Saturday, July 4, 2026 5:22 pm

133 कार्डिनल निर्वाचकों ने कैथोलिक चर्च के लिए एक नया नेता चुन लिया, रॉबर्ट प्रीवोस्ट बने ईसाई धर्मगुरु

  वेटिकन सिटी वेटिकन सिटी में सिस्टिन चैपल की चिमनी से सफेद धुएं का गुबार उठ गया है. इसका मतलब है कि कैथोलिक चर्च के कार्डिनल्स ने अगले पोप को चुन लिया है. गुरुवार को सेंट पीटर के स्क्वेयर में सीनियर कार्डिनल्स ने ऐलान किया कि अमेरिका के रॉबर्ट प्रीवोस्ट कैथोलिक चर्च के नए पोप होंगे और उन्हें पोप लियो XIV के नाम से जाना जाएगा. रॉबर्ट प्रीवोस्ट पहले अमेरिकी पोप हैं. पोप लियो सेंट पीटर्स बेसिलिका की सेंट्रल बालकनी में सिस्टिन चैपल की चिमनी से सफेद धुआं निकलने के करीब 70 मिनट बाद दिखाई दिए. फिर स्पष्ट हुआ कि 133 कार्डिनल निर्वाचकों ने कैथोलिक चर्च के लिए एक नया नेता चुन लिया है. नए पोप के रूप में रॉबर्ट प्रीवोस्ट के नाम की घोषणा फ्रांस के कार्डिनल डोमिनिक माम्बरटी ने की. सेंट पीटर्स स्क्वेयर में जुटे हजारों लोगों के बीच उन्होंने कहा कि 'हमारे पास एक पोप है.' कौन हैं रॉबर्ट प्रीवोस्ट? 69 वर्षीय रॉबर्ट प्रीवोस्ट मूल रूप से शिकागो के रहने वाले हैं. प्रीवोस्ट ने अपना ज्यादातर करियर पेरू में एक मिशनरी के रूप में बिताया है और वह 2023 में ही कार्डिनल बने थे. उन्होंने बहुत कम मीडिया इंटरव्यूज दिए हैं और सार्वजनिक रूप से कम ही बात करते हैं. पोप फ्रांसिस की मृत्यु के बाद लियो 267वें कैथोलिक पोप बने हैं. पोप फ्रांसिस पहले लैटिन अमेरिकी पोप थे और उन्होंने 12 साल तक कैथोलिक चर्च का नेतृत्व किया था. क्या है पोप चुनने की प्रक्रिया? कैथोलिक परंपरा के अनुसार, Papel Conclave में नए पोप को चुना जाता है. इसमें दुनियाभर से आए कार्डिनल्स पोप को चुनते हैं. कार्डिनल्स कैथोलिक चर्च के सबसे उच्च रैंक वाले पादरी होते हैं. कार्डिनल्स दरअसल दुनियाभर के बिशप और वेटिकन के अधिकारी होते हैं जिन्हें निजी तौर पर पोप के द्वारा ही चुना जाता है. ये कार्डिनल्स नया पोप चुनने के लिए कई बैठकें करते हैं. बता दें कि नए पोप के लिए वोटिंग वेटिकन सिटी के सिस्टीन चैपल में होती है. 80 से कम उम्र के कार्डिनल्स को वोट देने का अधिकार होता है. वोटिंग और बैठक की पूरी प्रकिया गुप्त रखी जाती है. इस दौरान कार्डिनल्स को बाहरी दुनिया से संपर्क की अनुमति नहीं होती है. कार्डिनल्स सीक्रेट बैलेट से वोट करते हैं. हर दिन चार राउंड तक वोटिंग चलती है और तब तक चलती है जब तक किसी उम्मीदवार को दो-तिहाई वोट नहीं मिल जाते. इस प्रक्रिया की शुरुआत में स्पेशल मॉर्निंग गेदरिंग होती है, जहां 120 कार्डिनल सिस्टिन चैपल में इकट्ठा होते हैं. यही 120 कार्डिनल नए पोप का चुनाव करते हैं. इस अहम मीटिंग के बाद कार्डिल सभी को बाहर जाने को कहते हैं. इससे पहले ये कार्डिनल गोपनीयता की शपथ लेते हैं और नया पोप चुने जाने तक खुद को कॉनक्लेव के भीतर कैद कर लेते हैं. इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि पहले दिन की वोटिंग में ही नया पोप मिल जाए. काले और सफेद धुएं का क्या मतलब है? नतीजों के ऐलान के लिए तीन कार्डिनल्स को नियुक्त किया जाता है. ये कार्डिनल्स हर बैलेट के नतीजों को जोर से पढ़ते हैं. अगर किसी भी उम्मीदवार को निर्धारित दो-तिहाई वोट नहीं मिलते तो बैलेट को स्टोव में जला दिया जाता है. जिन रसायनों के जरिए इन बैलेट को जलाया जाता है उससे बेहद काला धुंआ बाहर निकलता है. ठीक इसी तरह जब किसी उम्मीदवार को किसी राउंड में जरूरी दो-तिहाई वोट मिल जाते हैं तो कॉलेज ऑफ कार्डिनल्स के डीन से कहा जाता है कि क्या वह इसे स्वीकार करते हैं. अगर वह इसे स्वीकार कर लेता है तो इसके बाद अंतिम राउंड के बैलेट को जला दिया जाता है लेकिन इस बार जिन रसायनों के इस्तेमाल से बैलेट जलाए जाते हैं उससे बाहर सफेद धुंआ निकलता है जिससे बाहरी दुनिया को पता चलता है कि नया पोप चुन लिया गया है. recent visitors 29

भोपाल में आयोजित होगा 10वां वार्षिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉन्फ़्रेंस वैसोकॉन 2025

भोपाल में आयोजित होगा 10वां वार्षिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉन्फ़्रेंस वैसोकॉन 2025 10 और 11 मई को देशभर के चिकित्सा विशेषज्ञ होंगे एकत्र; वेसकुलर ईवेंट और ब्लीडिंग पर होगी चर्चा भोपाल, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल इस सप्ताहांत एक प्रतिष्ठित चिकित्सा आयोजन की मेज़बानी करने जा रही है। 10 और 11 मई को होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में आयोजित होने जा रही “वैसोकॉन 2025” नामक दो दिवसीय वार्षिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी कॉन्फ़्रेंस में देशभर से वरिष्ठ डॉक्टर, शोधकर्ता और विशेषज्ञ जुटेंगे। यह आयोजन भोपाल इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं गैस्ट्रोकेयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल द्वारा किया जा रहा है और इसमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एवं लिवर से जुड़ी जटिल वेसकुलर स्थितियों पर चर्चा की जाएगी। इस कॉन्फ्रेंस में इंडियन सोसायटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एम पी चैप्टर , इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ग्रेटर भोपाल ब्रांच, इंडियन सोसाइटी ऑफ वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी (एमपी चैप्टर), एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन एम पी चैप्टर, भोपाल हेमेटोलॉजी सोसाइटी और भोपाल सर्जन क्लब का सहयोग प्राप्त है। आयोजन गैस्ट्रोकेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में किया जा रहा है, जो मध्यप्रदेश में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और संबद्ध रोगों की जानकारी एवं शोध को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रमुख संगठन है। कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में संक्रमण और कैंसर के साथ-साथ ब्लीडिंग (रक्तस्राव) और थ्रोम्बोसिस (खून का थक्का जमना) मानव जीवन के लिए अत्यंत गंभीर और घातक परिस्थितियाँ बन चुकी हैं। चाहे शरीर का कोई भी अंग प्रभावित हो, इन दोनों स्थितियों के मूलभूत सिद्धांत समान रहते हैं। चिकित्सा विज्ञान में इन विषयों पर निरंतर समीक्षा और अद्यतन जानकारी आवश्यक है। बीते वर्षों में रक्त प्रबंधन, डायग्नोस्टिक तकनीकों और संवहनी रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के कॉन्फ़्रेंस का मुख्य विषय रखा गया है: “वैसोकॉन – जीआई ट्रैक और लिवर में वेसकुलर ईवेंट: सही समय पर पहचानें और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करें।” यह वार्षिक कॉन्फ़्रेंस, जो हर वर्ष संस्थान के स्थापना दिवस पर आयोजित होती है, बुनियादी विज्ञान और नवीनतम चिकित्सा शोध को चिकित्सीय अभ्यास दिशानिर्देशों के रूप में प्रस्तुत करने का एक अनूठा मंच है। दो दिवसीय इस कॉन्फ़्रेंस में व्याख्यान, पैनल चर्चा, संगोष्ठी, वाद-विवाद, केस स्टडीज़ और वीडियो वर्कशॉप्स के माध्यम से प्रतिभागियों को उपयोगी और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। इस बार, पारंपरिक लाइव डेमोन्स्ट्रेशन के स्थान पर उच्च गुणवत्ता वाली वीडियो वर्कशॉप्स रखी गई हैं, ताकि प्रतिभागियों को एक अधिक प्रभावी और संरचित लर्निंग अनुभव मिल सके। कॉन्फ़्रेंस में देश के विभिन्न भागों से गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, जीआई सर्जन, हेमेटोलॉजिस्ट, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट और एंडोस्कोपिस्ट आमंत्रित किए गए हैं, जो अपने अनुभव, रिसर्च और क्लिनिकल केस प्रस्तुत करेंगे। यह कॉन्फ़्रेंस विशेष रूप से जीआई ट्रैक और लिवर से जुड़ी संवहनी समस्याओं पर केंद्रित है, जो आज की चिकित्सा में लगातार उभरते हुए क्षेत्र हैं। कॉन्फ़्रेंस की मुख्यतः ब्लीडिंग और थ्रोम्बोसिस जैसे जटिल चिकित्सकीय मुद्दों का बहुआयामी विश्लेषण शामिल है। इसमें पीटी-आईएनआर (PT INR) की व्याख्या और उपयोगिता, थ्रोम्बोइलास्टोग्राफी का समयबद्ध और उपयुक्त उपयोग, बड़े पैमाने पर ब्लीडिंग में रक्त एवं रक्त उत्पादों का तर्कसंगत प्रयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। वेरिसील और नॉन-वेरिसील अप्पर जीआई ब्लीडिंग, बच्चों में रेक्टल ब्लीडिंग, पोर्टल वेन थ्रोम्बोसिस की जटिलताएँ, प्रक्रियात्मक ब्लीडिंग का प्रभावी प्रबंधन, तथा मेसेंटेरिक इस्किमिया में सर्जरी बनाम इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी जैसे विशिष्ट क्लिनिकल निर्णयों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। इसके अतिरिक्त बुड-चियारी सिंड्रोम में आईआर की उभरती भूमिका, एलजीआई और छोटी आंत से ब्लीडिंग, एंटीकोएग्यूलेशन या एंटीप्लेटलेट थेरेपी के मरीजों में ब्लीडिंग का प्रबंधन, हीमोपेरिटोनियम, हीमोक्लिप्स का सर्वोत्तम उपयोग, और ब्लीडिंग से पहले एंडोस्कोपी सुइट की तैयारी जैसे व्यावहारिक विषय शामिल होंगे। आधुनिक तकनीकों के संदर्भ में कॉटरी सेटिंग्स, एआई की भूमिका, और विशेष परिस्थितियों में एंटीकोएग्यूलेशन का उपयोग भी विस्तृत चर्चा के केंद्र में रहेगा। चिकित्सकों और इंटेंसिविस्ट के दृष्टिकोण से जीआई ब्लीडिंग के मामलों की केस-आधारित समीक्षा कॉन्फ़्रेंस को और भी समृद्ध बनाएगी। कॉन्फ़्रेंस का एक विशेष सत्र कार्सिनोमा विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें चर्चा की जाएगी कि भारत में पेट के कैंसर की निगरानी कितनी आवश्यक है, किन पॉलिप्स को हटाया जाना चाहिए और बायोप्सी के लिए कौन-सी रणनीति अपनाई जानी चाहिए। इसके साथ ही वीडियो वर्कशॉप के माध्यम से ब्लीडिंग और थ्रोम्बोसिस के एंडोस्कोपिक, सर्जिकल और रेडियोलॉजिकल प्रबंधन की तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। विशिष्ट आमंत्रित अतिथि वक्ताओं डॉ. एस.के. सरीन (दिल्ली), डॉ एस के आचार्य (भुवनेश्वर), डॉ. ए.सी. आनंद (भुवनेश्वर), डॉ. एस.पी. मिश्रा (प्रयागराज), डॉ. राजेश पुरी (दिल्ली), डॉ. मोहन राम चंदानी (हैदराबाद), डॉ. उमेश जलिहाल (बेंगलुरु), डॉ. सोनल अस्थाना (बेंगलुरु), डॉ. नीरज सर्राफ (दिल्ली), डॉ. कौशल मदान (दिल्ली), डॉ. बी.एस. रवींद्र (बेंगलुरु), डॉ. अमर मुकुंद (दिल्ली), डॉ. ज़हीर नबी (हैदराबाद), डॉ. जयंत सामंता (चंडीगढ़), डॉ. राहुल भार्गव (दिल्ली), डॉ. प्रवीण शर्मा (दिल्ली), डॉ. नितिन शेट्टी (मुंबई), डॉ. वेंकट अय्यर (भावनगर), डॉ. जगदीश आर. सिंह (हैदराबाद), डॉ. पवन के. अदला (हैदराबाद), और डॉ. प्रीतम नाथ (भुवनेश्वर) जैसे नाम शामिल है। recent visitors 23

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सागर में स्वास्थ्य विभाग के अधोसंरचना विकास संबंधी कार्यों की वृहद की समीक्षा

सागर उप मुख्यमंत्री एवं सागर ज़िले के प्रभारी राजेन्द्र शुक्ल ने स्वास्थ्य अधोसंरचना निर्माण कार्यों में गति लाने और समानांतर रूप से आवश्यक उपकरण और फर्नीचर खरीदने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय शीघ्र प्रारंभ हो सके इसके लिए आवश्यक उपकरण और फर्नीचर की उपलब्धता भी साथ ही सुनिश्चित की जाए। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए मैनपॉवर की उपलब्धता बढ़ाने पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सागर में स्वास्थ्य विभाग के अधोसंरचना विकास संबंधी कार्यों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी परियोजनाओं के बारे में जनप्रतिनिधियों से पूर्व में ही चर्चा की जाए तथा उनके साथ समन्वय स्थापित कर कार्य किए जाएं। उन्होंने उपस्थित विधायक गण से भी कहा कि वे उनके क्षेत्र विशेष के कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति आदि से समय-समय पर अवगत कराएं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निर्माण कार्यों, अधोसंरचना विकास कार्यों में गति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य  सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बजट का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए तथा निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने  निर्देश दिए कि निर्माण एजेंसियों द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, ताकि कार्यों की गति बनी रहे और गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने लैंड एलॉटमेंट की प्रक्रिया यथासंभव शीघ्रता से करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी और जनहितकारी व्यवस्थाओं पर संबंधित अधिकारी प्राथमिकता पर ध्यान दें। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्‍द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र/आरोग्य मंदिर से संबंधित विभिन्न पूर्ण हो चुके तथा निर्माणाधीन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। सागर जिले में उक्त सभी कार्यों की अनुमानित लागत लगभग 447 करोड़ रुपए है जो विभिन्न निर्माण एजेंसियों जैसे पीडब्ल्यूडी, पीआईएयू, हाउसिंग बोर्ड आदि से संबंधित हैं। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय नवीन भवन के शीघ्र लोकार्पण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के भी निर्देश दिए। इसी प्रकार बीना अस्पताल के रिनोवेशन /नवीनीकरण तथा वहां डॉक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बंडा पीएचसी में बाउंड्री वॉल को प्रस्ताव शामिल करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार 15वें वित्त के तहत कार्यों को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह संवेदनशील रहकर कार्य करें और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम लाने की दिशा में हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन एक प्रभावी योजना है जिसका सीएचसी, पीएचसी और आरोग्य केन्‍द्रों के माध्यम से प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक , सशक्त और जनहितकारी बनाने के लिए अधोसंरचना, मानव संसाधन, उपकरण, प्रबंधन और तकनीकी सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यों की सतत निगरानी करें और सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करें। विधायक शैलेंद्र जैन, वीरेंद्र लोधी, श्रीमती निर्मला सप्रे, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, कलेक्टर संदीप जी.आर., पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी मौजूद थे। recent visitors 38

परेशन मुस्‍कान के तहत चौकी विक्रमपुर द्वारा गुम हुए नाबालिक बालिका को भोपाल से किया दस्‍तयाब

डिंडौरी ऑपरेशन मुस्‍कान के तहत गुम  हुए नाबालिक  बालक बालिकाओं की दस्तयाबी हेतु पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा  अभियान चलाया जा रहा है ।पुलिस अधीक्षक डिण्डौरी श्रीमती वाहनी सिंह के आदेशानुसार समस्‍त थाना /चौकी को उक्‍त अभियान के तहत त्‍वरित एवं प्रभावी कार्यवाही के आदेश दिये गये हैं जिसके तारतम्‍य  अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डिण्डौरी डॉ. अमित वर्मा के निर्देशन एवं अनु.अधि.(पुलिस) शहपुरा  मुकेश अबिंद्रा व थाना प्रभारी शाहपुर  हरिशंकर तिवारी के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी विक्रमपुर द्वारा गुमशुदा बालिका को भोपाल  से दस्तयाब कर परिजनों को सुपुर्द किया गया। विशेष भूमिका –   चौकी प्रभारी विक्रमपुर सउनि. संतोष यादव , सउनि. मो. एजाज कुरैशी, साइबर सेल से  प्र.आर.202 मुकेश प्रधान, आर. 20 जगदीश की विशेष भूमिका रही । recent visitors 28

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान हिला, कर रहा साइबर वार, खुदको ऐसे रखे सेफ

नई दिल्ली भारत सरकार के ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान की हालत खिसियानी बिल्ली जैसी हो गई है। अब पाकिस्तान के ऊपर भी कुछ न कुछ करता हुआ दिखने का प्रेशर है। भारतीय सेनाओं की मुस्तैदी को देखते हुए पाकिस्तान और कुछ न कर पाए लेकिन साइबर अटैक बढ़ा सकता है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान द्वारा डिफेंस वेबसाइट्स को हैक करने की खबरें भी आई थीं। ऐसे में हो सकता है कि आम नागरिकों पर भी साइबर अटैक तेज हो जाएं। ऐसे में आज हम आपको 5 ऐसे तरीकों के बारे में बताने जा रहा हैं जिन्हें अपना कर आप किसी भी तरह के साइबर अटैक से सुरक्षित रह सकते हैं। मजबूत पासवर्ड बनाएं आप ये समझ सकते हैं कि आपके और साइबर अटैक करने वाले के बीच कोई है, तो वह आपका पासवर्ड है। ऐसे में आपका पासवर्ड मजबूत होना जरूरी है। अगर आपका पासवर्ड बहुत ही आसान या अनुमान लगाने लायक है, तो कोई भी हैकर उसे कुछ ही समय में तोड़ सकता है। इसलिए हमेशा ऐसा पासवर्ड चुनें जिसमें अंग्रजी के बड़े अक्षर जैसे कि A-Z, छोटे अक्षर जैसे कि a-z, नंबर्स जैसे कि 0-9 और स्पेशल कैरेक्टर जैसे कि @, #, $, ! आदि शामिल हों। एक और ज़रूरी बात यह है कि हर वेबसाइट या ऐप के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखें। अगर आप एक ही पासवर्ड हर जगह इस्तेमाल करते हैं, और वह कहीं लीक हो जाए, तो बाकी सभी अकाउंट भी खतरे में आ सकते हैं। इस एक चीज का ध्यान रख कर आप आसानी से ज्यादातर साइबर अटैक से सुरक्षित रह सकते हैं। अनजान लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें आजकल साइबर अटैक का सबसे आसान तरीका है नकली ईमेल या मैसेज भेजकर लोगों को धोखा देना। इन ईमेल में अक्सर कोई लुभावनी बात लिखी होती है। जैसे कि कोई ऑफर, इनाम या जरूरी जानकारी। इस तरह के लिंक पर क्लिक करने से वायरस आपके फोन या कंप्यूटर में आ सकता है, या आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है। ऐसे में साइबर अटैक से बचने का सबसे आसान तरीका है कि किसी भी अनजान लिंक आदि पर क्लिक न करना। सॉफ्टवेयर और ऐप को अपडेट रखें आपके मोबाइल, लैपटॉप और ऐप्स में समय-समय पर अपडेट आते हैं। इन अपडेट्स में सिर्फ नए फीचर्स ही नहीं, बल्कि पुरानी सुरक्षा खामियों, जिन्हें कि बग्स भी कहा जाता है, को भी ठीक किया जाता है। अगर आप अपने डिवाइस या ऐप्स को बिना अपडेट के लंबे समय तक इस्तेमाल करते रहते हैं, तो साइबर अटैक करने वाले पुराने बग्स का फायदा उठाकर हैकिंग को अंजाम दे सकते हैं। पब्लिक Wi-Fi से दूर रहें किसी कैफे, मॉल, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट जैसी जगहों पर मिलने वाला फ्री Wi-Fi भले लुभाता हो लेकिन इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए। दरअसल इस तरह के नेटवर्क से जुड़कर कोई हैकर आपका डेटा चोरी कर सकता है जैसे कि आपके बैंक डिटेल्स, पासवर्ड या चैट। अगर कभी मजबूरी में इस तरह के नेटवर्क का इस्तेमाल करना भी पड़े, तो कोई संवेदनशील काम कभी न करें जैसे बैंकिंग, खरीदारी या OTP से होने वाले लॉग-इन। टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को ऑन कर लें टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सुरक्षा की एक अरिक्त लेयर की तरह है। सुरक्षा की पहली लेयर आपका पासवर्ड होता है। अगर कभी किसी वजह से आपके पासवर्ड का तोड़ साइबर अटैक करने वाले निकाल लें, तो आपकी सुरक्षा का काम टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन करती है। इस फीचर को आप जहां भी ऑन करेंगे वहां लॉग-इन करने के बाद एक और स्टेप को पूरा करना पड़ता है। इस स्टेप में जब तक आप या हैकर उस OTP को उपलब्ध न कराए जो कि आपके दिए हुए फोन नंबर या ईमेल पते पर आता है, तब तक कोई भी आपके अकाउंट में लॉग-इन नहीं कर सकता। इससे आपकी सुरक्षा किसी भी साइबर हमले से निपटने के लिए बढ़ जाती है। recent visitors 42

मनेन्द्रगढ़ में अवैध कारोबारियों पर जल्द होंगी पुलिस की सख्ती

मनेन्द्रगढ़ में अवैध कारोबारियों पर जल्द होंगी पुलिस की सख्ती     शहर में अवैध गतिविधियों पर कसेगा शिकंजा,आम जनता से सहयोग की अपील स्वयं शहर का भ्रमण करेंगे कोतवाली प्रभारी सुनील तिवारी एमसीबी/मनेंद्रगढ़ मनेन्द्रगढ़ में अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। कोतवाली प्रभारी सुनील तिवारी ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वयं शहर का भ्रमण कर निगरानी रखने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शहर में लगातार मिल रही अवैध कार्यों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब सीधे कार्रवाई की जाएगी। सुनील तिवारी ने कहा, “शहर में बढ़ती अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैं स्वयं रोजाना भ्रमण कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखूंगा और किसी भी अवैध कारोबार में लिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि जनता में पुलिस पर विश्वास बना रहे।” आम जनता से की अपील कोतवाली प्रभारी ने मनेन्द्रगढ़ के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा, “यदि आपके आस-पास किसी प्रकार का अवैध कारोबार हो रहा है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” मुख्य बिंदु:- पुलिस की सख्ती: अवैध कार्यों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश। सीधे निगरानी: कोतवाली प्रभारी स्वयं शहर का करेंगे दौरा। जनता से सहयोग: अवैध कारोबार की सूचना देने की अपील। भरोसा कायम: शहरवासियों का पुलिस पर विश्वास मजबूत करने का प्रयास। इस कदम को शहर में कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि पुलिस की यह सक्रियता अवैध गतिविधियों पर किस हद तक लगाम लगा पाती है। recent visitors 30

एम पी हलचल टी वी की 21 वर्ष पूर्ण होने पर वरिष्ठ जनों को स्मृति चिन्ह भेंट

भोपाल एम पी हलचल टी वी न्यूज चैनल के स्थापना के इक्कीस वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश भर में वरिष्ठ जनों को स्मृति चिन्ह भेंट किए जा रहे हैं।इसी कड़ी में प्रदेश के परिवहन एवं स्कूली शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह,महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया , आदिवासी विकास मंत्री विजय शाह,एवं कुटीर उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। साथ ही उन्हें एम पी हलचल टी वी न्यूज चैनल की आगामी गतिविधियों की जानकारी। अपने अपने विभागों की विकास उन्मुखी योजनाओं की चर्चा के लिए एम पी हलचल टी वी न्यूज के कार्यालय पधारने का आग्रह भी उन्होंने स्वीकार किया। इस अवसर पर एम पी हलचल टी वी न्यूज चैनल के प्रधान संपादक जितेंद्र सिंह,नदीम खान व कुलदीप यादव उपस्थित रहे। recent visitors 26