आपातकालीन परिस्थिति से निपटने हेतु रेलवे नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन

भोपाल मंडल में DRM कार्यालय परिसर में हुई प्रभावी मॉक ड्रिल, रेलवे के नागरिक सुरक्षा दल ने किया जीवंत प्रदर्शन भोपाल भोपाल मंडल कार्यालय परिसर (पोर्च) में सायं 16:30 बजे नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास देशभर के 259 शहरों में नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य वायु आक्रमण जैसी आपात परिस्थितियों में रेलवे कर्मचारियों की तैयारी, जागरूकता और समन्वय का परीक्षण करना था।  इस अभ्यास का नेतृत्व नागरिक सुरक्षा निरीक्षक श्री यशवंत सिंह परिहार द्वारा किया गया। उन्होंने प्रारंभ में सभी विभागों के एकत्रित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बताया कि वायु हमले के रेड अलर्ट की स्थिति में क्या करें और क्या न करें। साथ ही, उन्होंने मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure – SOP) की विस्तार से जानकारी दी। इसके पश्चात एक शैक्षणिक वीडियो टेलीविजन स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया, जिसमें वायु हमले की स्थिति में बचाव के लिए अपनाई जाने वाली प्राथमिक विधियों को दर्शाया गया। इस क्रम में रेलवे के नागरिक सुरक्षा दल द्वारा जीवनरक्षक तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसमें यह बताया गया कि आपदा की घड़ी में स्वयं को और दूसरों को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है। टीम द्वारा अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) के प्रयोग की भी व्यावहारिक जानकारी दी गई, जिससे उपस्थित कर्मचारियों को आपात स्थिति में अग्नि नियंत्रण की विधियों का प्रशिक्षण मिला। इस मॉक ड्रिल में अपर मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रश्मि दिवाकर, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता श्री पी एस रघुवंशी ,मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री श्याम सिंह बरेड़िया सहित अन्य अधिकारी तथा मंडल कार्यालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने न केवल कर्मचारियों को आपदा से निपटने की व्यवहारिक जानकारी दी, बल्कि रेलवे प्रशासन की सजगता एवं तत्परता को भी प्रदर्शित किया। recent visitors 33

मंडल रेल प्रबंधक ने गुना, अशोकनगर एवं गंजबासोदा स्टेशनों का किया निरीक्षण

गुना–रानी कमलापति रेलखंड पर संरक्षा, यात्री सुविधाओं एवं पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की हुई समीक्षा भोपाल,  पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने आज गुना–रानी कमलापति रेलखंड का गहन निरीक्षण करते हुए गुना, अशोकनगर एवं गंजबासोदा रेलवे स्टेशनों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे पुनर्विकास कार्यों, संरक्षा मानकों तथा यात्री सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की प्रगति की स्थिति का जायज़ा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। इस दौरान श्री त्रिपाठी ने गुना से बीना तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण कर रेलखंड की संरचना, पटरियों की स्थिति, सिग्नलिंग प्रणाली, समपार क्रॉसिंग्स एवं सुरक्षा संबंधी अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं का सूक्ष्म अवलोकन किया। गुना स्टेशन: रनिंग स्टाफ से संवाद और संरक्षा उपकरणों की जांच गुना स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन यार्ड, प्लेटफॉर्म शेड, रनिंग रूम, क्रू लॉबी, सर्कुलेटिंग एरिया एवं टिकट काउंटर का निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति एवं विकास कार्यों का जायज़ा लिया। रनिंग रूम एवं क्रू लॉबी में उपलब्ध सुविधाओं की जांच करते हुए उन्होंने स्टाफ से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी कार्य स्थितियों की जानकारी ली और संबंधित विभागों को समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। यार्ड में इंटरलॉकिंग प्रणाली, प्वाइंट्स, क्रॉसिंग्स तथा सिग्नलिंग उपकरणों की बारीकी से समीक्षा करते हुए उन्होंने पुनर्विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महुगुड़ा के पास स्थित एलएचएस संख्या 68 (लिमिटेड हाइट सबवे) का स्थल निरीक्षण किया, जो समपार संख्या 68 पर बनाया जा रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों को संरक्षा नियमों का पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, मुंगावली के पास स्थित समपार संख्या 16 पर प्रस्तावित एलएचएस निर्माण योजना का भी जायजा लिया गया तथा शीघ्र कार्यारंभ के निर्देश दिए गए। अशोकनगर स्टेशन: इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधाओं का सूक्ष्म मूल्यांकन अशोकनगर स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी ने अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत जारी निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने प्लेटफॉर्म के किनारे स्थापित सुरक्षा संकेतों, ट्रैक की वर्तमान स्थिति, स्टेशन यार्ड की संरचना, सिग्नलिंग प्रणाली तथा स्टेशन भवन के विभिन्न हिस्सों का सूक्ष्म परीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यात्री प्रतीक्षालयों, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था तथा शौचालयों की मौजूदा सुविधाओं का अवलोकन करते हुए इन्हें और अधिक स्वच्छ, सुलभ एवं यात्री अनुकूल बनाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। गंजबासोदा स्टेशन: विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा गंजबासोदा स्टेशन पर अमृत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडल रेल प्रबंधक ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म विस्तार, यात्री सूचना प्रणाली, शेड, लाइटिंग और टिकट घर का अवलोकन किया। निरीक्षण के अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल अभियंता (मध्य) श्री के.के. निगम, वरिष्ठ मंडल अभियंता (उत्तर) श्री नरेन्द्र लोधी , वरिष्ठ मंडल अभियंता (कर्षण परिचालन) श्री सचिन शर्मा , वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता श्री राव अभिषेक, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (सामान्य) श्री संजय मानोरिया, मंडल परिचालन प्रबंधक (कोचिंग) श्री प्रमोद पंडीत जाधव सहित अन्य अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।   recent visitors 28

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल का भ्रमण कार्यक्रम

  अनूपपुर मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल 07 मई को रात्रि 10ः14 बजे ट्रेन द्वारा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल से अनूपपुर हेतु प्रस्थान करेंगे तथा 08 मई को प्रातः 10ः31 बजे रेलवे स्टेशन अनूपपुर पहुंचेंगे व बिजुरी हेतु प्रस्थान करेंगे। प्रातः 11ः20 बजे बिजुरी पहुंचेंगे एवं स्थानीय कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। शेष कार्यक्रम पृथक से जारी किया जाएगा। अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार का भ्रमण कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री तथा अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप अहिरवार 07 मई को रात्रि 9ः15 बजे कटनी से उमरिया जिले के लिए प्रस्थान करेंगे तथा रात्रि 10ः15 बजे वन विश्राम गृह उमरिया पहुंचेंगे। रात्रि 11 बजे उमरिया से अनूपपुर के लिए प्रस्थान करेंगे तथा रात्रि 1ः00 बजे अनूपपुर पहुंचेंगे एवं रात्रि विश्राम करेंगे। recent visitors 35

मुख्यमंत्री साय बोले – मुस्लिम समाज के हित में है वक्फ संशोधन कानून

रायपुर, वक्फ संशोधन कानून मुस्लिम समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि उनके हित में है। हम सभी का सम्मिलित प्रयास और उद्देश्य होना चाहिए कि वक्फ कानून को लेकर समाज में किसी भी प्रकार का भ्रम न फैले। सभी को वास्तविकता को समझना चाहिए और दूसरों को भी इसकी जानकारी देनी चाहिए। वक्फ संशोधन कानून को लेकर देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है, और इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित वक्फ सुधार जनजागरण कार्यक्रम में यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन अधिनियम  मुस्लिम समुदाय के हितों की रक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का गठन बहुत ही पुनीत उद्देश्य के साथ किया गया था, ताकि मुस्लिम समाज, विशेषकर गरीब वर्ग और पसमांदा मुसलमानों को लाभ मिल सके। लेकिन विगत वर्षों में कुछ रसूखदार लोगों ने इस कानून का लाभ उठाकर अपना स्वार्थ सिद्ध किए, जिससे गरीब मुसलमान अपने अधिकारों से वंचित रह गए। श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित भारत’ का जो लक्ष्य रखा है, उसे प्राप्त करने में सभी देशवासियों की भूमिका आवश्यक है। यदि कोई भी वर्ग पीछे छूटता है, तो हम अपना संकल्प पूर्ण नहीं कर पाएंगे। आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि हमारी सरकार सभी के हितों की चिंता करती है। वक्फ कानूनों में हुए संशोधनों का उद्देश्य मुस्लिम समाज को सशक्त बनाना है। अब वक्फ संपत्तियों की आमदनी का एक-एक पाई का लेखा-जोखा रखा जाएगा और यह राशि समाज के लोगों की भलाई, उनकी शिक्षा और जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में उपयोग की जाएगी। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वक्फ बोर्ड के सीईओ डॉ. एस. एफ. फारूकी एवं मुस्लिम समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे। recent visitors 45

हमला बिल्कुल भी स्वीकार करने लायक नहीं है और अब जो भी परिणाम होंगे, उसकी जिम्मेदारी भारत की होगी: पाकिस्तान

इस्लामाबाद भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान घबरा गया है और थर-थर कांप रहा है। ऑपरेशन सिंदूर से कई आतंकियों के ढेर होने के बाद पाकिस्तान ने आनन-फानन में बैठकें बुला ली हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पाकिस्तानी आर्मी चीफ मुनीर समेत तमाम अन्य लोगों के चेहरे उतरे हुए दिखाई दिए। हालांकि, इसके बाद भी पाकिस्तान गीदड़भभकी देने से बाज नहीं आ रहा। उसने कहा है कि यह हमला बिल्कुल भी स्वीकार करने लायक नहीं है और अब जो भी परिणाम होंगे, उसकी जिम्मेदारी भारत की होगी। पाकिस्तान के एनएससी की बैठक में भारत के हमलों में मारे गए आतंकियों की आत्मा की शांति के लिए फातेहा पेश की गई। बयान में बताया गया, ''6/7 मई 2025 की रात को, भारतीय सशस्त्र बलों ने पंजाब के सियालकोट, शकरगढ़, मुरीदके और बहावलपुर, पीओके के कोटली और मुजफ्फाराबाद सहित कई स्थानों पर मिसाइल, हवाई और ड्रोन हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की मौत हुई और मस्जिदों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।'' हालांकि, भारत ने साफ किया है कि सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है, नाकि आम नागरिकों को। शहबाज शरीफ के नेतृत्व में हुई पाक एनएससी की बैठक के बाद कहा गया कि भारत की कार्रवाई ने भाईचारे वाले खाड़ी देशों से संबंधित वाणिज्यिक एयरलाइनों को भी गंभीर खतरा पहुंचाया, जिससे हजारों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई। इसके अलावा, नीलम-झेलम जलविद्युत परियोजना को भी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर निशाना बनाया गया। पाकिस्तान ने कहा, ''संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-51 के अनुसार, पाकिस्तान को आत्मरक्षा में, अपने चुने हुए समय, स्थान और तरीके से जवाब देने का अधिकार है, ताकि पाकिस्तानी लोगों की जान जाने और अपनी संप्रभुता के घोर उल्लंघन का बदला लिया जा सके। पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को इस संबंध में उचित कार्रवाई करने के लिए विधिवत अधिकृत किया गया है। पाकिस्तान किसी भी अन्य आक्रमण का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्पित और दृढ़ है।'' पाकिस्तान ने आगे कहा, ''यह भी याद रखना चाहिए कि 22 अप्रैल 2025 के तुरंत बाद, पाकिस्तान ने एक पारदर्शी और तटस्थ जांच के लिए एक ईमानदार प्रस्ताव दिया, जिसे दुर्भाग्य से स्वीकार नहीं किया गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया कर्मियों ने 6 मई 2025 को इन शिविरों का दौरा किया था, और 7 मई 2025 के लिए और दौरे की योजना बनाई गई थी। हालांकि, उससे पहले ही भारत की ओर से हमला कर दिया गया।'' भारत को गीदड़भभकी देते हुए पाकिस्तान ने कहा कि यह हमला न तो बर्दाश्त करने योग्य है और न ही स्वीकार्य करने लायक। आने वाले परिणामों की जिम्मेदारी अब पूरी तरह से भारत की होगी। recent visitors 34

जवानों को मिली बड़ी कामयाबी, सीएम साय ने एक्स पर बोला – खत्म होगा नक्सलवाद, खुशहाल होगा छत्तीसगढ़

रायपुर छत्तीसगढ़-तेलंगाना के सीमा पर देश का सबसे बड़ा एंटी नक्सल ऑपरेशन जारी है. सुरक्षा बल के जवान लगातार 15 दिनों से अधिक समय से नक्सलियों को खात्मा कर रहे हैं इसे लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में जवानों को बड़ी सफलता मिलने की बात कही है. उन्होंने बताया कि कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है. इसमें जवानों को बड़ी सफलता मिली है. 22 नक्सलियों के शव भी बरामद किए गए हैं और अब भी यह ऑपरेशन जारी है. सीएम साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी ट्वीट कर लिखा- “खत्म होगा नक्सलवाद, खुशहाल होगा छत्तीसगढ़. बीजापुर जिले के कर्रेगुटा पहाड़ी में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में हमारे सुरक्षाबलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. मुठभेड़ में अब तक 22 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. लाल आतंक के विरुद्ध चल रही निर्णायक लड़ाई में हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान को शत-शत नमन करता हूं. उन्होंने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने संकल्प लिया है कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करना है और हम इस लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर हैं. recent visitors 31

खानपुर डैम में डेड लेवल से 25 फीट ही ज्यादा पानी बचा है, मात्र 35 दिन का पानी बचा, अब सूखे गला

इस्लामाबाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और पड़ोसी रावलपिंडी शहर को पानी पिलाने वाले खानपुर डैम में अब मात्र 35 दिन का पानी बचा है। इसी डैम से पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत को खेतों की सिंचाई के लिए भी पानी जाता है। इस्लामाबाद से लगभग 100 किलोमीटर आगे सिंधु नदी पर बने गाजी बरोठा डैम में सिंधु में गिरने वाली हारो नदी पर बना खानपुर डैम इस्लामाबाद के पास है। खानपुर डैम के कैचमेंट एरिया (जिस इलाके से बारिश का पानी आता है) में बढ़िया बारिश हो नहीं रही जिस कारण डैम में इस समय रोजाना औसत 82 क्यूसेक पानी आ रहा है जबकि आपूर्ति बनाए रखने के लिए 235 क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ रहा है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक खानपुर डैम में डेड लेवल से 25 फीट ही ज्यादा पानी बचा है। हारो नदी पर बने खानपुर डैम में इस्लामाबाद की मरगला हिल्स और गल्यात पहाड़ी इलाके से पानी आता है। बरसात ठीक से नहीं हो रही है, जिसकी वजह से जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। डैम प्रबंधन ने पाकिस्तानी मीडिया से कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर हालत में सुधार नहीं हुआ तो पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा को सिंचाई के लिए पानी की सप्लाई रोकनी होगी जबकि इस्लामाबाद और रावलपिंडी को पीने के पानी की आपूर्ति में कटौती करनी होगी। खानपुर डैम से अभी इस्लामाबाद को 90 क्यूसेक, खैबर पख्तूनख्वा को 48 क्यूसेक और पंजाब को 42 क्यूसेक पानी भेजा जा रहा है। डैम प्रबंधन की योजना है कि अगर एक सप्ताह में बारिश नहीं हुई और जलस्तर नहीं बढ़ा तो पानी की राशनिंग की जाएगी। मतलब, जो पानी है, उसी से इस्लामाबाद और रावलपिंडी को पेयजल की आपूर्ति होगी। सिंचाई के पानी को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। इस्लामाबाद और रावलपिंडी जुड़वां शहर हैं, जिनको पीने के पानी की आपूर्ति खानपुर डैम के अलावा सिमली डैम, गाजी बरोठा डैम और रावल झील से भी होती है। recent visitors 76