Saturday, July 4, 2026 9:41 pm

9 दिवसीय 108 कुंडीय गुलाब बाबा अतिरुद्र यज्ञ एवं सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम सागर में आज से

सागर  9 दिवसीय 108 कुंडीय गुलाब बाबा अतिरुद्र यज्ञ एवं सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम का आयोजन संजय ड्राइव रोड स्थित प्रस्तावित राम मंदिर प्रांगण में शुक्रवार से शुरू हो रहा है। इसमें काली कंबल वाले बाबा आरोग्य शिविर सेवा मंडल एवं गुलाब बाबा भक्त मंडल निशुल्क आरोग्य शिविर लगाएगा। शिविर में लकवा, गठिया, हड्डी-जोड़ रोग व असाध्य एवं गंभीर रोगों से पीडितों का उपचार होगा। आयोजन की शुरुआत शुक्रवार को कलशयात्रा के साथ हुई।कार्यक्रम में 9 दिन में सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण एवं अभिषेक पूजन होगा। इसमें शामिल होने वाले भक्तों के लिए सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जो निशुल्क है। शिवलिंग निर्माण के लिए 32 ट्राली मिट्टी व 1000 कोपर की व्यवस्था की गई है। जबकि अभिषेक के लिए 9 टैंकर पवित्र जल मंगाया गया है। शिवलिंग निर्माण एवं पूजन अभिषेक में लगने वाली सामग्री भी आयोजक मंडल की ओर से निशुल्क रहेगी। प्रतिदिन रुद्री निर्माण के लिए एक टैंकर शुद्व पवित्र जल, 25 किलो अक्षत (चावल), 1000 कोपर, 1000 पूजन थाली, एक क्विंटल फूल, बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र, रोरी, हल्दी, चंदन, पुंगी फल, कपूर एवं फल सहित अन्य पूजन सामग्री भक्तों के लिए आयोजन कमेटी देगी। इसके साथ ही 10 हजार बेलपत्र प्रतिदिन भगवान शिव को अर्पण किए जाएंगे। दिनभर चलेंगे कार्यक्रम कार्यक्रम स्थल पर प्रतिदिन आरोग्य शिविर सुबह 11.32 बजे से शाम 7.32 बजे तक चलेगा। अति महारुद्र यज्ञ प्रतिदिन सुबह 7.32 बजे से दोपहर 12.32 बजे तक चलेगा। इसके साथ ही पार्थिव शिवलिंग निर्माण सुबह 9.32 बजे से शाम 4.32 बजे तक चलेगा। प्रतिदिन बनने वाले पार्थिव शिवलिंगों का यज्ञ स्थल के पास ही कृत्रिम कुंड बनाकर विसर्जन किया जाएगा। रुद्री निर्माण के लिए लगने वाली मिट्टी आसपास के खेतों से मंगाई गई है। recent visitors 25

भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध, साधु संत सैनिकों की शक्तियां बढ़ाने के लिए मंत्रोच्चार कर रहे

इंदौर भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। भारतीय सेना सीमा पर तैनात है और दिन रात दुश्मनों से लोहा ले रही है। एेसी स्थिति में भारतीय सेना की शक्तियां बढ़ाने के लिए इंदौर के घरों, मंदिरों में यज्ञ हवन शुरू किए गए हैं। साधु संतों का कहना है कि सृष्टि में किए गए हर कार्य का महत्व होता है और दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर यदि किसी के लिए प्रार्थना की जाए तो वह उस तक जरूर पहुंचती है। ठीक इसी तरह से मंत्रों की शक्तियां सही जगह पहुंचकर उसका असर करती हैं। रावण से युद्ध के पहले भगवान राम ने शिव स्तुति की थी पंचकुइया पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर रामगोपाल दास महाराज के सानिध्य में श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम में यज्ञ किया जा रहा है। महाराज ने बताया कि मंत्रों की शक्तियां न सिर्फ हमारा मनोबल बढ़ाती हैं बल्कि हमारे मनोरथ भी पूर्ण करती हैं। भगवान राम ने रावण से युद्ध के पहले शिव स्तुति की थी। रावण शिव भक्त था और भगवान राम ने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना की और उनकी पूजा की। युद्ध में यह मंत्र देते हैं शक्तियां 1. हनुमान मंत्र: मंत्र: ॐ हं हनुमते नमः। लाभ: हनुमान जी को बल, पराक्रम और साहस का प्रतीक माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से शक्ति, साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। 2. दुर्गा मंत्र: ॐ धिम्मया विहं भवं देवी नमस्ते। लाभ: दुर्गा देवी को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से शत्रु पर विजय प्राप्त करने में मदद मिलती है। 3. राम मंत्र: मंत्र: श्री राम जय राम जय जय राम। लाभ: राम को मर्यादापुरुषोत्तम और विजय का प्रतीक माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से शत्रु पर विजय प्राप्त करने में मदद मिलती है और मन में शांति और स्थिरता आती है। 4. शिव मंत्र: मंत्र: ॐ नमः शिवाय। लाभ: शिव को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से शत्रु पर विजय प्राप्त करने में मदद मिलती है और मन में शक्ति और साहस का संचार होता है। 5. अपराजिता मंत्र: मंत्र: ॐ अपराजितायै नमः। लाभ: अपराजिता को अजेय माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से किसी भी परिस्थिति में विजय प्राप्त करने में मदद मिलती है।   recent visitors 29

महू की एक महिला ने कई सालों तक जुल्म सहने के बाद चुप्पी तोड़ी, ‘लव जिहाद’ की शिकार बेटी का दर्द झकझोर देगा

महू मध्य प्रदेश के महू की एक महिला ने कई सालों तक जुल्म सहने के बाद चुप्पी तोड़ी है। उसने जो दर्द उजागर किया है वह झकझोरने वाला है। लड़की ने बताया है कि किस तरह पहले 'बहन' कहकर उससे दोस्ती की गई, धोखे से रेप किया गया, पहले शादी और फिर निकाह किया गया। फिर धर्म बदलवा गया और जंजीरों में बांधकर उसे मारा-पीटा जाता रहा। उस पर जुल्म की सारी हदें पार कर दी गईं। अब पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। 28 साल की युवती की शिकायत पर महू पुलिस ने संजय खान पिता बाबू खान, नाहरु खान, शेरो बी पति बाबू खान, बाबू खान पिता अहमद खान चारों निवासी आलोट जिला रतलाम और राज खान निवासी दावतखेड़ी मंदसौर के खिलाफ दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन सहित आधा से ज्यादा धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि वह 2013 में राऊ स्थित एक निजी कंपनी में काम करती थी। वहीं पर उसकी मुलाकात संजय से हुई थी। तब उसने अपना पूरा नाम संजय कुमावत बताया था। क्रिश्चियन एमिनेंट स्कूल और कॉलेज का संचालक समीर मीर लव जिहादी निकला। आरोपी ने अपने आप को हिंदू बात कर ब्राह्मण समाज की युवती को अपने जाल में फंसा, धोखे से शादी कर धर्म परिवर्तन करने का दवा बनाया। जब पीड़िता विरोध करती तो आरोपी समीर उसके साथ मारपीट कर जान से खत्म करने की धमकी देता। एमआईजी थाना प्रभारी सीबीसिंह के मुताबिक तुलसी नगर निवासी युवती ने अपनी शिकायत में बताया है कि आरोपी समीर ने अपने आप को ब्राह्मण परिवार का बात कर उनसे 2006 में शादी की थी। जिसके बाद दांपत्य जीवन से 2010 में बेटा और 2013 में बेटी का जन्म हुआ। करीब चार साल पूर्व समीर का बर्ताव बदलने लगा,वह मुस्लिम समाज की तरह पहनावा कर नमाज पढ़ने मस्जिद जाने लगा। उसी वक्त पता चला कि समीर का असली नाम समीर मीर है और वह मुसलमान है। इस्लाम धर्म अपनाने के लिए आरोपी बनाता दबाव पीड़िता ने बताया कि लव जिहादी समीर ने भगवान की मूर्तियां घर के बाहर फेंक दी और कहने लगा कि इस्लाम धर्म अपनाना पड़ेगा। इस्लाम धर्म नहीं अपनाने को लेकर जब उन्होंने विरोध किया तो समीर ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। समीर उससे कहता कि उन्हें उसके साथ रहना है तो हमारे धर्म के अनुसार बुर्का पहन नमाज पढ़नी पड़ेगी। बच्चों पर भी रोजा रखने और नमाज पढ़ने का दबाव बनाता था। जब उन्होंने धर्म नहीं अपनाया तो 2020 में समीर ने बच्चों के साथ पीड़िता को घर से निकाल दिया। इसके बाद वह निपानिया क्षेत्र में रहने लगी। बीच-बीच में समीर मिलने आता था और इस्लाम स्वीकारने के लिए कहता था। 2024 में समीर की मां और भाई समझा-बुझा कर घर ले आए लेकिन दूसरे दिन समीर ने इस्लाम कबूलने की शर्त रख दी। इसके बाद पीड़िता निपानिया में रहने लगी। आखिरी बार 13 मार्च को समीर मिलने आया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने हिंदू रिवाज से हुई शादी के फोटो भी प्रस्तुत किए । इस आधार पर पुलिस ने समीर मीर पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (लव जिहाद) व अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पीड़िता ने कहा, 'हमारे बीच दोस्ती होने के बाद हम बात करने लगे। वह मुझे बहन कहकर पुकारता था। एक दिन मेरी तबियत खराब हो गई थी वह मुझसे मिलने मेरे रूम पर आया और नाश्ता कराने के बहाने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। मेरे बेसुध होने पर दुष्कर्म किया। होश आया और विरोध किया तो बोला तेरी वीडियो और फोटो खींच लिए हैं। डर के मारे किसी को घटना नहीं बताई। वह शादी के लिए खजराना मंदिर ले गया। वहां मांग में सिंदूर भरी और माला पहना दी गई। बाद में मंदसौर, कोटा और भवानी मंडी जैसे अलग-अलग स्थानों पर रखा। कोटा में एक मौलाना की मौजूदगी में निकाह पढ़वाया गया। यहां विरोध करने पर बेरहमी से पीटा गया। उस समय मैं गर्भवती भी थी।' जंजीरों से बांधकर रखा, पढ़वाते थ कलमा पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि शादी के बाद उसे रोजाना कलमा पढ़वाया जाता था। जबरन गोमांस खिलाया जाता था। जंजीरों से बांधकर कमरे में बंद रखा गया। एक बार भागने की कोशिश की तो पकड़कर इतना पीटा की अधमरी हो गई। तीन दिन तक खाना-पानी नहीं दिया। यातनाओं के बीच मेरे बेटे का नाम जबरन 'जुनैद' और बेटी का नाम 'जोया' रखवाया गया। recent visitors 51

सुशासन तिहार को लेकर सीएम साय ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो

रायपुर मन से मन का सरोकार, सबके सपनों का आधार, सार्थक हो रहे सपने, संवाद से हो रहा समाधान, यही तो है सुशासन तिहार… यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर किए अपने पोस्ट में कही है. पोस्ट के साथ सुशासन तिहार को लेकर वीडियो शेयर किया है, जो वायरल हो रहा है. बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में आम जनता की शिकायतों एवं मांगों के त्वरित समाधान के लिए ‘सुशासन तिहार’ का आयोजन पूरे उत्साह के साथ जारी है. तीसरे चरण में प्रदेशभर के गांवों और कस्बों में शासन-प्रशासन पूरी तत्परता और तन्मयता के साथ आमजन की बाते सुन रहा है और उनका का समाधान कर रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं. वे हेलीकाप्टर से गांवों के आकस्मिक दौरे कर रहे हैं. शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कर रहे हैं. जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं और समाधान शिविरों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुनकर उसका मौके पर निराकरण करवा रहे हैं. यह जनता-जनार्दन के प्रति छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है. अब तक मिले 41 लाख आवेदन सुशासन तिहार के तहत अब तक 40 लाख 95 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का निराकरण कर लिया गया है. इसमें धमतरी जिला ने लगभग 2 लाख 28 हजार आवेदनों में से 99.38 प्रतिशत का निराकरण कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. प्रदेश के 14 जिले धमतरी, महासमुंद, सक्ति, बालोद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, रायपुर, सरगुजा, दक्षिण बस्तर दंतेवाडा, दुर्ग, जांजगीर-चाम्पा, नारायणपुर, बीजापुर ने 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण कर लिया है, जबकि गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदा बाज़ार-भाटापारा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कबीरधाम, बेमेतरा, जशपुर, कोरिया, उत्तर बस्तर कांकेर, सूरजपुर जिले ने 80 से 90 प्रतिशत आवेदनों का समाधान किया है. बस्तर जिले में 78.48 प्रतिशत, कोण्डागांव में 70.97 प्रतिशत, बलरामपुर-रामानुजगंज जिलें में 60.59 प्रतिशत, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर ने 59.09. प्रतिशत, कोरबा जिले ने 41.61 प्रतिशत तथा सुकमा जिले ने 30 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि राज्यभर में त्वरित एवं प्रभावी समाधान की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं. रायपुर को मिले सर्वाधिक आवेदन राज्य में सर्वाधिक रायपुर जिले में 3 लाख 764 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसके बाद दूसरे क्रम पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला है. धमतरी, बिलासपुर और बस्तर क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवे स्थान पर हैं. निराकरण के मामले में धमतरी पहले, महासमुंद दूसरे और सक्ति जिला तीसरे स्थान पर हैं. बालोद और रायगढ़ चौथे और पांचवें क्रम पर हैं. सुशासन तिहार के दौरान सर्वाधिक 10 लाख से अधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित प्राप्त हुए, जिनमें से 94.70 प्रतिशत का निराकरण हो चुका है. उज्ज्वला योजना से जुड़े 1.47 लाख और राशन कार्ड हेतु 1.12 लाख आवेदनों में से अधिकांश का समाधान कर दिया गया है. शहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता से संबंधित मांगें भी प्रमुख रहीं. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 25 लाख 77 हजार 747 आवेदन प्राप्त हुए. राजस्व विभाग को 3 लाख 74 हजार 429, खाद्य विभाग को 2 लाख 18 हजार 113, महिला एवं बाल विकास विभाग को 1 लाख 57 हजार और नगरीय प्रशासन विभाग को 1 लाख 42 हजार 475 आवेदन प्राप्त हुए. निराकरण में महिला एवं बाल विकास विभाग प्रथम, श्रम विभाग दूसरे, तथा उद्योग, पशुपालन और खाद्य विभाग क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं. recent visitors 26

बलूचिस्तान का लोकतांत्रिक गणराज्य दावा, भारत की धमाकेदार कार्रवाई के बीच दिल्ली में दूतावास खोलने की मांग

क्वेटा भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, एक मशहूर बलूच लेखक मीर यार बलूच ने पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी का दावा किया है. उन्होंने भारत सरकार से नई दिल्ली में बलूच दूतावास खोलने की अनुमति देने का आह्वान किया है. बलूच लोगों की वकालत करने के लिए जाने जाने वाले मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट करते हुए ऐलान किया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान में शांति सेना भेजने की गुजारिश की और मांग की है कि पाकिस्तानी सेना इस इलाके से चली जाए. मीर यार का यह बयान भारत और पाकिस्तान के बीच गंभीर टकराव के बीच आया है. 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया. इसमें साफ किया गया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया गया. इसके जवाब में, पाकिस्तान ने गुरुवार को नागरिक और सैन्य इलाकों को ड्रोन, मिसाइलों और तोपखाने की गोलाबारी से निशाना बनाकर तनावपूर्ण स्थिति को बढ़ा दिया. भारत ने जवाब में आते हुए ड्रोनों और मिसाइलों को मार गिराया. इसने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और एक एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान को भी नष्ट कर दिया. 'हमने अपनी आजादी का दावा किया है' मीर यार बलूच ने दावा किया कि बलूच स्वतंत्रता सेनानियों ने डेरा बुगती में पाकिस्तान के गैस क्षेत्रों पर हमला किया था, जहां 100 से ज्यादा गैस कुएं स्थित हैं. अपनी एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मुमकिन है कि जल्द ही एक ऐलान किया जाना चाहिए क्योंकि आतंकवादी पाकिस्तान का पतन निकट है. हमने अपनी आजादी का दावा किया है और हम भारत से गुजारिश करते हैं कि वह दिल्ली में बलूचिस्तान के आधिकारिक कार्यालय और दूतावास की अनुमति दे." उन्होंने इंटरनेशनल सपोर्ट की मांग करते हुए कहा, "हम संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान लोकतांत्रिक गणराज्य की आजादी को मान्यता देने और मान्यता के लिए समर्थन देने के लिए सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्यों की बैठक बुलाने का भी गुजारिश करते हैं." उन्होंने कहा कि करेंसी और पासपोर्ट प्रिंटिंग के लिए अरबों डॉलर के फंड जारी किए जाने चाहिए. 'बलूचिस्तान का कंट्रोल…' मीर यार बलूच ने संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान में तत्काल शांति सैनिक भेजने की भी गुजारिश की है. उन्होंने कहा, "हम संयुक्त राष्ट्र से गुजारिश करते हैं कि वह बलूचिस्तान में तुरंत अपने शांति मिशन भेजे और पाकिस्तान की कब्जे वाली सेना से बलूचिस्तान के इलाकों, हवाई क्षेत्र और समुद्र को खाली करने और सभी हथियार और संपत्ति बलूचिस्तान में छोड़ने के लिए कहे." उन्होंने आगे कहा कि सेना, सीमा कोर, पुलिस, सैन्य खुफिया, आईएसआई और नागरिक प्रशासन में सभी गैर-बलूच कर्मियों को तुरंत बलूचिस्तान छोड़ देना चाहिए. मीर यार ने आगे कहा, "बलूचिस्तान का कंट्रोल जल्द ही आजाद बलूचिस्तान स्टेट की नई सरकार को सौंप दिया जाएगा और जल्द ही एक ट्रांजिशनल कंक्लूजिंग अंतरिम सरकार का ऐलान किया जाएगा. मंत्रिमंडल में बलूच महिलाओं का प्रतिनिधित्व हमारे राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता की पूर्ति है." उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी सरकार का राजकीय समारोह जल्द ही होगा. हम अपने मित्र देशों के राष्ट्राध्यक्षों को नेशनल परेड देखने और हमें दुआएं देने के लिए बुलाते हैं." एक अन्य मैसेज में मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "अरे ना-पाकिस्तान. अगर तुम्हारे पास सेना है, तो हमारे पास भी सेना है. बलूच स्वतंत्रता सेनानी हमला करते हैं." इससे पहले इंटरनेट पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को ले जा रहे एक वाहन को बाहर ले जाते हुए दिखाया गया था. धमाके की जिम्मेदारी लेते हुए बीएलए ने कहा कि इस घटना में इस्लामाबाद ने 14 सैनिक खो दिए. बलूचिस्तान – दिल्ली में एम्बेसी खोलने की मांग आतंकियों का अड्डा बने पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर जहां पाकिस्तान भारत से पिट रहा है, वहीं बलूचिस्तान की आजादी के लिए काम कर रहे लोग हर मोर्चे पर उस पर हमला कर रहे हैं। अब बलोच लेखक मीर यार बलोच ने एक्स पर पोस्ट कर बलूचिस्तान की पाकिस्तान से आजादी का एलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ को बलूचिस्तान में अपना शांति मिशन जल्द से जल्द भेजना चाहिए। लेखक मीर यार ने इसके साथ भारत की राजधानी दिल्ली में बलूचिस्तान की एम्बेसी की खोलने की भी मांग की है। बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे लोग लगातार पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में हमले में पाकिस्तान के 12 सैनिकों को मार गिराया गया था। पाक सेना अब एक तरफ भारत तो दूसरी ओर बलूचिस्तानी लड़ाकों से घिर गई है। पाकिस्तान की पतन करीब मीर यार बलोच ने लिखा है कि पाकिस्तान का पतन अब बहुत ही करीब है, अब जल्द ही इस बात की घोषणा हो जाएगी। उन्होंने इस पर अपनी आजादी का दावा करते हुए भारत सरकार से अपने देश का दूतावास दिल्ली में खोलने की मांग की है।   recent visitors 35

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए नामांकन शुरू, अंतिम तिथि 31 जुलाई

रायपुर केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) 2025 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पुरस्कार 5 से 18 वर्ष से कम आयु (31 जुलाई 2025 तक) के ऐसे बच्चों को दिया जाएगा जिन्होंने बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला-संस्कृति और विज्ञान-प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रदर्शन किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने जानकारी दी कि नामांकन https://awards.gov.in/ पोर्टल के माध्यम से केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। पात्र बच्चों के लिए नामांकन की आयु सीमा 5 से 18 वर्ष तय की गई है। कोई भी व्यक्ति या संस्था ऐसे प्रतिभाशाली बच्चों को नामांकित कर सकती है। इच्छुक बच्चे स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। नामांकन के लिए पंजीकरण के दौरान आवेदकों को अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल, आधार संख्या सहित अन्य जानकारी देनी होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 श्रेणी का चयन कर आवेदन भरना होगा। आवेदन पत्र में उपलब्धियों का 500 शब्दों का संक्षिप्त विवरण, आवश्यक दस्तावेज (पीडीएफ, अधिकतम 10 फाइलें) और हालिया फोटो (जेपीजी/पीएनजी) अपलोड करना अनिवार्य है। आवेदन ड्राफ्ट के रूप में सेव कर अंतिम तिथि से पहले संपादित कर जमा किया जा सकता है। अधिक जानकारी व आवेदन हेतु https://awards.gov.in/ पर विजिट करें। सरकार का उद्देश्य इन पुरस्कारों के माध्यम से देशभर के युवाओं की प्रेरणादायक उपलब्धियों को पहचान देना और बच्चों के समग्र विकास के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। recent visitors 29

एमसीबी : प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति को लेकर किया गया निरीक्षण

एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम के मार्गदर्शन में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक द्वारा विगत 07 एवं 08 मई को ग्राम पंचायत उजियारपुर, सोनवर्षा सेमरा, सरभोका, मनवारी एवं केल्हारी का दौरा किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों से सीधे मुलाकात की गई तथा आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने अप्रारंभ, प्रगतिरत एवं पूर्ण आवासों का स्थलीय निरीक्षण कर हितग्राहियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। हितग्राहियों को आवास कार्य में तेजी लाने हेतु प्रेरित किया गया और उन्हें समय-सीमा के भीतर निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही वर्तमान में संचालित आवास प्लस 2.0 सर्वे के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में चल रहे सर्वे कार्य की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पात्र हितग्राही को वंचित न रखा जाए और सभी पात्र लाभार्थियों का सर्वे समय पर सुनिश्चित किया जाए। recent visitors 30