडे ने अपने कमांड की परवाह किए बिना खुद मोर्चा संभाला। घायल जवान को सुरक्षित निकालने की कोशिश करते समय एक और आईईडी ब्लास्ट हुआ, जिसमें उनका बायां पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। खून से लथपथ और अत्यधिक पीड़ा में होने के बावजूद बोराडे ने अपने होश नहीं खोए। ऑपरेशन में तैनात मेडिकल टीम की तत्परता और एयरलिफ्ट सुविधा की मदद से उन्हें रायपुर लाया गया, जहां से उन्हें तत्काल दिल्ली रेफर किया गया। दिल्ली में इलाज के दौरान डॉक्टरों को संक्रमण और लगातार हो रहे रक्तस्राव को रोकने के लिए उनका बायां पैर काटना पड़ा। सागर बोराडे अभी आईसीयू में भर्ती हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है। वे अद्भुत जीवटता और मानसिक ताकत का परिचय दे रहे हैं, जो एक सच्चे सैनिक की पहचान होती है। इस बीच, कर्रेगुट्टा पहाड़ में तलाशी अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा बल हर कीमत पर नक्सलियों के ठिकानों को नष्ट करने और क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए अभियान चला रहे है। recent visitors 34

8 मई से नहीं होंगे CUET UG एग्जाम? ये है नई डेट, जानिए पूरा मामला

अंडरग्रेजुएट कोर्स में एडमिशन के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG) 2025 परीक्षा स्थगित हो सकती है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और यूजीसी आज CUET UG 2025 की नई तारीखों का ऐलान कर सकता है. नेशनल लेवल का यह एंट्रेंस एग्जाम 8 मई 2025 से आयोजित किया जाना था, लेकिन माना जा रहा है कि परीक्षा अब 13 मई 2025 से शुरू हो सकती है. लाखों उम्मीदवारों को सीयूईटी यूजी पर लेटेस्ट अपडेट का इंतजार है. दरअसल, सामने आया है कि एनटीए को सीयूईटी यूजी एग्जाम की तैयारी के लिए थोड़ा और समय चाहिए. इसे लेकर एनटीए और यूजीसी की आज अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में सीयूईटी यूजी एग्जाम शेड्यूल पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है. परीक्षा से संबंधित जरूरी जानकारी एनटीए सीयूईटी यूजी की आधिकारिक वेबसाइट https://cuet.nta.nic.in/ पर जारी की जाएगी. क्यों स्थगित हो सकता है CUET UG एग्जाम? रिपोर्ट्स की माने तो NTA ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को पहले से घोषित शेड्यूल के अनुसार परीक्षा आयोजित करने में अपनी असमर्थता के बारे में सूचित कर दिया है. नए परीक्षा कार्यक्रम पर निर्णय लेने के लिए आज NTA और UGC के बीच बैठक होगी, जिसके बाद नई परीक्षा तिथियों की औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है. CUET की तैयारी में देरी, जिसका एक बड़ा कारण पिछले रविवार को आयोजित NEET-UG प्रवेश परीक्षा के आयोजन पर फोकस करना है. बता दें कि सीयूईटी यूजी एग्जाम पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित प्रारूप में आयोजित किया जाएगा. इसमें 37 विषय होंगे, प्रत्येक पेपर 60 मिनट का होगा और इसमें 50 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे. केंद्र की उपलब्धता के आधार पर प्रतिदिन शिफ्ट की संख्या अलग-अलग हो सकती है, लेकिन दो से तीन शिफ्ट होने की उम्मीद है.परीक्षा 13 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जाएगी. इनमें अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु और अन्य शामिल हैं. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें.   recent visitors 39

जब चिकन और पास्ता भी बनते हैं गुप्त संकेत, पोप चुनाव की रहस्यमयी प्रक्रिया

रोम जैसे-जैसे 7 मई को वेटिकन में होने वाली पोप चयन प्रक्रिया (पैपल कॉन्क्लेव) नजदीक आ रही है, दुनिया की निगाहें उस रहस्यमयी माहौल पर टिकी हैं जिसमें एक नया धार्मिक नेता चुना जाता है। पोप चुनाव के दौरान कार्डिनलों के खाने-पीने को लेकर जो सख्त नियम बनाए गए हैं, वे 13वीं सदी से चलते आ रहे हैं। पोप ग्रेगरी एक्स ने ये नियम इसलिए बनाए थे ताकि निर्णय प्रक्रिया तेज हो सके और बाहरी दुनिया का कोई प्रभाव न पड़े। शुरुआत में नियम बहुत सख्त थे, तीन दिन बिना निर्णय के बीतने पर सिर्फ एक बार भोजन और आठ दिन बिना निर्णय बीतने पर सिर्फ रोटी और पानी की अनुमति। बाद में पोप क्लेमेंट षष्ठम ने थोड़ी ढील दी और तीन कोर्स का सादा खाना तय किया, सूप, मांस या अंडा, और फल या चीज। भोजन से भी भेजे जा सकते हैं गुप्त संदेश आज भी, कॉन्क्लेव से पहले कार्डिनल रोम के कैफे और रेस्टोरेंट्स में मुलाकात कर गुपचुप बातचीत करते हैं। माना जाता है कि ये मुलाकतें भविष्य के पोप के चुनाव में अहम भूमिका निभाती हैं। इतिहास में कई बार खाने के जरिए गुप्त संदेश भेजने की आशंका भी जताई गई है, जैसे चिकन के भीतर छिपा नोट, पास्ता में फिसलाया गया कोई संकेत, या नैपकिन पर लिखा वोट अपडेट। इस बार नन बनाएंगी बहुत सादा खाना इस बार वेटिकन ने खाना इतना सादा और नियंत्रित कर दिया है कि उसमें कुछ भी छिपाना संभव न हो। इस बार कॉन्क्लेव में नन द्वारा बनाया जाएगा बेहद सादा खाना—उबली सब्जियां, स्पेगेटी और भुने हुए लैम्ब स्क्युवर।   धुएं से मिलेगा दुनिया को संकेत लगभग 180 कार्डिनल इस बार रोम में जमा होंगे, जिनमें से 133 को वोटिंग का अधिकार है। जब तक नया पोप नहीं चुन लिया जाता, वे सिस्टीन चैपल में दुनिया से पूरी तरह कटे रहेंगे और दुनिया को संकेत मिलेगा केवल धुएं से: काले धुएं का मतलब ‘अभी नहीं’ और सफेद धुएं का मतलब ‘नया पोप मिल गया है’। recent visitors 39

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, चलेगी अंधड़, गिरेंगे ओले, पड़ेंगी गरज चमक के साथ बौछारें

रायपुर छत्तीसगढ़ में मई का महीना जहां आमतौर पर तेज गर्मी और लू के लिए जाना जाता है, वहीं इस बार मौसम ने कुछ अलग ही रुख लिया है. प्रदेश के पांचों संभागों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है. आइये जानते हैं कैसा रहेगा छत्तीसगढ़ में मौसम का हाल. मौसम विभाग के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ की वजह से पूरे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। जिससे दिन का तापमान सामान्य के कम है। प्रदेश में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच बना हुआ है। कल यानी 7 मई से दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। कई जिलों में दिन का पारा सामान्य से कम सोमवार को प्रदेश में रायपुर सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 38.2 डिग्री रहा। वहीं सबसे ठंडा पेंड्रा रहा। यहां रात का पारा 18.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हालांकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते कुछ स्थानों पर बारिश हुई और आंधी चली जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों में दिन का पारा सामान्य से कम रहा। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ)? वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) कैस्पियन या भूमध्य सागर से बनने वाले तूफान होते हैं। ये भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश और ठंड लाने का काम करते हैं। असल में ये हवाएं बर्फीली होती हैं, जो अपने साथ नमी लेकर आती हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भूमध्यसागर से निकलती हैं। इसके बाद ये ईरान, इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होते हुए सीधा भारत पहुंचती हैं। यहां पहुंचते ही यह मैदानी इलाकों में अपना असर दिखाने लगती हैं। रायपुर में सुबह से बादल छाए रायपुर में आज सुबह से बादल छाए हैं। आज भी मौसम आज धूप-छांव वाला मौसम रह सकता है। वहीं गरज चमक के साथ बारिश के आसार हैं। दिन का पारा 39 डिग्री और रात का तापमान 25 डिग्री के आस-पास रहने की संभावना है। रायपुर के कुछ हिस्सों में सोमवार की रात हल्की बारिश हुई। सोमवार को दिन का तापमान 38.2 डिग्री रहा जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री रहा। यह भी औसत से 1.2 डिग्री कम था। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 5.5 डिग्री कम रविवार को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से करीब 5.5 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह भी सामान्य से कम रहा। सरगुजा संभाग में पारा 5 डिग्री कम मौसम विभाग के मुताबिक सरगुजा संभाग में अंधड़ चल सकती है। बारिश के भी आसार हैं। सोमवार को संभाग के जिलों में भी दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री रहा जो औसत से 5 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री रहा जो नॉर्मल टेम्प्रेचर से 2.9 डिग्री कम था। मई में अंधड़-बारिश, यह पुराना ट्रेंड मई में हो रही बारिश कोई नई बात नहीं है। आमतौर पर मई के महीने में एक-दो बार तेज बारिश और अंधड़ की स्थिति बनती ही है। कई बार मई की शुरुआत में कुछ सिस्टम बनने के कारण प्रदेश में बारिश और तेज अंधड़ के एक-दो स्पैल आते हैं। इससे मई के पूरे महीने में अच्छी बारिश हो जाती है। वैसे पिछले एक दशक में रायपुर में मई के महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2021 में 93.2 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में 57 मिमी बारिश 10 मई 2021 को दर्ज की गई थी। मई में सिस्टम बनने पर समुद्र से आने वाली हवा तेजी के साथ आगे बढ़ती हैं। इससे अंधड़ की स्थिति बनती है। 25 मई के बाद इस तरह की स्थितियां ज्यादा रहती हैं, उसी से मौसम में बदलाव की शुरुआत होती है।   recent visitors 48

परीक्षा में समाधि को मकबरा लिखे जाने पर ABVP ने जताया विरोध

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में परीक्षा के दौरान पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद मच गया. विश्वविद्यालय ने बीएससी सेकंड ईयर के क्वेश्चन पेपर में पूछा कि रानी दुर्गावती का 'मकबरा' कहां स्थित है? इस सवाल को लेकर छात्रों और सामाजिक संगठनों ने जमकर विरोध किया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने रानी दुर्गावती की समाधि को मकबरा कहे जाने पर कड़ा विरोध जताया है. ABVP का आरोप क्या है? ABVP ने कहा है कि हिंदू धर्म में मकबरा शब्द का इस्तेमाल बलिदान स्थल के लिए नहीं किया जाता है. ऐसा करके हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया गया है. ABVP ने क्वेश्चन पेपर बनाने वालों, जांचने और परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. मध्य प्रदेश के ABVP के सचिव माखन शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से शनिवार को जो सवाल पूछा गया वो रानी दुर्गावती का अपमान है. रानी दुर्गावती के नाम पर ही विश्वविद्यालय है. रानी दुर्गावती वो वीरांगना थीं जिन्होंने मुगल शासक के खिलाफ जंग लड़ी थी और अपने राज्य की रक्षा की थी. सचिव माखन शर्मा ने बताया कि रानी दुर्गावती के समाधि को मकबरा कहे जाने को लेकर ABVP की जबलपुर इकाई ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. विश्वविद्यालय ने क्या कहा? क्वेश्चन पेपर को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति आर.के. वर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यह एक गलती है. कुलपति ने भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने की बात कही. recent visitors 38

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर ’नगर सुराज संगम’ के लिए दिया आमंत्रण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ दो दिनों तक करेंगे मंथन नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला ’’नगर सुराज संगम’’ का आयोजन, प्रदेश के सभी निकायों के जनप्रतिनिधि होंगे शामिल नगरीय निकायों की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर होगा संवाद, नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा की योजनाओं की दी जाएगी जानकारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समापन सत्र में होंगे शामिल उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर ’नगर सुराज संगम’ के लिए दिया आमंत्रण बिलासपुर  उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव प्रदेशभर के नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ दो दिनों तक मंथन करेंगे। वे इस दौरान प्रत्येक नगरीय निकाय की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष तथा निकाय के अन्य जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए राजधानी रायपुर के होटल बेबीलॉन इंटरनेशनल में 5 मई और 6 मई को दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला ’’नगर सुराज संगम’’ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 6 मई को कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करेंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर ’’नगर सुराज संगम’’ के लिए आमंत्रित किया है। वे 5 मई को सवेरे 11 बजे दो दिवसीय इस आयोजन का शुभारंभ करेंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री अरुण साव कार्यशाला में नगरीय निकायों के महापौरों, सभापतियों, महापौर परिषद के सदस्यों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे। वे इस दौरान नगरीय निकायों की आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर भी चर्चा करेंगे। डॉ. बसवराजु ने बताया कि प्रबोधन-सह-कार्यशाला में नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नगरीय प्रशासन विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की योजनाओं, कार्यों तथा विभिन्न अधिनियमों के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। शहरों के व्यवस्थित विकास के लिए अगले पांच वर्षों की कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण की योजनाओं पर विभाग द्वारा मार्गदर्शिका का प्रकाशन किया गया है। साव शुभारंभ सत्र में इस ‘मार्गदर्शिका बुकलेट’ का विमोचन करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने पाती लिखकर दिया आमंत्रण उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को पाती लिखकर प्रबोधन-सह-कार्यशाला में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने अपनी पाती में नगरीय निकायों के आम निर्वाचन में निर्वाचित होने के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि हमारी सुशासन की सरकार के संकल्प पर आम जनता ने नगरीय निकायों के निर्वाचन में भी अपना विश्वास हमारी नीतियों एवं कार्यप्रणाली पर जताया है। भविष्य में भी हमारा प्रयास जनता के इस भरोसे को अपने जन हितकारी कार्यों से अक्षुण्ण बनाए रखना होगा। आप अपने शहर के प्रथम नागरिक हैं, जिससे आपका दायित्व भी बढ़ा है। हमारी सरकार आप सभी के सहयोग से शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उप मुख्यमंत्री साव ने महापौरों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों को संबोधित करते हुए लिखा है कि हमारे संकल्पों के सोपान में एक पहल के रूप में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण की विभिन्न योजनाओं एवं अधिनियमों के महत्वपूर्ण प्रावधानों, कामकाज तथा हमारी सरकार की शहर के व्यवस्थित विकास के लिए आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना पर विस्तृत परिचर्चा की जाएगी। साव ने अपनी पाती में विश्वास व्यक्त किया है कि अब तक आपके द्वारा अपने शहर के व्यवस्थित और सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार कर ली गई होगी, इस कार्यक्रम में आपसे प्रत्यक्ष संवाद कर इस संबंध में सार्थक परिचर्चा करना चाहूंगा। उन्होंने सभी नगर निगमों के महापौरों, सभापतियों, महापौर परिषद के सदस्यों, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों से प्रबोधन कार्यक्रम-सह-कार्यशाला में सहभागिता का आग्रह किया है। recent visitors 33

आज गोधरा ट्रेन अग्निकांड के दोषियों की सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमे दो जजों ने जताई थी आपत्ति

नई दिल्ली गुजरात उच्च न्यायालय ने गोधरा ट्रेन अग्निकांड मामले में अक्टूबर 2017 के फैसले में 31 दोषियों की सजा को बरकरार रखा था और 11 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आज गोधरा ट्रेन अग्निकांड के दोषियों की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दो जजों की पीठ द्वारा उनकी अपील पर सुनवाई करने पर आपत्ति जताई गई थी। याचिका में कहा गया था कि दो जजों की पीठ उनकी अपील पर सुनवाई नहीं कर सकती क्योंकि यह मामला मौत की सजा से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं के वकील संजय हेगड़े ने जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ को बताया कि लाल किला आतंकी हमले में मोहम्मद आरिफ उर्फ अशरफ को मौत की सजा देने के मामले का उल्लेख किया। उस सुनवाई में कहा गया था कि तीन जजों की पीठ ही मौत की सजा से जुड़े मामलों की सुनवाई कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करने की दी ये दलील हेगड़े ने कहा कि 'मान लीजिए कि दो जजों की पीठ कुछ आरोपियों को मौत की सजा दे देती है तो फिर इस मामले पर तीन जजों की पीठ को फिर सुनवाई करनी पड़ेगी।' हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस सबमिशन को खारिज कर दिया और कहा कि तीन जजों की पीठ उन्हीं मामलों पर सुनवाई कर सकती है, जिनमें उच्च न्यायालय ने मौत की पुष्टि कर दी हो। जस्टिस माहेश्वरी ने कहा कि गुजरात उच्च न्यायालय ने इस मामले में 11 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। इस मामले में सिर्फ ट्रायल कोर्ट ने ही मौत की सजा सुनाई है। ऐसे में इस मामले में दो जजों की पीठ सुनवाई कर सकती है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने सितंबर 2014 को दिए अपने एक फैसले में कहा कि मौत की सजा से जुड़े सभी मामले, जिन पर उच्च न्यायालय फैसला दे चुका हैं, उनकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ही करेगी। गुजरात उच्च न्यायालय ने 11 दोषियों की मौत की सजा उम्रकैद में बदली थी 27 फरवरी, 2002 को गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में आग लगने से 59 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद राज्य में दंगे भड़क गए थे। सत्र न्यायालय ने दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी। गुजरात उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2017 के फैसले में 31 दोषियों की सजा को बरकरार रखा था और 11 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। गुजरात सरकार ने 11 दोषियों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने का विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट में अपील की। साथ ही कई दोषियों ने उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें दोषी बरकरार रखने के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।  recent visitors 40