मुख्यमंत्री ने बैठक में जिला खनिज प्रतिष्ठान के भाग-ख में विकास कार्यों को दी मंजूरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिला खनिज प्रतिष्ठान के तहत अर्जित फंड एक रिजर्व फंड है। इस फंड से जिलों के खनन प्रभावित क्षेत्रों में सार्वजनिक हित और सबके उपयोग के लिए स्थायी प्रकृति के ठोस काम ही कराए जाएं। काम ऐसे हों, जिसका लाभ अधिकतम लोगों को मिले। इस (डीएमएफ) मद से स्कूल भवन, अस्पताल, सामुदायिक भवन, औषधालय भवन, पशु चिकित्सालय/औषधालय, खेल मैदान सहित विशेष पिछड़े एवं कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की बसाहट क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्थायी श्रेणी के काम कराए जाएं। उन्होंने कहा कि अस्थायी प्रकृति के एवं मरम्मत आदि के काम संबंधित विभागों के विभागीय बजट से कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में जिला खनिज प्रतिष्ठान के भाग-ख के तहत हो सकने वाले विकास कार्यों की मंजूरी के लिए आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के खनन क्षेत्रों वाले जिलों में जिला खनिज प्रतिष्ठान से प्राप्त राशि में से 502 करोड़ रूपए की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी। इस निर्णय से खनन प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के विकास एवं उन्नयन कार्य किए जा सकेंगें। सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब जिला खनिज प्रतिष्ठान से प्रदेश के डिण्डौरी, शहडोल, अनूपपुर, बड़वानी, दमोह, छिंदवाड़ा, सिवनी, अलीराजपुर, शिवपुरी, सागर, रीवा, बैतूल आदि जिलों में विभिन्न श्रेणी के विकास कार्य कराए जाएंगे। इनमें डिण्डौरी जिले में आयुर्वेदिक महाविद्यालय का निर्माण, शहडोल जिले की सोन नदी पर बैराज/एनिकट का निर्माण, अनूपपुर जिले के कोतमा के चिकित्सालय में 100 बिस्तरीय अधोसंरचना का निर्माण प्रमुख रूप से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बड़वानी जिले में भीलटदेव मंदिर नागलवाड़ी के तलहटी से मंदिर तक पहुंच मार्ग का निर्माण भी डीएमएफ मद से किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन कामों को जल्द से जल्द पूरा कराया जा सकता हो, वे काम पहले कराए जाएं। स्कूलों में आवश्यकतानुसार पेयजल व्यवस्था के लिए टंकी निर्माण, बाउंड्री वॉल निर्माण जैसे काम तत्काल कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को इनका शीघ्र लाभ मिले। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री उमाकांत उमराव तथा संचालक प्रशासन एवं खनिकर्म श्री फ्रेंक नोबल.ए. सहित अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री उमराव ने बैठक में बताया कि जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि (भाग-ख) में वर्तमान में 1681 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं। इस राशि से छोटे बड़े सभी श्रेणी के काम कराए जा सकते हैं। इस राशि से उच्च प्राथमिकता क्षेत्र (60 प्रतिशत) के तहत 1008.6 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि शासन द्वारा खर्च की जा सकती है। उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में शिक्षा, पेयजल प्रदाय, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण उपाय, स्वास्थ्य की देखभाल, स्वच्छता सुधार, कौशल विकास, वृद्धजन एवं नि:शक्तजन कल्याण तथा महिला एवं बाल कल्याण संबंधी कार्य विशेष रूप से चिन्हित किए गए हैं। अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र (40 प्रतिशत) में सिंचाई सुविधा, भौतिक अवसंरचना तथा ऊर्जा एवं वॉटरशेड विकास जैसे काम कराए जाते हैं। इस क्षेत्र के लिए भी डीएमएफ (संचित निधि) से करीब 672.4 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च की जा सकती है।  नोडल विभाग द्वारा कुल 1015 कार्य अनुमोदित किए गए हैं, इनमें से 317 कार्य उच्च प्राथमिकता वाले हैं। इन कार्यों को पहले पूरा कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुमोदन उपरांत डीएमएफ फंड से सभी विकास कार्य जल्द ही प्रारंभ करा दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बैठक में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (पीएमकेकेकेवाई) की नवीन गाइडलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा यह प्रावधान किया गया है कि मुख्य खनिज की खदान अथवा खदानों के समूह से 15 किलोमीटर परिधि क्षेत्र प्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्र होगा तथा जहां स्थानीय जनसंख्या खनन संबंधी प्रक्रिया के कारण आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय परिणामों के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित है, वहां जिले में स्थित मुख्य खदान अथवा खदानों से 25 किलोमीटर का क्षेत्र अप्रत्यक्ष खनन प्रभावित क्षेत्र होगा। इसके अलावा डीएमएफ (संचित निधि) की 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय करने का प्रावधान किया गया है। इस क्षेत्र में केंद्र सरकार ने आवास, कृषि एवं पशुपालन को भी जोड़ दिया है। इसी तरह डीएमएफ (संचित निधि) की 30 प्रतिशत राशि अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय करने को कहा गया है। इस क्षेत्र में खनन जिलों में पर्यावरण की गुणवत्ता में अभिवृद्धि करने के अन्य उपाय भी इसमें जोड़े गए हैं।  recent visitors 39

भगवान का शयन करना

भगवान सूर्य के मिथुन राशि में आने पर भगवान मधुसूदन की मूर्ति को शयन कराते हैं और तुला राशि में सूर्य के जाने पर भगवान जनार्दन शयन से उठाये जाते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहते हैं। गरुड़ध्वज जगन्नाथ के शयन करने पर चारों वर्णो की विवाह, यज्ञ आदि सभी क्रियाएं सम्पादित नहीं होतीं। यज्ञोपवीतादि संस्कार, विवाह, दीक्षाग्रहण, यज्ञ, ग्रहप्रवेशादि, गोदान, प्रतिष्ठा एवं जितने भी शुभ कर्म है, वे सभी चातुर्मास्य में त्याज्य हैं। भविष्य पुराण, पदमपुराण तथा श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार हरिशयन को योगनिद्रा कहा गया है। संस्कृत साहित्य में हरि शब्द सूर्य, चन्दमा, वायु, विष्णु आदि अनेक अर्थो में प्रयुक्त है। हरिशयन के दृष्टि से देखें तो इन चार मास में बादल और वर्षा के कारण सूर्य-चन्द्रमा का तेज क्षीण हो जाना उनके शयन का ही रूप है। इस समय में पित्त स्वरूप अग्नि की गति शांत हो जाने के कारण शरीरगत शक्ति सो जाती है। आज वैज्ञानिकों की कृपा से संसार को भी यह बात विदित हो गई है कि चातुर्मास्य में (वर्षा ऋतु में) विविध प्रकार के कीटाणु अर्थात सूक्ष्म रोग जन्तु उत्पन्न हो जाते हैं, जल की बहुलता और सूर्य-तेज का भूमि पर अति अल्प प्राप्त होना ही इनका कारण है। धार्मिक शास्त्रों के मतानुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष में एकादशी तिथि को शंखासुर दैत्य मारा गया। अतः उसी दिन से आरम्भ करके भगवान चार मास तक क्षीर समुद्र में शयन करते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं। पुराण के अनुसार यह भी कहा गया है कि भगवान हरि ने वामन रूप में दैत्य बलि के यज्ञ में तीन पग दान के रूप में मांगे। भगवान ने पहले पग में संपूर्ण पृथ्वी, आकाश और सभी दिशाओं को ढक लिया। अगले पग में सम्पूर्ण स्वर्ग लोक ले लिया। तीसरे पग में बलि ने अपने आप को समर्पित करते हुए सिर पर पग रखने को कहा। इस प्रकार के दान से भगवान ने प्रसन्न होकर पाताल लोक का अधिपति बना दिया और कहा वर मांगो। बलि ने वर मांगते हुए कहा कि भगवान आप मेरे महल में नित्य रहें। बलि के बंधन में बंधा देख भगवती लक्ष्मीजी ने बलि को भाई बना लिया। और भगवान से कहा इनको वचन से मुक्त कर दो। माना जाता है कि इसी दिन से भगवान विष्णु जी द्वारा वर का पालन करते हुए तीनों देवता 4-4 माह सुतल में निवास करते हैं। विष्णु देवशयनी एकादशी से देव उठनी तक, शिवजी महाशिवरात्रि तक और ब्रह्मा जी शिवरात्रि से देवशयनी एकादशी तक निवास करते हैं। आषाढ़ शुक्ल एकादशी का नाम देवशयनी एकादशी है। मन चाहा फल एवं सुख समृद्धि प्राप्त करने के लिए यह व्रत बहुत उत्तम है। व्रती उपवास करके सोना, चांदी, तांबा या पीतल की मूर्ति बनवाकर पूजा करे और पीताम्बर से विभूषित करके सफेद चादर से ढके हुए गद्दे, तकिया वाले पलंग पर शयन करावे। मधुर स्वर के लिए गुड़ का, दीर्घायु अथवा पुत्र-पौत्रदि की प्राप्ति के लिये, तैल का, शत्रु नाशादि के लिए कड़वे तेल का, सौभाग्य के लिए मीठे तेल का और स्वर्ग प्राप्ति के लिए पुष्पादि भोगों का त्याग करें।   recent visitors 43

पाकिस्तान कोई हरकत करेगा तो भारत उसे सबक सिखाने के लिए पूरी तरह तैयार : विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

रायपुर पहलगाम आतंकी हमले का बदला भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर से लिया है। इस हमले में 105 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। भारत सरकार की ओर से भी हमले की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ऑपरेशन सिन्दूर के सफल होने पर जवानों की सराहना की और कहा कि भारतीय सेना अब आतंकियों और उनके ठिकानों को उजाड़ने प्रतिबद्ध है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर 9 आतंकियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया। यह सीधा संदेश है, यह नया भारत है। नया भारत आतंक सहने को तैयार नहीं है। आतंकियों से निपटने के लिए हमारी सेना पूरी तैयारी है। आज ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रेस ब्रीफिंग भी सेना की दो महिला अधिकारियों ने की है, जो यह दर्शाता है कि नए भारत की महिला मजबूत हैं, कमजोर नहीं है। अब अगर पाकिस्तान कोई हरकत करेगा तो भारत उसे सबक सिखाने के लिए पूरी तरह तैयार है। एयरस्ट्राइक में मोस्ट वांटेड आतंकी मसूद अजहर के परिवार के 10 लोग मारे गए हैं। आतंकी मसूद अजहर ने चिट्ठी जारी करते हुए कहा कि दिल करता है कि काश मैं भी इस हमले में मर जाता। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन ने कहा कि अब आतंकी मसूद को समझ आएगा कि परिवार के न रहने की पीड़ा क्या होती है।   नक्सलवाद और आतंकवाद दोनों नासूर : विस अध्यक्ष डॉ. रमन इधर छत्तीसगढ़ और तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर सबसे बड़े नक्सली ऑपरेशन में जवानों ने 22 नक्सलियों को ढेर कर दिया। डॉ. रमन सिंह ने एंटी नक्सल ऑपरेशन में सफलता पर तीनों राज्यों के पुलिस और जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले 8-10 दिनों से कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर नक्सलियों के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलाया जा रहा है। 3 राज्यों की सीमा में 5 से 6 हजार जवान ऑपरेशन रहे हैं। वीर जवानों ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 22 नक्सलियों को मार गिराया है। देश के लिए नक्सलवाद और आतंकवाद दोनों नासूर है। निर्धारित 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद का खत्मा कर दिया जाएगा। recent visitors 44

मोटी सैलरी, शानदार करियर चाहिए तो करें कंपनी सेक्रटरी कोर्स

अभी जिन जॉब की मार्केट में काफी डिमांड है, उनमें से एक कंपनी सेक्रटरी (सीएस) की जॉब है। भारत में मौजूदा समय में करीब 7,000 कंपनी सेक्रटरीज की जरूरत है। हर साल इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) से 3,000 से 4,000 सीएस प्रफेशनल पास आउट होते हैं। हर साल जितने कंपनी सेक्रटरी पास होते हैं, उनकी संख्या से ज्यादा संख्या में हर साल कंपनियों की स्थापना हो रही हैं। जिन कंपनियों को सीएस की जरूरत नहीं होती है, उन कंपनियों ने भी कानून की जटिलताओं को देखते हुए कंपनी सेक्रटरीज को हायर करना शुरू कर दिया है। ऐसे में यह एक बेहतर करियर हो सकता है। कैसे करें, कहां से करें, क्या है अवसर, कितनी मिलेगी सैलरी, इस तरह की जानकारी के लिए आगे की स्लाइडों को देखें… काम क्या करना होता है? कंपनी सेक्रटरीज इन हाउस लॉयर्स की तरह होते हैं जो किसी संगठन में कॉर्पोरेट सेक्रटेरियल डिपार्टमेंट की हर दिन की गतिविधियों और कार्य की देख रेख करते हैं। वे प्रफेशनल होते हैं जो कंपनी में गवर्नेंस से संबंधित मामलों की देखभाल करते हैं और कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री, स्टॉक एक्सचेंज एवं सिक्यॉरिटीज ऐंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) समेत रेग्युलेटरों को भेजने जाने वाले दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हैं। वे बोर्ड मीटिंगों का आयोजन करने, अजेंडा तैयार करने, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को नोटिस जारी करने और संगठन के कानूनी अनुपालन के मामले को हैंडल करने के लिए जिम्मेदार होते हैं। कंपनी लॉ के अलावा कई ऐसे लॉ हैं जो कंपनियों पर लागू होते हैं। उनको इन कानूनों के मुताबिक किसी मामले से निपटना होता है। लिस्टेड कंपनियों पर लागू होने वाले सेबी के रेग्युलेशन का कंपनी द्वारा पालन सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी होती है। कैसे, कहां से करें कोर्स? इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) एक अग्रणी नैशल प्रफेशनल बॉडी है जो भारत में कंपनी सेक्रटरीज के पेशे को विकसित और रेग्युलट करती है। सीएस कोर्स ऐच्छिक ऑरल कोचिंग के विकल्प के साथ पत्राचार/डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से ऑफर किया जाता है। छात्रों के लिए आईसीएसआई द्वारा एक ई-लर्निंग पोर्टल लॉन्च किया गया है। इसके लिए साल भर ऐडमिशन होते रहते हैं। 12वीं (आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स) के बाद जो छात्र यह कोर्स करना चाहते हैं उनको कंपनी सेक्रटरीज के कोर्स के लिए तीन चरणों से गुजरना होता है। उनको (1) फाउंडेशन प्रोग्राम (चार पेपर्स) (2) एग्जिक्युटिव प्रोग्राम (छह पेपर्स) और (3) प्रफेशनल प्रोग्राम (आठ पेपर्स) करने होते हैं। ग्रैजुएशन के बाद छात्रों को सीएस प्रोग्राम के दो चरण यानी एग्जिक्युटिव प्रोग्राम और प्रफेशनल प्रोग्राम करना होता है। उनको प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से भी गुजरना पड़ता है। दाखिला प्रक्रिया आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं पास करने वाले छात्र (फाइन आर्ट्स समेत) फाउंडेशन प्रोग्राम में दाखिला लेने के पात्र हैं। फाउंडेशन प्रोग्राम या आर्ट्स, साइसें और कॉमर्स ग्रैजुएट्स (फाइन आर्ट्स को छोड़कर) सीएस एग्जिक्युटिव प्रोग्राम में दाखिला लेने के पात्र हैं। छात्रों की आयु 17 साल से कम नहीं होनी चाहिए। छात्रों को अनिवार्य रूप से कंप्यूटर प्रशिक्षण पूरा करना होगा या सीएस एग्जिक्युटिव प्रोग्राम लिखने से पहले उनको बाहर कर दिया जाएगा। प्रफेशनल प्रोग्राम में तभी दाखिला मिलता है जब एग्जाम शुरू होने वाले महीने से कम से कम नौ महीने पहले प्रफेशनल प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया होता है। एग्जिक्युटिव प्रोग्राम एग्जिक्युटिव प्रोग्राम फाइन आर्ट्स स्ट्रीम को छोड़कर किसी भी स्ट्रीम के ग्रैजुएट कर सकते हैं। सीएस कोर्स के एग्जिक्युटिव प्रोग्राम को क्लियर करने के बाद ही प्रफेशनल प्रोग्राम कर सकते हैं। इसके अलावा छात्र को एग्जिक्युटिव प्रोग्राम या प्रफेशनल प्रोग्राम पास करने के बाद 15 महीने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेनी होगी। प्रफेशनल प्रोग्राम पास करने और सभी तरह की जरूरी ट्रेनिंग पूरा करने के बाद 15 दिनों का सेक्रटेरियल मॉड्यूल ट्रेनिंग प्रोग्राम (एसएमटीपी) करना पड़ता है। सीएस प्रफेशनल प्रोग्राम पास करने के बाद छात्र प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने तक अपने विकल्प में आईसीएसआई में पंजीकरण करा सकते हैं। प्रफेशनल एग्जाम क्वॉलिफाई करने और ट्रेनिंग के सफल समापन पर कैंडिडेट को आईसीएसआई के असोसिएट सदस्य के रूप में दाखिला दे दिया जाता है। एक साल में दो बार जून और दिसंबर में परीक्षा होती है। आईसीएसआई का एनएलएस बेंगलुरु, नलसार, हैदराबाद, आईसीडब्ल्यूएआई और आईसीएआई, आईसीएसए लंदन एवं अन्यों से समझौता ज्ञापन है। सैलरी कंपनी सेक्रटरीज ऐसा कोर्स है जिसमें न सिर्फ जॉब के अवसर बहुत हैं बल्कि सैलरी भी काफी आकर्षक है। एक सीएस प्रफेशनल आराम से 25-30 लाख रुपये सालाना कमा सकता है। अवसर कुल 10 लाख कंपनियां हैं जिनमें से करीब एक लाख प्राइवेट लिमिटेड कंपनी हैं और 7,000 स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध हैं। इन 7,000 कंपनियों से करीब 1,000 बहुत ही बड़ी कंपनी हैं और उनको ऐसे कई प्रफेशनल्स की जरूरत हैं। यानी इस सेक्टर में अवसर की कमी नहीं है।   recent visitors 48

रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का किया ऐलान, टीम इंडिया को भंवर में छोड़ा

नई दिल्ली रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है. भारतीय टीम को अगले महीने इंग्लैंड का दौरा करना है. जहां टीम इंडिया मेजबानों से 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में दो दो  हाथ करेगी.  इस अहम सीरीज से पहले रोहित का संन्यास का ऐलान करना टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका है.  भारत को जून में इंग्लैंड दौरे पर जाना है. हिटमैन ने टेस्ट से रिटायरमेंट की जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी.  उन्होंने बताया कि वह वनडे क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे. रोहित शर्मा ने इंस्टा स्टोरी पर पोस्ट किए गए फोटो पर लिखा सभी को हेलो. मैं ये शेयर करना चाहता हूं कि मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं. ये मेरे लिए गर्व की बात है कि मैंने टेस्ट में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया. आप सभी के प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया. मैं वनडे में खेलता रहूंगा.’   रोहित ने टेस्ट में ओपनर के तौर पर बनाए 9 शतक टेस्ट में बतौर ओपनर रोहित शर्मा ने 66 पारियों में 9 शतक जड़े हैं. उन्होंने इस दौरान 8 अर्धशतक लगाए हैं जबकि 42.81 की औसत से 2697 रन बनाए हैं. रोहित ने साल 2024 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा जबकि साल 2025 में टेस्ट क्रिकेट को छोड़ा. रोहित वनडे में खेलना जारी रखेंगे और 2027 वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेंगे. रोहित का टेस्ट करियर 38 वर्षीय रोहित शर्मा अपने करियर के दूसरे भाग में भारत के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज थे. जिन्होंने 67 टेस्ट में 12 शतकों और 18 अर्धशतकों की मदद से 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए. रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में भारत की कप्तानी की और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज़ और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर सीरीज़ में पिछली दो सीरीज़ को बचाया. इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत को नया टेस्ट कप्तान मिलेगा. जिसके संभावित उम्मीदवार केएल राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत हैं. बयान में क्या कहा रोहित ने अपने बयान में कहा है कि आप सभी को सूचित कर रहा हूं कि मैं टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो रहा है। सफेद गेंद के प्रारूप में अपने देश का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में बेहद सम्मान की बात रही है। इस दौरन आप सभी से जो प्यार और समर्थन मिला, उसके लिए आप सभी का धन्यवाद। रोहित ने आगे लिखा है कि वह वनडे फॉर्मेट में भारत के लिए खेलते रहेंगे। बता दें कि हाल ही में भारत ने रोहित की कप्तानी में चैंपियंस ट्रॉफी जीती है। इससे पहले भारत ने साल 2024 उन्हीं की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप भी जीता था। साल 2023 में भारत रोहित शर्मा की कप्तानी में वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा था। कुछ समय से कर रहे थे संघर्ष रोहित शर्मा पिछले कुछ अरसे से टेस्ट क्रिकेट में संघर्ष कर रहे थे। बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखलाओं में भी उनके बल्ले से रन नहीं निकले। इसके बाद दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में ऑस्ट्रेलिया दौरा उनके लिए भूलने लायक ही रहा। इस पूरे दौर में आठ टेस्ट मैचों में रोहित की औसत 10.93 रहा और वह मात्र एक बार 50 का स्कोर पार कर पाए। भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ दोनों टेस्ट जीते थे, लेकिन न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से हराया था। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी भारत 3-1 से हार गया था। टेस्ट डेब्यू से ऐन पहले लगी थी चोट रोहित शर्मा के डेब्यू को लेकर एक दिलचस्प कहानी है। उन्हें साल 2010 में नागपुर टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डेब्यू करना था। लेकिन टॉस से ऐन पहले रोहित को चोट लग गई। इसके चलते वहां पर उनका डेब्यू टल गया। फिर रोहित शर्मा ने तीन साल बाद साल 2013 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में डेब्यू किया था। रोहित ने शतक के साथ टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इस मैच में 177 रन बनाए थे। कौन बनेगा नया कप्तान? इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला के लिए भारत के पास एक नया टेस्ट कप्तान होगा। इसके संभावित उम्मीदवार जसप्रीत बुमराह, लोकेश राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत हो सकते हैं। फिलहाल बुमराह टेस्ट में उपकप्तानी कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित की अनुपस्थिति में बुमराह ने ही वहां पर कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली थी।   recent visitors 45

पुराने लहंगे के लुक को यूं बदलें ट्रेंडी स्टाइल में

अगर आप अपनी शादी के लहंगे को कई बार पहन चुकी हैं और अब उसे पहनते- पहनते बोर हो चुकी हैं, तो हम आपको बता रहे हैं 4 तरीके, जिससे आप अपने लहंगे को रिसाइल कर सकती हैं। सबसे पहले बदले लहंगे का लुक सबसे पहले आप अपने लहंगे का लुक बदल डालें। लहंगे को आप साड़ी स्टाइल, गुजराती लंहगा स्टाइल या रिस्ट स्टाइल (जिसमें दुपट्टे का एक कोना अपनी कलाई पर बांधते हैं) में पहन सकती हैं। इसमें आपको केवल करना होगा अपने लहंगे के साथ थोड़ा एक्सपेरिमेंट। इसमें आपके काम आएगा आपका टेलर। आप इसे ट्रडिशनल से हटाकर वेस्टर्न भी बना सकती हैं और वो हो सकता है साड़ी गाउन के रूप में। लहंगे को बनाएं अनारकली अगर आपके पास कोई अच्छा टेलर है, तो आप अपने लहंगे या चोली (ब्लाउज) का अनारकली भी बनवा सकती हैं। ऊपर के लिए सिंपल फैब्रिक को लहंगे के घेरे के साथ सिलवा लें। ऐसे ही अगर चोली का अनारकली बनवाना है, तो इसके नीचे किसी अच्छे फैब्रिक की कलियां जुड़वा लें। चोली से बनाएं ब्लाउज शादी के लहंगे की चोली के साथ एक्सपेरिमेंट करें और इसे किसी साड़ी के साथ पहनें। जैसे अगर आपके पास एम्ब्रॉयडरी वाली क्रेप चोली है, तो इसे सिंपल क्रेप साड़ी के साथ पेयर करें। वेलवेट चोली को नेट साड़ी या वेलवेट साड़ी के साथ पहनें। दोस्त की शादी या कोई फंक्शन अटेन्ड करना हो, तो कोई सिंपल लहंगा खरीदें और उसे शादी की चोली और दुपट्टे के साथ पहन लें। ऐसा करके आपके पैसे भी बचेंगे और लहंगा भी यूज हो जाएगा। अलग- अलग ड्रेस के साथ पेयर करें दुपट्टा लंहगे के दुपट्टे को स्ट्रेट फिट वाले सूट, अनारकली या फिर पटियाला सलवार-कमीज के साथ मिक्स एंड मैच करके पहनें। अगर आपका वेडिंग दुपट्टा नेट या टिशू का है, तो इसे सिर्फ उसी कलर के रॉ सिल्क सूट या वेल्वेट अनारकली के साथ ट्राय करें। अगर आपका दुपट्टा जॉर्जेट का है तो इसे क्रेप या कॉटन सलवार-कमीज के साथ पहनें। मिक्स एंड मैच दुपट्टा आप लहंगे के साथ का दुपट्टा छोड़ दें। इसके साथ मिक्स एंड मैच करवाएं कॉट्रस्ट दुपट्टा। यह आपके लहंगे का पूरा लुक बदल देगा।   recent visitors 59

विनय नरवाल की बुआ की बेटी वैशाली ने कहा- भविष्य में कभी भी पुलवामा और पहलगाम जैसी घटना न हो सकें

शामली आखिर 15 दिन बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। इससे पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी। भारतीय सेना को आतंकवाद के खिलाफ लगातार ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे भविष्य में कभी भी पुलवामा और पहलगाम जैसी घटना न हो सकें। ये कहना है पहलगाम हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बुआ की बेटी वैशाली का। 22 अप्रैल को पहलगाम हमले में मारे गए करनाल निवासी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की रिश्तेदारी शामली के मुहल्ला काका नगर में भी है। यहां उनकी बुआ रहती हैं। मंगलवार रात भारतीय सेना ने पहलगाम की घटना का बदला लेने के लिए एयर स्ट्राइक की। इस पर लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बुआ की बेटी वैशाली का कहना कि देश की सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ जो कार्रवाई की है, वह हमारे लिए गर्व की बात है, लेकिन सरकार को लगातार आतंकवादियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रखनी चाहिए, जिससे भविष्य में कभी भी पाकिस्तान हमला करने की तो दूर कभी सपने में भी भारत की ओर न देखे। उन्होंने कहा कि भाई के अलावा पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन लोगों ने अपनों को खोया है, वह तो कभी वापस नहीं आ सकते, लेकिन सरकार को ऐसा सख्त कदम उठाए की भविष्य में कभी कोई ऐसी घटना न हो। उन्होंने भारत की ओर से की गई एयर स्ट्राइक के बाद अपने मामा और उनके परिवार से भी बातचीत की। recent visitors 26