Saturday, July 4, 2026 12:51 pm

रूसी राष्ट्रपति पुतिन से भारत के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने की मुलाकात, समर्थन के लिए जताया आभार

रांची/नई दिल्ली द्वितीय विश्व युद्ध में विजय की 80वीं वर्षगांठ पर रूस में आयोजित समारोह में भारत की ओर से भाग ले रहे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही लड़ाई में रूस के समर्थन के लिए आभार जताया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पुतिन से मुलाकात और विजय दिवस समारोह की तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, "अपनी रूस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। 80वें विजय दिवस की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित भोज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में रूस के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।" रक्षा राज्य मंत्री सेठ, जो कि रांची से भाजपा के सांसद भी हैं, गुरुवार को रूस की राजधानी मास्को पहुंचे थे। भारत के राजदूत विनय कुमार और रूस रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल ओलेग मोलेसेव ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह रूसी उप रक्षा मंत्री कर्नल जनरल अलेक्जेंडर फोमिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल हुए। सेठ की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में बहुआयामी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हमने मौजूदा संस्थागत तंत्र के ढांचे के भीतर इन संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई। भारत और रूस भविष्य में भी नियमित परामर्श जारी रखेंगे और बदलती स्थिति में आपसी सहयोग बढ़ाएंगे। इसके पहले संजय सेठ द्वितीय विश्व युद्ध के बलिदानी सैनिकों की समाधि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मास्को में आयोजित विजय दिवस परेड में पहले भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भाग लेने वाले थे। माना जा रहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखते हुए उन्होंने अपनी यात्रा स्थगित की। recent visitors 33

मुख्यमंत्री साय बोले- हमारी सरकार लोगों को अधिक से अधिक- सुविधा मुहैया कराने प्रतिबद्ध

बल्दाकछार की बिसनी बाई ध्रुव एवं घिरघोल की सविता ने अपने बैंक खाते से निकाली राशि बलौदाबाजार, सुशासन तिहार  के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कसडोल विकासखंड के बल्दाकछार पहुंचे।  इस दौरान साय ने अटल डिजिटल सेवा केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने केंद्र संचालक व्हीएलई रोशन लाल पटेल से संचालन एवं उपलब्ध सेवाओं की जानकारी ली। इस  दौरान बल्दाकछार की बिसनी बाई ध्रुव एवं घिरघोल की सविता ने अपने बैंक खाते से एक- एक हजार रुपये आहरित किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार लोगों को अधिक से अधिक- सुविधा मुहैया कराने प्रतिबद्ध है। अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू होने से अब बैक जाना नहीं पड़ेगा, बैंकिंग सहित अन्य सुविधाएं यहीं से मिल जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को  अटल डिजिटल सुविधा केंद्र क़ा लाभ लेने कहा। बिसनी बाई ने बताया कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खुल जाने से बहुत सुविधा हो रही है। अब गांव में रोजी मजदूरी करने के बाद थोड़ा समय मिलने पर सुविधा केंद्र से पैसा निकाल लेते हैं। व्हीएलई  रोशन पटेल ने बताया कि अटल डिजिटल सुविधा केंद्र  बल्दाकछार का शुभारंभ पंचायती राज दिवस पर 24 अप्रैल 2025 को हुआ है। इस केंद्र में नागरिक सुविधाएं  अंतर्गत जन्म-मृत्यु पंजीयन  एवं प्रमाण पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, राजस्व सेवाएं, सीएससी आईडी,वित्तीय सेवाएं  अंतर्गत नगद आहारण,फंड ट्रांसफर, बीमा ऑनलाइन, पेंशन,  पैन कार्ड, तथा सीएससी सेवाएं अंतर्गत सरकारी योजनाओ का पंजीयन, पासपोर्ट आवेदन, बिजली बिल भुगतान, यात्रा टिकट बुकिंग, ई -डिस्ट्रिकट सेवाओं के माध्यम से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। recent visitors 38

पाकिस्तान की हवाइसेना ने अपने F-16 ब्लॉक 52+ लड़ाकू विमानों में से आधे विमानों को ग्वादर के पास किया स्थानांतरित

इस्लामाबाद भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की  हवाइसेना ने अपने F-16 ब्लॉक 52+ लड़ाकू विमानों  में से आधे विमानों को अरब सागर तट पर स्थित ग्वादर के पास पासनाई एयरफील्ड में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम पाकिस्तान की ओर से उठाया गया एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के S-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम  द्वारा इन विमानों की पहचान और नष्ट होने से बचना है।   पाकिस्तान का कदम और भारत का रिएक्शन पाकिस्तान की हवाइसेना  ने अपनी उन्नत F-16 विमानों की तैनाती को बदलते हुए उन्हें  ग्वादर के पास ब लोचिस्तान के पासनी एयरफील्ड में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम  भारत के S-400 सिस्टम से बचने के लिए एक सुरक्षा उपाय  के तौर पर देखा जा रहा है। S-400 को बेहद प्रभावशाली एयर डिफेंस सिस्टम  माना जाता है, जो दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को दूरी से ही नष्ट करने  में सक्षम है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत के पास S-400  जैसे सिस्टम हैं, तो इन विमानों को  भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा आसानी से टारगेट  किया जा सकता है। S-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम भारत के पास हाल ही में आया है और यह दुनिया के सबसे बेहद शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम में से एक माना जाता है। इसके माध्यम से भारत अपनी सीमाओं में आने वाले विमानों, मिसाइलों और अन्य खतरे को दूर से ही नष्ट कर सकता है। ऐसे में, पाकिस्तान ने अपनी  F-16 लड़ाकू विमानों  को  पाकिस्तान के अन्य सुरक्षित स्थानों पर  शिफ्ट कर दिया है ताकि इन विमानों को भारतीय  S-400 सिस्टम के दायरे से बाहर  रखा जा सके।   पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति ग्वादर  के पास स्थित पासनाई एयरफील्ड पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य एयरबेस  है। यह तटवर्ती क्षेत्र में स्थित है, जो पाकिस्तान को समुद्र के रास्ते से अपने विमानों की सुरक्षा का एक बेहतर विकल्प प्रदान करता है। इसके अलावा, यह पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF)  के  F-16 विमानों को  सुरक्षित स्थान पर  स्थित करके संभावित खतरे से बचने का एक कुशल तरीका  प्रदान करता है। पाकिस्तान द्वारा F-16 विमानों की तैनाती को बदलने के पीछे  रणनीतिक उद्देश्य है । इन महंगे और शक्तिशाली विमानों की सुरक्षा करना। पाकिस्तान का यह कदम  S-400 प्रणाली के खतरे से बचने  के लिए किया गया है, जिससे यह सिद्ध होता है कि पाकिस्तान  भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को गंभीरता से ले रहा है।  चीन की चिंता और प्रतिक्रिया इस बीच चीन  ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर  चिंता जताई है और दोनों देशों से शांति बनाए रखने की  अपील की है । चीन ने कहा है कि दोनों देशों को अपने सैन्य गतविधियों में संयम  बरतना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और अधिक बिगड़ने से बच सके। पाकिस्तान का यह कदम यह दर्शाता है कि भारत की सैन्य ताकत और  S-400 सिस्टम से पाकिस्तान  भयभीत है।     recent visitors 42

भारत-पाक युद्ध: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बोले – म लाहौर का नाम ‘लव नगर’ रखेंगे

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाक की दयनीय स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने चुटकी ली है। उन्होंने फेसबुक पर दो पोस्ट लिखा है और पाकिस्तान पर जमकर कटाक्ष किया है।. उन्होंने कहा कि जल्द ही हम लाहौर में नाश्ते में बेकन और अंडे खाएंगे। इस्लामाबाद में लंच में बिरयानी का मजा लेंगे। इसके बाद पेशावर में चाय के साथ डोनट्स खाएंगे और कराची में डिनर में सी-फूड का स्वाद लेंगे। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस ने अपने एक और फेसबुक पोस्ट में लिखा, “हम लाहौर का नाम ‘लव नगर’ रखेंगे (लाहौर वाली को खुश करने के लिए), कराची को ‘न्यू काशी’, पेशावर को ‘पेशवा नगर’ और क्वेटा को ‘कृष्णा नगर’ नाम देंगे। जस्टिस काटजू का बयान ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान लगातार भारत को युद्ध के लिए उकसा रहा है और ड्रोन से हमले की कोशिश कर रहा है। भारत ने दिया पाकिस्तान के ड्रोन हमले का जवाब बता दें कि पाकिस्तान ने बीती रात (08 मई) भारत के 15 सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से अटैक करने की कोशिश की, जिसका भारतीय सेना ने बखूबी जवाब दिया। भारत ने 50 से ज्यादा पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया. इसके बाद पाकिस्तानी सेना की तरफ से एलओसी पर भी गोलाबारी की गई, जिसका भरतीय सेना ने डटकर जवाब दिया। पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत ने आम लोगों और मासूम बच्चों को निशाना बनाया। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से भारत पर ड्रोन से हमला किया गया हैय़ पाकिस्तानी सेना लगातार एलओसी पर भी सीजफायर का उल्लंघन कर रही है और गोलीबारी कर रही है। इसका भारतीय सेना मजबूती से जवाब भी दे रही है। recent visitors 43

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – मध्यप्रदेश के जनजातीय कला और कलाकारों ने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के जनजातीय कला और कलाकारों ने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। जनजातीय समृद्ध कला विरासत और इसके कलाकारों को मां सरस्वती का आशीष प्राप्त है। जनजातीय कलाकारों की कल्पनाशीलता प्रशंसनीय है। एक सधे और गढ़े हुए हाथों से बारीक चित्रकारी कर जनजातीय कलाकारों ने पूरी दुनिया को अपना हुनर दिखाया है। हमारी सरकार सभी जनजातीय कलाओं के संरक्षण और कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में 3 दिवसीय राज्य स्तरीय आदि शिल्पग्राम महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी सरकार विरासत से विकास की ओर बढ़ने के संकल्प के अनुरूप सभी प्राचीन कला, संस्कृति, परंपराओं और इनके कलाकारों को संरक्षण दे रही है। गोंड चित्रकला को जीआई टेग प्राप्त हो चुका है, जो इस चित्रकला और इससे संबंधित चित्रकारों को वैश्विक सम्मान मिलने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सभी प्रकार की जनजातीय शिल्प, चित्रकारी और कलाकारों को उनकी कला प्रदर्शन एवं बाजार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न आयोजनों के जरिए समुचित मंच प्रदान करने का प्रयास कर रही है। हमने केंद्र सरकार के साथ मिलकर प्रदेश के संपूर्ण जनजातीय वर्ग को विकास मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। इन योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय पराक्रम, शौर्य और बलिदान के प्रतीक राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह और राजा हृदय शाह के मंडला स्थित प्राचीन किले के जीर्णोद्धार के लिए 15 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की महान विभूतियों को समूचित सम्मान मिले, इसके लिए राजधानी भोपाल में अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन का नाम रानी कमलापति स्टेशन रखा गया है। क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम से खरगौन में विश्वविद्यालय की शुरुआत भी की गई है। रानी दुर्गावती की धरती पर मंत्रि-परिषद की बैठक कर हमने उन्हें सम्मान दिया है। हमारी सेनाएं मजबूत, हम एक सामर्थ्यवान देश के नागरिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के सीमा पार से बढ़ती अतिवादी घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए की जा रही प्रतिरक्षा कार्यवाही के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय सेना को बधाई और साधुवाद देते हुए कहा कि हमें अपनी सेना पर पूरा विश्वास है। हमारी सेना मजबूती से राष्ट्र की सीमाओं पर तैनात है। हम एक सामर्थ्यवान देश के नागरिक है, जो हमारी संप्रभुता और नागरिकों पर आघात करेगा, हम बड़ी मजबूती से उसका जवाब देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने देश को आर्थिक रूप से मजबूती देते हुए तीनों सेनाओं को भी मजबूत और अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीमा पार अतिवाद को प्रतिकूल उत्तर देने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्र सरकार का अभिनंदन किया। उन्होंने दुनिया के सामने अतिवाद का काला चिट्ठा पेश करने वाली मध्यप्रदेश की बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कर्नल सोफिया की तीन पीढ़ियां सेना में रही हैं। वे देश में मध्यप्रदेश की शान बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में भगवान बिरसा मुंडा और रानी दुर्गावती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर 3 दिवसीय जनजातीय शिल्प ग्राम महोत्सव का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने महोत्सव में जनजातीय कला और खान-पान को प्रदर्शित करते स्टॉल्स का अवलोकन किया और यहां लकड़ियों पर चित्रकारी, मिट्टी से बनी आकृतियां और कपड़ों पर चित्रकारी और जनजातीय व्यंजनों की मुक्तकंठ से सराहना की। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 1000 जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला से जुड़े कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआई टेग प्राप्त गोंड पेंटिंग के 4 प्रमुख कलाकारों श्री आनंद श्याम, डिंडौरी जिले के श्री वेंकट, श्रीमती रामबाई और श्रीमती धनैया को अथॉराइज्ड यूजर कार्ड वितरित किए। इसी प्रकार जनजातीय कलाकारों श्री कुंवर बैगा, सुश्री अनिस बाई एवं श्रीमती कीर्ति किशन को विशेष प्रशिक्षण किट वितरित की। यह किट राष्ट्रीय डिजाईन संस्थान भोपाल की ओर से जनजातीय कलाकारों के लिए तैयार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा स्थित श्री बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय पर केन्द्रित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। प्रदेश के जनजातीय अंचलों में जल्द खोले जाएंगे ट्राइबल मार्ट्स जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि बदलते दौर में जनजातीय कला, संस्कृति और परम्पराओं के विलुप्त होने की आशंका बढ़ती जा रही है। इसीलिए हमारी सरकार जनजातीय महोत्सव, ट्राइबल आर्ट फेयर जैसे आयोजन कर जनजातीय कला-संस्कृति के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। recent visitors 34

पाकिस्तानी सेना ने पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया, भारतीय सेना ने किया पर्दाफाश: सोफिया कुरैशी

नई दिल्ली कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया, '8-9 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलीबारी भी की। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 36 जगहों पर 300-400 ड्रोनों का इस्तेमाल घुसपैठ के लिया किया गया। भारत ने इनमें से कई ड्रोन को मार गिराया।' 'ऑपरेशन सिंदूर' से बौखलाए पाकिस्तान की कायरना हरकतों को लेकर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के नापाक चेहरे और इरादों का पर्दाफाश कर दिया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह 8 से 9 मई की रात की पाकिस्तान के हमलों की जानकारी दी। इस दौरान सबसे बड़ी खुलासा यह हुआ कि पाकिस्तान ने अतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 जगहों पर 300-400 ड्रोन से घुसपैठ की कोशिश की। ये ड्रोन तुर्किये के बताए जा रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से भारतीय इलाकों में हमला किया। पाकिस्तान ने 36 स्थानों पर घुसपैठ का प्रयास किया। पाकिस्तान की ओर से 300 से 400 ड्रोन्स भेजे गए। जांच में पता चला है कि ड्रोन तुर्किये निर्मित थे। इस तनाव की स्थिति और भारत के पलटवार की संभावना के बावजूद भी पाकिस्तान ने अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया। वह उसका इस्तेमाल ढाल के तौर पर कर रहा है। हमने जवाबी कार्रवाई कर उसका एक और एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिया। 'लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 जगहों पर 300-400 ड्रोन से घुसपैठ का प्रयास' कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया, 'पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की नीयत से पूरी पश्चिमी सीमा पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलाबारी भी की। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 जगहों पर 300-400 ड्रोन का इस्तेमाल कर घुसपैठ का प्रयास किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने काइनेटिक और नॉन काइनेटिक साधनों से कई ड्रोन मार गिराए। बड़े पैमाने पर ड्रोन के जरिए हवाई घुसपैठ का संभावित उद्देश्य देश की वायुरक्षा प्रणालियों का परीक्षण और खुफिया जानकारी जुटाना था। ड्रोन के मलबे की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में तुर्किये के ड्रोन होने बात पता चली है।' 'यात्री विमानों को ढाल बनाया' उन्होंने बताया, 'पाकिस्तान ने 7 मई को शाम 8:30 बजे एक असफल बेवजह ड्रोन और मिसाइल हमला करने के बावजूद अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया। पाकिस्तान नागरिक विमान को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, यह अच्छी तरह से जानते हुए कि भारत पर उसके हमले के बाद उसे तेज हवाई रक्षा प्रतिक्रिया मिलेगी। यह भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास उड़ान भरने वाले अंतरराष्ट्रीय विमानों सहित सभी नागरिक विमानों के लिए सुरक्षित नहीं है। हमने आपको एक स्क्रीनशॉट भी दिखा रहे हैं, उसमें पंजाब सेक्टर में उच्च वायु रक्षा चेतावनी की स्थिति के दौरान एप्लीकेशन फ्लाइट रडार 24 का डेटा दिखाया गया है। जैसा कि आपने देखा है, हमारे घोषित बंद के कारण भारतीय पक्ष का हवाई क्षेत्र नागरिक हवाई यातायात से पूरी तरह से खाली है। हालांकि, कराची और लाहौर के बीच हवाई मार्ग पर नागरिक विमान उड़ान भर रहे हैं। भारतीय वायुसेना ने अपनी प्रतिक्रिया में काफी संयम दिखाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नागरिक वाहकों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।' 'जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान का एक और एयर डिफेंस रडार नष्ट' उन्होंने बताया, 'पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के तंगधार, उड़ी, पुंछ, मेंढर, राजौरी, अखनूर और उधमपुर में भारी कैलिबर आर्टिलरी गन और सशस्त्र ड्रोन का इस्तेमाल कर नियंत्रण रेखा के पार गोलाबारी की। भारतीय सेना के कुछ जवान हताहत हुए। जवाबी कार्रवाई में भारत ने भी बड़ा नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा रात में पाकिस्तान के सशस्त्र UAV (मानव रहित हवाई वाहन) ने बठिंडा सैन्य स्टेशन को निशाना बनाने की कोशिश भी की जिसे पकड़ कर निष्क्रिय कर दिया गया। पाकिस्तानी हमले के जवाब में पाकिस्तान में चार हवाई रक्षा स्थालों पर सशस्त्र ड्रोन लॉन्च किए गए। इनमें से एक ड्रोन AD रडार को नष्ट करने में सक्षम रहा।' recent visitors 38

सभी राज्यों को भेजी स्पेशल चिट्ठी, पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत पूरी तरह तैयार है

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत पूरी तरह तैयार है। भारतीय सेना ने आज सुबह तड़के पाकिस्तान द्वारा भेजे गए कई ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, पाकिस्तान बॉर्डर से लगे कई चेक पोस्टों पर भीषण गोलीबारी का सिलसिला जारी है, जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया है। इस माहौल को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष चिट्ठी भेजी है, जिसमें उन्हें हर स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को पूरी तरह तैयार रहने की सलाह दी गई है। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि सभी प्रशासन को नागरिक सुरक्षा नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करना होगा ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, मंत्रालय ने युद्ध के दौरान जरूरी सामग्री जैसे रसद आदि की खरीदारी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि जब जरूरत पड़े, ये सामग्रियां सभी को उपलब्ध कराई जा सकें। पाकिस्तान ने बीती रात भारत के कई शहरों पर मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट से हमला किया था, लेकिन भारतीय सेना ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के तीन फाइटर जेट्स और दर्जनों मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया, जिससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा। इसके बाद, भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान के कई शहरों में जवाबी कार्रवाई की और वहां भारी तबाही मचाई। इस समय, दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद भारतीय सेना ने अपनी ताकत और तैयारियों का प्रदर्शन किया है, और गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों को दिए गए निर्देश देशभर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। recent visitors 36