इंदौर नगर निगम का पोर्टल बंद होने से ऑनलाइन टैक्स वसूली पूरी तरह से रुक गई, टैक्स जमा करने वाले परेशान

इंदौर  नगर निगम का पोर्टल 1 अप्रैल से बंद है। इससे शहर के लोगों को टैक्स भरने में परेशानी हो रही है। निगम को अब तक लगभग 25 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। पोर्टल बंद होने से ऑनलाइन टैक्स वसूली पूरी तरह से रुक गई है। नए खाते भी नहीं खुल पा रहे हैं। लोगों को टैक्स भरने की रसीद नहीं मिल रही है और न ही उनका रिकॉर्ड अपडेट हो पा रहा है। पोर्टल को चालू करने की कर रहे कोशिश निगम अधिकारी पोर्टल को फिर से चालू करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। 10 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत है और पोर्टल बंद होने से निगम को राजस्व मिलने में दिक्कत हो सकती है। दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोग पोर्टल बंद होने से शहर में अफरा-तफरी मची हुई है। लोग टैक्स भरने के लिए नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। पोर्टल 1 अप्रैल से बंद है। इसे नए वित्तीय वर्ष के लिए डेटा अपडेट करने के लिए बंद किया गया था। निगम ने कहा था कि एक हफ्ते में पोर्टल फिर से शुरू हो जाएगा लेकिन मई का पहला हफ्ता बीत चुका है, और पोर्टल अभी भी बंद है। निगम को भारी नुकसान ऑनलाइन टैक्स वसूली पूरी तरह से ठप हो गई है। इसका सीधा असर निगम की आय पर पड़ रहा है। लोग टैक्स भरने के लिए जोनल ऑफिस और निगम मुख्यालय जा रहे हैं लेकिन वहां उन्हें बताया जा रहा है कि रसीद कट्टे उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से लोग संपत्ति कर, जल कर और किराया जमा नहीं कर पा रहे हैं। लोगों को न तो रसीद मिल रही है और न ही उनका रिकॉर्ड अपडेट हो पा रहा है। नए खाते खुलवाने के लिए भी लोग परेशान हैं। जोनल ऑफिस और मुख्यालय पर संपत्ति कर और जल कर के नए खाते खुलवाने वाले लोग चक्कर लगा रहे हैं लेकिन पोर्टल बंद होने से नए खाते नहीं खुल पा रहे हैं। भोपाल तक लगा चुके गुहार निगम के अधिकारी पोर्टल को लेकर भोपाल तक गुहार लगा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। अधिकारी यह भी नहीं बता पा रहे हैं कि पोर्टल कब तक चालू होगा। एक तरफ नगर निगम आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ लोग टैक्स जमा करने के लिए परेशान हो रहे हैं। recent visitors 34

बिग बॉस विनर मुनव्वर फारूकी पुलिस केस में उलझे, रिन्यू नहीं हो रहा पासपोर्ट

इंदौर  स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी के पासपोर्ट की समय सीमा बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट में एक बार फिर से केंद्र सरकार ने समय मांगा है। कोर्ट ने सात दिन दिए, साथ ही इसे अंतिम अवसर मानने को भी निर्देश दिए। 31 दिसंबर 2020 की रात फारुकी के खिलाफ इंदौर में धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद उनके खिलाफ देशभर में अलग-अलग जगह केस दर्ज हुए और फारुकी को गिरफ्तार कर लिया गया था। दे दी थी जमानत सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 5 फरवरी 2021 को जमानत दे दी थी, साथ ही उन पर चल रहे सभी केस इंदौर ट्रांसफर कर दिए थे। जमानत शर्तों मुताबिक हर साल कोर्ट की इजाजत से पासपोर्ट रिन्यू होता रहा। अब फारुकी ने 10 साल के लिए पासपोर्ट रिन्यू करने के लिए आवेदन किया है। इस पर मुंबई पासपोर्ट कार्यालय को हाईकोर्ट में जवाब देना है। कोर्ट में चालान पेश नहीं फारुकी के वकील अभिषेक तुगनावत ने बताया कि चूंकि उनके केस को इंदौर ट्रांसफर कर दिया था, इसलिए पासपोर्ट रिन्यू के लिए सुनवाई भी इंदौर में ही हो रही है। बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि फारुकी पर केस दर्ज हुए 4 साल 5 माह हो चुके हैं। पुलिस ने अभी तक उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश नहीं किया है। उन्हें बेवजह केस में उलझना पड़ रहा है। उनका पासपोर्ट जनवरी 2026 तक वैध है। कई देशों में वीजा शर्त है कि पासपोर्ट की वैधता कम से कम 6 माह पहले की होनी चाहिए। recent visitors 31

भोपाल से लखनऊ और पटना राजधानियों के लिए वंदे भारत का शुभारंभ जल्द

भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के रहते हैं, लेकिन लखनऊ और पटना के लिए नियमित ट्रेनों की कमी के कारण यात्रियों का उनके गृहक्षेत्र पहुंचना मुश्किल होता है. अब उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले लोगों के लिए भोपाल से सीधी रेल सुविधा मिलने वाली है. भोपाल से दोनों राज्य की राजधानियों के लिए वंदे भारत का शुभारंभ किया जाना है. इसकी लंबे समय से प्रतीक्षा हो रही है, लेकिन भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर तीसरी पिट लाइन तैयार नहीं होने के कारण वंदे भारत का संचालन टल रहा है. यात्री सोते हुए पहुंच जाएंगे पटना, 4 घंटे का समय बचेगा रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि "रानी कमलापति से पाटलीपुत्र के लिए स्लीपर कोच वाली वंदे भारत का संचालन किया जाएगा. इसमें 16 कोच होंगे. बता दें कि भोपाल से पटना की दूरी करीब 850 किलोमीटर है. वर्तमान में जो ट्रेन इस रुट पर चल रही हैं, वो भोपाल से पटना पहुंचने में 18 से 20 घंटे का समय लेती हैं. नई वंदे भारत शुरू होने से यात्री 14 से 15 घंटे में भोपाल से पटना पहुंच जाएंगी. अच्छी बात यह है कि यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी. यानि यात्री सोते हुए यात्रा कर सकता है. भोपाल से पटना के लिए मिलेगी प्रीमियम वंदे भारत अधिकारियों ने बताया कि भोपाल से लखनऊ के लिए 8 कोच वाली प्रीमियम वंदे भारत ट्रेन मिलने वाली है. इसके सभी कोच कुर्सीयान यानि चेयर सीट वाले होंगे. बता दें कि भोपाल से लखनऊ की दूरी करीब 590 किलोमीटर है. वर्तमान में जो ट्रेन इस रुट पर चल रही है, वो भोपाल से लखनऊ पहुंचने में 9 से 11 घंटे का समय लेती है, लेकिन इस मार्ग पर वंदे भारत की शुरुआत होने से यात्री महज 6 से 7 घंटे में भोपाल से लखनऊ पहुंच सकेंगे. ये ट्रेन 8 कोच वाली चेयरकार होगी. जो सप्ताह में 6 दिन चलेगी. तीसरी पिट तैयार होते ही मिलेगी दो वंदे भारत की रैक भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीएमई आरपी खरे ने बताया कि "रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तीसरी पिट लाइन बनाई जा रही है. इसका 95 प्रतिशत काम पूरा हो गया है. खरे ने बताया कि निर्माण कंपनी ने 30 जून 2025 तक तीसरी पिट लाइन रेलवे को हैंडओवर करने का दावा किया है. हालांकि अभी तीसरी पिट लाइन को पूरी तरह तैयार होने में अगस्त-सितंबर तक का समय लग सकता है. आरपी खरे ने बताया कि जैसे ही तीसरी पिट लाइन तैयार होगी." 7 साल बाद भी 10 करोड़ रुपये की पिट लाइन अधूरी बता दें कि रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर तीसरी पिट लाइन बनाने को लेकर साल 2028 में स्वीकृत मिली थी, लेकिन काम करीब छह से आठ महीने बाद शुरू हुआ. अब 7 साल का समय बीतने के बाद भी आरकेएमपी में तीसरी पिट लाइन अधूरी है. इधर भोपाल मंडल के एससीएम व प्रवक्ता नवल अग्रवाल ने बताया कि "रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास आरओएच शेड बनाया जा रहा है, जहां वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस किया जाएगा. साथ ही अन्य ट्रेनों का भी मेंटेनेंस होगा, जो कि संभवतः सितंबर महीने के बाद शुरू होगा. इसको बनाने में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत आई है." जर्मन तकनीकी से बने कोच का होगा सुधार रेल अधिकारियों ने बताया कि "यह केमटेक डिजाइन की पिट लाइन है, जो दो पुरानी लाइनों की तुलना में तकनीकी संसाधनों से लैस है. जिस पर जर्मन कंपनी लिंक हाफमैन बुश (एलएचबी) के तकनीकी सहयोग से बनाए जा रहे नए कोचों का आसानी से सुधार किया जा सकेगा. यहां एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की ओवर हालिंग होगा. तीसरी पिट लाइन की ऊंचाई अधिक है, जिसमें रेलकर्मी कोचों के नीचे आसानी से खड़े रहकर सुधार कार्य कर सकेंगे. इसमें मशानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए पाथ-वे बने हुए हैं. इस पिट लाइन में कम समय से अधिक ट्रेनों का मेटेंनेंस किया जा सकेगा. recent visitors 36

AWACS सिस्टम होता क्या है, जिसे भारत ने तबाह कर दिया, पाकिस्तान कैसे करता है इसे इस्तेमाल

नईदिल्ली भारत ने पाकिस्तान की नापाक हरकत का जवाब देते हुए जबरदस्त कार्रवाई की है। इस जवाबी हमले में पाकिस्तान का पूरा एयर डिफेंस सिस्टम, चार फाइटर जेट्स और एक हाईटेक AWACS तबाह कर दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह AWACS होता क्या है और कैसे काम करता है। अगर हम इसकी कार्यप्रणाली को समझ लें, तो समझ सकते हैं कि पाकिस्तान ने क्या खोया है। क्या होता है AWACS? AWACS का पूरा नाम Airborne Warning and Control System होता है। AWACS एक खास तरह का विमान होता है जिसके ऊपर एक बड़ा गोल रडार लगा होता है। यह रडार बहुत दूर तक काम करता है और दुश्मन के हवाई जहाज, ड्रोन, हेलिकॉप्टर, मिसाइल, और कभी-कभी जमीन पर चल रही गतिविधियों को भी पकड़ सकताहै। इसे "आसमान से देखने वाली आंख" भी कह सकते हैं। इसका काम सिर्फ नजर रखना नहीं बल्कि अपने बाकी लड़ाकू विमानों को दिशा बताना और दुश्मन की स्थिती की जानकारी देना भी होता है। कैसे काम करता है AWACS? बता दें कि एक AWACS विमान में लगा रडार 360 डिग्री में घूम सकता है और कई सौ किलोमीटर की दूरी तक देख सकता है। यह दुश्मन के विमानों को बहुत आसानी से पहचान लेता है। इसे किसी भी देश की सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में AWACS के तबाह होने को डिफेंस के लिहास से बड़ी शति माना जा सकता है। AWACS के जरूरी काम AWACS का सबसे पहला और मुख्य काम हवाई निगरानी करना यानी आसमान में क्या हो रहा है, कौन उड़ रहा है, कहां से उड़ रहा है और कहां जा रहा है, यह सब देखना होता है। यह अपने आस-पास के लड़ाकू विमानों को निर्देश देने का काम भी करता है। इससे जंग के दौरान फाइटर विमान समझ पाते हैं कि कब कहा. जाना है, किसे रोकना है, और किस पर हमला करना है। इसके अंदर एक ऑपरेटर टीम मौजूद होती है जो कंप्यूटर स्क्रीन पर सब कुछ देखती और समझती रहती है। यह फाइटर जेट्स जैसे कि F-16 को रेडियो या डाटा लिंक के जरिए सीधे निर्देश भेज सकता है। इतना ही नहीं AWACS दुश्मन के विमानों से निकलने वाले रेडियो सिग्नल, रडार तरंगों और संचार संकेतों को पकड़ सकता है। इससे वह पता लगा सकता है कि दुश्मन कौन से हथियार एक्टिवेट कर रहा है। इससे वह यह योजना बना पाता है कि किस विमान को टारगेट करना है और किस फाइटर विमान को मिशन पर भेजना है। recent visitors 42

इंदौरवासियों के लिए ज्ञान और संवाद का एक सुनहरा अवसर 10 मई से

इंदौर अभ्यास मंडल की 64वीं ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला 10 मई से आयोजित की जाएगी। प्रतिदिन शाम 6.30 बजे जाल सभागृह साउथ तुकोगंज में इसका आयोजन होगा। गत 66 वर्ष से संवाद का यह सिलसिला अभ्यास मंडल के द्वारा जारी है। अभ्यास मंडल के सदस्यों ने बताया कि इस बार भी अलग अलग क्षेत्रों के प्रमुख लोग आयोजन में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। शहर के लोगों को ज्ञानार्जन के साथ एक दूसरे मिलने और संवाद करने का मंच मिलेगा। उद्घाटन सत्र 8 दिन की इस व्याख्यानमाला का उद्घाटन श्रीहरि बोरिकर के द्वारा होगा। वे युवा हैं और विद्यार्थी आंदोलनों के अग्रज रहे हैं। छात्रों को सही दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरणा देते रहे हैं। 10 मई को होने वाले इस दीप प्रज्जवलन और व्याख्यान में शहर के प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे। इस दिन का विषय रहेगा सुशासन का आधार – नागरिक कर्तव्य। इसके बाद के सत्र इस प्रकार रहेंगे 11 मई- अमृता आचार्य, पूर्व वायुसेना अधिकारी विषय – भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका 12 मई – अवनीश अवस्थी, IAS पूर्व गृह सचिव विषय – आधुनिक शहरीकरण में ई गवर्नेंस की भूमिका 13 मई – डॉ अनिल काकोडकर, पद्मविभूषण पद्मभूषण पद्मश्री विषय – मेरे सपनों का विकसित भारत 14 मई – डॉ वेद प्रकाश मिश्रा, शिक्षाविद् विषय – शिक्षा का व्यवसायीकरण और वर्तमान चुनौतियां 15 मई – डॉ संजीव पंतजोशी, IPS, पुलिस महानिदेश केरल विषय – भारत में दूरगामी विकास में पंचायतों की भूमिका 16 मई – जगदीप एस छोकर, पूर्व निदेशक IIM अहमदाबाद विषय – भारत में लोकतंत्र व चुनाव 17 मई – समापन, पद्मश्री डॉ रणवीर सिंह गुलेरिया, पूर्व एम्स डायरेक्टर, पद्मश्री विषय – बेहतर स्वास्थ की दिशा में कुछ कदम   recent visitors 25

संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र पर बढ़ाई सुरक्षा, भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने उठाया बड़ा कदम

 उमरिया मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में है संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र (Sanjay Gandhi Vidyut Taap Kendra), भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात को ध्यान रखते हुए विद्युत केंद्र की सीमा में अनावश्यक व्यक्तियों के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध एहतियातन लिया गया फैसला मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं अनावश्यक व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारत-पाक के बीच तनावपूर्ण हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों (Security Agencies) ने एहतियातन यह फैसला किया है। ताकि संभावित खतरे से केंद्र की सुरक्षा सुरक्षित की जा सके। उच्चस्तरीय निर्देशों के तहत लिया निर्णय ताप विद्युत केंद्र (Sanjay Gandhi Thermal Power) की सुरक्षा को लेकर केंद्र के मुख्य अभियंता का कहना है कि जबलपुर से मिले उच्चस्तरीय निर्देशों के तहत यह निर्णय लिया गया है। देश की सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ऐसे में केंद्र की कॉलोनी सहित पुरे परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्राधिकृत व्यक्तियों को ही मिलेगी एंट्री उनका कहना है कि अब यहां अनावश्यक लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है। वहीं केवल प्राधिकृत लोग ही यहां प्रवेश कर सकेंगे। यहां मौजूद कर्मचारियों और निवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे सुरक्षा कर्मियों द्वारा की जा रही जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें। परिसर के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। अफवाह पर न दें ध्यान विद्युत केंद्र (Sanjay Gandhi vidyut Taap kendra) प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे संयम रखें और अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें। इस समय संयम और जागरुकता ही सबसे बड़ा हथियार है। सभी को मिलकर इस चुनौतीपूर्ण समय में सहयोग करना चाहिए। केंद्र के साथ ही राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति प्रशासन जागरूक और प्रतिबद्ध है। सुरक्षा के मद्देनजर ये कदम उठाया है, ये अस्थाई व्यवस्था है। recent visitors 35

मध्यप्रदेश के 7.50 लाख कर्मचारियों के बड़ी खुशखबरी, महंगाई भत्ते के आदेश जारी

भोपाल राज्य शासन ने शासकीय सेवकों को बड़ी राहत देते हुए मंहगाई भत्ते की दर में वृद्धि का आदेश जारी किया है।आदेश में कहा गया है कि फरवरी-2024 से 7वें वेतनमान के तहत 50 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। विभाग ने कहा है कि एक जुलाई 2024 से 53 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 55 प्रतिशत राशि का भुगतान कर्मचारियों को किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसी महीने महंगाई भत्ता देने की घोषणा की थी। इसे पिछली कैबिनेट बैठक में मंजूरी भी दे दी गई है। दो चरणों में बढ़ेगा DA आदेशानुसार, सातवें वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान 50% महंगाई भत्ते के स्थान पर दो चरणों में बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा। एक जुलाई 2024 से मंहगाई भत्ता 3% बढ़कर 53% किया गया है, जिसका भुगतान अगस्त 2024 के वेतन में होगा।इसी तरह 1 जनवरी 2025 से इसमें और 2% की वृद्धि कर इसे कुल 55% कर दिया जाएगा, जिसका भुगतान फरवरी 2025 के वेतन के साथ किया जाएगा। मई 2025 से मिलेगा लाभ, एरियर 5 किश्तों में राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि इस वृद्धि का वास्तविक लाभ 1 मई 2025 से दिया जाएगा और 1 जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान जून से अक्टूबर 2025 के बीच 5 किश्तों में किया जाएगा। 1 मई से 55% भत्ता वेतन के साथ मिलेगा वित्त विभाग के आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का फायदा एक मई 2025 से मिलेगा, जिसका भुगतान जून में होगा। एक जुलाई 2024 से 30 अप्रैल 2025 तक की एरियर राशि का भुगतान 5 समान किस्तों में जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 में किया जाएगा। जो कर्मचारी अधिकारी एक जुलाई 2024 से 31 मई 2025 की अवधि में रिटायर हुए हैं या जिनकी मौत हो गई है उन्हें और उनके नॉमिनेट परिजन को एरियर की राशि दी जाएगी। पेंशनर्स और उनके परिजन के लिए भी आदेश वित्त विभाग ने प्रदेश के पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को भी महंगाई राहत देने के आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि 30 अक्टूबर 2024 के आदेश द्वारा पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को 1 अक्टूबर 2024 (भुगतान नवंबर-2024) से सातवें वेतनमान में मूल पेंशन, परिवार पेंशन पर 50% की दर से और छठे वेतनमान पर 239% की दर से महंगाई राहत दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 12 मार्च 2025 से मप्र पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 के अंतर्गत एक मार्च 2025 से सातवें वेतनमान में 53% और छठवें वेतनमान में 246% महंगाई राहत दिए जाने के फैसले में मध्य प्रदेश सरकार से सहमति चाही गई थी। इसलिए प्रदेश के पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को एक मार्च 2025 से सातवें वेतनमान पर 3 प्रतिशत और छठवें वेतनमान पर सात प्रतिशत महंगाई राहत मंजूर की जाती है। इसके बाद छठवें वेतनमान पर 246 प्रतिशत और सातवें वेतनमान पर पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को 53 प्रतिशत महंगाई राहत मिलेगी। अगर किसी को पति या पत्नी की मृत्यु के कारण अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर सेवा में रखा गया है तो ऐसे मामले में परिवार पेंशन पर महंगाई राहत की पात्रता नहीं होगी। 6वें वेतनमान वाले कर्मचारियों को ऐसे मिलेगा डीए वित्त विभाग के आदेश में कहा गया है कि छठवां वेतनमान पा रहे कर्मचारियों को एक जनवरी 2024 से 239 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अनुसार एक जुलाई 2024 से सात प्रतिशत ज्यादा भत्ता मिलेगा, जो 246 प्रतिशत होगा। इसके साथ ही एक जनवरी 2025 से 246 प्रतिशत महंगाई भत्ते को 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए 252 प्रतिशत कर दिया गया है। इस आधार पर एक जुलाई 2024 से 246 प्रतिशत और एक जनवरी 2025 से 252% महंगाई भत्ता छठवां वेतनमान पाने वालों को मिलेगा। इनके एरियर का भुगतान भी सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों की तरह जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2025 में पांच समान किस्तों में किया जाएगा। सेवानिवृत्त व दिवंगत कर्मियों को एकमुश्त भुगतान 1 जुलाई 2024 से 31 मई 2025 के बीच सेवानिवृत्त हो चुके शासकीय कर्मचारियों को एरियर की पूरी राशि का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा। इसी तरह एक जुलाई 2024 से 31 मई 2025 की अवधि में मृत कर्मचारियों के परिजनों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी। अन्य निर्देश 50 पैसे या उससे अधिक की राशि को अगले पूर्णांक रुपए में पूर्णांकित किया जाएगा। मंहगाई भत्ते का कोई भी भाग वेतन के रूप में नहीं माना जाएगा। इस भुगतान का व्यय संबंधित विभाग के चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधान से अधिक नहीं होना चाहिए।   recent visitors 40